एमडीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माणों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई के दिए निर्देश

प्रदेश में तेजी से फैल रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ अब सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण, अवैध कब्जा या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सख्त समीक्षा बैठक की।

बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सेक्टर्स वाइज सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को तत्काल चिन्हित करें और त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्राधिकरण का कोई अधिकारी लापरवाही करता पाया गया तो उसकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कई निर्णायक फैसले लिए गए और साफ कहा गया कि अब कार्रवाई से ही व्यवस्था सुधरेगी।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं-

’अवैध निर्माणों पर रोक के लिए सचल दस्ता गठित’
एमडीडीए द्वारा अब सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सचल दस्ते गठित किए जाएंगे, जो विभिन्न सेक्टरों में सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर निगरानी रखेंगे। हर क्षेत्र में दस्ते नियमित रूप से गश्त करेंगे और किसी भी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देंगे।

’सरकारी भूमि पर अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई’
जहां कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण होता पाया गया, उस पर सीलिंग/ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तत्काल की जाएगी।

’संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में विशेष निगरानी’
गंगा नदी के किनारे, आईएमए, डीआरडीओ जैसे सुरक्षा महत्व के क्षेत्रों, और हाईटेंशन लाइन के नीचे हो रहे निर्माणों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

’व्यवसायिक भवनों में वाटर कन्जरवेशन अनिवार्य’
नवनिर्मित और पूर्व निर्मित व्यवसायिक इमारतों में वाटर कंजर्वेशन सिस्टम की जांच की जाएगी। जहां यह व्यवस्था नहीं मिलेगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

’अवैध प्लॉटिंग पर जनता को किया जाएगा जागरूक’
जिन सरकारी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग की गई है, वहां क्रय-विक्रय न हो इसके लिए आम जनता को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अभियान में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी और फील्ड स्तर पर निरंतर निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था की जाए। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन व्यवस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहां कानून का राज और जनहित सर्वाेपरि है।

प्रदेश के स्कूलों को जोड़कर सरकार नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान पर बना रही व्यापक नेटवर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा सके और समाज में दीर्घकालिक बदलाव की नींव रखी जा सके। सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से प्रदेशभर में स्कूली छात्रों को केंद्र में रखकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा स्पष्ट है हम एक ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहते हैं, जहाँ युवा पीढ़ी नशे से मुक्त, जागरूक और सशक्त हो। स्कूली छात्रों को केंद्र में रखकर शुरू किया गया यह जागरूकता अभियान इस दिशा में एक मजबूत कदम है।

इंडियन अकैडमी स्कूल में छात्रों के लिए विशेष व्याख्यान सत्र
इसी क्रम में आज देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित इंडियन अकैडमी पब्लिक स्कूल में विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखंड के सहायक निदेशक डॉ. पंकज सिंह ने छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों, लत लगने के जोखिमों तथा इससे बचाव के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था एक संवेदनशील दौर होता है और इस उम्र में नशे की ओर झुकाव जल्दी होता है। ऐसे में छात्रों को समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है। डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर भी गंभीर असर डालती है।

छात्रों से ह्यूमन चेन बनाने का आग्रह
डॉ. पंकज सिंह ने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस जानकारी को अपने मित्रों, परिवारजनों और समुदाय के अन्य लोगों तक भी पहुचाएं, ताकि यह एक “ह्यूमन चेन” की तरह समाज में सकारात्मक संदेश फैला सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर एक नशामुक्त उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करना है।

विद्यालय की भूमिका और छात्रों की सहभागिता
इस कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय की निदेशक मुनेन्द्र खंडूरी की अहम भूमिका रही। प्रधानाचार्य नीलम शर्मा ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी की पहल से अब ज़मीनी बदलाव दिखाई देने लगे हैं। यदि स्कूलों से यह मुहिम शुरू होती है, तो इसका प्रभाव हर घर तक पहुंचेगा। हमारे छात्र ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं।

छात्रों की प्रतिक्रियाएं
शिव थपलियाल (छात्र) ने कहा इस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल सराहनीय है। हमें नशे से दूर रहना चाहिए ताकि भविष्य सुरक्षित रह सके।

नियती उनियाल (छात्रा) ने कहा इस कार्यशाला से बहुत महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं। हमें इस अभियान से जुड़कर अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

