50 करोड़ रूपए से विभिन्न योजनाओं का मियांवाला में सीएम ने किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मिंयावाला में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 50 करोड़ रूपये की विभिन्न विकास योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 मार्च को राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण हो जायेंगे। प्रदेश की जनता से जो वायदे किये गये, राज्य सरकार उन वायदों को पूरा कर रही है। जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है। 2017 में जो विजन डोक्यूमेंट बनाया था, उसमें से 85 प्रतिशत से अधिक कार्य कर चुके हैं। जो घोषणाएं की गई हैं, उनकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है। अधिकांश घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। सड़कों के विकास में विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पिछले 17 साल में जितनी सड़के बनी लगभग उतनी सड़के पिछले 03 साल और दस माह में राज्य में बनाई गई। इस अवधि में 11 हजार किमी सड़कें बनाई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में 06 लाख पानी के कनेक्शन दिये जा चुके हैं। इसके लिए पहले 2360 रूपये में उपभोक्ता को पानी का कनेक्शन लेना पड़ता था। 2022 तक सबको पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी गरीबों को भी मात्र 100 रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जायेगा। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भी जल जीवन मिशन शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पति की पैतृक सम्पति में उनको अधिकार दिलाने का कार्य किया है। उत्तराखण्ड यह निर्णय लेने वाला देश का पहला राज्य है। यह सुधार आने वाले समय में समाज की दिशा और दशा को बदलेगा। महिलाओं को अब बैंक लोन लेने में परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2008 में जब में प्रदेश का कृषि मंत्री था तब जनपद चमोली में मेरी मुलाकात विश्वेश्वरी देवी से हुई। उन्होंने मेरे समक्ष यह बात रखी थी कि पति की संपति में महिलाओं को बराबरी का अधिकार होना चाहिए। तब से मेरे जहन में यह बात थी। जनधन खातों के माध्यम से लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ दिया जा रहा है। राज्य में जल्द घसियारी कल्याण योजना लाई जा रही है। राज्य में हर वर्ष सैकड़ों महिलाओं की जंगल में घास लाने के दौरान अनेक कारणों से मौत हो जाती है। राज्य में इस तरह की कोई घटना न हो, इस योजना के लिए इस बार बजट में प्राविधान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि संस्थागत सुधार की दिशा में भी राज्य सरकार प्रयासरत है। ई-कैबिनेट के लिए राज्य सरकार को अवार्ड मिला। ई-कैबिनेट से पर्यावरण संरक्षण एवं पेपरलेस कार्यप्रणाली की शुरूआत की गई है। आज राज्य में 150 ऑफिस ई-ऑफिस हो चुके हैं। ग्रीष्म कालीन राजधानी गैरसैंण को भी ई-विधानसभा बनाया जा रहा है। अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को राज्य में 05 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच दिया गया है। इस योजना से अनेक लोग लाभान्वित हुए हैं। राज्य में शहीद सैनिकों एवं अर्द्धसैन्य बलों के शहीदों के आश्रितों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में सेवायोजित किया जा रहा है। देहरादून में पंचम धाम सैन्यधाम बनाया जा रहा है। राज्य में 90 प्रतिशत डिग्री कॉलेज के अपने भवन बन चुके हैं। जल्द ही शेष महाविद्यालयों के भवन भी बनाये जायेंगे। भवन के साथ ही महाविद्यालयों को कम्प्यूटर एवं वाई-फाई की सुविधा भी दी जा रही है। राज्य में 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास चल रही है। 600 और विद्यालयों में जल्द ही वर्चुअल क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस वर्ष मार्च-अप्रैल तक सौंग बांध के शिलान्याश के प्रयास किये जा रहे हैं। शिलान्यास के बाद 15 माह में यह बांध बनकर तैयार हो जायेगा। रिस्पना के पुनर्जीवन के लिए प्रयास किये जा रहे है। हरेला पर्व पर 16 जुलाई को प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। 16 जुलाई को एक-एक वृक्षारोपण का सबको संकल्प लेना होगा।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सुनील उनियाल गामा, राज्य मंत्री राजकुमार पुरोहित, राजपाल सिंह रावत, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट आदि उपस्थित थे

डीएम देहरादून करेंगे फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी करने की जांच

