जौनसार बावर की पौराणिक संस्कृति, देश व दुनिया में रखती है अपनी अलग पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है। उत्तराखंड ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर अगर कहीं पौराणिक लोक संस्कृति को जीवित रखने और संजोए रखने का कार्य प्रमुखता से किया गया है तो वो हमारा जौनसार बावर का क्षेत्र है। जौनसार बावर की पौराणिक संस्कृति, देश व दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है।
कौलागढ़ स्थित अम्बेडकर, स्टेडियम में जौनसार बावर सेवावृत्त कर्मचारी मण्डल द्वारा आयोजित दो दिवसीय जौनसार बावर सांस्कृतिक महोत्सव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजकों को बधाई दी तथा लोक कलाकारों द्वारा आयोजित लोक नृत्य में सामिल होने से स्वयं को रोक नहीं पाये। लोक कलाकारों के साथ झूमते हुए मुख्यमंत्री ने लोक कलाकारों का उत्साह बर्धन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भवन का उपयोग जरूरतमंद छात्रों के अध्ययन के लिये भी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जौनसार बाबर के संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्कृति अनोखी है इसे बचाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने के साथ ही प्रतिवर्ष ऐसे महोत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। यह सांस्कृतिक समारोह हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान करने के साथ आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने का कार्य कर रहा है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह सांस्कृतिक समारोह, निश्चित रूप् से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का भी कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि हरीपुर में घाट निर्माण से उसके पौराणिक महत्व को भी पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हमें आगे बढ़ना है तथा भारत को पुनः विश्व गुरू के पद पर आरूढ़ करने के लिए हर परिस्थिति को पार करना है। हमें अपने श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के ‘विकल्प रहित संकल्प‘ को प्राप्त करने हेतु भी निरंतर प्रयास जारी रखने हैं। ये सभी प्रयास तभी सफल होंगे जब हमें आप सभी का विशेष सहयोग और समर्थन मिलता रहेगा। उन्होंने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर विकास नगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनजाति छात्रों के हित में सदैव प्रयासरत रहते हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान सेवावृत्त कर्मचारी मण्डल के अध्यक्ष रणवीर सिंह तोमर, संरक्षक तुलसी सिंह तोमर, उपाध्यक्ष अतर सिंह, सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, भाजपा नेता प्रताप सिंह रावत, मूरत राम शर्मा, राम शरण नौटियाल सहित बड़ी संख्या में लोक उपस्थित थे।

राज्य में प्रचलित सभी ब्रांड की गुणवत्ता में सुधार करने को हाउस आफ हिमालयास कंपनी का गठन

राज्य में प्रचलित सभी ब्रान्ड के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने, मानकीकृत पैकेजिंग सुनिश्चित करने और ब्रान्डिंग एवं विपणन करने हेतु House of Himalayas Company तथा अम्ब्रेला ब्रान्ड – House of Himalayas का गठन किया गया है। Company के पंजीकरण / विधिमान्यकरण आदि कार्यवाहियां प्रचलित है। प्रथम चरण में दिल्ली एवं देहरादून में House of Himalayas Brand के आउटलेट / स्टोर खोले जाने की कार्यवाही भी गतिमान है।

Women on Wings (WoW½ एक नीदरलैन्ड बेस्ड गैर सरकारी संस्था है, जो ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की स्थायी आजीविका का निर्माण करने एवं रोजगार बढ़ाने के क्षेत्र में वर्ष 2007 से कार्य कर रही है। वर्तमान में उक्त संस्था सम्पूर्ण भारत में लगभग 50 से ज्यादा सामाजिक उपक्रमों एवं महाराष्ट्र तथा झारखण्ड की राज्य संस्थाओं के साथ कार्य कर रही है।

House of Himalayas की Branding / Marketing हेतु Business Plan / Road Map विकसित करने में सहायता के उद्देश्य से उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति ( UGVS ) एवं Women on Wings (WoW) के साथ गैर वित्तीय समझौता ज्ञापन ( MoU) निष्पादित किया गया है, जिसके अनुसार Women on Wings (WoW) House of Himalayas Company के संचालन हेतु SoP तैयार करने, House of Himalayas Brand को Scalable and Sustainable Brand के रूप में स्थापित करने, Business Strategy, Branding, Marketing, Product Pricing, Positioning, Supply Chain Creation, Capacity Building of Human Resource आदि तथा महिला उत्पादकों की सतत् आजीविका सृजित करने में UGVS@House of Himalayas Company को सहायता प्रदान करेगी।

मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन द्वारा ग्राम्य विकास विभाग की इस पहल को काफी सराहा गया तथा यह निर्देशित किया गया कि House of Himalayas की Website एवं Storeखोले जाने के संबंध में तत्काल कार्यवाही की जाय।

राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को राज्य सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया

नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल के निर्देशों का अनुपालन न किये जाने के कारण राजीव गांधी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन हेतु अधिकृत की गई फर्म मे देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि. से सम्पत्ति को खाली कराकर राज्य सरकार के नियंत्रण में लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में खेल अवस्थानात्मक सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में ये निर्णय लिया गया है। इससे राज्य में खेल परिसम्पत्तियों के संरक्षण एवं आगामी राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में भी मदद मिलेगी। ज्ञातव्य है कि राजीव गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को निविदा के आधार पर मेर्सस आई०टी०यू०ए०एल० को दिया गया था जिस हेतु उनके द्वारा देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि० कम्पनी को निर्मित कर राज्य सरकार के साथ मई, 2018 में अनुरक्षण एवं संचालन हेतु अनुबंन्ध गठित किया गया था। कोविड महामारी काल में उक्त कंपनी ने स्टेडियम के संचालन हेतु प्रर्याप्त वित्तीय संसाधन के अभाव में इन्सोल्वेन्सी हेतु मा० एन०सी०एल०टी में वाद दायर किया गया था। मा० एन०सी०एल०टी द्वारा इस हेतु आई०आर०पी० श्री अन्सुल पठानिया को रिजोल्यूशन प्लान हेतु नियुक्त किया गया था। माह नवम्बर, 2023 में मा० एन०सी०एल०टी द्वारा मेर्सस ट्राइवर इन्टरप्राइजेज के रिजोल्यूशन प्लान को स्वीकार करते हुये आदेश निर्गत किये गये थे। परन्तु उक्त कम्पनी द्वारा नई संचालन एजेंसी के रूप में राज्य सरकार से ना तो अनुमोदन प्राप्त किया गया ना ही मूल अनुबंधी शर्तों के अनुरूप एस्क्रो खाता खोला गया और ना ही अपेक्षित बैंक गारंटी उपलब्ध करायी गई, अपितु स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजन हेतु विभिन्न संस्थाओं से धनराशि बुकिंग हेतु ली गयीं।
एनसीएलटी के निर्णय उपरान्त मै. देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि० को अनुबन्ध की नियमों के पालन हेतु दिनांक 12.12.2023 को अनुबन्ध की शर्तों अनुसार नोटिस दिया गया था जिसका संज्ञान उनके द्वारा नहीं लिया गया तथा प्रतिनिधियों द्वारा बैठक हेतु समय मांगने उपरान्त भी बैठक हेतु नहीं आये। नयी संस्था द्वारा की जा रही बुकिंग के विरूद्ध थाना रायपुर मे एक प्राथमिकी भी पीड़ित संस्था द्वारा दर्ज की गयी है जिसकी जांच पुलिस स्तर पर गतिमान है। राज्य एवं परिसंम्पत्ति के संरक्षण हित में दिनांक 13.02.2024 को पुनः नोटिस जारी कर संपत्ति को खाली करने के निर्देश दिये गये थे जिसके क्रम में आज दिनांक 17.02.2024 को संस्था द्वारा परिसर को रिक्त कर दिया गया है एवं राज्य सरकार द्वारा जन हित में स्टेडियम का नियंत्रण ले लिया गया है।

शौर्य, साहस और शालीनता के प्रतीक थे जनरल रावतः राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में नंदा की चौकी स्थित द टोंस ब्रिज स्कूल में देश के प्रथम सीडीएस जनरल स्व. बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड सेनानियों की भूमि है और इसे वीरभूमि कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य मेरे हृदय के बेहद करीब है और यहां के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देखकर मेरा मन बहुत प्रफुल्लित होता है, वह स्वाभाविक रूप से प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे आज इस स्कूल परिसर में जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा के अनावरण का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जनरल रावत की प्रतिमा सदैव यहां के छात्रों व आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का कार्य करती रहेगी। जनरल रावत के व्यक्तित्व और वैल्यूज को जनता के बीच में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। जिस दिन यह हादसा हुआ तब भी ऑन ड्यूटी थे और देश की सेवा कर रहे थे। यह उनकी निष्ठा और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जनरल रावत से बेहतर रोल मॉडल छात्रों के लिए और कोई नहीं हो सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्कृष्ट व आधुनिक हथियार देकर सेना को लगातार मजबूत करने के कार्य में जुटी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जनरल रावत शौर्य, साहस और शालीनता के प्रतीक थे और यह तीनों गुण उसी में होते हैं जो आध्यात्मिक होगा। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का मन बहुत बड़ा था। उन्हें गोली भी लगी, वे जाबांज पराक्रमी सैनिक और एक अच्छे इंसान थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में जनरल रावत सेनाध्यक्ष रहने के साथ ही देश के प्रथम सीडीएस बने।