किन्नर रजनी रावत सहित 35 के खिलाफ बंधक और मारपीट का मुकदमा

किन्नरों के बीच हुए विवाद में शहर कोतवाली में किन्नर रजनी रावत सहित 35 के खिलाफ बंधक बनाने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि रजनी रावत ने उनकी पिटाई करने के बाद उन्हें बंधक बनाया और मोबाइल से डाटा भी डिलीट कर दिया। चौकी इंचार्ज धारा आशीष रावत ने बताया मामले की जांच की जा रही है।

चौकी इंचार्ज के अनुसार, पुलिस को दी शिकायत में किन्नर निशा चौहान ने बताया कि 27 जुलाई को उन्हें उनकी गुरु बिन्दु निवासी मलूकंचद ने फोन करके किसी काम के सिलसिले में हाथीबड़कला स्थित डेरे पर बुलाया था। डेरे पर रजनी रावत व उनके कुछ चेले पहले से ही मौजूद थे। किसी बात को लेकर निशा व रजनी रावत के बीच झगड़ा हो गया।

आरोप है कि रजनी रावत व उनके चेलों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा। उन्हें खाली कागज पर साइन करवाए और पुलिस के पास शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। आरोप है कि उन्हें सारी रात डेरे में बंधक बनाकर रखा गया। उनका मोबाइल छीनकर डाटा डिलीट कर दिया।

दून विवि के दीक्षारंभ समारोह में सीएम ने किया विभिन्न पुस्तकों का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय में आयोजित नवप्रवेशित विद्यार्थियों के दीक्षारंभ समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दून विश्वविद्यालय परिसर में ओपन एयर थियेटर एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर “Changing Paradigms in Business and Technology” एवं “Innovative Management Practices” नामक पुस्तकों का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि उत्तराखंड को उत्कृष्ट राज्य बनाने में छात्र छात्राओं की अहम भूमिका होगी। राज्य का भविष्य यहां के युवाओं के भविष्य पर निर्भर करता है। पढ़ाई के साथ युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार नौजवानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने दीक्षारंभ (सत्रारम्भ) समारोह में आए छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में प्रवेश के साथ ही जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। जीवन में शिक्षा का महत्व प्राचीन काल से ही रहा है। उच्च शिक्षा में प्रवेश जीवन में ज्ञान के महत्व को इंगित करने का एक अभिनव क्षण है। यह पल आपकी स्मृतियों में जीवनभर ताजा बने रहेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से ही महान ऋषियों की कर्मस्थली रही है। जिन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में प्रचारित और प्रसारित किया। आज भी हमारे कई शैक्षणिक संस्थान न सिर्फ देश में अपितु वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। उत्तराखंड की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दून विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवावस्था जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है, इसके बल पर आप लोग चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित कर सकते हैं तथा अपनी सृजनशक्ति के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नित नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सहयोग हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में कई कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। जनता से संवाद स्थापित कर उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। दून विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उत्तराखण्ड की लोक भाषाओं, बोलियों एवं साहित्य के संरक्षण, संवर्धन एवं शोध के क्षेत्र में कार्य करने हेतु डॉ० नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया गया है। यह शोध केन्द्र प्रदेश की भाषाओं व साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही विदेशी भाषाओं में भी नए कोर्स शुरू किए गए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शिक्षा, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिये अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा युवाओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिये शिक्षा के साथ ही उनके कौशल विकास के लिये विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों में प्रवेश उत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से विभिन्न महाविद्यालयों में एडमिशन हेतु 71 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में डिग्री कॉलेजों हेतु ई- ग्रंथालय की व्यवस्था की गई है। महाविद्यालय में अन्य कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए शैक्षिक कैलेंडर भी जारी किया गया है। उत्तराखंड राज्य के सभी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह नवंबर माह में किए जाने का फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। राज्य में मेधावी छात्रों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृति योजना दी जा रही है। उत्तराखंड राज्य के विश्वविद्यालय देश के सर्वोच्च विद्यालयों में शामिल हों, इसके लिए सरकार निरंतर कार्यरत है।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय सुरेखा डंगवाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सहसपुर में वृहद अन्न भंडारण गृह का सहकारिता मंत्री ने किया भूमि पूजन

बहुद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति लि० सहसपुर के वृहत अन्न भंडारण गृह का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोचार के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने किया। सहकारिता मंत्री के साथ आयोजन स्थल में सहसपुर के विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव सहकारिता डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय, नाबार्ड के सीजीएम वीके बिष्ट, अपर निबन्धक ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, उपनिबंधक रामिन्द्री मंद्रवाल, जिला सहायक निबंधक सुमन कुमार, समिति के प्रशासक एडीओ पंकज सैनी सहित अनेक अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों ने भी भूमि पूजन में भाग लिया।

सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र में पृथक सहकारिता मंत्रालय बनने से सहकारिता के क्षेत्र में प्रदेश प्रगति कर रहा है, राज्य में जन सेवा केंद्र जन औषधि केंद्र का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में साइलेज का अच्छा काम हो रहा है अभी भी मांग के अनुरूप उत्पादन नहीं हो पा रहा है। साइलेज उत्पादन बढ़ाने के लिए सहसपुर में विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, साथ ही उत्पादन बढ़ाने के लिए हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में किसानों को जोड़ा जा रहा है। सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कहा कि राज्य में सहकारी ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं इसके साथ ही समितियों में उन्होंने सदस्यता वृद्धि किए जाने पर जोर दिया तथा क्षेत्र के कृषकों को अच्छे कार्य संपादन करने वाले किसानों को सम्मानित किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।’

विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर ने इस मौके पर कहा कि सहकारिता द्वारा संचालित योजना में दीनदयाल उपाध्याय योजना से किसानों को लाभ मिल रहा है यह योजना बहुत अच्छी है गौरतलब है कि सहकारिता विभाग की समितियां और कोऑपरेटिव बैंक 0ः ब्याज दर पर किसानों को ऋण वितरण कर रहा है जिससे सहसपुर के किसानों ने अपनी आमदनी दोगुनी की है।

निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि सहकारिता देश में अन्न भंडारण क्षमता में वृद्धि किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एवं चीन में अन्न उत्पादन से अधिक भंडारण क्षमता है, भारत में उत्पादन से बहुत कम अन्य भंडारण क्षमता है।

मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड उत्तराखंड वीके बिष्ट ने कहा कि देश में अन्य भंडारण की क्षमता वृद्धि के लिए ( एआईएफ) योजना अंतर्गत सहकारी समितियों को न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी योजना के तहत सहसपुर में अन्न भंडारण गृह बनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि से लोगों के जीवन में आया बदलाव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में स्वनिधि परिवार के लाभार्थियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वनिधि के लाभार्थियों एवं स्वनिधि के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले बैंकर्स एवं अन्य लोगों को सम्मानित भी किया। स्वनिधि के लाभार्थियों को कुल 9 प्रतिशत ब्याज पर अनुदान केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा 7 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 2 प्रतिशत का ब्याज पर अनुदान दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभार्थियों को 9 प्रतिशत अनुदान मिलने के बाद जो 3 से 4 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है, आने वाले समय में यह भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने शहरों और कस्बों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल साक्षरता की एक नई लहर चलाई है। जिससे रेहड़ी-पटरी व फेरी वालों के जीवन को गरिमा और स्थायित्व मिला है। स्ट्रीट वेंडर्स के बीच स्वरोजगार, स्वावलंबन, स्वाभिमान और आत्मविश्वास बहाल करने के उद्देश्य से यह योजना लाई गयी। पहले गरीब आदमी बैंक के भीतर जाने की भी नहीं सोच सकता था। लेकिन आज बैंक वाले खुद आपके पास आ रहे हैं और आपको लोन भी दे रहे हैं यही सम्मान है, स्वावलंबन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज गरीब बैंक से लोन भी ले रहे हैं और ईमानदारी से इसे चुका भी रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों में 1 जुलाई, 2020 से प्रारम्भ पी0एम0स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश में 31 हजार से अधिक फेरी व्यवसायियों द्वारा ऑनलाईन पोर्टल में ऋण हेतु आवेदन किया गया। प्रथम चरण में 16 हजार से अधिक प्रति आवेदक को रू0 10 हजार का ऋण, द्वितीय चरण में लगभग 6 हजार प्रति आवेदक को रू0 20 हजार का ऋण एवं तृतीय चरण में लगभग 600 प्रति आवेदक को रू0 50 हजार का ऋण स्वीकृत किया गया है। अभी तक इस योजना के तीनों चरणों में 22 हजार से अधिक फेरी व्यवसायियों को 31 करोड़ रूपये का ऋण वितरित हो चुका है। ‘मैं भी डिजीटल’ अभियान के तहत लगभग 16 हजार फेरी व्यवसायियों को बैंकों के माध्यम से क्यू0आर0 कोड उपलब्ध कराते हुए डिजीटल लेन-देन को बढ़ावा दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्वनिधि से समृद्धि’ योजना के अन्तर्गत पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों एवं उनके परिजनों को केन्द्र सरकार की 8 कल्याणकारी योजनाओं वन नेशन वन राशन कार्ड, जननी सुरक्षा, मातृ-वन्दन, सुरक्षा बीमा, जनधन, जीवन-ज्योति बीमा, श्रम-योगी मानधन योजना एवं भवन निर्माण श्रमिकों हेतु पंजीकरण जैसी पीएम योजना से प्रदेश के 11 नगरीय निकायों के लगभग 17 हजार पात्र फेरी व्यवसायियों एवं उनके परिजनों को लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत प्रदेश से बाहर के लगभग 7 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं, जननी सुरक्षा योजना के तहत गत वर्ष 73 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर कुल 9 करोड़ 64 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खतों में जमा किये गए हैं तथा संबंधित आशाओं को प्रोत्साहन मद में कुल 3 करोड़ 13 लाख रुपये दिए गए। मातृ-वन्दन योजना के तहत प्रदेश के 6 लाख से अधिक माताओं को लाभान्वित किया गया है। पी.एम. श्रम-योगी मानधन योजना के तहत प्रदेश के 39 हजार लोगों को लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन निर्माण श्रमिकों हेतु पंजीकरण के तहत प्रदेश के साढ़े चार लाख (4.50 लाख) से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रदेश के 30 लाख से अधिक लोगों को आच्छादित किया गया है। पी.एम. जन-धन योजना के तहत प्रदेश में 34 लाख से अधिक जन-धन खाते खोले गये हैं। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत प्रदेश के 8 लाख से अधिक लोगों को आच्छादित किया गया है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक अरविन्द पाण्डेय, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, सुरेश गड़िया, मोहन सिंह मेहरा, प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, निदेशक शहरी विकास नवनीत पाण्डेय एवं पी.एम स्वनिधि के लाभार्थी उपस्थित रहे।

