प्रधानमंत्री की तरह अमित शाह का भी उत्तराखंड से विशेष लगाव-धामी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि योगपीठ में पतंजलि विश्वविद्यालय के 300 करोड़ की लागत से निर्मित प्रशासनिक ब्लॉक का लोकार्पण किया तथा पतंजलि संन्यास आश्रम के 29वें सन्यास दिवस के द्वितीय सन्यास दीक्षा महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे हर बार यहां से नई ऊर्जा और चेतना लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि परिवार आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में देश के पुनरुद्धार और पुनर्निर्माण का काम करेगा। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के तीनों क्षेत्रों में बाबा रामदेव ने विगत 25 सालों में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी आंदोलन के साथ-साथ बाबा रामदेव अब शिक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं। शाह ने कहा कि आज यहां भारतीय शिक्षा बोर्ड, पतंजलि गुरूकुलम, आचार्यकुलम और पतंजलि विश्वविद्यालय के माध्यम से मूल भारतीय परंपरा से हमारे चिरपुरातन ज्ञान को नई ऊर्जा मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का संकल्प है कि 1 लाख विद्यार्थियों वाला पतंजलि ग्लोबल गुरुकुलम और पतंजलि ग्लोबल यूनिवर्सिटी बनाएं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद के क्षेत्र में 500 से अधिक पेपर पब्लिश करने वाले दुनिया में 2 प्रतिशत लोगों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि परिवार जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी अच्छा काम कर रहा है और लगभग 1 लाख किसानों को ऑर्गेनिक खेती के साथ जोड़कर पृथ्वी और पर्यावरण की रक्षा तो की ही है, साथ ही सात्विक आहार के माध्यम से लाखों लोगों को निरामय जीवन जीने का रास्ता भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि पूरे ब्रह्मांड का कल्याण तभी होगा जब भारत का कल्याण होगा और भारत की पुरातन वैदिक संस्कृति का पुनर्रूद्धार होगा।
गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी विगत 9 वर्षों से पूरे विश्व में भारत, भारतीयता और भारत के ज्ञान को ब्रांड एम्बेसडर बनकर सम्मान दिलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के सामने 27 दिसंबर, 2014 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था और कहा था कि हमारे पुरखों ने ऐसा ज्ञान अर्जित किया है जो किसी भी दवाई के बिना मनुष्य के शरीर को निरोगी रख सकता है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को पूरी दुनिया ने स्वीकारा और आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है। शाह ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने जो ज्ञान अर्जित किया वो केवल हमारे लिए नहीं है बल्कि पूरे ब्रह्मांड के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि मोदी ने यूएन में योग दिवस को स्वीकृति दिलाकर योग के विज्ञान पर किए गए हज़ारों सालों के काम को आगे बढ़ाया और इस परंपरा को एक वैश्विक मंच दिलाने का काम किया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई काम किए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने गुलामी के कालखंड के दौरान भारत से चोरी की गईं कई मूर्तियों को विश्व के कई स्थानों से वापिस लाकर भारत में उनके वास्तविक स्थानों पर पुनर्प्रतिष्ठित करने का काम किया है। इसके अलावा हमारे कई धर्म, संस्कृतियों और राष्ट्र के सम्मान चिन्ह ऐसे ही पड़े थे, ऐसे सभी हमारे राष्ट्र के ऊर्जा केन्द्रों को एक बार फिर मोदी ने ऊर्जावान बनाने का काम किया। जल्द ही राम लला अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। उन्होंने कहा कि मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर बनाने का काम किया, केदारनाथ और बद्रीनाथ का पुनर्निर्माण ओर पुनर्विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में देशहित में तमाम ऐसे साहसिक निर्णय हुए हैं जिनसे भारत आंतरिक रूप से सशक्त हुआ है। चाहे वह जम्मू कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करने की बात हो, चाहे राम मंदिर प्रकरण के फैसले के वक्त देश में कानून व्यवस्था की स्थिति को संभाले रखने की बात हो, चाहे तीन तलाक कानून के खात्मे की बात हो या फिर नक्सलवाद और माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने का कार्य हो। इन