चोरी के सामान के साथ एक गिरफ्तार, एक फरार

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हार्डवेयर दुकान से रात के समय कीमती सामान चोरी करने पर पुलिस ने एक युवक को मोटरसाइकिल सहित लंढोरा हरिद्वार से गिरफ्तार किय है, जबकि एक युवक पुलिस की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा।

कोतवाल खुशीराम पांडेय ने बताया कि देवेंद्र बेलवाल पुत्र उमाकांत बेलवाल निवासी ग्राम खदरी ऋषिकेश ने तहरीर देकर बताया कि 4 जून 2023 की रात को उनकी श्यामपुर स्थित उमा हार्डवेयर की दुकान से एस्सेल, कजारिया, रेडवे, स्केच बाय कंपनी के टोंटी, वॉल मिक्सर, सिंगल लीवर, अन्य सामान चोरी हो गए है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए अज्ञात के खिलाफ चोरी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

कोतवाल ने बताया कि घटना स्थल तथा आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार गिया गया है। उन्होनंे बताया कि आरोपी चोरी किए गए सामान को बेचने के लिए जा रहा था।

कोतवाल ने आरोपी की पहचान शेर खान पुत्र पुन्ना निवासी भुज्जाहेडी थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई है, बताया कि आरोपी से 02 वॉश बेसिन टौंटी रेडवे कंपनी, 10 एंगल कॉक रेडवे कंपनी, 12 टौंटी रेडवे कंपनी, 02 वॉश बेसिन टौंटी एस्सेल कंपनी मय पीवीसी कनेक्शन, 04 मिक्सर मय सेट एस्सेल कंपनी, 10 टौंटी छोटी बड़ी एस्सेल कंपनी, 10 एंगल बेसिन एस्सेल कंपनी, एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
जबकि पुलिस की नजरों से भागने में वसीम पुत्र बूंदू निवासी खड़का वाला थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश कामयाब रहा।

आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया जा रहा हैः मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओम पुल, निकट डामकोठी, हरिद्वार स्थित गंगा घाट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न प्रदेशों से देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिवभक्त कावड़ियों के चरण धोकर एवं उन्हें सम्मान स्वरूप गंगाजल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने डामकोठी में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ कावड़ यात्रा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड आए कावड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि हरिद्वार पूरे देश की श्रद्धा का केंद्र है। इस पवित्र जगह मां गंगा एवं भगवन भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद है। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का विशेष महत्व है। राज्य सरकार को कावड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। कावड़ यात्रा को सुगम सुरक्षित बनाकर सरकार इस यात्रा में कावड़ियों का सहयोगी बनकर कार्य कर रही है। कावड़ियों की सेवा करना सभी के लिए पुण्य का काम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप, शौचालय, पार्किंग, टीन शेड, विश्राम स्थल की पर्याप्त व्यवस्था की है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष व्यवस्थाओं को और अधिक सुधारा गया है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष कावड़ यात्रा में करीब चार करोड़ कावड़िए उत्तराखंड आए। भगवान भोलेनाथ की कृपा से पिछले वर्ष की यात्रा सकुशल संपन्न हुई। उन्होंने कहा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के उत्तराखंड आने का अनुमान है। जिसके लिए शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य केदारनाथ का निर्माण हुआ है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ, महाकाल जैसे विभिन्न मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य भव्यता के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख विश्व स्तर पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य में चौतरफा सड़कों का जाल बिछ रहा है। सरकार आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, के कार्यों की भी सराहना की।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

