सीएम योगी और धामी ने आईजीएल की वार्षिक पुस्तिका का विमोचन किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर का नव निर्माण, सौंदर्यीकरण कार्य एंव ग्राम पंचुर बारात घर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ संवाद किया एवं विद्यालय का अवलोकन भी किया। इस दौरान आईजीएल (इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड) की वार्षिक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने राजकीय जूनियर हाई स्कूल कांडी व राजकीय प्राथमिक विद्यालय विथ्याणी में भी जाकर विद्यालय का लोकार्पण किया और स्कूल के बच्चों के साथ बातचीत कर विद्यालय का अवलोकन भी किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर में 5वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उन्होंने कहा अपने विद्यालय में आकर उन्हें अपार प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। विद्यालय अब एक नए स्वरूप और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर दिख रहा है। पिछले एक वर्ष में यहां कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गई हैं, जो सराहनीय हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई और धन्यवाद दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएल (इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड) द्वारा स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक लैब, वॉशरूम और वर्चुअल क्लास जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। पहले इतने संसाधन उपलब्ध नहीं थे, लेकिन आज टेक्नोलॉजी के प्रभावी उपयोग से शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। यदि सरकार के पास स्पष्ट विजन हो और समाज उसमें सक्रिय भागीदारी करे, तो किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले सीमित संसाधनों के बावजूद, गुरुजनों ने अनुशासन और समर्पण से उत्कृष्ट कार्य किए हैं। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल सभाएं, खेल-कूद प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, जिनका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण पर पड़ता था। उस समय के विद्यार्थी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़े और सफल हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज सरकार के साथ निजी संस्थाएं भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग कर रही हैं और क्षेत्र के विद्यालयों के विकास में योगदान दे रही हैं। सरकार और समाज मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है। अब शिक्षकों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे इन संसाधनों का सदुपयोग कर बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने कहा पहले शिक्षक के हाथ में छड़ी होती थी, लेकिन अभिभावक कभी नाराज नहीं होते थे, क्योंकि वे जानते थे कि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं। शिक्षक न केवल विद्यार्थियों के घर तक पहुंचते थे, बल्कि उन्हें देश और दुनिया की नवीनतम घटनाओं से भी अवगत करवाते थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं होती, बल्कि इसमें समाज की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जब समाज शिक्षा को प्राथमिकता देगा और उसमें योगदान देगा, तभी बेहतर और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा सकेगी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री योगी इसी देवभूमि उत्तराखंड से हैं। समस्त उत्तराखंड की जनता उनके प्रति अपार स्नेह और सम्मान रखती है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री योगी ने इस विद्यालय में कक्षा 5 तक की शिक्षा ग्रहण की थी। कोई भी जन्म से महान नहीं होता, बल्कि पुरुषार्थ और दृढ़ निश्चय से महानता प्राप्त करता है। मुख्यमंत्री योगी का जीवन इसका सशक्त प्रमाण है कि संकल्प और परिश्रम से आगे बढ़ा जा सकता है। संकल्प में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद आज देश के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य के मुख्यमंत्री हैं। संपूर्ण विश्व उन्हें एक कर्मयोगी के रूप में पहचानता है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश एक उत्कृष्ट राज्य बन चुका है। प्रदेश में सड़कों और बुनियादी ढांचे का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर है। राज्य में बेरोज़गारी दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में गुणवत्ता परक शिक्षा की दिशा में अनेक प्रयास किए गए हैं। प्रदेश के स्कूलों में आधुनिक लैब सुविधाएं, वर्चुअल क्लासरूम, वॉशरूम, लाइब्रेरी सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री योगी से प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित किए जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर कार्य कर रही है, और अच्छी व गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के संकल्प को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं और निष्ठा व समर्पण के साथ अध्ययन करें। जब बच्चे खूब पढ़ेंगे और आगे बढ़ेंगे, तो उत्तराखंड और देश का नाम रोशन होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षक रहे राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ बचपन से ही पढ़ाई और हर क्षेत्र में बहुत ही होनहार थे। उन्होंने अपने गुरुजी के मार्गदर्शन में शिक्षा ग्रहण की और हमेशा उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहे। योगी आदित्यनाथ की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और परिश्रम ही उनकी सफलता की कुंजी है। उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली ने हमेशा प्रेरणा दी है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, हरिद्वार सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, विधायक रेनू बिष्ट, आईजीएल प्रवर निदेशक उमाशंकर भारतिया, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत उपस्थित थे।

