सीएम धामी की प्रदेशवासियों को सौगात, कई घोषणाओं से जीता अवाम का दिल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) मे राज्य स्थापना दिवस की 21वीं वर्षगांठ पूरी गरिमा के साथ ‘‘उत्तराखंड महोत्सव’’ के रूप में हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। आईटीबीपी, पुलिस, होमगार्ड के जवानों ने विधानसभा परिसर में भव्य सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। वही स्कूली बच्चों एवं सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास के साथ ही प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर भराडीसैंण में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और विधानसभा परिसर गैरसैंण (भराड़ीसैंण) से पूरे प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के लिए विशेष दिन है। लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद हमें यह दिन देखने को मिला है। इसके लिए असंख्य गुमनाम लोगों ने संघर्ष किया। बच्चे, युवा, महिला, बुजुर्ग सब सड़क पर उतरे थे। माताओं और बहनों ने अपमान सहा। ये राज्य हमें लाठी, गोली और दमन से मिला है। खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर के दमन को हम कभी भूल नहीं सकते। मैं खटीमा का निवासी हूं, मैंने अपनी आंखों से उस दमन को देखा है। मैं आज उन शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन करता हूं जिन्होंने इस राज्य के लिए अपने जीवन को, अपने परिवार की खुशियों को होम कर दिया। यह शांति की धरती है, यह क्रांति की धरती है। यह हीरों को जनने वाली धरती है, यह वीरों को जनने वाली धरती है। ये ज्ञान की धरती है, यह आन-बान-शान की धरती है। हमारा संकल्प है कि जिस ध्येय के लिए इस राज्य के लिए संघर्ष किया गया और राज्य की कल्पना की गई, उसके लिए हम कृत संकल्प हैं। हम उनके त्याग, बलिदान और संघर्ष को व्यर्थ जाने नहीं देंगे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को भी स्मरण करते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्री रहते उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ।
प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई हैं। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। केन्द्र सरकार ने उत्तराखण्ड के लिये चारधाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की जो सौगात दी है उससे आने वाले समय में उत्तराखंड में आवागमन सुगम हो सकेगा। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार ने भौगोलिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 155 किलोमीटर के टनकपुर-बागेश्वर रेलमार्ग के अन्तिम सर्वें को भी मंजूरी दे दी है तथा इसके लिए बजट भी अवमुक्त कर दिया गया है। इस प्रकार केन्द्र सरकार के सहयोग से हम उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को भी विकास की धारा से जोड़ने में सफल हुए हैं। हमारी योजना है कि 2025 तक हम उत्तराखंड के प्रत्येक गांव को लिंक मार्गों के माध्यम से बड़े राजमार्गों और ऑल वेदर रोड से जोड़ सकें। जिससे पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके और पलायन की समस्या से उत्तराखंड को मुक्ति दिलाकर पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाया जा सके। ये डबल इंजन सरकार की उपलब्धि ही है कि देवभूमि के पहाड़ों में रेल पहुंचाने का स्वप्न साकार होने की कगार पर है। सड़क एवं रेलमार्गों के साथ-साथ उत्तराखंड में एयर कनेक्टिविटी में सुधार के लिए हमारी सरकार विशेष रुप से कार्य कर रही है। जिसके अन्तर्गत जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है तथा उधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरुआत की गई है। हमारा लक्ष्य है कि हम 2025 तक उत्तराखंड के प्रत्येक प्रमुख नगर को हेली सेवा से जोड़े। देहरादून से टिहरी के लिए डबल लेन टनल की भी स्वीकृति देकर केन्द्र सरकार ने दून से टिहरी की दूरी को कम करने का काम किया है। इस परियोजना के लिए अनुमानित लागत 8750 करोड़ रूपये आंकी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित योजना के अनुसार विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र धर्म स्थल हेमकुंड साहब को शीघ्र ही रोपवे से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इसी योजना के अन्तर्गत 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम तक केबल कार द्वारा पहुंचा जा सकेगा। हमारी सरकार नैनीताल में स्थित कैंचीधाम के विकास के लिए भी काम कर रही है जिसके अंर्तगत 60 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इसके साथ-साथ केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड को भारत की सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थली बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जिसके अन्तर्गत केदारपुरी में जहां प्रथम चरण के 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहीं 184 करोड़ के कार्य द्वितीय चरण में गतिमान है। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए जहां 245 करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं गंगोत्री व यमनोत्री के लिए क्रमशः 20 करोड़ और 34 करोड़ रूपये स्वीकृत हो चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड का विकास हमारी सर्वाेच प्राथमिकता रही है और इसी ध्यान में रखकर हमारी सरकार पिछले साढ़े चार सालों सें लगातार कार्य कर रही है। मुख्य सेवक के रुप में मेरी पहली प्राथमिकता युवाओं की समस्याओं को दूर करने की रही है। इसीलिए हमने उत्तराखंड में सरकारी विभागों में रिक्त पड़े 24 हजार पदों को शीघ्र भरने का बेड़ा उठाया है। इनमें से आधे पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, तथा शेष रिक्त पदों पर शीघ्र ही भर्ती पूर्ण कर ली जाएगी। साथ ही जहां राज्य की भर्ती परीक्षाओं में आवेदन शुल्क से राहत दी गई है वहीं समूह-ख व ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एक वर्ष की छूट भी दी गई है। इसके अतिरिक्त संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। हमारी सरकार अल्प वेतन भोगियों के वेतन तथा भत्तों में वृद्धि के प्रति संवेदनशील है। अतिथि शिक्षकों का वेतन 15,000 रूपए से बढ़ाकर 25,000 रूपए, मेडिकल कॉलेजों में ट्रेनी डाक्टरों के स्टाईपेंड को 7500 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 17,000 रूपए, ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3500 रूपए किया है। साथ ही हमने उपनल कर्मियों, आशा एवं आंगनबाड़ी बहनों, लोक कलाकारों तथा ग्राम प्रहरियों के मानदेय में भी वृद्धि की है। प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर दो सीबीएसई पाठ्यक्रम के अटल उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना करने का कदम शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। नई शिक्षा नीति को समयबद्ध तरीके से स्कूलों में लागू करने के प्रति हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। क्वालिटी एजुकेशन के लिए हमने सभी सरकारी विद्यालयों में छब्म्त्ज् की पाठ्य पुस्तकें अनिवार्य करवायी हैं। कॉलेजों को स्मार्ट कैम्पस बनाया जा रहा है। बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट इको क्लब की स्थापना की गई है। