हल्द्वानी अतिक्रमण विवादः डीएम वंदना को कट्टरपंथियों से ट्रोलिंग, जनता ने किया समर्थन

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली जिलाधिकारी वंदना सिंह सोशल मीडिया पर चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। कुछ कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करवा रहे थे और उनके खिलाफ भड़काऊ अभियान चला रहे थे।

अब्दुल मलिक पर कार्रवाई का नतीजा?

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कट्टरपंथियों ने डीएम वंदना के खिलाफ “#अरेस्ट_वंदना_सिंह” ट्रेंड चलाया। उन पर आरोप लगाते हुए सांप्रदायिक रंग दिया गया। सोशल मीडिया ट्रेंड के विश्लेषण से पता चला कि इसमें ज्यादातर एक समुदाय विशेष के कट्टरपंथी समूह शामिल थे।

कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस और झूठा माहौल

इसी कट्टरपंथी मानसिकता से ग्रसित कुछ लोगों ने दिल्ली प्रेस क्लब में डीएम के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये लोग कभी बनभूलपुरा गए ही नहीं थे, लेकिन वहां से एक वीडियो के आधार पर वंदना सिंह के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। यही गिरोह अक्सर लोगों को भड़काने के लिए जाना जाता है।

सच सामने आया, मिला जनता का विश्वास

लेकिन सच छिपाए नहीं छिपता। जैसे ही सच्चाई सामने आई, सोशल मीडिया साईट एक्स पर “#isupportdmvandana” ट्रेंड शीर्ष पर चला गया। राष्ट्रीय मीडिया में भी डीएम वंदना की चर्चा होने लगी। शायद उत्तराखंड में पहली बार किसी डीएम ने इतनी ख्याति प्राप्त की, उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा सपोर्ट और फॉलो किया जा रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह अराजक तत्वों पर सम्पूर्ण नारी शक्ति का तमाचा है।

सरकार का समर्थन, डीएम की निष्ठा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम में डीएम का समर्थन किया, जिससे वह बिना किसी दबाव के अपना कर्तव्य पूरा कर सकीं। डीएम वंदना ने साबित किया कि अगर आप सत्य के साथ खड़े हों तो कोई ताकत आपको झुका नहीं सकती। उन्होंने सरकार और सीएम धामी को हर परिस्थिति में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद दिया।

सीएम धामी की बड़ी घोषणा, वनभुलपुरा में अतिक्रमण स्थल पर पुलिस थाना बनेगा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी के वनभुलपुरा की घटना पर हरिद्वार में आक्रमक दिखे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वनभुलपुरा में अतिक्रमण वाले स्थान पर पुलिस थाना बनाया जाएगा। इसके अलावा देवभूमि में कानून को तोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द घटना के लिए जिम्मेदार सभी षड्यंत्रकारी सामने लाये जांएगे।

हरिद्वार में नारी शक्ति महोत्सव को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हल्द्वानी के वनभुलपुरा की घटना निंदनीय है। जिस तरह से अराजक तत्वों ने महिला पुलिस कर्मियों, पुलिस फोर्स के जवानों और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने गई टीम के साथ अभद्रता की, वह देवभूमि में बर्दाश्त करने लायक नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वनभुलपुरा मामले में कानून अपना काम कर रहा है। सभी अतिक्रमण को हटाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषण की कि अतिक्रमण वाले स्थान पर पुलिस थाना बनाया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा और लोहाघाट (चंपावत) में भी हल्द्वानी की घटना पर कहा था कि वनभुलपुरा की घटना के सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। सरकार अतिक्रमण पर न झुकेगी, न रुकेगी और सभी अतिक्रमण हटाते रहेगी।

नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेसी दल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। उन्होंने हल्द्वानी के बनभूलपुरा मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस घटना को गंभीरता से लेकर उपद्रवग्रस्त क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए त्वरित कार्यवाही की गई है। इस घटना की जांच के लिये आयुक्त कुमाऊं को मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।

प्रतिनिधिमण्डल द्वारा मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की भी बात की गई। उनका यह भी कहना था कि प्रदेश में कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों का वे भी समर्थन नहीं करते हैं। प्रतिनिधिमण्डल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, फुरकान अहमद, आदेश चौहान, ममता राकेश एवं सुमित हृदयेश आदि शामिल थे।

