स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर चला डेंगू रोकथाम महाअभियान

देहरादून जनपद में डेंगू रोकथाम के लिए माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव एस एस संधु के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चार दिवसीय महा-अभियान का शुरूआत की। इस महा-अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी ईकाईयों द्वारा मिलकर जनपद देहरादून के विभिन्न स्थानों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जनपद के विभिन्न इलाकों में घरों एवं मोहल्लों में जाकर डेंगू का लार्वा को नष्ट किया गया तथा लोगों को डेंगू के बारे में जागरूक किया गया तथा आशाओं के माध्यम से दवाओं का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आई0ई0सी0 सामग्री का वितरण आशाओं एवं टीम के सदस्यों द्वारा किया गया। इसके साथ ही नगर निगम टीम द्वारा शहर के कई इलाकों में फॉगिंग अभियान चलाया गया।

हाई रिस्क क्षेत्रों में चलाया गया डेंगू रोकथाम महाअभियान
आज देहरादून शहरी क्षेत्र के 24 हाई रिस्क वार्डों में डेंगू रोकथाम महाअभियान संचालित किया गया। महाअभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों एवं आशा फैसिलिटेटर द्वारा सभी वार्डों में घर-घर जाकर सघन अभियान चलाते हुए डेंगू लार्वा साईट को चिन्हित किया तथा लार्वा साईट को नष्ट किया। वृहद संभावित लार्वा साईट में लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया। आशा कार्यकत्रियों द्वारा 5340 घरों का भ्रमण किया गया। जिनमें कुल 252 बड़ी-छोटी लार्वा साईट को नष्ट किया गया। यह महाअभियान देहरादून के करनपुर, बकरालवाला, चुक्खुवाला, शिवाजी मार्ग, बलूपुर, इंदरा नगर, कांवली, पटेलनगर, अजबपुर, धर्मपुर, मेहूवाला, देहराखास, लखीबाग, विद्या विहार, निरंजनपुर, माजरा, रेस्ट कैंप, रेस कोर्स, बंजारावाला, मोथरोवाला, मोहब्बेवाला, चन्द्रबनी, आर्केदिया आदि क्षेत्रों में चलाया गया। चिन्हित 24 वार्डों के अतिरिक्त जनपद के अन्य क्षेत्रों में दैनिक अभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों द्वारा 14985 घरों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उनके द्वारा घरों व आसपास 3303 लार्वा साईट को नष्ट किया गया व लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया। वहीं डेंगू वॉलेंटियरर्स द्वारा जनपद में 1349 घरों का भ्रमण करते हुए 1461 लार्वा साईट को नष्ट किया गया तथा लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया।

डेंगू रोकथाम अभियान अगले तीन दिन जारी रहेगा। इस अभियान के जरिए सभी टीमें संम्पूर्ण देहरादून शहर का भ्रणम कर आम जनमानस को डेंगू को लेकर जागरूक करेंगी। इसके साथ ही डेंगू के हाई रिस्क क्षेत्रों पर टीमों का खास फोकस रहेगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा ऐसा महाअभियान देहरादून के बाद राज्य के अन्य सभी जनपदों में चलाया जायेगा। जिन भी क्षेत्रों में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के तहत अभियान चलाया जायेगा। इसके साथ आम जनमानस से उन्होंने अपील की कि अपने आस पास साफ सफाई बनाकर रखें, पानी को जमा न होने न दें।

आयुष्मान कार्ड बनाने का सिलसिला जारी, 95 लोगों ने बनवाए कार्ड

देहरादूनः प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत के निर्देशन में आयुष्मान योजना प्रगति के पथ पर बढ़ रही है। योजना का लाभ लेने हेतु आयुष्मान कार्ड बनाने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की टीम द्वारा आज राजधानी के जैन धर्मशाला में आयोजित शिविर में 95 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। यहां 17 सितंबर को फिर से शिविर का आयोजन किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अपर निदेशक प्रशासन अतुल जोशी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में लगभग 95 लोगों ने अपने आयुष्मान कार्ड बनवाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मशाला प्रबंधन के सुधीर जैन व महावीर गुप्ता समेत अन्य सदस्य गणों का सहयोग रहा। लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह कार्यक्रम 17 सितंबर दिन रविवार को फिर से संभवतः इसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से आयुष्मान कार्ड बनाने का वृहत कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जनपदों में जिलाधिकारियों को सौंपी अभियान के नोडल की जिम्मेदारी