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्व. जनरल बिपिन रावत जी की 08 दिसम्बर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई आकस्मिक मृत्यु से देश को जो अपूरणीय क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैनिक बाहुल्य प्रदेश है तथा भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास में उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों का अति विशिष्ट योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं का सेना में शामिल होना प्रमुख प्राथमिकता रही है। सैन्य सेवा हमारे लिये मात्र रोजगार का अवसर नहीं, वरन देश एवं समाज के लिये जीवन समर्पित करने का उत्कृष्ट मौका भी है। स्व.जनरल बिपिन रावत ने भी अपने जीवनकाल में उत्तराखंड की इसी सैन्य परम्परा का निर्वहन किया। मातृभूमि के लिए उनकी चार दशकों की निस्वार्थ सेवा असाधारण वीरता और रणनीतिक कौशल से परिपूर्ण थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 दिसम्बर 1978 को जनरल रावत को 11 जी.आर. की 5 वीं बटालियन में कमिशन मिला और उस दिन से लेकर जीवन के अंतिम दिन तक वे केवल और केवल देश के लिए ही जिए। उनका सेनाध्यक्ष तथा प्रथम सीडीएस बनना ,ये स्पष्ट दर्शाता है कि वे कितने योग्य जनरल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के तीनों अंगों के आधुनिकीकरण तथा देश को रक्षा आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाये जाने हेतु स्व. जनरल बिपिन रावत द्वारा विशेष प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. जनरल बिपिन रावत ने पूरी लगन से भारत की सेवा की, वे एक सच्चे देशभक्त और एक उत्कृष्ट योद्धा थे, सामरिक मामलों पर उनकी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण असाधारण थे। जनरल बिपिन रावत जी “High Altitude Warfare“ और “Counter Insurgency operations“ के महारथी थे।अनेक उदाहरण हैं जब कठिन चुनौतियों में उनकी रणनीति और उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल ने देश को गौरवान्वित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान उनका मार्गदर्शन सैनिकों के बहुत काम आया। उनके अनुकरणीय योगदान और प्रतिबद्धता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने वीरता के नए नए कीर्तिमान स्थापित किए। वे देश के साथ – साथ अपने राज्य उत्तराखंड की धरती से भी बहुत प्रेम करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर वे एक और महान व्यक्ति, हमारे पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम को भी नमन करते हैं। जिस उद्देश्य के लिए देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने इस विद्यालय की नींव रखी थी, उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्कूल प्रबंधन निरन्तर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर ने कहा था कि ’’शिक्षा से अधिक महत्व चरित्र का होता है, परंतु अच्छी शिक्षा अच्छे चरित्र के निर्माण में सहायक होती है’’। शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उचित समाधान भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करके दिखाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, जनरल बिपिन रावत की पुत्री तारिणी रावत, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, स्कूल के प्रबंधक विजय नागर आदि उपस्थित रहे।

समान नागरिक संहिता विधेयक पास होने के पीछे उत्तराखण्ड की जनता की शक्ति-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में प्रदेश में समान नागरिक संहिता विधेयक विधान सभा से पारित होने पर गर्मजोशी से स्वागत के साथ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। स्वर्णिम देवभूमि परिषद द्वारा आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बडी संख्या में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने के लिये मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सभी ने प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने राज्य विधान सभा में नागरिक संहिता विधेयक पास होने के पीछे उत्तराखण्ड की जनता की शक्ति बताते हुये कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह कानून मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्र सरकार तथा प्रदेश की देवतुल्य जनता का भी आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे देश का नेतृत्व आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम हाथों में है, जिनके लिए देश सर्वप्रथम है, जो इस देश को ही अपना परिवार समझते हैं और अपने परिवारजनों का सुख-दुःख ही उनका सुख-दुःख है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता पर देवभूमि की सवा करोड़ जनता से किये गए अपने वादे को निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनता के हैं और