मदन कौशिक के नामांकन में पहुंचे सीएम धामी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, भाजपा विधायक सुरेश राठौर और भाजपा विधायक आदेश चौहान मौजूद रहे।

पिछली बार से भी अधिक सीटें आने वाली हैं-मुख्यमंत्री धामी
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम अपनी जीत के प्रति पूर्ण आश्वस्त हैं। हरिद्वार में हमारी पिछली बार से भी अधिक सीटें आने वाली हैं। नामांकन से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हर की पैड़ी पर पूजन भी किया। आगामी विधानसभा चुनावों के तहत उत्तराखंड में 28 जनवरी तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। वहीं नई टिहरी में धनौल्टी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह पंवार और प्रतापनगर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह पंवार उर्फ गुड्डू भाई ने नामांकन पत्र जमा किया। रुद्रप्रयाग में भाजपा प्रत्याशी भरत सिंह चौधरी ने भी मंगलवार को नामांकन भरा। यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी केदार सिंह रावत ने भी नामांकन कराया।

मकर संक्रांति पर्व पर हरकीपौड़ी हुई सील

मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुवार रात से हर की पौड़ी को सील कर दिया गया। जिस कारण श्रद्धालु गंगा स्नान को हर की पौड़ी में न जा सके। रात को हर की पौड़ी जाने वाले सभी मार्गों पर बेरीकेडिंग लगा दी गई थी। हर की पौड़ी पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। हर की की पौड़ी व साथ लगते घाटों पर स्थानीय लोग भी स्नान नहीं कर सकेंगे।
गुरुवार को जिले की सीमाओं में चिड़ियापुर, लाहड़पुर, नारसन, गोकलपुर व वीरपुर के रास्ते हरिद्वार स्नान को आ रहे श्रद्धालुओं को वापिस भेज दिया गया। सीमा पर पुलिस बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों में सवार यात्रियों को आने का कारण पूछ रहे थे। जिन लोगों ने स्नान की बात कही उन्हें सीमा से ही लौटा दिया गया। हालांकि मकर संक्रांति की पूर्व संध्या में हर की पौड़ी पर गंगा आरती में हजारों लोग शामिल हुए।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज का आयोजन
जगजीतपुर फूटबॉल ग्राउंड के निकट स्थित श्री बालाजी धाम, श्री सिद्धबलि हनुमान मंदिर एवं श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महंत दिगंबर आलोक गिरी के सानिध्य में मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया जा रहा है। महंत आलोक गिरी ने बताया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। संक्रांति के लगते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है। मान्यता है कि मकर-संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने पर देवताओं का सूर्याेदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने पर उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है।

सीएम ने किया कैलाशानन्द महाराज के प्रथम सन्यास दीक्षा समारोह में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जगद्गुरू आश्रम कनखल में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द महाराज के प्रथम सन्यास दीक्षा समारोह में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द महाराज के दीक्षा समारोह की वजह से आज मुझे सभी पूज्य सन्तों का एक साथ आशीर्वाद मिलने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिये पूज्य सन्तों का आशीर्वाद बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिनु हरि कृपा मिलहि न सन्ता….। सत्संग का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि सत्संग का मनुष्य के जीवन में काफी प्रभाव पड़ता है, जिस तरह का सत्संग होगा, उसी तरह का मनुष्य का आचार-व्यवहार होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि संस्कृति की बात हो या अन्य, हर क्षेत्र में पताका फहराने का काम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है।
समारोह को जगद्गुरू शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज, स्वामी महामण्डलेश्वर कैलाशानन्द महाराज, स्वामी हरिचेतनानन्द, स्वामी चिदानन्द मुनि, आचार्य बाल कृष्ण, युग पुरूष परमानन्द महाराज, महन्त प्रेम गिरि महाराज, पूज्य हरिगिरि महाराज, महन्त विज्ञानानन्द महाराज, पदम, सतपाल ब्रह्मचारी महाराज, देवानन्द सरस्वती महाराज, तन्मय वशिष्ठ, महामंत्री श्रीगंगा सभा, राजीव शर्मा नगर पालिका अध्यक्ष आदि ने सम्बोधित किया।
