डीएम का निर्देशः योजनाओं को क्लब कर करें निर्माण, जनता को मिलेगी सहूलियत

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में जल संस्थान, यूपीसीएल, यूएसडीडीए, एडीबी, टाटा, वोडाफोन, एयरटेल सहित 10 विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा सीवर लाइन, पेयजल लाइन, विद्युत लाइन, फाइबर केबल को भूमिगत करने संबंधित 63 नए और 22 पुराने प्रस्तावों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने परियोजनाओं के चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों एवं शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा करने की अनुमति प्रदान की। जबकि क्रिसमस और नव वर्ष को देखते हुए नए परियोजना के सार्वजनिक सुविधा वाले जरूरी कार्याे को 02 जनवरी के बाद ही अनुमति जारी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता जैसे बिजली लाइन, पेयजल, सीवरेज और गैस पाइप लाइन भूमिगत करने के लिए रात को सड़क खोदने की अनुमति दी जाएगी, किंतु इन सभी कार्यों पर प्रशासन की क्यूआरटी पैनी नजर रखेगी। जिलाधिकारी ने सीओ ट्रैफिक एवं क्यूआरटी को निर्देश दिए कि मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट दी जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई छोड़ देना या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से गुरेज नहीं करेगा। जहां पर रात्रि को सड़क खुदाई की जाएगी वहां पर सुबह तक गढ्डा भराना का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। सुरक्षा के दृष्टिगत खुदाई साइट पर बैरिकेडिंग व साइनबोर्ड होना भी अनिवार्य है। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे मुख्य मार्ग पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ही कार्य करें। केवल कुछ आंतरिक मार्गों पर ही दिन में अनुमति दी गई। डीएम ने कहा कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर, मशीनरी लगाते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समाप्ति के बाद डब्लूपीएम करते हुए सड़क को वाहनों के चलने योग्य बनाना अनिवार्य है। जिन परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है वहां पर तुरंत सड़क को ब्लैकटॉप कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बेरिकेटिंग और साइट सुपरविजन का पूरा ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने चेताया कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था से जनता को परेशानी हुई तो जिम्मेदार विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई तय होगी।

जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, यूएसडीडीए, एडीबी एवं अन्य संस्थानों को आपसी समन्वय से किसी एक स्थान पर योजनाओं को क्लब करते हुए निर्माण कार्य करने पर जोर दिया। कहा कि इससे बार-बार सड़क खराब नही होगी और जनता को भी सहुलियत मिलेगी।

बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, सीओ ट्रैफिक जगदीश पंत सहित समिति के अन्य सदस्य एवं विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

कूटरचित दस्तावेज से बुजुर्ग की सम्पति कराई पत्नी के नाम, डीएम ने दर्ज कराया मुकदमा, गिफ्ट डीड भी की रद्द

जिलाधिकारी सविन बंसल को 88 वर्षीय बीमार बुजुर्ग राजेन्द्र स्वरूप अग्रवाल द्वारा एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बड़े पुत्र ने उनके नाम पर बनाई गई पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए उनकी नेहरू कालोनी स्थिति 2 संपत्तियों को गलत तरीके से अपनी पत्नी पूजा अग्रवाल के नाम गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित कर दिया।

नेहरू कालोनी स्थित 2 सम्पतियों को कूटरचित दस्तावेजों एवं धोखे से पावर ऑफ अटार्नी करवाकर बुजुर्ग की सम्पत्ति हड़पने का मामला डीएम के सम्मुख आया, जिस पर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए डीड रद्द करने की कार्यवाही की जा रही है। पिता के अधिकारों को अतिक्रमित करते हुए बेटे ने सम्पति को अपनी पत्नी के नाम करा दिया। सम्पति से प्राप्त किराये से पिता का उपचार चलता था। गिड़गिड़ाते हुए बजुर्ग पिता ने उपहार डीड रद्द करने की जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा उप निबंधक कार्यालय को प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धजनों के साथ किसी प्रकार का धोखाधड़ी, दबाव या कूटरचना कर संपत्ति हड़पने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण की पूरी जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए बताया कि वे उपचार हेतु अपनी बेटी के पास गाजियाबाद गए हुए थे, इसी दौरान बड़े पुत्र ने कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर नेहरू कॉलोनी स्थित उनकी दो संपत्तियों को अपने पक्ष में कर लिया। बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उक्त गिफ्ट डीड को निरस्त कराया जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार कार्यालय ने सम्बन्धित के विरूद्ध थाना नेहरू कालोनी में दर्ज कराया वाद। जिला प्रशासन द्वारा तथ्यों की पड़ताल करते हुए उपहार डीड रद्द कर दिया गया है।

