एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

धामी सरकार की पहल, सर्किट हाउस एनेक्सी का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों में राज्य की अतिथि सुविधाओं को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को राज्य अतिथि गृह सर्किट हाउस एनेक्सी, देहरादून में नवीनीकरण कार्य को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की अध्यक्षता आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने नवीनीकरण की प्रस्तावित योजना का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*लोकसंस्कृति के साथ विकसित होगा आधुनिक गेस्ट हाउस*
निरीक्षण के दौरान यह तय किया गया कि सर्किट हाउस एनेक्सी को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से मीटिंग हॉल के संपूर्ण नवीनीकरण के साथ उसकी दीवारों पर राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यहां आने वाले अतिथियों को प्रदेश की समृद्ध परंपरा की झलक मिल सके।

*पहले चरण में कमरों और डोरमैट्री का होगा कायाकल्प*
नवीनीकरण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में मुख्य भवन के कक्ष संख्या 1 से 12 तक (भूतल के 1 से 6 और प्रथम तल के 7 से 12) का कायाकल्प किया जाएगा। इसके साथ ही डोरमैट्री के भूतल पर स्थित कक्ष संख्या 19 से 22 तक के चार कमरों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इन कमरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ उनकी आंतरिक साज-सज्जा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

*कोरिडोर लाइटिंग और लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के निर्देश*
आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कोरिडोर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही डोरमैट्री के कक्षों से सटे लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के लिए बाउंड्री हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*दूसरे चरण में विस्तार और नई सुविधाओं पर फोकस*
द्वितीय चरण में गेस्ट हाउस परिसर में उपलब्ध स्थान का उपयोग करते हुए इसके विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए गद्दों की खरीद और प्रत्येक कक्ष में डीटीएच कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर अपर सचिव लक्ष्मण सिंह, मुख्य व्यवस्थाधिकारी आलोक सिंह चौहान, वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी पी.एल. शाह तथा पेयजल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश चंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के अतिथि गृहों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। सर्किट हाउस एनेक्सी का नवीनीकरण केवल संरचनात्मक सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षों का कायाकल्प किया जाएगा और अतिथियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, भविष्य में गेस्ट हाउस के विस्तार की भी योजना है, जिससे बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सके।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने ली कुंभ 2027 को लेकर उच्च स्तरीय बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ – 2027 के सम्बन्ध में उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान उच्च स्तरीय समिति द्वारा कुंभ – 2027 से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने विभिन्न ऐसे कार्यों जिनके अभी तक जीओ जारी नहीं हुए हैं, उनके जीओ तत्काल जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्थायी प्रकृति के छोटे कार्यों की संस्तुती के लिए पॉवर डेलीगेशन किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक करोड़ से कम के अस्थायी कार्यों को आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता वाली समिति अनुशंसा करेगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ से सम्बन्धित चंडीदेवी एवं मनसा देवी का काम शीघ्र शुरू किया जाए। कार्यों को आवश्यकता के अनुरूप प्राथमिकता तय करते हुए संस्तुति प्रदान की जाए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा कराए जाने वाले टेंट एवं बैरीकेडिंग आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने वाले कार्यों के लिए एजेंसीज एंपैनल्ड करने हेतु बिडिंग प्रोसेस तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के सचिव और विभागाध्यक्षों को अपने – अपने स्तर से शीघ्र कार्यवाही शुरू करें।

मुख्य सचिव ने कुंभ कार्यो के लिए ऑडिट टीम भी शीघ्र तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सूचना, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को अगली एचपीसी में अपनी अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मेलाधिकारी को कुंभ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कनखल में यातायात संकुलन दूर करने हेतु योजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेलाधिकारी को गतिमान निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेलाधिकारी को सभी कार्यों की प्राथमिकता तय किए जाने की बात भी कही।

मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि विभिन्न विभागों के ₹ 191.30 करोड़ लागत के कुल 33 कार्य हैं, जिनमें से 31 कार्यों में कार्य प्रारम्भ हो चुका है और शेष 2 कार्यों की निविदा प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने सभी कार्यों को अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किए जाने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान एवं विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी इंस्टालेशन प्रक्रिया प्रारम्भ

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” के अंतर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत कुल 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत रू0 3.67 करोड़ है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट टीवी की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है तथा इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तेजी से जारी है।
स्मार्ट टीवी के माध्यम से कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्îसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इस पहल से विद्यार्थियों को दिक्षा पोर्टल, पीएम ई-विद्या, शैक्षिक वीडियो एवं वर्चुअल कक्षाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।

परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार 43 इंच एवं 55 इंच के स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं। इस हेतु स्वीकृत धनराशि जिला खनन निधि से उपलब्ध कराई गई है। इससे पूर्व भी जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों को रू0 5 करोड़ के सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के तहत किया गया। निविदा प्रक्रिया में 12 फर्मों ने प्रतिभाग किया, जिनमें तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन के उपरांत पात्र न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन किया गया।

जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी जिला प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता फैला रही द केरला स्टोरी 2 फिल्म: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे।

खेल मानव जीवन में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मारिका के प्रकाशन हेतु क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि सकारात्मक कार्य संस्कृति के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानव जीवन में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सचिवालय कर्मियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव कार्यकुशलता पर भी पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने स्मारिका में प्रकाशित लेखों, उपलब्धियों एवं गतिविधियों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह प्रकाशन आने वाले समय में और अधिक लोगों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, प्रधान संपादक भूपेंद्र सिंह बसेड़ा,महासचिव प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष चंदन बिष्ट, संयुक्त सचिव पुष्कर सिंह नेगी, सदस्य चंद्रशेखर, रंजीत सिंह, दीपक बिष्ट, विमला आर्या, दीपा बोहरा और संदीप कुमार मौजूद थे।

सीएम ने कुंभ मेले के भव्य आयोजन को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरी करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ जैसे विराट आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग पूरी क्षमता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारियों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन से जुड़े सभी हितधारकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा साधु-संतों के सहयोग से कुंभ मेले का भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ से संबंधित कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर मुख्य सचिव से वार्ता कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल तथा कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख कार्यों के क्रियान्वयन की रणनीति बनाई जाए और विभाग निरंतर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से सुसज्जित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक स्वीकृति शीघ्र जारी की जाएगी।

उन्होंने मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 भवन परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कुंभ मेले के सुचारु प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना को भी शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए खड़खड़ी पुल तथा श्रीयंत्र पुल से संबंधित योजनाओं को भी प्राथमिकता देते हुए उनके लिए आवश्यक स्वीकृतियां जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश और मुनीकीरेती सहित कुंभ क्षेत्र के सभी सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा सीवरेज प्रबंधन के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डामकोठी अतिथिगृह, हरिद्वार के विस्तार के निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा भवन से सटे क्षेत्र में एक आधुनिक एवं आकर्षक अतिथिगृह निर्माण की योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों, पुलों, घाटों के निर्माण के साथ-साथ जलापूर्ति, चिकित्सा, सुरक्षा तथा मेला प्रबंधन से संबंधित स्थायी प्रकृति की 33 योजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। सभी परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के अंतर्गत मनसा देवी मंदिर तथा चंडी देवी मंदिर के मार्गों के सुधार की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मेले के लिए प्रस्तावित अन्य कार्यों और अस्थायी व्यवस्थाओं की भी जानकारी बैठक में दी गई।

बैठक में हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर नगर निगम किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, ओम प्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मंजीत सिंह गिल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है।

प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये के योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष नगर निगम ऋषिकेश शम्भू पासवान, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानन्द मुनि, महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का किया वर्चुअल शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

एसीएलएस एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, उपजिला चिकित्सालय में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन मशीन का लोकार्पण

जनपद चम्पावत के नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपजिला चिकित्सालय टनकपुर से एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अत्याधुनिक एम्बुलेंस के संचालन से क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में अधिक उन्नत और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकेगी, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल तक सुरक्षित एवं शीघ्र पहुंचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपजिला चिकित्सालय टनकपुर में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification) मशीन का भी लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक मशीन की स्थापना से अब मोतियाबिंद सहित विभिन्न नेत्र रोगों का उपचार आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों की ओर नहीं जाना पड़ेगा तथा क्षेत्र के बुजुर्गों सहित सभी नेत्र रोगियों को विशेष लाभ मिलेगा।

एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को बहल पेपर मिल्स लिमिटेड, काशीपुर (सीएसआर के अंतर्गत) उपलब्ध कराया गया है। यह एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों से सुसज्जित है, जो गंभीर हृदय रोग, दुर्घटना तथा अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल परिसर में स्थापित नई डायलिसिस मशीन का भी निरीक्षण किया तथा उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) का भी भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, त्वरित उपचार तथा संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।