मुख्य सचिव ने डीएम नैनीताल व एसएसपी को दिए निरंतर सर्तकता बनाने के निर्देश

हल्द्वानी के बनभूलपुरा के हिंसा प्रभावित क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी नैनीताल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को स्थिति पर निरन्तर सर्तकता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। राधा रतूड़ी ने बनभूलपुरा थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को आम जनता की सुरक्षा एवं शान्ति को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने हेतु कड़े निर्देश दिए हैं।

इस दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सुशीला तिवारी हॉस्पिटल पहुंचकर घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने डॉक्टर्स को घायलों को आवश्यक उपचार के साथ ही उनका मनोबल बनाए रखने की हिदायत भी दी।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी डीआईजी कुमाऊँ, जिलाधिकारी नैनीताल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा अन्य उच्च अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक की।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। हालात सामान्य है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। बनभूलपुरा के प्रभावित क्षेत्र के अलावा हल्द्वानी समेत अन्य इलाकों में ऐसी घटना ना हो इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमो को तैनात किया गया है। उन्होंने आम जनता की क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सराहना की। सीएस ने कहा कि स्थिति का जायजा ले लिया गया है, मुख्यमंत्री स्थिति की निरंतर जानकारी ले रहे हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जनता से अफवाहों से बचने और शांति व्यवस्था बनाने की अपील की।

इस दौरान पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, जिलाधिकारी वंदना, डीआईजी योगेन्द्र रावत, एसएसपी पीएन मीणा सहित अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे ।

हल्द्वानी समाचारः वनभूलपुरा में कानून व्यवस्था बनाने के सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एडीजी कानून और व्यवस्था ए.पी अंशुमान को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशांति फैलाने की घटना को सख्ती से लेते हुए अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलाधिकारी नैनीताल से निरंतर समन्वय बनाकर रखें। उन्होंने एडीजी कानून व्यवस्था और जिलाधिकारी नैनीताल को घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा आगजनी और पथराव करने वाले एक – एक दंगाई की पहचान कर उन पर करवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त से सख्त करवाई की जाय।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव/ एडीजी अमित सिन्हा, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव जे. सी कांडपाल उपस्थित थे।

सीएम ने दिए अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की घटना को गम्भीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के सख्त निर्देश भी दिये है।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में गुरूवार को सांय मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव राधा रतूडी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार तथा अन्य उच्चाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से शान्ति बनाये रखने की अपील करते हुए अराजक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी निरंतर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रयासरत रहे।
जिलाधिकारी द्वारा दूरभाष पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अशान्ति वाले क्षेत्र बनभूलपुरा में कर्फ्यू लगाया गया है तथा स्थिति को सामान्य बनाये रखने के लिये दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिये गये है।

प्रदेश के विकास के लिए हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान जरूरी- धामी

हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कालेज में गुरुवार को ईजा-बैंणी महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें नैनीताल समेत अन्य जिलों से करीब 40 स्वयं सहायता समूहों ने पहाड़ी उत्पादों के स्टाल लगाए। महोत्सव में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के लिए 713 करोड़ की 66 योजनाओं का लोकार्पण और 193 योजनाओं का शिलान्यास किया।
ईजा बैंणी महोत्सव को लेकर आर्मी गेट से लेकर एमबी इंटर कॉलेज चौराहे तक पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र छोलिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। तिकोनिया चौराहे से दुर्ग सिटी सेंटर चौराहे तक दोनों तरफ हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया इस दौरान स्कूली बच्चे व महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का महिलाओं ने दुर्गा सिटी सेंटर में फूल मालाओं के साथ कलश यात्रा कर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल में पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम 713 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया तथा साथ ही प्रदेश के अन्य जनपदों के विकास योजनाओं का भी शिलान्यास व लोकार्पण वर्चुअल माध्यम से किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल में महिला समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। जहां महिलाएं मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहीं थी। वहीं मुख्यमंत्री ने भी महोत्सव में पहुंची महिलाओं का पुष्प वर्षा कर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कन्या पूजन और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए महिलाओं का योगदान बहुत जरुरी है। कहा कि मातृ शक्ति के सहयोग से राष्ट्र का संपूर्ण विकास होगा। इस दौरान उन्होंने व्यवसाय के क्षेत्र में स्टार्ट अप कर रही महिलाओं से बात कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उत्कृष्ट महिला उद्यमी महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें लीला मटियाली, कमला नेगी, कृति, मिनाक्षी खाती, श्रद्धा कांडपाल, हेमा परगांई, कमला नेगी, पूजा रावत, कमला अरोड़ा, गुंजन, निर्मला देवी, कोमल अधिकारी, मनोरमा, खष्टी राघव को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणाएं
ईजा बैंणी महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिले के लिए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं की। जिसमें मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर राजौरी में शहीद संजय बिष्ट की याद में रातीघाट स्थित इंटर कालेज को शहीद संजय बिष्ट इंटर कालेज के साथ हली मोटर मार्ग को शहीद संजय बिष्ट के नाम से जानने की घोषणा की। साथ ही राजकीय इंटर कालेज कालाढूंगी में सड़क का विस्तार, हल्द्वानी गौवंश संरक्षण के लिए जल्द ही गौशाला निर्माण, शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट का क्षमता विकास, रानीबाग पुल का निर्माण करने की बात कही।

