सीएम ने केंद्र सरकार से अनुरोध के लिए तत्काल प्रभावी वर्किंग प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए

सीएम धामी ने अन्य राज्यों विशेषकर हिमालयी राज्यों के तर्ज पर उत्तराखण्ड में कृषि व औद्यानिकी के क्षेत्र में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण एवं अनुसंधान हेतु पंतनगर में स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी, सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु केंद्र सरकार से अनुरोध के लिए तत्काल प्रभावी वर्किंग प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही इसे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के समक्ष रखेंगे।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को राज्य के कृषि व औद्यानिकी से संबंधित प्रमुख मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष पूरी मजबूती एवं प्रभावी समन्वय से रखने हेतु निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को आगामी 20 से 25 वर्षों की दृष्टिगत राज्य के समक्ष कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र में आने वाली मुख्य चुनौतियां, समस्याओं व मुद्दों के साथ एक ठोस एवं प्रभावी रोड मैप बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस संबंध में केंद्र सरकार से भी समन्वय किया किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पर्वतीय जनपदो विशेषकर सीमांत जिलों में मनरेगा की विशेष मजदूरी दर, राज्य के अंब्रेला ब्रांड हाउस ऑफ़ हिमालया के प्रोत्साहन हेतु विभिन्न एयरपोर्ट पर स्टॉल, पंतनगर विश्वविद्यालय में युवाओं के कौशल विकास के लिए एग्रो टूरिज्म स्कूल स्थापित किए जाने हेतु धनराशि स्वीकृति के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध एवं समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार पौड़ी गढ़वाल में एनएलबीएल मान्यता प्राप्त माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना, भारतीय सेना और पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा मिलेट्स के विभिन्न व्यंजन में उत्पाद तैयार करने की परियोजना, एरोमेटिक उत्पाद की प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन को फूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज के तहत सम्मिलित किए जाने, सगंध पौध केंद्र सेलाकुई देहरादून में राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग एवं कैपेसिटी बिल्डिंग कम इनक्यूबेटर डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना, सगंध फसलों को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में महक क्रांति नीति के लिए धनराशि की स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्र सरकार से अनुरोध एवं प्रभावी समन्वय की बात कही।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव राधिका झा, चंद्रेश यादव, एस एन पांडेय, अपर सचिव मनुज गोयल सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड सरकार की व्यवस्थाओं से श्रद्धालु प्रफुल्लित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। चार धाम दर्शन को आए सभी श्रद्धालु यात्रा व्यवस्थाओं से अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे हैं। चारों धामों में श्रद्धालु साफ-सफाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवागमन और संपूर्ण व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।

श्रद्धालुओं के अनुभवः

इंदौर से यमुनोत्री आए रघुनन्दन व्यास ने कहा कि मैं प्रथम बार देवभूमि के दर्शन के लिए उत्तराखण्ड आया हूं। टैक्सी स्टैंड पर उतरने के बाद सात किमी की चढ़ाई वाले पूरे यात्रा मार्ग में सरकार द्वारा बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर देखने को मिल रहे हैं, सुरक्षा को लेकर भी उत्तराखण्ड पुलिस एवं प्रशासन मुस्तैद है। ऐसी व्यवस्था पूरे देश में शायद ही कहीं और देखने को मिले।

इंदौर शहर से ही दर्शन को पहुंचीं एक और श्रद्धालु ऊषा जी ने कहा कि मैं यहां की स्वास्थ्य सुविधा को देखकर बेहद प्रसन्न हूं। किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य में थोड़ी भी असहजता होने पर स्वास्थ्य कर्मी तुरंत उसको उपचार दे रहे हैं। ऐसी बेहतर व्यवस्था के लिए हम उत्तराखण्ड सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद देते हैं।

