15 दिन के भीतर पंकज हत्या मामले की जांच करेगी पुलिस, सीएम ने दिए निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के ग्राम बेलडा निवासी पंकज पुत्र सुरेश की हत्या एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर की जा रही पुलिस कार्यवाही की जांच 15 दिन के अन्दर किये जाने के निर्देश आयुक्त गढ़वाल मण्डल तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र को दिये है। इस प्रकरण में आज प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि मण्डल ने भी मुख्यमंत्री से वार्ता कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया। इस अवसर पर उपस्थित मृतक पंकज के परिजनों को मुख्यमंत्री ने सात्वनां प्रदान कर इस घटना की निष्पक्षता के साथ जांच करने का आश्वासन दिया।

इस संबंध में अतर सिंह अपर सचिव गृह द्वारा आयुक्त गढ़वाल एवं पुलिस महानिरीक्षक को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सुरेश पुत्र फुल्ला, निवासी-बेलडा, थाना कोतवाली सिविल लाईन, रूड़की, हरिद्वार द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम में पंकज पुत्र सुरेश की हत्या एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में बिन्दुवार कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया गया है तथा जांच आख्या 15 दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

उक्त प्रार्थना पत्र पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रकरण की जांच 15 दिन के भीतर पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये है।

उत्तराखंड संस्कृत विवि के 10वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज हरिद्वार में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और शोधार्थियों को शोध उपाधियां प्रदान की। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल द्वारा पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण को आयुर्वेद एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण के लिए तथा शिक्षाविद् पद्मश्री डॉ. पूनम सूरि को समाज सेवा एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए डी. लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नई शोध पत्रिका ‘देवभूमि जर्नल ऑफ मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च’ का भी विमोचन किया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सभी संस्कृत के प्रचार एवं प्रसार में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि संस्कृत को पूरे विश्व तक ले जाना आप सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा आने वाले 25 वर्ष विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध भारत, श्रेष्ठ भारत और विश्वगुरू भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूर्ण उत्साह, समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करें।

राज्यपाल ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी परम्पराओं का संरक्षण करते हुए भारत को समृद्ध और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के महान अभियान का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा में उपलब्ध ज्ञान में सभी चुनौतियों का समाधान निहित है। देश की एकता में संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध संस्कृति का आधार और भारत की आत्मा की वाणी है। उन्होने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीयता की डीएनए है एवं प्राचीन के संरक्षण के साथ नवीन ज्ञान का प्रयोग भी आवश्यक है।

राज्यपाल ने संस्कृत विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए संस्कृत के विकास एवं प्रचार-प्रसार के लिए सराहना की। उन्होंने संस्कृत के क्षेत्र में लड़कियों को ज्यादा अवसर व प्रोत्साहन देने पर जोर दिया ताकि संसकृत का ज्ञान प्रत्येक घरों तक पहुंचे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में 04 शोध पीठों की स्थापना होने पर खुशी जताते हुए इसे विश्वविद्यालय के हित में सराहनीय कदम बताया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर दिनेश चंद्र शास्त्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय को शासन स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रकृति को देखते हुए यहां पर प्राचीन ज्ञान से संबंधित न्याय, वैशेषिक, सांख्य, मीमांसा, वेदांत, धर्मशास्त्र और पुराणों आदि से संबंधित उच्च स्तरीय अनुसंधान होना जरूरी है। इसके लिए अपेक्षित संख्या में पद उपलब्ध न होने के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं।

दीक्षांत समारोह के आधार संबोधन में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालयों को भारतीय ज्ञान प्रणाली के उल्लेखनीय केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। साथ ही संस्कृत को आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करके लोगों तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड को ज्ञान की भूमि बताया और कहा कि यहां के छात्रों और शिक्षकों को अपनी मूल परंपरा का संरक्षण करते हुए अंतरविषयी ज्ञान को बढ़ावा देना चाहिए।

दीक्षांत समारोह के समापन से पूर्व कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वरिष्ठ आचार्य प्रोफेसर दिनेश चमोला ने स्नातकों को उपाधि हेतु उपस्थित किया। संचालन का दायित्व डॉ शैलेश तिवारी ने निभाया।

इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमदेव शतांशु, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुनील जोशी, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एस0एस0 जायसवाल, डॉ0 सुशील उपाध्याय सहित अनेक विशिष्ट लोग उपस्थित थे।

