डीएम का सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में औचक निरीक्षण, विलेखों का निबंधन करते लिपिक पकड़ा गया

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं गंभीर अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने पूछा कि आपके सम्पति मूल्य आंकलन 47-ए का कोई ज्ञान नही तो स्टाम्प शुल्क कैसे किया तय, किसने तुम्हे निबंधक के बदले अधिकार दिए इस पर अपराधिक कार्यवाही की जाएगी।
डीएम का औचक निरीक्षण, सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई जिस पर कड़ा एक्शन तय है। सब रजिस्ट्रार के बगैर ही अवैधानिक रूप से लिपिक द्वारा विलेखों का निबंधन किया जाना पाया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीय बरामद हुई जिससे करोड़ो की स्टाम्प चोरी भी संभावना है जिस पर विस्तृत आख्या शीघ्र मांगी गई। कई महीनों से लम्बित मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नहीं किया गया, मूल विलेख पत्र अलमारी में धूल खा रहे थे। वापिस करने की अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अमलमारी में धूल खाते मिले। लम्बित मूल अभिलेख, कूटरचित विलेख पर डीएम ने कम्प्यूटर जब्त करवया तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया। मूल अभिलेख लौटाने रजिस्ट्री की नकल देने को हजारो आमजन परेशान हो रहे थे। रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से लम्बित मिली। निरीक्षण दौरान कार्यालय में मिला घोस्ट कार्मिक, जिसका न कोई नियुक्ति पत्र न उपस्थिति पंजिका में नाम था इस जिपर जिलाधिकारी ने कार्मिकों का रिकार्ड तलब कर दिया है। वहीं उपस्थित फरियादियों ने अपनी आपबीती प्रशासन को सुनाई जिस पर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी नेे निरीक्षण में पाया कि कार्यालय में 6 माह से अधिक अवधि के विलेख पत्र लंबित थे। औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित खसरा नंबर एवं सूची की जानकारी पूछे जाने पर उपस्थित कार्मिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। विलेखों की प्रतिलिपि समय पर संबंधित क्रेताओं को उपलब्ध न कराए जाने तथा इस संबंध में मुख्यालय को सूचना प्रेषित किए जाने का कोई रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
उप निबंधक कार्यालय में घोस्ट कार्मिक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त कार्मिकों का विवरण तत्काल तलब किया। कार्यालय में पुराना डेटाबेस संचालित पाया गया, जिस पर संबंधित कार्मिक कोई ठोस व तार्किक कारण नहीं बता सके। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में रजिस्ट्री की जा रही थी। बताया गया कि सब रजिस्ट्रार देहरादून मीटिंग में हैं, जबकि रजिस्ट्री केवल निबंधन लिपिक की उपस्थिति में की जा रही थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी द्वारा पुराने विलेख पत्र जप्त किए गए तथा कार्मिक उपस्थिति रजिस्टर भी तलब किया गया।
कार्यालय में रजिस्ट्री की नकल उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्री शुल्क लेने के लिए पृथक व्यवस्था नहीं पाई गई तथा समस्त भुगतान एक ही काउंटर पर लिए जा रहे थे, जो प्रक्रियात्मक त्रुटि को दर्शाता है। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कार्यालय के प्रातः 9ः30 बजे खुलने के बावजूद पहली रजिस्ट्री प्रातः 11ः15 बजे की गई। इस विलंब के संबंध में पूछे जाने पर भी उपस्थित कार्मिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
जिलाधिकारी ने सभी अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने, रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराने तथा दोषी कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, तहसीलदार चमन सिंह आदि उपस्थित रहे।

रेन बसेरा में रहने वाले लोगों का हाल जान डीएम ने नगर निगम को सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए

राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश एवं बढ़ती ठंड को दृष्टिगत रखते हुए शीतलहरी में रात्रि में जिलाधिकारी सविन बसंल शहर के चौक चौराहों पर पंहुच अलाव व्यवस्था देखी तथा इस दौरान उन्होंने रेनबसेरों में रहने वालों का हाल जाना तथा नगर निगम एवं तहसील प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने देहरादून में देर सांय चौक चौराहों पर अलाव व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए रैन बसेरों में रह रहे असहाय एवं जरूरतमंद लोगों का हाल चाल जाना।