मंच का संचालन आखाड़ा परिषद व मंसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रविन्द्रपुरी जी महाराज ने किया।
जगद्गुरू आश्रम कनखल पहुंचने पर मुख्यमंत्री का शाल ओढ़ाकर, विशाल माला, पुष्पगुच्छ तथा प्रतीक चिह्न भेंटकर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, ललितानन्द महाराज, कमलदास महाराज, महेश पुरी महाराज, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, महामंत्री विकास तिवारी, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, एसडीएम पूरण सिंह राणा, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
जगद्गुरू आश्रम कनखल के पश्चात मुख्यमंत्री ने जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज से हरिहर आश्रम पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी बबीता फोगाट भी उपस्थित रहीं।

शिवराज और धामी ने मिल पुराने दिनों को किया याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पौधा भेंट किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिह्न भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे का रोपण भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पाण्डया, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत उपस्थित रहे।

पतंजलि के प्रथम दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति, छात्रों को दी उपाधि

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रथम दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, संकाय अध्यक्षा डॉ. साध्वी देवप्रिया उपस्थित थे।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि आधुनिक विज्ञान के साथ हमारी परंपरा की प्रासंगिक ज्ञान-राशि को जोड़ते हुए भारत को नॉलेज सुपर पावर बनाने का जो लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने निर्धारित किया है उस मार्ग पर पतंजलि विश्वविद्यालय अग्रसर है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं तथा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हरिद्वार की पावन धरती पर रहने का और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना बड़े सौभाग्य की बात है। पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव जी ने योग की लोकप्रियता को बढ़ाने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। भारत सरकार के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2015 में प्रतिवर्ष 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। ऐसे प्रयासों के परिणामस्वरूप सन 2016 में ‘योग’ को यूनेस्को द्वारा‘विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ की सूची में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति ने क्यूबा का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को विश्व के हर क्षेत्र और विचारधारा के लोगों ने अपनाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैं उनसे भारतीय ज्ञान-विज्ञान, विशेषकर आयुर्वेद तथा योग को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में विश्व-पटल पर गौरवशाली स्थान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि पतंजलि समूह के संस्थानों में भारतीयता पर आधारित उद्यमों और उद्यम पर आधारित भारतीयता का विकास हो रहा है।
राष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आलस्य और प्रमाद को त्याग कर आप सब योग-परंपरा में उल्लिखित ‘अन्नमय कोष’, ‘मनोमय कोश’ और‘प्राणमय कोश’ की शुचिता हेतु सचेत रहेंगे। और ‘विज्ञानमय कोश’ और ‘आनंदमय कोश’ तक की आंतरिक यात्रा पूरी करने की महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ेंगे। करुणा और सेवा के आदर्शों को आप अपने आचरण में ढाल कर समाज सेवा करते रहेंगे। करुणा और सेवा के अद्भुत उदाहरण हमारे देशवासियों ने कोरोना का सामना करने के दौरान प्रस्तुत किए हैं। आज हम गर्व के साथ यह कह सकते हैं कि हमारा देश विश्व के उन थोड़े से देशों में से है जिन्होंने न सिर्फ कोरोना के मरीजों की प्रभावी देखभाल की है अपितु इस बीमारी से बचाव हेतु वैक्सीन का भी उत्पादन किया है। हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। सृष्टि के साथ सामंजस्यपूर्ण जुड़ाव ही आयुर्वेद एवं योग-शास्त्र का लक्ष्य है। इस सामंजस्य के लिए यह भी आवश्यक है कि हम सभी प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली को अपनाएं तथा प्राकृतिक नियमों का उल्लंघन न करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब हम आज़ादी