मानव उत्थान सेवा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बीमा धनराशि का चेक सीएम को सौंपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकुल कॉलेज मैदान, हरिद्वार में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन एवं राष्ट्रीय एकता शिविर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकुल मैदान में चाहर दिवारी के निर्माण कार्य को घोषणा की। इस दौरान मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री को आगामी चार धाम यात्रा में आने वाले 1000 श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना बीमा चेक सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा चारधाम यात्रा में आने वाले प्रति यात्री के लिए 1 लाख की करवाई जा रही है। चार धामों के लिए 1000 व्यक्तियों के लिए कुल 10 करोड़ का दुर्घटना बीमा समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा किए जा रहे मानवता के कार्य अति सराहनीय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का मौका मिला है। आज जी-20 के कार्यक्रम देश के कोने कोने में कराए जा रहे हैं, ताकि भारत का प्रत्येक नागरिक इस महासम्मेलन का प्रतिभागी बन सके। उन्होंने कहा आज सरकार की योजनाओं का निर्वाण अंत्योदय पर केंद्रित रहता है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक किस प्रकार योजनाओं का लाभ पहुंचे इस पर हर स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाता है। मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने आगामी चार धाम यात्रा की पूर्ण तैयारियां कर ली है। राज्य आगामी चार धाम यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होने कहा बीते 1 साल में राज्य सरकार ने कई कार्य किए हैं। समान नागरिक संहिता पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा राज्य के विभिन्न स्थानों पर अवैध निर्माण के मामले सामने आए है। उन्होंने कहा सरकारी भूमि पर किसी को भी अतिक्रमण करने नहीं दिया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार के लिए जनता का हित सर्वाेपरि है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हरिद्वार में सीएम ने योजनाओं की प्रगति जानी, दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को हरिद्वार भ्रमण के दौरान डामकोठी में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों आदि के सम्बन्ध में एक समीक्षा बैठक ली।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय से हरिद्वार जनपद में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी जन-कल्याणकारी योजनायें चल रही हैं, उनका लाभ अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ग्राम सभाओं में चौपालों का आयोजन किया जाये तथा उसमें जिस भी ग्रामवासी की जो भी समस्या हो, उसका निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता पर किया जाये एवं गर्मी के मौसम को देखते हुये बिजली, पानी आदि पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि सब्सिडी की जो भी योजनायें हैं, उनका लाभ समय पर लाभार्थी को दिलाना सुनिश्चित करें तथा जिस किसी भी योजना का कार्डधारक हो, उसे समय पर राशन का वितरण होना चाहिये।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुये कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है, जिसे देखते हुये यहां हर तरह की व्यवस्थायें, खासतौर पर हरिद्वार शहर तथा गंगा के घाटों की साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाये। यातायात व्यवस्था के सम्बन्ध में चर्चा करते हुये जिलाधिकारी ने बताया कि चारधाम यात्रा को देखते हुये दुधाधारी या अन्य स्थानों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिये विभिन्न वैकल्पिक योजनाओं-भारी वाहनों की नो इण्ट्री का समय निर्धारण करना, पार्किंग की उचित व्यवस्था आदि पर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
कानून-व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा जानकारी लिये जाने पर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि हनुमान जयन्ती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम निर्विघ्न तथा सकुशल सम्पन्न हुये हैं तथा कानून-व्यवस्था चुस्त एवं दुरूस्त है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक आयोजित होने वाली परीक्षाओं को कड़े कदम उठाते हुये नकल विहीन व सकुशल सम्पन्न कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में जमीन सम्बन्धी प्रकरण आदि पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा दिशा-निर्देश दिये। इससे पहले मुख्यमंत्री ने साक्षी महाराज से शिष्टाचार भेंट की तथा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से हरिद्वार में संचालित हो रही विभिन्न विकास योजनाओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर रानीपुर विधायक आदेश चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, महामंत्री आशू चौधरी, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ0 जयपाल सिंह चौहान, सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, लव शर्मा, मनोज गौतम, अनिल अरोड़ा, आशुतोष शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, एमएनए दयानन्द सरस्वती, भूमि अध्याप्ति अधिकारी ब्रजेश तिवारी सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सेन्टर को किराये पर लेकर कराई थी नकल, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षा धांधलियों में एसटीएफ ने मंगलवार को 56वां आरोपी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी वन दरोगा भर्ती घपले में हुई। ऑनलाइन हुई परीक्षा में हरिद्वार में एक संस्थान की कंप्यूटर लैब किराये लेने वाले को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इस सेंटर में कई आरोपियों को नकल कराई गई।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि स्नातक स्तरीय परीक्षा 2021, सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा, वन दरोगा भर्ती परीक्षा और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा 2016 में हुई धांधली को लेकर दर्ज चार अलग-अलग केसों की जांच एसटीएफ कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वन दरोगा के 316 पदों के लिये एनएसईआईटी कंपनी से ऑनलाइन परीक्षा 16 जुलाई 2021 से 25 जुलाई 2021 तक राज्य में 31 केंद्रों पर कराई। करीब 85 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इनमें 620 आवेदक पास घोषित हुए। जिनका फिजीकल होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित होना था। परीक्षा में गड़बड़ी मिलने पर रायपुर थाने में केस दर्ज हुआ है। इसमें अब तक प्रशांत, रविन्द्र, अश्वनी कुमार और कंप्यूटर लैब टेक्निशियन सचिन गिरफ्तार हुए हैं। एसटीएफ जांच में सामने आया कि हरिद्वार स्थित स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज के परीक्षा केंद्र को प्रवीण कुमार राणा पुत्र जगबीर सिंह निवासी देवनगर थाना सोनीपत हरियाणा ने किराये पर लिया था। उसे पूछताछ के लिए एसटीएफ कार्यालय बुलाकर वहां से गिरफ्तार कर लिया गया।