जिलाधिकारी ने रैन बसेरा का निरीक्षण कर वहां ठहरे लोगों से बातचीत की तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम एवं तहसील प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठंड के मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति असुविधा का शिकार न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सभी चौक चौराहो पर अलावा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा असहाय, निराश्रित एवं बेघर लोगों की सहायता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ठंड एवं बारिश के दौरान रैन बसेरों में रह रहे लोगों को पर्याप्त कंबल, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं तत्काल की जाएं, जिससे किसी भी व्यक्ति को ठंड से प्रभावित न होना पड़े। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, डीडीएमओ ऋषभ कुमार मौजूद रहे।

अपनी मां से मांगो माफी, वरना होगा जिला बदरः डीएम

देहरादून। बेटों द्वारा प्रताड़ित विधवा ने जिन बेटों को जन्म दिया, वही मां जब अपने बेटों के हाथों पिटने लगे और हर रात जान का डर सताने लगे तब जिला प्रशासन उसके लिए ढाल बनकर खड़ा हुआ। बंजारावाला क्षेत्र की एक लाचार विधवा मां विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से गुहार लगाई कि उसके ही बेटे नशे में उसे पीटतें है, पैसे मांगते है और जान से मारने की धमकी देते है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की बातों ने उस मां के दर्द की पुष्टि की। प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की तो बेटों को पहली बार अपनी मॉ के प्रति जिम्मेदारी एवं कर्तव्यों का एहसास हुआ।

न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगी, नशा छोड़ने और हिंसा न करने का शपथ पत्र दिया। कानून का डर और मां की चुप पीड़ा दोनों ने मिलकर बेटे को झकझोर दिया। विधवा मां के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी के मामले में जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से दोंनो पुत्रों को अपने कर्तव्यों का बोध हुआ। गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत वाद दर्ज होने के बाद दोनों बेटों ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर नशा छोड़ने और मां के साथ दुर्व्यवहार न करने का वचन दिया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद दोंनो बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त की।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, विधवाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हजारों नौनिहालों की जीवन सुरक्षा सर्वाेपरि, लंबे समय से जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों पर डीएम सख्त

जनपद में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
जिलाधिकारी की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए ₹1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। 63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है। जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

ऑडियो साक्ष्य आधार पर डीएम ने की पटवारी के निलम्बन की कार्रवाई, तहसीलदार को सौंपी प्रकरण की विस्तृत जांच

लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
लाखामण्डल, चकराता, देहरादून निवासियों द्वारा जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ के साथ अपने संयुक्त शिकायती पत्र में ऑडियो साक्ष्य (पेनड्राइव) भी संलग्न किया गया था।  जिसमें आरोप लगाया गया कि जयलाल शर्मा द्वारा क्षेत्र में तैनाती के बाद छोटे से बड़े दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज आदि कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी।
जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण की कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिसके दृष्टिगत निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक मानी गई। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए गए।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता भी अनुमन्य होगा, बशर्ते संबंधित कर्मचारी द्वारा यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि वह इस अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यवसाय अथवा व्यापार में संलग्न नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अपनी आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिलाधिकारी के अनुमोदन उपरांत उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

दून सड़क किनारे झोपड़ी बना निवास कर रहे लोग किए जाएंगे अनयंत्र शिफ्ट, डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज रिस्पना पुल से आईएसबीटी एवं लालपुल तक विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क, नालों, नदियों तथा सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारगी चौक के समीप नाले एवं बिन्दाल नदी में गंदगी पाए जाने पर नगर निगम को तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में जगह-जगह बने अवैध गार्बेज प्वाइंट को शीघ्र हटाने तथा भविष्य में पुनः कचरा न जमा हो, इसके लिए सतत निगरानी के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने कारगी क्षेत्र में स्थित पुराने डम्पिंग जोन की पूर्ण रूप से सफाई कराते हुए उसे सुव्यवस्थित करने तथा डम्पिंग जोन के समीप सड़क किनारे चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त कच्ची भूमि को मरम्मत कर सुरक्षित बनाने के निर्देश भी दिए। आईएसबीटी के समीप सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोगों के कारण उत्पन्न स्वच्छता एवं यातायात अवरोध को देखते हुए जिलाधिकारी ने एमडीडीए एवं नगर निगम के अधिकारियों को ऐसे लोगों को नियमानुसार अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क किनारे सफाई व्यवस्था सुचारू रहे एवं यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित एवं गहन सफाई सुनिश्चित करने, कचरा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने हेतु निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित एमडीडीए एवं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारी उपस्थित रहे।