का अमृत महोत्सव बना रहे हैं, तब हमें अपने ऐसे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को और भी अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए जो हमारी संस्कृति को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय तथ्य है कि पतंजलि विश्वविद्यालय में छात्रों की अपेक्षा बेटियों की संख्या अधिक है। यह प्रसन्नता की बात है कि परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा का विस्तार करने में हमारी बेटियां अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी छात्राओं में से आधुनिक युग की गार्गी,मैत्रेयी, अपाला, रोमशा और लोपामुद्रा निकलेंगी जो भारतीय मनीषा और समाज की श्रेष्ठता को विश्व पटल पर स्थापित करेंगी।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने कहा कि आज हम सभी देवभूमि वासियों के लिये सौभाग्य और प्रसन्नता का क्षण है। महामहिम राष्ट्रपति जी की उपस्थिति से आज यह विद्या और ज्ञान का मन्दिर पंतजलि विश्वविद्यालय तथा हमारा पूरा उत्तराखण्ड परिवार गरिमामय हो गया है। देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती, यहां के सुन्दर पर्वत, नदियां और सभी लोग महामहिम राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग एवं आयुर्वेद को दुनियाभर में एक नई पहचान दी है। वे बधाई के पात्र है। स्वामी रामदेव जी ने आयुर्वेद व योग का महत्व पूरी दुनिया को बताया। वे योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से हेल्थ सेक्टर में क्रांति लाए हैं। भविष्य में विश्व के 7 बिलियन लोग इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने इसे जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया है। आज बच्चे, बुजुर्गाे सहित सभी लोगों में योग लोकप्रिय हो चुका है। प्राणायाम और योगासनों की शक्तियों को पूरा विश्व पहचान चुका है। राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद तथा योग ने भारत को कोविड काल की चुनौतियों के लिये भी तैयार किया। जहां पूरा विश्व कोविड के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा। योग एवं आयुर्वेद के कारण भारत ने इस चुनौती का सामना बेहतर ढंग से किया। राज्यपाल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज इस दीक्षांत समारोह में डिग्रीयां लेने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। आप अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव कल्याण के लिये करेंगे। आशा है कि हमारे यह स्वास्थ्य योद्धा आने वाली चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अर्थ शिक्षा की समाप्ति नही है। शिक्षा तो जीवनभर निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। आज पूरा विश्व असीमित संभावनाओं और अवसरो से युक्त है। युवा पीढ़ी से अपेक्षाएं है कि आउट ऑफ द बाक्स थिकिंग और अपनी नई कल्पनाओं के साथ प्रत्येक क्षेत्र में असीमित परिणाम देंगे। मुझे यह देखकर खुशी होती है कि आज बड़ी संख्या में युवा संस्कृत भाषा, योग, आयुर्वेद, नैचुरोपेथी तथा प्राचीन भारतीय विधाओं को पढ़ना और सीखना चाहते हैं। ऐसे युवा यदि इन्फोर्ममेशन टेक्नॉलॉजीए डिजिटिजेशन, सोशल मीडिया एवं मास मीडिया में भी विशेषज्ञता प्राप्त कर लेते हैं तो यह हमारी प्राचीन विधाओं को नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगा। युवाओं के द्वारा सोशल मीडिया तथा मास मीडिया का सदुपयोग इन समृद्ध विधाओ के प्रचार प्रसार किया जा सकता है। मेरा मानना है कि योग और आयुर्वेद के विद्यार्थी हमारी सभ्यता, संस्कृति के ब्राण्ड अम्बेसडर भी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि योग और आयुर्वेद हमारी सरल, सहज एव शाश्वत तथा सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान है। हमे जन-जन तक इस बात को पहुंचाना है। योग और आयुर्वेद को विश्व की एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित करना है। यह महान उत्तरदायित्व भी आपके ऊपर ही है। राज्यपाल ने कहा कि आज हमारे समक्ष सतत विकास के साथ ही संतुलित विकास की भी चुनौती है। विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि यदि आपकी शिक्षा, प्रतिभा और विजन का लाभ हमारे देश के पिछडे़ क्षेत्रों, दूरस्थ गांवों, समाज के वंचित और निर्धन तबकों को मिले तो यह आपके जीवन को एक नया अर्थ देगा। विशेषकर उत्तराखण्ड के संदर्भ में यहां की शिक्षित युवाओं को स्थानीय उत्पादों, शिल्पों, संस्कृति और सोच विचार पर आधारित उद्यमों के लिये