सीएस की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।

मुख्य सचिव ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार योजना की संशोधित लागत को स्वीकृत प्रदान की। मुख्य सचिव ने कहा की मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह से फंक्शनल किया जाए इसके लिए मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी को शीघ्र रिक्रूट किया जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की मेंटेनेंस के लिए भी प्रविधान रखे जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव द्वारा हल्द्वानी में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस निर्माण (कुल लागत 3569.28 लाख) कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने पूर्व में स्वीकृत प्रॉजेक्ट को रद्द करते हुए इसे नए प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति द्वारा उरेडा के ऊर्जा पार्क परिसर में सुपर ई0सी0बी0सी0 ऑफिस बिल्डिंग निर्माण (कुल लागत ₹16.13 करोड़) एवं सहस्रधारा रोड वाटर सप्लाई स्कीम (कुल लागत ₹113.16 करोड़ लागत) को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत एवं श्रीधर बाबू अद्धांकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जा रहेः डीएम दून

भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला कार्यालय स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों, प्रतिनिधियों तथा सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों, बीएलओ एवं बीएलए का समन्वित सहयोग आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 01 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए उत्तराखण्ड सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा उन्हें प्राप्त कर डिजिटाइजेशन की कार्यवाही भी की जा रही है।

जनपद के 13,76,813 मतदाताओं में से 13,55,948 (98.48 प्रतिशत) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 10,98,179 (79.76 प्रतिशत) प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 1,42,485 (10.35 प्रतिशत) प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन शेष है। जनपद में वर्तमान में केवल 1,36,149 (9.89 प्रतिशत) मतदाता ऐसे हैं, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त होना शेष है।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त कराने एवं समयबद्ध रूप से जमा कराने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिन मतदाताओं तक किसी कारणवश गणना प्रपत्र नहीं पहुँच पाया है, उनके संबंध में बीएलओ स्थानीय जांच एवं पड़ताल के आधार पर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में पृथक सूची तैयार करेंगे। यह सूची पंचायत भवनों, नगर निकाय कार्यालयों एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी तथा राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों की सहभागिता लोकतंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाती है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में जिला प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग का पूर्ण सहयोग करें, जिससे प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो तथा निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली, बीजेपी से अरविन्द कुमार जैन, कांग्रेस से डॉ जसविन्दर, सुनील जायसवाल व सतेन्द्र, बीएसपी से सतेन्द्र सिंह व सतेन्द्र चोपड़ा, सीपीआई (एम) से अन्नत आकाश, आप से कमल राना उपस्थित रहे।

सीएम धामी की सीमांत क्षेत्र के लिए करीब 40 करोड़ से अधिक रूपए की स्वास्थ्य योजनाओं की दी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र मेंअभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सोच केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम भविष्य की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्यंत सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ही लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत व आधुनिक बनेंगी।अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 470.05 लाख रुपये की लागत से 129 बेड वाले विशाल व आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जो प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जनपद चंपावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष पैरामेडिकल मानव संसाधन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वस्थ जीवन का अधिकार सहजता से उपलब्ध हो, क्योंकि जब हमारा नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा प्रदेश समृद्ध होगा और विकसित उत्तराखंड का हमारा साझा संकल्प साकार होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, प्रदेश मंत्री भाजपा अध्यक्ष निर्मल महारा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

लोहियाहेड वाटर बाईपास को प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र में स्थित उभरते हुए पर्यटक स्थल लोहियाहेड वाटर बाईपास का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यटन की संभावनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से स्थल के विकास से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर एवं शारदा रिवर फ्रंट जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के अंतर्गत भी इस क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय व्यवसायों, स्वरोजगार एवं लोगों की आय में वृद्धि होगी। सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की पर्यटन क्षमता का उपयोग कर स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को लोहियाहेड वाटर बाईपास के विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रामनगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने बीच पाकर बच्चे हुए उत्साहित, जमकर खिंचवाईं तस्वीरें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार रविवार को रामनगर के अहाना रिसॉर्ट हैलीपेड पहुँचें। रामनगर पंहुचने पर मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राकेश नैनवाल, संजय डॉर्बी, इंदर रावत आदि ने स्वागत किया।

इस दौरान हैलीपैड पर भारी संख्या में क्षेत्र के बच्चे एकत्रित हुए उन्हें देखते ही स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के बीच स्वयं पहुंच गए। मुख्यमंत्री के बच्चों के पास पहुंचते ही बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ खूब तस्वीरें खिंचवाईं और उनसे आत्मीय संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ कुछ समय बिताते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर प्रयास, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बिताए इन यादगार पलों का भरपूर आनंद लिया और उनके साथ सेल्फी व समूह फोटो खिंचवाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र से आए लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए।

रूड़की में एचआरडीए द्वारा नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण

       मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में एचआरडीए द्वारा 3 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई खेल सुविधाओं का अवलोकन किया तथा खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों से संवाद भी किया।

      मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अवसंरचना युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिल सके।

        उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान मिली है। उत्तराखंड सरकार भी खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने, प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण से हरिद्वार एवं रुड़की सहित आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

           नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में इनडोर खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां खिलाड़ियों के लिए सुसज्जित जिम, बैडमिंटन कोर्ट तथा अन्य आवश्यक खेल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। यह कॉम्पलेक्स खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास, प्रशिक्षण एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

           कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, मेलाधिकारी कुंभ सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ एसपी देहात शेखर सुयाल, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल, सीओ मंगलौर अभिनव चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, खेल विभाग के अधिकारियों प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

