पौड़ी में तीन दिवसीय शहीद मेले का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी के दुगड्डा पार्क में तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने दुगड्डा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, स्व. बलदेव सिंह आर्य और स्व. भवानी सिंह रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की गई। जिसमें नगर पालिका दुगड्डा के क्षेत्रान्तर्गत एक आधुनिक बहुउद्देशीय भवन का निर्माण। नगर पालिका के लिए एक आधिकारिक वाहन की व्यवस्था। भवानी सिंह रावत शहीद स्मृति स्थल का संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पुनर्निर्माण नगर पालिका द्वारा किया जाएगा। नगर पालिका परिषद दुगड्डा क्षेत्रान्तर्गत निराश्रितों के लिए एक स्थायी रैन बसेरा का निर्माण किए जाएगा। दुगड्डा नगर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का विकास एवं इसका नाम स्व. श्री मोहनलाल बौंठियाल के नाम पर रखा जाएगा। दुगड्डा ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम की स्थापना की जाएगी। फतेहपुर में सिलगाड नदी पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। मटियाली में सिद्धबाबा मंदिर का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराए जाने की घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान हमें देश की सेवा में समर्पण और कर्तव्य का मार्गदर्शन देता है। इस प्रकार के आयोजन हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करते हैं, जिनसे हमें शहीदों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधाममंत्री के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथाओं का नई पीढ़ी को पुनः स्मरण कराने के लिए पूरे देश में स्मारकों और संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऐसे वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गयी है। इस कड़ी में उत्तराखंड का पांचवा धाम सैनिक धाम देहरादून के गुनियाल गांव में बनाया जा रहा है। सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं और आवासीय योजना में भी प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूरे राज्य में 5 हजार हेक्टेयर से भी अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। सरकार ने चार दिन पहले विधानसभा सत्र में सशक्त भू कानून को पूर्ण बहुमत से पारित कर दिया है। वनाग्नि की समस्या के समाधान के लिए भी प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा जिस भी वन क्षेत्र में आग लगेगी संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही आग लगाने वालों के खिलाफ कार्यवाही और नुकसान की भरपाई भी उन्हीं लोगों से की जाएगी। इसके लिए जल्द कानून भी बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष और विकास बनाम वन संरक्षण के संबंध में केंद्र सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। इससे चुनौतियों का समाधान होगा और जो विकास कार्य नहीं हो पाते हैं उन पर काम हो सकेगा। साथ ही वन्यजीव हमलों के सबंध में संबंधित अधिकारियों को विधि सम्मत कार्यवाही को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबकी जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। वन्य जीवों के हमलों को लेकर भी जल्द कानून बनाया जाएगा।

शहीद मेले में रीप परियोजना, बाल विकास, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान, सहकारिता, समाज कल्याण, डेयरी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए स्टॉल लगाकर लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक महंत दिलीप रावत, विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट, मेयर कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दुगड्डा शांति बिष्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

टिहरी में मेले का शुभारंभ कर क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलेथा टिहरी गढ़वाल में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी की स्मृति में आयोजित 5 दिवसीय राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न स्कूलों एवं एनसीसी कैडेट्स द्वारा निकाली गई मार्च पास्ट रैली को सलामी दी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मलेथा में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी के स्मारक में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा निर्मित ऐतिहासिक गूल का अवलोकन कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मलेथा चौराहे का नाम वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के नाम पर किए जाने, वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी मेला स्थल का विस्तारीकरण किए जाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिल्काखाल के भवन निर्माण, सूर्य देवी मन्दिर पलेठी बनगढ का सौन्दर्यकरण किए जाने, रैतासी सड़क का निर्माण तथा ललूडीखाल-फरस्वाणगांव मोटर मार्ग एवं भैंसकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह सामान्य मेला नहीं अपितु एक विशेष त्यौहार है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का काम कर रहा है तथा भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शौर्य शक्ति में नहीं अपितु सेवा ओर समर्पण में निहित होता है, जिसकी बानगी वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के कार्यों से मिलती है। उनके द्वारा क्षेत्र की खुशहाली के लिए कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों में जो सिंचाई गूल बनाई गई वह आज भी लोगों को लाभान्वित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, हर क्षेत्र में काम कर रही है। जनपद टिहरी गढ़वाल में सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत 170 किमी. में क्रेश बैरियर निर्माण किया जा रहा है। मुयालगांव में आपदा में बहे पुल के स्थान पर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज बनाया गया। टिहरी झील रिंग रोड़ निर्माण किया जा रहा है। पलायन रोकने, पर्यटन, रोजगार और व्यापार बढ़ाने हेतु नौकरी सृजन के साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने हेतु किसानों को एक 3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। आज स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका को बढ़ाने के साथ ही अन्य को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं। हाउस ऑफ़ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया, जिससे प्रतिभावान नौजवानों का विश्वास बढ़ा है और वे अपनी क्षमता के अनुसार नौकरी पा रहे हैं। 19 हजार से अधिक नौकरी देने का काम राज्य सरकार ने किया है। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून बनाने का काम किया जा रहा है। शीघ्र ही राज्य में सख्त भू कानून बनाने का काम भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपना उत्तराखंड बहुत जल्द अग्रणीय राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।