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राजकीय हास्पिटल डोईवाला में आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए आयोजित विशेष शिविर में कुछ लोगों को फर्जी कार्ड जारी किए जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून को प्रकरण की तत्काल जांच कराकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।

अठूरवाला के राजेश द्विवेदी ने यह शिकायती पत्र भेजा था। द्विवेदी ने शिकायती पत्र में उल्लेख किया कि 9 दिसंबर, 19 को राजकीय हास्पिटल डोईवाला में अटल आयुष्मान भारत कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप आयोजित किया गया था। इसमें प्रार्थी ने पत्नी और दो पुत्रों के साथ आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने गए थे। वहां कैंप में मौजूद कम्प्यूटर पर बैठे व्यक्ति द्वारा आधार कार्ड के माध्यम से बायोमैट्रिक्स वेरिफिकेशन कर व प्रति कार्ड 70 रुपए भुगतान लेकर परिवार के सभी सदस्यों के कार्ड जारी किए गए थे। चारों कार्ड में आयुष्मान भारत कार्ड व उत्तराखंड सरकार का विज्ञापन भी संलग्न है।

जब प्रार्थी ने इन कार्डों का सत्यापन पीएमजेएवाई.जीओवी.इन के जरिए करवाया तो चारों कार्ड फर्जी साबित हुए। इसकी शिकायत तुरंत उन्होंने आयुष्मान भारत कार्ड योजना प्रभारी पंकज नेगी से की तो उन्होंने भी अपने सर्वर पर चारों कार्ड की जांच की। चारों कार्ड फर्जी होने की पुष्टि हुई। प्रार्थी ने आशंका जताई की इस तरह की आपराधिक साजिश अन्य लोगों से भी हो सकती है। इसलिए इसकी जांच की जानी चाहिए।

साइंस सिटी को यूकॉस्ट के महानिदेशक और सचिव एनसीएसएम ने किया समझौता

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थित में आज साइंस सिटी देहरादून के लिए उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) उत्तराखण्ड शासन एवं राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् (एनसीएसएम ) के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल एवं सचिव एनसीएसएम ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। एनसीएसएम भारत सरकार के संस्कृत मंत्रालय की एक स्वायत्तशासी संस्था है जो देश में विज्ञान संग्रहालयों का निर्माण तथा संचालन करती है। साइंस सिटी देहरादून में विज्ञान धाम, झाझरा में विकसित होगी। साइंस सिटी लगभग चार वर्षों में बनकर तैयार हो जायेगी। 173 करोड़ रूपये की इस परियोजना के लिए 88 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार एवं 85 करोड़ रूपये राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि देहरादून में बनने वाले साइंस सिटी सबके आकर्षण का केन्द्र बने इसके लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। इसे निर्धारित समयावधि से पूर्व पूर्ण करने के प्रयास किये जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े प्रोजक्ट को पूरा करने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना जरूरी है। सबके सामुहिक प्रयासों से यह प्रोजक्ट समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत की वैज्ञानिक संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। राज्य सरकार का प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड के वैशिष्ट्य को लोग साइंस सिटी के माध्यम से देख सकें। साइंस सिटी के लिए स्थान का चयन भी छात्र-छात्राओं एवं लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

साइंस सिटी देहरादून में खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान ,रोबोटिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की विरासत, भूगर्भीय जीवन, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, वर्चुअल रियलिटी, ऑग्मेंटेड रियलिटी, आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स के साथ स्पेस थियेटर सहतारामंडल, हिमालय की जैवविविधता पर डिजिटल पैनोरमा, सिम्युलेटर, एक्वेरियम, उच्च वोल्टेज व लेजर, आउटडोर साइंस पार्क, थीम पार्क, बायोडोम, बटरफ्लाई पार्क, जीवाश्म पार्क एवं मिनिएचर उत्तराखंड आदि होंगे। साथ ही अन्य सुविधाओं के रूप में कन्वेंशन सेंटर तथा प्रदर्शनी हॉल आदि भी साइंस सिटी का हिस्सा होंगे।