कार्य करना चाहिये। निश्चित ही आप राज्य में रिवर्स माइग्रेशन का नया अध्याय लिखेंगे। राज्यपाल ने कहा कि आशा है कि भविष्य में आप अपने सेवा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों, मानवीयता, विश्व कल्याण और सेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे। आप सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की सोच के साथ कार्य करेंगे। आप प्रोफेशनल एथिक्स के साथ ही अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट से उत्कृष्ट प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का देवभूमि और गंगा नगरी में आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि हमारे महामहिम राष्ट्रपति जी का जीवन एक प्रेरणा पुंज के समान है। ये हमें बताता है कि व्यक्ति में यदि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास, साहस और इच्छाशक्ति हो तो वो बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जहां एकत्रित हुए हैं ये वो स्थान है जिसने दुनिया भर योग के प्रचार-प्रसार को एक नया आयाम और एक नया विस्तार दिया है। जिस प्रकार महर्षि दधीचि के तप का उपयोग कर वज्र का निर्माण हुआ उसी प्रकार स्वामी रामदेव अपने संघर्ष और तप से योग, प्रणायाम, अध्यात्म और स्वदेशी चिंतन की पताका को पूरे विश्व में फहरा रहे हैं। साथ ही इस अवसर पर मैं आभार प्रकट करना चाहुंगा आचार्य बालकृष्ण का भी जो कि अपने प्रबंधन कौशल तथा आयुर्वेद के ज्ञान से इस भारतीय चिकित्सा पद्धति और योग क्रांति को पूरे विश्व में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग भारतीय संस्कृति के ध्वजारोहक के रूप दुनिया भर में इस सत्य को पुर्नःस्थापित कर चुका है कि भारतीय परम्पराएं, भारतीय दर्शन और हमारे ऋषि मुनियों द्वारा अपनाई और तय की गई जीवन पद्धति कितनी वैज्ञानिक और हितकारी थी। योग केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक और भावनात्मक विकारों को भी दूर करता है। यूं तो योग सदियों से विश्व में अपना डंका बजा रहा है लेकिन जो ख्याति प्रधानमंत्री के प्रयासों से इसने हासिल की है वो अभूतपूर्व है। ये आदरणीय मोदी की ही पहल थी कि 21 जून 2015 को दुनिया में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यशश्वी प्रधानमंत्री का कथन है कि हमें खुद भी योग का संकल्प लेना है और दूसरों को भी इस संकल्प से जोड़ना है। “योग से सहयोग“ तक का मंत्र हमें भविष्य का नया मार्ग दिखाएगा और मानवता को सशक्त करेगा। उत्तराखंड में हम लगातार उनके इस मंत्र पर चलने और इसे सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पथ प्रदर्शक दीनदयाल उपाध्याय जी ने जो ’अंत्योदय’ का जो मन्त्र हमें दिया है लगातार उसको अपना कर हम अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दिशा में हमें सफलता भी मिली है और हमारी ये यात्रा निरंतर जारी है। उत्तराखंड उन सपनों को साकार करने की राह पर आगे बढ़ रहा है जो सपने इसके निर्माण के दौरान देखे गए थे। एक सैनिक पुत्र होने के नाते, मैं उत्तराखंड के सैनिक परिवारों की अपेक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए भी प्रयत्नशील हूँ। हम निरंतर उन कामों को कर रहे हैं जिनका सीधा सरोकार जनता से है, उनकी भलाई से है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि वर्ष 2025 में जब हम राज्य स्थापना के 25 वर्ष का जश्न मना रहे होंगे तब तक हम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में नंबर वन बना लेंगे। प्रधानमंत्री ने भी कहा है और मैं भी उनके ही कथन को दोहरा रहा हूं कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इस दशक में हम आप सभी के सहयोग से नई बुलंदियों को छुएंगे। प्रदेश की जनता ने हमेशा हम पर विश्वास जताया है और मुझे पूरी आशा है कि उनका ये विश्वास हम पर आगे भी यूं बना रहेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, मेयर रूड़की गौरव गोयल, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपाधि प्राप्तकर्ता विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

केजरीवाल के हरिद्वार दौरे से गर्मायी राजनीति, ऑटो चालको को लुभा गये दिल्ली सीएम

आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले बीस साल में भाजपा और कांग्रेस ने बारी-बारी से शासन किया। उत्तराखंड में दोनों दलों में सहमति बनी है कि राज करो और लूटो। लेकिन अब यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि एक बार आम आदमी पार्टी को मौका देकर देखो। सबको भूल जाओगे। 
