माता मंगला ने सीएम को 5 करोड़ रुपये की धनराशि आपदा पीड़ितों के लिए दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हंस फाउण्डेशन की ओर से माता मंगला ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिये 5 करोड़ की धनराशि प्रदान की। रविवार को मुख्यमंत्री आवास में वेबिनार के माध्यम से मुख्यमंत्री से वार्ता कर माता मंगला ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिये मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आपदा के इस संकट काल में पीड़ितों की मदद के लिये हंस फाउण्डेशन आगे भी मदद के लिये राज्य सरकार का सहयोगी रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा आपदा के समय ही नहीं बल्कि प्रदेश के विकास में भी सहयोग किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का पीड़ितों की मदद में बेहतर उपयोग किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयी आपदा के तुरंत बाद उन्होंने जनपद चमोली, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर आदि के विभिन्न आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आपदा पीड़ितों के दुःख दर्द में सहयोगी बनने के साथ ही उन्हें सांत्वना प्रदान की तथा राहत कार्यों में तेजी लाये जाये के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये। राज्य स्तर पर भी आपदा राहत कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण एवं पीड़ितों की मदद के लिये नियमों का भी शिथिलीकरण कर रही है। हमारा प्रयास है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधायें बहाल हो इसके लिये दिनरात कार्य किया जा रहा है। इस आपदा में कृषि उपजों का नुकसान हुआ है। लगभग 10 हजार छोटे-बड़े पशुओं की हानि हुई है। व्यापारियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि आपदा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हालात की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक मदद का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री के निर्देश पर सेना के तीन हेलीकॉप्टर राहत कार्यों के लिये उपलब्ध कराये गये। संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री ने हमारा मनोबल भी बढ़ाया है। गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद से रात डेढ बजे देहरादून आये तथा आपदा राहत कार्यों की समीक्षा के साथ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर इसमें हुए नुकसान का भी जायजा लिया। राज्य को इस आपदा से हुए नुकसान के आंकलन के लिये केन्द्रीय टीम भी पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, गुजरात आदि प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिये आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रदेश में आयी इस आपदा में सहयोगी बनने के लिये सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है। इसके लिये उन्होंने सभी का आभार भी जताया है।

गौला पुल को जल्द से जल्द चालू करवाना प्राथमिकता-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह क्षतिग्रस्त गौला पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा गौला पुल पूरे क्षेत्र के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। जिस दिन से यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ है उसी दिन से हमारा प्रयास है कि पुल जल्द से जल्द चालू किया जा सके। नियमों को शिथिल किया गया है। पुल का कार्य युद्धस्तर पर होगा ताकि पुल जल्द चालू हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के साथ है प्रभावितों की हर संभव मदद की जायेगी। उन्होने कहा मूलभूत सुविधाएं विद्युत, पेयजल, सड़क, स्वास्थ तुरन्त बहाल किये जा रहे है। सरकार आपदा कार्याे की लगातार मॉनिटरिंग भी कर रही है।
निरीक्षण दौरान प्रभारी एवं ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मेयर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कोविड वैक्सीनेशन में केन्द्र ने दिया पूरा सहयोग-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को संबोधित मन की बात को सुना। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानंद एवं मेयर सुनील उनियाल गामा भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उत्तराखंड में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण की प्रथम डोज लगाने पर उत्तराखंड सरकार की सराहना की। मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री ने बागेश्वर जनपद की हेल्थ वर्कर पूनम नौटियाल से बात की। पूनम नौटियाल ने कहा कि हमने अपने क्षेत्र में लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। एक दिन में पर्वतीय क्षेत्रों में 8 से 10 किमी की दूरी तय कर कोविड टीकाकरण किया। बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं धात्री महिलाओं का उनके घरों पर जाकर टीकाकरण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूनम नौटियाल के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कि उन्होंने आउट ऑफ द वे जाकर लोगों का टीकाकरण किया।
