मुख्यमंत्री ने की जीएसटी की नई दरों और स्वदेशी अभियान पर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के मंत्रीगणों, विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से देशभर में जी.एस.टी. की नई दरें प्रभावी होंगी। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई दरों का लाभ आम जनता और व्यापारिक समुदाय तक तीव्रता से पहुँचे, इसके लिए प्रदेश में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे 22 से 29 सितम्बर तक अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करें। इस दौरान प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों में तथा विधायकगण अपनी विधानसभाओं में अभियान का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. की संशोधित दरों से प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी तथा वोकल फ़ॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की दिशा में राज्य को गति प्रदान होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के अंब्रेला ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज और जी.आई. टैग प्राप्त 27 उत्पाद, एक जनपद दो उत्पाद योजना तथा अन्य स्थानीय हस्तशिल्प और कृषि उत्पाद को नए कर ढांचे से बढ़ावा मिलेगा। इससे स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने में सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं निकायों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं और नगर निकायों के स्तर पर बैठकों का आयोजन हो, जिसमें ग्रामीणों और शहरी क्षेत्र में लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही उद्योग विभाग को भी यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जी.आई. टैग वाले उत्पादों और एक जनपद दो उत्पाद योजना को और अधिक सशक्त तथा बाज़ारोन्मुख बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता अभियान केवल प्रचार तक सीमित न रहे बल्कि इसमें आमजन की सहभागिता और जनभागीदारी भी सुनिश्चित हो। इसके लिए नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों तथा अन्य सांस्कृतिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे संदेश लोगों तक सहज और प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों का भी उपयोग कर आम नागरिकों और व्यवसायियों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. की नई दरें लागू होने के बाद न केवल व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों को इसका लाभ प्राप्त होगा। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादकता और विपणन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और छोटे-छोटे उद्यमी भी राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जुड़ सकेंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा व्यक्त की कि वे स्वयं इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और इसे जन अभियान का स्वरूप दें। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की आर्थिक शक्ति को बढ़ाने में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जी.एस.टी की नई दरों से आमजन और व्यवसायियों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।

बैठक में राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत,रेखा आर्या, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

सीएम ने नमो युवा रन का शुभारंभ कर युवाओं के साथ लगाई दौड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर, देहरादून में ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘नमो युवा रन’ का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों के साथ दौड़ में सम्मिलित होकर युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो युवा रन’ केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह युवाओं में ऊर्जा, स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को नई दिशा और व्यापक जनभागीदारी प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को नई गति मिल रही है और ‘सेवा पखवाड़ा’ के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सकारात्मक योगदान देने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं की ऊर्जा राष्ट्रहित में और अधिक सार्थक होती है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कार्यक्रम के संयोजक विपुल मैदोली सह संयोजक देवेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।

02 नवंबर 2025 को गूंजी गांव से आदि कैलाश मैराथन का आयोजन होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से 2 नवंबर 2025 को प्रस्तावित आदि कैलाश परिक्रमा रन (अल्ट्रा मैराथन) प्रोमो रन का फ्लैग ऑफ किया और लोगो का अनावरण किया। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 02 नवंबर 2025 को गूंजी गांव से आदि कैलाश मैराथन का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, युवाओं को स्वस्थ जीवन के लिए प्रोत्साहित करने और नशा मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह अल्ट्रा मैराथन 10,300 से 15,000 फीट ऊंचाई पर होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 02 नवंबर 2025 को व्यास घाटी में आदि कैलाश मैराथन का आयोजन किया जाएगा। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास, पलायन की समस्या के निराकरण, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने और पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए बनाई गई वाईब्रेंट विलेज योजना को बढ़ावा देने के लिए भी यह मैराथन काफी कारगर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मैराथन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि सीमावर्ती लोगों को सम्मान, स्थानीय पहचान तथा होम-स्टे एवं पर्यटन क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने का सशक्त माध्यम भी है। आयोजन से राज्य की प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

रविवार को आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन मैराथन में प्रदेशभर के बच्चों, युवाओं एवं अन्य सभी आयु वर्ग के लोगों ने प्रतिभाग किया। मैराथन का समापन उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् कार्यालय में सम्पन्न हुआ।

सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने कहा कि 10 किलोमीटर दूरी की इस दौड़ प्रतियोगिता के शीर्ष 3 विजेताओं को 2 नवंबर 2025 को गुंजी, पिथौरागढ़ में आयोजित होने वाली आदि कैलाश मैराथन में प्रतिभाग का अवसर मिलेगा। इस आयोजन की पाँच श्रेणियाँ – 60 किमी (अल्ट्रा रन), 42 किमी (फुल मैराथन), 21 किमी (हाफ मैराथन), 10 किमी रन एवं 5 किमी रन – रहेंगी, जिसमें देशभर के एथलीट प्रतिभाग करेंगे।