दून आईएसबीटी, दिल्ली जाने वाला गेट मिला बंद, नपे एआरएम, डीएम ने दिए कड़ी कार्यवाही के निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, निकासी मार्ग एवं अव्यवस्थित गतिविधियों का गहन जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास की तरफ आईएसबीटी फ्लाई ओवर के समीप सड़क किनारे खाली बड़ी खाली जगह पर टाइल्स लगाकर सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों एवं आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके। दिल्ली जाने वाली बसों के लिए बनाए गए निकासी गेट के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा एमडीडीए को तत्काल गेट खोलने के निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर उन्होंने संबंधित एआरएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने फ्लाईओवर के नीचे अवैध कट बंद करते हुए सुरक्षित क्रॉसओवर बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा निकासी गेट के समीप बनी पुलिस चौकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी गेट के पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निकासी गेट को पूर्ण रूप से सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए। ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने आरटीओ को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) के अधिकारियों को आईएसबीटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टाइल्स लगाकर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा यातायात बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एमडीडीए, एनएच के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम के मार्गदर्शन में बड़ा कदम: देहरादून जिला प्रशासन ने डिस्ट्रिक्ट प्लान से 54 आंगनबाड़ी केंद्र बनाए मॉडर्न प्ले स्कूल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में देहरादून जिला प्रशासन ने जिला योजना वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जनपद में 54 ग्रामीण आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर मॉडर्न बनाया गया है। कार्यदायी संस्था लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से इन सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो को ट्रांसफॉर्म व मॉडर्नाइज प्ले स्कूल का रूप दिया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के प्रयासों से राजधानी देहरादून में एकीकृत बाल विकास सेवा के अंतर्गत विकासखंड डोईवाला, रायपुर, सहसपुर, कालसी, विकास नगर और चकराता के 54 आंगनबाड़ी केन्द्रो को मॉडर्न प्ले स्कूल के तौर पर विकसित किया गया। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाया गया है, ताकि छोटे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके।

विकासखंड रायपुर में 2, डोईवाला से 8, सहसपुर से 4 कालसी से 8 विकास नगर से 8 और चकराता में 24 आंगनबाड़ी केन्द्रो को मॉडर्न प्ले स्कूल की तस्वीर में बदला गया। वही जिला प्रशासन ने आगे वर्ष 2025-26 के लिए 150 प्लस आंगनबाड़ी केन्द्रो को ट्रांसफार्मर मॉर्डनाइजेशन करने का लक्ष्य रखा है, जिसका कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।

लघु सिंचाई द्वारा इन सभी आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मत के कार्य के साथ अंदर और बाहर की दीवारों को सुंदर चित्रों के माध्यम से रंगाई पुताई की गई है बच्चों को बेहतर लर्निंग सुविधा प्रदान करने के लिए सभी केंद्रों में स्मार्ट टीवी भी मौजूद है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को अट्रैक्टिव लर्निंग स्किल को विकसित करने के लिए तमाम खिलौने, कलरफुल कारपेट व प्लास्टिक चेयर, राउंड टेबल और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। वही मॉडर्न आंगनबाड़ी केदो में वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, शौचालय सुविधा, बिजली व्यवस्था बच्चों को प्रदान की गई है। साथ ही भोजन माता द्वारा नियमित पोषण आहार भी बच्चों को समय-समय पर दिया जा रहा है।

इन केंद्र को प्ले स्कूल की तर्ज पर स्मार्ट और सुविधायुक्त बनाया गया है। बच्चों के लिए यहां बेहतर शिक्षा, मनोरंजन, स्वच्छता और पोषण संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