जनता हमारी है, यह कानून जनता के लिये है, जनता की भलाई, समता और समानता के लिये बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ’’एक भारत और श्रेष्ठ भारत’’ मन्त्र को साकार करने के लिए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लाने का वादा किया था। प्रदेश की देवतुल्य जनता ने हमें इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना आशीर्वाद देकर पुनः सरकार बनाने का मौका दिया। सरकार गठन के तुरंत बाद, जनता जर्नादन के आदेश को सिर माथे पर रखते हुए हमने अपनी पहली कैबिनेट की बैठक में ही समान नागरिक संहिता बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्णय लिया और 27 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की। इस समिति के सदस्यों में सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, समाजसेवी मनु गौड, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह एवं दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० सुरेखा डंगवाल को सम्मिलित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सीमांत गांव माणा, जिसे हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश का प्रथम गांव घोषित किया है, वहां से प्रारंभ हुई जनसंवाद यात्रा के दौरान 43 जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किये जाने पर समिति को विभिन्न माध्यमों से लगभग 2.33 लाख सुझाव प्राप्त हुए। प्रदेश के लगभग 10 प्रतिशत परिवारों द्वारा किसी कानून के निर्माण के लिए अपने सुझाव देने का देश में यह पहला अतुलनीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति ने उनका रिकॉर्ड समय में विश्लेषण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट 2 फरवरी 2024 को सरकार को सौंपी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से इस देवभूमि से निकलने वाली मां गंगा अपने किनारे बसे सभी प्राणियों को बिना भेदभाव के अभिसिंचित करती है उसी प्रकार राज्य विधान सभा से पारित समान नागरिक संहिता के रूप में निकलने वाली समान अधिकारों की संहिता रूपी ये गंगा हमारे सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून की बात संविधान स्वयं करता है, क्योंकि हमारा संविधान एक पंथनिरपेक्ष संविधान है। यह एक आदर्श धारणा है, जो हमारे समाज की विषमताओं को दूर करके, हमारे सामाजिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि माँ गंगा-यमुना का यह प्रदेश, भगवान बद्री विशाल, बाबा केदार, आदि कैलाश, ऋषि-मुनियों-तपस्वियों, वीर बलिदानियों की इस पावन धरती ने एक आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लिखित होने के बावजूद अब तक इसे दबाये रखा गया। 1985 के शाह बानो केस के साथ इसी देवभूमि की बेटी सायरा बानो ने दशकों तक न्याय के लिये संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता, विवाह, भरण-पोषण, गोद लेने, उत्तराधिकार, विवाह विच्छेद जैसे मामलों में भेदभाव न करते हुए सभी को बराबरी का अधिकार देगा और जो प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार भी है। समान नागरिक संहिता समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से माताओं-बहनों और बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों को रोका जाए। हमारी माताओं-बहन-बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त किया जाए। हमारी आधी आबादी को सच्चे अर्थों में बराबरी का दर्जा देकर हमारी मातृशक्ति को संपूर्ण न्याय दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत का सपना देखने के साथ भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उनके नेतृत्व में यह देश तीन तलाक और धारा-370 जैसी ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के पथ पर अग्रसर है। उनके नेतृत्व में सैंकड़ों वर्षों के बाद अयोध्या में रामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए हैं, और मातृशक्ति को सशक्त करने के लिए विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस संहिता में पुरुष व महिलाओं को बराबरी का दर्जा देते हुए विवाह विच्छेद से संबंधित मामलों में विवाह विच्छेद लेने के समान कारण और समान अधिकार दिए गए हैं। समान नागरिक संहिता में महिला के दोबारा विवाह करने से संबंधित किसी भी प्रकार की रूढ़िवादी शर्तों को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे इस कदम से उन कुप्रथाओं का अंत होगा जिनसे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई जाती थी।