स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में आयोजित होने जा रहे आयुष्मान भवः अभियान की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में शासन-प्रशासन के साथ ही सभी रेखीय विभागों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक प्रदेशभर में आयोजित होने वाले सेवा पखवाडे को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अभियान को सफल बनाने के लिये जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों को नोडल की जिम्मेदारी सौंपते हुये विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि आगामी 13 सितम्बर को स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भवः’ अभियान का विधिवत शुभारम्भ देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के द्वारा किया जायेगा। जिसका क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से लेकर गांधी जयंती 02 अक्टूबत तक देशभर में किया जायेगा। इसी क्रम में उत्तराखंड में इस अभियान को सफल बनाने के लिये शासन-प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर प्रदेश एवं जनपद स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इस महत्वकांक्षी अभियान में आयुष्मान आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सभी लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी बनाई जायेगी। जबकि आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा सीएचसी लेवल पर साप्ताहिक आयुष्मान मेले आयोजित किये जायेंगे साथ ही ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्डों में आयुष्मान सभा का आयोजन कर गैर संचारी रोगों की जांच के साथ ही लोगों को स्वास्थ्य की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। आयुष्मान सभा में सांसद, क्षेत्रीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, नगर पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। जबकि अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही रेखीय विभागों पंचायतीराज, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, आवास एवं शहरी विकास तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी सहयोग करेंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अभियान के सफल आयोजन को लेकर सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को नोडल की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें इसके लिये विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा गया है जबकि मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित तहसील एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाने के लिये जिम्मेदारी निभायेंगे।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास एच. सी. सेमवाल, अपर सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम स्वाती भदौरिया, अपर सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य स्वास्थ्य प्राधिकारण डॉ. आनंद श्रीवास्तव, अपर सचिव प्रशांत आर्य, अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सायना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भागीरथी जंगपांगी, मीतू शाह, सीएमओ देहरादून डॉ. संजय जैन, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एम.के. पंत सहित रेखीय विभाग समाज कल्याण, ग्राम विकास एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा हरिपुरः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालसी, देहरादून स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए यमुना नदी के तट पर हरिपुर (कालसी) में स्नान घाट/ यमुना घाट के निर्माण कार्य एवं लोक पंचायत द्वारा प्रस्तावित जमुना कृष्ण धाम (मंदिर) का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जौनसार बावर के बॉलीवुड सिंगर अभिनव चौहान के भजन “हरिपुर में आनंद सजेगा“ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर हरिपुर क्षेत्र के नव निर्माण का कार्य एक शुभ संकेत है। यह कार्य पौराणिक मान्यताओं को पुनर्जीवित करने एवं आध्यात्मिक, सनातन संस्कृति के नए अध्याय को लिखने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा हरिपुर क्षेत्र एक बड़ा तीर्थ स्थल हुआ करता था, यह क्षेत्र चार धाम यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र में यमुना जी के तट को विकसित कर एक नए तीर्थ स्थल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। यह क्षेत्र हरिद्वार ऋषिकेश के भांति विश्व विख्यात हो इसके लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा मां यमुना के आशीर्वाद से भव्य घाट निर्माण का संकल्प पूरा होगा। धार्मिक एवं पौराणिक मान्यताओं का हरिपुर स्थल सभी प्रदेश एवं देशवासियों की आस्था का केंद्र है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने हरिपुर धाम के यश को पुनर्स्थापित करने का जो संकल्प लिया है उसे शीघ्र ही सिद्धि तक पहुंचाएगी। मां यमुना का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा हरिपुर के एक नए धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। भविष्य में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में यात्री एवं पर्यटक आएंगे। आज जौनसार बाबर का क्षेत्र जो फलों सब्जियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है आने वाले समय में वह हरिपुर के लिए भी जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र यमुना, टोंस, नौरा और अमलवा के महासंगम का पवित्र स्थान है। इस स्थान में पूर्व की भांति ही यमुना जी की दिव्य व भव्य आरती का भी आयोजन नियमित रूप से होगा। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में आने वाले लोग यहां की लोक संस्कृति के साथ हमारे आदर सम्मान को भी अपने साथ ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार निरंतर विकास के पद पर अग्रसर है उत्तराखंड के प्रमुख धामों को सड़कों से जोड़ा गया है। हरबर्टपुर से यमुनोत्री तक सड़क चौड़ीकरण की भी केंद्र द्वारा सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। जिसका कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा इससे विकास नगर एवं कालसी क्षेत्र से भी चार धाम यात्रा का संचालन हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकारों को समर्पित लोक पंचायत द्वारा जमुना कृष्ण धाम की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कालसी क्षेत्र की विभिन्न प्रस्तावित विकास योजनाओं को शीघ्र आगे बढ़ाने की बात भी कही।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र ऐतिहासिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है। यमुना तट पर घाटों के निर्माण से क्षेत्र का नाम पर्यटन के साथ ही धार्मिक स्थल के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति एवं आध्यात्म के पुनः जागरण का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर स्थित यमुना घाट पहुंच पूजा अर्चना कर प्रदेश की तरक्की एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री यमुना आरती में भी सम्मिलित हुए।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष मीता सिंह, मूरत राम शर्मा, नवीन ठाकुर, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, वी.सी एमडीडीए बंशीधर तिवारी, के.एस चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

