स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में तिरंगा फहराने का सीएम ने किया आवाहन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को सदैव प्रज्वलित रखने का आवाह्न किया।

मुख्यमंत्री ने घंटाघर स्थित उत्तराखण्ड आन्दोलन के महान नायक स्व. इन्द्रमणी बडोनी एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री, गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा तिरंगा यात्रा, राष्ट्र गौरव का उत्सव है। तिरंगा, करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वीर जवानों ने तिरंगे पर कभी कोई आंच नहीं आने दी। हमारा संकल्प है कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।उन्होंने कहा राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में बसी है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति, स्वदेशी तकनीक से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।आज हम  दुनिया को अनेकों क्षेत्र में नई दिशा दिखा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। देश, रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन रहा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखंड की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं।  हर दूसरे परिवार का बेटा सीमा पर रक्षा के लिए तैनात रहता है। राज्य सरकार अपने वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से राज्य में विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ चुकी है, पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। स्टार्टअप्स की संख्या भी 1750 से अधिक हो चुकी है। राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में राज्य ने  देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून, देश में सबसे पहले  समान नागरिक संहिता का कानून लागू किया है।प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। साथ ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त किया है। भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद बिना किसी धांधली के पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है। राज्य में युवाओं को श्नौकरी देने वालाश् बनाने के मकसद से युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे, पर्यटन नीति जैसी कई योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगी ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अत्यंत विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता, अटूट मनोबल और सर्वाेच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया तथा विश्व के समक्ष भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वाेच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा, वीरता पदक विजेताओं की समृद्ध विरासत तथा यहां के युवाओं का राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आधारभूत संरचना का तीव्र विकास तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा सैनिक कल्याण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णयों से देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसके साथ ही सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करना, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता, वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा तथा सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी अनेक जनकल्याणकारी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। पूर्व सैनिकों की शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के जिला अदालतों में भूमि धोखाधड़ी के जो मामले पेंडिंग हैं, उनके शीघ्र निस्तारण के प्रयास किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के श्पांचवें धामश् के रूप में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रेरणा-स्थल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला श्अग्निवीर रोजगार सेलश् गठित किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग तथा अन्य राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि कारगिल के अमर शहीदों के त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर विकसित भारत तथा विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वाेच्च बलिदान का प्रतीक है। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने वीरता पुरस्कार विजेताओं की सम्मान राशि में वृद्धि की है तथा अब तक 28 शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, दायित्वधारी सुभाष बड़थ्वाल, सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), जिला अधिकारी डॉ .आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिजन उपस्थित थे।

सीएस बर्द्धन ने परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग और सचिवालय अंडरग्राउंड पार्किंग के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग और सचिवालय अंडरग्राउंड पार्किंग के सम्बन्ध में बैठक ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में सचिव पीडब्ल्यूडी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने परेड ग्राउंड के नीचे अंडरग्राउंड पार्किंग के डिज़ाइन पर प्रस्तुतिकरण दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग तैयार करने के साथ ही परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को जोड़ते हुए और बिना कोई नया पक्का कंस्ट्रक्शन करते हुए ओपन स्पेस पार्क तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्पेस बढ़ाए जाने के लिए डबल बेसमेंट तैयार किया जा सकता है। पार्किंग एरिया से एंट्री और एग्जिट पॉइंट ज़्यादा से ज़्यादा स्थानों पर दिए जाएं, ताकि पार्किंग करने वाले लोगों को गाड़ी पार्क करने के बाद अपने गंतव्य की दिशा में जाने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। कहा कि अधिक एंट्री और एग्जिट सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर रहेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि शहर की आवश्यकता को देखते हुए परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को मर्ज़ करते हुए एक बड़ा ओपन स्पेस ग्रीन पार्क के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए स्टैक होल्डर्स कंसल्टेशन्स भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसे एक कम्पलीट पैकेज के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान सचिवालय परिसर के अंदर अंडर ग्राउंड पार्किंग के डिज़ाइन पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए पार्किंग क्षमता विकसित की जाए। राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग के सुझाव पर मुख्य सचिव ने डिजाइन तैयार पर प्रस्तुतिकरण दिये जाने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं सीडीओ देहरादून अभिनव शाह सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा का दिन है विजय दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।