कावड़ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जाए पूरा ध्यानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) हरिद्वार में कांवड़ यात्रा-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में जन-प्रतिनिधियों, शासन के उच्चाधिकारियों एवं जिला स्तर के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय गहन समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कावड़ मेला आरंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थायें समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। श्रद्धालु अपने मन-मस्तिष्क में देवभूमि का अच्छा सा संदेश लेकर अपने गन्तव्य को जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा साफ-सफाई की ऐसी व्यवस्था बनाई जाये कि हर दो-दो घण्टे में शौचालयों आदि की सफाई की जाये, जिसके लिये सम्बन्धित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्किंग स्थलो पर जहां आवश्यकता हो इण्टरलांकिंग टाइल्स लगाई जायें ताकि पार्किंग में कीचड़ न हो तथा गाड़ियों के फंसने की समस्या पैदा न हो। उन्होंने ये भी निर्देश दिये कि जो भी सीसीटीवी लगाये जा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो ताकि जहां पर भी ऐसी कोई घटना सामने आती है, जिस पर सुरक्षा आदि की दृष्टि से तुरन्त निर्णय लेना है, उस पर दु्रत गति से निर्णय लिया जाये तथा वहां पर बिल्कुल भी ढिलाई न बरती जाये।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा सकुशल सम्पन्न कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सभी सम्बन्धित अधिकारी अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा एवं सजगता से करे। कावड़ यात्रा मार्ग पर तथा पार्किग स्थलों पर साइनेज प्रकाश एवं स्वच्छता आदि को भी कारगर व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत जो एडवाइजरी बनाई गई है, उसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। कांवड़ यात्रा सुव्यवस्थित हो इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं कांवड़ मेले से संबंधित जिलों के अधिकारी शामिल किये जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ मेला अवधि में हरिद्वार में कांवड़ मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पार्किंग स्थलों में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर साइनेज की पूर्ण व्यवस्था हो। कांवड़ पटरी पर विद्युत की पर्याप्त व्यवस्था हो। वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु चेतावनी बोर्ड लगाये जाएं। कांवड़ मेला के दौरान यात्रा रूटों का पूरा चार्ट दिया जाए। भण्डारे एवं लंगर के लिए हाइवे से दूरी पर स्थान चिन्हित किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ मेले के दौरान पर्वतीय जनपदों में आवश्यक सेवाओं एवं सामग्रियों को भेजने के लिए कोई परेशानी न हो। होटलों एवं दुकानों में रेट लिस्ट चस्पा की जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को आवागमन में अधिक परेशानी का सामना न करने पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में अधिकारियों से नीलकण्ठ महादेव की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को चाक-चौबन्द रखने के निर्देश दिये। बैठक में हिलबाई पास रोड को खोले जाने का प्रकरण भी सामने आया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज ही हिलबाईपास को खोले जाने के सम्बन्ध में एनओसी जारी की जाये ताकि हिलबाई पास की मरम्मत आदि का कार्य यथासमय पूरा कर लिया जाये।