साइंस सिटी प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के संचार, लोकव्यापीकरण तथा नवप्रवर्तन की दिशा में विद्यार्थियों, शिक्षकों, आम नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण तथा आकर्षण का केन्द्र होगी। केंद्र सरकार की स्पोक्स योजना के तहत क्षेत्र्रीय विज्ञान केंद्र देहरादून के साइंस सिटी देहरादून में उन्नयन के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। इस सैद्धांतिक मंजूरी के बाद संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (डीआईबी) की मंजूरी भी साइंस सिटी देहरादून के लिए अप्रैल 2020 में प्राप्त हो गई थी।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आर.के सुधांशु, एनसीएसएम के पूर्व महानिदेशक गंगा सिंह रौतेला, निदेशक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम डॉ. अजंन रे, अपर सचिव विजय यादव, अपर प्रमुख वन संरक्षक डॉ. समीर सिन्हा, डॉ. प्रकाश चैहान आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने किया राज्य का प्रथम रेडियो स्टेशन का शुभारंभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बल्लुपुर चैक, देहरादून में उत्तराखण्ड के पहले डिजिटल रेडियो स्टेशन ‘‘ओहो रेडियो उत्तराखण्ड’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की राजधानी देहरादून से यह एक अच्छी शुरूआत हो रही है। एप्प के माध्यम से ओहो रेडियो उत्तराखण्ड को दुनियाभर में सुना जा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह रेडियो स्टेशन अपने कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता लायेगा एवं लोगों को दुःख, दर्द एवं समस्याओं को उजागर भी करेगा। इससे सरकार को भी लोगों की समस्याओं के समाधान में और मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज इंटरनेट के जमाने में जब हर कोई डिजिटल माध्यम से जुड़ रहा है, ऐसे में आर.जे. काव्य द्वारा रेडियो को डिजिटल माध्यम पर लाने की सराहनीय कोशिश की गई है। ‘‘ओहो रेडियो उत्तराखण्ड’’ के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, परिवेश, बोलियों एवं अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

आर.जे काव्य ने कहा कि सोच लोकल एप्रोच ग्लोबल का विजन लिए संगीत, साहित्य, स्पोर्ट्स, करियर, पलायन, समाज और उत्तराखण्ड की हर बात को ओहो रेडियो उत्तराखण्ड अपनी आवाज देगा।

स्कूटी चोरी के दो आरोपी 24 घंटे के भीतर अरेस्ट

बीती 30 जनवरी को डोईवाला राजीवनगर निवासी विनय पुत्र सुरेश सिंह श्रीभरत मंदिर इंटर काॅलेज परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा के बाद केंद्र से बाहर आए तो स्कूटी गायब मिली। मामले में उन्होंने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल अज्ञात पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर रानीपोखरी रोड स्थित फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान आरोपियों को चोरी की हुई स्कूटी के साथ अरेस्ट कर लिया।

कोतवाल रितेश शाह ने आरोपियों की पहचान नीरज पोखरियाल निवासी मनसा देवी गुमानीवाला ऋषिकेश और तुषार अग्रवाल निवासी गली नंबर 10 अमित ग्राम गुमानीवाला ऋषिकेश के रूप में कराई।

बाल सदन के जरिए एक दिन की सीएम सृष्टि गोस्वामी ने चलाई सरकार


राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक दिन की मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी बेहद आत्मविश्वास से लबरेज दिखी। बाल सदन के जरिये सरकार भी चलायी और कई विभागों की समीक्षा की। वाकपटु व हाजिरजवाब सीएम सृष्टि ने अपनी बौद्धिकता से भी दिल जीता।

उत्त्तराखण्ड की विधानसभा में रविवार को सीएम सृष्टि ने हनक और बेलौस अंदाज में एक दिन पूरी सरकार चलाई। दोपहर 12 बजे से सीएम ने अपने एजेंडे को मूर्त रूप देते हुए शाम को पत्रकारों को ब्रीफ भी किया।
बतौर ‘मुख्यमन्त्री’ सृष्टि ने कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा के बाबत डीजीपी को ‘निर्देश” दिए। इसके अलावा नशे की बढ़ती प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में किसी भी नशायुक्त सामग्री के बेचने पर पाबंदी भी लगाई।