हल्द्वानी हरित कोयला परियोजना
नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम एवं एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) के मध्य एमओयू किया गया। अनुमानित परियोजना लागत 230 करोड है जिसे एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड एनवीवीएन), एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा ही वहन किया जाना है। यह उत्तराखंड की प्रथम सुविधा है जो नगरीय ठोस अपशिष्ट को हरित चारकोल में बदलेगी। गौला रौखड़ (गौला बायपास रोड), हल्दवानी में प्लांट प्रस्तावित है।
भारत सरकार के द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करने के लिए हल्द्वानी में एक ‘वेस्ट टू चारकोल’ सुविधा स्थापित की जाएगी। जिसमें नगर निगम द्वारा एकत्रित किया गया 500 टन प्रति दिन (टीपीडी) नगरीय ठोस अपशिष्ट (एम.एस.डब्ल्यू.) को चारकोल में प्रसंस्कृत किया जायेगा। यह सुविधा पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करेगी।
यह परियोजना हल्द्वानी के लिए महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करेगी, जो कूड़े से मुक्त शहरों के रूप में होगा, जो भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा। इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में 1.5 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड में कमी की उम्मीद है।

पहाड़ी उत्पादों की अम्मा की रसोई का लिया स्वाद
पहाड़ का मोटा अनाज यानी श्री अन्न द्वारा निर्मित स्वादिष्ट व्यंजनों का स्टालों से प्रदर्शन किया गया। महोत्सव में पहुंचे लोगों ने झंगोरे की खीर, मंडवे की पूरी, पिंडालु, दाल के पकोड़े, गहथ के दुबके आदि का स्वाद लिया। राज्य के उत्पाद अपने स्वाद के साथ ही पौष्टिकता से भरपूर है। जहां कंडाली का सेवन एनीमिया में फलदायक है वही मंडवे में दूध से अधिक कैल्शियम पाया जाता है।

हथकरघा, ऐपण, स्वयं सहायता समूह के लगभग 40 स्टालों की प्रदर्शनी
महोत्सव में लाइव कला का प्रदर्शन कर रहे कुम्हार के साथ घड़ा बनाने में हाथ बढ़ाकर मुख्यमंत्री ने कारीगरों का मनोबल और मान बढ़ाया। वहीं वोकल फॉर लोकल उत्पादों का प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा कि लोकल उत्पाद पहाड़ की पहचान के साथ ही राज्य की आर्थिकी में भी सहायक है। विदेशों में उत्तराखंड के हथकरघा और हस्तकला की मांग बढ़ती जा रही है। हमें राज्य की कलाओं को संरक्षण और संवर्धन के साथ ही बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी कार्य रहे है जिससे कलाकारों को उनके उत्पादों की विदेशों के साथ ही देश में भी उचित दाम मिल सके। महोत्सव में लगभग 40 स्टालों की प्रदर्शनी लगाई गई और उनकी अच्छी खासी बिक्री भी हुई।