स्वैच्छिक रक्तदान कर मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आएंः स्वास्थ्य सचिव

देहरादून। राज्य में डेंगू और वायरल संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद से ब्लड बैंकों में खून की मांग पहले के मुकाबले लगातार बढ़ने लगी है। आम दिनों के मुकाबले ब्लड बैंक में आजकल ज्यादा ब्लड डोनरों की आवश्यकता पड़ रही है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार लगातार आम जनमानस से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील कर रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि डेंगू और वायरल बुखार के दौरान जिन मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे है उन्हें सबसे ज्यादा ब्लड इश्यू किया जा रहा है। इसके कारण ब्लड की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए हर स्वस्थ्य व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने नजदीकी सरकारी ब्लड बैंक में पहुंचकर रक्तदान करे और दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करे।

वहीं इस सबके बीच स्वास्थ्य सचिव ने एक जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदान कर एक नई मिशाल पेश की है। स्वास्थ्य सचिव द्वारा रक्तदान कर संदेश दिया कि रक्तदान कर अन्य लोग भी खून की कमी के चलते जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आएं। हम सबको मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। आम जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें। स्वास्थ्य सचिव ने कहा रक्त प्रकृति का एक ऐसा अनुपम उपहार है जो वैैज्ञानिक तकनीकों के जरिये प्रयोगशालाओं में नहीं तैयार किया जा सकता है। ऐसे में रक्तदान करने से ही गंभीर मरीजों के लिए रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 20 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं। ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके।

कोरोनेशन-गांधी जिला अस्पताल व डेंगू कंट्रोल रूम का स्वास्थ्य सचिव ने किया औचक निरीक्षण, खामियों पर लगाई अधिकारियों को फटकार

देहरादून। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच शासन-प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार समीक्षा बैठकों के साथ ही ग्रांउड जीरो पर जाकर अस्पतालों में हालातों का जायजा ले रहे हैं। आज रविवार को छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य सचिव पूरी तरह से मुस्तैद नजर आये। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी के बंद हाने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पैथोलॉजी को व्यवस्थित तरीके से प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रात्रि 8 बजे तक मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट ली जाये। वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं को लेकर भी बात की। इलाज को लेकर मरीजों की विभिन्न शिकायत पर उन्होंने संबधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य सचिव में औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन, सहायक निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ मंयक बडोला, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ महेन्द्र पंत, डॉ अजय नागरकर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना मौजूद रहे।

गांधी अस्पताल में शुरू होगा 100 बैड का डेंगू वार्ड
इसके बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का काफिला गंाधी अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के पाया कि यहां लगभग 100 बैड का डेंगू वार्ड शुरू किया जा सकता है। जिसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 24 घंटे में गांधी शताब्दी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डेंगू वार्ड शुरू किया जाये। स्वास्थ्य सचिव ने गांधी अस्पताल में खुल ब्लड स्टोरेज सेंटर को पूर्णकालिक ब्लड बैंक में तब्दील करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि मरीजों को रक्त की कमी न हो।

कंट्रोल रूम का 104 के साथ होगा समन्वय
कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के बाद स्वास्थ्य सचिव अपनी टीम के साथ सहस्रधारा आईटीडीए में स्थापित डेंगू कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा राज्य के सभी जिलों से सूचाओं को आदना प्रदान हो सके इसकेक लिए डेंगू कंट्रोल रूम और 104 सेवा का आपसी समन्वय होगा। जिसके बाद राज्य में डेंगू मरीजों के प्रतिदिन का आंकड़ा जारी किया जायेगा। हम सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिले इस पर कार्य कर रहे हैं।

फागिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्दश
स्वास्थ्य सचिव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्दश दिये कि फोगिंग को पहले की अपेक्षा और अधिक प्रभावी बनाया जाये। नोटिफिएड इलाकों में बार-बार फोगिंग की जाये। इसके साथ ही घरों में डेंगू का लार्वा जमा न हो इसको लेकर जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाये।

अधिक पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य में डेंगू मरीजों को समुचित इलाज मिले इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव राज्य के सभी अस्पतालों से लगातार फीड बैक ले रहे हैं। अस्पतालों में दवाईयों व अन्य किसी प्रकार के उपकरणों की कोई कमी न हो इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी के साथ निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। डेंगू मरीजों को आयुष्मान के तहत इलाज न देने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