धर्मनगरी में रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रोड शो किया। दोपहर में करीब ढाई बजे पुराना रानीपुर मोड़ (परशुराम चौक) से शुरू हुआ रोड शो गोविंदपुरी, चंद्राचार्य चौक, प्रेमनगर आश्रम, खन्नानगर होते हुए शंकर आश्रम तिराहे पर तीन बजकर बीस मिनट पर संपन्न हुआ। 
रोड शो के समापन पर जनता को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा भाजपा व कांग्रेस दोनों में आपसी सहमति है कि एक बार तुम राज करो, एक बार हम राज करेंगे। दोनों में सहमति है तुम लुटो, हम लूटेंगे। जब तुम्हारी बारी आए तो हमको बचा लेना। जब हमारी बारी आएगी तो तुमको बचा लेंगे। अब यह खेल खत्म करना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को एक बार मौका दिया था बस एक बार। पार्टी ने पिछले सात साल में ऐसा जबरदस्त काम किया है कि सभी पार्टियां हवा हो गई। अब दिल्ली के अंदर कोई भी व्यक्ति किसी अन्य पार्टी की बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि आज अकेली आप है जो कहती है कि हम स्कूल बनाएंगे। कोई और पार्टी कहती है कि वह स्कूल बनवाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं आपको कह रहा हूं कि मैंने दिल्ली में स्कूल बनवाए। हमको वोट दो। हम तुम्हारे बच्चों के लिए स्कूल बनवाएंगे।
हम तुम्हारे बच्चों को नौकरी देंगे। दिल्ली में करके दिखाया है। हवा में बात नहीं कर रहे हैं। अब देवभूमि में भी करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह का प्यार मिला। उसे देखकर मुझे पूरी उम्मीद है कि देवभूमि की जनता बदलाव चाहती है। केजरीवाल ने कहा कि हमने दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर कर दी हैं। मोहल्ला क्लीनिक बनवा दिए। देवभूमि में एक मौका दो। यहां भी शानदार अस्पताल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार आप सब लोग मिलकर कर्नल अजय कोठियाल को देवभूमि का सीएम बना दो। कर्नल कोठियाल ने केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य किया था। अब हम सबको मिलकर देवभूमि का नवनिर्माण करना है। 

भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग तेज

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने हमेशा ही देश विरोधी तत्वों के सुर में सुर मिलाने और तुष्टीकरण की राजनीति की है और अब चुनाव से ठीक पहले वह उत्तराखंड में जिस तरह घोषणाएं कर रहे हैं उसका उनको कोई लाभ नहीं होने वाला है, क्योंकि वह विश्वास खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज आध्यात्मिक तीर्थ की बात करने वाले केजरीवाल हमेशा राम मंदिर के विरोधियों के सुर में सुर मिलाते रहे हैं। अचानक उनका सनातन में आस्था और भक्ति में विश्वास का जाग्रित होना चुनावी महत्वाकांक्षा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सैन्य बहुल उतराखंड के लोग उनके सर्जिकलस्ट्राइक में सुबूत मांगने और देश द्रोहियो की पैरोकारी करने से भी व्यथित हैं।
कोरोना काल में भी वह उत्तराखंड के कोटे के ऑक्सीजन सिलेण्ड़र और जरुरी दवाओ के कोटे को भी कालाबाजारी के लिए डंप कर चुके हैं और अदालत को भी गुमराह कर चुके हैं। केजरीवाल के अस्पतालों को लेकर झूठे दावो की पोल कोरोना के समय खुल चुकी हैं। पराली को लेकर घोटाला भी सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि पहले केजरीवाल को दिल्ली की स्तिथी को व्यवस्थित करना चाहिए, क्योंकि दिल्ली बरसात में पानी का कटोरा बन जाता है और अब प्रदूषण के चलते वहां पर सांस लेना मुश्किल हो गया है। झूठी और झान्सा देने की राजनीति अधिक समय तक नहीं चल सकती, क्योंकि केजरीवाल जनता का विश्वास खो चुके हैं। अस्तित्व की तलाश में वह अब लगातार घोषणाएं कर रहे हैं जिनका कोई अर्थ नहीं है और न ही लोगो को उन पर विश्वास है।

सीएम ने 528 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को सिडकुल, हरिद्वार में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 42 करोड़ लागत की इन्द्रलोक आवास योजना (भाग-2) में 528 ई.डब्ल्यू.