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। इसके साथ ही मैं हमारे प्रदेश के कुमाऊं क्षेत्र में एम्स के सेटेलाइट सेंटर को खोलने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री को देवभूमि की समस्त जनता की ओर से हार्दिक धन्यवाद भी प्रेषित करता हूं। अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत प्रदेश में लगभग 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड अब तक बनाए जा चुके हैं। हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। राज्य निर्माण आन्दोलन के शुरूआती दौर से ही गैरसैंण को राजधानी बनाये जाने की संकल्पना हर आंदोलनकारी के मन में रही है। जनभावनाओं को सर्वाेच्च सम्मान देते हुए हमारी ही सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। अब हम गैरसैण में राजधानी के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिसके फलस्वरूप सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में जहां हम देशभर में 10वें स्थान पर थे वहीं आज हम शीर्ष तीन में शामिल हैं। प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार हम वर्ष 2025 तक जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब हम उसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए हम ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के 31 राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही विगत आपदा में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता चेक और आपदा में सराहनीय कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया। वही मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। निर्वाचन विभाग के स्टॉल पर मतदाताओं को अपने मत के प्रयोग हेतु चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान और मेरा वोट मेरी ताकत के लिए बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर फोटो भी खिचवाई। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रदेश वासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को हमेशा याद रखा जायेगा, राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य को आगे बढ़ाने के लिये सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास एवं पलायन को रोकने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, सीडीओ वरूण चौधरी, संयुक्त मजिस्ट्रेट डा. दीपक सैनी सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने की भराडीसैंण में निम्न घोषणाएं-
1.उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी पेंशन वृद्धि – उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों, जिनको रू0 3100.00 पेंशन प्राप्त हो रही है, को बढ़ाकर रू0 4500.00 तथा जिनको रू0 5000.00 पेंशन प्राप्त हो रही है, को बढ़ाकर रू0 6000.00 किया जायेगा।
2.महिला छात्रावास – राज्य के प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर अध्ययनरत छात्राओं के शिक्षा को सुगम एवं सुविधा युक्त बनाने हेतु एक-एक महिला छात्रावास का निर्माण किया जायेगा।
3 कामकाजी महिला छात्रावास – राज्य में आवश्यकतानुसार जनपद मुख्यालयों पर कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जायेगा।
4.ईजा-बोई शगुन – सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के सुरक्षित स्वास्थ्य हेतु अस्पतालों में 48 घण्टे रुकने वाली प्रसूता महिला को रु० 2000.00 उपहार धनराशि भेंट की जायेगी। (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग )
5.जी रैया चेली-जागी रैया नौनी -11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों को टीएचआर सुविधा प्रदान की जायेगी।
-11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों को सेनेटरी नैपकीन उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में सेनेटरी नैपकीन वेण्डिंग मशीन की स्थापना की जायेगी।
-11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य परीक्षण यथाः हीमोग्लोबिन इत्यादि की जाँच निशुल्क की जाएगी तथा हेल्प लाईन नं 104 के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जायेगा।
6. आरोग्य उत्तराखण्ड क्रॉनिक डिजीज (दीर्घकालिक एवं पुरानी बिमारियां) के उपचार में ली जाने वाली दवाइयों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा।
7. नशामुक्ति केंद्र- देहरादून एवं हल्द्वानी में नशामुक्ति केंद्र की स्थापना की जायेगी।
8. राज्य में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन डेवलपमेंट की स्थापना की जायेगी।
9. कोविड-19 में सराहनीय कार्य के दृष्टिगत एनएचएम के कर्मियों को रू0 10,000- को एकमुश्त प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी।
10. राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने हेतु राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।
11. ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से संचालित 32 सेवाओं को अद्यतन करते हुए कुल 75 सेवाओं को ’’अपणि सरकार पोर्टल’’ के माध्यम से आम जनमानस को लाभ पहुंचाया जाएगा।
12. सेवा का अधिकार अधिनियम में अधिसूचित अवशेष 190 सेवाओं को भी शीघ्र ही ’’अपणि सरकार पोर्टल’’ के माध्यम से संचालित कर आम जनमानस को लाभ पहुंचाया जाएगा।
13. प्रदेश में खेल को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को खेल की विभिन्न विधाओं से जोड़ने के लिए ’’खेल नीति-2021’’ तुरन्त लागू की जाएगी।
14. उत्तराखंड में स्वास्थ्य, पर्यटन से राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने हेतु राज्य को आयुष वेलनैस का हब बनाया जाएगा। जिसके अन्तर्गंत गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक गृहों में आयुष वेलनैस सेन्टर खोले जाएंगे।
15. भराड़ीसैंण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान बनाया जाएगा।
16. गैरसैण नगर पंचायत की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए 1.20 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।
17. आदिबद्री और घाट क्षेत्र को नगर पंचायत बनाया जाएगा।
18 नारायणबगड़ ब्लाक में एलोपैथिक अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा।