सीएम ने नेशनल गेम्स की तैयारियों की जानकारी लेकर खिलाड़ियों को परोसा भोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून आते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को भोजन परोसा और खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे अनेक राज्यों खिलाड़ियों से बात कर उनका हौंसला भी बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने शूटिंग रेंज का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की अच्छी शुरुआत हुई है राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल का अनुभव राज्य के लिए काफी कारगर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य के खिलाड़ियों को वहां के खानपान के हिसाब से भोजन व्यवस्था देने के प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री राष्ट्रीय खेल की हर पल अपडेट अधिकारियों से ले रहें हैं और स्वयं विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह मौजूद थे।

सीएम ने 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र किए वितरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कुल 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने 352 स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला ए.एन.एम) एवं उत्तराखण्ड वन विकास निगम के 178 स्केलर के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन पूरे भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। ऐसे शुभ दिन सभी लोगों को नियुक्ति पत्र देना हमारे लिए भी सम्मान की बात है। नियुक्ति पा रहे सभी लोगों के जीवन का आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा सभी की नियुक्तियों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी गति मिलेगी। एएनएम बहनें हमारी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत आधार स्तंभ हैं, जो समाज के प्रत्येक परिवार और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक सेतु का कार्य करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए यह कालखंड रोजगार का कालखंड रहा है। उन्होंने कहा पहले उत्तराखंड में भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। राज्य सरकार ने योग्य उम्मीदवारों और प्रतिभाओं का भविष्य बचाने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है ।हमारा राज्य युवाओं को रोजगार देने में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, हमने एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई एएनएम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बल मिलेगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाते हुए राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिसके माध्यम से, अब तक प्रदेश के 11 लाख से अधिक मरीजों को लगभग 2100 करोड़ रुपए का कैशलेस उपचार मिल चुका है। हम राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रहे हैं ताकि हमारे सुदूरवर्ती और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा वन विभाग में स्केलर के 178 पदों के लिए भी नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहे हैं। स्केलर की जिम्मेदारी वनों की देखभाल के साथ राज्य के पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता की सुरक्षा भी है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, वन मंत्री सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उपाध्यक्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुरेश भट्ट, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक धनजंय मोहन, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार एंव अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने दिया सावणी गांव में आग से प्रभावितों को तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने का आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक के सावणी गांव में लगी आग से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने का आदेश दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री, भोजन, कपड़े और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए।

प्राप्त सूचना के अनुसार सावणी गांव में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, फायर सर्विस नौगांव, राजस्व, वन विभाग, की टीम सहित उपजिलाधिकारी पुरोला गोपाल सिंह चौहान और तहसीलदार मोरी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

आन बान शान का प्रतीक तिरंगा सीएम ने फहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संविधान की उद्देशिका की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के लिए हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

गणतंत्र दिवसः सूचना विभाग उत्तराखंड की झांकी ने प्राप्त किया प्रथम स्थान

76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में 38वें राष्ट्रीय खेल पर आधारित सूचना विभाग की झांकी को प्रथम स्थान मिला। इस झांकी में उत्तराखंड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल की विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल मलखंब को प्रदर्शित किया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना विभाग की झांकी को प्रथम स्थान मिलने पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी को पुरस्कार प्रदान किया।

स्वतंत्र भारत में पहली बार उत्तराखंड 27 को लागू करने जा रहा यूसीसी

राज्य में 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी, जिससे उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बनेगा जहां यह कानून प्रभावी होगा। यूसीसी लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें अधिनियम की नियमावली को मंजूरी और संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल है। यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और दायित्व सुनिश्चित होंगे। समान नागरिक संहिता प्रधानमंत्री द्वारा देश को विकसित, संगठित, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे महान यज्ञ में हमारे प्रदेश द्वारा अर्पित की गई एक आहुति मात्र है। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जाति, धर्म, क्षेत्र व लिंग के आधार पर भेद करने वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से संबंधित सभी कानूनों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है’’

– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार।

नेशनल गेम्सः वेलकम किट में सेनेटरी नैपकिन और महिला स्वास्थ्य से जुड़ा अन्य सामान भी मिलेगा

उत्तराखंड में पहली बार होने जा रहे राष्ट्रीय खेल महिला स्वास्थ्य का प्रभावी संदेश भी देंगे। इसके लिए राष्ट्रीय खेल सचिवालय ने अनूठी पहल की है। इसमें महिला खिलाड़ियों को दिए जाने वाले वेलकम किट में पीसेफ सेनेटरी पैड के साथ ही सेनिटाइजर, बायोडिग्रेडबल टैम्पोन आदि सामान उपलब्ध कराया जाएगा। खेल विभाग का इस संबंध में रेडक्लिफ हाइजीन प्राइवेट लिमिटेड (आरएचपीएल) के साथ करार हुआ है।

आरएचपीएल कंपनी ने पीसेफ ब्रांड के दस हजार सेनेटरी नैपकिन के पैकेट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इनमें से 5300 पैकेट महिला खिलाड़ियों के लिए होंगे। आयोजन स्थल पर कंपनी का स्टॉल भी लगेगा। बाकी पैकेट इन स्टालों में उपलब्ध रहेंगे और जरूरत के हिसाब से महिला मेहमानों को उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके अलावा, 5300 यूनिट पेक सेफ टायलट सीट सेनिटाइजर 25 मिली लीटर मात्रा में उपलब्ध कराया जाएगा। 600 यूनिट पीसेफ बायोडिग्रेडबल टैम्पोन भी वेलकम किट का हिस्सा रहेगा।

महिला स्वास्थ्य पर आयोजित होगा सत्र

खेल विभाग के साथ हुए करार में आयोजन के दौरान एक सत्र भी प्रस्तावित किया गया है, जिसमें महिला स्वास्थ्य से जुडे़ विषय पर चर्चा होगी। कंपनी के स्टॉल पर दो वॉलंटियर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। महिला वॉलंटियर को प्राथमिकता दी जाएगी।
————————————-
38 वें राष्ट्रीय खेल महत्वपूर्ण विषयों पर संदेश देने का प्रभावी माध्यम भी साबित हों, ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों की तैयारी इस तरह से डिजाइन की गई है कि खेलों का उत्कृष्ट प्रदर्शन तो देखने को मिले ही, अच्छे संदेश भी पूरे देश तक प्रसारित हों।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

नेशनल गेम्स की तैयारियों को लेकर सीएम ने की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 जनवरी 2025 से उत्तराखण्ड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शनिवार को महाराणा प्रताप स्टेडियम देहरादून का स्थलीय निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि खिलाड़ियों और आगन्तुकों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाय। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ अवसर पर जनपद और ब्लॉक स्तर पर एलईडी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोग लाइव प्रसारण सुगमता से देख सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर अलग छवि बनाने का यह सुनहरा अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास राज्य में खेलों को बढ़ावा देने यह अच्छा अवसर है। इससे युवाओं का खेलों के प्रति रूझान बढ़ेगा और खेल इन्फ्रास्टक्चर के विकास से राज्य में आगे भी अनेक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो सकेगा। 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड की ओर से खेलने वाले खिलाड़ियों को पदक जीतने पर मिलने वाली पुरस्कार राशि के बराबर धनराशि राज्य सरकार भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में होने वाले राष्ट्रीय खेल को भव्य बनाने के लिए जनभागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के अवसर पर जन सहभागिता से प्रदेशभर में दीपोत्सव और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल के दृष्टिगत राज्य के सभी खेल स्थलों के आस-पास आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और आगन्तुकों के लिए आवागमन, ठहरने, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के दृष्टिगत पुलिस और प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल के शुभारंभ के अवसर पर लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो पुलिस द्वारा रूट प्लान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए। पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अति सिन्हा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, ए.पी. अंशुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, निदेशक खेल प्रशांत आर्य और एसएसपी देहरादून अजय सिंह उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड पवेलियन में राज्य की प्रदर्शन के अलावा कला-संस्कृति एवं विशिष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा की है व्यवस्था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों एवं मार्गदर्शन में प्रयागराज में गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर 144 वर्षों बाद 13 जनवरी, 2025 से 26 फरवरी, 2025 तक आयोजित हो रहे महाकुम्भ-2025 में भव्य उत्तराखण्ड पवेलियन स्थापित किया गया है। यह आयोजन मात्र एक मेले का आयोजन न होकर भारत एवं विश्व की विभिन्न संस्कृतियों के मिलन का उत्सव है, जिसमें देश एवं विदेश के बहुभाषी तीर्थ यात्री अपने आध्यात्मिक शुद्धि के लिए एकत्रित होते हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड पवेलियन में राज्य के तीर्थ यात्रियों को आवासीय सुविधा एवं स्थानीय भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था के साथ पवेलियन में उत्कृष्ट टेंट सिटी का भी निर्माण किया गया है। उत्तराखण्ड पवेलियन में प्रतिदिन दस हजार से पन्द्रह हजार तीर्थ यात्रियों द्वारा भ्रमण किया जा रहा हैै। तीर्थ यात्रियों के मध्य देवभूमि उत्तराखण्ड के दिव्य मंदिरों के दर्शन एवं फोटोग्राफी के साथ ही राज्य के पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल एवं समृद्ध लोक संस्कृति की प्रस्तुति सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत की जा रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि 2026 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के आयोजन व्यवस्थाओं के लिए भी इससे मदद मिलेगी तथा उत्तराखण्ड पवेलियन महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।