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता में लिव इन संबंधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हुए कहा कि एक वयस्क पुरुष जो 21 वर्ष या अधिक का हो और वयस्क महिला जो 18 वर्ष या उससे अधिक की हो, वे तभी लिव इन रिलेशनशिप में रह सकेंगे, जब वो पहले से विवाहित या किसी अन्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप में न हों और कानूनन प्रतिबंधित संबंधों की श्रेणी में न आते हों। लिव-इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लिव-इन में रहने हेतु केवल पंजीकरण कराना होगा जिससे भविष्य में हो सकने वाले किसी भी प्रकार के विवाद या अपराध को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देकर उनसे किए गए वादे को निभाया है। उन्होंने कहा कि इन सभी निर्णयों से यह स्पष्ट है कि हमने इस दशक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है। वही दशक जिसका हमारी माताएं-बहनें, बरसो से इंतजार कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश हित में यू.सी.सी. के साथ कठोर नकल विरोधी कानून बनाया है। अब भारत की संसद ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है। प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही कर 05 हजार है. सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है। देवभूमि के स्वरूप को बनाये रखने के लिये, धर्मांतरण को रोकने के लिये भी कानून बनाया गया है। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये 1064 एप पर शिकायत की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बरदास्त नहीं किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कई देशों में जाने का अवसर मिला। वे जहां भी गये वहां लागों का देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति लगाव उन्हें देखने को मिला, जो इस महान देवभूमि की महिमा का ही परिणाम है।

29.76 करोड़ की लागत से सीएम ने किया एकीकृत भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आई.टी पार्क देहरादून में लेखा परीक्षा विभाग, रजिस्ट्रार चिट्स फर्म्स एवं सोसायटी तथा अर्थ एवं संख्या के नव निर्मित एकीकृत भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण ब्रिटकुल द्वारा 29.76 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने तीनों विभागों को अपना भवन मिलने पर विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सबके प्रयासों से यह भवन जल्द बनकर तैयार हुआ। विभागों को अपना भवन मिलने से कार्यों के संचालन में आ रही कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण राज्य सरकार का मूल मंत्र है। तीन विभाग एक ही भवन पर संचालित होने से लोगों को आसानी होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तीनों विभागों को अपना भवन मिलने से विभागों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यहां पर आने वाले आगंतुकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से कार्य कर रही है। हर विभाग को लक्ष्य दिया गया कि राज्य और जनहित में कोई महत्वपूर्ण योजना और कार्यों पर कार्य करें, जो प्रदेश की जनता के लिए समर्पित हो। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपने कार्य व्यवहार में नवाचार लाने होंगे। सभी अधिकारी और कर्मचारी जिस विभाग में भी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अपने विभाग में अपना अहम योगदान देना होगा, जिससे उनके योगदान को हर कोई लंबे समय तक याद रख सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह सभी विभागों का दायित्व है कि उनके सभी कार्यालय स्वच्छ हों।

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि तीनों विभागों को अपना भवन मिलने के बाद कार्य करने में सुगमता होगी। इससे विभागीय कार्मिकों में कार्यों के प्रति दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रयोजन से तीनों विभागों के लिए एकीकृत भवन बनाया गया है, उसका आम आदमी को पूरा लाभ मिलना जरूरी है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एस.एन. पाण्डेय एवं तीनों विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया आईटीडीए का औचक निरीक्षण, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीडीए का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाईन 1905 और इन्टीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाईन के कंट्रोल रूम से अल्मोड़ा जनपद के पच्योना गांव के निवासी लाल सिंह की समस्या सुनी। उन्होंने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को निर्देश दिये कि शिकायत का शीघ्र संज्ञान लेते हुए समाधान किया जाए। लाल सिंह ने सीएम हेल्पलाईन 1905 पर शिकायत की थी कि खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है। जिसके कारण क्षेत्रीय राशन डीलर द्वारा उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लाल सिंह से बात करते हुए कहा कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को निर्देश दिये हैं कि जिला पूर्ति अधिकारी अल्मोड़ा के स्तर पर लंबित इनकी समस्या का समाधान जल्द कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आई.टी.डी.