सभी ऐतिहासिक कार्यों में उनकी विशेष भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भांति ही गृहमंत्री अमित शाह का भी उत्तराखण्ड के प्रति भी विशेष लगाव रहा है, इसी का परिणाम है कि राज्य को प्रगति की राह में आगे बढ़ाने के लिए उनका सहयोग और मार्गदर्शन हमारी सरकार को निरंतर मिलता रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिस प्रकार उसे किया जाना चाहिए था। चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो या राष्ट्र को आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा समर्पित श्री महाकाल लोक हो। आधुनिकता के संतुलित समावेश के साथ आज सनातन संस्कृति का वैभव पुनर्जीवित हो रहा है तथा भारत पुनः विश्व गुरु के स्थान पर स्थापित हो समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तैयार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और कोरोना महामारी के दौरान हम सभी इसके महत्व से परिचित भी हो चुके हैं। आज की तेजी से भागती जिंदगी में जहां चुनौतियां बहुत ज्यादा वहीं तनाव भी भरपूर है, ऐसी स्थिति से लड़ने के लिए योग ही हमें शक्ति और ऊर्जा प्रदान करने का सबसे आसान साधन है। योग और आयुर्वेद के साथ साथ स्वामी रामदेव जी और पतंजलि परिवार ने देश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु भी निरंतर कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता से हमें पूरा समर्थन मिल रहा है राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष के दौरान जनता के विश्वास को और भी अधिक सुदृढ़ किया है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमने पार कर लिए हैं और कई पड़ाव अभी पार करने हैं। इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता से किए अपने वादों को या तो पूरा किया है या फिर उन्हें पूरा करने कि दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करना हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, नई शिक्षा नीति लागू करना हो, नई खेल नीति लागू करना हो, सख्त नकल विरोधी कानून हो, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देना हो… हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वाेपरि हैं।
कार्यक्रम को स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने भी सम्बोधित करते हुये पतंजलि की विकास यात्रा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये कहा कि देश के निरन्तर आर्थिक विकास में पतंजलि का हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है।
पतंजलि परिसर पहुंचने पर केन्द्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत, सांसद हरिद्वार डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक आदि गणमान्य महानुभावों का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। इस मौके पर पतंजलि के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने मलखम्भ पर हैरतअंगेज करतब प्रदर्शित कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र के0एस0 नगन्याल, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने वैश्य बंधु समाज द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन वार्षिकोत्सव में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल में वैश्य बन्धु समाज, मध्य हरिद्वार द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन वार्षिकोत्सव व पारिवारिक मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैश्य बंधु समाज द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन वार्षिकोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुये कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का जीवन सदैव जनसेवा और सद्कार्यों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सदैव समाज के हित के बारे में सोचा और जनकल्याण के साथ- साथ समाज को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए एक नई सोच विकसित करने का कार्य किया तथा पूरे विश्व को संदेश दिया कि समाज को परस्पर जोड़कर किस प्रकार सभी को समृद्ध और खुशहाल बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन के जीवन तथा व्यवहार-दर्शन में हर समाज के लिए सफलता का मूलमंत्र छिपा है। अग्रवाल समाज का राजाओं के राज में, आजादी के आंदोलन में और आजादी के आंदोलन के बाद लोकतंत्र के विकास में, हर दौर में समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है तथा आज अग्रवाल समाज हर क्षेत्र में सेवा व समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह महाराजा अग्रसेन जी ने समाज के हर वर्ग के लिए समर्पण भाव से सोचा, उसी तरह आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की मूल भावना से कार्य करते हुए हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाराजा अग्रसेन जी ने हर वर्ग के कल्याण का जो सपना देखा था उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी केंद्र व राज्य सरकार मिलकर धरातल पर उतारने हेतु कार्य कर कर रही है तथा देश व प्रदेश के अन्दर एक नई कार्य संस्कृति आई है, जिसके परिणामस्वरूप विश्व में भारत की विश्वसनीयता निरन्तर बढ़ रही है और एक समरस, सशक्त तथा समर्थ भारत बन रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब पांचवें नम्बर की अर्थव्यवस्था बन गयी है तथा आज का नवीन भारत पारम्परिकताओं के साथ ही नये बदलाओं को भी आत्मसात कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व न केवल हमारी शक्ति और ज्ञान परंपरा से परिचित हो रहा है बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में हमारा अनुसरण करने को भी तत्पर है। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा उठाये गये ठोस कदमों का उल्लेख करते हुये कहा कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार है, धर्मान्तरण के सन्दर्भ में भी हमने ठोस कदम उठाये हैं, नकल के लिये भी सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें उम्रकैद से लेकर सारी सम्पत्ति जब्त करने की व्यवस्था है तथा इसके अतिरिक्त महिला शक्ति को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्राविधान किया गया है। इस मौके पर देवपुरा चौक स्थित महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा के शिलान्यास शिलापट्ट का अनावरण भी किया गया।
समारोह को राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, संदीप गोयल, रविदासाचार्य पूर्व विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, डॉ0 विशाल गर्ग, सुधीर अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल, राजीव गुप्ता, लोकेश गुप्ता, मनोज गर्ग, अनुपम अग्रवाल, धीरेन्द्र गुप्ता, डॉ0 गौरव गोयल, आदित्य बंसल, शिवम गुप्ता, पराग, सुधीर अग्रवाल, नितिन गोयल, गगन गुप्ता, कमल अग्रवाल, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, सिटी मजिस्ट्रेट नूपुर वर्मा सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

आयुर्वेद मात्र बीमारियों का इलाज ही नहीं बल्कि शरीर को बीमार होने से भी रोकता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ऋषिकुल के सभागार में आयोजित प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय पशु चिकित्सा एवं आयुर्वेद संगोष्ठी में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत वैदिक काल से ही आयुर्वेद द्वारा पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारंपरिक ज्ञान को लागू करने वाला प्रमुख देश रहा है। उन्होंने कहा कि ’’सर्वे संतु निरामया’’ का संदेश देने वाला पंचम वेद अर्थात आयुर्वेद हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ’’पंचप्राण’’ विकास रणनीति में देश के विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी इसी समृद्ध प्राचीन विरासत और पारंपरिक ज्ञान को सहेजने पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति ही नहीं अपितु आदर्श जीवन जीने का तरीका भी है। यह मात्र बीमारियों का इलाज नहीं करता बल्कि आयुर्वेद को अपनाकर हम अपने शरीर को बीमार होने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन हमारे देश की बड़ी ताकत है, जिन्हें बचाना हमारा प्रमुख कर्तव्य है और मानव संसाधन के साथ ही आयुर्वेद के प्रयोग द्वारा हम अपने पशुधन को भी रोगमुक्त रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक पशु चिकित्सा द्वारा पशुओं के रोग निवारण और रोग नियंत्रण के लिए प्रदेश में मौजूद हर्बल संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोराना काल में हम आयुर्वेद का महत्व अच्छी तरह समझ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में मनुष्यों से भी अधिक पशुओं में एंटीबॉयोटिक्स का इस्तेमाल करने पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि यह स्थिति पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे लिए भी अत्यंत हानिकारक है, जिसे हम आयुर्वेद को अपनाकर ही नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियों का भण्डार होने के कारण यहां आयुर्वेद का और भी अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति का वरदान है। यहां अनेकों नदियां बारहों महीने बहती हैं तथा 71 प्रतिशत भू-भाग वनों से अच्छादित है तथा हर क्षेत्र में अब पहाड़ का पानी व जवानी दोनों काम हा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आयुष और आयुर्वेद के क्षेत्र में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं और आयुर्वेद से होने वाले लाभों को आमजन तक पहुंचाने के लिए भी प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 300 आयुष हैल्थ व वेलनेस केन्द्रों के संचालन एवं 150 पंचकर्म केन्द्रों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। आयुर्वेद, होम्योपैथी व नेचुरोपैथी के विकास द्वारा रोजगार व आर्थिकी को भी व्यापक विस्तार देते हुये, इसके लिए हम प्रयासरत हैं।

उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने प्रदेश में राज्य पशुधन मिशन शुरू किया है, इसके तहत 60 करोड़ का निवेश किए जाने की योजना बनाई गई है। इससे सात हजार पशुपालकों को प्रत्यक्ष और दस हजार पशुपालकों को अप्रत्यक्ष रोजगार का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गांवों में दुनिया की सबसे समृद्ध और सबसे कुशल पशु स्वास्थ्य परंपरा मौजूद है। यह ज्ञान पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पशु चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूती प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कार्य भी किये जा रहे हैं और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिये पशु चिकित्सालयों में आयुर्वेद से संबंधित औषधियों की आपूर्ति बढ़ाने का कार्य निरन्तर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम जहां एक ओर अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रहे हैं वहीं ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ ही सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर पशुधन विकास और आयुष सहित अनेकों क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने इस बार के बजट में स्थानीय निकायों में पशुधन, गौ सदन के निर्माण के लिए 14.15 करोड़ का प्रावधान किया है वहीं, गौ पालन योजना के लिए 2.79 करोड़ का प्राविधान भी अलग से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण व संतुष्टि के मंत्र के तहत निरन्तर कार्य कर रही है तथा आजादी के अमृत काल में उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होनी वाली है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण के विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति में सभी का सहयोग अपेक्षित है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गंगा, गौमाता व पर्यटन पर विस्तृत प्रकाश डाला।

समारोह में बोलते हुये स्वामी बाबा रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद का जितना महत्व है, उतना ही गौमाता का भी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज सम्भव है तथा आयुर्वेद का भविष्य उज्ज्वल है।

इस अवसर पर केएन राघवेन्द्र, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रोफेसर सुनील जोशी, डॉ0 हेमेन्द्र यादव, प्रेम चन्द्र शास्त्री, हरिशंकर शर्मा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

ओबीसी मोर्चें के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सीएम ने किया सम्बोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित ओबीसी मोर्चे के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने अगर सच्चे मन से ओबीसी समाज के उत्थान का कार्य किया है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ लेने के बाद कहा था कि उनकी सरकार गरीबों व पिछड़ों को समर्पित सरकार है, अपने अद्वितीय कार्यों द्वारा उन्होंने अपने इस संकल्प को चरितार्थ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरेणा से हमारी सरकार भी लगातर प्रदेश की जनता की सेवा में लगी है। आज, चाहे जन धन योजना हो, आवास योजना हो, आयुष्मान भारत योजना हो, उज्जवला योजना हो, किसान सम्मान निधि हो या फिर 80 करोड़ लोगों को राशन देने का कार्य हो मोदी सरकार ने हर योजना को गरीबों और पिछड़ों को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना है कि ओबीसी समाज राष्ट्र की मुख्यधारा में स्थापित हो। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल इंडिया तक विश्वस्तरीय कार्य हो रहा है और देश में निवेश लाने के लिए हाईवे, एयरपोर्ट और पोर्ट की संख्या 2014 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी हैं। एक ओर हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए हमारे साथ खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री द्वारा देश के विकास के लिए दिए गए मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास“ को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। विकास में सभी की भागीदारी होना अत्यंत आवश्यक है। तथा सभी को अपनी क्षमता के अनुसार देश के विकास में योगदान करने का मौका मिले, चाहे वह पिछड़े समाज का हो, दलित समाज का हो, आदिवासी समाज का हो या सवर्ण समाज का हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1955 में कालेलकर कमीशन ने अपनी एक सिफारिश में कहा कि ओबीसी कमीशन को एक संवैधानिक मान्यता दी जाए। तब से न जाने कितनी सरकारें आई। ओबीसी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल प्रयासों से ही न्याय मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अंत्योदय का नारा दिया है तथा अंत्योदय भाव से गरीबों के कल्याण का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने 1.76 लाख अन्त्योदय कार्डधारको को तीन सिलेंडर मुफ्त देकर अपने संकल्प को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने ओबीसी समाज के सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे केंद्र व प्रदेश सरकार के अच्छे कार्यों की जानकारी जनता को देने का भी कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किये गये अपने वायदो के अनुरूप प्रदेश में बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्तर पर भर्ती परीक्षाओं में जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है साथ ही प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने युवाओं के हित में भर्ती घोटालों की प्रारंभिक जांच कराने का दूरदर्शी निर्णय लिया। इसमें अबतक 60 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाए। इसी उद्देश्य से उत्तराखण्ड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। इतना सख्त कानून बनाने का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल रहे। युवाओं को अपनी मेरिट के आधार पर नौकरी मिलें। देश में इतना सख्त कानून किसी भी अन्य राज्य में नही है। अब जो कोई भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ करेगा, उसे उम्र कैद और 10 साल की सजा दी जाएगी। साथ ही संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें आप सबके साथ की जरूरत है।

इस अवसर पर सांसद एवं ओबीसी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के0लक्ष्मण, केन्द्रीय मंत्री बी.एल वर्मा, सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद कल्पना सैनी, ओबीसी मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने की बास्केटबॉल टूर्नामेंट के समापन पर शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर आश्रम में डिस्ट्रिक्ट बास्केटबॉल एसोसिएशन हरिद्वार द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बास्केटबॉल इन्विटेशन टूर्नामेंट के समापन अवसर पर प्रतिभाग कर पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने इस मौके पर रानीपुर विधायक आदेश चौहान के अनुरोध पर हरिद्वार में जगह चिह्नित कर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बास्केटबॉल कोर्ट बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आये बास्केट बाल खिलाड़ियों का स्वागत करते हुये कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता उत्तराखण्ड में पहली बार आयोजित होना अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इससे भी बड़ी प्रतियोगिता यहां आयोजित की जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल हमारे चहुंमुखी विकास के लिये बहुत जरूरी हैं तथा समूह में टीम भावना से कैसे काम करना है, इसकी प्रेरणा हमें खेलों