एस. आवासों के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीतापुर पेयजल योजना कुल लागत 75 करोड़, बहादराबाद पेयजल योजना कुल लागत 40 करोड़, रावली महदूद पेयजल योजना कुल लागत 13 करोड़, सलेमपुर महदूद रोशनाबाद की पेयजल योजना लागत 12 करोड़ तथा औरंगाबाद की 4 करोड़ लागत की पेयजल योजना जल्द शुरू होगी। धीरवाली ज्वालापुर में 1 करोड़ 65 लाख की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। तपोवन ज्वालापुर में पेयजल हेतु नलकूप का निर्माण किया जाएगा। जगजीतपुर में 350 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। जगजीतपुर सीतापुर, टिहरी विस्थापित, सुभाषनगर आदि में सीवर लाइन डालने का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। सिडकुल में ईएसआईसी अस्पताल के लिए केन्द्र सरकार से 293 करोड़ रूपये स्वीकृत कराये गये हैं, जिसका निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू कराया जाएगा। सिडकुल सहित सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। नगर पालिका शिवालिक नगर में वार्ड नं 13 के अंतर्गत नवोदय नगर में इण्टर कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। द्वारिका विहार जगजीतपुर में पेयजल हेतु मिनी ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। द्वारिका विहार सीतापुर में पेयजल हेतु मिनी ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। सिडकुल हाइवे के दोनों ओर पानी की निकासी हेतु नाले का निर्माण कराया जाएगा। बहादराबाद में घाट का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। रानीपुर विधायक व शिवालिक नगरपालिका चेयरमैन की मांग पर एक छठ घाट व पार्क विकसित किया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया उनमें राज्य योजना वर्ष 2021-22 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर में सिडकुल फोरलेन के पास महादेवपुरम 2 की आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण व नाली निर्माण कार्य (लम्बाई 1.42 किमी, लागत 94.75 लाख), बीएचईएल रानीपुर में सिडकुल चार लेन से हनुमन्त एन्कलेव व राजपूत विहार की ओर पीसी द्वारा सड़क का नाली सहित निर्माण कार्य (लम्बाई 1.50 किमी, लागत 63.66 लाख), बीएचईएल रानीपुर के सीतापुर में शुभम विहार व द्वारिका विहार की मुख्य सड़क का जमालपुर की ओर तक इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य (लम्बाई 0.86 किमी, लागत 59.17 लाख), जगजीतपुर में सन्ता एन्कलेव से एचईसी कॉलेज तक सड़क का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण कार्य (लम्बाई 0.90 किमी, लागत 54.43 लाख), बीएचईएल रानीपुर में नवोदय नगर की आन्तरिक सड़कों का पीसी द्वारा निर्माण कार्य (लम्बाई 3.00 किमी, लागत 98.21 लाख), नेहरू कॉलोनी में आन्तरिक सड़कों का सीसी ट्रमिक्स द्वारा निर्माण व नाली निर्माण कार्य (लम्बाई 1.32 किमी, लागत 184.21 लाख), बिहारीगढ़ मोटरमार्ग के किमी 4 स्थित ग्राम आन्नेकी में मेन रोड़ से एलन क्लास इण्ड्रस्ट्री तक इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण तथा नाली का निर्माण कार्य (लम्बाई 1.25 किमी, लागत 84.43 लाख), रोशनाबाद में आईएमसी चौक से नवोदय नगर की शिव रतन सिटी तक एसडीबीसी द्वारा निर्माण कार्य (लम्बाई 3.20 किमी, लागत 58.72 लाख), रोशनाबाद से नवोदय चौक की ओर जाने वाले मार्ग का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा नाली सहित निर्माण कार्य (लम्बाई 0.60 किमी, लागत 72.98 लाख), रामनगर कॉलोनी में आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा नाली सहित निर्माण कार्य (लम्बाई 0.70 किमी, लागत 51.76 लाख), ग्राम आन्नेकी की आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण तथा नाली निर्माण कार्य (लम्बाई 0.68 किमी, लागत 54.32 लाख), सिद्धार्थ एन्कलेव से खालसा कालोनी की ओर जाने वाले मार्ग का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा नाली सहित निर्माण कार्य (1.00 किमी, लागत 73.00 लाख), शिवालिक नगर के एच-कलस्टर व क्यू-कलस्टर की आन्तरिक सड़कों का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य (लम्बाई 4.52 किमी, लागत 70.14 लाख) का शिलान्यास किया शामिल है। मुख्यमंत्री ने नवोदय नगर वार्ड नं 13 गली नं 7 में छठ मईया पार्क के सौन्दर्यीकरण का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि चार महीने के कार्यकाल में उन्होंने अपना प्रत्येक क्षण प्रदेश की जनता को समर्पित किया है। इस अवधि में राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिये लगभग 400 निर्णय लिये हैं।
सिड़कुल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी की उत्तराखण्ड राज्य को उद्योग के क्षेत्र में विशेष पैकेज के अंतर्गत दी गयी सौगात है। उन्होंने कहा कि तब राज्य के मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी थे, जिन्होंने उत्तराखण्ड राज्य के विकास के लिए काफी कार्य किया।