ई-रक्तकोश पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए कहा हर दिन सुबह शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डेटा एकत्र किया जायेगा। इसके होने से अगले दिन हमें रक्त की पूरी जानकारी मिल जायेगी। कितनी कमी है किस ब्लड ग्रुप के रक्त की ज्यादा डिमांड है। उसके अनुरूम हमें व्यवस्थाओं को बनाने में मदद मिलेगी।

डेंगू पीड़ितों के लिए करें रक्तदान
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं।ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा उन्होंने खुद एक मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पूर्व रक्तदान किया था। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें।

संत समाज ने मंत्री अग्रवाल से की शराब का स्टोर निरस्त करने की मांग

अखिल भारतीय संत समिति तथा विरक्त वैष्णव मंडल के संत समाज ने शराब के डिपार्टमेंट स्टोर को निरस्त करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल को उनके जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है।

बैराज रोड़ स्थित कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचे। यहां मंत्री डा. अग्रवाल के जनसंपर्क अधिकारी ताजेंद्र सिंह नेगी को संत समाज ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए उन्होंने बताया कि देश ही नहीं विदेशों में भी ऋषिकेश की पहचान तीर्थस्थल के रूप में होती है। यहीं नहीं ऋषिकेश में आध्यात्म, योग और मन की शांति के लिए श्रद्धालु तथा पर्यटक बड़ी संख्या में प्रत्येक वर्ष पहुंचते है।

संत समाज ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि इन दिनों एम्स व सीमा डेंटल कॉलेज के निकट तथा नटराज चौक के निकट अंग्रेजी शराब का डिपार्टमेंट स्टोर आवंटित होने से तीर्थनगरी की छवि धूमिल हो रही है, जिसकी संत व साधु समाज निंदा करता है।

संत समाज ने कहा कि तीर्थनगरी में शराब का डिपार्टमेंट स्टोर खुलने से जहां धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। वहीं, युवा पीढ़ी पर भी बुरा असर पड़ेगा। संत समाज ने एक स्वर में शराब के आवंटित स्टोर को निरस्त करने की मांग की। साथ ही निरस्त न होने पर चेतावनी देते हुए कहा कि संत व साधु समाज द्वारा आंदोलन करते सड़क पर उतरकर विरोध किया जाएगा।

इस मौेके पर अध्यक्ष विरक्त वैष्णव मंडल महामंडलेश्वर दयाराम दास जी महाराज, अध्यक्ष अखिल भारतीय संत समिति स्वामी गोपालाचार्य जी महाराज, महामंडलेश्वर वृंदावन दास जी महाराज, महंत निर्मल दास जी महाराज, महंत छोटनदास जी महाराज, महंत रवि प्रपन्नाचार्य जी महाराज, स्वामी करूणाकरण दास जी महाराज, स्वामी रविन्द्र दास जी महाराज, स्वामी प्रकाशानंद, स्वामी हरिदास जी महाराज, स्वामी हरिचरण जी महाराज, स्वामी भरतदास जी महाराज, स्वामी अखंडानंद सरस्वती, स्वामी राम मिलन दास, स्वामी राम पदम दास, स्वामी प्रेमदास, स्वामी सुरेश दास, स्वामी परमेश्वर दास, स्वामी मोहनदास, स्वामी महावीर दास, स्वामी प्रमोद दास आदि संत समाज उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर राजेश कुमार बोले पहाड़ों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत

देहरादून। उत्तराखण्ड में स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पहली तैनाती कर दी गई है। डॉक्टरों को ‘यू कोट-वी पे‘ योजना के तहत संविदा पर तैनाती दी गई है। स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को 4 लाख से 6 लाख रुपये महीने का वेतन दिया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में ​स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल पाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग लम्बे समय से राज्य के पर्वतीय जिलों में स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की कमी को दूर करने की कवायद कर रहा है। जिसके पहले चरण में 24 डॉक्टरों का चयन किया गया है। इनमें
पैथोलॉजिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिक, सर्जन, पीडियाट्रिश, ऑर्थाेपेडिक डॉक्टरों को तैनाती दी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की लोकप्रिय योजना ‘यू कोट-वी पे’ के माध्यम से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संविदा पर तैनाती की गई है। सभी डॉक्टरों को तैनाती के ऑडर जारी कर दिए गए हैं।

