राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 57 वाहिनी, सशस्त्र सीमा बनबसा का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (एस.एस.बी.) के अधिकारियों एवं जवानों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने एस.एस.बी. जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारे जवान देश की शान हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सीमाएं, हमारे सुरक्षाबलों की सहायता से पूरी तरह अभेद हैं, और इनकी सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने सीमा चौकियों की अवस्थापना सुविधाओं, संचार व्यवस्था और जवानों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक सुधारों हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माणा जैसे सीमावर्ती गांवों को प्रथम गांव की संज्ञा दी है, जो राष्ट्र की सीमाओं और संस्कृति की पहली पहचान हैं। इन गांवों और सीमाओं की रक्षा में जुटे सभी जवानों को उन्होंने धन्यवाद दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों से वार्ता भी की, उनकी समस्याओं, अनुभवों और ज़मीनी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करते हुए हाल ही में हुए पहलगाम हमले को कायरतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुँहतोड़ जवाब हमारी सेना और सुरक्षाबलों ने दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय देशवासियों ने सामूहिक एकता और राष्ट्रवाद का परिचय दिया है जो किसी भी हथियार से अधिक शक्तिशाली है।
मुख्यमंत्री ने सभी सशस्त्र बलों और सुरक्षाबलों को बधाई देते हुए राष्ट्र सेवा में उनके समर्पण को नमन किया।
इस दौरान डीआईजी एसएसबी अमित शर्मा, जिलाधिकारी चंपावत नवनीत पांडे, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति सहित एसएसबी के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

सीमांत क्षेत्रों के लोगों के साथ प्रशासन करेगा संवाद स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में राज्य स्तर पर की गई तैयारियों एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा बैठक ली।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में वर्तमान समय में स्थिति सामान्य है परंतु सभी विभाग और अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बॉर्डर एरिया में सघन चेकिंग अभियान एवं जनपदों में सामरिक महत्व के स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण स्थानों, चारधाम यात्रा स्थलों, अन्य मार्गों पर सुरक्षा के समुचित उपाय किए जाए। उन्होंने वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के साथ ही संदिग्ध लोगों की पहचान तथा सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम में संवेदनशील खबरों एवं फेक न्यूज का संज्ञान लेते हुए उचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य भर में मॉक ड्रिल का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा सम्भावित खतरों की चेतावनी हेतु सभी जनपदों में सायरन की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों के साथ प्रशासन को संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा देश की वर्तमान स्थिति पर सभी प्रदेशवासी देश के सैनिकों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों का शत प्रतिशत सख्ती से पालन करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सर्व धर्म सभा, और पद यात्रा का आयोजन करके इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेना के मानोबल बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार हर स्थिति में सैनिकों और उनके परिजनो के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में हर परिवार का कोई सदस्य सेना में है, ऐसे में सभी का मनोबल बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा भारत को एकता में ही उसकी शक्ति है। हम हर चुनौती से निपटने के लिए सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से सख्त निगरानी रखे जाने, जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में खाद्यान्न और चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की उपलब्धता पूरी तरह बने रहे।

सभी सचिवों को विभिन्न यात्रा मार्ग में स्थलीय निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा, जिसके निर्देश मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम यात्रा का सुगम और सुरक्षित संचालन राज्य में हो रहा है। यात्रियों की सुरक्षा, सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा सभी सचिवों को समय-समय पर चार धाम यात्रा का स्थलीय निरीक्षण करने यात्रा मार्ग पर भी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा राज्य में चार धाम यात्रा पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा के साथ ही अन्य धार्मिक यात्राओं में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा राज्य में हेली सेवाओं का संचालन भी सुगमता से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम यात्रा की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने सभी विभाग आगामी मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए।

भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को जीरो टॉलरेंस का संकल्प है। ऐसे में सभी अधिकारी भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उसपर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा आमजन को परेशान करने वाले किसी भी भ्रष्टाचारी को छोड़ा नहीं जाएगा एवं भ्रष्टाचार के मामलों पर प्राथमिकता से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, पंकज पांडे, एडीजी ए पी अंशुमन, नितेश झा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