जिला प्रशासन की इस पहल से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है। बच्चों के माता-पिता भी प्रशासन के इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन की इस सोच को बच्चों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बता रहे हैं।

अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विनय कुमार सिंह ने बताया जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला परियोजना के अंतर्गत 54 आंगनबाड़ी केन्द्रो का सुधार का कार्य सौंपा गया था। बताया कि चकराता ब्लॉक की आंगनवाडी केन्द्र कोटा-तपलाड, धारौपुडिया, मंझगॉव, खन्नाड, रडू, खबऊ, चान्जोई, कुनवा, खारसी और नाईली आंगनबाड़ी के ट्रांसफार्मेशन का कार्य चल रहा है जो कि जल्द अब पूरा होने वाला है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इन सभी तमाम आंगनबाड़ी केन्द्रो में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में केवल रिपेयरिंग कार्य तक सीमित नहीं रहा। इन सभी केन्द्रो पर स्मार्ट कंटेंट भी प्रोवाइड किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि वर्ष 2024- 25 की जिला योजना के अंतर्गत 54 आंगनबाड़ी केन्द्रो को ट्रांसफॉर्म और मॉडर्नाइज किया गया। जहां इन सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो की टूट फूट, इलेक्ट्रिक कनेक्शन और इन सभी आंगनबाड़ी केदो में स्मार्ट टीवी के साथ उनके लिए स्मार्ट लर्निंग कंटेंट भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025- 26 की जिला योजना के अंतर्गत 150 प्लस आंगनबाड़ी केन्द्रो का भी ट्रांसपोर्टेशन और मॉर्डनाइजेशन कार्य किया जाएगा।

डीएम दरबार: बेटे ने धोखे से बनाई वसीयत, माता मुन्नी देवी की शिकायत पर भरण पोषण एक्ट में वाद हुआ दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से भारी संख्या में पंहुचे लोगों ने घरेलू व जमीन विवाद, सीमांकन, ऋण माफी, आर्थिक अनुदान, भरण पोषण, प्रमाण पत्र आदि से जु़ड़ी 176 समस्याएं रखी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही कई मामलों का ऑन द स्पॉट निस्तारण किया साथ ही कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिकता पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करें।

बेटी ने ही कर दी घोखाधडी। चलने फिरने में असमर्थ 93 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम सिंह ने अपनी ही बेटी पर धोखाधडी कर उनके बैंक से ही 10 लाख निकालने की शिकायत पर लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं बुजुर्ग मुन्नी देवी ने बताया कि पति की मृत्यु की बाद उनके छोटे बेटे ने घर की सारी संपत्ति एवं बैंक खातों में जमा पूंजी धोखे से वसीयतनामा बनाकर अपने नाम कर दी है। इस पर डीएम ने भरण पोषण एक्ट में वाद दायर करते हुए वसीयतनामा की विधिक जांच कराने के निर्देश दिए। पंडितवाडी निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला लता त्यागी ने बहू द्वारा घर कब्जा करने और घर से निकालने की शिकायत पर भी भरण पोषण एक्ट में वाद दायर कराया गया। दुर्गा नगर निवासी बजुर्ग राधा ने बताया कि उन्होंने एमडीडीए चन्द्रनगर कॉलोनी में अपनी बेटी को रहने के लिए घर दिया था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद बेटी ने उस धोखे से उस घर ही कब्जा कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा दी है। इस पर डीएम ने एडीएम को सब रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब कराई।

विधवा नेहा ने ऋण माफ करने की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके पति ने बैंक से 5 लाख का ऋण लिया था। करंट लगने से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई है। तीन साल तक बैंक किस्त नियमित जमा की है। परंतु उनके पास कोई काम नहीं होने के कारण वो किस्त भरने में असमर्थ है। जिस पर लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

शारीरिक रूप से दिव्यांग वकील साहनी ने बताया कि उनकी अभी तक दिव्यांग पेंशन नहीं लगी है। इस पर 80 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति की मौके पर ही पेंशन स्वीकृत की गई। वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग इन्दु राजवंशी ने वृद्धावस्था पेंशन की लगने की समस्या पर उनका आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए मौके पर ही आवेदन कराया गया।