नंदा गौरा योजना की तिथि बढ़ाई
महोत्सव में पहुंची महिला सशक्तिकरण एवम् बाल विकास मंत्री और नैनीताल प्रभारी रेखा आर्या ने महिला समूहों और महिला हित के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं छोटे छोटे उद्योग और पहाड़ी उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही है। जो कि राज्य के लिए गर्व की बात ही। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना की आवेदन तिथि 20 दिसंबर बढ़ा दी गई। इच्छुक प्रतिभागी 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

जिलाधिकारी वंदना चौहान ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा आज के समय में महिलाओं को उद्योग से जुड़ने के लिए संसाधन बहुत हैं। साथ ही सरकार भी महिलाओं को सशक्त बनाने के हर संभव कार्य कर रही है। समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराईयों और कुरुतियों को हटाने के लिए हम सबको आगे आना होगा।

जमरानी बांध परियोजना से कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बांध परियोजना के निर्माण से हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या का हल होगा तथा विद्युत उत्पादन भी होगा। उत्तराखण्ड के जनपद नैनीताल में काठगोदाम से 10 कि०मी० अपस्ट्रीम में गौला नदी पर जमरानी बांध (150.60 मी0 ऊंचाई) का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना से लगभग 1,50,000 हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होगा, साथ ही हल्द्वानी शहर को वार्षिक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराए जाने तथा 63 मिलियन यूनिट जल विद्युत उत्पादन का प्रावधान है। वर्ष 1975 से वित्त पोषण के अभाव में परियोजना का निर्माण प्रारम्भ नहीं हो सका था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वृहद एवं मध्यम) के अन्तर्गत जमरानी बांध परियोजना के वित्त पोषण हेतु निवेश स्वीकृति एवं जल शक्ति मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। भारत सरकार द्वारा रू0 1730.20 करोड़ की स्वीकृति पी०एम०के०एस०वाई० में 90 प्रतिशत (केन्द्रांश), उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का संयुक्त रूप से 05-05 प्रतिशत (राज्यांश) के अन्तर्गत प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। जमरानी बांध परियोजना से प्रभावित 351.55 हेक्टेयर वन भूमि सिंचाई विभाग को हस्तांतरित करने हेतु वन भूमि (स्टेज-2 ) अंतिम स्वीकृति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा माह जनवरी 2023 में प्रदान कर दी गयी है। इससे प्रस्तावित बांध निर्माण की राह और आसान होगी तथा परियोजना प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु प्राग फार्म की प्रस्तावित 300.5 एकड़ भूमि का प्रस्ताव दिनांक 18 मई 2023 को उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट में पारित किया जा चुका है। उपरोक्त प्रस्तावित भूमि को शीघ्र ही सिंचाई विभाग को हस्तांतरित किये जाने के लिए भी कार्यवाही गतिमान है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लखवाड़ प्रोजेक्ट से भी उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा को पानी का लाभ मिलेगा। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसकी अंतिम मंजूरी दे चुके हैं। लखवाड़ परियोजना के तहत उत्तराखंड देहरादून जिले के लोहारी गांव के पास यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनेगा। बांध की जल संग्रहण क्षमता 330.66 एमसीएम होगी। इससे 33,780 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। इसके साथ ही इससे यमुना बेसिन क्षेत्र वाले छह राज्यों में घरेलू तथा औद्योगिक इस्तेमाल और पीने के लिए 78.83 एमसीएम पानी उपलब्ध होगा। प्रोजेक्ट के तहत संग्रहित जल का बंटवारा यमुना के बेसिन क्षेत्र वाले छह राज्यों के बीच 12 मई 1994 को किये गये समझौते के अनुरूप होगा। इस प्रोजेक्ट से पैदा होने वाली बिजली पर सिर्फ उत्तराखंड का हक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए उत्तराखंड में ’’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’’ का आयोजन किया जा रहा है। देश और विदेशों हुए रोड शो में अब तक 65 हजार करोड़ के एमओयू साइन भी किए जा चुके हैं। लंदन, बर्मिघम, दुबई, अबु धाबी में इंटरनेशनल रोड शो किए हैं। इसके अलावा दिल्ली, चेन्नई रोड शो आयोजित किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, सरिता आर्य, अध्यक्ष कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड (मंडी) अनिल डब्बू, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