लोकार्पण/शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने भराडीसैंण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 12943.40 लाख की 36 योजनाओं का लोकार्पण एवं 9554.66 लाख की 33 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें विधानसभा बद्रीनाथ के अन्तर्गत 5110.90 लाख की 10 योजनाओं का लोकार्पण एवं 3506.43 लाख की 10 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कर्णप्रयाग विधानसभा के अन्तर्गत 3097.48 लाख की 9 योजनाओं का लोकार्पण एवं 2781.50 लाख की 11 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। वही थराली विधानसभा के अन्तर्गत 4735.02 लाख की योजनाओं लोकार्पण एवं 3166.73 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

लोकार्पण
गैरसैण में कल्यिणा ग्वाड़ बैण्ड से डिग्री कॉलेज फरकण्डे मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 126.74, गैरसैण में मैखोली-नलगांव-लखेड़ी-वासीसेम मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 187.15, उडामाण्डा-चोपड़ा मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुधार कार्य लागत 222.23, गोविन्दघाट-घांघरिया पैदल मार्ग किमी.10 लक्ष्मण गंगा नदी के ऊपर 135 मी. स्पान पैदल झूला पुल का निर्माण लागत 2073.64, खेता से गुगलेश्वर तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य लागत 127.80, तपोवन-करछोई मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 382.50, पोखरी-काण्डई मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 1251.35, खन्ना कुजासू से पैणी मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 540.61, मालई से भटक्वाली मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 246.08, देवलधार से कण्डारीखोड मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 617.99, देवलधार से कण्डारीखोड मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 547.09, रोहिडा से पज्याणा मोटर मार्ग लागत 353.09, बगोली-चूला मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 458.39, नन्दप्रयाग घाट किमी0 11 से मंगरोली मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 198.35, तोली-कल्याणी तल्ली मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 362.60, मींग गधेरा से बैनोली तल्ली मोटर मार्ग, स्टेज-1 लागत 162.13, थराली कुराड मोटर मार्ग के किमी0 15 से गुडम लग्गा गेरूड़ मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 178.01, नन्दकेशरी ग्वालदम मोटर मार्ग से जौला मोटर मार्ग के किमी0 1 पर 24 मी0 स्टील गर्डर सेतु लागत 139.69, नन्दकेशरी ग्वालदम मोटर मार्ग किमी0 1 से जौला मोटर मार्ग के किमी0 3 पर 30 मी0 स्टील गर्डरसेतु लागत 170.06, कुलसारी आलकोट मोटर मार्ग के किमी0 04 से गैरवारम मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 283.72, नाराणबगड भगोती मोटर मार्ग से झिझोणी मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 609.60, लौहजंग से वॉक मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 356.42, खेता से तोरती मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 1048.80, परखाल से सिलोडी मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 631.05, नन्दप्रयाग घाट किमी0 11 से गंडासू मोटर मार्ग स्टेज-1 लागत 275.43, नन्दप्रयाग-भैरणी मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 370.69, राजबगठी पेयजल योजना लागत 48.62, बमोथ पेयजल योजना लागत 119.64, राइका बछेर में 4 कक्षा कक्ष का निर्माण कार्य लागत 83.26, राइका उर्गम का निर्माण कार्य लागत 187.87, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय त्रिशूला चमोली के चिकित्सालय भवन निर्माण लागत 49.80, सैनिक स्मृति केन्द्र सवाड़ का निर्माण लागत 100, लाटू देवता मन्दिर का सौन्दर्यीकरण कार्य लागत 61.59, राइका जैनबिष्ट में सुदृढ़ीकरण कार्य 96.26, राउमावि निलाड़ी में विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर, पुस्तकालय एव आर्ट क्राफ्ट भवन निर्माण लागत 75.15, ग्राम माणा में बहुमंजिला पार्किंग एवं पार्किंग सुदृढ़ीकरण का कार्य लागत 200 लाख शामिल है।

