अफगानिस्तान से वापस लौटे उत्तराखण्ड वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय के जनता मिलन हॉल में अफगानिस्तान से सकुशल लौटे 56 उत्तराखण्ड वासियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन संघर्ष एवं जतन के बाद वतन वापस आने वालों का वे प्रदेश में स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से उत्तराखण्ड वासियों की सकुशल वापसी के लिये वे निरंतर प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का भी आभार व्यक्त करते हुए उनके सहायोग के लिये धन्यवाद भी ज्ञापित किया। कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व के कारण संभव हो पाया। प्रधानमंत्री मोदी के कारण आज दुनिया में भारत का स्वाभिमान व इज्जत बढ़ी है। शक्तिशाली भारत की पहचान बनी है। देश के सक्षम एवं मजबूत लीडरशिप के कारण हमारे लोग विदेशों में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में फंसे लोगों को सकुशल वापसी के प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों को दिल्ली से उनके घरों तक वापस लाने के लिये आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये स्थानिक आयुक्त को भी निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक 400 से अधिक लोगों की उत्तराखण्ड वापसी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड लौटे लोगों के स्वास्थ्य एवं स्वरोजगार की समस्याओं के समाधान का भी रास्ता तलाशा जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित 56 लोगों के साथ ही सभी वापस लौटे लोगों के सुखद भविष्य की भी कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वे भी निरंतर अफगानिस्तान में फंसे लोगों के परिवार के सम्पर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड लौटे लोगों में से यदि कोई अपना उद्यम स्थापित करना चाहेगा तो उसके लिये सहयोग दिया जायेगा।

इस अवसर पर गोरखाली सुधार सभा के पदाधिकारियों ने गोरखा समाज की विभिन्न समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा। इस अवसर पर विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ पराग मधुकर धकाते, जिलाधिकारी आर राजेश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, संयोजक चेतन गुरंग, केंट वार्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु गुप्ता, गोरखाली सुधार सभा की पुष्पा, सुधा, उमा के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित थे।

5720.78 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा सत्र में हुआ पेश


देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5720.78 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया।

एक नज़र बजट के अहम 12 बिंदुओं पर

*1 :-* वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम अनुपूरक बजट के अन्तर्गत कुल बजट धनराशि रू0 5720,78 करोल
का प्रावधान किया गया है जिसमें राजस्व व्यय को अन्तर्गत 60 2000.63 करोड़ व पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत 60 2730.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। केन्द्र पोषित योजनाओं में 3178.87 करोड एवं बाहय सहायतित परियोजनाओं हेतु रू0 66 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*2 :-* केन्द्र पोषित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु रू0 570 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु कुल 449 करोड, जल जीवन मिशन योजना हेतु कुल 60 401 करोड, अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन हेतु रू0 137.29 करोड़, प्रधान मंत्री आवास योजना हेतु रू0 70.01 करोड, स्वच्छ भारत मिशन
हेतु रू0 24.65 करोड़, रूसा के अन्तर्गत विश्वविद्यालय/शासकीय तथा अशासकीय महाविद्यालयों को भवन निर्माण हेतु रू0 20 करोड़, समग्र शिक्षा में वृहद निर्माण हेतु रू0 214.57 करोड का प्रावधान किया गया है।

*3 :-* कोविड आपदा के आलोक में विविध प्रकार की सहायता हेतु रू0 600 करोड का प्रावधान किया गया है।