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कांवड़ यात्रा की समयावधि, विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवड़ियों का क्या अनुपात है, कावंड़ यात्रा के क्या-क्या नियम रहेंगे, कांवड़ मार्गों का विवरण, वैकल्पिक मार्गों का विवरण, कांवड़ यात्रा की क्या-क्या चुनौतियां हैं, रोड़ीबेलवाला, बैरागी कैम्प सहित पार्कों में की गयी व्यवस्था, कावंड़ यात्रा के सफल संचालन के लिये नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, सरकारी तथा गैर सरकारी प्रमुख स्टेक होल्डर, कांवड़ यात्रियों की सुविधा हेतु क्या-क्या व्यवस्थायें की जा रही है, कांवड़ मेले की दृष्टि से स्वास्थ्य, नगर निगम, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण आदि विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि कांवड़ मेले के लिए 60 हजार वाहनों की क्षमता के लिए 13 पार्किंग स्थल बनाये गये हैं। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों के लिए 03 अतिरिक्त पार्किंग स्थल आरक्षित हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा की तैयारियों के सम्बन्ध में आगे बताया कि कावंड़ मेले के लिये 2720 से अधिक शौचालय, 640 से अधिक यूरेनल तथा मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिये 1200 से अधिक सफाई कार्मिक तैनात किये जा रहे हैं तथा आवश्यकता पड़़ने पर यह संख्या और बढ़ाई जायेगी। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य सम्बन्धी तैयारियों की जानकारी देते हुये बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 21 स्वास्थ्य कैम्प लगाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सभी अस्पतालों में हर तरह के इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कांवड़ मेले की एसओपी का उल्लेख करते हुये बताया कि कोई भी कांवड़ 12 फीट से ऊंची नहीं होगी, कांवड़िये कोई भी ऐसी सामग्री अपने साथ लेकर नहीं चलेंगे, जिससे नुकसान पहुंचने की संभावना हो तथा व्यापारी बन्धु भी इस तरह की कोई भी सामग्री की बिक्री नहीं करेंगे तथा कांवड़ियों को निर्धारित ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करना होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कानून एवं व्यवस्था के प्रश्न पर कहीं पर भी कोई समझौता नहीं किया जायेगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेले से सम्बन्धित सारी व्यवस्थायें 30 जून तक पूरी कर ली जायेंगी। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कांवड़ मेले के संचालन के लिये बनाई गयी व्यवस्था के सम्बन्ध में बताया कि कांवड़ मेले को 12 सुपर जोन, 32 जोन तथा 134 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसके पूरे संचालन के लिये पांच नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं।
बैठक में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्य सामग्री आदि का कांवड़ मेले की दृष्टि से रिजर्व स्टॉक रखना, वन विभाग के क्षेत्र में जंगली जानवरों से रक्षा के लिये टीम गठित करना, आपदा प्रबन्धन द्वारा की जाने वाली व्यवस्थायें, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं आदि की सहायता लेना, रेलवे तथा रोडवेज की व्यवस्थायें, विभिन्न स्थानों में कावंड़ियों को राहत देने के लिये स्पेंक्लर स्थापित करना आदि की जानकारी देते हुये उस पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
समीक्षा बैठक में सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, ममता राकेश, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने भी कांवड़ मेले को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मुख्य सचिव डॉ0 एस0एस0 सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव डॉ आर0 राजेश कुमार,, एडीजी लॉ एण्ड आर्डर, एडीजी इंटलीजेंस, आयुक्त गढ़वाल मण्डल सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल मण्डल के0एस0 नगन्याल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