युवा पीढ़ी नशे से मुक्त, जागरूक और सशक्त हो
सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस अवसर पर कहा हमारा प्रयास रहेगा कि यह मुहिम हर जिले, हर विद्यालय तक पहुंचे और एक जनांदोलन का रूप ले। उन्होंने आगे कहा इस अभियान में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता से ही दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों में संवेदनशीलता एवं आत्मबल बढ़ाने वाले संवादों को प्रोत्साहित करें।

राज्य सरकार एक जनपद, दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा दे रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डांडा नूरीवाला सहस्रधारा रोड, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹58.32 करोड़ लागत से बनने वाले ग्राम्य विकास भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण विकास विभाग के एकीकृत भवन के शिलान्यास पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भवन ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि लगभग 58 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस भवन में विभाग की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाएं एक ही परिसर में संचालित होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक जनपद, दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के साथ हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से अपने पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है। उन्होंने बताया कि विश्व के प्रमुख देशों में भी राज्य के उत्पादों के निर्यात की योजना पर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक 25 करोड़ रुपये के कारोबार को प्राप्त करना है, जिससे राज्य के हज़ारों युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। होम स्टे योजना के माध्यम से राज्य के दूरस्थ गांव भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। लखपति दीदी योजना से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर योजना द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित किया है। उन्होंने बताया कि राज्य को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए देश की पहली योग नीति शुरू की गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों – जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी – को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण विकास क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सारकोट गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए गोद लिया था, जिसमें राज्य सरकार सफल हुई है। सारकोट के लोग पशुपालन, मशरूम उत्पादन, होम स्टे, मिलेट उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के परिणामों में राज्य की सबसे युवा प्रतिनिधि के रूप में सारकोट की 21 वर्षीय प्रियंका नेगी प्रधान चुनी गई हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही वे प्रियंका नेगी को आमंत्रित करेंगे और सारकोट सहित प्रदेश के अन्य गांवों के विकास के संबंध में चर्चा करेंगे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही जल्द इस भवन का लोकार्पण भी कर लिया जाएगा। यह भवन पहाड़ी शैली में बन रहा है। साथ ही इस नए भवन में सौर ऊर्जा की संपूर्ण व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना में अब तक राज्य में 1 लाख 65 हजार लखपति दीदी बनाई गई हैं। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना अंतर्गत 30,678 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें से करीब 19,600 लोगों को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव राधिका झा, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, अनुराधा पाल, झरना कमठान एवं ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के समाधान को उच्च शिक्षण संस्थानों को कारगर प्रयास करने होंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम में ‘सस्टेनेबल वेलनेस ऑफ स्टूडेंट्सः अ कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी इन हायर एजुकेशन‘ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के मनोविज्ञान का ध्यान रखते हुए विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के समाधान की दिशा में विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं को कारगर प्रयास करना होगा। इस दिशा में पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने पुस्तक का हिन्दी संस्करण भी तैयार किए जाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य में सबसे पहले नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने तथा उनके कौशल विकास के साथ ही छात्रों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को ज्ञान के केन्द्र के साथ ही छात्रों के कल्याण के केन्द्र के रूप में भी विकसित करना होगा।

निदेशक उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड प्रो. कमल किशोर पांडे, कुमाऊं विश्वविद्यालय की डीएसबी परिसर की गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. लता पांडे तथा सेंटर फॉर पालिसी रिसर्च नई दिल्ली के निदेशक डा. रामानंद द्वारा संयुक्त रूप संपादित सस्टेनेबल वेलनेस ऑफ स्टूडेंट्सः अ कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी इन हायर एजुकेशन‘ पुस्तक में उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं और इससे जुड़े हितधारकों की भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेंद्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, डॉ. के डी पुरोहित मौजूद थे।

परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर की गई डेढ़ करोड़ः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान चमोली जिले के कालेश्वर में ई.सी.एच.एस एवं सैनिक विश्राम गृह का निर्माण किए जाने एवं नैनीताल में सैनिक विश्राम गृह बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा। जिसमें 50 प्रतिशत सिविलियन भी होंगे। उपनल के माध्यम से राज्य के 22500 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। जिनकी विनियमितीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कारगिल की घाटियों, पहाड़ों और हवाओं में भारत के जवानों का दुश्मन के खिलाफ किया गया युद्ध, आज भी उसी वेग से गूंज रहा है। कारगिल युद्ध के दौरान भारत के शूरवीरों ने अदम्य साहस, उत्कृष्ट रणनीति, अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कारगिल युद्ध में वीर भूमि उत्तराखंड के 75 जवान शहीद हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीकों और हथियारों से लैस किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से मात्र चार दिनों में पाकिस्तान को घुटनों के बल पर लाकर खड़ा कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मनों को साफ संदेश दिया कि भारत की बहन-बेटियों के सिंदूर उजाड़ने वालों का नामो निशान मिटा दिए जाते हैं। हमारी सेना दुश्मन की गोली का जवाब गोलों से देती है। उन्होंने कहा यह नया भारत है जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वन रैंक-वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि एवं बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने से संबंधित कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए, परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी वृद्धि की है। परमवीर चक्र की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीदों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा रहा है और इसके लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए परिवहन निगम की बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए तक की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाएं बहुत मजबूत हुई हैं। कारगिल युद्ध में सैकड़ों जवान शहीद हुए, जिसमें हमारे राज्य के 75 जवान शहीद हुए थे, जिसमें से 31 शहीद जवान देहरादून क्षेत्र के थे। उन्होंने कहा उत्तराखंड प्रदेश के अब तक 1831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 1528 जवानों को वीरता पुरस्कार मिला है। 344 विशिष्ट सेवा पदक हमारे उत्तराखंड के वीर जवानों को मिले हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा शहीद जवानों के परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है। जिसके माध्यम से अब तक 37 लोगों को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी विनोद उनियाल, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल (से.नि), एमडी उपनल ब्रिगेडियर जे.एस.बिष्ट, (से.नि), ब्रिगेडियर के.जी बहल, (से.नि), जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह अन्य सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिवारजन उपस्थित थे।

जिला प्रशासन का एक्शन, कैंब्रियन हॉल स्कूल को जारी करनी पडा, कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस

मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से कैंब्रियन हॉल स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है। स्कूल ने मनमाने तरीके से 10 प्रतिशत फीस वृद्वि को 05 प्रतिशत कम कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कडा एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा, दसियों व्यथित अभिभावक झंुड ने जब लगाई डीएम से गुहार, बस तभी से कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया है। अब निजी नामी कैब्रियन स्कूल पर प्रशासन ने शिंकजा कस दिया है। मा0 सीएम की डीएम को सख्त हिदायत है कि शिक्षा का मंदिर नहीं बनेगा व्यवसाय का अड्डा, जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों के पेंच कस दिए है। तमीज, आग्रह, उदबोधन से नही आए बाज; तो जनहित लागू करवाना प्रशासन जानता है। मई में स्कूलों को जारी आदेश की अवहेलना, शिकायत पर डीएम का सख्त प्रवर्तन एक्शन, स्कूल से ही 5 प्रतिशत् पर खिंचवाई फीस की लकीर। जिले के नामी गिरामी स्कूल को करनी पड़ी फीस कम, अभिभावकों से अब तक वसूली गई अधिक फीस अब आगे घटाते हुए समायोजित करेगें दी लिखित अण्डरटेकिंग दी है। मा0 सीएम के निर्देश, शिकायत पर जिला प्रशासन ने विगत मई में ही कई निजी स्कूलों की कुंडली खंगाली है। जिला प्रशासन का एक्शन, स्कूल को जारी करनी पड़ा कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस का पत्र। स्कूल पर जिला प्रशासन का सख्त प्रवर्तन एक्शन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिल गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सबका अधिकार, अभिभावकों और बच्चों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिली तो मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
दरअसल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में मोनिका राणा एवं अन्य अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की थी कि जिला प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद भी कैम्ब्रियन स्कूल द्वारा फीस कम नही की गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई गई है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित जिला प्रशासन की कोर टीम को प्रकरण की जांच करने और कैम्ब्रियन स्कूल की सीबीएससी संबद्वता हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत एनओसी रद्व करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त प्रवर्तन एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कैम्ब्रियन स्कूल को नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रिसिंपल को तलब किया और फीस स्ट्रक्चर की जांच के दौरान 30 मई को दिए गए आदेशों का अनुपालन करने की कडी हिदायत दी गई। मानक से अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त हिदायत के बाद निजी स्कूल बैकफुट पर आया। 
स्कूल प्रशासन ने मनमाने तरीके से बढ़ाई 10 प्रतिशत फीस को 05 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने 18 जुलाई को अभिभावकों को एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से वसूल किए गए अधिक शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में घटाते हुए समायोजित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक जिन्होंने अभी तक फीस जमा नही की है, उन पर कोई बिलंब शुल्क भी नही लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र जिनका कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं है, उनसे कंप्यूटर फीस नही ली जाएगी। अभिभावक किसी भी बुक सेलर दुकान से किताबें और ड्रेस खरीद करने के लिए स्वतंत्र है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहीं से भी शिकायत प्राप्त हुई, तो इस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त की जाएगी। कहा कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की स्कूलों पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।  