शिलान्यास
जिन विकास योजनाओं का शिलान्यास हुआ उसमें राज्य योजना के विकासखण्ड जोशीमठ में न्याय पंचायत मुख्य ग्राम द्वींग को मोटर मार्ग से जोड़े जाने का कार्य लागत 330.74 लाख, विकासखण्ड दशोली में बम्बूधार से मूल गांव छिनका होते हुये मल्ला-नौरी तक मोटर मार्ग नव निर्माण लागत 141.22, गैरसैण में खजूरखाल- निगलानी- तिमुलपानी-गोगनानी-दमदड मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 81.01, विकास खण्ड़ गैरसैण में मालकोट-कालीमाटी-सैरा तिवाखर्क मोटर मार्ग नव निर्माण कार्य द्वितीय चरण लागत 63.93, मींग गधेरे से गढ़कोट तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं बीएम/एसडीबीसी के डामरीकरण कार्य लागत 1258.19, विकासखण्ड पोखरी में चोपडा-हरिशंकर मोटर मार्ग से नखोलियाना-पोखरी तक सड़क का निर्माण कार्य लागत 74.18, पोखरी में गोगनापनी से भदूड़ा मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 49.80, हेलंग-डुमक मोटरमार्ग स्टेज-2 लागत 819.55, टंगनीतल्ली से टंगनीमल्ली मोटरमार्ग स्टेज-2 लागत 242.64, तपोवन रिंगी मोटर मार्ग से सुभई मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 851.39, कलसीर से गुडम-नेल-नौली-कुंजी मोटर मार्ग स्ेटज-2 लागत 639.23, बकरियाबैण्ड से छिमटा मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 794.82, लामबगड (नैलबैण्ड) से झूमाखेत मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 557.21, थराली कुराड मोटर मार्ग के किमी0 15 से गुडम लग्गा गेरूड़ मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 180.16, छुरागाड से सुतोल कनोल मोटर मार्ग स्टेज-2 लागत 603.14, तांगला पेयजल योजना 30.14, विकास खण्ड कर्णप्रयाग के अंतर्गत अलकनंदा नदी के बाएं तट पर स्थित शक्तिनगर में बाढ़ सुरक्षा योजना लागत 349.00, गैरसैण के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर माईथान की बाढ़ सुरक्षा योजना लागत 142.51, गैरसैण में 11 पर्वतीय नहरों की जीर्णाेद्धार योजना लागत 224.00, राजकीय आदर्श इण्टर कालेज बांजबगड में 3 प्रयोगशाला का निर्माण लागत लागत 93.77, राजकीय आदर्श इण्टर कालेज आदिबद्री में 3 प्रयोगशाला का निर्माण 68.26, राजकीय आदर्श इण्टर कालेज पैतोली में 3 प्रयोगशाला का निर्माण 77.46, राइका रैंस चोपता में 2 कक्षा कक्ष का निर्माण लागत 49.55, राइका मालसी में 3 कक्षा कक्षों का निर्माण लागत 67.39, राइका वाण के प्रशासनिक भवन एवं 4 कक्षों का निर्माण लागत 185.32, आदिबद्री में पार्किग का निर्माण लागत 137.38, लोहांजग में टैक्सी स्टैण्ड का निर्माण लागत 220.78, थराली के अन्तर्गत थराली विकासखण्ड़ भवन का निर्माण कार्य लागत 327.91, राइका बड़ागॉव में 6 कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 109.55, जोशीमठ में पार्किंग निर्माण लागत 248.13, भराड़ीसैंण गैरसैंण में पार्किंग निर्माण लागत 295.99 शामिल है।