भाजपा ने शुरु की लोकसभा चुनाव की तैयारी

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने जनसमस्याओं के समाधान के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करने के अलावा सक्रियता और जवाबदेही पर भी खरा उतरना होगा।
रविवार को प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के बाद राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों व जिला प्रभारियों की बैठक ली। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार और जनता के बीच सेतु बन कर काम करना है।
जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयास करने होंगे। साथ ही जनता की राय और समस्या को सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाना है। हमारा कार्य जनता को सरकार के पास और सरकार को जनता के पास लेकर जाने का है।
बैठक में उन्होंने सभी पदाधिकारियों से महा जनसंपर्क अभियान से मिले फीडबैक की जानकारी ली। कहा, एक सफल कार्यकर्ता के लिए सक्रियता अहम है। सक्रियता से ही जिम्मेदारी मिलती है और जिम्मेदारी का कुशलता से निर्वहन कर आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। इसलिए सभी को दायित्वों के निर्वहन के लिए अधिक सचेत रहने की जरूरत है। प्रत्येक महीने सांसद व विधायकों की गांवों में टिफिन बैठक करने को कहा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर चलाए गए महा जनसंपर्क अभियान की विस्तार से जानकारी दी । बैठक में प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

अग्रवाल ने प्राधिकरण के रिक्त पदों को भरने के दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन के साथ विभागीय कार्यों के अध्ययन की स्थिति को लेकर बैठक की। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने प्रदेश के अधिकांश प्राधिकरण में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
शासकीय आवास में हुई बैठक के दौरान डॉ अग्रवाल को अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने विभाग में चल रहे कार्यों की अध्ययन स्थिति से अवगत कराया। जिस पर डॉ अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों को तत्परता से किया जाए। साथ ही डॉ अग्रवाल ने विभागीय कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए भी शीघ्र निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ अग्रवाल ने प्रदेश के प्राधिकरणों में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तब तक वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए। जिस पर आनंद वर्धन ने बताया कि रिक्तियों के लिए अध्याचन भेजा गया है।
वही, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान डॉ वालों ने अवैध रूप से बन रहे भवनों को शुरुआती दौर पर ही लगाम लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना ना करना पड़े।