मन की बात कार्यक्रम को सुनने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात हम सभी को देशहित और समाज हित में सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री ने एक अभिभावक की तरह मार्गदर्शन किया। उनका सक्षम नेतृत्व ही था कि ’सबको वैक्सीन मुफ्त वैक्सीन’ अभियान से देश, 100 करोङ वैक्सीनैशन डोज का पङाव पार कर चुका है। आज देश एक नये उत्साह और ऊर्जा से आगे बढ रहा ही। आज भारत ने कोविड वैक्सीनैशन में दुनिया को राह दिखाई है। निस्संदेह इसमें हमारे हेल्थ वर्कर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड वारियर्स की दिन रात की मेहनत से ही हम कोविड से बाहर निकल रहे हैं। परंतु हमें अभी भी सावधानी रखनी है। हम उत्तराखण्डवासियों के लिए सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री ने राज्य की हेल्थ वर्कर पूनम नौटियाल से बात की। उत्तराखण्ड के हेल्थ वर्कर्स का जज्बा ही है कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखण्ड में 100 प्रतिशत पहली डोज का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। हम जल्द ही शतप्रतिशत सेकेंड डोज का लक्ष्य भी हासिल करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जो मंत्र दिया है, हम सबको मिलकर इसे साकार करना है। त्योहारों का सीजन चल रह है, इस दौरान हमें स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देना है। वोकल फॉर लोकल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय लोगों की आमदनी को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के लिए हम सभी को अपनी दिनचर्या का अंग मानकर प्रयास करने होंगे। अपने घरों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता पर ध्यान देना होगा। आइये, हम संकल्प लें कि स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढाते हुए हम सब मिलकर अपने देश को पूरी तरह स्वच्छ बनाएंगे और स्वच्छ रखेंगे।
मुख्यमंत्री ने मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने वाली बागेश्वर जनपद की पूनम नौटियाल से फोन से वार्ता कर उनके सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी।

आखिर सीएम क्यो हुए सीएम भावुक और अधिकारियों से क्या बोले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा कार्यों को संवेदनशील होकर पूरी गंभीरता से लेते हुए पूरे मनोयोग से अधिकारी कार्य करें ताकि उन्हें व सरकार को जनता याद रखे। उन्होंने आपदा कार्यों को शीघ्र दुरूस्त करने हेतु जनपद नैनीताल व ऊधम सिंह नगर को आपदा मद से 50 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस काठगोदाम में आपदा कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि आपदा से पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को उनके पारिवारिक सदस्यों की भॉति चिन्तन करते हुए शीघ्राति शीघ्र राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि आपदा के इस दौर में किसी ने अपना बेटा-बाप, मां-बहन एवं पारिवारिक सदस्य खोये हैं, परिवार में एक भी सदस्य के जाने से परिवार की परिस्थिति एवं दिनचर्या बदल जाती है, इसको संवेदनशील होकर सोचते हुए शीघ्रता से सभी प्रभावितों को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि अधिकारी कार्यों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर लाना सुनिश्चित करें कोई भी ढिलाई बरदाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित कार्यों के स्थान पर आपदा सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता से करें ताकि जनता को राहत मिल सके व जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि सड़के, बिजली, पानी व संचार व्यवस्थाऐं स्थायी रूप से बहाल न होने तक तुरन्त वैकल्पिक व्यवस्थाओं से बहाल की जायें तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी दुरूस्त रखी जाये। धन की कोई कमी नहीं है, कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता व पारदर्शिता से किये जायें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को सहायता राशि तत्काल वितरित करें ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। जिस पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में 99 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है जिसमें 17 मृतकों के परिवार शामिल हैं, और प्रभावितों का सहायता राशि वितरित की जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे, इस पर पैनी नज़र रखे तथा इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार हैली सेवा का उपयोग करते हुए प्रभावितों राहत सामाग्री उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री निर्देश दिये कि काश्तकारों की फसल हानि का आंकलन मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए शीघ्रता से करें ताकि उन्हें भी मुआवजा राशि तुरन्त दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल में दुर्घटना सम्भावित पेड़ों के कटान की प्रक्रिया को और अधिक सरल करने हेतु वनाधिकारियों से वार्ता करते हुए खतरा बने पेड़ों का कटान कराने के निर्देश आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल को दिये ताकि संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने चोपड़ा गांव में आबादी क्षेत्र के ऊपर अटके बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने की व्यवस्था कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। उन्होंने चुकम में आपदा के दौरान बेघर हुए परिवारों के लिए टैण्ट की व्यवस्था करने के साथ ही खाद्य सामाग्री भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षाकाल में नहरों, गूलों के पानी का रूख कस्बो व घरों की ओर हो गया है, इसे रोकने हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अभियंताओं को दिये। वर्षाकाल में पेयजल हेतु उपयोग करने वाले पानी में एलम, ब्लीचिंग पाउडर के साथी क्लोरीनाइजेशन करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव करें ताकि डेंगू व अन्य जल जनित बीमारियों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सिडकुल के पास चोरगलिया-सितारगंज मार्ग को गड्डामुक्त करने हेतु सिडकुल से धनराशि लोनिवि को तुरन्त हस्तान्तरित कराने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिये। उन्होंने लोनिवि को निर्देश दिये कि 7 नवम्बर से पहले सड़क को गड्डामुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गोला पुल-सर्किट हाउस के मध्य गड्डायुक्त सड़क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को तुरन्त गड्डामुक्त करने के निर्देश दिये।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अधिकारी कार्यों को गंभीरता से लें, समय की बरबादी न करें तथा आदेशों को गंभीरता से लेते हुए आपदा कार्य त्वरित गति से पूर्ण करे। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारियों को जो भी धनराशि, उपकरण आदि चाहिए उसकी मांग जिलाधिकारी को दें, धनराशि की कोई कमी नहीं है।
बैठक में काबीना मंत्री बंशीधर भगत, धनसिंह रावत, जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, मेयर डॉ.जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम पीड़ितों से मिलकर उनकी परेशानियों को पूछकर समस्या दूर करने के दे रहे निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पांचवें दिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का हाल जाना। उनका दुःखदृदर्द साझा किया। हर इलाके में हुए नुकसान की जानकारी ली। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अपने हाथों से सहायता राशि के चेक वितरित किए। हर जनपद में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें उचित दिशा निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रभावित लोगों में भी आस जगी है।
17 व 18 अक्टूबर को अतिवृष्टि से आई आपदा के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी संकट झेल रही जनता के बीच लगातार मौजूद हैं। 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत के साथ रुद्रप्रयाग और फिर नैनीताल जिले से अपने दौरे की शुरुआत की। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित गांवों का भ्रमण करते हुए उन्होंने आपदा से प्रभावित लोगों से मिलकर उनका हाल जाना और ढाढस बंधाया। पीड़ितों की आम जरूरतों को पूरा करने के निर्देश उन्होंने जिलाधिकारी व अधिकारियों को दिए। 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, खटीमा, काशीपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। तीसरे दिन 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित गांव डूंगरी पहुंचकर आपदा पीड़ितों का हाल जाना। शनिवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए चम्पावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने चंपावत और पिथौरागढ़ के आपदाग्रस्त गांवों में पहुंचकर सभी पीड़ितों से मुलाकात की। उनकी परेशानियां पूछीं और अधिकारियों को उनके समाधान के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

अल्मोड़ा जिले के दुरस्थ गांवों में पहुंचे सीएम, प्रभावित परिवारों से मिलें

मुख्यमंत्री ने विगत दिनों हुई आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हीराडूंगरी निवासी रेखा देवी की पुत्री अरोमा सिंह के मलबे में दबने के कारण हुई मृत्यु पर उनकी माता से मिलकर गहरा दुःख व शोक संवेदना व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम सिराड पहुॅचकर चन्दन सिंह की पत्नी लीला देवी के मलबे में दब जाने से मृत्यु होने पर उनके परिवारजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और सभी लोग अपने-अपने स्तर से काम कर रहे है। उन्होंने आपदा प्रभावित स्थलों का मुआयना करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा मद से इन स्थलों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाय।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस लाईन में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई की जाए। संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। जिससे लोगों को मुसीबत का सामना ना करना पड़े। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 07 नवम्बर तक सड़कों को गडढ़ा मुक्त किया जाय।
जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मार्ग व राज्य मार्ग यातायात हेतु खोल दिए गये है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बन्द सड़कों को 26 अक्टूबर तक पूर्णरूप से खोल दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आपदा से हुई क्षति में सभी को मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जनपद में आपदा राहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। साथ ही सड़क, पैदल मार्ग, पेयजल लाईन, संचार एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है और सभी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, सांसद अजय टम्टा, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें निर्धारित समय में पूरी की जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में तहसील धारचूला पंहुचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चैक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र के मृतक व्यक्तियों के प्रति दुःख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की, इस घड़ी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद करेगी। धारचूला में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की धनराशि के चैक वितरित किए।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाय। इस हेतु अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इस हेतु यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाप, साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान व नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि,औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जनपद में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी जिसमें से 66 सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया गया है। शीघ्र ही सभी सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है, भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गांवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
बैठक से पहले, मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। तहसील पिथौरागढ़ के ग्राम सटगल निवासी भगवान राम तथा छाना पांडेय निवासी निर्मला पांडेय को क्रमशः 48 हजार तथा 39 हजार 900 रुपये के चेक वितरित किए गए। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा जनता की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सभी पूर्व तैयारियां की गई जिस कारण प्रदेश में हुई इस भीषण वर्षा में जनहानि को कम कर पाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, इस हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक चंद्रा पंत, मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक मनोज सामंत, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

बन्द सड़कों को खोलने के लिये युद्धस्तर पर किया जाय कार्य-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार देर सांय तक मुख्यमंत्री आवास में सभी जिलाधिकारियों एवं आयुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा राहत कार्यों, कोविड-19 वेक्सिनेशन, डेंगू एवं मलेरिया से बचाव आदि के सम्बन्ध में की जा रही व्यवस्थाओं की गहनता से समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा राहत कार्यों में तेजी लायी जाय, बन्द सड़को को खोलने के लिये आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधन की व्यवस्था कर युद्धस्तर पर दिन रात कार्य किया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि गोला नदी के पुल की मरम्मत का कार्य 10 दिन में पूरा कर दिया जाय, इसके लिये जो भी आवश्यक व्यवस्थाये की जानी हो वह की जाय। उन्होंने कहा कि कार्यों में तेजी लाये जाने के लिये जन सुविधाओं के साथ व्यवहारिकता पर ध्यान दिया जाय। उन्होंने सड़कों की मरम्मत के साथ बिजली पानी एवं खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही ओवर रेटिंग पर प्रभावी नियन्त्रण पर ध्यान देने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये है कि अधिकारी अपने फोन किसी भी दशा में बन्द नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा राहत एवं निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों एवं अफवाहों का उत्तर बेहतर कार्य प्रणाली में दिया जाय। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त भवनों, पुस्तों एवं खेतो को हुए नुकसान का अलग से आकलन कर शीघ्र विवरण शासन को उपलब्ध कराया जाय ताकि आपदा मानकों में इसके लिये अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था के प्रयास किये जा सके।

कोविड-19 वेक्सीनेशन की दूसरी डोज के लिये चलाया जाय व्यापक अभियान
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि कोविड-19 वेक्सिनेशन की शत प्रतिशत दूसरी डोज सभी को शीघ्रता से लग जाय, इसके लिये व्यापक अभियान संचालित किया जाय। उन्होंने कहा कि कोविड अभी गया नही है अभी इससे सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिये किये जाय प्रभावी प्रयास
मुख्यमंत्री ने डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिये भी साफ सफाई पेयजल की स्वच्छता, दवा छिडकाव फागिंग की प्रभावी व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें सभी नगर निकायों एवं नगर पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाय। इस दिशा में सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग करने के साथ ही ग्राम प्रधानों के मोबाइल पर मेसेज की व्यवस्था बनायी जाय।
सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई आदि की व्यवस्था के लिये टीमों का गठन कर नोडल अधिकारी नामित किये जाय इसके लिये राज्य स्तर पर भी नोडल अधिकारी नामित कर व्यवस्थाओं का प्रभावी अनुश्रवण किया जाय।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डे, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक स्वास्थ्य तृप्ति बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं आयुक्त कुमांउ व सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने पौड़ी में सड़क की जांच करने और दोषियों को पर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद पौड़ी के एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत विकास भवन सभागार में सम्बंधित अधिकारियों के साथ आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों तथा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने आपदा से हुई क्षति की जानकारी लेते हुए पुर्नस्थापना कार्य को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 24 घंटे के भीतर बंद सड़कों को खोलने का प्रयास करें तथा कहा कि जहां स्थिति ज्यादा खराब है वहां वैकल्पिक मार्ग बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर जनपद की समस्त सड़कों को गड्डा मुक्त बनाना सुनिश्चित करे, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़े। डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करना सुनिश्चित करें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डुंगरीपंत-छांतीखाल-खेड़ाखाल मोटर मार्ग को लेकर जिलाधिकारी को जांच करने तथा दोषी पाये जाने वाले के विरूद्व निलंबन करने की कार्यवाही के निर्देष दिये।
मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त परिसंपतियों, अवरुद्ध मोटर मार्गों, क्षतिग्रस्त विद्युत और पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द बहाल करने के भी आवश्यक दिशा निर्देष दिये। उन्होने कहा कि आपदा राहत कार्या में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कोरोना काल तथा आपदा में त्वरित कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बेहतर कार्य किया है।
क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि रेलवे परियोजना से जनासू गांव के सडक क्षतिग्रस्त हो रहे है जिसे जनमानस की सुगमता को दृष्टिगत रखते हुए ठीक किया जाय जिस पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने जिलाधिकारी को निर्देषित करते हुए कहा कि रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण करें। इसके अलावा उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्यान्न की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि नवम्बर माह का राशन का उठान कार्य अतिशीघ्र करें तथा जनपद में संचालित हो रहा अन्न महोत्सवों में जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कोविड-19 की वैक्सीनेशन की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी वेक्सीनेशन अभियान को युद्ध स्तर पर चलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर तथा 19 अक्टूबर 2021 को हुई अतिवृष्टि से लैंसडाउन व कोटद्वार क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे डेंगू जैसी बीमारियों फैलने की सम्भावनाएं हैं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित उन स्थानों पर दवाई का छिड़काव तथा जन जागरूकता करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास कार्याे की समीक्षा की जिस पर उन्होने विधायक निधि के खर्चे पर तेजी लाने हेतु विधायकों को अपने अपने प्रस्ताव शीघ्र दीपावली से पूर्व भेजने को कहा साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
लोक निर्माण व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी के पुराने स्रोतों पर निर्भर न रहकर नए स्रोत तलाशे। साथ ही उन्होंने चौबट्टाखाल विधानसभा के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में पानी की समस्या को दूर करने तथा क्षेत्र की अवरुद्ध सड़को को शीघ्र खोलने को निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए।
उच्च शिक्षा व आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत बंद सड़कों की जानकारी ली। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर मार्ग बंद है उसे तत्काल खोलना सुनिश्चित करें, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़ा। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया की जिन सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है उन पर कार्य प्रारम्भ करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने विगत 18 व 19 अक्टूबर को जनपद में हुई भारी अतिवृष्टि से हुए नुकसान की विभागवार जानकारी दी तथा अनुमानित धनराशि क्षति का आंकलन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, पौड़ी विधायक मुकेश सिह कोली, जिला अध्यक्ष संपत सिंह रावत, नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, एसएसपी पी. रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।