मरणोपरांत एनडी तिवारी को मिलेगा उत्तराखण्ड गौरव सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड गौरव सम्मान वर्ष 2021 प्रदान किये जाने हेतु गठित की गयी समिति की संस्तुति के आधार पर सम्मान हेतु चयनित अनिल जोशी, रस्किन बॉण्ड, बछेन्द्री पाल, नरेन्द्र सिंह नेगी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी को यह सम्मान प्रदेश के विकास में उनके द्वारा दिये गये योगदान का राज्य की ओर से दिया गया सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड महोत्सव के अंतर्गत प्रतिवर्ष 5 व्यक्तियों को दिये जाने वाला उत्तराखण्ड गौरव सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को पहचान दिलाने वालों का सम्मान है, यह सम्मान प्रेरणा का कार्य भी करेगा।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए सचिव स्तर पर हो रही समीक्षा

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा सोमवार को सचिवालय में आवास एवं शहरी विकास विभाग से सम्बन्धित मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा की।
शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत कोविड 19 के राहत पैकेज से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि पर्यावरण मित्रों एवं पीएम स्वनिधि में पंजीकृत लाभार्थियों को 5 माह तक दी जाने वाली 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अविलम्ब वितरित कर सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने राज्य स्तरीय घोषणाओं के तहत प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों को बनाये जाने वाले घरों तथा राज्य के पर्यटन स्थलों में बहुस्तरीय कार पार्किंग निर्माण योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग की जिला स्तरीय 32 घोषणाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा। इसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र खटीमा में पार्कों के सौंदर्यीकरण, शहीद स्थल निर्माण, स्ट्रीट लाइट कार्य, वेंडर जोन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्य, डोईवाला में स्व. मांगेलाल अग्रवाल की मूर्ति स्थापना, जसपुर में नगर पालिका भवन निर्माण, श्रीनगर नगर निगम बनाये जाने, रानीखेत में आंतरिक मार्गों के निर्माण, नैनीताल में पारम्परिक हाट निर्माण सहित विभिन्न जनपदों के लिये विभिन्न निर्माण कार्यों से सम्बन्धित घोषणायें शामिल हैं। उन्होंने इस संबंध में शीघ्रता से कार्यवाही किये जाने को कहा है।
आवास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला स्तरीय 5 घोषणाओं, जिसमें विधानसभा क्षेत्र खटीमा में दीनदयाल पार्क के सौन्दर्यीकरण, शौचालयों के निर्माण, विकासनगर में पार्किंग का निर्माण, देवप्रयाग के जाखणीधार में पार्किंग व्यवस्था शामिल है। इस सम्बन्ध में भी शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये।
बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डे, उप सचिव एच.एस. बसेड़ा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