*4 :-* मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु रू0 100 करोड़, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना हेतु रू0 16.51 करोड, मुख्यमंत्री सौभाग्यवती योजना हेतु रू0 8.34 करोड, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना हेतु रू0 7.65 करोड, आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को दिये जाने वाले मानदेय हेतु रू0 33 करोड़ एवं पार्ट टाईम दाईयों
को अतिरिक्त मानदेय हेतु रू0 15.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*5 :-* शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों को समनुदेशन हेतु कुल रू0 293 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*6 :-* प्रदेश के मार्गों/पुलियों के अनुरक्षण कार्य हेतु रू0 55 करोड़, बाढ़ सुरक्षा कार्यों के संपादन हेतु रू० 30 करोड, नगरीय पेयजल/जलोत्सारण योजनाओं का निर्माण हेतु रू0 25 करोड, स्मार्ट सिटी योजना हेतु रू0 60 करोड, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना मे भूमि अधिग्रहण/एन.पी.वी. का भुगतान हेतु रू0 93 करोड़ एवं केन्द्रीय सडक निधि मद में रू0 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*7 :-* श्री केदार नाथ उत्थान चौरिटेबल ट्रस्ट के अन्तर्गत श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ में प्रस्तावित कार्यों आदि हेतु रू0 15 करोड़, पर्यटन विभाग के अन्तर्गत चार धाम एवं विभिन्न स्थानों हेतु भूमि क्रय के लिए रू0 15 करोड़ एवं सरकारी भवनों का पुननिर्माण हेतु रू0 16 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*8 :-* राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु रू0 5 करोड़, विद्यालयों एवं छात्रावासों का निर्माण हेतु रू0 10 करोड एवं केन्द्रीय विद्यालयों के निर्माण हेतु भूमि क्रय के लिए रू० 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*9 :-* प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों हेतु भूमि क्रय के लिए रू0 5 करोड, कोटद्वार मेडिकल कालेज की स्थापना हेतु रू0 20 करोड़ तथा अल्मोड़ा मेडिकल कालेज अन्तर्गत रू0 13 करोड का प्रावधान किया गया है।

*10 :-* पर्वतीय मार्गों में बस संचालन से होने वाली हानि की प्रतिपूर्ति हेतु रू0 42 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*11 :-* मॉडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हेतु रू0 62.53 करोड़ एवं वर्क फोर्स डेवलपमेंट फार माडल इकोनोमी के लिये रू0 25 करोड का प्रावधान किया गया है।

*12 :-* कैम्पा योजना के अन्तर्गत रू0 150 करोड़ एवं उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना हेतु रू0 30 करोड़, उद्यान बीमा योजना हेतु रू0 26.56 करोड़, राष्ट्रीय कृषि वानिकी एवं बांस मिशन हेतु रू0 9.42 करोड एवं राष्ट्रीय कृषि प्रसार एवं प्रौद्योगिकी मिशन/ कृषि उन्नति योजनाएं हेतु रू0 8.5 करोड का प्रावधान किया गया है।

तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात में सीएम ने कहा, नहीं होगा अहित


सीएम आवास में देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों और पण्डा समाज का किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता श्री मनोहर कांत ध्यानी जी को संबंधित तीर्थ पुरोहितों के पक्ष को जानकर पूरी रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। राज्य सरकार सभी को सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालेगी। बातचीत से सभी शंकाएं दूर की जाएगी और जहां सुधार की जरूरत होगी, राज्य सरकार सुधार करेगी।

बदरीनाथ मास्टर प्लान को मूर्त रूप देने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों की भी बात सुनी जाएगी और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाऐगा। सभी के हित यथासंभव सुरक्षित रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी वार्ता के माध्यम से रास्ता निकाले जाने पर सहमति व्यक्त की।