सीएम ने सचिवालय परिसर में 6 मंजिला वैकल्पिक नए भवन निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास

सीएम धामी ने सरकारी कर्मियों को आमजन के हित में संवेदनशीलता जिम्मेदारी, पूर्ण निष्ठा व सरलीकरण से कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि शासकीय कार्मिको की कलम से निकले शब्द केवल शासकीय आदेश नहीं होते, बल्कि दूर-दराज़ के गाँवों में बसे प्रत्येक नागरिक के जीवन में आशा की किरण बनकर उजियारा करते हैं। कार्मिको के परिश्रम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ही उत्तराखंड की प्रगति की दिशा और दशा निर्धारित करने वाली प्रमुख धुरी है।

सचिवालय में उत्तराखण्ड सचिवालय संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शित किए जा रहे अद्वितीय शौर्य और पराक्रम के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम पर हम सभी को गर्व है। युद्ध जैसे हालातों के बीच वीर भूमि उत्तराखंड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपने जवानों के साथ है।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में 6 मंजिला वैकल्पिक नए भवन निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सचिवालय केवल ईंट-पत्थरों से बना एक भवन नहीं, बल्कि ये हमारे प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा है। यह प्रदेश के नीति-निर्माण का वो केंद्र है, जहां से राज्य के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण हेतु निर्णय लिए जाते हैं। उत्तराखंड सचिवालय में कार्यरत हमारे अधिकारी और कर्मचारीगण शासन और जनता के बीच की वो महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके माध्यम से सरकार की नीतियां जन-जन तक पहुँचती हैं।

शासन तथा कर्मचारी संगठनों के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद का सेतु अधिक मजबूत हुआ

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं केवल फाइलों और कागजों में नहीं सुलझतीं, बल्कि उन्हें दिल से सुनकर और ज़मीनी सच्चाई के साथ समझकर ही परस्पर संवाद द्वारा समाधान तक पहुँचाया जा सकता है। आज शासन तथा कर्मचारी संगठनों के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद का सेतु पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। हमारी सरकार ने सचिवालय कर्मियों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लेकर उनके कल्याण हेतु अनेकों कार्य किए हैं। जहां एक ओर हम सचिवालय भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं सचिवालय के कार्मिकों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं और निर्णयों के माध्यम से उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत हैं।

सचिवालय में आधुनिक सुविधाओं का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सचिवालय परिसर में 6 मंजिला नए भवन के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की है, जिससे अनुभागों को बेहतर कार्य सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, अनुभागों एवं निजी सचिवों के कार्यालय हेतु फर्नीचर और कंप्यूटर क्रय के लिए 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, सचिवालय संघ भवन का जीर्णाेद्धार, सचिवालय कैंटीन का सौंदर्यीकरण और बैडमिंटन कोर्ट का जीर्णाेद्धार जैसे विभिन्न कार्यों के द्वारा सचिवालय को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया है। यहीं नहीं, पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु हमने लगभग 70 कारों की क्षमता वाली पार्किंग का निर्माण भी कराया है।

