पीएम के 121वें मन की बात संस्करण को सीएम ने सामूहिक रूप से सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 121वें संस्करण को सामूहिक रूप से सुना। इस अवसर पर विधायक खजान दास, दायित्वधारी अनिल डब्बू, पुनीत मित्तल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुई आतंकी घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। यह हमला आतंक के सरपरस्तों की हताशा और कायरता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई में 140 करोड़ देशवासियों की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री समाज के विभिन्न सकारात्मक कार्यों का उल्लेख कर समाज के उन लोगों को प्रोत्साहित करते हैं, जो देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनता की राय, सुझाव और सफल प्रयासों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं, जिससे लाखों लोग प्रेरणा लेते हैं। ‘मन की बात’ कार्यक्रम आज देशवासियों से भावनात्मक और वैचारिक रूप से गहराई से जुड़ चुका है।

खेल प्रतियोगितायें अनुशासन की भावना के साथ शारीरिक व मानसिक स्वस्थता को बढ़ावा मिलता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में स्कूल गेम्स फेड़रेशन ऑफ इण्डिया से सम्बद्ध विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेल कूद टेबल टेनिस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज ज्योतिर्मठ चमोली के छात्रों की टीम ने भेंट की।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीम के सदस्य छात्रों को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतियोगितायें छात्रों में अनुशासन की भावना के साथ शारीरिक व मानसिक स्वस्थता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक छात्र खेलों के प्रति जागरुक होकर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी बनें, इसके लिये राज्य की खेल नीति तैयार की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर रतनगढ़ राजस्थान में आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेल कूद टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 14 छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक तथा टी.टी. कोच विजय कुमार अग्रवाल सीनियर वेटरन खिलाडी देवेन्द्र कांडपाल आदि उपस्थित थे।

प्रतियोगी छात्रों में केशव चौहान, प्रियांशु नेगी, अनमोल, शार्दुल नेगी, सिद्धार्थ नेगी, समीर, शौर्य भट्ट, आयुष राणा तथा छात्राओं में अदिति नेगी, जोया पंवार, खुशी नेगी, विभूति चौहान, दिया, एवं अंशिका नेगी शामिल थी।

सीएम ने कैंपा योजना से खरीदे गए 23 बोलेरो कैम्पर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में वन एवं वन्य जीव सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा कैंपा योजना से खरीदे गए 23 बोलेरो कैम्पर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों से संवेदनशील वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाकर वन अपराधों पर नियंत्रण को अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी। वनाग्नि प्रबंधन और मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण एवं तेजी से रेस्क्यू कार्य के लिए भी इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियानों की निगरानी के साथ ही भू-स्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में वन एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के त्वरित व प्रभावी संचालन में भी ये वाहन काफी उपयोगी सिद्ध होंगे ।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में लगातार कैंपा योजना के बजट में वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में रुपए 237 करोड़, 2024-25 में रु. 302 करोड़ की धनराशि का व्यय हुआ है। वर्ष 2025-26 में कैम्पा के तहत प्रस्तावित रुपए 439.50 करोड़ की लागत की वार्षिक योजना स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजी गई है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की नीतियों से बीते एक दशक में देश भर में करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। देहरादून में आयोजित केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है कि यहां सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय स्तर का चिंतन शिविर आयजित किया जा रहा है। ये चिंतन शिविर बाबा साहब अंबेडकर तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों के चिन्तन का विस्तार भी है। इस शिविर में आय़ोजित होने वाले संवाद से भविष्य में अपनायी जाने वाली सामाजिक सशक्तिकरण की नीतियों का रोडमैप तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज देश में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है। पहले कई दशकों तक देश में समाज कल्याण विभाग कुछ गिने-चुने कार्यों तक ही सीमित माना जाता था। परंतु नरेंद्र मोदी के प्रधान सेवक बनने के बाद अपनाई गई नीतियों और योजनाओं से बीते एक दशक में देश के करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एक ओर देश में बुजुर्गों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को विशेष पेंशन देकर उनका जीवन स्तर सुधारा जा रहा है, वहीं छात्रों को छात्रृवत्ति देकर उन्हें अपना भविष्य उज्जवल बनाने का अवसर भी दिया जा रहा है। इसी तरह विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर अति पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। नशे की लत से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास केंद्रों का संचालन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से राज्य सरकार भी प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन प्रदान कर रही है, पेंशन योजनाओं का भुगतान मासिक आधार पर किया जा रहा है, पेंशन योजनाओं को ऑनलाइन किए जाने के साथ ही अन्त्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं।