सीएम ने 13 जनपदों के लिए लीटर पीकर क्लीनिंग मशीन का फ्लैग ऑफ कर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गाँधी पार्क देहरादून में विशेष स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत ’स्वच्छता अपनाओ, बीमारी भगाओ’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के माध्यम से 13 जनपदों के लिए स्वच्छता वाहनों ( लीटर पीकर क्लीनिंग मशीन) का फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं सभी को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सामूहिक प्रयासों से ही प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पूरी क्षमता से स्वच्छता मिशन पर कार्य करना चाहिए। शहरों की स्वच्छता की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा मानसून के दौरान बीमारियों से बचाव के लिए पर्यावरण मित्रों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से किया है। प्रदेश में 12 से 15 अगस्त तक विशेष स्वच्छता अभियान चल रहा है। देहरादून में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, एनजीओ के सहयोग से जन जागरूकता के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में स्वच्छता के प्रति जागरूक करने वाली बैणी सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वच्छता हमारी संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न अंग है। वेद एवं पुराणों में भी स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया गया है। जहां स्वच्छता होती है वहां देवी देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की, स्वच्छता की यह शुरुआत जन आंदोलन के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। जिसके लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण का गहरा संबंध है। पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए हमें स्वच्छता को प्राथमिकता में रखना होगा। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी को भी बढ़ावा देना है। जल्द ही सफाई की निगरानी हेतु क्यूआर कोड की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान को शुरूआत की है। उन्होंने सभी से “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि शहरी विकास के माध्यम से स्वच्छता हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के हर शहर को साफ करने का अभियान चलाया गया हैं। पर्यावरण मित्रों का इस स्वच्छता अभियान में बेहद महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यावरण मित्रों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निवर्तमान मेयर सुनिल उनियाल गामा, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, अपर सचिव शहरी विकास नितिन भदोरिया, नगर आयुक्त नगर निगम गौरव कुमार मौजूद थे।

देश की आजादी के नायकों को देश कर रहा याद-कैबिनेट मंत्री अग्रवाल

आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज गांधी पार्क पर मेरी माटी मेरा देश अभियान में शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने की।
शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने सर्वप्रथम झण्डा रोहण, राष्ट्रगान के उपरांत शिला फालकम का उद्घाटन किया। साथ ही इस अवसर पर पवित्र मिट्टी व दीयो को हाथ में लेकर सभी को पंच प्रण शपथ दिलाई गई। इसके बाद कार्यक्रम मे आए हुए सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
गांधी पार्क के खुले प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि 15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का सर्वाधिक भाग्यशाली और महत्वपूर्ण दिन था। जब हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर भारत देश के लिए आजादी हासिल की। आज हम उनकी महान सेनानियों की याद में एवं उनके सम्मान में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। भारत को आजाद हुए 77 साल हो गए हैं और हम सभी 140 करोड़ देशवासी हमारे सेनानियों के इस बलिदान को कभी भूल नहीं सकते। मिट्टी को नमन, वीरों का वंदन, मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों को सम्मानित करने का अवसर आज प्राप्त हुआ है।
महापौर सुनील उनियाल गामा द्वारा कहा गया कि आजादी के लिए जिन्होंने अपना योगदान दिया ,बलिदान दिया, त्याग किया है, तपस्या की है, उन सभी का आज के कार्यक्रम में आदरपूर्वक में नमन करता हूं। स्वतंत्रता के आंदोलन में हमारी नारी शक्ति, देश की युवा शक्ति, देश के किसान, गांव के लोग, हमारे सिपाही, ऐसे अनेकजनों ने अपना योगदान दिया है, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल कर, हमारा देश पंच प्रण को समर्पित होकर एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त मनुज गोयल, सहायक निदेशक शहरी विकास विनोद, नगर निगम ब्रांड एम्बेसडर, पार्षद गण, अपर नगर आयुक्त जगदीश लाल, उप नगर आयुक्त रोहिताश शर्मा, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आदि मौजूद रही।