सचिव स्वास्थ्य डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि यह सारी भर्तियां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, दवाईयां, आधुनिक चिकित्सा उपकरण की सुविधाएं तो है, लेकिन प्रदेश के कुछ स्थानों पर स्पेशलिस्ट डाक्टरों के रिक्त पदों के कारण आमजन को पूर्णता सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा था। रिक्त पदों पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति होने से आम जन को गुणवत्ता पूर्ण उच्च स्वास्थ्य सुविधा अपने नजदीकी चिकित्सालय में दी गई है। आवश्यकतानुसार ‘यू कोट, वी पे’ मॉडल के अन्य चरण भी आयोजित किये जा सकते हैं।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए धामी सरकार ने यू कोट वी पे फार्मूले के तहत प्लान बनाया है। इस योजना के तहत विशेषज्ञ डाक्टरों को 4 लाख और सुपर स्पेश्यलिस्ट डाक्टरों को 6 लाख रुपये तक प्रति माह वेतन देने की योजना है। योजना का असर रहा कि बड़ी सँख्या में डॉक्टर अपनी सेवाएं देने राज्य के पर्वतीय जिलों में तैयार हुए हैं।

’डॉक्टरों की तैनाती स्थल’

1- ऑर्थाे सर्जन महेश चंद्र, एसडीएच काशीपुर उधमसिंह नगर ।

2- एनेस्थेटिक रोहित, सीएचसी बेतालघाट नैनीताल ।

3- एनेस्थेटिक संजय कूट, सीएचसी सितारगंज उधमसिंह नगर ।

4- ईएनटी विपिन सेघल, एसडीएच रुड़की

5- ईनएटी तोषी जर्नाधन एसडीएच रानीखेत अल्मोड़ा ।

6- एमडी मेडिसन संदीप टंडन, डीएच हरिद्वार ।

7- एमडी मेडिसन प्रीति यादव, डीएच चंपावत ।

8- एमडी मेडिसन शैलेंद्र कुमार, एसडीएच कोटद्वार ।

9- जनरल सर्जन राजीव गर्ग, एसडीएच ऋषिकेश ।

10- जनरल सर्जन कुमार सेन नंदकर्णी, सीएचसी थलीसैंण ।

11- जनरल सर्जन सुरेश वशिष्ट, हरिद्वार ।

12- जनरल सर्जन प्रणाम सिंह प्रताप, एसडीएच रुड़की ।

13- जनरल सर्जन पुनीत बंसल, एसडीएच बाजपुर ।।

14- जनरल सर्जन भानूप्रताप शर्मा, फीमेल हॉस्पिटल शिमली चमोली ।।

15- गायनोलॉजिस्ट अनुराधा ​कुशवाहा, ​सीएचसी सितारगंज ।

16- ऑप्थेल्मोलॉजिट सुमन शर्मा, एसडीएच कर्णप्रयाग चमोली ।

17- पैथोलॉजिस्ट रश्मि संजय कूट, एसडीएच टनकपुर चंपावत ।

18- पेडेयेट्रिक प्रकाश चंद्र सिंह, सीएचसी डीडीहाट पिथौरागढ ।

19- पेडयेट्रिक भारत गुफ्ता, एसडीएच रुड़की ।।

20- पेडयेट्रिक ओमप्रकाश, सीएचसी बेरीनाग पिथौरागढ ।।

21- पेडयेट्रिक उमाशंकर सिंह रावत, सीएचसी अगस्तयमुनि रुद्रप्रयाग ।।

22- पेडयेट्रिक कनिका मेहता, सीएचसी सितारंगज उधमसिंहनगर ।।

23- रेडियोलोजिस्ट शंभू कुमार झा, एसडीएच हरिद्वार ।।

24- रेडियोलॉजिसट देवेंद्र शर्मा, सीएचसी सितारगंज उधमसिंह नगर ।।

स्वास्थ्य सचिव ने किया दून अस्पताल का औचक निरीक्षण, डेंगू की रोकथाम को गाइडलाइन जारी


राज्य में तेजी से बढ़ते हुए डेंगू के मामले को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने सबसे पहले ब्लड बैंक में व्यवस्थाएं देखी यहां पर उन्होंने सख्ती से कहा कि 24 घंटे आरडीपी और एसडीपी की प्रक्रिया होनी चाहिए। प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष स्याना ने उन्हें जानकारी दी कि अगले 10 दिन में एसडीपी यानी जंबो पैक बनाने वाली दूसरी एप्रेसेस मशीन यहां इंस्टॉल हो जाएगी। जिसकी वजह से मरीजों को इंतजार कम करना पड़ेगा।

इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू वार्ड और पीडिया वार्ड का निरीक्षण किया। डेंगू वार्ड में 67 बेड लगाए गए हैं वहीं पीडिया में 30 बेड डेंगू के लिए आरक्षित है। स्वास्थ्य सचिव ने अधकारियों को हिदायत दी की मेडिसिन और पीडिया के डेंगू मरीजों के संबंध में समन्वय बना रहे। इस दौरान उन्होंने डेंगू से पीड़ित मरीजों व उनके परिजनों से अस्पताल में मिल रहे इलाज से संबंधित जानकारी ली।