से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से खेलों में योग्यता, प्रतिभा, क्षमता तथा पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखते हुये खिलाड़ियों का चयन किया जाता है, जिससे भारत का झण्डा विश्व में बुलन्द हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने खेल कोटा पुनः लागू करने का निर्णय लिया है तथा हमारे खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं एवं भारत हर क्षेत्र में विश्व गुरू बनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पहले कहावत थी कि खेलोगे, कूदोगे होओगे खराब, लेकिन अब हजारों बच्चे खेल के क्षेत्र में भी अपना कैरियर बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा निर्देशन में हमारी सरकार उत्तराखंड को “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड“ बनाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड“ के निर्माण के लिए युवाओं का सशक्तिकरण जरूरी है इसके लिये हमारी सरकार पूर्ण रूपेण संवेदनशील है। हमारी सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और बेहतर खेल सुविधायें दोनों प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। हमने नई खेल नीति बनाकर अपने युवा खिलाड़ियों का ध्यान रखने का कार्य किया है। नई खेल नीति में राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान भी सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया, खिलाड़ियों के साथ बास्केटबॉल भी खेला तथा अखिल भारतीय बास्केट बाल इन्वीटेशन टूर्नामेंट में जिन आठ टीमों-ओएनजीसी, रेड आर्मी, कोलकत्ता टीम, इण्डियन एयर फोर्स, ग्रीन आर्मी, दिल्ली, चण्डीगढ, पंजाब पुलिस ने भाग लिया था, उनमें से रेड आर्मी तथा इण्डियन एयर फोर्स, जिनका मुकाबल फाइनल में हुआ था, उनका रोमांचक मैच भी मुख्यमंत्री ने देखा, जिसमें रेड आर्मी ने विजय हासिल की तथा इण्डियन एयर फोर्स रनर अप रही, जिसमें विजेता टीम रेड आर्मी को एक लाख रूपये तथा रनर अप टीम इण्डियन एयर फोर्स को 51 हजार का प्रतीकात्मक चेक तथा ट्राफी मुख्यमंत्री ने पुरस्कार के रूप में प्रदान की। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले कई बास्केट बाल खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम को हरिद्वार विधायक मदन कौशिक तथा रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिद्वार संदीप गोयल, जिला भाजपा अध्यक्ष रूड़की शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित उदीयमान खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित थे।

सुब्रमण्यम स्वामी कल हरिद्वार में करेंगे प्रेसवार्ता

पूर्व कानून मंत्री व बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी 26 और 27 फरवरी को हरिद्वार प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान स्वामी विधानसभा के बर्खास्त कर्मचारियों के पक्ष में प्रेस को संबोधित भी करेंगे।
बता दें कि विगत दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के अनुसार अपनी बेबाकी के लिए मशहूर पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने विधानसभा कर्मियों के निष्कासन को पूरी तरह से गलत बताया और सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर या किसी अन्य स्तर से जो भी सम्भव हो, कर्मचारियों के पक्ष में न्याय संगत कार्यवाही करने का सुझाव दिया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि एक ही राज्य में एक ही तरह से लगे कर्मचारियों के साथ अलग अलग भेदभाव किया जाना ठीक नही है। सुब्रमण्यम स्वामी ने पिछले दिनों विधानसभा के बर्खास्त कर्मचारियों के पक्ष में उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर नई हलचल पैदा कर दी थी।
बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी का हरिद्वार भ्रमण का दो दिवसीय प्रोटोकॉल भी जारी हो चुका है। गौरतलब है कि सुब्रमण्यम को जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है। प्रशासन ने उनके आगमन को लेकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की है। उनके प्रोटोकॉल के अनुसार 26 तारीख को वह 8 बजे दिल्ली से सड़क मार्ग से चलेंगे। उसके बाद हरिद्वार में पहुंचकर राज्य अतिथि आवास, डामकोठी में 2.30 बजे से 3.30 बजे तक पत्रकार वार्ता के दौरान प्रेस को संबोधित करेंगे। सुब्रमण्यम स्वामी हरिद्वार में गंगा आरती सहित अन्य कार्यक्रमों में भी प्रतिभाग करेंगे।

