स्वास्थ्य मंत्री बोले, वार्डों में एनएमसी मानकों के अनुरूप तैनात होंगे चतुर्थ श्रेणी कार्मिक

राज्य में राजकीय मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में सफाई व्यवस्था को आउट सोर्स के माध्यम से मजबूत किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती एनएमसी मानकों के अनुसार की जायेगी। मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये शीघ्र ही ई-ग्रंथालय की सुविधा प्रारंभ की जायेगी।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध चिकित्सालयों में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये आउट सोर्स सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिये चिकित्सा शिक्षा निदेशालय प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध करायेगा। इसके उपरांत शासन की अनुमति के उपरांत सभी मेडिकल कॉलेज सफाई व्यवस्था के लिये आउट सोर्स सेवाएं ले सकेंगे। इसी प्रकार सम्बद्ध चिकित्सालयों के सभी वार्डों में एनएमसी मानकों के अनुरूप चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जायेगी ताकि मेडिकल कॉलेजों में आने वाले सभी मरीजों को 24 घंटे वार्ड ब्वाय की सेवा उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को देश-विदेश के बेहतर लेखकों के पाठ्य पुस्तकों एवं शोध पत्रों को ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मेडिकल कॉलेजों में शीघ्र ई-ग्रंथालय की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस संबंद्ध में चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को शीघ्र ई-ग्रंथालय की सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं जिसका विधिवत शुभारम्भ इसी सत्र के शुरू होने के साथ ही कर दिया जायेगा। उन्होंने प्रदेश के पिथौरागढ़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, श्रीनगर व देहरादून मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों से संबद्ध कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारयों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि मेडिकल छात्रों के छात्रावासों में सफाई से लेकर बेहतर पढ़ाई का माहौल उपलब्ध कराने के लिये कॉलेज प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेमचन्द्र, अपर सचिव स्वास्थ्य शिक्षा नमामि बंसल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, केजीएमसी लखनऊ के प्रो. सूर्यकांत सहित पिथौरागढ़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, श्रीनगर के प्राचार्य एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की कलाई पर प्रदेशभर से आई महिलाओं ने बांधा रक्षा सूत्र

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा सूत्र बांधा। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का त्योहार है। रक्षाबंधन महिलाओं के सम्मान का भी पर्व है। उन्होंने कहा कि यह पर्व पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व का पर्व भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी नारीशक्ति ने अपने कार्यों और आत्मविश्वास से स्वयं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। राज्य में महिला सशक्त बहना उत्सव योजना शुरू की गई है। आज हर क्षेत्र में हमारी मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। राज्य में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड के विकास में मातृशक्ति की अहम भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य हो रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री ने देश के सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि अपनी धार्मिक यात्रा का 05 प्रतिशत व्यय स्थानीय एवं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों पर अवश्य खर्च करें। इससे हमारे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले 09 सालों में देश में गरीबों के लिए 04 करोड़ से अधिक आवास बनाये गये। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में राज्य में जिन लोगों को आवास मिले उन्हें राज्य सरकार द्वारा घर में बर्तन एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिए 05-05 हजार रुपये की धनराशि दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अब जिनको आवास मिलेंगे उन्हें बर्तन एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिए राज्य सरकार द्वारा 07-07 हजार रुपये की धनराशि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में इससे पूर्व मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं देते हुए सबके सुखमय जीवन की कामना की।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल, भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री महिला मोर्चा दीप्ति रावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा नेहा जोशी, बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, गीता रावत, रूचि भट्ट, नेहा शर्मा, आशा कोठारी मौजूद थे।

विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वालों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुभाष रोड़ स्थित वेडिंग प्वाइंट में पंजाबी सभा द्वारा आयोजित विभाजन विभीषिका सम्मान समारोह में विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वालों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका के दौरान दिवंगत लोगों की स्मृति में स्मृति स्थल के निर्माण की भी घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वयोवृद्ध विद्या वंती, सरदार मनोहर सिंह नागपाल, नानक चंद नारंग, भवानी दास अरोड़ा आदि को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को एक ओर जहां देश आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दर्द सहा। देश का विभाजन भारत के लिए किसी विभीषिका से कम नहीं था। इस दंश के दर्द की टीस आज भी है, जो इसे झेलने वाले लोगों की आंखों को नम कर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का विभाजन केवल एक भूभाग का विभाजन नहीं था, पीढ़ियों से साथ रह रहे लोगों के बीच नफरत और सांप्रदायिकता की लकीर खींच दी गई थी। लगभग पूरा भारत छिन्न-भिन्न हो गया था। सालों से साथ रहने वाले लोग, एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे, हर जगह क्रूरता नजर आ रही थी, जीवन मूल्यहीन हो गया था। मानव विस्थापन का इससे भयानक और विकराल रूप पहले कभी नहीं देखा गया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था।