15 दिन के भीतर पंकज हत्या मामले की जांच करेगी पुलिस, सीएम ने दिए निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के ग्राम बेलडा निवासी पंकज पुत्र सुरेश की हत्या एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर की जा रही पुलिस कार्यवाही की जांच 15 दिन के अन्दर किये जाने के निर्देश आयुक्त गढ़वाल मण्डल तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र को दिये है। इस प्रकरण में आज प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि मण्डल ने भी मुख्यमंत्री से वार्ता कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया। इस अवसर पर उपस्थित मृतक पंकज के परिजनों को मुख्यमंत्री ने सात्वनां प्रदान कर इस घटना की निष्पक्षता के साथ जांच करने का आश्वासन दिया।

इस संबंध में अतर सिंह अपर सचिव गृह द्वारा आयुक्त गढ़वाल एवं पुलिस महानिरीक्षक को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सुरेश पुत्र फुल्ला, निवासी-बेलडा, थाना कोतवाली सिविल लाईन, रूड़की, हरिद्वार द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम में पंकज पुत्र सुरेश की हत्या एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में बिन्दुवार कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया गया है तथा जांच आख्या 15 दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

उक्त प्रार्थना पत्र पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रकरण की जांच 15 दिन के भीतर पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये है।

उत्तराखंड संस्कृत विवि के 10वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज हरिद्वार में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और शोधार्थियों को शोध उपाधियां प्रदान की। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल द्वारा पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण को आयुर्वेद एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण के लिए तथा शिक्षाविद् पद्मश्री डॉ. पूनम सूरि को समाज सेवा एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए डी. लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नई शोध पत्रिका ‘देवभूमि जर्नल ऑफ मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च’ का भी विमोचन किया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सभी संस्कृत के प्रचार एवं प्रसार में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि संस्कृत को पूरे विश्व तक ले जाना आप सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा आने वाले 25 वर्ष विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध भारत, श्रेष्ठ भारत और विश्वगुरू भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूर्ण उत्साह, समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करें।