अधिकारी बैठक में प्रतिभाग करने से पहले अपना होमवर्क कर बैठक में सम्मिलित होः सीएम

हल्द्वानी शहर के विकास हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 22 सौ करोड की योजनाओं पर कार्य प्रारम्भ हो गया है जिसमें 16 सौ करोड़ योजनाओं के सीवरेज और ड्रेनेज टेंडर हो चुके है जल्द ही हल्द्वानी के विकास में प्रधानमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं को अमली जामा पहनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल क्लब में कुमाऊं मंडल में गतिमान विकास कार्यों एवम सड़कों के गड्ढा मुक्त अभियान के संबंध में अधिकारियों की वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 22 जुलाई को खटीमा में वीसी के माध्यम से कुमाऊं मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि आपदा मानकों का अनुपालन करते हुए सड़क निर्माणदाई संस्था प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराए। इसके साथ ही जीर्ण शीर्ण विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रस्ताव भी उपलब्ध कराए जाए। निर्देशों के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा पूरे प्रस्ताव शासन को उपलब्ध नहीं कराए गए है। उन्होंने 20 दिन के भीतर आपदा मानकों का अनुपालन करते हुए अधिकारियों को सड़क, विद्यालय और आगनवाड़ी केंद्रों के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। तय समय सीमा में प्रस्ताव भेजने के बावजूद यदि किसी खस्ताहाल सड़क, जीर्ण शीर्ण विद्यालय और आगनवाड़ी केंद्र का प्रस्ताव विभागीय अधिकारी ने नहीं भेजा है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लक्ष्य के सापेक्ष सड़को को गड्ढा मुक्त अभियान की पूर्ति हेतु 30 नवंबर तक पूर्ति करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि लोनिवि द्वारा पूरी सड़क मार्गों की लंबाई की अपेक्षा लगभग मात्र 30 प्रतिशत सड़कों का लक्ष्य ही गड्ढा मुक्त अभियान के लिए तय किया गया है। 30 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित होने से सड़कों की स्थिति ठीक नहीं हो पाएगी। इसके आलावा कुछ ऐसी सड़के भी है जिनमें पैच रिपेयर के स्थान पर डामरीकरण की आवश्यकता है। उन्होंने लोनिवि को प्रथम चरण में कुल सड़क लंबाई की 50 प्रतिशत सड़कों को गड्ढे मुक्त हेतु लक्ष्य निर्धारित कर प्रस्ताव भेजने और जिन सड़कों में डामरीकरण की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव तैयार प्रेषित करने को कहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि उन्हें अपनी निर्माणाधीन योजनाओं की जानकारी टिप्स में होनी चाहिए। अधिकारी बैठक में प्रतिभाग करने से पहले अपना होमवर्क कर बैठक में सम्मिलित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के बाद मानसखंड और गूंजी को लेकर पर्यटकों और तीर्थयात्रियों द्वारा काफी पूछताछ की जा रही है। निश्चित तौर पर इसका सकारात्मक असर आगामी गर्मियों में देखने को मिलेगा और सैलानियों की संख्या में इजाफा होगा। इसके लिए उन्होंने आयुक्त और डीएम पिथौरागढ़ को तात्कालिक तौर पर पर्यटकों के लिए आवासीय और खान पान की अस्थाई व्यवस्था हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुमाऊं में गतिमान कार्यों की समीक्षा के लिए आयुक्त को नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा, जिससे तय समय पर गुणवत्ता युक्त कार्य पूर्ण हो सके। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग से यह फायदा होगा कि शासन स्तर पर भी योजनाओं का फॉलो अप होता रहेगा।

उन्होने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चलाकर ड्रग्स, चरस आदि की सप्लाई चेन को तोडने का कार्य किया जाए। इसके लिए पुलिस विभाग, आयुर्वेदिक, स्वास्थ्य विभाग , युवक मंगल दलों, महिला मंगल दल और अन्य संस्थाओं से भी सहयोग लेकर लोगों को जागरूक करे। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे से विरक्त हो चुके हैं उन्हें चिन्हित कर उनसे भी काउंसलिंग कराई जाए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि नशा छोड़ चुके व्यक्ति पुनः नशे की गिरफ्त में न आ सके।