विभाजन के दौरान वैमनस्य और दुर्भावना का दृढ़तापूर्वक सामना करने वाले, प्रत्येक व्यक्ति के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस हिंसक उन्माद के दौर के इस परिसर में बैठे हमारे वरिष्ठों और उनके अनेकों साथियों ने, समाज के प्रति अपने कर्तव्य, राष्ट्र के प्रति अपनी कृतज्ञता, और मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण को जीवंत रखा। इस बंटवारे ने जो जटिलताएं और विषमताएं, आजाद भारत के सामने ला कर खड़ी कीं, देश आज भी उनका सामना कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेकों इतिहासकारों और राजनेताओं ने, विभिन्न मंचों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि, भारत का विभाजन राजनीतिक निर्बलता का स्पष्ट उदाहरण था। हम सभी का यह दायित्व है कि, हमारी युवा पीढ़ी, उस तथ्य को जाने कि यह आज़ादी हमने किन हालातों में प्राप्त की थी? उन्होंने कहा कि देश आज आजादी के अमृत वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अमृतकाल में यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद विभाजन विभीषिका झेल चुके लोगों ने विभाजन से मिले दर्द को भुलाकर देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने इस क्षेत्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से पलायन करके आए हुए आप जैसे हमारे पंजाबी भाइयों ने दिखा दिया कि मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इंसान क्या नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने भी उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का ’’विकल्प रहित संकल्प’’ लिया है। इसके लिए हम सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मंत्र पर काम कर रहे हैं। प्रदेश में सड़क, रेल, हवाई यातायात की सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। सभी के सहयोग और समर्थन से हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में अवश्य सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के सनातन स्वरूप को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। राज्य में धर्मांतरण के विरूद्ध कानून सख्ती से लागू किया गया है। देवभूमि के प्रति लोगों की आस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रदेश की जनता से किये गये वायदे के अनुरूप शीघ्र ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया जायेगा। अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध भी सख्ती से कार्यवाही कर किसी भी षड्यंत्र के तहत किये जाने वाले अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं विधायक शिव अरोड़ा, महामण्डलेश्वर स्वामी धर्मदेव, विश्वास डाबर आदि ने भी अपने विचार रखें।