इसी तरह अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 से लेकर बारहवीं तक छात्रवृत्ति देने के साथ ही उनके लिए निशुल्क 15 छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय तथा 3 आईटीआई भी संचालित की जा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रूपए का अनुदान भी दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने के साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिये 1 करोड़ रुपए के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अटल आवास योजना के तहत अनुसूचित वर्ग के आवासहीन परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। उत्तराखण्ड में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से वृद्धजनों के आंखों का उपचार तथा जेरियाट्रिक केयर यानि वृद्धजनों को विशेष देखभाल की सुविधा देने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों को 04 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में नशामुक्त देवभूमि अभियान को मिशन मोड पर संचालित कर रही है। सरकार प्रदेश के प्रत्येक जनपद में नशा मुक्ति केंद्र संचालित करने की योजना पर भी कार्य कर रही है, जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में नशा मुक्ति केंद्र का संचालन प्रारंभ भी किया जा चुका है।

राज्य में जहां एक ओर, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें स्कूल जाने के हेतु प्रेरित किया जा रहा है, वहीं युवा एवं प्रौढ़ वर्ग के लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रय़ास भी किया जा रहा है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार की ैडप्स्म् योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार शहरों को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रतिभागियों को आगामी चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि इस साल से प्रदेश सरकार ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल में पहुंच कर प्रोत्साहित किया है।

राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल बहुत जरूरी

इससे पूर्व, चिंतन शिविर में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित समुदाय तक पहुंचाने में राज्यों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। चिंतन शिविर का उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाना ही है। उन्होंने बताया कि जब आगरा से चिंतन शिविर का सफर शुरू किया गया था, तब उस कार्यक्रम में सिर्फ आठ राज्यों का प्रतिनिधित्व रहा था। मात्र 12 राज्यों के अधिकारी उस कार्यक्रम में पहुंचे थे। ये शुभ संकेत है कि देहरादून के चिंतन शिविर में 15 राज्यों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्र, युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। केंद्र और राज्यों को इस चुनौती से मिलकर निपटना है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तुरन्त बाद चिंतन शिविर के आयोजन की खास वजह रही है। हमारा ये मानना है कि योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच शुरू में ही जानकारी साझा होने से बेहतर परिणाम निकल पाएंगे।

इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हमारे पास एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हम वंचित तबके को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते है। प्रधानमंत्री जी ने भी सबका साथ, सबका विकास का मूल मंत्र इसीलिए दिया है। इस मौके पर कई राज्यों के मंत्री और विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

मास रैपिड ट्रांसिट सिस्टम तकनीक दून की बढ़ती यातायात समस्याओं के समाधान को जरूरीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मैसर्स हेस ग्रीन मोबिलिटी द्वारा उत्तराखण्ड में मास रैपिड ट्रांसिट सिस्टम तकनीक पर आधारित प्रस्तुतिकरण दिया गया। मास रैपिड ट्रांसिट सिस्टम टैक्नोजलॉजी को उत्तराखण्ड में बढ़ावा देने के मकसद से उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कारपोरेशन एवं हेस ग्रीन मोबिलिटी, कैरोसेरी हेस एजी व एसएसबी सॉरवीन एंड शेफ़र बाउ एजी के बीच एक एम.ओ.यू हस्ताक्षर किया गया। मुख्यमंत्री ने इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारे जाने की अपेक्षा करते हुए ऐसे प्रयासों को देहरादून की बढ़ती यातायात समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी प्रयास बताया।