ऋषिकेश में जनसेवा केंद्र पर पाई गई भारी अनियमित, फर्जी कार्ड व पासबुक बरामद, जिला प्रशासन ने किया सील

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में संचालित विभिन्न जन सेवा केंद्रों पर की जा रही निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर द्वारा ऋषिकेश, वीरपुर खुर्द स्थित पशुलोक क्षेत्र में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) आईडी संख्या 144112520013 का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर के बाहर लगे बोर्ड पर सीएचसी संचालक के रूप में विभा नामदेव का नाम अंकित है तथा बोर्ड पर विभा नामदेव एवं आर. नामदेव का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित है, जबकि संचालन की आईडी मनीषा नामदेव के नाम पर पंजीकृत है। यह भी पाया गया कि विभा नामदेव, आर. नामदेव की पुत्री है, जिनका विवाह हो चुका है तथा वर्तमान में वे हरिपुरकलां में निवासरत हैं।

सेंटर से निर्गत प्रमाण पत्रों से संबंधित पंजिका का संधारण नहीं किया गया है। साथ ही, केंद्र पर विभिन्न व्यक्तियों के 9 आधार कार्ड,3 राशन कार्ड, 3 श्रम कार्ड, 1 आयुष्मान कार्ड आदि मूल दस्तावेज बड़ी संख्या में पाए गए। पूछताछ के दौरान विभा नामदेव एवं आर. नामदेव कोई संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे इन मूल दस्तावेजों के दुरुपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। निरीक्षण के दौरान बीपीएल सर्वेक्षण 2002 से संबंधित खाली कार्ड भी बरामद हुए, जिनके बारे में भी संचालकों द्वारा कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

उपरोक्त सभी गंभीर अनियमितताओं को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आदेशों के अगले निर्णय तक संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन पर रोक लगाते हुए केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में जन सेवा केंद्रों पर चल रही छापेमारी के संबंध में कहा कि “जन सेवा केंद्र आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता, दस्तावेजों का अनुचित संधारण, मूल दस्तावेजों को बिना कारण अपने पास रखना, या निर्धारित मानकों का पालन न करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा एवं संवेदनशील दस्तावेजों की गोपनीयता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “जनपद में संचालित जन सेवा केंद्रों की जांच की जाएगी तथा जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी, तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

आशारोड़ी झाझरा व रिस्पना विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर परियोजना को गति देने डीएम ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में तेजी लाने के दिए आदेश

राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने एवं सुगम कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में एलिवेटेड परियोजना और एनएच-7 पर आशारोड़ी-झाझरा परियोजना की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मा0 मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने परियोजना में प्रस्तावित नगर निगम एवं एमडीडीए को अपनी-अपनी भूमि का रिकार्ड शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को विभागवार प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने को कहा। लोनिवि और राजस्व अधिकारियों मौके पर तैनात रहते हुए परियोजना के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बसे लोगों का निर्धारित प्रारूप में पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि का विभागवार रिकार्ड तैयार करने के बाद धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाए और पुनर्वास और पुर्नस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रान्ट में ग्रामीणों के अवरोध और वन विभाग की भूमि अवस्थित निर्माण का प्रतिकर भुगतान न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकास नगर के साथ मौका मुआयना कर समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाए। देहरादून-हरिद्वार रोड पर सड़क सुधारीकरण कार्य और अवैध अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय करते हुए पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एलिवेटेड परियोजना पर अब तक किए गए कार्याे की जानकारी दी। बताया कि एलिवेटेड परियोजना का अलाइनमेंट तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जानी है। रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है। रिस्पना परियोजना में कुल 49.04 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 42.89 है0 सरकारी भूमि, 4.01 है0 निजी भूमि, 2.1 है0 वन भूमि शामिल है। इसमें 1022 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। बिंदाल कॉरिडोर में कुल 55.90 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 31.07 है0 सरकारी भूमि, 15.67 है0 निजी भूमि, 2.22 है0 वन भूमि और 6.92 रक्षा संपदा की भूमि शामिल है। इसमें 1656 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः धरातल पर दिखाई दे रहा महिला सशक्तिकरण को समर्पित प्रोजेक्ट ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून शहर में निर्माणाधीन स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य पूर्ण ही गया है तथा इसका कोरोनेशन तथा परेड ग्राउंड में पार्किंग का संचालन भी शुरू हो गया है । जल्द ही यह पार्किंग मुख्यमंत्री द्वारा विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।
यह राज्य की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित प्रथम पार्किंग है। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित इस पार्किंग को जिला प्रशासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। शहर के तीन स्थानों पर बनाई गई इन ऑटोमेटेड पार्किंग की परेड ग्राउंड पर 96, तिब्बती मार्केट पर 132 ,तथा कोरोनेशन चिकित्सालय में 18 वाहन क्षमता वाली इस पार्किंग में परेड ग्राउंड तथा कोरोनेशन में स्वसंचालन शुरू हो गया है जिसे विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश व जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से जनपद देहरादून अंतर्गत आधुनिक सुविधायुक्त आटोमेटेड पार्किंग निर्माण कार्य पूर्ण। जिलाधिकारी के अभिनव पहल से एक ओर जहाँ कोरोनेशन अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अब भौतिक ढांचे को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे शहर की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी। वहीं शहर के बढ़ती ट्रैफिक के दृष्टिगत शहर में व्यवस्थित रूप से पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने में डीएम का प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आधुनिकता की दौड़ में ऑटोमेटेड पार्किंग आवश्यकता अनुसार कम स्थान पर निर्मित हो जाती है जिसे भविष्य में एक उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। जहां एक ओर सड़कों पर यातायात का बहुत अधिक दबाव है वही पर्याप्त पार्किंग न होने की वजह से शहर वासी वह पर्यटक नो पार्किंग जोन में वाहन पार्क करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन का यह प्रयास शहर की यातायात व्यवस्था पर दबाव कम करने को एक उम्मीद की किरण के तौर पर देखा जा रहा है यदि यह सफल रहा वह भविष्य में शहर में कई स्थानों पर इस प्रकार की पार्किंग नजर आएँगी। यह इस पार्किंग की सबसे बड़ी खूबी है कि इसे जरूरत के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।

देहरादून में खुला उत्तराखंड का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

देहरादून के गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) का बुधवार को विधिवत शुभारंभ हो गया है। इसमें दिव्यांगजनों को फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, दिव्यांग प्रमाण पत्र और कृत्रिम अंग प्राप्त करने जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो गई है।

गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में आज रायपुर विधायक खजानदास की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल, विशिष्ट अतिथि देहरादून पार्षद सुनीता मंजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल ने जिला प्रशासन के अभिनव प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में देहरादून में स्थापित उत्तराखंड का पहला आधुनिक जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। जहां दिव्यांगजनों को सभी जरूरी सेवाएं एक साथ मिलेगी और उनका जीवन आसान और समृद्ध होगा और सशक्त दिव्यांग सशक्त समाज की अवधारणा पूरी होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को उचित उपचार मिलने से उनकी दिव्यांगता भी दूर हो रही है। इस दौरान मुख्य अतिथि ने डीडीआरसी के हेल्पलाइन नंबर 8077386815 का अनावरण किया। दिव्यांग अनिल कुमार ढौंडियाल और नीरज बिष्ट को कान की मशीन प्रदान की। वहीं विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में दिव्यांगजनों की आर्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग छात्रों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक खजानदास ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को दिव्यांग नाम देकर दिव्यांगजनों को समाज में एक गरिमा प्रदान की है। वहीं देहरादून जिला प्रशासन ने दिव्यांगों के जीवन को आसान, सरल और आत्म गौरवपूर्ण बनाने के लिए राज्य का प्रथम जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र को स्थापित कर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के संकल्प को आगे बढ़ाने में इस प्रशंसनीय कार्य को अंजाम दिया है। उन्होंने जिला नेत्र चिकित्सालय के खाली पडे इस भवन का सदुपयोग करने के लिए भी सराहना की। कहा कि आने वाले समय में इस केंद्र में दिव्यांगजनों को सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने समाज में करीब 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है, जो कि एक बडी संख्या है। ऐसे में दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाना, उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करना हमारा दायित्व है। दिव्यांगजनों को एक प्लेटफार्म पर एकीकृत रूप में सारी सुविधाएं मिले, इस दिशा में दिव्यांगजनों के लिए डेडिकेटेड सेंटर जिला चिकित्सालय में खोला गया ळें यहां पर दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, इलाज और कृत्रिम उपकरण के साथ ही   रोजगार प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने जाने के लिए स्पेशल डेडिकेटेड वाहन भी तैनात किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि पुनर्वास केंद्र को और बेहतर बनाने के लिए जो भी सुझाव मिलेगे उन पर प्रभावी तरीके से अमल किया जाएगा। 
 
कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि महापौर सौरथ थपलियाल, विधायक खजानदास एवं विशिष्ट अतिथि पार्षद सुनीता मंजखोला ने जिला प्रशासन के साथ जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र में वाक चिकित्सा कक्ष, स्पीच थेरेपी, अर्ली इंटरवेंशन रूम, फिजियोथेरेपी कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।  

उद्घाटन समारोह के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर ढौंडियाल आदि सहित दिव्यांग एवं उनके परिजन मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नोडल एजेंसी डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान के सचिव अनंत मेहरा द्वारा किया।  

एकीकृत सेवाएं एक छत के नीचे
गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित डीडीआरसी केंद्र दिव्यांगजनों को न सिर्फ प्रमाणन, बल्कि कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, उपकरण वितरण, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे देगा। समाज कल्याण विभाग निगरानी में नोडल एजेंसी डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा इसका संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समावेशी और सुलभ सेवा नीति को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। केंद्र का संचालन भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा किया जाता है। संचालन हेतु 14 पद स्वीकृत हैं, जिनका वेतन समाज कल्याण विभाग द्वारा वहन किया जाता है।

डीडीआरसी के प्रमुख कार्य और सेवाएं
जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समुचित पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करना है। केंद्र में पंजीकरण के बाद दिव्यांगजनों को चिकित्सकीय, सामाजिक, शैक्षिक एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर उचित परामर्श और सेवाएं प्रदान की जाती हैं। आवश्यकता अनुसार उन्हें सहायक उपकरण जैसे व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र आदि भी वितरित किए जाते हैं। इसके साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाता है। केंद्र विशेष शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराता है ताकि दिव्यांगजन शिक्षा या रोजगार के अवसरों से वंचित न रहें। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियां चलाई जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे यूडीआईडी कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि से भी जोड़ा जाता है। केंद्र की विशेषता इसकी बहु-विषयी (मल्टी-डिसिप्लिनरी) टीम होती है जिसमें फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसलर जैसे विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं, जो दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करते हैं।