देहरादून गढ़ी कैंट में शहीद दुर्गा मल्ल को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गा मल्ल पार्क में आजाद हिंद फौज के शहीद मेजर दुर्गा मल्ल की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले गोरखा समुदाय के लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्प आयु में ही मेजर दुर्गा मल्ल ने देश की रक्षा के लिए अपने सभी सुख, सुविधाओं को त्याग कर अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने का जो दृढ़ साहस दिखाया था, उसे हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित होकर अपना सर्वस्व देश को अर्पण कर दिया। 1931 में दुर्गा मल्ल जी गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए और यहीं से उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में भी हिस्सा लिया। 1942 में वे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आह्वान पर आजाद हिन्द फौज में भर्ती हो गये। 27 मार्च 1944 में अंग्रेज सैनिकों द्वारा दुर्गा मल्ल को युद्धबंदी बना लिया गया और सैनिक अदालत द्वारा उन्हें फांसी पर चढ़ाने का हुक्म दिया गया। 25 अगस्त 1944 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में स्वाधीनता के इस दीवाने ने हंसते हंसते फांसी का फन्दा अपने गले में स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि एवं वीरों की भूमि है, बलिदानियों की भूमि है। यह बात हमारे सैनिकों ने आज तक हुए सभी युद्धों में सिद्ध भी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका चारों ओर फहरा रही है। केन्द्र सरकार जहां एक ओर सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैनिकों और उनके परिवारों को मिल रही सुख-सुविधाओं का भी ख्याल रख रही हैं। प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे है। राज्य सरकार भी नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों एवं उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय भी इसी आशय से राज्य सरकार ने लिया है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शहीद मेजर दुर्गा मल्ल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्हें आजाद हिन्द फौज में गुप्तचर का कार्य दिया गया था। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को कर्तव्यनिष्ठा से पूरा किया और देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। हम सबको उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। गणेश जोशी ने कहा कि गुनियालगांव, देहरादून में हमारे शहीद सैनिकों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं, बढ़ रही पर्यटकों की संख्याः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईएसबीटी, देहरादून के निकट एक होटल में आयोजित ‘स्टेट ऑफ द स्टेट – उत्तराखण्ड फर्स्ट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। महिला सशक्तिकरण, रोजगार, वेलनेस, आयुर्वेद, आयुष, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, औद्यानिकी के क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से कहा कि इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। समिति ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 01 साल 03 माह में 02 लाख 35 हजार से अधिक लोगों के इसके लिए सुझाव लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड में हर स्थान एक नया डेस्टिनेशन है। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में प्रबल संभावनाओं को देखते हुए अगले 25 सालों के प्लान पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य के पर्वतीय नगरों की धारण क्षमता का आकलन किया जा रहा है। गढ़वाल एवं कुमाँऊ मण्डल में एक-एक नये शहर बसाने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार इकोनॉमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। आपदा की दृष्टि से भी संवेदनशील राज्य है। अभी मानसून सक्रिय है, अभी तक इस वर्ष अतिवृष्टि से राज्य में 01 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में अभी तक राज्य को केन्द्र से डेढ़ लाख करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। राज्य में पिछले साल जीएसटी में 25 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्ति हुई। इस वर्ष भी अभी तक जीएसटी से राजस्व प्राप्ति की स्थिति अच्छी है। राज्य में सख्ती से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। वन विभाग की भूमि से 2700 एकड़ की भूमि अतिक्रमण से मुक्त की गई। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। नकल का अपराध काफी समय से चल रहा था। जन शिकायतों पर जब इसमें जांच कराई गई तो इसमें सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई। 80 से अधिक दोषियों को जेल भेजा गया। राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अभी तक जो भी परीक्षाएं हुई हैं, सभी शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न सम्पन्न हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के बाद राज्य में तेजी से रिवर्स माइग्रेशन हुआ है। लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि हमारे नौजवान सिर्फ रोजगार पाने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें।

मां गंगा, गौमाता और गीता जैसें ग्रंथों से मिलती है प्रेरणाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बन्नू स्कूल, देहरादून में आयोजित ‘एक देश संकल्प गौमाता राष्ट्रधर्म’ महोत्सव में प्रतिभाग किया तथा कथा व्यास गोपाल मणि का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मां गंगा, गौमाता और श्रीमद् भगवत गीता जैसे ग्रन्थों से हम सबको प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से उपस्थित गौमाता के संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता को ऐसा दर्जा है जिसके दूध का कर्ज हम कभी नहीं भूला सकते। इनके दूध से दही, मक्खन जैसे खाने के पदार्थ बनते है एवं खाने-पीने के अन्य पकवानों में भी इनका उपयोग होता है। गौमाता के दूध का उपयोग नवजात शिशु के पालन पोषण के साथ-साथ वयस्क लोगों के भी उपयोग में आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि आज गोस्वामी तुलसीदास का जन्मदिन है तथा इस अवसर पर उन्हें गौसंरक्षण जैसी मुहिम से जुड़ने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोग किसी के बुलाने पर नहीं आए है, बल्कि वह भगवान के बुलाने पर यहां आए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी धार्मिक संस्कृति के अनुसार गौ माता को पूरे संसार की माता का दर्जा दिया गया है। परन्तु समय के साथ-साथ कुछ लोगों द्वारा गौमाता और उनसे संबंधित मनुष्यों के उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे गोबर, गौमूत्र का मजाक बनाकर रख दिया है। हमारी सरकार भी गौ संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और उसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं लागू की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश में जितने भी तीर्थ स्थान है, उनके पुनर्निर्माण के लिए तेजी से किये जा रहे है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ पुनर्निर्माण और आने वाले समय में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण कानून लागू किया गया है। इसी के तहत लव जिहाद और लैंड जिहाद में भी अगर कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएम ने राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से वापस आते ही सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र पहुंचकर प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि एवं नुकसान की अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी एवं पौड़ी से फोन पर वार्ता कर इन जनपदों में हुए नुकसान की जानकारी ली। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में राज्य के अधिकांश जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखें एवं सभी सहयोगी संस्थाओं से निरन्तर समन्वय बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जनपदों में खाद्यान्न से संबंधित सभी वस्तुओं के साथ ही दवाओं की भी पर्याप्त उपलब्धता रखी जाएं। शासन के उच्चाधिकारियों एवं सचिव आपदा प्रबंधन को भी जिलाधिकारियों से निरन्तर समन्वय बनाये रखने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रदेश में बहुत लोग प्रभावित हुए हैं। कुछ लोगों ने अपने परिवार के लोगों को खोया है। काफी लोग बेघर हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए जल्द ही एक योजना लाई जा रही है। बेघर हुए लोगों को पुनर्वास की व्यवस्था, उनके रोजगार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। जिन बच्चों ने इस आपदा में अपने माता-पिता को खो दिया है, उन बच्चों के लिए शिक्षा का इस योजना के तहत प्रबंध किया जायेगा। अतिवृष्टि के कारण प्रदेश में आपदा की स्थिति है। सड़कों, पुलों, मकानों, फसलों, बिजली एवं पानी की लाईनों का भी काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में अतिवृष्टि से एक हजार करोड़ से भी अधिक की परिसम्पति का प्रदेश को नुकसान हुआ है। भारत सरकार की टीम ने राज्य में हो रहे नुकसान का प्रारंभिक रूप में सर्वे भी किया है। आपदा से हो रहे नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य सरकार से भी भारत सरकार को पत्र भेजा रहा है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव सविन बंसल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्मिकों को पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण और अनावश्यक आपत्तियां ना लगाने की हिदायत