इस अवसर पर उद्यान, पशुपालन, राजस्व, बाल विकास, चिकित्सा, उद्योग, कृषि, समाज कल्याण, पर्यटन, ग्राम्य विकास, पंचायत राज आदि विभागों द्वारा विभागीय स्टालों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार करने के साथ ही जन शिकायतों का निस्तारण किया गया। विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन किया गया।

विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए हुए क्षेत्र के विकास से संबंधित मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

इस अवसर पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक सोना साजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद देवप्रयाग ममता देवी, एसएसपी आयुष अग्रवाल, एएसपी जे.आर. जोशी, डीजीएम आरवीएनएल राजेश अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

सीएम ने सतपुली झील का शिलान्यास कर 172 करोड़ 65 लाख की 24 योजनाओं का किया लोकार्पण एंव शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के सतपुली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए पूर्वी नयार नदी में बनने वाली बहुउद्देशीय सतपुली झील का शिलान्यास सहित लगभग 172 करोड़ 65 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें123 करोड़ 53 लाख की 04 योजनाओं का शिलान्यास व 49 करोड़ 12 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड बीरोंखाल के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज भरोली खाल व बीरोंखाल में नवीन भवन का निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर व कल्जीखाल के मध्य नयार पाटीसैण व असवालस्यूँ के मध्य पश्चिमी नयार नदी के ऊपर मोटर पुल निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर मुख्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण , रवांसा नदी के ऊपर निर्मित पीपलडोंगा पुल से 500 मीटर ऊपर की ओर बैराज का निर्माण, ताड़केश्वर महादेव में पुलिस चौकी की स्थापना किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लगभग 172 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। यह योजनाएं क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। सतपुली झील का निर्माण पूरा होने से यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक बताया था, और इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है। आज जिस झील का शिलान्यास किया गया है उसका लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को भी होगा। उन्होंने कहा प्रदेश में सड़क, हवाई कनेक्टिविटी के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में वृहद स्तर पर निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निरंतरता से कार्य कर रही है। प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय उद्योगों में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति हर क्षेत्र में क्रांति ला रही है। मातृशक्ति द्वारा तैयार उत्पाद आज बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी फेल कर रहे हैं, जिनकी डिमांड विदेशों तक होने लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए भी हम संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 5000 एकड़ से अधिक भूमि से अतिक्रमण हटाया है। उन्होंने कहा 2025 के जनवरी माह में हम प्रदेश में यूसीसी लागू करने जा रहे है। बहुत जल्द हम राज्य की जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सख्त भू कानून लाने वाले हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल की विकास पुस्तिका का विमोचन किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने क्षेत्र में विकास योजनाओं की स्वीकृति के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे।

इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र अंथवाल, विधायक लैन्सडौन दिलीप महंत, भाजपा जिलाध्यक्ष कोटद्वार वीरेंद्र रावत, जिलाध्यक्ष पौड़ी सुषमा रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, ब्लॉक द्वारीखाल के प्रशासक महेन्द्र राणा, प्रशासक कल्जीखाल बीना राणा, प्रशासक पोखड़ा प्रीति देवी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चोपता के चांदधार व गैंठाना बांगर में बनेगा मिनी स्टेडियमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड अगस्त्यमुनि के स्यालसौड़ में आयोजित कृषि, औद्योगिक एवं पर्यटन विकास मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 47.43 करोड़ की 18 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एवं ₹1.23 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चोपता के चांदधार एवं गैंठाणा बांगर में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किया जाएगा। स्वांरीग्ंवास से कार्तिक स्वामी तक 8 किमी मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। अंधेरगढ़ी-तलसारी मोटर मार्ग के जैचोंरा से ऐटा पवननगर, थापली व कमसाल मोटर मार्ग के द्वितीय चरण के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। कार्तिक स्वामी के कनकचौरी में कार पार्किंग का निर्माण कार्य किया जाएगा। एवं चिनग्वाड़ मोटर मार्ग से पाबौ धनपुर मोटर मार्ग तक मिसिंग लिंक का निर्माण कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जनसमुदाय का अभिनंदन करते हुए कहा कि विधान सभा केदारनाथ की जनता ने जिस तरह अपार समर्थन देकर आशा नौटियाल को विधानसभा में बतौर सदस्य निर्वाचित करने का कार्य किया है उसी तरह राज्य सरकार द्वारा भी इस क्षेत्र के विकास के कार्यों को गति देने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा उनकी सरकार चारधाम यात्रा को अनवरत चलाने का प्रयास कर रही है। चारधाम यात्रा को शीतकाल में भी चलाने हेतु आज श्री ओंकारेश्वर मंदिर में इसकी अधिकारिक रूप से घोषणा की। इससे जहां एक ओर देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक यहां की अलौकिक प्रकृति का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे वहीं दूसरी ओर यहां के व्यवसायियों के वर्षभर रोजगार की संभावना को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। एक ओर प्रदेश के 8 लाख कृषक किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर किसानों को बिना ब्याज के 3 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उद्यानीकरण को विकसित करने हेतु 200 करोड़ का विशेष प्राविधान इस बार के बजट में किया गया है। सरकार प्रदेश में उद्योग व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में राज्य में बड़े निवेशकों के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध किए गए हैं। जिसका आने वाले समय में स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने पारंपरिक परंपरा, विरासत व विकास के लिए मेलों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया।

रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि जिस तरह देश को प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जैसा युगपुरुष मिला है। उसी तरह हमारे प्रदेश को धामी के रूप में धाकड़ व धार्मिक मुख्यमंत्री मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन के लगभग 40 वर्षों में उन्होंने धामी जैसा राजनेता नहीं देखा जिनके पास विकास की स्पष्ट नीति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी जी के रूप में प्रदेश नित्य विकास के नए आयाम छू रहा है। साथ ही प्रदेश निरंतर ऐतिहासिक प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी जी के हाथों में प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित बताया।

विधायक आशा नौटियाल ने केदारनाथ विधानसभा की समस्त जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह केदारनाथ जनता की सदैव ऋणी रहेंगी। उन्होंने पूर्व विधायक शैला रानी को याद करते हुए कहा कि उनका असमय चले जाने से केदारनाथ विधान सभा नेतृत्व विहीन हो गया था। लेकिन मुख्यमंत्री धामी जी की दूरगामी सोच का परिणाम है कि मुख्यमंत्री ने केदारनाथ को नया विधायक निर्वाचित होने तक स्वयं इस क्षेत्र के विकास का जिम्मा उठाया। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की केदार बाबा पर विशेष आस्था है। उसी का परिणाम है कि केदारपुरी ने आज दिव्य व भव्य रूप में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का जनपद आगमन पर धन्यवाद स्वरूप अभिनंदन पत्र पढ़ा। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विधानसभा केदारनाथ हेतु पूर्व में हुई सभी घोषणाओं को घरातल पर उतारा जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई कैनोपी का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, अमरदेई शाह, दर्जाधारी चंडी प्रसाद भट्ट, ऋषि कंडवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, विजय कप्रवाण, भारत भूषण भट्ट, सुमंत तिवारी, विक्रम कंडारी, दिनेश उनियाल, शकुंतला जगवाण, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कौंडे, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष चंद्र घिल्डियाल, ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि प्रवीण भट्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कर रही कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के सारी गांव में ग्राम वासियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। ग्रामवासियों एवं स्थानीय निवासियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने सारी गांव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं संग झुमैला नृत्य भी किया। मुख्यमंत्री ने सारी ग्रामवासियों के साथ रात्रि भोजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला मंगल दल हेतु एक लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही देवरिया ताल में लगने वाले मेले को संस्कृति विभाग, राजकीय मेले के रूप में मान्यता देगा।