सीएम की भूमिका निभाने के बाद सृष्टि ने पत्रकारों के सवालों के सधे जवाब दिये। कहा कि उन्हें आज नायक फिल्म की याद आयी। लेकिन वो फिल्म थी जबकि यह हकीकत है। विभागीय समीक्षा के बाबत पूछे गये सवाल के जवाब में मनोनीत सीएम सृष्टि ने कहा कि कुछ काम ठीक हो रहे हैं।
सीएम की अध्यक्षता में विधान सभा में बाल विधायक सदन का आयोजन किया गया। बाल सदन में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी और 13 विभागों ने अपना विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।

विभागीय समीक्षा और प्रस्तुतिकरण से पूर्व मनोनीत मुख्यमंत्री की अनुमति से बाल सदन का आयोजन किया गया। जिसमें नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन ने सदन में सरकार के समक्ष प्रश्न उठाये। जिनका मनोनित मुख्यमंत्री तथा उनकी अनुमति से अन्य मंत्री और बाल विधायकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष के सवालों का क्रमवार उत्तर दिया गया ।

इसके पश्चात बाल विकास विभाग द्वारा विभागीय प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करते हुए महिला, बच्चों, दिव्यंगजनों, निराश्रितों आदि के हित में सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनओं तथा उनके कल्याण के लिए उठाये गये कदम की जानकारी दी। इस दौरान महिला व बच्चों से सबन्धित अपराध तथा उनका उन्मूलन तथा महिला एवं बच्चों के समुचित विकास के लिए उठाये गये कदमों की बात कही।
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में किये जा रहे पुल, सडक, तथा अन्य सम्पर्क निर्माण कार्यो से अवगत कराया। सिंचाई विभाग द्वारा सूर्याधार झील तथा अन्य संचालित व निर्मित्त की जा रही परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। पुलिस विभाग द्वारा अपराधों की प्रकृति तथा उनके उन्मूलन हेतु उठाये गये प्रयासों तथा अभिनव स्टेप्स से अवगत कराया। उन्होने बाल अपराध की रोकथाम, साईब्रर क्राईम रोकथाम, नशा मुक्ति अभियान, आपरेशन सत्य, तथा बाल तस्करी मुक्ति हेतु आपरेशन स्माईल के उदाहरण प्रस्तुत किये।

इसके अतिरिक्त उद्योग, उरेडा, स्मार्ट सिटी, शिक्षा, आदि विभागो ने भी विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।
इस दौरान मा. उच्च शिक्षा मंत्री (आज के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि) ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन से बालिकाओं के आत्म विश्वास में वृद्धि होती है साथ ही सरकार की कार्यशैली तथा उनकी विशिष्ट प्रक्रियाओं से व्यवहारिक रूप मे अवगत होने का भी अवसर प्राप्त होता है।

मनोनीत मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी द्वारा इस दौरान सदन में महिला एवं बाल संरक्षण तथा विभिन्न विकास कार्यो के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव साझा किये। उन्होने बालिकाओं को विद्यालय आने जाने के लिए वाहनों में सुरक्षित माहौल बनाने, धरेलू हिंसा, नशाखोरी और बाल अपराधों पर लगाम लगाने तथा महिलाओं को सूरक्षित, सहज और सर्व स्वीकार्य वतावरण बनने के सुझाव दिये।

बाल विधायकों में मनोनीत मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष के अलावा मनोनीत गृह मंत्री कुमकुम पन्त, जान्हवी, हरेन्द्र, चिराग, मानसी, ऋतिका आदि ने समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमंती उषा नेगी ने भी अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बालिकाओं व बच्चों को इस तरह के बाल सदन में अवसर देने पर उनको जीवन में और आगे बढने और कुछ करने की प्रेरणा मिलती है साथ ही शासकीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी ज्ञान होता है।