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री कार्यालय के कार्मिकों को पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण तथा अनावश्यक आपत्तियां ना लगाने की कड़ी हिदायत दी है। एसीएसी रतूड़ी ने कार्मिकों से स्पष्ट कहा कि राज्य में ई ऑफिस व्यवस्था को सरकारी कामों के सरलीकरण व जन-समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए ही लागू किया गया है। अधिकारी-कार्मिक जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण के लिए नियमों के तहत सरल रास्ता निकालने का प्रयास करें न कि अनावश्यक आप्पतियां लगाये। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को दी जानी वाली आर्थिक सहायता डीबीटी की तरह सीधे एवं जल्द से जल्द लाभार्थियों को मिले इसके लिए आवेदन का एक स्टेडंर्ड फोर्मट जल्द तैयार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के कार्मिकों की बैठक लेते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय पूरे प्रदेश में सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय है। यह सभी कार्यालयों के लिए पथप्रर्दशक है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप कार्मिक ऑनरशिप की भावना से कार्य करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी व कार्मिकों की कार्यशैली पर किसी भी प्रकार का प्रश्नचिह्न नही लगना चाहिए। यहां पर कार्यरत अधिकारियों एवं कार्मिकों से सर्वाेच्च निष्ठा की अपेक्षा की जाती है। कार्मिकों को संवेदनशीलता के साथ जनसामान्य से भी अच्छा व्यवहार बनाये रखना चाहिए व पूरी ईमानदारी से कार्य करना चाहिए।
एसीएस राधा रतूड़ी ने सीएम कार्यालय के सभी अधिकारियों व कार्मिकों को उनके नाम से किए जा सकने वाले साइबर फ्रोर्ड से भी सर्तक रहने तथा किसी भी प्रकार के साइबर फ्रोर्ड की शिकायत एसएसपी (एसटीएफ) को करने की सलाह दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में रिकॉर्ड कीपिंग की बेहतर व्यवस्था करने, पत्रावलियों के कुशल रखरखाव करने, वीडिंग के माध्यम से पुराने अनावश्यक सामान को हटाने, कार्यालयों में स्वच्छता रखने, आधुनिकतम कम्पयूटर हार्डवेयर व अन्य सामानों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए। एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने मुख्यमंत्री कार्यालय के समस्त छः अनुभागों के मध्य बेहतर कार्य आवंटन पर बल दिया।
बैठक में सचिव एस एन श्री पाण्डेय, अपर सचिव जगदीश काण्डपाल, ललित मोहन रयाल, मुकेश थपलियाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी छः अनुभागों के अनुभाग अधिकारी, समस्त समीक्षा अधिकारी, समस्त सहायक समीक्षा अधिकारी व अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