मीडिया से बात करते हुए डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि डेगूं के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरीक्षण किया गया है। मरीजों के लिए 100 वैड रिर्जव रखे गये हैं। डेंगू के गंभीर मरीजों के मुकाबले सामान्य मरीजों की संख्या ज्यादा है। जरूरत पढ़ने पर अस्पताल में बैडों की संख्या बढ़ाई जायेगी। उन्होंने आम जनमानस से डेंगू को लेकर सर्तक और जागरूक रहने की अपील की। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार संख्या बढ़ाई जायेगी। हमारा प्रयास है कि मरीज को समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध हो जाये। स्वास्थ्य सचिव ने कहा डेंगू मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी फीस या प्लेटलेट्स व जैंबो पैक की अधिक वसूलने वाले अस्पतालों, ब्लड बैंको और पैथोलॉजी लैबों की शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जायेगी। कालाबाजारी वालों को छोड़ा नहीं जायेगा। सीएमओ के स्तर से रेट का निर्धारण किया गया है।

पत्रकारों के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य सचिव ने कहा मिलावट खोरी को लेकर राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है। मोबाइन वैन के आ जाने से इस प्रक्रिया को गति मिली है। अभी विभाग के पास दो मोबाइल बैन है। जिनसे हम मौके पर जाकर खाध पदार्थों की शिकायत आने पर जांच करते हैं। जल्द ही 10 और मोबाइल वैन आ जायेंगी। जिसके बाद मिलावट खोरी रोकने में तेजी आयेगी। इसके साथ ही रूद्रपुर के बाद जल्द देहरादून जनपद में भी खाध सैंपल की जांच के लिए लैबोटरी की स्थापना की जायेगी। इस मौके पर स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ देहरादून, प्रचार्या दून मेडिकल कॉलेज व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

डेंगू रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु दिशा निर्देश जारी

जैसा कि आप विदित है कि विगत वर्षों से डेंगू रोग राज्य में एक प्रमुख जन स्वास्थ्य समस्या के रूप में परिलक्षित हो रहा है। इसी क्रम में अवगत कराना है कि माह जुलाई से नवम्बर तक का समय डेंगू वायरस के संक्रमण के लिये अनुकूल होता है। आगामी माहों में डेंगू रोग के प्रसारित होने की सम्भावना को देखते हुए डेंगू रोग रोकथाम किये जाने हेतु निम्न कार्यवाहियां करना सुनिश्चित करें.

1. राज्य में डेंगू रोग को Notifiable Disease घोषित करने की अधिसूचना “उत्तराखण्ड महामारी (मलेरिया एवं डेगू) विनियम 2019” दिनांक 27 सितम्बर 2021 को जारी की जा चुकी है जिसमें निहित समस्त तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यवाहियों का जनपद स्तर पर क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।

2. डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग की समुचित रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु अन्य समस्त विभागों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है। समस्त विभागों द्वारा डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियां समयान्तर्गत की जायें। डेंगू मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए की जाने वाली समस्त गतिविधियां समस्त विभाग निरन्तर करते रहें ताकि डेंगू के मच्छर को पनपने से रोका जा सके और इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरन्तर प्राप्त की जाए।

3. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरन्तर स्वच्छता अभियान चलाए जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से

रोका जा सके। पर्वतीय जनपदों के मैदानी एवं घाटी क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी जाये डेंगू रोग के मच्छरों के पनपने के स्थानों की साफ सफाई, नाले-नालियों की सफाई, ठोस कचरे का उचित निस्तारण, टीमों का गठन कर क्षेत्रों में डेंगू निरोधात्मक कार्यवाहियां बचाव उपायों पर जनजागरूकता, रोस्टर अनुसार फॉगिंग व कीटनाशक का छिडकाव आदि गतिविधियां की जाये। जन सहभागिता बढ़ाये जाने के लिए जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों, ग्राम प्रधानों का सहयोग भी प्राप्त किया जाये।

4. मलिन बस्तियों में डेंगू लार्वा पनपने की अत्यधिक संभावना के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलाए जायें। लोगों को पानी को ढक कर रखने के लिए व ऐसे स्थान जहां पानी जमा होने की सम्भावना है को लगातार साफ करने के लिए जागरूक किया जाये।

5. डेंगू रोग के दृष्टिगत भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र जैसे सब्जी मंडी, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, पार्क आदि पर विशेष
निगरानी रखी जाये एवं साफ सफाई व डेंगू निरोधात्मक कार्यवाहियां निरन्तर की जाये।