राज्य स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इसे महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। हमने उत्तराखण्ड राज्य की पांच महान विभूतियों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार के लिए चयनित किया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी, सुश्री बछेन्द्री पाल, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, लेखक रस्किन बान्ड, पर्यावरणविद् अनिल जोशी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नई खेल नीति लेकर आ रही है, जिसमें प्रतिभावान खिलाड़ियों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे अपने हर क्षण का उपयोग प्रदेश के विकास में करेंगे। उन्होंने कहा कि सबके सम्मिलित प्रयासों से वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश का नम्बर वन राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जगजीतपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द ही शुरू होगा तथा सिड़कुल क्षेत्र की सड़कों को भी गड्डा मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और सन्तुष्टीकरण के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समस्या कोई भी हो, हम उसका सरलीकरण करके, उसका समाधान व निस्तारण करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। आने वाले समय में उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राज्य के रूप विकसित किया जायेगा। इस अवसर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण के संरक्षण के लिये रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।
इस अवसर पर विधायक रानीपुर आदेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जब से राज्य की बागडोर संभाली है, तब से पूरे प्रदेश में एक नये उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आते ही इस क्षेत्र की जितनी भी योजनाएं पाइपलाइन में थी, उनको अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
राजीव शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका शिवालिक नगर ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने चार माह के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं।
कार्यक्रम में लक्सर विधायक संजय गुप्ता, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ जयपाल सिंह चौहान, महामंत्री विकास तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, सहित संबंधित अधिकारीगण एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम ने किया उतराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार के बहादराबाद स्थित उतराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत शिक्षा को बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों से उनका विशेष लगाव रहा है, उनका काफी समय लखनऊ विश्वविद्यालय में बीता है, जब भी किसी विश्वविद्यालय का कोई कार्यक्रम होता है, तो वे अपने आप को जाने से रोक नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व में सभी भाषाओं की जननी है। पूरी दुनिया में जब शिक्षा अथवा ज्ञान का उजाला नहीं हुआ था तब हमारे भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय विद्यमान थे। उस वक्त पूरी दुनिया को ज्ञान देने का कार्य अगर किसी ने किया तो वह भारत भूमि ने किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को प्रधानमंत्री का मजबूत नेतृत्व मिला है। पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान स्वाभिमान बढ़ाने का कार्य प्रधानमंत्री कर रहे हैं। योग दिवस को आज पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री ने 5 नवंबर को केदारनाथ में 400 करोड़ रुपए के कार्य का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। जल्द ही हम केदारनाथ मंदिर केबल कार द्वारा जा सकेंगे। सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहेब को भी रोपवे से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह आदि गुरु शंकराचार्य ने पूरे भारत को उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया उसी तरह आज प्रधानमंत्री विकास रूपी सूत्र में पूरे देश को एक साथ जोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2025 के लिए राज्य का विजन रखा है, इस विजन को पूरा करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। वर्ष 2025 में 25 साल का राज्य युवा राज्य होने के साथ ही देश का श्रेष्ठ, उत्कृष्ट एंव आदर्श राज्य होगा, इस दिशा में वचनबद्ध एंव दृढ़ संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय के स्टॉफ को सातवे वेतन आयोग के वेतनमान व एरियर भुगतान संबंधी दिक्कत को जल्द समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा में रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक संजय गुप्ता, आदेश चौहान, कुलपति प्रो देवी प्रसाद त्रिपाठी, कुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय डॉ रूप किशोर शास्त्री, कुलसचिव संस्कृत विश्वविद्यालय गिरीश कुमार अवस्थी आदि मौजूद रहे।