विधवा के घर को बीमा कंपनी ने किया जब्त, डीएम ने संज्ञान लेकर कंपनी की सील

बैंकिंग संस्थाएं और नान बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) ऋण की वसूली के लिए नियम कायदों के साथ ही मानवता को भी तार-तार कर रही हैं। ऋण का बीमा होने के बाद भी ऋण लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाने की दशा में बीमा से उसकी भरपाई नहीं की जा रही। बल्कि, ऋण लेने वाले व्यक्तियों का उत्पीड़न उपद्रवी और अपराधी प्रकृति के एजेंटों के माध्यम से कराया जा रहा है।

ऐसी ही एक मामले में फाइनेंस कंपनी सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड ने पति की मौत के बाद उनकी पत्नी से न सिर्फ जबरन ऋण की वसूली की, बल्कि घर भी जब्त कर लिया। हालांकि, जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कृत्य को नाकाबिले बर्दाश्त करार देते हुए फाइनेंस कंपनी की आरसी काटने के बाद सोमवार को उसकी शाखा को सील भी करा दिया।

फाइनेंस कंपनी की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न की यह कहानी झाझरा निवासी प्रिया की है। प्रिया के पति विकास ने न्यू कैंट रोड स्थित सीएसएल फाइनेंस लि. से अप्रैल 2024 में 6.5 लाख रुपए का गृह ऋण लिया था। कंपनी के ही कहने पर ऋण का टाटा एआइ लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा भी कराया गया था। बीमा के दौरान आवश्यक शारीरिक परीक्षण भी कराए गए थे।

जुलाई 2024 में विकास की आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर प्रिया पर अपनी चार छोटी बच्चियों के परवरिश की जिम्मेदारी आ गई। खराब आर्थिक स्थिति के चलते प्रिया ने ऋण अदा करने में असमर्थता जताई। लेकिन, फाइनेंस कंपनी ने एक नहीं सुनी और ऋण की वसूली बीमा से करने की जगह एजेंटों के माध्यम से प्रिया को परेशान करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद एजेंटों ने प्रिया का घर भी जब्त कर लिया।

दर-दर भटकने के बाद 11 जुलाई को प्रिया बच्चियों के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल की जनसुनवाई में पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अगले ही दिन फाइनेंस कंपनी की आरसी काट दी गई थी। कंपनी को 18 जुलाई तक प्रिया का घर और कागजात वापस लौटकर नो ड्यूज जारी करने का आदेश दिया गया था।

इसके बाद भी फाइनेंस कंपनी ने जब कुछ नहीं किया तो प्रशासन की टीम ने सोमवार को कंपनी की शाखा को सील कर दिया। इसके साथ ही कंपनी की संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