मुख्यमंत्री ने सारी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी के बीच में आकर बेहद खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा सारी गांव में जो कार्यक्रम शुरू हुआ है, अब ये कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को विजय बनाने पर सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा अब सरकार की बारी है कि जो वादे उन्होंने चुनाव से पहले किए हैं अब उन्हें पूरा किया जाए। इस क्षेत्र के सभी प्रस्ताव, घोषणाओं, एवं जनहित के कार्यों को धरातल में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा जनता के सुझावों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का उत्तराखंड एवं विशेषकर बाबा केदारनाथ जी की भूमि से गहरा लगाव है। प्रधानमंत्री के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है। प्रधानमंत्री ने अनेकों योजनाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। 2013 की आपदा के बाद भगवान केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हाथों में लिया। आज भगवान केदारनाथ धाम भव्य और दिव्य बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने उपचुनाव से पहले स्वयं केदारनाथ क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली वो आगे भी क्षेत्र के विकास हेतु संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारघाटी में इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे अधिकारियों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्द शुरू किया गया था। अब राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सारी गांव एक आदर्श गांव है जहां 40 से भी ज्यादा होम स्टे हैं। होम स्टे को भी राज्य सरकार निरंतर बढ़ा रही है। होमस्टे राज्य की आर्थिक का साधन बन रहे हैं। देवरिया ताल, बाबा तुंगनाथ एवं अन्य देवी देवताओं में भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमने अपने गांव का बचाने का भी संकल्प लेना है।

मुख्यमंत्री ने कहा विदेश में भी महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों को पहनती है। ये दिखाता है कि हमारे लोग हमारी पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बोली भाषा, संस्कृति, घरों को संरक्षित करने का आग्रह किया है। हमारी सनातन संस्कृति पहले भी थी, अब भी है, और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा महिलाएं, राज्य के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रहीं है। महिलाएं अपने साथ अन्य लोगो को भी रोज़गार दे रहीं है। उन्होंने कहा युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। रुद्रप्रयाग में साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल, विधायक भरत चौधरी, केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजेय, चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने कालीमठ दर्शन कर लौटते वक्त अचानक रास्ते में रोकी दी फ्लीट

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी बाजार में शॉपिंग कर पहाड़ के प्रति अपनत्व की भावना जगजाहिर कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री को दुकान में बड़ी सादगी के साथ खरीदारी करते देख हर कोई हैरान रह गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहाड़ के बाजार हमारे गांव और कस्बों की आर्थिकी की रीढ़ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को केदारनाथ उप चुनाव को लेकर गुप्तकाशी पहुंचे थे। यहां राजनीतिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी कालीमठ मंदिर में दर्शन को गए। यहां से दर्शन कर लौटते वक्त अचानक मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी बाजार में अपनी फ्लीट रोकी और सीधे कपड़ों की दुकान में पहुंच गए। मुख्यमंत्री को आते देख दुकानदार अपने काउंटर से मुख्यमंत्री का स्वागत-सत्कार करने लगे। मुख्यमंत्री ने दुकानदार की कुशलक्षेम पूछी और एक जैकेट दिखाने को कहा। कुछ देर तक दुकानदार हैरान रह गया। लेकिन जब मुख्यमंत्री के स्टाफ भी पीछे से दुकान पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने जैकेट देखनी शुरू कर दी। इस दौरान दुकानदार ने मुख्यमंत्री से चाय पीने का अनुरोध किया तो मुख्यमंत्री ने सहज स्वीकार किया। बाद में मुख्यमंत्री धामी ने जैकेट खरीदकर दुकानदार को जैकेट के दाम चुकाए और धन्यवाद दिया। इस दौरान दुकानदार प्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि 31 साल की दुकानदारी में इतने सरल, सौम्य और सादगी वाले नेता नहीं देखे।