सचिव पर्यटन ने कहा कि इस मैराथन के सफल आयोजन के बाद जून 2026 में अगले मैराथन का आयोजन माणा-नीति क्षेत्र में प्रस्तावित है। व्यास और नीति घाटी में आयोजित होने वाली मैराथन में विजेताओं के लिए कुल ₹50 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रूहेला, पूजा गर्ब्याल एवं प्रतिभागी मौजूद थे।

अखाड़ा परिषद ने सीएम राहत कोष में दिए 34 लाख, सीएम ने किया अभिनंदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज डामकोठी, हरिद्वार में अखाड़ा परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर परिषद द्वारा हाल ही में उत्तराखण्ड में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹34 लाख की सहयोग राशि प्रदान की गई।

इतना ही नहीं, परिषद ने एक आपदा प्रभावित गांव को गोद लेने का भी दवइसम संकल्प लिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सेवा और संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने अखाड़ा परिषद के इस प्रयास की हार्दिक सराहना करते हुए कहा “उत्तराखण्ड की सेवा परंपरा में साधु-संत समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है। आपदा के इस कठिन समय में संत समाज का सहयोग न केवल पुनर्निर्माण में सहायक है, बल्कि यह प्रभावित लोगों के लिए आशा और संबल की किरण भी बनता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य कर रही है, और समाज के सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग से कार्यों को और गति मिल रही है।

संत समाज ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की

अखाड़ा परिषद के संतों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रभावितों से सीधे संवाद करने और राहत कार्यों की स्वयं निगरानी करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।

इस दौरान महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी महाराज, श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन अध्यक्ष महंत धुनी दास जी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, बाबा हठयोगी, महा मंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

खटीमा से लेकर नंदानगर तक हर जगह जनता के बीच रहे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा दिन जनसेवा में व्यतीत किया। इस दौरान वो ऊधमसिंह नगर से लेकर चमोली तक लोगों से मुलाकात करते हुए, उनकी समस्याओं का निराकरण करते नजर आए।

शनिवार सुबह नौ बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले खटीमा (ऊधमसिंहनगर) में आम लोगों से मुलाकात करते हुए अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आपदा प्रभावित चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र का दौरा किया, जहां पीड़ितों से मिलकर उनके दुख दर्द को साझा किया, सीएम ने पीड़ितो को सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही जीवन को फिर संवारने में सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने जनपद रुद्रप्रयाग और चमोली के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्निमाण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। यहां से लौटते समय सीएम ने श्रीनगर के पास धारी देवी के दर्शन करते हुए, प्रदेशवासियों की कुशलता के लिए प्रार्थना की। शाम को देहरादून लौटने पर मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा नेताओं के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही शासन को विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

…जब सीएम को मुख्यमंत्री राहत कोष में 07 लाख रूपये दान करने आए जबर सिंह रावत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में 96 वर्ष के पंडितवाड़ी, देहरादून निवासी जबर सिंह रावत ने मुलाकात कर उत्तराखंड में आपदा के पुनर्निर्माण कार्य हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में सात लाख की सहयोग राशि भेंट की।

मुख्यमंत्री ने जबर सिंह रावत के इस नेक कार्य हेतु उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की मिट्टी में केवल आस्था और वीरता ही नहीं, अपितु सेवा और संवेदनशीलता की अमिट भावना भी रची-बसी है। इसका जीवंत उदाहरण जबर सिंह रावत है।

इस भावुक और प्रेरणादायक क्षण में मुख्यमंत्री ने जबर सिंह रावत का ससम्मान अभिनंदन करते हुए कहा कि आप का यह कार्य न केवल एक दान है, बल्कि यह एक जीवनभर के अनुभव, संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। 96 वर्ष की आयु में भी उनका यह जज्बा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जबर सिंह रावत का यह योगदान न सिर्फ आर्थिक सहायता है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना का सुंदर उदाहरण भी है। राज्य आपदा के कठिन दौर से गुजर रहा है, और ऐसे समय में आम नागरिक द्वारा इस प्रकार का समर्पण सराहनीय है।

मुख्यमंत्री धामी ने जबर सिंह रावत को शॉल भेंट कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा प्रदेश की ओर से धन्यवाद प्रेषित किया।