ए के इन्टीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर से यातायात व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया। उन्होंने यातायात व्यवस्थाओं में लगे सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि यातायात की सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही भी की जाए। सीएम हेल्पलाईन 1905 के कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम में कार्य कर रहे कार्मिकों से कहा कि लोगों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित जो भी फोन कॉल आ रहे हैं, लोगों से शालीनता से बात कर उनकी समस्याएं सुने और जिस विभाग से संबंधित शिकायत है, यथा शीघ्र संबंधित विभागों को भेंजे। मुख्यमंत्री हर माह स्वयं सीएम हेल्पलाईन 1905 की विस्तृत समीक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान आई.टी.डी.ए की विभिन्न गतिविधियों का जायजा भी लिया।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

मन की बात देशवासियों के लिए करता है प्रेरणा देने का कामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जाखन, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 109 वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों के ऐसे प्रयासों को सामने लाया जा रहा है,जो निस्वार्थ भावना के साथ समाज और देश को सशक्त करने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज पद्म सम्मान प्राप्तकर्ताओं का जिक्र किया। पद्म पुरस्कार पाने वाले अधिकतर लोग, अपने-अपने क्षेत्र में काफी अनूठे काम कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में काफी तेजी से कार्य हुए हैं। इसी का परिणाम है कि आज हमारी नारी शक्ति हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों का जिक्र किया। उत्तराखण्ड में आयुर्वेद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड का अधिकांश भाग वनों से आच्छादित है। राज्य में आयुर्वेद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। आयुर्वेद की संभावनाओं को बढ़ाने के राज्य में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से साज सेवा के लिए विशिष्ट कार्य करने और जन सरोकारों से जुड़े अभियानों में सराहनीय कार्य करने वालों को आगे लाने का कार्य किया है। इससे समाज में अन्य लोगों को भी अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों को व्हील चेयर भी प्रदान किये।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने किया जनजातीय शोध संस्थान द्वारा आयोजित महोत्सव में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के परेड मैदान में राज्य जनजातीय शोध संस्थान की ओर से आयोजित जनजातीय महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को कार्यक्रम के आयोजन की शुभकामनाएं प्रदान करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी ने आदिवासी समाज के लिए अस्तित्व, अस्मिता और आत्मनिर्भरता का जो मंत्र दिया था उसका आज संपूर्ण देश में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अक्षरशः पालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह याद रखना होगा कि पेड़ चाहे जितना भी विशाल हो, लेकिन वह तभी अपना सीना ताने खड़ा रह सकता है, जब उसकी जड़ें मजबूत हों और जनजातीय समाज हमारे वटवृक्ष रूपी देश की मजबूत जड़ के समान है। इसलिए हमारी डबल इंजन की सरकार का मानना है कि जनजातीय समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना देश और प्रदेश की उन्नति के लिए बहुत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को कौन भूल सकता है। उन्होंने कहा कि इस योगदान का स्मरण करते हुए पिछले वर्ष प्रधानमंत्री ने प्रत्येक वर्ष की 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। जिसे हमारी सरकार द्वारा भी हर वर्ष अत्यंत धूमधाम से मनाया जा रहा है और भविष्य में भी मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह जनजातीय महोत्सव जहां एक ओर जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है, वहीं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत कराने का कार्य भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज तक जनजातीय समाज के राष्ट्र निर्माण में किए गए योगदान की जानकारी से देश को अंधेरे में रखा गया और अगर बताया भी गया तो बहुत ही सीमित दायरे में बताया गया, पर आज आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में हमारा देश जाग चुका है और अब कोई भी इसकी संस्कृति और इतिहास के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आजादी के नायकों की भूली बिसरी वीर गाथाओं को देश के सामने लाना है, यह हमारा कर्तव्य है और हम आदिवासियों द्वारा किए गए महान बलिदानों को कभी नहीं भूल सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले सरकारों में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उन्होंने आदिवासी समाज के व्यावसायिक हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया। यह