राजीव नगर देहरादून में सीएम ने किया कोविड वैक्सीनेशन कैम्प का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजीव नगर में कोविड-19 वैक्सीनैशन कैम्प का शुभारंभ किया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया का सबसे बङा वैक्सीनैशन अभियान भारत में चल रहा है। उत्तराखण्ड में चार माह के भीतर शत प्रतिशत वैक्सीनैशन कर दिया जाएगा। बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में पूर्ण वैक्सीनेशन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को आवश्यकता अनुसार टीके उपलब्ध कराए जाने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि देश में न केवल कोविड का स्वदेशी टीका बनाया गया, हमने विश्व कल्याण की भावना से दूसरे देशों को भी उपलब्ध कराया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा भाव सुरक्षित उत्तराखण्ड स्वस्थ उत्तराखण्ड का है। कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी को कोविड की वैक्सीन लगा दी जाए। प्रदेश में 207 प्रकार की स्वास्थ्य जांचें निशुल्क की जा रही हैं। इससे गरीब से गरीब व्यक्ति भी मुफ्त में अपनी स्वास्थ्य जांचे करा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री श्री अजय भट्ट ने कहा कि दुनिया में कोविड टीकाकरण सबसे ज्यादा भारत में हुआ है। युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनहित में अनेक योजनाएं लाई गई हैं। जिस गति और तन्मयता से उत्तराखण्ड में काम हो रहा है, उससे अंतिम पंक्ति में खङे व्यक्ति का भी काम हो रहा है।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आज देहरादून जिले में एक दिन में रिकॉर्ड 1 लाख के करीब टीके लगाए जाएंगे। अगस्त माह में रायपुर विधानसभा क्षेत्र को 1 लाख वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।

विधायक उमेश शर्मा काउ ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के साथ ही रायपुर विधानसभा क्षेत्र में भी तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।

सीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चल रहे कोविड टीकाकरण कैंप का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अभियान में जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही टीका लगवाने आए सचिवालय कर्मियों एवं उनके परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान में और तेजी लायी जायेगी। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में टीकाकरण के कैम्प लगाये गये हैं।

सीएम के 205 करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज से 3 लाख 73 हजार 568 लोग होंगे लाभान्वित


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने हेतु प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र और इसमें कार्यरत कार्मिकों के लिए 205 करोङ रूपये से अधिक के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। इससे प्रदेश के 3 लाख 73 हजार 568 लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित जनता दर्शन हॉल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कोरोना योद्धा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के लगभग 50 कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक वर्ष से अधिक अवधि से लगातार कोविड- 19 जैसी भयानक वैश्विक महामारी से लड़ाई में हमारे स्वास्थ्य क्षेत्र के अधिकारियों, चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी तथा अन्य समस्त कर्मियों द्वारा दिन-रात समर्पण एवं सेवाभाव के साथ दिन-रात मेहनत कर अत्यन्त ही सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इनके द्वारा समर्पण भाव से किये गये कर्तव्य निर्वहन को वित्तीय रूप से कंपनसेट (भरपाई) करना संभव नहीं है। फिर भी, राज्य सरकार द्वारा ऐसे कार्मिकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन सहायता ध् राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित पैकेज के अन्तर्गत आगामी 5 माह हेतु आशा फसिलिटेटर एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को 2-2 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के ग्रुप सी एवं डी के कार्मिकों को 3-3 हजार रूपये तथा चिकित्सकों को 10-10 हजार रूपये की धनराशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जायेगी। इससे लगभग 61000 कार्मिक लाभान्वित होंगे। साथ ही 1120 आशा फैसिलिटेटर एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को एक-एक टैबलेट भी प्रदान किया जायेगा। इन कार्मिकों को कोविड-19 के दुष्प्रभाव से बचाने तथा इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उददेश्य से इन्हें आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक किट भी वितरित की जायेगी। उपरोक्त योजनाओं से लगभग 3,73,568 व्यक्ति लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का भी निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत जनपद हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना की जायेगी, जिसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 70-70 करोड़ रूपए की धनराशि अवमुक्त की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनमानस तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने हेतु कृत-संकल्प है। इसी कारण चिकित्सा क्षेत्र में उपरोक्त सम्पूर्ण योजनाओं पर लगभग 205 करोड़ रूपए की धनराशि व्यय करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कोरोना के बचाव के लिये राष्ट्रीय स्तर पर की गई पहल के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी के कुशल नेतृत्व, सीमित संसाधन में देश में ही कोरोना वैक्सीन तैयार की गई तथा अनेक देशों को भी उपलब्ध करायी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में सभी को मुक्त वैक्सीन की सुविधा तो प्रदान की ही देश के 80 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोगों को और बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिये उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना को संवेदनशीलता के साथ और अधिक व्यावहारिक बनाया जायेगा। उन्होंने डॉक्टरों को धरती पर दूसरे भगवान की संज्ञा देते हुए कहा कि चिकित्सकों पर जनता की बेहतर सेवा करने की जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना योद्धाओं ने विपरीत परिस्थितियों में रात दिन काम किया। एक माह में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह किये जाएंगे। 30 दिसम्बर 2021 तक प्रदेश में सौ प्रतिशत वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा। पूरे देश मे वैक्सीनेशन में पांचवे नम्बर पर हैं। नवम्बर तक हम पहले स्थान पर आ जाएंगे। 42 लाख से अधिक लोगों के अटल आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी तक 2 लाख 93 हजार से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो चुके हैं। हम हर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य मेले लगाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में 7 हजार लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हमारे चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का जितना सम्मान किया जाए, कम है। चिकित्सक वास्तव मे देवतुल्य है। इनके कारण ही आज कोविड नियंत्रित अवस्था में है।

सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि कोविड काल में प्रदेश में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में कई गुना सुधार किया गया है। मार्च 2020 में जिला कोविड केयर सेंटर एक भी नहीं था, जुलाई 2021 में 320 हो गये। आक्सीजन सपोर्ट बैड मार्च 2020 में 673 से बढ़कर 6572 हो गये हैं। इस अवधि में आईसीयू बैड 216 से बढकर 1655, वेंटिलेटर 116 से बढकर 1014 हो गये। आक्सीजन जनरेशन प्लांट पहले केवल एक था, अब 24 हो गये हैं। मेडिकल अफसर की संख्या 1861 से बढ़कर 2351 हो गई है। आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब केवल 01 थी जो कि अब 37 हो गई हैं। अब हमारे पास 64 ट्रू नेट मशीन हैं। वैक्सीनेशन में हम राष्ट्रीय औसत से आगे हैं। 50 प्रतिशत को पहली डोज लगाई जा चुकी हैं।
कोविड की सम्भावित तीसरी लहर की जानकारी देते हुए डॉ पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि राज्य में 1945 पैडियाट्रिक आक्सीजन बैड और 739 एनआईसीयू, पीआईसीयू बैड बच्चों में कोविड मामलों के लिये चिन्हित किये गये हैं। बच्चों के लिए माइक्रो न्यूट्रिएंट की व्यवस्था की गई है। 10 अगस्त 2021 तक सभी सीएचसी, पीएचसी, सब सेंटर में जरूरी दवाईया उपलब्ध करा दी जाएंगी। स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग भी दी जा रही हैं। पीएचसी व सीएचसी स्तर तक कोविड टेस्टिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम में सम्मानित होने वालों में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड डॉ. तृप्ति बहुगुणा, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड के डॉ आशुतोष सयाना, राज्य कोविड-19 कंट्रोल रूम के डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, पारितोष राणा, मनोज वर्मा ,दंत शल्यक डॉ. मुकेश राय, अपर निजी सचिवध्वैयक्तिक सहायक प्रदीप सेमवाल, वैयक्तिक सहायक बलवीर सिंह नेगी, डी.ई.ओ श्री जयदीप, फार्मासिस्ट अरविन्द रौतेला, जी.एस. रावत, सुरेश जोशी, नर्सिंग अधिकारी प्रियंका नेगी, निर्मला चन्द्र, ए.एन.एम पूनम, सरला थपलियाल, दीपा जोशी, कनिष्ठ सहायक राजन ठाकुर, डाटा मैनेजर अंकित अग्रवाल, लैब टैक्नीशियन उमेश सैनी, अमित नैथानी, गिरीश गैरोला, राहुल कुमार, हिमांशु बिष्ट, उपचारिका भावना पंत, अर्चना सक्सेना, हरिप्रसाद जोशी, आशा पूर्णी देवी, आशा फैसीलेटर पुष्पा जोशी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुन्दर नेगी, स्वच्छक आशीष, रामरोताश, विशाल, कक्ष सेवक अनुप कुमार, संदीप बरागी, नवीन, वाहन चालक जी.बी. जोशी, भगवान सिंह असवाल, राजेन्द्र रावत, वीरेन्द्र रावत, महेश राणा, सुभाष गौतम शामिल हैं।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कोरोना से बचाव में सहयोग के लिये सभी विधायकों, नगर निगम के मेयरों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस प्रशासन, मेडिकल कॉलेजों, मेडिकल संस्थानों, मीडिया प्रतिनिधियों सहित सभी कार्मिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से हम राज्य में कोरोना की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम के लिये 31 जुलाई तक तैयारी पूरी करने में सफल होंगे।
इस अवसर पर विधायक राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, डीजी हेल्थ डॉ तृप्ति बहुगुणा कुलपति उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रौ. हेमचंद पांडे, दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः पर्यटन से जुड़े 50 हजार लाभार्थियों को 200 करोड़ रूपए का राहत पैकेज की घोषणा