सरकारी कर्मियों के हित में कल्याणकारी निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय कर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार ने ब्लड कलेक्शन सेंटर की स्थापना की है, जहां लगभग 270 प्रकार की जाँचें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमने एक ओर जहां कार्मिकों के बच्चों के लिए वातानुकूलित क्रेच सेंटर की स्थापना की है, वहीं अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर की व्यवस्था भी की है। हमारी सरकार द्वारा प्रदेश की महिला कार्मिकों को एक वर्ष के उपरांत भी पूरे दो वर्षों तक सवैतनिक बाल्य देखभाल अवकाश (सी.सी.एल.) की सुविधा प्रदान की जा रही है। साथ ही, कर्मचारियों के हित में 25 लाख रुपये की राशि कर्मचारी कल्याण कोष में स्वीकृत की गई है, जिससे अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही, हमने कर्मचारियों की मांग के अनुरूप जीआईएस की राशि को दोगुना करने के साथ-साथ कार्मिकों के लिए कॉर्पाेरेट सैलरी पैकेज की सुविधा भी लागू की है, जिसमें निःशुल्क इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत कर्मियों को ए.सी.पी. और समयबद्ध पदोन्नति जैसे लाभ भी सुनिश्चित कराए गए हैं। हमने सेवानिवृत्त कर्मियों को विदाई के समय मोमेंटो और अंगवस्त्र प्रदान करने की परंपरा भी शुरू की है साथ ही, सेवानिवृत्ति की ग्रैज्युटी राशि को भी 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। हमारी सरकार केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा प्रयास है कि हम एक ऐसा सचिवालय बनाएं, जहां कार्यप्रणाली डिजिटल, पारदर्शी और कार्यकुशल हो और हर निर्णय में जनहित को सर्वाेपरि रखा जाए। हमने सचिवालय की कार्यप्रणाली को ई-गवर्नेंस के माध्यम से अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाया है। हम फाइल मूवमेंट को सुव्यवस्थित और ट्रैक करने के लिए फाइल मूविंग मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त हो रहा है और कार्यप्रणाली दक्ष बन रही है। कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक की प्रक्रिया भी तीव्र गति से आगे बढ़ रही है, साथ ही कार्यालय को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इन सभी प्रयासों के माध्यम से हम जहां एक ओर सचिवालय कर्मियों के बोझ को तकनीकी साधनों द्वारा कम करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं उनकी कार्यक्षमता को और अधिक सहज, सरल और प्रभावशाली बना रहे हैं। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का “सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को साकार करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, आर के सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, सैन्य अधिकारी, समस्त सचिवालय कार्मिक व सचिवालय संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

भारत सरकार, उत्तराखण्ड शासन एवं यूरोपियन निवेश बैंक के बीच हुई नेगोशिएशन में 1910 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर बनी सहमति

उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी के अंतर्गत पिथौरागढ़, सितारगंज, रुद्रपुर व काशीपुर नगरों के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर यूरोपियन निवेश बैंक के साथ लगभग 1910 करोड़ रुपये के वित्तपोषण हेतु प्रोजेक्ट नेगोशिएशन हुआ। यूरोपियन निवेश बैंक ने इन परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण की सहमति दे दी है।

प्रस्तावित राशि के अंतर्गत पिथौरागढ़ में पेयजल एवं सीवरेज तथा सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पहले ही तैयार की जा चुकी हैं।

इस अवसर पर आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय की ओर से अपर्णा भाटिया, यूरोपियन निवेश बैंक से मैक्सीमीलियन और उत्तराखण्ड शासन से सचिव चन्द्रेश कुमार के मध्य वर्चुअल माध्यम से वार्ता हुई। आर्थिक कार्य विभाग ने सभी डीपीआर की समीक्षा कर यूरोपियन निवेश बैंक को साझा किया था। बैठक में यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

बैठक में यूरोपियन निवेश बैंक एवं आर्थिक कार्य विभाग ने परियोजना की तैयारी और प्रस्तुति के लिए यूयूएसडीए की प्रशंसा की। यह भी निर्णय लिया गया कि जून 2025 में परियोजना अभिलेखों पर हस्ताक्षर होंगे और निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

कार्यक्रम निदेशक चन्द्रेश कुमार ने बताया कि पिथौरागढ़ जैसे सीमांत नगर में पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इन मूलभूत सुविधाओं से जीवन स्तर में सुधार आता है, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलती है।

बैठक में अपर सचिव वित्त अमीता जोशी, अपर कार्यक्रम निदेशक विनय मिश्रा, वित्त नियंत्रक बीरेन्द्र कुमार, वैभव बहुगुणा तथा विशेषज्ञ राजीव कुमार एवं अमीताब बासू सरकार उपस्थित रहे।