राज्यपाल ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी परम्पराओं का संरक्षण करते हुए भारत को समृद्ध और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के महान अभियान का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा में उपलब्ध ज्ञान में सभी चुनौतियों का समाधान निहित है। देश की एकता में संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध संस्कृति का आधार और भारत की आत्मा की वाणी है। उन्होने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीयता की डीएनए है एवं प्राचीन के संरक्षण के साथ नवीन ज्ञान का प्रयोग भी आवश्यक है।

राज्यपाल ने संस्कृत विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए संस्कृत के विकास एवं प्रचार-प्रसार के लिए सराहना की। उन्होंने संस्कृत के क्षेत्र में लड़कियों को ज्यादा अवसर व प्रोत्साहन देने पर जोर दिया ताकि संसकृत का ज्ञान प्रत्येक घरों तक पहुंचे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में 04 शोध पीठों की स्थापना होने पर खुशी जताते हुए इसे विश्वविद्यालय के हित में सराहनीय कदम बताया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर दिनेश चंद्र शास्त्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय को शासन स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रकृति को देखते हुए यहां पर प्राचीन ज्ञान से संबंधित न्याय, वैशेषिक, सांख्य, मीमांसा, वेदांत, धर्मशास्त्र और पुराणों आदि से संबंधित उच्च स्तरीय अनुसंधान होना जरूरी है। इसके लिए अपेक्षित संख्या में पद उपलब्ध न होने के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं।

दीक्षांत समारोह के आधार संबोधन में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालयों को भारतीय ज्ञान प्रणाली के उल्लेखनीय केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। साथ ही संस्कृत को आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करके लोगों तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड को ज्ञान की भूमि बताया और कहा कि यहां के छात्रों और शिक्षकों को अपनी मूल परंपरा का संरक्षण करते हुए अंतरविषयी ज्ञान को बढ़ावा देना चाहिए।

दीक्षांत समारोह के समापन से पूर्व कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वरिष्ठ आचार्य प्रोफेसर दिनेश चमोला ने स्नातकों को उपाधि हेतु उपस्थित किया। संचालन का दायित्व डॉ शैलेश तिवारी ने निभाया।

इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमदेव शतांशु, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुनील जोशी, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एस0एस0 जायसवाल, डॉ0 सुशील उपाध्याय सहित अनेक विशिष्ट लोग उपस्थित थे।

