लोस अध्यक्ष बिरला और सीएम धामी ने किया इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आधुनिक युग में एआई की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। आज अनेक क्षेत्र में एआई का उपयोग हो रहा है। एआई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेषन होना चाहिए। एआई के माध्यम पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान, संस्कृति को पहुंचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए। विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय को साथ लेकर चलें। लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि तकनीकी नवाचार के माध्यम से भावी पीढी सुदृढ हो, इस दिशा में देवसंस्कृति विवि कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति निश्चित रूप से अपना एक वैशिष्ठय लिए हुए है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति ने विश्व को अनगिनत वैज्ञानिक खोजें दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साथ एआई भी व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन गई है। यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार ला सकते हैं। यदि हम ए.आई की शक्ति का सही दिशा और उद्देश्य के साथ उपयोग करें, तो ये अनेक क्षेत्रों में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशिया क्षेत्र के कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।

स्विटजरलैण्ड के इन्टर पार्लियामेंट्री यूनियन के सेक्रेटरी जनरल मार्टिल चुंगोंग ने वीडियो संदेश के माध्यम से एआई की वैश्विक भूमिका को सभी के समक्ष रखा।

इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ अभिषेक सिंह, रॉबर्ट ट्रैगर, विलियम जोन्स, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, नालंदा विवि के कुलपति डॉ सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक एआई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये।

इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जमदग्नि सुनील सैनी, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे सहित देव संस्कृति के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तहसील दिवसः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से प्रदेशभर की सभी तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल प्रतिभाग कर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तथा सरकार का लक्ष्य है कि हर शिकायत का तय समय में निस्तारण हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस पर आमजन की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय, शासन न जाना पड़े। उन्होंने कहा सभी ने मिलकर तहसील दिवस को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा शिकायतों का त्वरित समाधान के साथ ही अन्य शिकायतों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर समस्या न रहे। उन्होंने कहा सभी अधिकारी तहसील दिवस को गंभीरता से लें। यह दिवस सरकार की जनसेवा की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपात्र व्यक्ति जिन्होंने गलत जानकारी के आधार पर आयुष्मान, राशन कार्ड, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनाए हैं। उन्हें भी चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के हक़ और संसाधनों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि, नदी-नालों की ज़मीनों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिसमें पुलिस विभाग, वन विभाग और सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी भी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा यह समिति सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार होगी। साथ ही निजी भूमि के विवाद का निस्तारण भी इस समिति द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा पखवाड़ा में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और जनहित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज को जोड़ने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा राज्य आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से हुए नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आपदा प्रभावित परिवारों के साथ संवाद करने एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीडीसी और जिला पंचायत की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में भागीदारी से अधिकारियों को ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलेगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जा सकेगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एवं वर्चुअल माध्यम से प्रत्येक तहसील से अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।”

अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता व केसरवाला के स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आखिर सीएम ने पीएम और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार, जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने उत्तराखंड राज्य के लिए ₹547.83 करोड़ की महत्वपूर्ण धनराशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग ऋषिकेश में वितरण संरचना एवं भूमिगत केबलिंग कार्यों और राजधानी देहरादून में आधुनिक SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली विकसित करने में किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से दोनों नगरों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था न केवल और अधिक सुदृढ़ होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सुगम, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली भी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को लगातार केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे राज्य की विकास गति को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किच्छा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग को स्वीकृति प्रदान करते हुए महाराणा प्रताप चौक के समीप मुख्य रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास निर्माण की दिशा में ठोस पहल की है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम धामी जन्मदिवस पर आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में देंगे समय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्णय लिया है कि उनके जन्मदिवस 16 सितम्बर के अवसर पर किसी प्रकार का उत्सव या औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह दिन सादगी और सेवा को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसर को समाज और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित करना ही सच्चा उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस दिन आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में समय देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में समाज का प्रत्येक वर्ग उनके सहयोग के लिए आगे आए। हर एक प्रयास पीड़ित परिवारों के लिए संबल और आशा का स्रोत बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा सहयोग और आपदा राहत जैसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। सेवा और त्याग की भावना ही उत्तराखंड की असली पहचान है और यदि हर नागरिक इसी सोच के साथ कार्य करे तो राज्य को हर क्षेत्र में मजबूती और नई ऊर्जा मिलेगी।

सोशल मीडिया एक्स पर सीएम धामी ने प्रधानमंत्री से जुड़ा संस्मरण किया साझा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली को करीब से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हर मुलाकात से उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रेम का नया पाठ सीखने को मिलता है।