दिल्ली से आए मुकेश कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड शासन और प्रशासन द्वारा बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। गंगोत्री धाम में मंदिर परिसर में सुव्यस्थित तरीके से बिना धक्का मुक्की के सभी श्रद्धालु आराम से मां गंगा के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धाम और यात्रा मार्ग में पेयजल से लेकर शौचालय तक सभी व्यवस्थाएं एक दम शानदार हैं। हम खुशी खुशी यात्रा का आनंद ले रहे हैं।

गाजियाबाद से केदारनाथ दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु आकाश गुप्ता ने यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा जी के बहुत अच्छे से दर्शन हुए हैं। धाम में साफ सफाई के साथ ही प्रशासन की अन्य सभी व्यवस्थाएं भी उम्दा हैं।

उत्तराखण्ड सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक श्रद्धालु को चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धा, सुविधा और सुरक्षा का संपूर्ण अनुभव प्राप्त हो। शासन-प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और सुधार की प्रक्रिया भी जारी है, ताकि यह पवित्र यात्रा सभी के लिए यादगार और सुगम बनी रहे।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड।

उच्च शिक्षा विभाग एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में समान नागरिक संहिता पर आयोजित की गई कार्यशाला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव संस्कृति विश्व विद्यालय में आयोजित ‘‘समान नागरिक संहिता‘‘ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उच्च शिक्षा विभाग और देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। समान नागरिक संहिता किसी के खिलाफ नहीं है और न ही किसी को टारगेट किया गया है, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को हटाकर सभी नागरिकों के लिए समानता और समरसता स्थापित करने का कानूनी प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने से राज्य के सभी नागरिकों के न्यायिक अधिकार समान हुए हैं और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत भी हुई है। अब कोई महिला उत्तराधिकार या संपत्ति के अधिकार में भेदभाव का शिकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन का प्राविधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता को लागू कर देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यूसीसी किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं हैै। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि यूसीसी में सभी पंजीकरण अवश्य करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा ये अफवाह फैलायी जा रही है कि यूसीसी के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करवाने पर किसी बाहरी व्यक्ति को उत्तराखंड का मूल निवास प्रमाण पत्र मिला जाएगा। इस तरह की बातें पूरी तरह से भ्रामक और असत्य हैं, यूसीसी में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, दर्जाधारी राज्यमंत्री विनय रोहिला, प्रति कुलपति देव संस्कृति विश्व विद्यालय डॉ चिन्मय पंड्या, दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, उच्च शिक्षा सचिव रंजीत सिन्हा, समाजिक कार्यकर्त्ता व यूसीसी नियमावली समिति के सदस्य रहे मन्नू गौड़, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

सीएम धामी से मिला नेपाल का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह के नेतृत्व में 10 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के मित्रतापूर्ण संबधों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। सीमावर्ती जिलों में आपसी समन्वय से विकास कार्यों को गति देने, सांस्कृति और धार्मिक संबंधों को बढ़ावा देने, पर्यटन विकास एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड और नेपाल की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत साझा हैं और दोनों क्षेत्रों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में सहयोग के लिए उत्तराखण्ड सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मंत्री वीर बहादुर थापा, सदस्य घनश्याम चौधरी, नरेश कुमार शाही, झपत बहादुर सौद, शेर बहादुर भण्डारी, प्रमुख सचिव सुदूर पश्चिम प्रांत डॉ. कमल प्रसाद पोखरेल शर्मा, सचिव सूरत कुमार बम, राजनीतिक सलाहकार डॉ. जितेन्द्र उपाध्याय मौजूद थे। उत्तराखंड सरकार से प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु और सचिव विनोद कुमार सुमन इस दौरान मौजूद थे।

ईको टूरिज्म की गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाएंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में ईको टूरिज्म के क्षेत्र में और संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अधिकतम भू-भाग वन क्षेत्र हैं, जो प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में सक्षम है। उन्होंने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही इसमें सामुदायिक सहभागिता बढ़ाए जाने की भी बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी गतिविधियों को निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके, इसके लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और योजनाओं के कैलेंडर के अनुसार संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति से बिना छेड़-छाड़ किए छोटे-छोटे प्रयासों से पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि फॉरेस्ट वॉकिंग, नेचर ट्रेल जैसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। कहा कि पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम में तैयार किया जाए, ताकि देश विदेश से सभी प्रकार की अनुमतियां एक बार आवेदन से प्राप्त हो सकें। उन्होंने वन विभाग को कैंपिंग साइट्स भी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।