देहरादून। प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज घोषणा की कि विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व व्यवसायरत् व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपये प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। वहीं पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से भी छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। वहीं टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालकध्परिचालकध्क्लीनर को रू० 2000 की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का रूपये 2000 प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

कोरोनाकाल के चलते प्रदेश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे में संकट की इस घड़ी में 200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देकर सरकार ने पर्यटन उद्योग से जुड़े होटल मालिकों, सड़क किनारे के ढाबों, यात्राओं पर ले जाने वाले संचालकों और इस क्षेत्र से जुड़े हजारों अन्य लोगों को बड़ी राहत देने का काम किया है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों और व्यापारियों की ओर से हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।

– सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री

पर्यटन से प्रदेश भर के लाखों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। सरकार का 200 करोड़ रुपये का यह राहत पैकेज संकट की इस घड़ी में पर्यटन उद्योग में जान फूंकने का काम करेगा। जिसका लाभ पर्यटन से जुड़े टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों, बोट संचालकों, राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं सहित लाखों लोगों को सीधे तौर पर मिलेगा और पर्यटन को गति मिलेगी।

– दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव

प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन को लेकर सीएम धामी ने की समीक्षा बैठक, सभी अधिकारियों को अल्र्ट मोड में करने के निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए हमेशा अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिये। किसी भी घटना की स्थिति में जल्द से जल्द राहत व बचाव कार्य संचालित हो। रेस्पोंस टाईम को कम से कम किया जाए। कहीं कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता को महसूस होना चाहिए कि शासन प्रशासन को उनकी चिंता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पङे। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि तहसील स्तर की समस्याओं का समाधान तहसील स्तर पर और जिला स्तर की समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो जाए। किसी भी स्तर पर कोई पेनडेंसी न रहे। जीरो पेंडेंसी कार्यप्रणाली का मूलमंत्र हो। फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया में सुधार लाया जाए। जनहित के कामों में शिथिलता न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों में पूरा समन्वय हो। किसी तरह का कम्यूनिकेशन गैप न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में मॉक ड्रिल का बहुत महत्व है। समय समय पर मॉक ड्रिल अवश्य की जाए। आपदा कंट्रोल रूम निरंतर एक्टिव रहे। अवरूद्ध मार्गों, क्षतिग्रस्त बिजली और पेयजल लाईनों को जल्द से जल्द बहाल करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि आपदा प्रभावितो को मुआवजे की राशि तुरंत मिले और उन्हें सुरक्षित आवास, भोजन, पेयजल, दवाईयों की उपलब्धता हो। संचार की सुचारू व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में आई आपदाओं में किये गये राहत व बचाव कार्यों की भी जानकारी लेते हुए कहा कि इनकी भी लगातार मानिटरिंग की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन किया जाना है, उनमें प्रक्रियाओं में किसी तरह का विलम्ब न हो। रैणी में आपदा की जद में आए परिवारों का विस्थापन कराया जाना है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को आराकोट जाकर वहां के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिये। प्रदेश में स्वीकृत डाप्लर राडार की स्थापना में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को हाल ही में स्वीकृत राहत राशि का वितरण तत्काल करवाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक संख्या में जिओलाजिस्ट की नियुक्ति कर ली जाए। आपदा राहत कार्यों के लिए तैनात हेलीकाप्टरो का उपयोग करें ताकि आम लोगों तक राहत जल्द से जल्द पहुंच सके। इनका उपयोग मेडिकल इमरजेन्सी व अन्य आपदा संबंधित कामों में किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी से हाल ही में देवप्रयाग क्षेत्र में सक्रिय हुए बाघ के बारे में भी जानकारी ली।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव नितेश झा, सचिव दिलीप जावलकर, एसए मुरूगेशन, सहित शासन, आर्मी, एनडीआरएफ, बीआरओ, आईटीबीपी, आईएमडी के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे।