इस दौरान सड़क, शिक्षा, पेयजल, कृषि, पर्यटन व लोक निर्माण के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तय समय पर विकास कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।

बैठक में विधायक नैनीताल सरिता आर्य, राम सिंह कैड़ा, दीवान सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडी परिषद अध्यक्ष डा अनिल डब्बू, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी डा योगेंद्र सिंह यादव, जिलाधिकारी नैनीताल वन्दना सिंह, एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा, सीडीओ डा संदीप तिवारी के साथ ही कुमाऊ मंडल के समस्त जिलाधिकारी और एस एस पी वीसी से जुड़े हुए थे।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने किया हल्द्वानी में अस्पतालों का औचक निरीक्षण

देहरादून। डेंगू नियंत्रण अभियान की हकीकत जानने स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार आजकल प्रदेश के दौरे पर हैं। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी जनपद के कोटद्वार के बाद आज स्वास्थ्य सचिव का काफिला कुमाऊ मंडल नैनीताल जनपद के हल्द्वानी शहर पहुँचा।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने आज हल्द्वानी का दौरा किया। उन्होंने डेंगू से निपटने के लिए किये जा रहे इंतजामों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए की गयी व्यवस्थाओं पर नाराजगी जतायी और व्यवस्थाएं दुरस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि डेंगू के मरीज के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।

बेस अस्पताल हलद्वनी का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश द्वारा आईसीयू का संचालन न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई । अस्पताल प्रशासन को जल्द से जल्द आईसीयू को चलाने के निर्देश मौके पर दिए गए। सचिव स्वस्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने बेस हॉस्पिटल पर वार्ड में जाकर मरीजों का हाल जाना अस्पताल प्रशासन को किसी भी मरीज के उपचार मैं कोई लापरवाही न हो इसके निर्देश दिये गये। उनके द्वारा द्वारा डेंगू वार्ड, आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड, डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि डेंगू के उपचार के लिये निजी व सरकारी चिकित्सालय पर आयुष्मान कार्ड द्वारा भी उपचार प्रदान किया जाएगा। जिसके निर्देश अधिकारियो को दे दिये गये है।

सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने डेंगू जांचों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की । उन्होंने अधिकारियों को जांचों में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा अधिकारी कागज पर पेन कम चलकर थोड़ा जांचों में तेजी लाएं जिससे मरीज को समय पर सही इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सचिव ने मरीजों और लोगों से भी अस्पताल में व्याप्त सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया की स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने पूरे प्रदेश के अंदर डेंगू के 307 मामले एक्टिव है।
उन्होंने बताया डेंगू को लेकर अस्पताल में बेड्स पूरी तरह से उपलब्ध हैं, उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से किसी को भी प्लेटलेट्स नहीं दी जाएगी, जरूरत पड़ने पर ही मरीज को प्लेटलेट्स दी जाएगी, डेंगू पर जो भी इलाज है, उसे अस्पताल द्वारा ठीक तरीके से नहीं किया जाएगा तो ₹50000 से लेकर ₹200000 तक का जुर्माना लगाने के प्रावधान बनाए गए हैं,

स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश की डेंगू के मामलों को लापरवाही नहीं बरती जाएगी, जो भी प्राइवेट हॉस्पिटल या सरकारी हॉस्पिटल लापरवाही करेगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वह बराबर डेंगू पर अपनी नजर बनाए रखें और डेंगू के मामले को लेकर शासन को लगातार अवगत कराए, सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में अधिक पैसा लिए जाने पर भी उन्होंने कहा की रेट निर्धारित किए गए हैं, अधिक रेट लिए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भागीरथी जोशी, मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्रधानाचार्य डा. अरुण जोशी, डॉ टिट्याल, चिकित्सा अधीक्षक सुशीला तिवारी अस्पताल, डॉ मनोज कांडपाल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ सविता ह्यांकी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बेस चिकित्सा हल्द्वानी, डा. ऊषा जंगपांगी महिला चिकित्सालय हल्द्वानी भी मौजूद थे।