प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। प्रस्तावित योजना से लाभान्वित होने वाले शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के साथ स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू करते हुए हितधारकों से भी संवाद करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली, एवं चल रहे कार्यों एवं आगामी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश की बैकबोन है। उन्होने निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू करते हुए हितधारकों से भी संवाद किया जाए। उन्होंने कहा कि टिहरी झील रिंग रोड परियोजना का सतत् एवं समावेशी प्लान तैयार किया जाए, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले एवं रोजगार भी उत्पन्न हो।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में क्वालिटी टूरिज्म पर भी फोकस किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए साहसिक पर्यटन, ट्रैकिंग और अन्य गतिविधियों को बढ़ाए जाने के लिए योजनाएं तैयार की जाएं। सभी योजनाओं को निर्धारित समय पर पूर्ण करने के लिए कैलेंडर तैयार किया जाए। उन्होंने मानसखण्ड मंदिर माला के प्रथम चरण के कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान एक राज्य स्तरीय संग्रहालय बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोककलाओं एवं लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश के अभिलेखागारों को अपग्रेड करते हुए उनका डिजिटाइजेशन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का वार्षिक कैलेण्डर तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित लोक गीत, लोक नृत्य, लोक नाटकों के वास्तविक रूप को जीवंत रखने के लिए नाट्य शिविरों के आयोजन के साथ ही रंग मंडलों की स्थापना की जाए। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों के गठन किये जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे, युगल किशोर पंत, अपर सचिव अभिषेक रोहिला एवं निदेशक संस्कृति बीना भट्ट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने प्रदेश में नागरिक सुरक्षा पूर्वाभ्यास के सम्बन्ध में अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में नागरिक सुरक्षा पूर्वाभ्यास के सम्बन्ध में अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यह पूर्वाभ्यास गतिविधियां/मॉक ड्रिल प्रदेशभर में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पूर्वाभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में अत्यधिक सहायक होंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन पूर्वाभ्यास गतिविधियों से आमजन में किसी प्रकार का पैनिक न हो इसके लिए जनता से लगातार संवाद किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिक को इन मॉक ड्रिल और उसके लाभ से अवगत कराया जाए। आपातकालीन परिस्थितियों में सभी विभागों द्वारा क्या-क्या गतिविधियां और कार्यवाही की जानी है, उसके लिए सभी विभागाध्यक्षों द्वारा अपने स्तर से तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यह एक पूर्वाभ्यास कार्यक्रम है, जिससे राज्य के प्रत्येक नागरिक को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के प्रति प्रदेश के नागरिकों को जागरूक किए जाने हेतु पूरे प्रदेश में पूर्वाभ्यास गतिविधियां/मॉक ड्रिल आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन एवं विपरीत परिस्थितियों में आमजन को क्या-क्या करना है या क्या नहीं करना है, इसकी जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने विद्यालय एवं अस्पतालों में आपदा से बचाव हेतु जागरूक किए जाने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव कहा कि पूर्वाभ्यास के साथ ही स्थायी तौर पर आपातकालीन परिस्थितियों के लिए ठोस प्लान तैयार किया जाना चाहिए। इसके लिए राज्य स्तरीय एवं जनपद स्तरीय नागरिक सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया जाए। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया जाए। उन्होंने प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं के दौरान प्रदेश में अलर्ट जारी करने के लिए सायरन सिस्टम दुरूस्त किए जाने के भी निर्देश दिए, साथ ही, एसएमएस और वॉट्सऐप सहित अन्य विकल्पों के माध्यम से अलर्ट का संदेश भेजे जाने के लिए मैकेनिज्म तैयार कर लिए जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) को मजबूतीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा एवं मानव जनित आपदा सहित युद्ध जैसी परिस्थितियों के लिए भी प्रदेश को और प्रदेश के नागरिकों को जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए संचार तंत्र को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में संचार तंत्र फेल होने पर आपातकालीन संचार व्यवस्था, वायरलैस, सैटेलाईट फोन आदि के लिए भी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने इसमें सामुदायिक सहभागिता, आपदा मित्र, मंगल दल, एनएसएस एवं एनसीसी को भी शामिल किए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने बड़े बांध एवं संवेदनशील भवनों में सम्भावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं सहित आपदा प्रबन्धन योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वाटर हाईड्रेंट्स को सुचारू किया जाएं। नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से बड़े भवनों के सुरिक्षत बेसमेंट आदि को तैयार रखा जाए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय एवं सचिव विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत, जनपदों से जिलाधिकारी, भारतीय सेना के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

त्रिजुगीनारायण में शादी के लिए दुनिया भर से आ रहे हैं जोड़े, फेरे लेकर सात जन्मों का ले रहे संकल्प

रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित, शिव- पार्वती का विवाह स्थल त्रिजुगीनारायण वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है। जहां देश विदेश से लोग सनातन परम्पराओं के अनुसार विवाह करने के लिए पहुंच रहे हैं। शादियों के सीजन में अब यहां हर महीने 100 से अधिक शादियां हो रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई मौकों पर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उत्तराखंड की ब्रांडिंग कर चुके हैं। इसका असर, त्रिजुगीनारायण मंदिर में साफ तौर पर नजर आ रहा है। जहां लोग देश विदेश से डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हें। इससे यहां होटल कारोबारियों से लेकर पंडे पुजारियों, वेडिंग प्लानर, मांगल टीमों और ढोल दमौ वादकों सहित कई अन्य लोगों को काम मिल रहा है।

2025 में हुई पांच सौ शादियां

क्षेत्र की वेडिंग प्लानर रंजना रावत के मुताबिक, 07 से 09 मई के बीच सिंगापुर में कार्यरत भारतीय मूल की डॉक्टर प्राची, यहां शादी करने के लिए पहुंच रही है। इसके लिए उन्होंने जीएमवीएन टीआरएच बुक किया हुआ है। उन्होंने बताया कि इस साल अप्रैल माह तक ही यहां करीब पांच सौ शादियां हो चुकी है, जबकि 2024 में कुल छह सौ शादियां ही हुई थी। उन्होंने बताया कि अब तक यहां इसरो के एक वैज्ञानिक, अभिनेत्री चित्रा शुक्ला, कविता कौशिक, निकिता शर्मा, गायक हंसराज रघुवंशी, यूट्यूबर आदर्श सुयाल, गढ़वाली लोकगायक सौरभ मैठाणी के साथ ही कई, जानी मानी हस्तियां सात फेरे ले चुके हैं।

रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य

मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि यहां सनातन मतावलंबियों का विवाह वैदिक परंपराओं के अनुसार सम्पन्न होता है, इसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। साथ ही माता-पिता या अभिभावकों की मौजूदगी में ही विवाह संपन्न होता है। उन्होने बताया कि सात फेरों के लिए मंदिर परिसर में ही वेदी बनाई गई है, इसके बाद अखंड ज्योति के साथ पग फेरा लिया जाता है। इसके अलावा अन्य सभी आयोजन, नजदीकी होटल और रिजॉर्ट में सम्पन्न किए जाते हैं। सीतापुर तक के होटल में अन्य विवाह समारोह भी स्थानीय पुजारियों द्वारा सम्पन्न कराए जाते हैं, इसके लिए दक्षिणा की दरें तय की गई हैं।

त्रिजुगीनारायण मंदिर का महत्व

त्रिजुगीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। स्वयं भगवान विष्णु ने इस विवाह में देवी पार्वती के भाई (कन्यादान कर्ता) का कर्तव्य निभाया था। मंदिर प्रांगण में एक पवित्र अखंड अग्नि है, मान्यता है कि शिव पार्वती ने इसी अग्नि के सात फेरे लिए थे। मंदिर की बनावट केदारनाथ मंदिर से मिलती-जुलती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद, उत्तराखंड में देश विदेश के लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड आपका स्वागत करने के लिए तैयार है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