सरकारें दिखावे तक ही आदिवासी समाज के विकास की बात लिया करती थी, परंतु 2014 के बाद से देश में आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आदिवासी समाज के धरातल पर विकास के लिए नूतन प्रयोग किए। आज चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का क्षेत्र हो आदिवासी समाज के हितों का ध्यान रखकर ही देश और प्रदेश की सरकारें अपनी समस्त योजनाएं बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जाति व्यवस्था को गलत रूप में प्रचारित व प्रसारित किया गया। प्राचीनकाल में जाति व्यवस्था कर्म आधारित थी न कि जन्म आधारित। अगर हम अपने इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो रामायण के लेखक भगवान वाल्मीकि व महाभारत के लेखक वेद व्यास जी, दोनों ही जन्म से तथाकथित उच्च जातियों में से नहीं थे। जब भगवान श्रीराम वनगमन के लिए जा रहे थे तब उन्होंने शबरी के जूठे बेर बड़े प्रेम से खाये। भगवान श्रीकृष्ण को यदुवंशी माना जाता है, पर हम सभी श्रद्धापूर्वक उनकी पूजा करते हैं। इसके साथ-साथ विश्वामित्र क्षत्रिय वंश में पैदा हुए पर उन्होंने गायत्री मंत्र की रचना की जिसे ब्रह्मत्व का मूल आधार माना जाता है। इन सभी उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि हमारे यहां जन्म आधारित जाति व्यवस्था नही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मुगलकालीन इतिहास देखें तो पाएंगे कि, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज का जनजातीय समाज ने किस तरह से साथ दिया था, इसी सहयोग का परिणाम था कि महाराणा प्रताप, अकबर से और शिवाजी महाराज, औरंगजेब से लोहा ले सके थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मंत्र के साथ चल रही है। बीते नौ वर्षों से मोदी की सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लोगों के लिए कई ऐसी योजनाओं को लागू किया है, जिनसे समाज के ये वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। यही नहीं प्रधानमंत्री ने जहां एक ओर उज्ज्वला गैस कनेक्शन योजना में गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता दी वहीं आयुष्यमान योजना द्वारा इस वर्ग का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया। आज देश के सभी पिछड़े गांवों में बिजली पहुंच गई है, साथ ही 50 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले क्षेत्र में एकलव्य स्कूल खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि एक ओर जहां कालसी, बाजपुर एंव खटीमा में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है वहीं ग्राम मैरावना, चकराता व देहरादून में भी नवीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य का मुख्यसेवक होने के नाते आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मेरी सरकार उत्तराखंड में आदिवासी समाज के विकास के लिए रात-दिन कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजाति कल्याण विभाग के ढांचे को पुनर्गठित करने एवं उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के आयोजन हेतु धनराशि को बढ़ाये जाने की भी घोषणा की। इस अवसर पर विभिन्न जनजातियों द्वारा अपनी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए।

इस अवसर पर उत्तराखंड जनजाति आयोग की अध्यक्ष लीलावती राणा, विधायक खजान दास, पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय, जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक एसएस टोलिया, समन्वयक राजीव कुमार सोलंकी, उपनिदेशक योगेंद्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने देहरादून में स्टेट हैंडलूम एक्सपो का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित स्टेट हैंडलूम एक्सपो में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने एक्सपो में लगी विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर शिल्पियों, बुनकरों एवं लघु उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दस लोगों को उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार भी प्रदान किए। इसके तहत एक लाख रुपए की धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं अंग वस्त्र दिए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट हैंडलूम एक्सपो अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं और महिलाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने हेतु एक विशिष्ट मंच भी प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने शिल्प रत्न एवं हथकरघा, हस्तशिल्प एवं लघु उद्यम क्षेत्र में पुरस्कृत सभी उत्कृष्ट कार्य कर रहे शिल्पियों, बुनकरों एवं लघु उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से जहां एक ओर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका मिलता है वहीं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ’’आत्मनिर्भर