फॉरेस्ट से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए एकीकृत वेबसाइट की जाए तैयार

मुख्य सचिव ने पर्यटकों की संख्या एवं राजस्व के लक्ष्यों को बड़ा रखने के निर्देश दिए। कहा कि आने वाले समय में योजनाएं लक्ष्यों के अनुरूप बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अलग-अलग प्रभागों में अलग-अलग संचालित हो रही पर्यटन गतिविधियों अथवा योजनाओं के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स के बजाय एक एकीकृत वेबसाइट तैयार की जाए, ताकि पर्यटकों को एक ही जगह पर सभी पर्यटन गतिविधियों की सम्पूर्ण जानकारी मिल सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) बी. पी. गुप्ता एवं प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्र, मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2025 का भी शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है। श्री पुष्कर सिंह धामी यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। इस अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार आज सुबह मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाट खुलने के अवसर पर देश विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन किये तथा गंगा और यमुना में स्नान कर पुण्य अर्जित किया।

गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोहों में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉ गंगा एवं यमुना के मंदिरों में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की। धामी ने दोनों धामों में पहुंची लोक देवताओं की डोलियों से भी आशीष प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। उत्तराखण्ड के चार धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं और इन धामों की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त करने की आकांक्षा हर श्रद्धालु के मन में रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए राज्य में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगमता को ध्यान में रखते सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि देवो भवः की परंपरा के अनुसार हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से दिव्य धामों के शुभाशीष के साथ ही यात्रा का सुखद अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के आयोजन के लिए सभी लोगों से सहयोग की अपील भी की है।

गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, किशोर भट्ट, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, आदि मौजूद थे। यमुनोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी एस.एल सेमवाल, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष संजीव उनियाल, सचिव सुनील उनियाल भी मौजूद थे।

उत्तराखंड में जम्मू के वि़द्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सीएम से मिले कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने मुलाक़ात की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में अध्ययनरत जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों की सुरक्षा के संबंध में चर्चा करते हुए जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा को आश्वस्त किया कि यहां पढ़ रहे सभी छात्र पूर्णतः सुरक्षित हैं और राज्य सरकार हर स्तर पर उनके सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री से उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के बीच समन्वय को और सशक्त बनाने को लेकर भी चर्चा की।

सीएम ने यंग उत्तराखंड के सदस्यों को दी बधाई, गुलाबी शरारा के 300 मिलियन व्यूज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में यंग उत्तराखंड के सदस्यों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने गुलाबी शरारा गीत की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों ने प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हमारी लोक संस्कृति को बढ़ाने का कार्य किया है। गुलाबी शरारा गीत के 300 मिलियन से अधिक व्यूज ने यह सिद्ध कर दिया है कि राज्य के युवा प्रतिभा सम्पन्न है। अपने गीत और संगीत के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर यंग उत्तराखंड से जितेन्द्र सिंह रावत, गिरीश सिंह जीना, वरुण रावत, राकेश जोशी, नीरू बोरा, अंकित कुमार, अशीम मंगोली, रणजीत सिंह भंडारी और सौरभ सेमवाल मौजूद थे।

नेशनल गेम्सः छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक लाइन में, अन्य राज्यों से भी रजिस्ट्रेशन

38 वें नेशनल गेम्स की तेज होती तैयारियों के बीच वॉलंटियर बनने का जबरदस्त क्रेज है। कॉलेजों के छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक वॉलंटियर बनने के लिए लाइन में हैं। यही नहीं, उत्तराखंड से बाहर के अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दस हजार तक पहुंचने वाला है। हालांकि विभाग की आवश्यकता दो से ढाई हजार वॉलंटियर्स की है। नेशनल गेम्स के शुभंकर समेत अन्य प्रतीकों की लॉंचिंग के बाद रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है।