6. डेंगू रोग पर नियंत्रण हेतु लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहिया (सोर्स रिडक्शन) एक कारगर व उपयुक्त उपाय है. जिसके लिए नगर निगम / नगर पालिका, आशा कार्यकत्री व अन्य विभागों के सहयोग से टीमें बनाकर क्षेत्र में कार्यवाही की जाए।

7. डेंगू रोग को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए नगर निगम / नगर निकाय द्वारा माइक्रो प्लान बनाकर
रोस्टर अनुसार फॉगिंग की जाए ताकि प्रत्येक क्षेत्र में सप्ताह में कम से कम एक बार फॉगिंग की जा सके।

8. निर्माणाधीन परियोजनाओं, अधूरे निर्माण कार्य क्षेत्र, नव निर्माण कार्य क्षेत्रों में अभियान के तौर पर सुनिश्चित रखा जाये कि डेंगू मच्छर न पनप पाएं।

9. समस्त राजकीय एवं निजी संस्थानों जैसे ऑफिस, बैंक, व्यापारिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल, रिसॉर्ट, रेस्त्रां, चिकित्सालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि से सेल्फ डिक्लेरेशन सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जाये कि उनके परिसर में कहीं भी पानी जमा नहीं है जिसमें डेंगू का मच्छर पनप सके व ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए उनके द्वारा नियमित तौर से निरीक्षण किया जा रहा है।

10. जिन स्थानों पर चेतावनी के पश्चात् भी पानी जमा होने से डेंगू मच्छर पैदा होने की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, ऐसे संस्थानों व लोगों पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया जाये ताकि जनहित में डेंगू रोग के खतरे से लोगों को बचाया जा सके व महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।

11. डेंगू रोग की रोकथाम के लिए आम जनमानस का सहयोग अत्यन्त आवश्यक है जिसके लिये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया एवं अन्य नेटवर्क के माध्यम से डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण सम्बन्धित वृहद् जागरूकता की जाये। अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न माध्यमों से प्रचार प्रसार किया जाये। जिला सूचना अधिकारियों द्वारा भी जनपद स्तर पर निरन्तर प्रेस विज्ञप्ति एवं अन्य माध्यमों से जागरूकता की जाये।

12. सभी विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिये जायें कि विद्यालय परिसर में कहीं पानी जमा न हो जिससे मच्छर पनपने की स्थिति उत्पन्न न हो। परिसर में साफ सफाई रहे, कबाड़ जमा न हो व निरन्तर घास कटान हो। प्रार्थना सभाओं/असेम्बली के दौरान विद्यार्थियों को डेंगू रोग से बचाव के उपायों पर सजग किया जाये। विद्यार्थियों को पूरी बाजू की शर्ट, पतलून, लेगिंग, लंबी जुराबों वाली ड्रेस पहनने के निर्देश दिये जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों के काटने से बचाव किया जा सके। अभिभावकों को पेरेन्ट-टीचर मीटिंग एवं स्कूल एप के माध्यम से डेंगू से बचाव उपायों हेतू जागरूक किया जाये। डेंगू से बचाव के उपायों पर छात्र-छात्राओं की जागरूकता के लिए सेमिनार, वाद-विवाद, पोस्टर, चित्रकला, निबन्ध लेखन व प्रोजेक्ट वर्क आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाये।

13. जनपद स्तर पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा उपलब्ध निगरानी प्रणाली एवं संसाधनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय में समस्त विभागों द्वारा की जा रही बचाव एवं रोकथाम गतिविधियों की निगरानी की जाये व समय-समय पर स्थिति अनुसार बचाव दिशा निर्देश प्रदान किये जायें व निरोधात्मक कार्यवाहियों में सहयोग किया जाये।

14. डेंगू रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों जैसे नगर निगम, शिक्षा विभाग, ग्राम्य एवं शहरी विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लोक निर्माण, जल संस्थान, जल निगम आदि के सहयोग व अंतर्विभागीय समन्वय हेतु जनपद स्तर पर बैठकों का समय से आयोजन किया जाए।

15, चिकित्सालयों में डेंगू रोगियों के उपचार हेतु पृथक आईसोलेशन वार्ड तैयार कर मच्छरदानी युक्त पर्याप्त
बेड व आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये तथा डेंगू आइसोलेशन वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नामित किये जायें।

16, डेंगू पीड़ित गंभीर रोगियों हेतु ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। 17. डेंगू जांच केन्द्रों में आवश्यक सामग्री जैसे ELISA जांच किट व अन्य जांच सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

18. डेंगू के उपचार एवं नियंत्रण हेतु भारत सरकार की गाईडलाइन “National Guidelines for Clinical Management of Dengue fever” को समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सालायों / चिकित्सकों को आवश्यक कार्यवाहियों हेतु उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