22वें राज्य स्थापना दिवस पर धामी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए हाल ही में प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना प्रकट की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल विहारी वाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में बहुत से ऐसे काम हुए हैं, जो कि पहले मुमकिन नहीं लग रहे थे। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई। इनमें बहुत सी योजनाओं पर काम हो गया है या काम तेजी से चल रहा है। 16 हजार 216 करोड़ रूपए की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। परियोजना को 2024-25 तक पूरा कर लिया जाएगा। टनकपुर-बागेश्वर और डोइवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। हरिद्वार-देहरादून रेललाइन के दोहरीकरण का कार्य जल्द पूरा किया जायेगा। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 889 किलोमीटर की चारधाम सड़क परियोजना पर काफी काम किया जा चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है। पिछले कुछ वर्षों में एयर कनेक्टिविटी को बहुत मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित योजना के अनुसार शीघ्र ही हेमकुंड साहब को रोपवे से जोड़ा जा सकेगा और केदारनाथ तक केबल कार भी चलेगी। जिससे पर्यटन के क्षेत्र में हमें अत्यन्त लाभ होगा। हम उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाएं लाए हैं। इनमें देश का पहला ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, सीपेट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन नेचुरल फाईबर शामिल है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी परियोजना उत्तराखण्ड वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, भारत नेट फेज-2 परियोजना सहित अन्य बहुत सी परियोजनाएं भी डबल इंजन का ही परिणाम है। राज्य सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने 24 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य की भर्ती परीक्षाओं में आवेदन शुल्क से राहत दी गई है। समूह-ख व ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई है। संघ लोक सेवा प्रयोग, एन.डी.ए, सी.डी.एस. एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। विभिन्न विभागों को स्वरोजगार के टाईम बाउंड लक्ष्य दिये गये हैं। आवेदकों की सुविधा के लिए कैम्प लगाकर एक ही स्थान पर सारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड पूर्ण रूप से पात्र लाभार्थियों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाये जाने वाला राज्य बन गया है। शत-प्रतिशत दूसरी डोज का लक्ष्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़, चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया जा रहा है। लाभार्थियों के खातों में डीबीटी द्वारा राहत राशि पहुंचनी भी शुरू हो गई है। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रूपये प्रति माह दिये जायेंगे। राज्य सरकार इन बच्चों का एक अभिभावक की तरह पूरा संरक्षण करेगी। पिछले वर्षों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। प्रत्येक जिले में आक्सीजन प्लांट प्रारम्भ किए गए हैं। हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा मिल रही है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में 44 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 3 लाख 40 हजार से अधिक मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के उपचार पर अब तक 461 करोड़ अधिक का व्यय किया जा चुका है।
राष्ट्रीय फलक पर उत्तराखण्ड अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और आज हमारा स्थान तीसरा हो गया है। ऊर्जा और कानून व्यवस्था संबंधी इंडेक्स में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर है। मातृत्व मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, बाल मृत्यु दर आदि स्वास्थ्य सूचकों में काफी सुधार हुआ है। तमाम सामाजिक-आर्थिक सूचकांक में हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। प्रदेश के लोक कलाकारों का मानदेय दोगुना किया है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन की राशि को एक हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर बारह सौ रूपए प्रतिमाह किया गया है। ग्राम प्रहरियों का मानदेय रूपए 2 हजार प्रतिमाह किया गया है। सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण व संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन के शुरूआती दौर से ही गैरसैंण को राजधानी बनाये जाने की संकल्पना हर आंदोलनकारी के मन में रही। जनभावनाओं को सर्वाेच्च सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। अब हम गैरसैण में राजधानी के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। सरकार का पूरा कार्यकाल दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित रहा है। यह पहली सरकार है जिसने पलायन को गम्भीरता से लिया और रिवर्स पलायन को साकार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ’’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 16 ईको टूरिज्म डैस्टीनेशन विकसित किए जा रहे हैं। ट्रैकिंग मार्गों पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी अलग से विंग बनाई गई है। सौर ऊर्जा और पिरूल ऊर्जा नीति, ग्रामीण युवाओं की आजीविका में सहायक हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार हम वर्ष 2025 तक जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब हम उसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए हम ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं। जिसके द्वारा हम अन्त्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त कर सकें और उत्तराखंड को सच्चे अर्थों में देवभूमि बना सकें।

हेमकुंड साहिब रोपवे निर्माण की योजना के लिये प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में गायक दलेर मेहंदी ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने दलेर मेंहदी को युवाओं का प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि उनकी गायकी समाज में जन जागरण के साथ ही सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देने का कार्य करती है। उन्होंने मेहंदी को शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।
दलेर मेंहदी ने हेमकुंड साहिब को रोपवे से जोड़े जाने की योजना के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। गायक दलेर मेहंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारे दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह की तपस्थली ’हेमकुंड साहेब’ को रोपवे से जोड़े जाने की बहुत बड़ी घोषणा की है जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से ही संभव हो पाया है। उन्होंने इसके लिए पूरे सिक्ख समाज की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का दिल से आभार प्रकट किया।
दलेर मेहंदी ने गुरू नानक महाराज से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की अच्छी सेहत और लम्बी उम्र प्रदान करने की भी प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इन दोनों के द्वारा यह बड़ा पुण्य का काम हुआ है। रोपवे शुरू होने से हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम हो जाएगी। हमारे बच्चों, बुजुर्गों एवं असहाय व्यक्तियों को इसका विशेष लाभ मिलेगा और वे सुगमता से हेमकुंड साहिब की यात्रा कर सकेंगे।