ऐतिहासिक निर्णय लेने पर राज्य की सवा करोड़ जनता से साथ दियाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता के सहयोग और समर्थन का प्रतीक है, जिन्होंने हर ऐतिहासिक निर्णय में सरकार का साथ दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले नकल और पेपर लीक जैसी समस्याओं से युवाओं के सपने टूटते थे, राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पारदर्शिता से परीक्षाएं हो रही हैं और पिछले साढ़े तीन वर्षों में 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। संसद में एक तिहाही आरक्षण, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी दिशा में उत्तराखंड सरकार ने भी मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, महालक्ष्मी योजना, वात्सल्य योजना, आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसे कई प्रभावी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जहाँ समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है, जिससे समाज में समरसता और महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं। लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य कर महिलाओं और बच्चों को कानूनी संरक्षण देने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। दंगा रोधी कानून और सख्त भू-कानून लागू कर राज्य को सुरक्षित और संरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। ये सभी निर्णय उत्तराखंड को एक आदर्श और सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार प्रदेश को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द मुनी महाराज, स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरी, स्वामी कृष्ण गिरी, स्वामी भरत गिरी, वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम जाजू, विधायक दुर्गेश्वर लाल, अर्पित फाउण्डेशन की अध्यक्ष हनी पाठक और सामाजिक और सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तराखंड पॉवर लिफ्टिंग एसोसिएशन“ द्वारा आयोजित “एशियन सब जूनियर-जूनियर मैन एवं वूमेन कप एवं एशियन यूनिवर्सिटी कप पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता 2025” का शुभारंभ किया।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने उद्देश्य से हमारी सरकार राज्य में शीघ्र ही एक ’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। हमारी सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति लागू की है। इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होटल हयात सेंट्रिक देहरादून में उत्तराखंड पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन“ द्वारा आयोजित “एशियन सब जूनियर-जूनियर मैन एवं वूमेन कप एवं एशियन यूनिवर्सिटी कप पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता 2025” का शुभारंभ किया।
5 मई से 12 मई तक आयोजित हो रही इस पॉवरलिफ्टिंग चौंपियनशिप में भारत सहित एशिया महाद्वीप के 16 देशों के करीब 300 से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ’मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ’मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ’खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके साथ ही हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राचीन भारतीय इतिहास में शारीरिक शक्ति और कौशल का विशेष स्थान रहा है। प्राचीन समय में जहां हमारे पूर्वज मुगदर, गदा और हल जैसे पारंपरिक उपकरणों से अपने बल और परिश्रम का प्रदर्शन करते थे, वहीं आज उनकी जगह वेट लिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग जैसे आधुनिक खेलों ने ले ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक पावर लिफ्टिंग में वजन उठाने के जो तरीके हैं, वो इन पारंपरिक भारतीय खेलों से ही प्रेरित हैं। पावर लिफ्टिंग जैसी प्रतिस्पर्धाएं न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और अनुशासन को बढ़ावा देती हैं, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में भी अपनी अहम भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही “खेलो इंडिया“ और “फिट इंडिया मूवमेंट“ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं।
आज प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।
उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि“ के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया हैद्यइस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।हमने उत्तराखंड में, 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है, इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन रहा है। जिसका एक उदाहरण ये “पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता“ भी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज यह विश्व स्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएँ प्रदेश के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल में हार-जीत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण ’खेल भावना’ होती है, क्योंकि ये हमें अनुशासन, धैर्य, सहनशीलता और परस्पर सम्मान सिखाती है, जो केवल खेल परिसर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवन के हर पहलू में हमारे लिए मार्गदर्शक बनते हैं।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं बड़ी संख्या में विभिन्न देशो के पावर लिफ्टर मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

उत्तराखंड की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली चारधाम यात्रा जोर शोर से शुरू हो गई है। यात्रा के पहले ही दिन से यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। इसी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारों धामों से लेकर प्रमुख यात्रा पड़ावों तक लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के दिन चारों धामों में मौजूद रहने वाले पहले मुख्यमंत्री भी बने हैं।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को गंगोत्री- यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दिन पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री धाम में पहुंच, यात्रा तैयारियों का जायजा लिया। यमुनोत्री धाम में इससे पहले कोई भी सीएम, कपाट खुलने के दिन नहीं पहुंच पाए थे। इसी तरह सीएम धामी दो मई को केदारनाथ और चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन भी दोनों धामों में मौजूद रहे। इस तरह राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई सीएम चारों धामों में कपाट खुलने के दिन मौजूद रहे। इससे जहां यात्रा तैयारियों को गति मिली, वहीं यात्रियों को भी बेतहर सुविधाएं मिल पाई। इसी तरह सीएम पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव ऋषिकेश में भी लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा लेते हुए, प्रबंधन अपने हाथ में लिए हुए हैं। सीएम लगातार यात्रियों से भी बातचीत करते हुए, फीडबैक ले रहे हैं। साथ ही जरूरी दिशा निर्देश भी दे रहे हैं।

मौसम को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन – प्रशासन के अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर मौसम को देखते हुए खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए, साथ ही यात्रियों को भी मौसम की जानकारी दी जाए।