अपने संस्मरण में उन्होंने वाराणसी का एक प्रसंग साझा किया, जब भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक देर रात 1 बजे समाप्त हुई थी। सभी थके हुए थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मुस्कुराते हुए कहा – “अभी एक ज़रूरी काम बाकी है।” उन्होंने बताया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में दिन में निरीक्षण से जनता को असुविधा नहीं देना चाहते, इसलिए रात में ही विकास कार्यों का निरीक्षण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री रातभर सड़कों पर परियोजनाओं का जायज़ा लेते रहे और सुबह 9 बजे बैठक में पहले की तरह ऊर्जा और एकाग्रता के साथ उपस्थित हुए। इस अनुशासन और समर्पण ने सभी के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन उदाहरण है कि सच्चा नेतृत्व उपदेश देने में नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने में है।

राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं को सीएम ने दी 136.68 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में जिला मुख्यालय के निकट मुडियानी में उद्यान फार्म बनाये जाने हेतु रू. 37.51 लाख तथा अमोडी में हाऊस ऑफ हिमालयाज के विपणन केन्द्र की स्थापना हेतु रू. 49.82 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में वार्ड 86, सेवला कलां के अन्तर्गत विभिन्न गलियों में पुरानी जीर्णशीर्ण पाईप लाईन बदलने हेतु रू. 60.00 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत शिखर मूल नारायण परिसर अलखनाथ मंदिर किलपारा भनार बज्यैण, काण्डा सिमकुला, घटवारिया, शिव मंदिर सुन्दरगुफा कांडा, बज्यैण मंदिर ढाई ईजर, नन्दा देवी मंदिर दोफाड को पर्यटन के रूप में विकसित किये जाने तथा अलखनाथ मंदिर किलपारा के सौन्दर्यीकरण हेतु रू. 58.64 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र धनौल्टी के अन्तर्गत द्वारिकापुरी में यात्रियों के लिए यात्री विश्राम गृह बनाये जाने हेतु रू. 60.00 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में ग्रामीण पी.एच.सी. एवं एस.सी.(उपकेन्द्र) को स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र में परिवर्तित करने सम्बन्धी योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में रु. 35.50 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में समस्त शहरी स्थानीय निकायों को अनाबद्ध/अनिर्दिष्ट अनुदान के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रथम किस्त रू. 39.41 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में समस्त शहरी स्थानीय निकायों को आबद्ध अनुदान/निर्दिष्ट अनुदान के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रथम किश्त रू. 59.11 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

सीएम धामी ने किया दून अस्पताल का निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद कर जानी उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपचाररत विभिन्न मरीजों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में पूछा। मरीजों और उनके परिजनों से संवाद के माध्यम से मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से समझा तथा आवश्यक निर्देश भी दिए।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद वेटिंग एरिया (प्रतीक्षालय) में तीमारदारों के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वेटिंग रूम का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को भी सुविधाजनक वातावरण मिले, इसके लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तीमारदार अस्पताल की व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं और उन्हें भी बेसिक सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिससे वे मानसिक रूप से सहज रह सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल न केवल चिकित्सा का स्थान है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक रूप से रोगियों एवं उनके परिजनों को संबल देने का स्थान भी है, अतः इसकी स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं सुव्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा और सम्मान भी राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकारी अस्पतालों में आमजन को बेहतर सेवाएं मिलें, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे
मुख्यमंत्री धामी ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने सेंटर में कार्यरत ऑपरेटर से सैंपल संग्रहण की प्रक्रिया, उनकी रिकॉर्डिंग तथा प्रयोगशाला में होने वाली टेस्टिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर में उपयोग हो रही तकनीक एवं संसाधनों की कार्यकुशलता की सराहना की तथा इसकी निरंतर निगरानी के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ को निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संकल्पित है तथा इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया
अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों से योजना की कार्यप्रणाली, लाभार्थियों को दी जा रही सहायता, कार्ड बनाने की प्रक्रिया, मरीजों के क्लेम की स्थिति तथा जनसामान्य को प्रदान की जा रही सुविधा संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित लाभार्थियों से भी बातचीत कर उनके अनुभव सुने तथा हेल्प डेस्क की कार्यक्षमता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर आने वाले हर व्यक्ति को सरल, स्पष्ट और त्वरित जानकारी मिलनी चाहिए, जिससे उन्हें योजना से जुड़ने और लाभ प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी के समान है और इसकी प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभागों को सजग एवं सक्रिय रहना होगा।

निरीक्षण के दौरान अपर सचिव बंशीधर तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सकगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने पीएम और गृहमंत्री का जताया आभार, आप भी जानिए…

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के केंद्रीय अंश के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 455 करोड़ 60 लाख रुपए की धनराशि अग्रिम तौर पर जारी की है। उक्त धनराशि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस राशि को उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों में खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को हर मुश्किल समय में सहारा प्रदान किया है, इसके लिए उत्तराखंड की जनता प्रधानमंत्री का विशेष तौर पर आभारी है।