धामी सरकार के कार्यो को दर्शाता, बातें कम-काम ज्यादा गीत का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘‘बातें कम-काम ज्यादा’’ गीत का विमोचन किया। बतातें चलें कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली, व्यवहार, आचार-विचार, युवा जोश, सकारात्मक सोच एवं उनके द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों पर आधारित गीत ‘‘बातें कम-काम ज्यादा’’ को यू-ट्यूब पर लॉच किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गीत के माध्यम से सरकार द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों एवं समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर जो प्रयास किये जा रहे हैं, इनका समावेश कर गीत के रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
हिन्दी भाषा में तैयार किये गये इस गीत की निर्माता सावित्री बसेड़ा, निर्देशक डी.एस. बिष्ट व रिकॉर्डिंग/मास्टरिंग/मिक्सिंग का कार्य पवन गुसांई द्वारा किया गया है। इस गीत में संगीत राकेश भट्ट द्वारा दिया गया है तथा भूपेन्द्र बसेड़ा, मनोज सिंह सामन्त, भगत मेहता, सोनम एवं राजलक्ष्मी एवं अन्य साथी कलाकारों द्वारा इस गीत को संयुक्त रूप से स्वर प्रदान किया गया है।
गीत के विमोचन के अवसर विधायक देशराज कर्णवाल, गीत से जुड़े हुये बी.बी. इंटरटेनमेंट की टीम एवं गीत निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कलाकार उपस्थित रहे।

धामी ने दी देवप्रयाग विधानसभा को करोड़ों की सौगात

जनपद टिहरी गढ़वाल की तहसील कीर्तिनगर के चौरास क्षेत्रान्तर्गत किलकिलेश्वर में स्थित राजकीय इण्टर कॉलेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुल रूपये 95 करोड़ 46 लाख की लागत की योजनाओें का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें रूपये 52 करोड़ 3 लाख की लागत की तीन योजनाओं का लोकार्पण एवं रूपये 43 करोड़ 44 लाख लागत की चार योजनाओं का शिलान्यास किया।

लोकार्पित योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अकरी बारजूला ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना, सीएचसी हिंडोलाखाल में ऑक्सीजन प्लांट व 33/11 केवी विद्युत उपसंस्थान चौरास का लोकार्पण किया।

शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने मढ़ी चौरास जाखणी ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना, अलकनंदा नदी पर सुपाणा में 130 मीटर स्पान के सेतु का निर्माण, 33/11 केवी विद्युत उपसंस्थान पट्टी अकरी-बारजूला व नगर पंचायत कीर्तिनगर में आधुनिक प्रतीक्षालय का निर्माण योजना का शिलान्यास किया।

जनसमस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता
इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवा, महिला, बच्चों व बुजुर्गां सभी के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने जो सपने देखें है हमारी सरकार उन सपनों को साकार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर क्षेत्र की समस्याओं के भी समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान मैंने नौजवानों की समस्याओं को देखा तथा निर्णय लिया कि हमारे द्वारा सभी रिक्त पड़े 24 हजार सरकारी पदों को भरा जायेगा और अभी तक 10 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारे द्वारा उपनल कर्मचारियों व आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं को भी सुना गया तथा उनके मानदेय में वृद्धि की गयी।
हमारे द्वारा चारधाम यात्रा शुरू करने को लेकर भी हाई कोर्ट में मजबूत पैरवी की गयी, जिसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू हुई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमारी सरकार बेहतर कार्य कर रही है। हमारे द्वारा रूपये 5 लाख तक निःशुल्क उपचार देने वाली अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के अन्तर्गत 460 करोड़ रूपये अभी तक खर्च किये गये हैं। जिससे साढ़े तीन लाख लाभार्थियों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि हम प्रदेश को आपके बल पर आगे बढ़ा रहे हैं। हमारी सरकार तभी बलवती होगी जब आपका समर्थन मिलेगा।

घोषणाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को घण्टाकर्ण देवता लोस्तु को सातवां धाम घोषित करने, किलकिलेश्वर मन्दिर चौरास का सौन्दर्यीकरण करने, हिण्डोलाखाल ब्लॉक भवन के निर्माण, चौरास पुल से जाखणी-नैथाणा-रानीहाट-कीर्तिनगर तक आस्थापथ का निर्माण, जखलेश्वर महादेव जखण्ड का सौन्दर्यीकरण करने, कीर्तिनगर तहसील तहसील कर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आवास बनाये जाने, राजकीय इण्टर कॉलेज किलकिलेश्वर विशेष मरम्मत व चहार दीवारी के निर्माण, राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज किलकिलेश्वर का जीर्णाेद्धार, सैन्द्री-सुपाणा मोटर मार्ग का निर्माण, नैथाणा-बिन्दीगेरा-गुठांई-नैनीसैंण मोटर मार्ग का निर्माण, थापली मढी कॉलोनी में पीसी सड़क का नवीनीकरण, न्यूनीसैंण में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाऊस जीर्णाेद्धार, देवप्रयाग विधानसभा के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के नाम पर विद्यालयों व सड़कों का नाम रखे जाने की घोषणा की।

रा.इ.का. किलकिलेश्वर में आयोजित समारोह में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी, विनोद रतूड़ी, अब्बल सिंह विष्ट, केदार सिंह बिष्ट, सीडीओ नमामि बंसल, डीडीओ सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे।

कोटद्वार में सैनिक सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे धामी ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कोटद्वार स्थित विजय गार्डन में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों, सैनिक परिवारों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना का इतिहास गौरवशाली रहा है, हमारे वीर सैनिकों ने हमेशा अदम्य साहस का परिचय देते हुए तमाम लड़ाईयों को जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सैनिकों का आत्मविश्वास बढ़ा है, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होली, दिवाली जैसे विशेष कार्यक्रम हमारे देश के वीर सैनिकों के साथ ही मनाते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन के लागू होने से लाखों रिटायर्ड सैनिकों को बड़ी राहत मिली है। उत्तराखंड में सरकार रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, प्रदेश में अब तक 10 हज़ार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया है, उपनल कर्मचारियों को मानदेय बढ़ाते हुए उन्हें भी बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण के बाद सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों को राहत पैकेज के माध्यम से बड़ी सहायता पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे पहला मंतव्य है कि जो घोषणा की जाएं उन्हें पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उत्तराखंड 25 साल का होगा तो शिक्षा, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों देश का पहले नंबर का राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं की, जिनमें क्रमशः विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार में पुरानी पेयजल लाइनों बदला जाएगा और दो नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे। कोटद्वार में आवासीय एवं कृषि भूमि के ऊपर से जाने वाली हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट किया जाएगा। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में सिंचाई गूल नहरों की सफाई एवं नई गूलों का निर्माण किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के कालागढ़ में मुख्य मार्गों का निर्माण एवं पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। कलालघाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम शहीद लांस नायक धनवीर सिंह राणा के नाम से रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं, बेजरोज़गारों और महिलाओं के हित में कार्य कर रही है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अन्थवाल एवं हज़ारों की संख्या में पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता मौजूद रही।

सीएम ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकराता क्षेत्र के अंतर्गत बुल्हाड़-बायला मार्ग पर हुए वाहन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से मृतकों की आत्मा को शांति और परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तेजी से राहत व बचाव कार्य करते हुए घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के उपचार के लिए एवं मृतकों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जायेगी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर एवं जिलाधिकारी देहरादून ने घटना स्थल का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिये हैं कि वाहनों में ओवर लोडिंग न हो। यदि इस तरह की कोई बात आती है, तो संबधित पर कड़ी कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुबारा न हो, इसके लिए उन्होंने प्रदेश के लोगों से अपील की है ओवरलोडिंग न करें। हम सभी को स्वयं जागरूक होकर इस तरह की घटनाओं से बचना है।
वहीं, मुख्यमंत्री ने चकराता क्षेत्र में वाहन दुर्घटना में मृतक आश्रित को 50-50 हजार रुपये व गम्भीर घायल को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने रन फॉर यूनिटी में दौड़ लगाई, दिया एकता का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर घंटाघर, देहरादून में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अनेक रियासतों को भारत संघ में एकीकृत करने में अहम भूमिका निभाई। भारत की आजादी में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर भाजयुमो द्वारा आयोजित रन फॉर यूनिटी का फ्लैग ऑफ किया। सामाजिक एकता के उद्देश्य से इस दौड़ का आयोजन घन्टाघर से मसूरी डाइवर्जन तक किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी रन फॉर यूनिटी में दौड़ लगाई।
इस अवसर पर विधायक खजानदास, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल मौजूद रहे।