अमृत काल में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे हमारे युवा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार की सांय मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड परिषदीय परीक्षा 2023 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित एवं सभ्य मानव संसाधन पर निर्भर करती हैं। आज के बच्चे भविष्य के नागरिक है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आज बच्चे किस प्रकार की शिक्षा एवं संस्कार से जुड़े हैं। छात्रों को भविष्य में इस प्रदेश एवं देश का उत्तरदायित्व लेना है। आने वाले समय में प्रदेश एवं देश की दिशा एवं दशा हमारे मेधावियों द्वारा निर्धारित की जानी है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में युवा पीढ़ी का बौद्धिक स्तर बहुत ऊंचा है तथा शैक्षिक एवं खेल कूद दोनों क्षेत्रों में नवीन प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। हमारे प्रदेश की युवा पीढ़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र-छात्राओं की यह उपलब्धि सामान्य नहीं है तथा इसे बनाये रखना आसान भी नहीं है। छात्रों द्वारा स्वयं के लिए ऐसा बेंचमार्क बनाया गया है जो कठिन अवश्य है लेकिन असम्भव नहीं है। इस उपलब्धि के लिए छात्रों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित करो तथा उसको प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे पड़ाव बनाओ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित एवं सभ्य मानव संसाधन पर निर्भर करती है। आज के बच्चे भविष्य के नागरिक है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आज बच्चे किस प्रकार की शिक्षा एवं संस्कार से जुड़े है। अमृत काल के समय में प्रदेश एवं देश की दिशा एवं दशा आप जैसे होनहारों, मेधावियों द्वारा ही निर्धारित की जानी है। हमारे प्रदेश को युवा पीढ़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। आज हमारे प्रदेश के बच्चे प्रत्येक वर्ष सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों की सूची में तो सम्मिलित रहते ही हैं, साथ ही अखिल भारतीय स्तर की आईएएस एवं पीसीएस आदि परीक्षाओं की चयन सूची में भी शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले युवाओं में सम्मिलित रहते हैं। हमारे छात्र सुशांत ने हाईस्कूल परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक तथा हमारी छात्रा तन्नू ने इण्टरमीडिएट में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है। यह हमें बताता है कि आज हमारे बच्चों का बौद्धिक स्तर कितना ऊंचा हो गया है। हाईस्कूल में यदि द्वितीय स्थान की बात करें तो 12 बच्चों के 98 प्रतिशत अंक है तथा इसी प्रकार इण्टरमीडिएट स्तर पर 21 बच्चे ऐसे हैं जिनके 95 प्रतिशत या इससे अधिक अंक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सामान्य परिवार के बच्चों की प्रतिभा स्वयं के साथ समाज के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि हमारे महान लोगों ने साधारण परिवेश में रहकर साधारण से असाधारण की यात्रा तथा धरती से आसमान छूने का कार्य किया है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का छात्रों से परीक्षा पर चर्चा उन्हें प्रेरणा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अंक प्राप्त करने के साथ ज्ञान प्राप्त करना भी महत्वपूर्ण होता हैं। उन्होंने छात्रों से जीवन में सफलता के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में देश का सक्षम नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके तहत अब तक 80 लोगों को जेल में पहुंचाया गया है। हाल ही में हुई 4-5 परीक्षाओं में 5-50 लाख युवाओं ने प्रतिभाग किया तथा साधारण परिवार के युवाओं ने उसमें सफलता पाई है। अब प्रतिभाओं का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान की परम्परा हमारी विरासत है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश ज्ञान विज्ञान के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। विविधता वाले हमारे देश को कोरोना काल में सबको सुरक्षित रखने का प्रधानमंत्री के प्रयासों को आज दुनिया के देश अध्ययन कर रहे है। देश की अर्थव्यवस्था 5वें नंबर की हो गई है।
शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में पहली बार मेधावियों को सम्मान देने का कार्य मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। राज्य सरकार छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित सरकार है। 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले कक्षा 6 से स्नातक तक के छात्रों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। राज्य के 146 छात्रों ने एनडीए, सीडीएस की परीक्षा पास की है। उन्हें एक लाख का पारिश्रमिक दिया जा रहा हैं उन्होंने मेधावी छात्रों से अपने सुझाव लिखने को कहा जिसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों की प्रवक्ता व एलटी शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। प्रदेश में अंक सुधार परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस वर्ष 78 बच्चे टॉपर आए है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास में धन की कमी नही होने दी जाएगी।
महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने कहा कि परीक्षा कोई भी हो उसके परिणाम हमें बेहतर मुकाम तक ले जाते है। छात्रों की सफलता का सम्मान उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने मेधावी छात्रों को उत्तराखण्ड का भावी कर्णधार बताते हुए कहा कि देश के सुनहरे भविष्य की महती जिम्मेदारी भी उन्हें निभानी हैं सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रेरणा भी दूसरे छात्रों को उनके प्रयासों से मिलती हैं तथा समाज एवं राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित करने का कार्य करती है।
इस अवसर पर 100 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया तथा अनेक छात्रों ने अपने सुझाव भी रखे। विद्यालयी शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने आभार व्यक्त किया।

