हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में आयोजित श्रीराम कथा में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हिन्दू नेशनल इंटर कॉलेज लक्ष्मण चौक में आयोजित श्री राम कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री राम कथा व्यास पद्म विभूषण जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का अभिनन्दन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज जी के मुखारबिन्द से राम कथा का वर्णन दार्शनिक है, अतुलनीय है तथा साक्षात प्रभु राम के आशीर्वाद के समान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का पावन जीवन चरित्र समूची मानवता के लिए दिग्दर्शन है, प्रेरणा एवं प्रकाश है। उनके जीवन से हम सबको विषम परिस्थितियों में जूझने की प्रेरणा मिलती है। यह हम सबका सौभाग्य है कि स्वामी जी के मुखारबिन्द से हमें श्री राम कथा श्रवण का आनंद प्राप्त हो रहा है। तथा यह वर्तमान पीढ़ी का भी सौभाग्य है कि वह श्रीराम कथा श्रवण की परंपरा से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थान के माध्यम से दीन दुखियों, दिव्यांगों एवं विद्यार्थियों की सेवा करने के साथ शिक्षा प्रदान करने कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। हमारा प्रदेश दो देशों की अन्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़़ा है। गंगा, यमुना का उद्गम स्थल तथा धर्म, आध्यात्म तथा संस्कृति का केंद है। देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इसके लिये राज्य में समान नागरिक संहिता हमारे राज्य की जरूरत थी। इसके लिये कमेटी का गठन किया गया, कमेटी द्वारा जून तक इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया जायेगा। इसके पश्चात राज्य में इसे लागू किया जायेगा। यह किसी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में लैंड जेहाद के रूप में हो रहे धार्मिक अतिक्रमण को समाप्त करने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में अवैध अतिक्रमण को किसी भी दशा में होने नहीं दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण पर अब हमने कड़ा कानून बनाया है। इसके अंतर्गत 10 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से हर नए कार्य की शुरुआत होती है और जो हमारे यहां शुरू होता है वो पूरे देश में जाता है। धर्मांतरण पर कानून समय की आवश्यकता थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड देश और दुनिया का नम्बर वन पर्यटन प्रदेश बनने के साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भी वैश्विक पटल पर पहचान बने। उन्होंने कहा कि इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम पुरस्कार मिलना प्रदेश के साथ ही हमारी लोक संस्कृति का भी सम्मान है।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा आदि उपस्थित थे।

हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, देहरादून में देख सकेंगे गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार प्राप्त उत्तराखण्ड की झांकी ‘मानसखण्ड’

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की झांकी ‘मानसखण्ड’ को सम्पूर्ण उत्तराखण्ड भ्रमण के पश्चात गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में स्थायी रुप से स्थापित कर दिया गया है। इस झांकी को प्रदेश की आम जनता के अवलोकनार्थ प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर डेढ़ माह तक पूरे प्रदेश में भ्रमण कराया गया था, जिसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास से दिनांक 05 अप्रैल, 2023 को किया गया था।

मुख्यमंत्री ने इस झांकी को गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में संरक्षित रखने के निर्देश दिये थे। इस झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर तथा उत्तराखण्ड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों व झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मन्दिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया गया था, साथ ही कुमांऊ की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी में समावेश किया गया था।

ज्ञातव्य है कि वर्ष 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की झांकी ‘केदारखण्ड’ को भी इसी परिसर में स्थापित किया गया है। भविष्य में प्रदेश की आम जनता द्वारा इन झांकियों का अवलोकन कभी भी किया जा सकता है।

श्रीकृष्ण का आदर्श चरित्र सदैव मानव जाति के कल्याण हेतु प्रेरणादायी रहाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री महावीर सेवा समिति द्वारा दशहरा ग्राउंड प्रेमनगर में आयोजित ‘‘एक शाम कन्हैया के नाम’’ भजन संध्या में शामिल हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल एवं मयूर गुप्ता को सम्मानित करते हुए उनके द्वारा अपनी गायकी के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के चरित्र को आम जन मानस तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का आदर्श चरित्र सदैव मानव जाति के कल्याण हेतु प्रेरणादायी रहा है। मनुष्य को सदैव निष्काम कर्म के प्रति समर्पित रहने से संबंधित भगवान श्री कृष्ण के दिव्य संदेशों में मानव जाति का कल्याण भी निहित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रहे हैं। आज देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना पुनः जागृत हुई है। वहीं प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनर्निर्माण और जीर्णाेद्धार के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण कार्य इस वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य है। बद्रीनाथ धाम में भी मास्टर प्लान का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने हेमकुंट साहिब एवं गौरीकुंड से केदारनाथ तक के रोप-वे का शिलान्यास कर दिया है इससे आने वाले समय में यात्रा और सुगम होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट 30 जून तक तैयार हो जाएगा, जोकि पूरे राष्ट्र के लिए मॉडल बनने वाला है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, पं. कृष्ण प्रसाद, दीपक शर्मा, बलदेव चावला सहित समिति से जुड़े लोग, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थे।