युवा संवाद में सीएम बोले, युवा शक्ति ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड का युवा प्रदेश और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है और युवाओं की ऊर्जा, नवाचार तथा प्रतिभा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को वोट बैंक नहीं, बल्कि विकसित भारत का सबसे सशक्त स्तंभ मानते हुए उनकी शिक्षा, कौशल, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहाँ युवाओं को अवसरों के लिए पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही प्रदेश में रोजगार, उद्यम और नवाचार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना तथा श्हाउस ऑफ हिमालयाजश् जैसे प्रयास स्थानीय उत्पादों और युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिला रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार जैसी पहलें भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। साथ ही नीति आयोग के सतत विकास में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अब राज्य में रिवर्स माइग्रेशन का सकारात्मक वातावरण बन रहा है और युवा अपने अनुभव एवं कौशल के साथ उत्तराखंड लौटकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब, परीक्षा भवनों का निर्माण तथा उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। वहीं पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नवाचार को अपनाने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक युवा के सपनों को साकार करने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड का युवा विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से प्रदेश को देश का अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया तथा उनके विभिन्न प्रश्नों का सरल, स्पष्ट एवं सारगर्भित उत्तर दिया। कार्यक्रम में पहला प्रश्न भुनेश गोयल ने किया। उन्होंने युवाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी को लेकर सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी चाही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुड़की विज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार की भूमि है। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभाशाली युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है और अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है।

रीया वंदना ने सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर सरकार की कार्ययोजना के संबंध में प्रश्न किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सोशल मीडिया जनसंचार का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। किसी भी सूचना का प्रसार कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक हो जाता है। पहले लोगों को समाचारों के लिए मुख्य रूप से समाचार पत्रों एवं टेलीविजन पर निर्भर रहना पड़ता था, जबकि आज प्रत्येक व्यक्ति अपनी बात सीधे समाज तक पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर प्रभावी निगरानी के लिए साइबर सेल सक्रिय रूप से कार्य कर रही है तथा अफवाह फैलाने एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सोनालिका ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों के संबंध में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2027 के कुंभ मेले को दिव्य, भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, विभिन्न घाटों के निर्माण एवं विस्तारीकरण सहित श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम के आयोजक गौरव कौशिक ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मधु सिंह, रुड़की नगर निगम की महापौर अनीता अग्रवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक (देहात) शेखर सुयाल, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

सीएम ने पीएम के मन की बात कार्यक्रम के 135वें संस्करण को कार्यकर्ताओं के साथ सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 135वें संस्करण को सुना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम जनभागीदारी को सशक्त बनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के विभिन्न भागों में जनसहयोग से हो रहे प्रेरणादायी कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन, नवाचार, युवाओं की सहभागिता तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश सबका प्रयास की भावना को और अधिक सशक्त करते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस दौरान राज्य सभा सांसद कल्पना सैनी,परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित भाजपा मंडल अध्यक्ष, सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित दधीचि अंगदान संकल्प अभियान में केंद्रीय मंत्री, सीएम संग सैकड़ों लोगों ने लिया अंगदान का संकल्प

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार में दधीचि अंगदान संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं साधकों ने अंगदान के महत्व पर विचार रखे तथा अनेक लोगों ने मानव सेवा के लिए अंगदान का संकल्प लिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि अंगदान मानव सेवा का सर्वाेच्च कार्य है, जिसके माध्यम से गंभीर रूप से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से समझने की आवश्यकता है। भारत सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत ढांचे को विकसित किया गया है और राज्यों में भी अंगदान से जुड़े संगठनों को सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से देश में अंगदान की संख्या में वृद्धि हुई है और जनभागीदारी से इसे एक व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति त्याग, समर्पण, सेवा और परमार्थ की महान परंपरा पर आधारित रही है। महर्षि दधीचि के त्याग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों तक का दान कर दिया था। इसी प्रकार राजा शिवि द्वारा एक पक्षी की रक्षा के लिए अपने शरीर का अंश अर्पित करने की कथा भारतीय संस्कृति में करुणा और परोपकार की भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर का कोई अंग किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है, तो इससे बड़ा मानव कल्याण का कार्य कोई नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा ढांचे के विकास और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अंगदान और प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों, प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग तथा संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। दून मेडिकल कॉलेज में राज्य के प्रथम सरकारी ऊतक प्रत्यारोपण केंद्र के निर्माण सहित अंग प्रत्यारोपण केंद्रों, अंग बैंक और जिला स्तरीय अंगदान केंद्रों के नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर अंग उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार द्वारा एक शताब्दी से आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने आध्यात्मिक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सरल रूप में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनका संदेश “हम बदलेंगे तो युग बदलेगा” समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का मेरुदण्ड है। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, सहयोग, कर्तव्यबोध और लोकमंगल की भावना को जागृत करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए अपने समय, श्रम और संसाधनों का समर्पण ही यज्ञ की वास्तविक भावना है।

इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक, रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानंद, डॉ. अनिल कुमार, पद्मश्री नीलेश मांडलेवाला, डॉ. विजय धस्माना सहित अनेक विशेषज्ञों ने अंगदान के वैज्ञानिक, सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार व्यक्त किए। शांतिकुंज के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिभागियों को अंगदान का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, प्रो. मीनू सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, पत्रकार, गणमान्य नागरिक एवं देशभर से आए साधक उपस्थित रहे।

रूद्रपुर में 369.66 करोड़ रूपए की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है तथा किसानों की सेवा ही उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। यदि मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं एवं संसाधन उपलब्ध करा सकती है, किंतु कृषि क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं आमजन उपस्थित रहे।