महिलाओं का सशक्त होना, समाज के लिए जरुरी-गीता धामी

उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से तीजोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत गीता धामी ने बतौर मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथि कंचन गुनसोला समाज सेवी व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा, उत्तराचंल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, महामंत्री विकास गुसाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि गीता धामी का स्वागत प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने पुष्पगुच्छ देकर किया। इसके पश्चात इला पंत के डांस ग्रुप नृत्यांगन की टीम ने रंगारंग प्रस्तुति दी। जिसमें बच्चों ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की। तीज क्वीन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर वंदना अग्रवाल, द्वितीय स्थान पर माधुरी दानु, तीसरे स्थान पर रश्मि कुकरेती रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीता धामी ने कहा कि प्रेस क्लब के इस आयोजन के लिए प्रेस क्लब कार्यकारिणी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज महिलायें हर क्षेत्र में आगे आ रही है। चाहे वे राजनैतिक दृष्टीकोण हो या फिर समाजिक दृष्टिकोण में अपनी भूमिका निभाने में आज आगे है। वे घर के साथ बाहर के काम को बखूबी निभा रही है। बाहर भी पूरी तरह से जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलायें अपनी संस्कृति को भी कायम रखने में अपनी पूरी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी तीज विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
तीज क्वीन में प्रथम स्थान पर वंदना अग्रवाल, दूसरे स्थान पर माधुरी दानु, तीसरे स्थान पर रश्मि कुकरेती, फर्स्ट रनरअप सुधा बडत्थवाल, सेकेंड रनर अप दीपशिखा वर्मा रही। कार्यक्रम में वंदना अग्रवाल ने ‘गोरी है कलियां दिलादे मुझे हरी-हरी चुडियां’, दूसरे स्थान पर रही माधुरी दानु ने ‘थलकी बाजार’ पर डांस कर रंगारंग प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त मं़त्री मीना नेगी व अर्चना शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। निर्णायक की भूमिका रूपा सोनी, अर्चना वर्षा माटा व साधना शर्मा ने निभाई।
इस दौरान महिला पत्रकारों समेत प्रेस क्लब सदस्यों की पत्नियों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। इस इस अवसर पर क्लब की वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि खत्री, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दरवान सिंह, कोषाध्यक्ष मनीष भट्ट, संप्रेक्षक मनोज सिंह जयाड़ा, कार्यकारिणी सदस्य, लक्ष्मी बिष्ट, विनोद पुंडीर, मंगेश कुमार, भगवती कुकरेती, दया शंकर पाण्डे समेत कई लोग मौजूद रहे।

एक के बाद एक फैसले लेकर धामी सरकार ने जीता सिख समुदाय का दिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सहारनपुर चौक स्थित गुरूद्वारा में श्री गुरू सिंह सभा देहरादून द्वारा सिख समुदाय में होने वाले ‘आनन्द कारज’ की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आढ़त बाजार के इस गुरुद्वारे में स्थित सराय को संसाधन युक्त किए जाने हेतु अल्पसंख्यक कल्याण निधि से 25 लाख रुपए की धनराशि दी जायेगी। सिख समाज में सेवा का जो विशेष भाव है, उसी भाव के अंतर्गत गरीब सिख परिवारों के बच्चों और समाज के अन्य गरीब तबकों के लिए सिख समाज ने विद्यालय खोले हैं। ऐसे विद्यालयों में संसाधन उपलब्ध किए जाने हेतु 25 लाख रुपए प्रदान किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक देव को नमन करते हुए कहा कि उनके अंदर का सेवाभाव दिनों दिन बढ़ता रहे और गुरूनाकदेव जी का आशीर्वाद ऐसे ही पूरे प्रदेश पर बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनंद कारज एक्ट के लिए वर्ष 1909 में पहली बार मांग उठी थी, इसके बाद एक्ट बनवाने तथा पास करवाने के लिए सिख समाज को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। प्रदेश में राज्य सरकार ने कैबिनेट में आनंद कारज एक्ट को मंजूरी देकर सिख समाज की एक सदी पुरानी मांग को पूरा किया है। इस एक्ट के लागू होने से एक ओर जहां सिख समुदाय में महिला सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा मिलेगा, वहीं सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होने से बाल विवाह, बहुविवाह को रोकने में भी मदद मिलेगी। यह एक्ट महिलाओं को पति से भरण-पोषण और बच्चों को अपनाने के अपने अधिकारों का उपयोग करने में भी सहायक सिद्ध होगा, इसके साथ ही विधवा महिलाओं को विरासत का दावा करने में सक्षम बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि आज करतारपुर कॉरिडोर बनाने की सिख समाज की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हो पाई। 26 दिसंबर को गुरू गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए पहली बार ’’वीर बाल दिवस’’ मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। देवभूमि उत्तराखण्ड में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। राज्य सरकार उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प को लेकर निरन्तर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।