बाल विकास में अपर सचिव झरना कमठान ने बाल सदन का विधिवत समापन किया।

बाल मुख्यमंत्री का बनना बालिकाओं का सम्मान- त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राज्य विधानसभा में बाल विधायक सदन में बालिका सुश्री सृष्टि गोस्वामी को एक दिन की बाल मुख्यमंत्री मनोनीत कर बाल सदन की कार्यवाही का आयोजन किया जाना प्रदेश की बालिकाओं का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन बालिकाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने में भी मददगार होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के बालक कल के नागरिक हैं। हमारे ये भावी कर्णधार देश को बेहतर दिशा की ओर ले जायें इसके लिये आवश्यक है कि इन्हें सम-सामयिक विषयों के साथ ही विधायिका के स्तर पर होने वाले कार्यों की जानकारी रहे। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन की भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां आगे बढ़कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी कामयाबी का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बाल सदन द्वारा एक दिन के लिये मनोनीत मुख्यमंत्री सुश्री सृष्टि गोस्वामी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया है।

शाॅर्ट सर्किट से रानीपोखरी में चलती कार में लगी आग

दो युवकों को कार चलाना तब भारी पड़ गया, जब उसमें आग लग गई। दोनों युवक किसी तरह बच निकले, मगर कार बुरी तरह जल गई।

दरअसल, भोगपुर से थानों जाने वाले रास्ते में जाखन पुल से पहले दो युवक अंकित पुंडीर पुत्र रघुवीर और मोहन पुंडीर पुत्र कमल सिंह निवासी रानीपोखरी कार चलाना सीख रहे थे। तभी अचानक शाॅर्ट सर्किंट हुआ और कार में आग लग गई। कार की बड़ी-बड़ी लपटें देख मौके पर चीख पुकार मच गई। किसी तरह दोनों युवक कार से बाहर निकलने में सफल रहे। वहंी, घटनास्थल पर सूचना पाकर फायरकर्मी पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाया। मगर, कार में आग के कारण काफी नुकसान हो चुका था।

आरएलडीए और एमडीडीए के सहयोग से पुनर्विकसित होगा देहरादून का रेलवे स्टेशन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देहरादून रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की स्थिति की समीक्षा करते हुए रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के अधिकारियों को समयबद्धता एवं गुणवतत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने को कहा। आरएलडीए के वाइस-चेयरमैन वेद प्रकाश डुडेजा ने परियोजना के विकास के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया और 83.5 मीटर ऊंची बिल्डिंग समेत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए मंजूरी मांगी।

ज्ञातव्य है कि देहरादून रेलवे स्टेशन को आरएलडीए और एमडीडीए द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा है और इस संबंध में दोनों संस्थाओं के बीच पिछले साल एमओयू साइन किया गया था। पुनर्विकास का उद्देश्य यात्री सुविधा के अनुरूप स्टेशन को अलग-अलग प्रवेश और निकास, फूड आउटलेट्स, अंडरग्राउंड पार्किंग समेत अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड करना है। इस योजना में देहरादून स्टेशन में प्रवेश-निकास के लिए वर्तमान यातायात समस्याओं को दूर किया जाएगा। यात्री-आगंतुक हाई-राइजिंग टॉवर के ऊपर रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट से लगभग एक घंटे में पूरे दून घाटी के 360 डिग्री बर्ड आई व्यू का आनंद ले सकते हैं। यह उत्तराखंड राज्य में अपनी तरह का पहला रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट होगा। प्रस्तावित स्टेशन की लागत स्टेशन के लिए 125 करोड़ व कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए 400 करोड़ रुपया होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने एमडीडीए को कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव को जनवरी 2021 के तीसरे सप्ताह में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में रखने की सलाह दी। रेल भूमि विकास प्राधिकरण के वाइस-चेयरमैन डुडेजा ने कहा कि हमने राज्य सरकार से देहरादून रेलवे स्टेशन की डीपीआर पर जल्द मंजूरी के लिए अनुरोध किया है, ताकि जल्द से जल्द आरएफपी मंगाई जा सके। देहरादून रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास, वैश्विक मानकों के अनुरूप किया जाएगा और यह यात्रियों को सुखद अनुभव प्रदान करेगा। स्टेशन का पुनर्विकास रियल एस्टेट की कीमतों को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन की क्षमता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए भी फायदेमंद होगा।

बैठक में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के वाइस-चेयरमैन रणवीर सिंह चैहान, उत्तराखंड के आवास सचिव शैलेश बगौली और देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।