उत्तराखंड की महिलाओं को अपमानित करने का आरोप लगा महिला ने कराया मुकदमा

एक यू-ट्यूब चैनल पर पवन सेमवाल नाम के व्यक्ति द्वारा अपनी फेसबुक आईडी से एक गीत प्रसारित/ प्रचारित किया गया था, जिसमें उसके द्वारा उत्तराखंड में महिलाओं व बेटियों की लज्जा का अनादर का प्रयास करते हुए उनके विरुद्ध अभद्र टिप्पणी की गई। अभियुक्त द्वारा पूर्व में उक्त वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया गया था, परंतु दिनांक 19/07/2025 को उक्त व्यक्ति पवन सेमवाल द्वारा पुन: उसी यूट्यूब चैनल पर अपनी फेसबुक आईडी से उक्त गाने को पुनः प्रचारित/ प्रसारित करते हुए आम जन के बीच उत्तराखंड की महिलाओं के प्रति हीनभावना को फैलाने का प्रयास किया गया, उक्त गीत से आहत होकर एक महिला द्वारा कोतवाली पटेल नगर में उक्त संबंध में दी गई तहरीर के आधार पर पवन सेमवाल के विरुद्ध मु०अ०सं०- 369/25 धारा- 196/353(1)(b)/79 भारतीय न्याय संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसमें पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त पवन सेमवाल को दिल्ली के कल्याणपुरी थाने में नियमानुसार बुलाकर उससे आवश्यक पूछताछ हेतु देहरादून लाया गया, जहां अभियुक्त से आवश्यक पूछताछ के उपरांत उसे विवेचना के अंतर्गत धारा 35(a) BNSS का नोटिस तामील कराकर थाने से सकुशल रवाना किया गया। अभियुक्त को भविष्य में विवेचना में सहयोग करने के लिए अंतर्गत धारा 35(a) BNSS कानूनी हिदायत दी गई।

विसिल ब्लोअर के इनपुट की प्रतीक्षा न करते हुए प्रोएक्टिव होकर रैंडमली छापेमारी करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ एंटी ड्रग्स कैंपेन अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने कहा कि राजधानी देहरादून में विभिन्न तकनीकी, मेडिकल और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान के तहत की जा रही एनफोर्समेंट की कार्रवाई से संतोष व्यक्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे सभी शैक्षणिक संस्थानों तथा उसके सराउंडिंग स्थित रेस्टोरेंट, ढाबों इत्यादि पर रैंडमली छापेमारी करें। ड्रग लेने के वाले व्यक्ति की सैंपलिंग करें और उनका मेडिकल भी करें।

उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को निर्देशित करने को कहा। साथ ही निर्देशित किया कि जो शैक्षणिक संस्थान एंटी ड्रग कैंपेन में लापरवाही दिखाते हैं उन पर एक्ट के अंतर्गत सख्त वैधानिक कार्रवाई करें।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ड्रग्स से संबंधित विसिल ब्लोअर्स की सूचना पर ही डिपेंड ना रहें बल्कि प्रोएक्टिव होकर औचक छापेमारी करते हुए ड्रग्स पैडलर और यूजर को धर दबोचें।

मुख्य सचिव ने सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई करने के अतिरिक्त सभी शैक्षणिक संस्थानों में सिविल सोसाइटी के सदस्यों, इस क्षेत्र में सक्रिय छळव्, महिला और युवा मंगल दलों के समन्वय से जागरूकता कैंपेन भी निर्देश दिए।

उन्होंने अवेयरनेस कैंपेन के लिए प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया का भी अधिक -से -अधिक उपयोग करने के निर्देश भी दिए।

इस दौरान बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, उप महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी देहरादून सबिन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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एमपीएसीएस को ग्रोथ सेंटर और एनआरएलएम से कनेक्ट करेंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डच्।ब्ै को ग्रोथ सेंटर और एनआरएलएम से कनेक्ट करें। जिससे लाभार्थियों को अधिक विकल्प मिले। कहा कि लोगों को सहकारिता विभाग से संबंधित सभी प्रकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही प्लेटफार्म पर मिले इसके लिए कंप्यूटरीकरण और अन्य इंप्रूवमेंट के किया जा रहे कार्यों के टारगेट को शीघ्रता से पूरा करें।

उन्होंने कहा कि संचालित योजनाओं में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही एमपीएसीएस को एपीओ के रूप में संयोजित करने हेतु नाबार्ड का सहयोग प्राप्त करें।

उन्होंने 672 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों एवं 331 राज्य/जिला सहकारी बैंक की शाखाओं के माध्यम से अल्पकालीन ऋण तथा कृषि एवं इससे जुड़े लाभार्थियों एवं स्वयं सहायता समूह को मध्यकालीन ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभाग में चल रही योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति से अवगत कराया तथा विभाग द्वारा किए जा रहे इन्नोवेटिव प्रयासों की भी जानकारी साझा की।
विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि विभाग के अधीन दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना, स्टेट मिलेटस मिशन योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, मोटर साईकिल टैक्सी इत्यादि योजना संचालित की जा रही है।

दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत योजनारम्भ (अक्टूबर 2017) से अब तक कुल 1109389 लाभार्थियों एवं 6190 स्वंय सहायता समूहों को कुल रूपये 6747.64 करोड का ऋण वितरित किया गया है।

इस वर्ष अल्पकालीन 170600 लाख एवं मध्यकालीन ऋण 44500 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि एमपैक्स के माध्यम से कृषक सदस्यों को उनकी कृषि उत्पादन बढाने हेतु 13513.467 मी0टन रासायनिक/जैविक उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत गेहूं खरीद के लिये इस वर्ष 266.3 मी0 टन का लक्ष्य है।

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के माध्यम से राज्य में संचालित राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अन्तर्गत चार क्षेत्रक सहकारिता, मत्स्य, भेड- बकरी पालन एवं डेयरी विकास के अन्तर्गत जनपदवार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

स्टेट मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ लि०, देहरादून द्वारा मिलेट्स फसलों की खरीद कर कृषकों को उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है।वित्तीय वर्ष 2024-25 में 239 क्रय केन्द्र के माध्यम से कुल 9499 कृषकों से 31716.877 कुन्तल मंडुवा (रागी) खरीदकर कुल रू0 13.59 करोड़ का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत अब तक कुल 60387 मी० टन सायलेज / पशुआहार वितरित कर 52273 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

मोटर साईकिल टैक्सी योजना के अंतर्गत सहकारी बैंकों के माध्यम से वाहन क्रय किये जाने हेतु रू० 60 हजार से 01 लाख 25 हजार तक का 02 वर्षों तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। जिसके तहत योजनारम्भ से कुल 309 लाभार्थियों को कुल रू0 386.04 लाख का ऋण वितरित किया गया है।

इस दौरान बैठक में सचिव वी वी आर सी पुरुषोत्तम, अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लोगों को पूरा लाभ मिले, इसके लिए लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण देने की प्रक्रियाओं का और सरलीकरण किया जाए। जन समस्याओं का समाधान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता हो। कृषि बीमा योजनाओं में बीमा क्लेम की प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। जनपदों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का ऋण जमा अनुपात बढ़ाने की दिशा में और प्रयास किए जाएं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का ऋण जमा अनुपात 54 प्रतिशत से बढ़कर 54.26 प्रतिशत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 60 प्रतिशत तक ले जाने के लिए और प्रभावी प्रयास किए जाएं। राज्य के पर्वतीय जनपदों, विशेषकर टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी और बागेश्वर जनपदों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को एक ही स्थान पर एक ही दिन में मिले, इसके लिए अक्टूबर में सभी जनपदों में बड़े स्तर पर कैम्प का आयोजन किया जाए, जिसमें सभी विभाग और बैंकर्स साथ बैठकर जन समस्याओं का समाधान करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें।

बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत प्रति लाख पर 48 हजार व्यक्तियों को बीमा कवरेज प्राप्त हुआ है, जो राष्ट्रीय औसत 40 हजार से अधिक है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत राज्य में प्रति ऋणकर्ता को औसत ऋण राशि 93,900 रुपये वितरित की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 62,686 की तुलना में काफी अधिक है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 39 लाख खाते खोले जा चुके हैं, यह आंकड़ा पर्वतीय राज्यों में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य में अग्रिमों में 10.26 प्रतिशत और जमा में 9.09 प्रतिशत की वृद्धि रही। राज्य सरकार की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में निरंतर अच्छी प्रगति रही। राज्य के कुल 06 लाख 10 हजार 636 किसानों ने के.सी.सी. सुविधा का लाभ लिया है, जिनमें से 67 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। राज्य में 70.23 प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों का क्रेडिट लिंकेज है। विगत तीन वर्षों में एस.एच.जी. की संख्या में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश कुमार झा, राधिका झा, श्रीधर बाबू अदांकी, आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर अरविंद कुमार, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक देवाशीष मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली और संबंधित बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।