श्रीनगर के विकास के लिए किये जा रहे हैं करोड़ो की लागत से कार्यः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित सात दिवसीय बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी- 2024 का द्वीप प्रज्वलित पर शुभारंभ किया। कमलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना के उपरांत उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉल का निरीक्षण व जन समुदाय को संबोधित किया।

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने श्रीनगर पहुंचकर बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी- 2024 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टॉल का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बैकुंठ चतुर्दशी पर्व पर भगवान कमलेश्वर महादेव मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने शिवलिंग में कमल पुष्प अर्पित किए। मंदिर के महंत श्री आशुतोष पुरी ने पूजा अर्चना सम्पन्न कराई। श्री जयदयाल संस्कृत महाविद्यालय श्रीनगर के छात्रों ने स्वास्ति वाचन किया।

मुख्य कार्यक्रम स्थल आवास विकास प्रदर्शनी मैदान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर में बैकुंठ चतुर्दशी मेला के शुभारंभ समारोह कार्यक्रम में आए लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि पतित पावनी मां अलकनंदा के तट पर स्थित इस पौराणिक धाम में आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इस क्षेत्र के पौराणिक मंदिर हमारे राज्य की अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष हर वर्ष बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला देवभूमि की आस्था का प्रतीक होने के साथ ही हमारी समृद्ध परंपराओं का भी प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस मेले के आयोजक मंडल को भी साधुवाद देता हूं, क्योंकि आप लोग इस सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा और आज हमारी डबल इंजन की सरकार माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कहे गए कथन को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम हो या केदारनाथ धाम, सभी जगह करोड़ों की लागत से मास्टर प्लान काम चल रहे हैं। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना से श्रीनगर समेत पहाड़ में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर क्षेत्र में चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में 25 करोड़ की लागत से 50 से अधिक बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट का काम चल रहा है। श्रीनगर में 4.88 करोड़ की लागत से रोडवेज बस अड्डा और पार्किंग का निर्माण किया गया है। जो भी क्षेत्र के विकास के लिए जरुरी काम हैं, उनके डॉ धन सिंह प्रयासरत रहते हैं और ये काम हो भी रहे है। श्रीनगर नगर पालिका को नगर निगम में बनाकर तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेलकंडी बिलकेदार क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी डॉ० आशीष चौहान के निर्देशन पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार की गई गुलदार व मानव संघर्ष न्यूनीकरण आधारित पुस्तक का विमोचन किया। गुलदार से बचाव संबंधी पहलुओं से जुड़ी यह पुस्तिका कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी।

कैबिनेट मंत्री डॉ० धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर के विकास में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे देश के विभिन्न राज्यो से आये छात्रों को शैक्षिक गुणवत्ता व सुरक्षा का वातावरण मिलता है। उन्होंने कहा कि बुधवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैण से मुख्यमंत्री ने बड़ा संदेश देने का काम किया है। भू-कानून की पहली बैठक भराड़ीसैण में सम्पन्न हुई। राज्य में एक सशक्त भू-कानून लाने से पहले उत्तराखंड के सभी निवासियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन यापन के लिए किसी भी स्थान पर व्यापार करने की आजादी है लेकिन इस आड़ में संस्कृति से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, डीआईजी एसएसबी सुभाष चंद्र नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, श्रम बोर्ड के सदस्य संपत रावत, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कला, कोटद्वार जया बलूनी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय उप जिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, सहायक नगर आयुक्त श्रीनगर रविराज बंगारी, जिलाध्यक्ष भाजपा सुषमा रावत, बीरेंद्र रावत, नगर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र धीरवाण सहित अन्य उपस्थित थे।

भराड़ीसैंण में मॉर्निंग वॉक के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों से की मुलाकात