विधवा पिंकी देवी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता चाहने पर एसडीएम को जांच कर प्रकरण प्रस्तुत करने को कहा गया। अपना इलाज कराने में असमर्थ विधवा एकादशी देवी ने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। गरीब महिला सर्वेश एवं माहेश्वरी देवी ने प्रधानमंत्री आवास की गुहार लगाई। परिवार की कमजोर आर्थिकी का हवाला देते हुए सपना ने नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। जिस पर डीपीओ को प्रकरण की जांच करने को कहा गया।

एक पैर से दिव्यांग रेखा देवी ने पुत्री की शादी के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर ओसी क्लेक्ट्रेट को जांच करवा के प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी को महिला का दिव्यांग प्रमाण पत्र भी बनाने को कहा गया।

अठूरवाला निवासी अनीता चौहान ने जिलाधिकारी से गुहार लगाएगी दैवीय आपदा के दौरान उनका मकान ध्वस्त हो गया है उन्होंने पुनर्विस्थापन की टीम से गुहार लगा जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं निदेशक टीडीसी पुनर्वास को कार्रवाई के निर्देश दिए।

देहरादून से भानिवयावाला, जौली होते हुए थानों तक परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी या इलेक्ट्रिक बस सेवा न होने से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी की शिकायत पर डीएम ने एडीएम से अभी तक बस सेवा शुरू न किए जाने की रिपोर्ट तलब की है। थानों में अवैध मस्जिद एवं अवैध रूप से चल रहे मदरसा की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने एडीएम को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कुडियाल के सदस्य क्षेत्र ने थानों क्षेत्र में फलदार एवं हरे भरे पेड़ों को अवैध तरीके से काटे जाने की शिकायत पर एडीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। जोलियो के समस्त ग्राम वासियों ने ग्राम समाज, वन पंचायत की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा मुक्त करवाने पर तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत झाझरा की भूमि पर अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए। कारगी ग्रंाट में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर अपर नगर आयुक्त को त्वरित कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। लोनिवि द्वारा दारागाड-कथियान मोटर मार्ग पर अनियमितता के साथ अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम चकराता व अधिशासी अभियंता को संयुक्त जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सुन्दरवाला निवासी ओमकार शर्मा ने 33 केबी विद्युत पोल एवं तारें भवन के ऊपर से हटवाने का अनुरोध पर अधिशासी अभियंता को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

पुनीत अग्रवाल ने घर से चोरी हुए आभूषण एवं नकदी की बरामदगी कराए जाने पर सीओ पुलिस को प्रकरण की स्वयं समीक्षा करते हुए तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मौ0 इकबाल, शाहिद, फहीम, फुरकाना, खुर्शीद अहमद, अगस्त में अतिवृष्टि व बाढ़ से घर क्षतिग्रस्त एवं बाथरूम टूट जाने आर्थिक अनुदान सहायता की गुहार लगाई।

इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरिगिरी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

डीएम के निर्देश पर एसडीएम एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में चंद्रभागा में अवैध अतिक्रमण ध्वस्त

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा चंद्रभागा क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई। एसडीएम ऋषिकेश एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में राजस्व विभाग तथा नगर निगम ऋषिकेश की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए गंगा किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई 20 से अधिक अवैध अध्यासन को ध्वस्त किया। अभियान के दौरान पाया गया कि अवैध अतिक्रमण कर बसी उक्त झोपड़ियों से निकलने वाला सीवर सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। इस संबंध में जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल एवं एसडीएम ऋषिकेश योगेश कुमार के नेतृत्व में टीम में शामिल राजस्वकर्मियों तथा नगर निगम के कार्मिकों ने मौके पर पहुँचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया संपादित की। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता एवं जल संरक्षण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध निर्माण अथवा सीवर/कचरा निस्तारण संबंधित अनियमितता को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को कठोरता से रोका जाए।
नगर निगम तथा राजस्व विभाग द्वारा बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जा रही है तथा आगे किसी भी अतिक्रमण को रोकने हेतु चिन्हांकन कर निगरानी बढ़ाई जाएगी।