एसडीआरएफ बटालियन में सीएम ने किया पौधारोपण


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर एस.डी.आर.एफ बटालियन, जौलीग्रांट में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोक पर्व है। हमें व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। विज्ञान तेजी से तरक्की कर रहा है। इससे मानव जीवन में सुख सुविधाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण जरुरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड को वजह से वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति चिंता बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान उत्तराखंड पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य किया किया गया। मिशन हौंसला के तहत पुलिस द्वारा अनेक जरूरतमंदों की सेवा की गई।

स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड कि संस्कृति से जुड़ा पर्व है। हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेश में वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एस.डी.आर.एफ द्वारा उत्तराखंड में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुलिस द्वारा प्रदेश में एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था। 5 जून से अभी तक पुलिस द्वारा 90 हजार से अधिक पौधारोपण किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पी.वी. के. प्रसाद, अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अभिनव कुमार आदि उपस्थित थे।

दिल्ली पहुंच केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले सीएम धामी, रेल परियोजनाओं पर हुई चर्चा


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री, रेलवे, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड से संबंधित विभिन्न रेल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने रूड़की देवबन्द परियोजना में उत्तराखण्ड राज्य द्वारा वर्तमान तक दिये गये रू0 296.67 करोड़ की धनराशि के अंशदान को पर्याप्त मानते हुए परियोजना के अवशेष कार्यों का वित्त पोषण रेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा किये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामरिक उद्देश्य और सीमांत जनपदों के विकास की आवश्यकता को देखते हुए टनकपुर बागेश्वर रेलवे लाईन का नैरोगेज की बजाय ब्राडगेज लाईन का सर्वे किया जाए। मुख्यमंत्री ने इसके फाईनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति के साथ ही ऋषिकेश- उत्तरकाशी रेल लाईन निर्माण की स्वीकृति का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार- देहरादून रेलवे लाईन का दोहरीकरण के लिए 1024 करोङ रूपए की डीपीआर के साथ ही डोईवाला से ऋषिकेश हेतु सीधी रेल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायवाला रेलवे स्टेशन पर डायवर्जन लाईन का निर्माण को जल्द स्वीकृति देने का भी आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने अपने अधिकारियों को इन दोनों प्रस्तावों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन प्रधानमंत्री की उत्तराखण्ड को बङी देन है। इस पर तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन हेतु तैयार किये जा रहे अवस्थापना सुविधाओं के सृजन में ही सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता के निर्माण की सम्भावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने धामपुर काशीपुर (वाया जसपुर) रेल लाईन के निर्माण और दिल्ली से रामनगर के लिये कॉर्बेट इको-एक्सप्रेस की जल्द स्वीकृति का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने भारत नेट फेज 02 की सैद्धान्तिक मंजूरी दिये जाने पर आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखण्ड में “स्टेट लेड“ मॉडल के अन्तर्गत, भारत नेट फेज-02 परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति शीघ्रातिशीघ्र जारी करवाने का अनुरोध किया।

केन्द्रीय मंत्री ने हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव रणजीत सिंहा उपस्थित थे।