बैठक में बताया गया कि मैसर्स हेस एजी द्वारा लाइट ट्रॉम विकसित किया गया है, जो फ्लैश चार्जिंग तकनीक का उपयोग करते हुए एक उच्च क्षमता वाला जन परिवहन समाधान है, जिसे पूरी तरह से एलिवेटेड कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (ई-आरटी) के रूप में उत्तराखंड की शहरी परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है तथा प्रथम चरण में देहरादून शहर के 2 कॉरिडोर्स में आई.एस.बी.टी से गांधी पार्क एवं एफ.आर.आई से रायपुर तक कुल 22.5 कि.मी, जिसमें 25 स्टेशन प्रस्तावित हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कारपोरेशन ब्रजेश कुमार मिश्रा, निदेशक वित्त उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कारपोरेशन संजीव मेहता, एलेक्स नेफ, सी.ई.ओ कैरोसेरी हेस एजी, बुराक सेंसर, जनरल मैनेजर एसएसबी सॉरवीन एंड शेफ़र बाउ एजी, यवेस सीग्रिस्ट, कैरोसेरी हेस एजी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने सात दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का किया शुभारंभ, पांच से खेल सामग्री देने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित इंटर क्रिकेट टूर्नामेंट में क्रिकेट खेलकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब में खेल सामग्री के लिए रुपए पांच लाख की घोषणा भी की। यह टूर्नामेंट महाराणा स्पोर्ट्स कॉलेज में सात दिन (एक अप्रैल से सात अप्रैल) तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमूमन पत्रकार साथी खेलों की रिर्पाेटिंग कर खबर बनाते है। इस तरह के आयोजन से उन्हें खेल मैदान में जहां अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलेगा, वहीं खेलों से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीएम मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट की सराहना करते हुए आमजन को अपनी दिनचर्या में खेल गतिविधि को शामिल करने की भी बात कही। कहा कि आज भागदौड़ के जीवन में जरूरी है कि व्यक्ति खेलों से जुड़कर मानसिक तनाव से दूर रहे और स्वस्थ रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के हित में निरंतर प्रयासरत है। खिलाड़ियों को अधिकतम खेल सुविधाओं को देने की कोशिश जारी है। इससे आने वाले दिनों में राज्य के खिलाड़ी नेशनल गेम्स की तरह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक लाकर राज्य का नाम रोशन करेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय गेम्स में राज्य के नाम 103 पदक रहे, यह सरकार की सफल खेल नीतियों का ही परिणाम है।

क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिंह, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, खिलाड़ी, क्लब के मेंबर, सहित खेल कार्यकारणी के सदस्य और दर्शक मौजूद रहे।

मिलावटी आटा खाकर बीमार प्रकरण में सीएम ने सख्त, मुख्य सप्लायर और दुकानदारों पर केस दर्ज

नवरात्र के दौरान देहरादून में कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से 100 से भी अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित हुए। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों के साथ देहरादून और आसपास के इलाकों में दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में ताबड़तोड़ छापेमारी चलाया गया। जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराये गये हैं।

कुट्टू का आटा सप्लायर का गोदाम सील, केस दर्ज
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा आज सुबह सूचना मिली कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और कोरोनेशन अस्पताल में मरीज भर्ती किए गए हैं। मरीजों के परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि इन सभी ने कुट्टू के आटे से बनी सामग्री का सेवन किया था, जिसके बाद उन्हें फूड पॉइजनिंग के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। जांच के दौरान पाया कि मरीजों के परिवारों ने अलग-अलग दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदा था, लेकिन सभी आटे का स्रोत सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और विकासनगर (देहरादून) से जुड़ा हुआ था।

मुख्य सप्लायर और जिम्मेदार दुकानदारों की पहचान
जांच में सामने आया कि कुट्टू के आटे की आपूर्ति निम्नलिखित प्रतिष्ठानों द्वारा की गई थी:
1. मेसर्स गोविंद सहाय शंकर लाल – यह प्रतिष्ठान सहारनपुर (उ.प्र.) से कुट्टू का आटा सप्लाई कर रहा था।
2. विकास गोयल चक्की – यह चक्की मोग्गंज जामा मस्जिद के पास, थाना कोतवाली शहर, सहारनपुर (उ.प्र.) में स्थित है, जहां कुट्टू का आटा पिसा गया था।
3. Laxmi Trading, Sangam Vihar, Bhojwala Road, Vikasnagar, Dehradun – यह प्रतिष्ठान देहरादून में कुट्टू के आटे का मुख्य वितरक था। इसका गोदाम मेट्याला अकबरी मस्जिद, देहरादून के पास स्थित है।

मुख्य संचालक :
शीशपाल चीतान पुत्र शोभा राम–Laxmi Trading, विकासनगर, देहरादून

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
जांच में पाया गया कि FSSAI (भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण) के निर्देशों और गाइडलाइन्स के विपरीत इन प्रतिष्ठानों ने मिलावटी कुट्टू का आटा सप्लाई किया था, जिससे 84 लोगों की जान जोखिम में पड़ गई।

एफआईआर दर्ज, सैंपल लिए गए और गोदाम सील

घटना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई की:
मुख्य सप्लायर Laxmi Trading के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
गोदाम को सील कर दिया गया।
संदिग्ध कुट्टू के आटे के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया।
सहारनपुर स्थित चक्की और दुकान की भी जांच की जा रही है।
आगामी दिनों में अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।