सीएम ने ग्राफिक एरा के छात्रों से मेहनत करते हुए सर्वोत्तम अंक प्राप्त करने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के रजत जयंती समारोह ग्राफेस्ट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान बालीवुड की जानीमानी गायिका और अनेक अवार्ड से नवाजी गयी नेहा कक्कड द्वारा गानों की प्रस्तुति दी गयी।

कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने भविष्य के लिये मेहनत करते हुए अपने सर्वाेत्तम को प्राप्त करें, ऐसी मेरी कामना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतवर्ष नई-नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता का सौभाग्य हमारे देश को प्राप्त हुआ है, यह हम सभी के लिये गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी जिसके तीन परिसर देहरादून, हल्द्वानी एवं भीमताल में हैं यह सभी संस्थान आज उच्च टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग के श्रेष्ठ केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं। आज 30,000 विद्यार्थियों के साथ ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय अपने 25 वर्ष पूर्ण कर चुका है। यह सभी संस्थान अपने शोध, नवाचार एवं अपने उच्च स्तरीय शिक्षण के लिए जाने जाते हैं और राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्होंने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष के प्रथम शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में इसका नाम शामिल होना अपने आप में इस बात का परिचायक है कि ग्राफिक एरा ने पिछले 25 वर्षों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने डॉ0 कमल घनशाला को इन उपलब्धियों के लिये बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिये बहुत ही गर्व की बात है कि उनके द्वारा ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज एवं ग्राफिक एरा हॉस्पिटल को विकसित करके हजारों व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान किये गये।

होम्योपैथिक अत्यंत कारगर होने के साथ किफायती भीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, देहरादून में राष्ट्रीय होम्योपैथिक सम्मेलन ‘होम्योकॉन- 2023’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होम्योपैथिक पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लॉच किया। होम्योपैथी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होम्योपैथी के जन्मदाता सैमुअल क्रिश्चियन हैनिमैन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने होम्योपैथी के रूप में एक ऐसी उपचार पद्धति विकसित की, जो अत्यंत कारगर होने के साथ साथ किफायती भी थी। उन्होंने कहा कि शरीर ही सारे कर्तव्यों को पूर्ण करने का एकमात्र साधन है। शरीर की रक्षा करना और उसे निरोगी बनाये रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। यदि मनुष्य निरोगी होगा तो, वह जीवन में सब कुछ कर सकता है। जीवन शैली में तेजी से बदलाव हो रहा है, ऐसे में और भी अधिक आवश्यक हो जाता है कि हम अपने शरीर का जितना हो सके उतना ख्याल रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के कारण ही आज योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति समेत तमाम प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियां अपना विलुप्त होता वैभव पुनः प्राप्त कर रही हैं। चाहे वो आयुष मंत्रालय का गठन हो या फिर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन हो। प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के कारण ही आज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को लोग अपना रहे हैं। भारत में पारम्परिक चिकित्सा प्रणाली को बढावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में पृथक से आयुष मंत्रालय का गठन किया था। राज्य सरकार प्रदेश में आयुष चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा होम्योपैथी को विश्व की दूसरी सबसे बड़ी प्रचलित चिकित्सा पद्धति माना गया है। हम सभी ने कोरोना काल में होम्योपैथी की दवाइयों सहित पारंपरिक चिकित्सा के महत्व को बहुत करीब से देखा है, जिसके बाद होम्योपैथी की विश्वभर में स्वीकार्यता बड़ी है। इन सुखद परिणामों के चलते ही नई स्वास्थ्य नीति में होम्योपैथी को एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थान मिला है। राज्य सरकार देवभूमि को एक महत्वपूर्ण आयुष प्रदेश के रूप में स्थापित करने हेतु कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य में आयुष और विशेष रूप से किफायती और कारगर होने के कारण होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति की महत्ता और बढ़ जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला में होने वाले विचार-विमर्श एवं चिन्तन से होम्योपैथी के विकास में और अधिक गति मिलेगी।
केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने होम्योपैथी और आयुष को तेजी से आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी जटिलतम रोगों के निदान का एक कारगर उपाय है। देवभूमि उत्तराखण्ड आयुष की प्रेरक रही है। होम्योपैथी हमारी परंपरागत चिकित्सा पद्धति रही है। होम्योपैथी पर अधिक से अधिक अनुसंधान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष और योग के क्षेत्र में भी भारत की वैश्विक स्तर पर अलग पहचान है। इनको हमें अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा।
इस अवसर पर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. जे.एल. फिरमाल, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. नितीष दुबे, डॉ. जसवंत पाटिल एवं होम्योपैथी से जुड़े चिकित्सक उपस्थित थे।