स्मार्ट सिटी की समीक्षा कर सीएम ने दिए ठेकेदारों के साथ टाइम टू टाइम बैठक के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी की समीक्षा की। बैठक के दौरान सी.ई.ओ. स्मार्ट सिटी आशीष श्रीवास्तव ने देहरादून स्मार्ट सिटी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत कराये जा रहे सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसमें समयबद्धता के साथ ही गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मॉडर्न दून लाईब्रेरी की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इसे शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से आम जनता को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए समय-समय पर ठेकेदारों आदि के साथ भी बैठक आयोजित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें आ रही समस्याओं का भी निराकरण किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में वर्षाजल को संरक्षण के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर अधिक फोकस किया जाना चाहिए।

सी.ई.ओ. समार्ट सिटी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना की कुल लागत रू0 1407 करोड़ है, जिसमें 100 प्रतिशत निविदाएं आमंत्रित कर ली गयी हैं और इनसे सम्बन्धित कार्यादेश भी जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत स्मार्ट स्कूल का समस्त कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अन्तर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड, राजकीय इंटर कॉलेज, खुड़बुड़ा एवं राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल को शामिल किया गया है, जिनमें स्मार्ट क्लासेज, कम्प्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र आदि की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट रोड का कार्य प्रगति पर है। दून एकीकृत कमांड एण्ड कंट्रोल रूम का कार्य मार्च 2021 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली एवं सुशील कुमार आदि उपस्थित थे।

देहरादून स्मार्ट सिटीः तीन सरकारी स्कूलों का विकास स्मार्ट स्कूल में रूप में

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना की उच्च स्तरीय संचालन समिति बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए परियोजना को ससमय पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट सड़कों के निर्माण में डक्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद ही ब्लैक टॉपिंग का कार्य किया जाए।

बैठक में सीईओ देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि देहरादून में इलैक्ट्रिक बस परियोजना शुरू किए जाने हेतु प्रोटो बस इस सप्ताह देहरादून आ जाएगी, जिसमें मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रोटो बस को महिलाओं को समर्पित करते हुए केवल महिलाओं हेतु चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रिक बसों के संचालन की कार्यवाही में तेजी लाते हुए इसे शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अन्तर्गत देहरादून शहर के 3 सरकारी स्कूलों का विकास स्मार्ट स्कूल के रूप में किया गया है। परेड ग्राउंड जीर्णोधार कार्यो के अन्तर्गत निर्माण इकाई द्वारा 570 मी0 बाह्य नाली एवं 480 मी0 आन्तरिक नालियों का कार्य किया जा चुका है। साथ ही परेड ग्राउण्ड के आन्तरिक हिस्से मे प्रस्तावित वीआईपी स्टेज, वर्षा जल संग्रहण टैंक आदि का कार्य प्रगति पर है। वॉटर ए.टी.एम. कार्य मे प्रस्तावित 24 वॉटर ए.टी.एम. में से 15 का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। स्मार्ट रोड निर्माण इकाई के द्वारा कार्यो के अन्तर्गत 80 प्रतिशत सीवर लाइन एवं 620 मी0 मल्टी यूटीलिटी डक्ट बिछाने का कार्य किया जा चुका है एवं शेष कार्य प्रगति पर है।

सीईओ देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने कहा कि लाईब्रेरी नींव संरचना निर्माण कार्य पूर्ण करने के उपरान्त अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। स्मार्ट पोल एवं ओ.एफ.सी. केबल कार्य हेतु सम्बन्धित विभागों से अनापत्ति लेने के उपरान्त स्मार्ट पोल की नींव संरचना का कार्य प्रगति पर है साथ ही ओ.एफ.सी. केबल बिछाये जाने हेतु 53 कि.मी. का जी.पी.आर. सर्वे किया जा चुका है। वर्तमान समय में लगभग 8 कि.मी. ओ.एफ.सी. केबल बिछायी जा चुकी है। जल आपूर्ति प्रणाली के अन्तर्गत देहरादून शहर में अधिष्ठापित 206 ट्यूबवैल का सुधारीकरण एवं उच्चीकरण किया जाना है। वर्तमान समय में इनमें से 13 ट्यूबवैल से बेस डाटा संग्रहण का कार्य प्रगति पर है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, सचिव आर.के. सुधांशु, शैलेश बगोली एवं सौजन्या आदि उपस्थित थे।