आयोग ने कहा-अफवाह का हिस्सा ना बनें, नही तो नए अध्यादेश के तहत होगी कार्रवाई

राजस्व उप निरीक्षक परीक्षा 2022 की लिखित परीक्षा दिनांक 12 फरवरी, 2023 (रविवार) को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 01 बजे तक राज्य के 13 जनपदों में कुल 498 परीक्षा केन्द्रों पर सकुशल आयोजित की गयी। उक्त परीक्षा में कुल आवेदित अभ्यर्थियों 1,58,210 के सापेक्ष 1,03,730 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। उक्त उपस्थिति 65.60 प्रतिशत रही।
कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा प्रश्नपत्र की पेपर सील की गोपनीयता के सम्बन्ध में व्यक्त संदेह और भ्रांतियों के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि प्रश्नपत्र प्रेस द्वारा बॉक्सों शील्ड किया जाता है। उक्त बॉक्सों के अंतर्गत लिफाफों में (पाली बैग्स) प्रश्न पत्र शील्ड होते हैं। गोपनीय सामग्री के प्रेस से आयोग में उपलब्ध होने व आयोग से जनपदों को उपलब्ध कराये जाने तथा परीक्षा तिथि को कोषागार से सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों को उपलब्ध कराते समय अर्थात प्रत्येक स्तर पर वीडियोग्राफी की जाती है। उक्त गोपनीय सामग्री वाले बॉक्स प्रधानाचार्य व केन्द्र प्रभारी के कक्ष में कक्ष निरीक्षक की उपस्थिति में खोले जाते हैं, जिसकी वीडियोग्राफी की जाती है। प्रत्येक प्रश्नपत्र पर पेपर शील लगी होती है, जिसकी कभी-कभी यातायात के दौरान टूटने की संभावना हो सकती है। उक्त प्रश्नपुस्तिका की पेपर शील को कक्ष निरीक्षक के निर्देश पर अभ्यर्थियों द्वारा खोला जाता है ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर व समय मिल सके। अतः प्रश्नपत्र की गोपनीयता संरक्षित है तथा कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा व्यक्त संदेह निर्मूल है। कतिपय लोगों द्वारा इस विषय मे भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है, जिनके विरुद्ध नए नकल विरोधी अध्यादेश के सुसंगत प्राविधानो के तहत कार्यवाही की जाएगी।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा-परीक्षार्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ0 राकेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया है कि अभ्यर्थियों के भविष्य एवं हितों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2023 के दौरान आयोग द्वारा लगभग 32 परीक्षाओं का आयोजन कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिसके दृष्टिगत ही राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी व लेखपाल) परीक्षा-2022 अपनी निर्धारित तिथि 12 फरवरी, 2023 को राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जाएगी।
कतिपय लोगों द्वारा विभिन्न मंचों एवं विशेष तौर पर मीडिया के माध्यम से दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित इस पटवारी व लेखपाल परीक्षा के परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आगामी परीक्षाओं के बारे में अनेक शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इस बारे में स्पष्ट करना है कि जैसे ही पुलिस विभाग से इस बारे में आयोग को पुष्ट सूचना दी गई, आयोग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित पटवारी व लेखपाल परीक्षा-2022 को निरस्त किया गया तथा अभ्यर्थियों की सुविधार्थ लगभग एक माह का समय देते हुए एवं उनकी परीक्षा तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पटवारी परीक्षा हेतु 12 फरवरी, 2023 तिथि घोषित कर दी गई थी।
साथ ही वर्ष 2022 में हुई एई व जेई परीक्षा के बारे में भी विभिन्न माध्यमों द्वारा संदेह जाहिर करने के उपरान्त एक आन्तरिक जांच के लिए आदेश दिए गए। आन्तरिक जांच में संदेह व्यक्त करने के दृष्टिगत आयोग द्वारा भी एसएसपी, हरिद्वार व एसआईटी को एई व जेई के मामले की गहन जांच एवं कठोर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया गया था। चूँकि पेपर लीक प्रकरण में आरोपित संजीव चतुर्वेदी, जिन्हें आयोग द्वारा निलम्बित कर दिया गया है, के द्वारा पटवारी परीक्षा के अलावा वन आरक्षी परीक्षा-2022 के प्रश्नबैंक व प्रश्नपत्र निर्माण भी कराये गये थे, अतः आयोग द्वारा परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही वन आरक्षी परीक्षा एवं पीसीएस मुख्य परीक्षा हेतु पूर्व में छपे सभी प्रश्न-पत्रों एवं प्रश्न बैंक को आयोग के एक सदस्य की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की देखरेख में नियमानुसार विनष्टीकरण किया जाना सुनिश्चित किया गया।