सड़क सुरक्षा कार्यों से संबंधित वार्षिक कार्ययोजना को ससमय पूर्ण किया जाएः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्धन समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित वार्षिक कार्ययोजना को ससमय पूर्ण कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जनपद में चिल्ड्रन ट्रेफिक पार्क स्थापित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे बच्चों को यातायात से सम्बन्धित नियमों की जानकारी जीवन के शुरूआती समय से मिलेगी, जिससे बच्चे यातायात नियमों के प्रति जागरूक हो सकेंगे। उन्होंने बच्चों के पाठ्यक्रम में भी इससे सम्बन्धित अध्यायों को जोड़े जाने हेतु शिक्षा विभाग को निर्देश दिए। साथ ही, यातायात नियमों की जागरूकता हेतु लघु फिल्मों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को प्रदेशभर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हेतु मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए। कहा कि सीसीटीवी कैमरे चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे, जिसके लिए बजट प्रत्येक वर्ष निर्धारित किए जाएगा। उन्होंने यातायात पुलिस, परिवहन, खनन आदि सभी संबंधित विभागों को एएनपीआर कैमरों के लिए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, आईजी एवं निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल एवं विनीत कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम आवास में मुख्यमंत्री से मिले आईएएस प्रशिक्षु अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में आई.ए.एस. प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की। सभी अधिकारी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उनका लाभ आम आदमी तक सुलभ कराने का दायित्व रहता है। उन्होंने लोगों की समस्याओं को समझने के लिये आम लोगों से जुडने की भी प्रशिक्षु अधिकारियों से अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि को अपनी कार्य पद्धति का सिद्धांत बनाया है और इसी मूल मंत्र को आधार बना कर जन समस्याओं को सुलझाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आने वाले समय में सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण मंत्र के साथ वे भी जन सेवा का दायित्व निभायेंगे ऐसी अपेक्षा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड के सतत और सर्वांगीण विकास का विकल्प रहित संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं और इस संकल्प को समयबद्ध अवधि में निश्चित ही सिद्ध करने का हमारा प्रयास है।

इस अवसर पर छवि भारद्वाज डिप्टी डायरेक्टर, एकता उनियाल असिस्टेंट डायरेक्टर (लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी), प्रशिक्षु आई.ए.एस. दीक्षा जोशी, अर्पित चौहान, प्रियांशु खाती एवं मुकुल बेनिवाल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने देखी द केरल स्टोरी फिल्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल में सपरिवार दि केरला स्टोरी फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि द केरल स्टोरी एक ऐसी फिल्म है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे बिना गोली और बम के देश में आतंकवाद फैलाया जा रहा है। फ़िल्म में इस तथ्य को भी प्रदर्शित किया गया है कि किस तरह से बालिकाओं का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने इस फिल्म को वास्तविकता से परिचित कराने तथा धर्मान्तरण एवं आतंकवाद के विरूद्ध जनजागरूकता को बढ़ावा देने वाली बताते हुए सभी से इस फिल्म को देखने की भी अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी अनेक तरीकों से विभिन्न जगहों पर धर्मांतरण हो रहा था। यह राज्य में भविष्य के लिए एक गंभीर विषय बनता जा रहा था। इसी के दृष्टिगत हमने देवभूमि उत्तराखंड में धर्मांतरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाया गया है। इसमें जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने वालों को 10 साल तक कठोर कारावास का प्रावधान किया गया है जिसमें धर्मांतरण कराने के मामलों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। एकल धर्मांतरण के लिए सजा कम है, जबकि सामूहिक धर्मांतरण में ज्यादा सजा होगी। सामूहिक धर्मांतरण का दोष साबित होने पर दोषी को तीन से 10 वर्ष की सजा के साथ 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। जबकि एक व्यक्ति के धर्मांतरण पर दो से सात वर्ष की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं विशिष्ट पहचान के साथ उसका मूल स्वरूप बचा रहे और प्रदेश में अनावश्यक किसी भी प्रकार का धर्मांतरण न हो पाए, इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा की गई यह महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण के साथ ही हमारी सरकार द्वारा देवभूमि में सरकारी भूमि पर किये गये अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे सख्ती से हटाये जाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में होने वाले अवैध अतिक्रमण को किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा तथा ऐसा कृत्य करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जायेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक दुर्गेश्वर लाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष आशा नौटियाल, भाजपा नेता अजेय कुमार, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी आदि उपस्थित थे।