यूपी के फूड कमिश्नर को पत्र
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य विभाग लगातार तीन महीने वस्तुओं के सैंपल ले रहा था और छापेमारी अभियान भी चला रहा था। इस संबंध में यूपी के फूड कमिश्नर को भी 15 दिन पहले एक पत्र लिखा था कि मिलावटखोरों पर कार्रवाई करें क्योंकि अधिकांश मिलावटी उत्पाद यूपी से उत्तराखंड आते हैं।

टोल फ्री नंबर 1800-180-4246 पर दर्ज कराएं शिकायत
खाद्य आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि जिला अभिहीत अधिकारी मनीेष सिंह की ओर से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि खुले या संदिग्ध कुट्टू के आटे का सेवन न करें। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर ही खरीदारी करें। कुट्टू का आटा खरीदते समय प्रमाणित दुकानों से ही खरीदें। यदि किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद अस्वस्थ महसूस करें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मिलावटी आटे की जानकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-4246 पर दें।

24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी
स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल का दौरा किया और मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने फूड पॉइजनिंग से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और चिकित्सकों को बेहतर इलाज और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक रूप से मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

सहारनपुर से सप्लाई हुए कुट्टू के आटे में मिलावट, 100 लोगों की तबीयत बिगड़ी, सीएम ने जाना हाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों को हाल चाल जाना। देहरादून जनपद में फूड प्वाइजनिंग की वजह से लगभग 100 से अधिक लोग बीमार हो गये। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सहारनपुर से सप्लाई हुए कुट्टू के आटे में मिलावट की संभावना से लोगों का स्वास्थ्य खराब हुआ।

मुख्यमंत्री ने कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों में भर्ती लोगों को समुचित इलाज देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। फूड प्वाइजनिंग की वजह से कोरोनेशन अस्पताल में 66 और दून मेडिकल कॉलेज में 44 मरीज भर्ती हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि जिन भी अस्पतालों में मरीज आ रहे हैं, उनके इलाज का पूरा प्रबंध किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर से जिस दुकान के लिए कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ है, वह दुकान सील कर ली गई है। उस दुकान से जिन दुकानों के लिए कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ है, उनको भी सूचना दे दी गई है। सहारनपुर के जिला प्रशासन को भी देहरादून जिला प्रशासन से इसके बारे में जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जिनके कारण यह घटना हुई है, स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिये गये हैं कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर घटना की पूरी जांच करेंगे। लापरवाही करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

राज्य के शहरों में देवभूमि सिल्वर जुबली पार्क का होगा निर्माणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे स्टेडियम, देहरादून में राज्य सरकार के सेवा, सुशासन और विकास के तीन साल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जन समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हाथीबड़कला से सर्वे स्टेडियम तक भव्य रोड शो में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्थापना वर्ष के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य के शहरों में देवभूमि सिल्वर जुबली पार्क का निर्माण किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग की स्वयं सहायता समूह को क्रेडिट कार्ड लिंकेज के चेक, लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट और कृषि यंत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में शहरों से लेकर सुदूर गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य पूर्ण कर जल्द ही पहाड़ों में रेल का सपना साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, उड़ान योजना के माध्यम से देहरादून, अल्मोड़ा, उत्तराकाशी, गौचर और पिथौरागढ़ सहित प्रदेश के लगभग 12 नगरों के लिए हेली सेवाएँ प्रारंभ होने से राज्य की एयर कनेक्टिविटी मजबूत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। साथ ही देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर फोरलेन एलिवेटेड रोड का निर्माण करने की योजना भी तैयार की जा रही है। देहरादून में 1400 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। शहर में स्मार्ट स्कूलों की स्थापना करने के साथ ही लैंसडाउन चौक पर 650 पाठकों की क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। एक ओर जहां, शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आमजन के हित में सरकार के लिए गए फैसले देश में नजीर बन गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अनेकों जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ ही इन योजनाओं को प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लेकर कार्य किया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही हमने लगभग सभी योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रय़ास किया है कि प्रदेश वासियों को घर बैठे ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

गौरतलब है कि सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देहरादून के साथ ही पूरे प्रदेश में जनपद, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में, एक ही स्थान पर लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदन और निस्तारण आदि की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री डॉ. देवेंद्र भसीन, कैलाश पंत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में उपनल व संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनेगी

तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों-युवाओं, उपनल और संविदा कर्मियों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और स्नातक डिग्री प्राप्त युवाओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। एक समर्पित मंच के माध्यम से उनके रोजगारपरक कौशल को विकसित करने लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए, सरकार एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। उपनल एवं संविदाकर्मियों को नियमित नियुक्ति के लिए शीघ्र ही एक ठोस नीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा, दस करोड़ रूपये तक के सरकारी कार्य प्रदेश के स्थानीय ठेकेदारों को ही दिए जाएंगे।

सेवा, सुशासन और विकास के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की जोशपूर्ण उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में सबसे पहले उत्तराखण्ड के अमर बलिदानियों और सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस पर भावांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड ने विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त की है। विभिन्न चुनौतियों के बावजूद इन तीन वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग जो बोलने में सावधानी नहीं रखते उनके कारण प्रदेश में कभी-कभी क्षेत्रवाद या जातिवाद की बातें सुनाई देती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी व्यक्ति यदि संकीर्ण क्षेत्रवाद या जातिवाद की बात करता है तो वो न केवल उन आंदोलनकारी के साथ अन्याय करता है, जिन्होंने इस प्रदेश के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया बल्कि वो अपनी मातृ-भूमि के खिलाफ भी कार्य करता है।

तीन वर्ष की उपलब्धियों और प्रमुख निर्णयों को सिलसिलेवार सामने रखा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की तीन वर्ष की उपलब्धियों को सिलसिलेवार सामने रखा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों से जहां एक ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में कार्य किया है, वहीं प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 30 से अधिक नई नीतियां बनाकर उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर कई नई योजनाएं लागू की हैं। इसका परिणाम है कि हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड की प्रगति साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर प्रदान करना, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों को दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण, वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा, सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को पुनः प्रारंभ करना, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना, 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधाओं का खास तौर पर जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को मिले पहले स्थान के साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी का जिक्र करते हुए बेरोजगारी दर में रिकार्ड कमी की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सतत आर्थिक सुधारों का ही ये परिणाम है कि 2023-24 की तुलना में इस वर्ष राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इतना ही नहीं प्रति व्यक्ति आय में हमने 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने जी-20 बैठकों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि देवभूमि से समान नागरिक संहिता की पवित्र गंगा प्रवाहित होने से पूरे देश में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने अपने संबोधन में नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। दंगा और धर्मांतरण विरोधी कानूनों की भी चर्चा की। भू-कानून के संबंध में उन्होंने कहा कि इससे देवभूमि की इस पुण्य धरा को भू-माफियाओं से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमने जनता से जो वायदे किए, उन्हें पूरा किया। अब तक हम 2022 में जारी अपने दृष्टि पत्र के करीब 70 प्रतिशत से अधिक वादों को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। अन्य वादे भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।

‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की विकास पुस्तिका ‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ का विमोचन किया। इसमें सरकार द्वारा 03 साल में जनहित में लिये गये फैसले, योजनाएं और उपलब्धियां शामिल की गई हैं। ‘देवभूमि रजत उत्सव- संकल्प से सिद्धि’ कलेण्डर का डिजिटल विमोचन और कंटेंट क्रिएटर कंपटीशन का डिजिटल शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

बाल भिक्षावृत्ति निवारणरू शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने वाले 13 बच्चों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान बाल भिक्षावृति निवारण प्रयास के अन्तर्गत इंटेन्सिव केयर सेंटर साधूराम इण्टर कॉलेज देहरादून में प्रवेशरत शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि के भू स्वामियों को अनुग्रह अनुदान के रूप में कुल 10 करोड़ की धनराशि वितरित की गई। अटल आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने चेक और चाबी सौंपी। राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया और सराहनीय कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये।

कार्यक्रम के दौरान सरकार के 03 वर्ष पूरे होने पर कलाकारों द्वारा राज्य की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरकार के 03 वर्ष पूरे होने पर कनक चौक से परेड ग्राउंड तक रोड शो में प्रतिभाग किया और विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया।

सभी जिलों में हुए कार्यक्रम

सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सभी जनपदों में सजीव प्रसारण किया गया। जनपदों और ब्लॉक स्तर तक अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविरों और शिविरों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से लोगों का लाभान्वित किया गया। प्रभारी मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बतौर मुख्य अतिथि जनपद स्तरीय कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया ।

इस अवसर पर देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के महानगर देहरादून अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, जनप्रतिनिधिगण, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून अजय सिंह एवं बड़ी संख्या में जनता उपस्थित थी।