मानव उत्थान सेवा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बीमा धनराशि का चेक सीएम को सौंपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकुल कॉलेज मैदान, हरिद्वार में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन एवं राष्ट्रीय एकता शिविर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकुल मैदान में चाहर दिवारी के निर्माण कार्य को घोषणा की। इस दौरान मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री को आगामी चार धाम यात्रा में आने वाले 1000 श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना बीमा चेक सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा चारधाम यात्रा में आने वाले प्रति यात्री के लिए 1 लाख की करवाई जा रही है। चार धामों के लिए 1000 व्यक्तियों के लिए कुल 10 करोड़ का दुर्घटना बीमा समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा किए जा रहे मानवता के कार्य अति सराहनीय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का मौका मिला है। आज जी-20 के कार्यक्रम देश के कोने कोने में कराए जा रहे हैं, ताकि भारत का प्रत्येक नागरिक इस महासम्मेलन का प्रतिभागी बन सके। उन्होंने कहा आज सरकार की योजनाओं का निर्वाण अंत्योदय पर केंद्रित रहता है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक किस प्रकार योजनाओं का लाभ पहुंचे इस पर हर स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाता है। मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने आगामी चार धाम यात्रा की पूर्ण तैयारियां कर ली है। राज्य आगामी चार धाम यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होने कहा बीते 1 साल में राज्य सरकार ने कई कार्य किए हैं। समान नागरिक संहिता पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा राज्य के विभिन्न स्थानों पर अवैध निर्माण के मामले सामने आए है। उन्होंने कहा सरकारी भूमि पर किसी को भी अतिक्रमण करने नहीं दिया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार के लिए जनता का हित सर्वाेपरि है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हरिद्वार में सीएम ने योजनाओं की प्रगति जानी, दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को हरिद्वार भ्रमण के दौरान डामकोठी में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों आदि के सम्बन्ध में एक समीक्षा बैठक ली।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय से हरिद्वार जनपद में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी जन-कल्याणकारी योजनायें चल रही हैं, उनका लाभ अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ग्राम सभाओं में चौपालों का आयोजन किया जाये तथा उसमें जिस भी ग्रामवासी की जो भी समस्या हो, उसका निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता पर किया जाये एवं गर्मी के मौसम को देखते हुये बिजली, पानी आदि पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि सब्सिडी की जो भी योजनायें हैं, उनका लाभ समय पर लाभार्थी को दिलाना सुनिश्चित करें तथा जिस किसी भी योजना का कार्डधारक हो, उसे समय पर राशन का वितरण होना चाहिये।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुये कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है, जिसे देखते हुये यहां हर तरह की व्यवस्थायें, खासतौर पर हरिद्वार शहर तथा गंगा के घाटों की साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाये। यातायात व्यवस्था के सम्बन्ध में चर्चा करते हुये जिलाधिकारी ने बताया कि चारधाम यात्रा को देखते हुये दुधाधारी या अन्य स्थानों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिये विभिन्न वैकल्पिक योजनाओं-भारी वाहनों की नो इण्ट्री का समय निर्धारण करना, पार्किंग की उचित व्यवस्था आदि पर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
कानून-व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा जानकारी लिये जाने पर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि हनुमान जयन्ती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम निर्विघ्न तथा सकुशल सम्पन्न हुये हैं तथा कानून-व्यवस्था चुस्त एवं दुरूस्त है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक आयोजित होने वाली परीक्षाओं को कड़े कदम उठाते हुये नकल विहीन व सकुशल सम्पन्न कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में जमीन सम्बन्धी प्रकरण आदि पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा दिशा-निर्देश दिये। इससे पहले मुख्यमंत्री ने साक्षी महाराज से शिष्टाचार भेंट की तथा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से हरिद्वार में संचालित हो रही विभिन्न विकास योजनाओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर रानीपुर विधायक आदेश चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, महामंत्री आशू चौधरी, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ0 जयपाल सिंह चौहान, सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, लव शर्मा, मनोज गौतम, अनिल अरोड़ा, आशुतोष शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, एमएनए दयानन्द सरस्वती, भूमि अध्याप्ति अधिकारी ब्रजेश तिवारी सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सेन्टर को किराये पर लेकर कराई थी नकल, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षा धांधलियों में एसटीएफ ने मंगलवार को 56वां आरोपी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी वन दरोगा भर्ती घपले में हुई। ऑनलाइन हुई परीक्षा में हरिद्वार में एक संस्थान की कंप्यूटर लैब किराये लेने वाले को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इस सेंटर में कई आरोपियों को नकल कराई गई।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि स्नातक स्तरीय परीक्षा 2021, सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा, वन दरोगा भर्ती परीक्षा और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा 2016 में हुई धांधली को लेकर दर्ज चार अलग-अलग केसों की जांच एसटीएफ कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वन दरोगा के 316 पदों के लिये एनएसईआईटी कंपनी से ऑनलाइन परीक्षा 16 जुलाई 2021 से 25 जुलाई 2021 तक राज्य में 31 केंद्रों पर कराई। करीब 85 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इनमें 620 आवेदक पास घोषित हुए। जिनका फिजीकल होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित होना था। परीक्षा में गड़बड़ी मिलने पर रायपुर थाने में केस दर्ज हुआ है। इसमें अब तक प्रशांत, रविन्द्र, अश्वनी कुमार और कंप्यूटर लैब टेक्निशियन सचिन गिरफ्तार हुए हैं। एसटीएफ जांच में सामने आया कि हरिद्वार स्थित स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज के परीक्षा केंद्र को प्रवीण कुमार राणा पुत्र जगबीर सिंह निवासी देवनगर थाना सोनीपत हरियाणा ने किराये पर लिया था। उसे पूछताछ के लिए एसटीएफ कार्यालय बुलाकर वहां से गिरफ्तार कर लिया गया।