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से परिवहन विभाग द्वारा तैयार किये गये ऑटोमैटिक नम्बर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम (ए.एन.पी.आर) का शुभारंभ किया। इससे प्रदेश के प्रमुख मार्गों में यातायात के नियमों के अनुपालन एवं कर अपवंचन संबंधी प्रकरणों की ऑनलाईन मॉनिटरिंग की सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यातायात के नियमों के पालन एवं सड़क सुरक्षा की दृष्टि से यह एक अच्छी शुरूआत है। ए.एन.पी.आर कैमरे लगने से लोग यातायात के नियमों का पालन भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ए.एन.पी.आर कैमरे के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। इस कैमरे में अभी शुरुआती चरण में जो लोग यातायात के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनको चेतावनी के एस.एम.एस भेजे जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ए.एन.पी.आर कैमरे लगाने की जहां भी आवश्यकता पड़ रही है, स्थानों का चयन कर वहां इसकी सुविधा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ए.एन.पी.आर कैमरे लगने से जीएसटी एवं अन्य विभागों को भी मदद मिलेगी व कर चोरी की रोकथाम भी इससे संभव होगी। इससे जहां चेक पोस्टों पर जाम से निजात मिलेगी, आवागमन भी सरल होगा। इस व्यवस्था के प्रारम्भ होने से वाहन दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि मोटर यान अधिनियम, 1988 में संशोधन करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वाहनों की इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग किये जाने की व्यवस्था की गई है। उत्तराखण्ड में राज्य की सीमा पर स्थापित सभी चौक पोस्टों को समाप्त कर दिया गया है। राज्य में इलैक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करने हेतु प्रथम चरण में राज्य की सीमा पर ए०एन०पी०आर० स्थापित करने की योजना बनाई गयी जिसके लिये राज्य सड़क सुरक्षा कोष से रूपये 4.61 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
सचिव परिवहन ने जानकारी दी कि योजना के अन्तर्गत ए०एन०पी०आर० पोर्टल से प्राप्त डाटा को जीएसटी विभाग को उपलब्ध कराने हेतु इन्टीग्रेशन की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है, जबकि अन्य विभागों खनन, आबकारी, पर्यटन, शहरी विकास, वन विभाग तथा पुलिस के साथ इन्टीग्रेशन किया जाना भी प्रस्तावित है ताकि एक ही माध्यम से प्राप्त डाटा का सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा उपयोग किया जा सके। इस व्यवस्था को पूर्णतः आटोमेटेड बनाया गया है जिसके लिए ए०एन०पी०आर० कैमरे के लिए तैयार सॉफ्टवेयर का इन्टीग्रेशन वाहन पोर्टल एवं ई-चालान पोर्टल से किया गया है। इससे वाहन की नम्बर प्लेट के आधार पर चालान स्वतः जेनरेट हो सकेंगे, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा।
इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, आयुक्त राज्य कर डॉ. अहमद इकबाल, निदेशक आईटीडीए नितिका खण्डेलवाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने एसडीआरएफ मुख्यालय का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रान्ट में नवनिर्मित एस.डी.आर.एफ मुख्यालय एवं फायर स्टेशन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एसडीआरएफ के जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एसडीआरएफ द्वारा 11 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर किये जाने वाले रेस्क्यू कार्यों के लिए अन्य अर्धसैनिक बलों की तर्ज पर एस.डी.आर.एफ में कार्य करने वाले राजपत्रित अधिकारियों को 1500 रुपए एवं अराजपत्रित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 1000 रुपए प्रतिदिन जोखिम भत्ता प्रदान किया जाएगा। आपदा प्रबन्धन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाए जाने के उद्देश्य से एस.डी.आर.एफ की छठी कम्पनी गठित की जाएगी, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर एक-तिहाई महिला कार्मिकों की नियुक्ति की जाएगी। एसडीआरएफ में प्रतिनियुक्ति की समयावधि 07 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनिर्मित एस.