19. डेंगू रोगियों की शुरूआती चरण मे पहचान हेतु फीवर सर्वे किये जायें, लक्षणों के आधार पर डेंगू रोग की संदिग्धता होने पर जांच की जाये।

20. डेंगू रोगी पाये जाने व किसी प्रकार की क्लस्टरिंग मिलने की स्थिति में रोगी के घर के आस-पास लगभग 50 घरों व 500 मीटर की परिधि में आवश्यक रूप से लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्शन), Space/Focal Spray, Fogging, सघन फीवर सर्विलेन्स एवं जनजागरूकता की जाये।

21. स्वास्थ्य विभाग व आई०एम०ए० प्रतिनिधियों / निजी चिकित्सालयों/पैथोलोजी लैबों के मध्य समन्वय बैठक (CME Meeting/Workshop) की जाये ताकि आमजन में डेंगू रोग के प्रति व्यापत भ्रान्ति / भय को दूर किया जा सके।

22 किसी भी प्रकार की आकस्मिक / आपातकालीन आवश्यकता के दृष्टिगत जनपद स्तर पर जिला कार्ययोजना मे भी डेंगू के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाये।

मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से प्रदेश के 14 से 23 वर्ष के 2600 खिलाड़ी होंगे लाभान्वितः सीएम

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना से प्रदेश के 14 से 23 वर्ष के 2600 खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। इस योजना से प्रत्येक जनपद से बालक एवं बालिका वर्ग में 100-100 खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। प्रत्येक खिलाड़ी को प्रतिमाह 02-02 हजार रूपये की छात्रवृत्ति एवं खेल संबंधी उपकरण लेने के लिए प्रतिवर्ष 10-10 हजार रूपये प्रदान किये जायेंगे। सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुछ खिलाड़ियों को दो-दो हजार रूपये का चेक प्रदान कर योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना के तहत खिलाड़ियों को चेक भी प्रदान किये। कार्यक्रम के दौरान पैरालंपिक खिलाड़ियों एवं नेशनल पावर लिफ्टिंग में गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता अपर पुलिस महानिदेशक श्री अमित सिन्हा को भी सम्मानित किया।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में खेल से जुड़ी चार घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून के खिलाडियों हेतु 200 बैड के छात्रावास का निर्माण कराया जायेगा। हरि सिंह थापा स्पोर्ट्स कॉलेज लेलू, पिथौरागढ़ के खिलाड़ियों हेतु 50 बैड के छात्रावास का निर्माण कराया जायेगा। उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों का दैनिक भोजन भत्ता 250 रुपए से बढ़ाकर भारतीय खेल प्राधिकरण की भांति 480 रुपए प्रतिदिन, प्रति खिलाड़ी किया जायेगा। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों को साधारण बस एवं स्लीपर रेल किराया से बढ़ाते हुए एसी बस अथवा थ्री टीयर एसी ट्रेन यात्रा की सुविधा प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। उन्होंने सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद के अनुकरणीय एवं शानदार खेल कौशल ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अपने खेल के दम पर उन्होंने दुनिया भर के लाखों दिलों पर राज किया। मेजर ध्यानचंद जी ने हॉकी की दुनिया में भारत को एक अलग पहचान दिलाई। हाल ही में भारतीय हॉकी टीम ने भी चौथी बार एशियन हॉकी चौंपियन ट्राफी जीतकर एक इतिहास रचा है और भारत का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर भारत को एक अलग पहचान मिली है। हमारे देश में खिलाड़ियों के सामर्थ्य का सम्मान हो रहा है। देश के जैवलिन थ्रो के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चौंपियनशिप 2023 में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर से साबित कर दिया कि दुनिया में कहीं भी खेल का मैदान हो, भारत का तिरंगा शान से लहराता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी खेलों को बढावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। पिछले वर्ष शुरू की गई मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। प्रदेश में करीब 3900 उभरते खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु नई खेल नीति लाई गई है। खिलाड़ियों को नियमानुसार त्वरित वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की स्थापना की गयी है। खिलाड़ियों के प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण शिविरों में तथा यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है। विश्वविद्यालयों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटा की व्यवस्था करने के लिये नियमावली बनाने जा रही है। राज्य के अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। राज्याधीन सेवाओं में सेवायोजन के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किये जाने की कार्यवाही भी अंतिम चरण में है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। खेल को केन्द्र बिन्दु में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कार्य किये जा रहे हैं। अगले वर्ष उत्तराखण्ड राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा। नई खेल नीति में खिलाड़ियों के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। खिलाड़ियों के नकद पुरस्कार में भी वृद्धि की गई है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, खेल निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनकर उपस्थित थे।