कारगिल शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देहरादून एवं पिथौरागढ़ में एक-एक अतिरिक्त जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोला जायेगा। प्रदेश में सैनिक द्वार एवं स्मारकों की देखरेख सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन के द्वारा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल लड़ाई में हमारे जवानों ने अदम्य साहस, वीरता एवं पराक्रम का परिचय देते हुए माँ भारती की रक्षा की। कारगिल में भारत के रणबांकुरों का दुश्मन के खिलाफ किया गया सिंहनाद आज तक उसी वेग से गूंज रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। कारगिल युुद्ध में उत्तराखण्ड से 75 वीर सपूत शहीद हुए। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के साथ उनका रिश्ता आत्मीयता का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने उन्हें बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और उनके अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है तो वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है। भारत सरकार हर स्तर पर सेना को सुदृढ़ करने का कार्य का रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेता को 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गेलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियालगाँव में शहीदों की स्मृति में अत्याधुनिक एवं विभिन्न सुविधाओं से युक्त ’शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा । उत्तराखण्ड सरकार द्वारा युद्ध विधवा एवं युद्ध अपंग सैनिकों को दो लाख रुपये की आवासीय सहायता प्रदान की जा रही है। उत्तराखण्ड में सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख मूल्य की सम्पत्ति के खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट अनुमन्य की गयी है ।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय सेना ने सदैव राष्ट्र की अखंडता एवं सम्प्रभुता बनाए रखने के लिये अनुकरणीय साहस और देशभक्ति का प्रदर्शन किया है। हमारा प्रथम कर्तव्य है कि देश की सीमाओं की रक्षा तथा देश की संप्रभुता एवं अखंडता बनाये रखने के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिक सपूतों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के मान-सम्मान एवं कल्याणार्थ सदैव तत्पर रहें। भारतीय सैनिक हमारे देश के सच्चे नायक हैं। वे दिन-रात हमारी राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करते हैं। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उत्तराखण्ड के वीर योद्धाओं ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी और हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गए। इस कारगिल युद्ध में देवभूमि उत्तराखण्ड के 75 जांबाज सैनिक शहीद हुए थे। मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानी भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, मगर इनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसी रहेंगी। प्रदेश में सैनिकों के सम्मान और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 36 सैनिक विश्राम गृह संचालित हैं तथा सैनिक विश्राम गृह टनकपुर को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है।
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सरकार ने वीरता पदक से अलंकृत पदकधारकों को देय अनुदान राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की है तथा उन्हें निःशुल्क बस यात्रा अनुमन्य की गयी है। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा सैनिक विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 01 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में सैनिकों के सम्मान में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है जिसका निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है।
कार्यक्रम में विधायक खजानदास, सविता कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, अनिल गोयल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी दलीप सिंह कुंवर, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शम्मी सभरवाल, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, ब्रिगेडियर दिनेश बडोला पूर्व सैनिक और शहीदों के परिवार जन उपस्थित थे।

सीएम ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या में वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है। भारतीय सेना के वीर जवानों ने कारगिल में विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को भागने पर मजबूर किया था। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

ऑनलाईन लाटरी के जरिये पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को मिले प्रपत्र

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से लाभाथियों को आवास आवंटन के प्रपत्र वितरित किये।

मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत संचालित दो परियोजनाओं में मटकोटा, उधमसिंह नगर तथा झब्बरपुर, हरिद्वार के लाभार्थियों को ऑनलाइन लॉटरी पद्यति से आवास आवंटन किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में विभाग द्वारा 07 परियोजनाओं के माध्यम लाभार्थियों को आवास आवंटन किये जा चुके हैं।

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास विकास परिषद द्वारा संचालित कुल 16 परियोजनाओं में लगभग 14200 आवास आवंटन किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि उक्त योजनाएं वर्ष 2017-18 के उपरान्त समय-समय पर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गयी थी किन्तु विधिक समस्याओं के कारण परियोजनाओं का कार्य मार्च 2022 के उपरान्त मौके पर विधिवत रूप से प्रारम्भ किया गया है।

मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थियों को आवास आवंटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार समाज के अन्तिम व्यक्ति को छत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान रखते हुए आवास आवंटन हेतु प्राथमिकता महिला को दी जा रही है अन्यथा की स्थिति में महिला एवं पुरूष को संयुक्त रूप से आवास आवंटन किया जा रहा है।

मंत्री ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बिल्डर्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लाभार्थियों को आवास आवंटन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सितम्बर 2024 तक 16 परियोजनाओं के आवासों को लाभार्थियों तक हस्तान्तरित कर दिया जायेगा।

इस अवसर पर अपर आवास आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का, अधिशासी अभियन्ता आनन्द राम, सहायक अभियन्ता विनोद चौहान एवं टीएस पंवार तथा विकासक अजय मंगल, घनश्याम तिवारी भी मौजूद रहे।