छात्रों को मेडल और उपाधि देकर गौरवान्वित महसूस कर रहा-शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय हरिद्वार के 113 वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर 99 विद्यार्थियों को स्नातक, 100 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 56 विद्यार्थियों को पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की। 83 विद्यार्थियो को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालय से उपाधि प्राप्त कर शिक्षार्थी नये जीवन की शुरूवात करने जा रहे है। गुरूकुल कांगड़ी संस्थान की नींव स्वामी श्रद्धानन्द ने रखी, महर्षि दयानन्द के सिद्धान्तों पर यहां शिक्षा का अविरल प्रवाह चलता है। आज यह विश्वविद्यालय महान वटवृक्ष बनकर समग्र देश और दुनिया को महर्षि दयानन्द का संदेश और हमारी पौराणिक शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ा रहा है। यहां की शिक्षा पद्धति का महत्व देखकर ही महात्मा गांधी, राजेन्द्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मोरारजी देसाई जैसे अनेक महानुभावों ने इस पूण्य भूमि की शिक्षा व्यवस्था को बल देने का कार्य किया। आज जो बैच शिक्षा पूर्ण कर जा रहा है, यह बैच आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष एवं स्वामी दयानन्द सरस्वती के 200वें जन्म वर्ष का बैच है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज 1800 विद्यार्थी शिक्षा की दीक्षा प्राप्त कर नये जीवन में प्रवेश करेंगे। यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद राष्ट्र के लिए योगदान की शुरूवात करने वाले हैं। यह भूमि वह भूमि है जहां से वैदिक शिक्षा को बढ़ावा मिला। स्वामी दयानन्द का संदेश स्वामी श्रद्धानन्द ने हुबहू जमीन पर उतारने का कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को अंग्रेजी की चंगुल से बाहर निकालने के लिए हमारी परम्परागत शिक्षा पद्धति को नई ऊर्जा देने के लिए वैदिक मूल्यों, प्राचीन भारतीय संस्कृति, वेदों और उपनिषदों का ज्ञान, ब्रहमाण्ड का विज्ञान एवं आधुनिक विषयों को जोड़कर शिक्षा को परिपूर्ण बनाने का कार्य किया। विश्वविद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ 800 से अधिक शोधपत्र रजिस्टर किये गये हैं, यह सराहनीय कदम है। वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा के संगम का कार्य गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ने किया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कहा कि महर्षि दयानन्द के संदेश को अपने मन से लगा कर रखें। उनके बताये गये रास्ते पर चलने का प्रयास करें।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में नई शिक्षा नीति लाये हैं, इसमें दयानन्द जी की शिक्षा की दृष्टि है, श्रद्धानन्द का वेद और विज्ञान की शिक्षा के समन्वय का संदेश है, महात्मा गांधी का मातृभाषा में शिक्षा का संदेश, यह शिक्षा नीति चरितार्थ करती है, लाला लाजपराय का शिक्षा सभी के लिए का संदेश भी यह शिक्षा नीति जमीन पर उतार रही है। नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होगी। त्रिभाषा का सूत्र भी दिया है और आने वाले दिनों में मातृभाषा से पढ़े हुए छात्र समग्र देश एवं विश्व का कल्याण करे, इस प्रकार का रास्ता प्रशस्त किया गया है। नई शिक्षा नीति को स्ट्रीमलेस और क्लासलेस बनाया गया है। मल्टिपल एन्ट्री, मल्टिपल एक्जिट शिक्षा नीति का विशेष अंग है। एक साल की पढ़ाई में सर्टिफिकेट, दो साल की पढ़ाई में डिप्लोमा, तीन साल की पढ़ाई में डिग्री मिलेगी और चार साल की पढ़ाई करेंगे तो रिसर्च मिल जायेगा। हर स्तर पर विद्यार्थी एंट्री भी कर सकता है और एक्जिट भी कर सकता है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि युवाओं को एक ऐसा प्लेटफार्म मिल जाए, जिस पर हमारे युवा खड़े होकर विश्व के युवाओं के साथ स्पर्धा कर सके और मां भारती का यशोगान पूरे विश्व के अन्दर हो।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्टार्ट अप इंडिया के माध्यम से देश में युवाओं को अनेक मौके सृजित किये गये हैं। 2016 में देश में 724 स्टार्ट अप थे। 2022 में यह संख्या बढ़कर 70 हजार से अधिक हो गई है। 10 हजार से अधिक स्टार्ट अप कोरोनाकाल में बने। 44 प्रतिशत स्टार्ट अप महिलाओं के द्वारा चलाये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और भारतीयता दोनों के गौरव को विश्वभर में बुलंद करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृहमंत्री अमित शाह का देवभूमि की समस्त देवतुल्य जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए बड़े गर्व का विषय है कि हमारे बीच गृहमंत्री के रूप में देश के एक ऐसे नेता उपस्थित हैं, जिनके अथक प्रयासों से और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आज सम्पूर्ण भारत आंतरिक रूप से जहां एक ओर अपने आपको सुरक्षित अनुभव करता है, वहीं दूसरी ओर अपने आपको पहले से अधिक संगठित एवं आत्मविश्वास से भरा हुआ अनुभव करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से धारा-370 खत्म करने में सफलता भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय को दीक्षांत समारोह की बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में ज्ञान की अविरल गंगा को प्रवाहित करने वाले इस संस्थान में उपस्थित होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। महान शिक्षाविद् स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने जो यह अद्भुत धरोहर मां भारती को सौंपी थी, उसका हिस्सा बनना और आप सभी साथियों से जुड़ना, मेरे लिए प्रेरक भी है और आनंददायक भी है। स्वामी श्रद्धानन्द ऐसे संन्यासी थे, जिन्होंने स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार किया। वह भारत के उन महान राष्ट्रभक्त सन्यासियों में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया था।
इस अवसर पर कुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सत्यपाल सिंह, कुलपति प्रो. सोमदेव शंतांशु, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, आदेश चाहान, संतगण एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

