मुख्यमंत्री ने 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट, टिहरी गढ़वाल में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को पहली बार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य को साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर की 19 टीमों के 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जो कैनोइंग, रोइंग एवं कयाकिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेल आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन रक्षक साबित होती है और आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है और युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। राज्य सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी उभर रहा है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवान, अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी गढ़वाल मोहन सिंह रावत, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एडीजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी नॉर्दन फ्रंटियर आईटीबीपी मनु महाराज, आईजी सीआरपीएफ दिनेश उनियाल, आईजी आईटीबीपी एकेडमी गिरीश चंद्र उपाध्याय, जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खण्डेलवाल और एसएसपी श्वेता चौबे मौजूद थे।

विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी: धामी

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें अनावश्यक विलंब न हो। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जन समस्याओं का समाधान करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएं। निर्माण से संबंधित कार्यों में यदि किसी विभाग द्वारा प्रस्ताव किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाना है, तो उसे शीघ्र भेजा जाए। विलंब करने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के संबंध में होटल एसोसिएशन के साथ समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने संभाला पदभार

ध्रुव रौतेला ने सचिवालय में मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने सचिव सूचना शैलेश बगौली से भी भेंट की।

ध्रुव रौतेला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के प्रति निरंतर प्रयासरत है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होगी, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में मीडिया एवं पत्रकार बंधुओं के कल्याण, उनकी समस्याओं के समाधान तथा उनके हितों की रक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं सरकार के मध्य बेहतर समन्वय से राज्य सरकार द्वारा जनहित में लिये गये निर्णयों एवं नीतियों का लाभ समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में भी और अधिक सफलता मिल सकेगी।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में एलपीजी गैस वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक को लगातार गैस एजेंसियों और वितरकों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने के लिए आपूर्ति बढ़ाये आने पर भी जोर दिया। उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए कमर्शियल गैस आपूर्ति बढ़ाये जाने हेतु केंद्र सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नैनीताल एवं कुछ और मैदानी जनपदों को अंश निर्धारण में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अंश निर्धारण के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सभी जिलाधिकारियों को तेजी लाए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कुंभ – 2027 की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी आवश्यक जीओ शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की टीएसी एवं ईएफसी होनी हैं, शीघ्र करवा ली जाए। उन्होंने कह कि कार्यों में डुप्लीकेसी ना हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फेनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनोद कुमार सुमन एवं श्री आनन्द स्वरूप, मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, मंडलायुक्त कुमाऊं दीपक रावत सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबलों का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबलों को आधुनिक प्रशिक्षण ग्रहण कर जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल 2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।

चारधाम यात्रा मार्ग होगा और सुरक्षित, NH-134 पर व्यापक कार्यों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत कार्यों के लिए ₹461 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं केंद्र सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया है, जिससे प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस स्वीकृति के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर भूस्खलन से प्रभावित 17 स्थलों के उपचार के लिए ₹233 करोड़ तथा पिथौरागढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर 3 संवेदनशील स्थलों के लिए ₹228 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह पहल न केवल आपदा जोखिम को कम करने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश के दुर्गम एवं सीमांत क्षेत्रों में आवागमन को भी सुगम बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-134, जो चारधाम यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है, उत्तराखंड में धरासू एवं कुठनोरी से यमुनोत्री धाम को जोड़ता है। यह मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील रहा है, जिसके कारण कई बार यातायात बाधित होता है और यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने से इस मार्ग की स्थिरता बढ़ेगी, जिससे चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर तवाघाट-घटियाबागड़ खंड में भूस्खलन संभावित स्थलों के उपचार से सीमांत क्षेत्रों तक निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह स्वीकृति प्रदेश के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*……

*“उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत के लिए ₹461 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय राज्य में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, चारधाम यात्रा को सुगम बनाने तथा सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारी सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं नागरिकों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है।”

सीएम ने केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार शहर में गंगा कॉरिडोर क्षेत्र से संबंधित लगभग ₹325 करोड़ की परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृति का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 के दृष्टिगत इस परियोजना के अंतर्गत विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण एवं प्रणाली के स्वचालन हेतु भी प्रथम चरण में ₹325 करोड़ की धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया, साथ ही द्वितीय चरण के अंतर्गत शेष लगभग ₹425 करोड़ की धनराशि भी अनुमोदित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऋषिकेश में आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों के संदर्भ में हरिद्वार में घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शहरी अवसंरचना के विकास हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय यातायात को सुदृढ़ करने के हेतु रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक विस्तारित करने के साथ ही देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के विकास का भी अनुरोध किया, ताकि इन शहरों के मध्य आवागमन को सुगम बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी तथा पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड के प्रमुख तीर्थस्थलों को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन एवं समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी।

केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

सीएम धामी ने जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम देहरादून में निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के अंतर्गत 02 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने केदारपुरम स्थित ए.बी.सी. सेंटर में कैनालों के निर्माण एवं नगर निगम क्षेत्रांतर्गत 06 स्थानों पर पार्कों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। आज हमारा देहरादून अपनी समृद्ध पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आगे बढ़ रहा है। तेज विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और पहचान को सहेजने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के शहरों, कस्बों और नगरों में स्वच्छता की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।

अमृत योजना के माध्यम से शहरों में जल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी अनेक कार्य किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से देशभर के शहरों को आधुनिक, सुविधायुक्त और भविष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का स्वयं का घर होने का सपना साकार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा अन्य क्षेत्रों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, ओडीएफ अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है। कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की गई है। हरित और स्वस्थ देहरादून के निर्माण के लिए शहर में 35 पार्कों का निर्माण कराया गया है। केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर का सबसे बड़ा पार्क विकसित किया गया है। वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वां स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इससे आवागमन और तेज होगा। इन संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।

पिछले एक वर्ष में नगर निगम देहरादून द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने राजस्व संग्रहण को लगभग 52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां लगभग 190 से 200 वाहन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे थे, आज उनकी संख्या बढ़कर लगभग 300 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो, यह राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है। सरकारी और निगम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस पर सक्रिय कार्रवाई की अपेक्षा की। उन्होंने जनता से देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रामसिंह कैड़ा, खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

राज्य में प्रथमबार समाज के महत्वपूर्ण अंग दिव्यांगजनों के लिए ऋषिकेश में बन रहा आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल

जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार एवं उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल की गई है। राज्य में प्रथमबार दिव्यांगजनों की मांग एवं उनकी विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में उनके उपयोगार्थ एक आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों इंडोर बैडमिंटन हॉल निर्माण हेतु भूमि चयनित करते हुए 02 किश्तों में 62.67 लाख की राशि प्रदान की गई है जिसमें नगर निगम ऋषिकेश को प्रथम किस्त 25.41 लाख धनराशि पूर्व में जारी कर दी गई है शेष धनराशि 37.26 का अनुमोदित की कर दी गई है।
जिला प्रशासन की इस पहल से जहां मेधावी दिव्यांगजन खिलाडियों हेतु इंडोर बैडमिंटन हॉल की सुविधा मिलेगी वहीं प्रतिभावान दिव्यांग खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा जिससे छुपी हुई प्रतिभा सामने आ सकेंगी तथा राज्य, राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश एवं राज्य का नाम रोशन कर सकेंगे। जिलाधिकारी के इस प्रसाय से ऐसे सितारे जो बहुत कुछ कर सकते हैं किन्तु सुविधओं के आभाव में कुछ नही कर पा रहें हैं उनको अब इस आधुनिक बैडमिंटन हॉल में अपना हुनर दिखाते हुए  राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरने का मौका मिलेगा।
जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों हेतु इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए Urgent Need Basis पर जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) मद के अंतर्गत पूर्व में रू0 25.41 लाख की धनराशि स्वीकृत एवं निर्गत की जा चुकी है। उक्त धनराशि नगर निगम, ऋषिकेश को चेक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिस पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। इसी क्रम में नगर निगम, ऋषिकेश द्वारा प्रस्तुत संशोधित आंगणन के अनुसार अब इस परियोजना की कुल लागत रू0 62.67 लाख आंकी गई है। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश द्वारा प्रस्तुत शेष रू0 37.26 लाख की अतिरिक्त धनराशि की मांग पर डीएम ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।  

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रशासन की प्राथमिकता में है। यह इंडोर बैडमिंटन हॉल न केवल उनके शारीरिक विकास एवं स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से जोड़ने का कार्य भी करेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो, जिससे दिव्यांगजनों को शीघ्र ही इस सुविधा का लाभ मिल सके।