मुख्यमंत्री ने झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में स्वच्छता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने गांधी पार्क से पं० दीनदयाल उपाध्याय पार्क तक स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुल 102 निकायों में स्वच्छता का महा अभियान चल रहा है। आमजन में स्वच्छता को लेकर जागरूकता निरंतर बढ़ रही है। देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उत्तराखंड आते हैं। राज्य का प्रत्येक जिला एवं पर्यटन स्थल स्वच्छ एवं सुंदर रखने की जिम्मेदारी यहां के प्रत्येक व्यक्ति की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून को “स्वच्छ दून, सुंदर दून“ बनाने के लिए जनभागीदारी से विभिन्न स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की आदत में लाने का आग्रह किया। जन जागरूकता से स्वच्छता के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत अभियान ने एक बड़े जनांदोलन का रूप लिया, जिसका परिणाम अब दिखने लगा है।
इस दौरान कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, विधायक सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मां के संसार से चले जाने से पुत्र को होने वाला दुख सबसे बड़ा घातः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता स्व. हीराबेन की दिवंगत आत्मा की शांति हेतु आर्य समाज द्वारा आयोजित सार्वजनिक श्रद्धांजलि एवं यज्ञ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्व. माताजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के संसार से चले जाने से पुत्र को होने वाला दुःख सबसे बड़ा दुख होता है। हर पुत्र की भांति प्रधानमंत्री का अपनी पूजनीय माता से गहरा लगाव था, जिसे कई अवसरों पर अनुभव भी किया। उनकी स्वर्गीय माता ने असंख्य कष्टों को सहते हुए भी हार न मानने का जो दृढ़ संकल्प लिया था, उसी का परिणाम रहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री जैसे महान व्यक्तित्व को जन्म देने वाली मां का इस संसार से चले जाना न केवल प्रधानमंत्री जी की व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि यह समस्त देशवासियों के लिए भी अत्यंत पीड़ादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में मां के विभिन्न रूपों का वर्णन करते हुए कहा गया है कि पुत्र को गर्भ में धारण करने के कारण माता धात्री है, जन्म देने के कारण माता जननी है, पालन-पोषण करने के कारण माता अम्बा है और सुयोग्य वीर को जन्म देने के कारण माता वीरसू है। प्रधानमंत्री की माता जी का सम्पूर्ण जीवन, मां के इन रूपों का साक्षात प्रतिबिम्ब रहा। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में देवभूमि की सम्पूर्ण जनता प्रधानमंत्री एवं उनके परिवार के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास मौजूद थे।

वीरता चक्र से अलंकृत सैनिक और वीरागंनाओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में शहीद द्वार/स्मारकों के निर्माण कार्य अब सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से कराया जायेगा, पहले यह संस्कृति विभाग के माध्यम से कराया जाता था। वीरता चक्र श्रृंखला से अलंकृत सैनिकों एवं वीर नारियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा अनुमन्य होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस को भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का दिन बताते हुए कहा कि आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेक दिए थे। यह महान युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्म समर्पण था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिकों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित कर देश स्वयं सम्मानित हुआ था। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए देहरादून में एक भव्य ‘सैन्य धाम‘ का निर्माण प्रारंभ किया है। यह स्मारक उन सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह ना करते हुए, तिरंगे की शान एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। यह सैन्य धाम आने वाली अनेकों पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना को हर संभव सुविधा दी जा रही है। आज सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जिसके परिणाम स्वरूप इस साल चार धाम यात्रा में 46 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर, आप सभी की सहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैन्य परिवार में पैदा होने के कारण मैंने सैन्य परिवारों का संघर्ष एवं दुख-दर्द को नजदीक से देखा है। सैन्य परिवारों के लिए राज्य सरकार विशेष योजनाएं बना रही है, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार सैनिक विश्राम गृहों की संख्या बढ़ाने हेतुु भी प्रयासरत है। उत्तराखंड का संपूर्ण विकास राज्य सरकार की नीति ही नहीं बल्कि कर्तव्य है, और इस कर्तव्य का पालन करने हेतु हम संकल्पबद्ध हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेना के जवान हर स्थिति में देश की रक्षा हेतु मोर्चा संभाले बैठे हैं, उन्होंने कहा 1971 के भारत-पाक युद्ध में उत्तराखंड राज्य के कई जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण हेतु दिन-रात कार्यरत है। लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ही पूरी हुई। राज्य सरकार शहीदों के सम्मान में विशाल सैन्य धाम बनाने का कार्य कर रही है। साथ ही राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, निदेशक सैनिक कल्याण (ब्रिगे.से.नि) अमृतलाल, पूर्व सैन्य अधिकारी एवं वीरांगनाएं मौजूद रहे।

भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है।
मुख्यमंत्री ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि हमारे इन जवानों की वजह से सभी चैन की नींद सोते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।