भराड़ीसैंण में रात्रि विश्राम करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मॉर्निंग वॉक के जरिए, स्थानीय लोगों से मेल मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) के दो दिवसीय दौरे पर रहे। इसी क्रम में आज उन्होंने यहां उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित भू कानून पर उच्चाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया, वहीं पलायन निवारण आयोग की बैठक में भी पहाड़ में पलायन रोकथाम के प्रयासों पर मंथन किया, इसके बाद मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम भी यहीं किया। विधानसभा सत्र के अलावा पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में रात्रि विश्राम किया है। इसके बाद गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री धामी भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर के आस पास मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों का जायजा लिया, साथ ही स्थानीय निवासियों से मिलकर, उनकी समस्याएं पूछी। इस मौके पर सीएम ने अधिकारियों को कार्यों में तेज़ी लाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भराड़ीसैंण (गैरसैंण) क्षेत्र में सड़क और हवाई कनेक्टिविटी को सुधारने का प्रयास कर रही है। सरकार गैरसैंण के सर्वागीण विकास के लिए रोड मैप के साथ काम कर रही है।

डामटा में स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से मुख्यमंत्री का किया भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के डामटा में आयोजित यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह के आयोजन के लिए पांच लाख रूपये की धनराशि देने के साथ ही मुगरसंती पट्टी के पैंसठ गांव के आराध्य रूद्रेश्वर महाराज के डांडा देवराणा मेला को राजकीय मेले के कैलेण्डर में सम्मिलित करने और टीकरा टॉप में खेल मैदान व हेलीपैड का निर्माण कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डामटा क्षेत्र में पॉलीटेक्नीक संस्थान की आवश्यकता का आकलन कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह में प्रतिभाग करने डामटा पहॅुंचे थे। सूरत स्टेडियम डामटा कांडी में आयोजित इस समारोह में हजारों की संख्या में जुटे स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मेले में जुटे ग्रामीणों के साथ रवांई-जौनसार-जौनपुर क्षेत्र के पारंपरिक लोक नृत्य में भी हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जन समुदाय को इस समारोह के आयोजन एवं लोकपर्व इगास बग्वाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस समारोह के जरिए महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास किया है। राज्य सरकार इस तरह के प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने इस समारोह के आयोजन हेतु पांच लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण व संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। खेलों से संबंधित अवस्थापनाओं एवं सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। युवाओं की प्रतिभा व कौशल के विकास, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन हेतु इस बार के बजट में डेढ हजार करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि का अलग से प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का गौरव मिला है। इससे राज्य में खेल गतिविधियों को नई ऊंचाई मिलेगी और राज्य के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभाग को उजागर करने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनाघाटी क्षेत्र के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व के चलते इस क्षेत्र में पर्यटन एवं तीर्थाटन के विकास की विपुल संभावनाएं हैं। जिन्हें साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार ने यमुना घाटी क्षेत्र के धार्मिक क्षेत्रों को विकसित कर श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट विकसित करने का बीड़ा उठाया है। जिसके तहत यमुना नदी के तटों पर विभिन्न प्रकार के घाट बनाकर विशेष आरती की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इस तरह के प्रयासों से इस क्षेत्र में आजीविका के नये अवसर पैदा होंगे और आर्थिकी को भी संबल मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास को सरकार ने प्राथमिकता दी है और मुख्यमंत्री घोषणा के तहत इस क्षेत्र के लिए सर्वाधिक घोषणाएं की गई हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड के तहत इस क्षेत्र की सड़कों के चौडीकरण के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से वार्ता के बाद डामटा से आगे यमुनोत्री मार्ग के चौड़ीकरण कार्य हेतु टेंडर की प्रक्रिया संपन्न करा ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनाघाटी क्षेत्र में रेलवे लाईन के निर्माण के बावत भी केन्द्र सरकार से आग्रह किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य हित में सरकार ने अनेक ऐतिहासिक व कठोर फैसले लिए हैं। उत्तराखंड में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया गया है और समान नागरिक संहिता बनाई गई है। अवैध अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई कर पांच हजार एकड़ से अधिक जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया है। राज्यभर में यह अभियान पूरी सख्ती के साथ निरंतर जारी रहेगा। सरकारी व निजी संपत्ति को नुकासान पहॅुचाने वाले दंगाईयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उनसे नुकसान की भरपाई करने का कानून बनाया गया है। श्री धामी ने कहा कि इन्हीं ऐतिहासिक फैसलों की कड़ी में अब सशक्त भू-कानून लाने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर राज्य के विकास एवं बेहतरी के लिए जारी संदेश के अनुरूप राज्य को देश का श्रेष्ठ व विकसित राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार जन सहयोग से प्रतिबद्धता से काम करेगी।