देहरादून डीएम जनदर्शन में असहाय सुशीला को पेंशन; उपचार; मकान मरम्मत मौके पर ही

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन कार्यक्रम का  आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई अधिकतर मामले भूमि विवाद सम्बन्धी प्राप्त हुए इसके अतिरक्त नगर निगम, एमडीडीए, लोनिवि, जिला पंचायत, पुलिस, वन, विद्युत आदि विभागों से सम्बन्धित प्राप्त हुई।
चुक्खुवाला निवासी सुशीला देवी ने डीएम से गुहार लगाई कि वह गरीब असहाय परितक्यता महिला है जो अपनी पुत्री के साथ मायके रहती है तथा मकान की हालत जीर्णशीर्ण है लगातार हो रही वर्षा से पानी टपकता है तथा आय का कोई साधन नही है बीमार रहती है उन्होंने जिलाधिकारी से घर मरम्मत कराने का अनुरोध किया, जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को घर के लिए आपदा मद से प्रस्तावित करने, मुख्य चिकित्साधिकारी को महिला के उपचार कराने तथा समाज कल्याण अधिकारी को महिला का उपचार कराने के निर्देश दिए।
भरत सिंह बुटोला प्रेमनगर ने गुहार लगाई कि उन्होंने वर्ष 2012 में सम्पत्ति क्रय कि अब भूमि पर कब्जा नही दिया जा रहा है जिस पर तहसीलदार विकासनगर को कार्यवाही के निर्देश दिए। कांसवाली प्रेमनगर निवासी शिव देवी ने गुहार लगाई बेटे द्वारा अंगूठा लगाकर सम्पत्ति अपने नाम  करवा ली है।
सावित्री देवी ने डीएम से गुहार लगाई की बेटा उनको घर से बाहर निकाल रहा है तथा बेटी अंजू को उसके पिता ने 1 बीघा भूमि दी थी तब भी बेटे द्वारा उनको और बेटी को परेशान किया जा रहा है जिस पर जिालधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर को आख्या प्रस्तुत करने  के निर्देश दिए। बजुर्ग कलम सिंह कृषाली ने बेटे द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की जिस पर उप जिलाधिकारी डोईवाला को भरणपोषण अधिनियम में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। राजेेश्वरी देवी ने गुहार लगाई कि उनका बेटा एवं पोता दिव्यंाग है आर्थिक सहायता का अनुरोध किया गया।  
हरिपुर ऋषिकेश निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग भगवती प्रसाद ने गुहार लगाई की उनके घर पर नाली नही बना रहे हैं जिस पर डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी, एएमएनए जिला पंचायत से आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त बद्रीपुर निवासियों द्वारा बंदर केे आतंक से निजात दिलाने, लखवाड़़ निवासी लदुर सिंह ने गुहार लगाई कि उनको बांध प्राभावित की अनुग्रहित मुआवजा राशि नही मिल पाई जिस पर एसएलएओ को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के.के मिश्रा, अपर नगर आयुक्त नगर निगम रजा अब्बास, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, विनोद कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलधिकारी कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम देहरादून से मंत्री अग्रवाल ने जताई नाराजगी