यह भी उल्लेखनीय है कि आगामी समस्त परीक्षाओं को सम्पन्न कराने हेतु आयोग द्वारा नई टीम तैनात की गई है। साथ ही परिसर में पुलिस व ईण्टेलीजेन्स विभाग द्वारा स्थापित की गई दोहरे सुरक्षा चक्र के माध्यम से कड़ी सुरक्षा के बीच नई टीम द्वारा नये प्रश्न बैंक एवं नये प्रश्नपत्र तैयार कराये गये हैं और कराये जा रहे हैं तथा नये प्रश्न-पत्रों के अनुसार ही फरवरी से अप्रैल, 2023 के मध्य पटवारीध्लेखपाल परीक्षा-2022 को 12 फरवरी, 2023, पी0सी0एस0 मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 एवं वन आरक्षी परीक्षा- 2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
यह भी अवगत कराना है कि पुलिस विभाग द्वारा पटवारी परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में गतिमान जाँच के तहत वर्तमान में आयोग को 44 संलिप्त अभ्यर्थियों एवं एई व जेई परीक्षा पेपर लीक में 12 संलिप्त अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जिनका मिलान व सत्यापन करते हुए यथासम्भव आज ही उक्त सूची आयोग की वेबसाईट पर अपलोड कर दी जाएगी। साथ ही इन अभ्यर्थियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने एवं आगामी परीक्षा से प्रतिवारित किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है।
समस्त अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया जाता है कि आयोग उनके हितों को सदैव प्राथमिकता देता है। इसलिए वह किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न देते हुए पूरे मनोयोग से आगामी परीक्षाओं की तैयारी करें।

जनेऊ संस्कार में सीएम परिवार सहित पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ज्येष्ठ पुत्र दिवाकर का आज हरिद्वार के कुशाघाट पर पूर्ण विधि-विधान व सादगी से यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने तीर्थ पुरोहित के पास अपनी बही वंशावली में नाम लिखवाया।

सुबह मुख्यमंत्री, धर्मपत्नी गीता धामी एवं अन्य परिवार के सदस्यों के साथ हरिद्वार के कुशाघाट पहुँचे जहां सर्वप्रथम सभी ने मां गंगा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद तीर्थ-पुरोहित द्वारा पूर्ण विधि-विधान के साथ मुख्यमंत्री के ज्येष्ठ पुत्र दिवाकर धामी का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया।यज्ञोपवीत संस्कार हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। जनेऊ धारण करने के बाद व्यक्ति को अपने जीवन में नियमों का पालन करना पड़ता है। उसे अपनी दैनिक जीवन के कार्यों को भी जनेऊ को ध्यान में रखते हुए ही करना होता है।

आयोग ने परीक्षार्थियों को दिलाया विश्वास, नए पेपर बनेंगे

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ० राकेश कुमार द्वारा आयोग की विशेष बैठक आहूत की गई, जिसमें समस्त सदस्यगण एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में परीक्षाओं के सम्बन्ध में विस्तृत एवं गहन विचार-विमर्श किया गया।
आयोग की विशेष बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों से अवगत कराते हुए डॉ० कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि लेखपाल/राजस्व उप निरीक्षक परीक्षा-2022 वन आरक्षी परीक्षा-2022 एवं पी०सी०एस० मुख्य परीक्षा-2021 की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत इन परीक्षाओं को अब नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित किया जाएगा। इसके दृष्टिगत दिनांक 22 जनवरी, 2023 को आयोजित की जाने वाली वन आरक्षी परीक्षा-2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 एवं दिनांक 28 से 31 जनवरी, 2023 के दौरान होने वाली पी०सी०एस० मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
आयोग द्वारा जारी वार्षिक परीक्षा कलेण्डर में इस हेतु आवश्यक संशोधन करते हुए अग्रेतर कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है। डॉ० कुमार द्वारा अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि आयोग के लिए अभ्यर्थियों का हित सर्वाेपरि है। इस हेतु परीक्षाओं को निष्पक्षता एवं उत्कृष्टता के साथ एवं उनके समग्र संचालन से सम्बन्धित विभिन्न प्रक्रियाओं को निर्विघ्नतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु सुरक्षा के कड़े इन्तजाम किये जा रहे हैं।