इस अवसर पर पुरोला क्षेत्र के विधायक दुर्गेंश्वर लाल ने राज्य सरकार के निर्णयों एवं योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य विकास के नये आयाम छू रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐतिहासिक कार्यों से इस क्षेत्र की तस्वीर बदली है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल, अपर जिलाधिकारी देवानंद शर्मा, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भंडारी, मेला समिति के अध्यक्ष बचन सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र राणा, चमन सिंह चौहान, सुलोचना गौड़, दयाराम थपलियाल सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं मेला आयोजन समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय नयार उत्सव 2024 का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के ग्राम पंचायत किनसुर बागी पहुंचकर तीन दिवसीय नयार उत्सव-2024 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गंगा पूजन किया, महाशीर प्रजाति की मछली के सीड्स का प्रवाह तथा राफ्टिंग दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़ी 07 घोषणाएं की। जिसमें देवप्रयाग-सतपुली मोटर मार्ग, देवप्रयाग-बुआखाल को राष्ट्रीय राजमार्ग में विकसित करने, नांद नदी सड़क का 6 किमी का निर्माण, यमकेश्वर के अंतर्गत लक्ष्मण झूला क्षेत्र में मिनी स्टेडियम की स्वीकृति, यमकेश्वर क्षेत्र में पशुलोक मोटर मार्ग पर गंगा भोगपुर के निकट बीन नदी डबल लेन आरसीसी पुल का निर्माण, द्वारीखाल के जाखणीखाल-ढंडोली मोटर मार्ग का डामरीकरण व यमकेश्वर क्षेत्र में जमीन उपलब्ध होने पर डिग्री कॉलेज की स्थापना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि नयार उत्सव-2024 के आयोजन से एक ओर जहां इस क्षेत्र को विश्व पटल पर पहचान मिलेगी, वहीं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों से व्यापारिक आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से विकास होगा। गंगा व नयार संगम स्थल और व्यास जी की तपोस्थली के पावन तट पर आयोजित तीन दिवसीय नयार उत्सव के माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन संबंधी बुनियादी सुविधाओं का विकास और विस्तार होगा। इस तरह के महोत्सव से क्षेत्र को नई पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। पौड़ी में 100 फिट ऊँचा झंडा व पार्क का निर्माण, त्रिशूल पार्क का निर्माण, पौराणिक केदारनाथ-बद्रीनाथ पैदल मार्ग को पुनर्जीवित किया है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी किनारे गंगा संस्कृति केंद्र का कार्य किया जा रहा है। धारी देवी मंदिर में सुधारीकरण कार्य, पौड़ी के पुराने कलक्ट्रेट को हेरिटेज भवन के रूप में, श्रीनगर गोला पार्क का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंगटाली पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की देवतुल्य जनता से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था। इसे राज्य में जल्द लागू किया जायेगा। राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। रोजगार के साथ स्वरोजगार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 03 सालों में 17 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई हैं।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक फैसले लिये गये हैं। हाल ही में कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिए गए हैं कि गरीब महिलाओं को वर्ष 2027 तक 3-3 सिलेंडर मुफ्त दिए जाने, वन्यजीव संघर्ष में घायलों को अटल आयुष्मान योजना से मुफ्त उपचार किया जायेगा।

इस अवसर पर विधायक रेनू बिष्ट, राजकुमार पोरी, जिलाध्यक्ष भाजपा सुषमा रावत, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र राणा, ग्राम प्रधान किनसूर बागी दीपचंद शाह उपस्थित थे।