हरिद्वार ग्रामीण में विकास कार्यों के लिए धामी ने दी कई सौगातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा रूपराज पैलेस, शाहपुर शीतलाखेड़ा, हरिद्वार में महिला स्वयं सहायता समूहों की एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगायी गयी विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की, कि लालढांग क्षेत्र में झूला पुल का निर्माण किया जायेगा। बहादरपुर जट में एक डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। लालढांग के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा तथा जनपद हरिद्वार में प्रदेश स्तरीय किसान भवन का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये बहुत सारे उत्पाद बाजारों में बिक नहीं पाये, हमारी सरकार स्वयं सहायता समूह, जो स्वरोजगार योजनाओं को चला रही हैं, उनकी सहायता के लिये आगे आई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को दिये जाने वाले ऋण पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु कुल 1451 स्वयं सहायता समूहों को रू0 111.2749 लाख बटन डिजिटल माध्यम जारी किये।
कार्यक्रम में कोरोना महामारी से प्रभावित शंकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा कुल 14 सीएलएफ को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र तथा स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले बैंकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कोरोना महामारी में अपने रोजगार से प्रभावित कुल 3128 स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती दिये जाने के उद्देश्य से पूर्व घोषित 06 माह तक प्रतिमाह रूपये 2000/ की किस्त के हिसाब से 3 माह हेतु रूपये 6000/ की धनराशि के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उज्जवला योजना लेकर आये, जिसके तहत महिलाओं को गैस का चूल्हा दिया गया। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान शुरू किया, जिससे बालक-बालिकाओं में असमानता दूर हुई है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक साढ़े तीन लाख लोग इस योजना के तहत लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में अब कई गम्भीर बीमारियों का इलाज भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर को नल से जल योजना के तहत वर्ष 2023 तक हर घर को स्वच्छ जल मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत केवल एक रुपये में कनेक्शन दिया जाएगा। जबकि शहरी क्षेत्रों में 100 रू. में कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जितनी घोषणाएं करेंगे, उनको पूरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के तीन मंत्र है, सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारण। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक कार्यालय दिवस में प्रातः 10 से 12 बजे तक उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा तथा उत्तराखण्ड की हर व्यवस्था विश्व स्तरीय होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनको सादर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को हर क्षेत्र में कैसे मजबूत किया जाए, कैसे उनके बनाये उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए, इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। इस अवसर पर विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में विधायक खानपुर कुंवर प्रणय सिंह चौम्पियन, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक-झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. जयपाल सिंह चौहान, चेयरमेन नगर पालिका लक्सर अम्बरीष गर्ग जिला महामंत्री विकास तिवारी, अपर सचिव/आयुक्त ग्रामीण विभाग आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत सहित पदाधिकारीगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।