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत किये जा रहे निर्माण कार्य को पूर्व में तय डेटलाइन 20 जून तक पूर्ण न किये जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी देहरादून सोनिका को दूरभाष पर वार्ता कर सभी अधिकारियों को निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यही कैम्प करने के निर्देश दिये। साथ ही अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शनिवार को डॉ अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का समझौता ना हो और निर्माण कार्यों को परमानेंट किया जाए, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मैनपावर बढ़ाते हुए रात्रि में भी निर्माण कार्य किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि विभाग स्थाई प्रकृति के कार्य करें तथा जो कार्य किए जा रहे हैं उनके रखरखाव की भी पूर्ण व्यवस्था बना ली जाए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग धीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल शक्तिलाल, एसडीओ सिंचाई अनुभव नौटियाल सहित मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा, पार्षद रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा शिवम टुटेजा, मण्डल महामंत्री युवा मोर्चा अभिनव पाल, उषा जोशी, सुधा असवाल, भावना किशोर गौड़ आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में तेजी से कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रायपुर क्षेत्र में माह अक्टूबर 2022 में आपदा से प्रभावित सौंग पुल, ग्राम पंचायत खैरी मानसिंह में क्षतिग्रस्त सड़कें व पुश्तों के पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
सौंग पुल के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नदी में निर्माणाधीन सुरक्षा दीवारों के निर्माण में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सौंग नदी के चैनेलाइज हेतु जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए एवं अन्य सभी आपत्तियों के निस्तारण हेतु शीघ्र शासन स्तर से कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा जिस भी क्षेत्र में अधिक कटाव की स्थिति पैदा हो सकती है वहां पर भी सुरक्षा दीवारों का निर्माण हो एवं चैनेलाइज करने का कार्य तेजी से किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में आपदा के दौरान हुए नुकसान के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्य में तेजी से कार्रवाई हुई है। आज उन सभी निर्माण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न विभागों से समीक्षा रिपोर्ट ली गई है। उन्होंने कहा मानसून से पहले उन सभी क्षेत्रों/नदियों में जहां भी नुकसान होने की संभावना है उन क्षेत्रों में चौनेलाइज की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा मानसून से पहले पानी की निकासी, पहले से पड़े मलबे को हटाने एवं सुरक्षा दीवारों का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को ग्राम पंचायत खैरी मानसिंह में क्षतिग्रस्त सड़कें के पुनर्निर्माण एवं रोड के नीचे सुरक्षा दीवार के निर्माण को अति शीघ्र किए जाने हेतु निर्देशित किया।
इस दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी सोनिका एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

स्मार्ट सिटी के कार्य आपसी समन्वय के साथ किये जाएं-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत जो भी कार्य हो रहे हैं, उनमें स्मार्ट देहरादून के लिए सबसे अच्छा क्या किया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी कार्य गुणवत्तापूर्वक तय सीमा के अन्तर्गत किये जाए। जन प्रतिनिधियों द्वारा जो भी सुझाव दिये जा रहें हैं, उन सुझावों को पूरी गम्भीरता से लेते हुए अमल में लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सुविधा के दृष्टिगत स्मार्ट सिटी के कार्य तेजी से पूर्ण किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता का पैसा जनहित में सही प्लानिंग से उपयोग हो। इसके लिए सभी विभाग एवं कार्यदाई संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के तहत जो कार्य किये जा रहे हैं, आने वाले 50 सालों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। देहरादून को आदर्श शहर बनाने के लिए और क्या किया जा सकता है, इसकी पूरी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्रीन सिटी, क्लीन सिटी के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाए। शहर की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस बैठक में जन प्रतिनिधियों के जो भी सुझाव आये हैं, उन सभी सुझावों पर क्या उचित समाधान निकाले जा सकते हैं, इस पर ध्यान दिया जाए। नगर निकायों को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाए। ऐसी योजनाएं जिनमें केन्द्र एवं राज्य का अंश क्रमशः 90 एवं 10 के अनुपात में हो उन योजनाओं पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी सड़के गड्ढ़ा मुक्त हो। नगर निगम क्षेत्रों में 3.75 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के सुदृढ़ीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग से करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निकायों को मानव संसाधन की दृष्टि से भी मजबूत बनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के तहत जिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए बजट की और आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजा जाए। स्मार्ट सिटी के तहत परेड ग्राउंड में होने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को अलग से बैठक करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता में कोई कमी पाई गई तो संबंधितों पर सख्त कारवाई की जायेगी। उन्होंने गढ़वाल कमिश्नर को भी स्मार्ट सिटी के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये।
सीईओ स्मार्ट सिटी/जिलाधिकारी देहरादून सोनिका ने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना को जून 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जिन 26 परियोजनाओं पर कार्य होना था, उनमें से 10 पूर्ण हो चुके हैं, 4 परियोजनाओं पर अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं 12 परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है।
इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, अपर सचिव उदयराज सिंह एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।