डी.आर.एफ ट्रेनिंग सेंटर और वाहिनी मुख्यालय के लोकार्पण के अवसर पर एस.डी.आर.एफ की टीम को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए हर्ष का विषय है कि मुझे मुख्य सेवक के रूप में एसडीआरएफ के इस नवनिर्मित मुख्यालय को आज प्रदेश को समर्पित करने का मौका मिल रहा है। लगभग 144.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एस.डी.आर.एफ के मुख्यालय में प्रशिक्षण एवं आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अन्य गतिविधियां भी होंगी। उन्होंने कहा कि एस.डी.आर.एफ के जवानों और अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन साहस, वीरता, सेवा और समर्पण भाव को से किया जा रहा है। इनका त्याग और कार्यकुशलता अनुकरणीय है। विषम परिस्थितियों में इनके द्वारा जिस साहस से कार्य किया जाता है, वह सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में हमारे पुलिस के जवान मोर्चा संभालते हैं और लोगों की जान बचाने के लिए आगे आते हैं। राज्य में 2013 में एस.डी.आर.एफ के गठन से ही एस.डी.आर.एफ ने आपदा के समय देवभूमि में समय-समय पर अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्य किए है। गठन से अब तक एसडीआरएफ द्वारा तीन हजार से अधिक रेस्क्यू ऑपरेशनों में बारह हजार से अधिक घायलों का सफल रेस्क्यू किया गया एवं विषम परिस्थितियों में करीब दो हजार शवों को रिकवर भी किया गया। एसडीआरएफ उत्तराखण्ड ने अपनी कार्यकुशलता एवं रेस्क्यू दक्षता के चलते राज्य के आम जनमानस के साथ-साथ प्रतिवर्ष धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहसिक पर्यटन हेतु राज्य में आने वाले लाखों लोगों के मन मस्तिष्क में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। विकट परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही आम जनमानस को आपदा की विभीषिका का बोध कराने एवं सामुदायिक क्षमता विकसित करने हेतु एसडीआएफ द्वारा वृहद स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किये जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ माह पूर्व जोशीमठ में आई प्राकृतिक भूधंसाव की घटना के पश्चात राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का कार्य भी एसडीआरएफ के हमारे जवानों और अधिकारियों ने बड़ी ही कुशलता के साथ किया। उत्तरकाशी एवलांच की घटना के बाद फंसे हुए ट्रैकर्स को निकालने में भी एसडीआरएफ की बड़ी भूमिका रही थी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसी प्रकार एसडीआरएफ आगे भी कुशलतापूर्वक किसी भी आपदा के समय राहत एवं बचाव का महत्वपूर्ण कार्य करती रहेगी।

हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि एस.डी.आर.एफ के मुख्यालय बनने से यहां पर जवानों को प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि हमारा हिमालयी क्षेत्र आपदा प्रभावित क्षेत्र होने के कारण एस.डी.आर.एफ को सशक्त बनाना जरूरी है। एसडीआरएफ के गठन के बाद से ही इनके द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ को जिला एवं मंडल स्तर तक भी लोगों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्थाओं की दिशा में भी आगे बढ़ना होगा।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड में एसडीआरएफ के गठन से ही उनके द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। एसडीआरएफ एक मोटिवेशनल फोर्स के रूप में आगे बढ़ रही है। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से एक सशक्त बल के रूप में कार्य कर रही है।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि एस.डी.आर.एफ की 05 कंपनियां कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 39 स्थानों पर एस.डी.आर.एफ की टीमें व्यवस्थित की गई हैं। आपदाओं के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने सराहनीय कार्य कर अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया है।

इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. पी.वी.के. प्रसाद, आई.जी.एस.डी.आर.एफ रिद्धिम अग्रवाल, सेनानायक एस.डी.आर.एफ मणिकांत मिश्रा एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।