इस संबंध में आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, के मार्गदर्शन में मंडपम में उत्तराखण्ड राज्य के देवभूमि स्वरूप के प्रदर्शन के साथ ही राज्य की कला-संस्कृति एवं विशिष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा बिक्री की भी व्यवस्था की गयी है। इसके अंतर्गत उत्तराखण्ड का अंतर्राष्ट्रीय ब्राण्ड ’हाउस ऑफ हिमालया’, उत्तराखण्ड का हथकरघा एवं हस्तशिल्प ब्राण्ड ’हिमाद्री’, राज्य के खादी एवं बांस तथा अन्य फाईबर उत्पाद, राज्य के पर्यटन स्थलों तथा आयुर्वेदिक एवं योग चिकित्सा को प्रदर्शित किया गया है। मंडपम में संस्कृति विभाग द्वारा राज्य की कला एवं संस्कृति से परिपूर्ण सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाता है। जिसके प्रति भी लोगों में और अधिक आकर्षण देखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड मंडपम में प्रवेश द्वार के रूप में केदारनाथ द्वार एवं निकास द्वार के रूप में बद्रीनाथ द्वार निर्मित किया गया है। मंडपम के अंदर प्रवेश करने पर चारधाम- यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ जी की दिव्य एवं भव्य प्रतिकृतियों के दर्शन होते हैं, इसके साथ ही हर की पैड़ी, हरिद्वार तथा गंगा की अविरल एवं पावन धारा के भी दर्शन होते हैं। मंडपम में दूसरी ओर माननीय मुख्यमंत्री की परिकल्पनाओं के अनुरूप शीतकालीन चारधाम तथा मानसखण्ड मंदिर माला के अंतर्गत श्री जागेश्वर धाम, श्री गोल्ज्यू देवता तथा नीम करोली बाबा की दिव्य प्रतिकृतियों को प्रदर्शित किया गया है।

आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग ने बताया कि उद्योग विभाग उत्तराखण्ड द्वारा प्रयागराज महाकुम्भ क्षेत्रान्तर्गत सेक्टर-7, कैलाशपुरी मार्ग पर 40000 वर्गफीट क्षेत्रफल में देवभूमि की दिव्यता को प्रदर्षित करता भव्य उत्तराखण्ड पवेलियन स्थापित किया गया है। यह पवेलियन सिविल लाईन प्रयागराज बस स्टैंड से 06 किमी, प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन से 08 किमी तथा प्रयागराज एयरपोर्ट से मात्र 15 किमी की दूरी पर स्थापित है। पवेलियन से नजदीकी गंगा घाट मात्र 800 मीटर दूरी पर तथा पवित्र संगम लगभग 05 किमी दूरी पर स्थित है।