नेशनल गेम्स सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार नेशनल गेम्स जैसे बडे़ आयोजन के लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। वॉलंटियर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल गतिमान है। वॉलंटियर नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाएंगे। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि कई रिटायर्ड अफसरों ने भी वॉलंटियर बनने की इच्छा प्रकट करते हुए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं।

इस तरह बन सकेंगे नेशनल गेम्स वॉलंटियर
यदि आप नेशनल गेम्स में वॉलंटियर बतौर अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आप खेल विभाग की वेबसाइट 38दहना-पद पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह जरूरी है कि आपकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपके स्तर पर दी गई जानकारी के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आपको श्रेणियों के दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से एक खेल पृष्ठभूमि को इंगित करता विकल्प होगा, जबकि दूसरा विकल्प सामान्य होगा।

वॉलंटियर बनें या ना बनें, मिलेगा सर्टिफिकेट
नेशनल गेम्स के वॉलंटियर के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप विभाग से एक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के अधिकारी हो जाएंगे। यह ई-सर्टिकिकेट होगा, जो कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर एक को दिया जाएगा। वॉलंटियर बतौर चयनित हो जाने वालों को नेशनल गेम्स 2025 का सर्टिफिकेट अलग से मिलेगा। चयनित वॉलटियर को विभाग के स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, उन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। स्पोर्ट्स इवेन्ट से लेकर पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने से लेकर अन्य तमाम व्यवस्थाओं में वॉलंटियर सहयोग करेंगे।

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध
नेशनल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2024 तय की गई है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तिथि विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है। खेल विभाग ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। खेल विभाग जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक वॉलंटियर के चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहता है, ताकि उसी हिसाब से प्रशिक्षण व तैनाती संबंधी कार्य फाइनल किए जा सकें।

नेशनल गेम्स का आयोजन किसी विभाग का नही, बल्कि ये पूरे उत्तराखंड का है। सभी के सहयोग से उत्तराखंड नेशनल गेम्स का भव्य आयोजन करेगा। मैं सभी से ये आह्वान करता हूं कि इस महा आयोजन के साथ वह किसी न किसी रूप में अवश्य जुड़े। नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलना हमारा सौभाग्य है।

राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाएः सीएम


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि कानून-व्यवस्था का सख्ती से पालन करवाया जाए। राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जो भी बाहरी व्यक्ति राज्य में जमीन खरीदने के लिए आ रहे हैं, वे किस उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं? आपराधिक विवरण के साथ ही भूमि क्रय करने का उद्देश्य भी बताना पड़ेगा। इसका उनसे निर्धारित प्रारूप पर घोषणा पत्र भरवाया जाए। बाहरी लोगों के जमीन खरीदने से पहले इसकी भी सघनता से जांच करवाई जाए कि उन पर कहीं कोई आपराधिक मामला न चल रहा हो, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला पाया जाता है, तो प्रारूप पर उसका स्पष्ट उल्लेख हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वनाग्नि, पेयजल, और बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित बैठक कर समीक्षा की जाए। आगे इस तरह की समस्याएं न हों, इसके लिए जो भी प्रभावी उपाय किये जाने हैं, जल्द किये जाएं। कार्यों में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा प्रबंधन और आगामी कांवड़ के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि शासन के वरिष्ठ अधिकारी नियमित सभी जिलाधिकारियों के संपर्क में रहें, जनपदों से किसी भी प्रकार की सहायता के अनुरोध पर उनका यथाशीघ्र समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की धनराशि लाभार्थी को डी.बी.टी के माध्यम से जल्द मिले। वित्त विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसकी त्वरित कार्यवाही करे। जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए। जल संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। इसे जन अभियान से जोड़ा जाए। वर्षा जल संचय पर भी विशेष ध्यान देने के साथ ही इसके लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल उपस्थित थे।