बहुद्देशीय सहकारी समितियों में कंप्यूटरीकरण की सौगात

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में राज्य की 95 संयुक्त सहकारी खेती, 95 जन सुविधा केन्द्र, 95 जन औषधि केन्द्र एवं राज्य की समस्त बहुद्देशीय सहकारी समितियों में पूर्ण रूप से कंप्यूटरीकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य में कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे किसानों को सम्मानित भी किया गया। दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को बिना ब्याज के ऋण का चेक वितरण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, संयुक्त सहकारी खेती एवं पैक्स कम्प्यूटरीकरण पर आधारित डाक्यूमेंट्री का अवलोकन भी किया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अक्टूबर 2021 में समग्र भारत में पैक्स के कंप्यूटराइजेशन का कार्य उत्तराखण्ड में शुरू हुआ था। आज 17 माह बाद सभी 670 पैक्स का कम्यूटराईजेशन पूर्ण हो चुका है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रयासों की सराहना की। राज्य में 95 मल्टीपर्पज पैक्स बनाने का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। कोपरेटिव सोसायटी के साथ 95 जन औषधि केन्द्र एवं जन सुविधा केन्द्र की शुरूआत भी सबसे पहले उत्तराखण्ड ने की है। प्रधानमंत्री ने सहकारिता से समृद्धि के लिए 75 वर्ष में पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया। आज सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से देश के सभी 63 हजार पैक्स को कम्यूटराईज करने का कार्य शुरू हो गया है। आज 360 सहकारी बैंक की शाखाएं, 670 बहुद्देशीय पैक्स, 670 एमपैक्स का कम्यूटराईजशन कर उत्तराखण्ड सरकार ने समग्र देश में सहकारिता क्षेत्र में पहले नम्बर पर आने का कार्य किया है। 95 जन सुविधा केन्द्र, केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को 95 गांवों में सीधा पहुंचाने का कार्य करेंगे। इसके माध्यम से एम पैक्स भी मजबूत होंगे। 50 से 90 प्रतिशत सस्ती दवाई कोपरेटिव जन औषधि केन्द्रों से मिलेंगे। उत्तराखण्ड के 95 विकासखण्डों में एकीकृत सामूहिक सहकारी खेती का मॉडल का भी आज शुभारंभ हुआ है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सहकारिता यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। राष्ट्रीय सहकारिता डाटा बेस भी तैयार किया जा रहा है। सहकारिता नीति भी बनाई जा रही है। बीजों के उत्पादन हेतु मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बना चुके हैं। किसानों के उत्पादों के निर्यात के लिए भी एक मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बनाने का कार्य किया गया है। आने वाले समय में गांवों का जल व्यावस्थापन का कार्य भी पैक्स को सौंप सकते हैं, अनेक कार्य पैक्स के साथ जोड़े जा रहे हैं। कम भूमि वाले किसानों को पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य व्यवसायों से जोड़ने का कार्य किया गया है। कॉपरेटिव के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री जी ने रखा है, इस दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जितने इनिसिएटिव केन्द्र सरकार ने कॉपरेटिव के क्षेत्र में लिये हैं, उत्तराखण्ड सरकार ने सभी को धरातल पर उतारकर देवभूमि के छोटे किसानों के भले के लिए कार्य किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का विषय है कि हमें गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित भाई शाह का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। सही नीतियों और ईमानदार नीयत के बिना देश का विकास नहीं हो सकता और इन्हीं दोनों सिद्धांतो को लेकर आज हमारा देश प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति भी विशेष लगाव और स्नेह रहा है। आज जिन विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ अमित शाह द्वारा किया गया है, उन योजनाओं से उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को अवश्य ही लाभ होगा। सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। सहकारिता में स्पर्धा की बजाए सहयोग की भावना रहनी चाहिए। आज की नई पीढ़ी के लिए सहकारिता का अत्यधिक महत्व है क्योंकि आज की पीढ़ी जल्द से जल्द स्वावलंबी होना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता से समृद्धि के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन करने का निर्णय लिया और सहकारिता मंत्रालय को अमित भाई शाह को देकर ये बता दिया कि उनके लिए सहकारिता का महत्व कितना है। आज अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान कर रहा है। यह मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए कारोबार में सुगमता के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्य सहकारी समितियों के विकास को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। सहकारिता विभाग व उससे सम्बन्धित समस्त संस्थाओं का उद्देश्य न केवल कृषकों को सस्ते ऋण की सुविधा प्रदान कराना है, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी निर्बल और निर्धन वर्ग को सशक्त बनाते हुये उनके जीवन स्तर को उन्नत करना भी है। आज बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के विभिन्न कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एवं समितियों को डिजिटल रुप से सशक्त करने हेतु भारत सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम डिजिटल इंड़िया के क्रियान्वयन में एमपैक्सों को पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत करने का कार्य संपन्न हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और गृहमंत्री के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में कई बड़े फैसले लेने का कार्य किया है, आज चाहे नकल विरोधी कानून हो, समान नागरिक आचार संहिता हो, धर्मांतरण काननू हो, नई खेल नीति हो या फिर नई शिक्षा नीति हो। हम कोई भी बड़ा फैसला लेने से न कभी पीछे हटे हैं और न कभी पीछे हटेंगे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य ने अभूतपूर्व विकास किया है, हमारी ये विकास यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी। हमने सशक्त और सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण का जो विकल्प रहित संकल्प लिया है उसकी सिद्धि के लिये बहुआयामी कार्ययोजनायें प्रारम्भ की है और कई नए कदम भी उठाए हैं। हम जिस विकसित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को लेकर चल रहे हैं उसकी सिद्धि के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि हमारा मूल मंत्र है जिनके आधार पर हम योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे हैं।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में सभी सहकारी समितियों को पूर्ण रूप से ऑनलाईन किया जा चुका है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। राज्य के सभी 95 विकासखण्डों में माधो सिंह भण्डारी संयुक्त सहकारी खेती का शुभारंभ हुआ है। दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत 7 लाख 80 हजार किसानों को ब्याज मुक्त ऋण दिया जा चुका है।
सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने का कार्य अमित शाह द्वारा किया जा रहा है। आज जिन योजनाओं का उत्तराखण्ड में शुभारंभ हुआ है, इससे आने वाले समय में प्रदेशवासियों को बहुत फायदा मिलेगा। डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, नरेश बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सचिव सहकारिता बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।