इस अवसर पर देहरादून कैंट क्षेत्र की विधायक सविता कपूर भी मौजूद रहीं।

मां धारी देवी के दरबार में सीएम ने पूजा अर्चना कर प्रदेश में आपदा राहत की कामना की

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आपदा की गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज पौड़ी जनपद स्थित पावन धारी देवी मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री शनिवार को चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायज़ा लेने के बाद पौड़ी जिले स्थित धारी देवी मंदिर पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने मां धारी देवी के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेशवासियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से राहत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि मां धारी देवी प्रदेश की आराध्य हैं, और मैं इस संकट की घड़ी में उनके चरणों में संपूर्ण उत्तराखंड की मंगलकामना लेकर आया हूं।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के बावजूद सरकार द्वारा किए गए इंतजाम अत्यंत सराहनीय हैं। इंदौर से आए श्रद्धालु संतोष पाठक ने मुख्यमंत्री को “हिंदू हृदय सम्राट” बताते हुए कहा कि “आपदा के समय जिस संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता से मुख्यमंत्री कार्य कर रहे हैं, वह प्रेरणादायक है।”

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर और अलकनंदा तट का निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि नदी के दोनों किनारों पर भू-कटाव रोकने के लिए ठोस सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो और कार्यों में गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

प्रदेश सरकार पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति के साथ है। राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि हम हर पीड़ित तक पहुंचें, उसकी ज़रूरत समझें और उसे फिर से सामान्य जीवन की ओर ले जाएं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक आशा नौटियाल (केदारनाथ), विधायक भरत सिंह चौधरी (रुद्रप्रयाग), जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित रहे।

आपदा पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकताः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छैनागाड़, पटुय आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने जिला पंचायत सभागार, रुद्रप्रयाग में बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति और श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने से प्रभावितों को हौसला मिला है।

मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा की स्थिति की जानकारी का अपडेट समय-समय पर प्रधानमंत्री ले रहे थे। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रभावितों से भेंट करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी 30 सितम्बर तक अलर्ट मोड पर रहकर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी-नालों पर अतिक्रमण हटाने पर विशेष निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, इसके दृष्टिगत यात्रा व्यवस्थाओं को चाक – चौबंद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जाएं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को जनपद में मानसून काल तथा 28 अगस्त को आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने एवं राहत शिविरों में आश्रय देने की व्यवस्था, खाद्यान्न किट, रिफ्रेशमेंट किट, सोलर लाइट, कंबल, टेंट, तिरपाल, टॉर्च, चिकित्सा सुविधाएं एवं मेडिकल कैंप संचालित किए जाने राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संसाधन, हेली सेवा द्वारा प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाना, खाद्यान्न वितरण आपदा से पशु क्षति, निजी संपत्ति एवं पशुधन क्षति, भवन व गौशालाओं की क्षति सहित सड़क मार्ग, पेयजल योजनाएं, विद्युत पोल-ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि आदि प्रभावित हुए परिसंपत्तियों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को जनपद के सड़क मार्गों पर जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया, गौरीकुंड हाईवे सहित संवेदनशील स्थलों तथा श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हुए नुकसान एवं सुधार कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई तथा केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में अनुमानित यात्रियों की संख्या, हेली सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।

विधायक रुद्रप्रयाग एवं विधायक केदारनाथ ने आपदा की घड़ी में त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति, सड़क मार्ग निर्माण एवं अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

चमोली में सीएम ने प्रभावितों का दुःख साझा करते हुए हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत कार्याे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक़सान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित कुंतारी लगा फाली और कुंतारी लगा सरपाणी का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से नुकसान एवं राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से भेंट कर कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावितों की साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-जीवन को जल्द सामान्य करने के लिए राहत एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली के कार्यों को पूरी क्षमता व तत्परता से संचालित करने में निरंतर जुटे रहें। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की सुचारू आपूर्ति और सभी क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बहाल करने के काम को प्राथकिता से पूरा किया जाय।

इस दौरान जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने आपदा से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक 12 घायल व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिनमें से 01 घायल व्यक्ति को एम्स ऋषिकेश तथा 11 घायलों को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर भेजा गया। कुंतरी लगा फाली, सरपाणी, धुर्मा, सेरा एवं मोख में लगभग 45 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 15 गौशालाएं भी नष्ट हुई हैं, वहीं इन क्षेत्रों में 08 पशु मृत एवं 40 पशु लापता बताए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एसडीएम चमोली आर.के.पाण्डेय सहित जनपद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

काठगोदाम से सीएम का सख्त संदेश, बोले हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, वरना होगी जवाबदेही

सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गाे, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कम-ेपसजपदह कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के upnl कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।