भारत’’ के मंत्र को भी मजबूती मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के स्टेट हैंडलूम एक्सपो के माध्यम से व्यापारियों, कलाकारों, कारीगरों आदि को परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान में भी सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि एक्सपो में महिला समूहों द्वारा विभिन्न स्टॉलों का संचालन व गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का विपणन आर्थिक सशक्तता की ओर महिलाओं की रुचि को भी प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बताया गया है कि राज्य में 4 लाख 22 हजार परिवारों को संगठित कर 56 हजार 362 समूह तथा 5 हजार 718 ग्राम संगठन तैयार किये गये हैं। इन संगठनों को व्यवसायिक गतिविधियों से निरंतर जोड़े रखने के लिए 350 पंजीकृत सहकारिताओं का गठन किया गया है। जिनमें से आज यहां पर उत्तराखण्ड राज्य और अन्य राज्यों के स्वयं सहायता समूहों के हैण्डी क्राफ्ट, हैंडलूम, जैविक उत्पाद एवं स्थानीय व्यंजन आदि के स्टॉल प्रदर्शित किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति को आप हैंडलूम में उकेरिए और देखिए बाजार अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे पिछौडे के डिजाइन की अलग पहचान है। इसकी बहुत मांग है और यह मांग देश ही नहीं दुनिया भर में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां की टोपी को प्रधानमंत्री ने जब से पहना है वो पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं लंदन और दुबई के दौरे पर गया तो वहां पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने इस टोपी को पहनकर स्वागत किया। यह दर्शाता है कि हमारे उत्पाद पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात, मुंबई, बैंगलोर सहित अन्य स्थानों पर भी जब हम गए तो लोगों के सिर पर उत्तराखंड की टोपी थी और उस पर ब्रह्म कमल का चिन्ह बना हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे हैंडलूम में आप यहां के प्रतीक चिन्ह हमारी संस्कृति का समावेश करेंगे तो ये निश्चित ही देश दुनिया में लोकप्रियता और पहचान दिलाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो जैकेट मैंने पहनी हुई है, वो आपकी बनाई हुई है, इसकी बहुत मांग है, क्योंकि प्रदेश में भांग के रेशे से, बांस के रेशे से जैकेट्स बन रही है, मफलर बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र ’’वोकल फार लोकल, लोकल फार ग्लोबल थीम’’ के अंतर्गत राज्य के आर्गेनिक उत्पाद एवं परम्परागत शिल्प उत्पादों के विकास एवं विपणन के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी जब लगभग दो वर्ष पहले वाइब्रेंट विलेज के तहत माणा प्रवास पर आए थे तो उनके द्वारा उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के लिए ब्रांड बनाने का सुझाव दिया था। इस पर अमल करते हुए हमारी सरकार ने विगत दिसंबर माह में देहरादून में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अम्ब्रेला ब्रांड का शुभारंभ आदरणीय प्रधानमंत्री जी के हाथों करा दिया है। इसके लिए कंपनी भी बन गई है और इसे रजिस्टर्ड भी करा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थानीय शिल्प उत्पादों के विकास एवं विपणन के प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है जिसमें शिल्पी पेंशन योजना, शिल्प रत्न पुरस्कार, मेला एवं प्रदर्शनी एवं केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रमुख हैं। हमारी सरकार हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिल्पियों के मान सम्मान के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यन्त हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड ने राज्य में उत्पादित, निर्मित 9 हस्तशिल्प उत्पादों ने जीआई टैग प्राप्त किये हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। यह आदरणीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व का ही कमाल है कि आज वैश्विक पटल पर हमारा देश विश्व को एक नई दिशा दिखाने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है और इसे हमारे यहां केंद्र सरकार द्वारा संचालित हो रही विशिष्ट परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास का कार्य जो पहले एक सपना मात्र लगता था वह आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जमीन पर संभव होता दिख रहा है। आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। आज का यह हैंडलूम एक्सपो, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि एक समृद्धशाली उत्तराखंड के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में प्रत्येक स्थान पर निरंतर होते रहें।

इस अवसर पर विधायक राजपुर रोड खजान दास, राज्य स्तरीय महिला उद्यमी परिषद की उपाध्यक्ष विनोद उनियाल, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय आदि उपस्थित रहे।