छात्रों को मेडल और उपाधि देकर गौरवान्वित महसूस कर रहा-शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय हरिद्वार के 113 वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर 99 विद्यार्थियों को स्नातक, 100 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 56 विद्यार्थियों को पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की। 83 विद्यार्थियो को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालय से उपाधि प्राप्त कर शिक्षार्थी नये जीवन की शुरूवात करने जा रहे है। गुरूकुल कांगड़ी संस्थान की नींव स्वामी श्रद्धानन्द ने रखी, महर्षि दयानन्द के सिद्धान्तों पर यहां शिक्षा का अविरल प्रवाह चलता है। आज यह विश्वविद्यालय महान वटवृक्ष बनकर समग्र देश और दुनिया को महर्षि दयानन्द का संदेश और हमारी पौराणिक शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ा रहा है। यहां की शिक्षा पद्धति का महत्व देखकर ही महात्मा गांधी, राजेन्द्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मोरारजी देसाई जैसे अनेक महानुभावों ने इस पूण्य भूमि की शिक्षा व्यवस्था को बल देने का कार्य किया। आज जो बैच शिक्षा पूर्ण कर जा रहा है, यह बैच आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष एवं स्वामी दयानन्द सरस्वती के 200वें जन्म वर्ष का बैच है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज 1800 विद्यार्थी शिक्षा की दीक्षा प्राप्त कर नये जीवन में प्रवेश करेंगे। यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद राष्ट्र के लिए योगदान की शुरूवात करने वाले हैं। यह भूमि वह भूमि है जहां से वैदिक शिक्षा को बढ़ावा मिला। स्वामी दयानन्द का संदेश स्वामी श्रद्धानन्द ने हुबहू जमीन पर उतारने का कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को अंग्रेजी की चंगुल से बाहर निकालने के लिए हमारी परम्परागत शिक्षा पद्धति को नई ऊर्जा देने के लिए वैदिक मूल्यों, प्राचीन भारतीय संस्कृति, वेदों और उपनिषदों का ज्ञान, ब्रहमाण्ड का विज्ञान एवं आधुनिक विषयों को जोड़कर शिक्षा को परिपूर्ण बनाने का कार्य किया। विश्वविद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ 800 से अधिक शोधपत्र रजिस्टर किये गये हैं, यह सराहनीय कदम है। वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा के संगम का कार्य गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ने किया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कहा कि महर्षि दयानन्द के संदेश को अपने मन से लगा कर रखें। उनके बताये गये रास्ते पर चलने का प्रयास करें।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में नई शिक्षा नीति लाये हैं, इसमें दयानन्द जी की शिक्षा की दृष्टि है, श्रद्धानन्द का वेद और विज्ञान की शिक्षा के समन्वय का संदेश है, महात्मा गांधी का मातृभाषा में शिक्षा का संदेश, यह शिक्षा नीति चरितार्थ करती है, लाला लाजपराय का शिक्षा सभी के लिए का संदेश भी यह शिक्षा नीति जमीन पर उतार रही है। नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होगी। त्रिभाषा का सूत्र भी दिया है और आने वाले दिनों में मातृभाषा से पढ़े हुए छात्र समग्र देश एवं विश्व का कल्याण करे, इस प्रकार का रास्ता प्रशस्त किया गया है। नई शिक्षा नीति को स्ट्रीमलेस और क्लासलेस बनाया गया है। मल्टिपल एन्ट्री, मल्टिपल एक्जिट शिक्षा नीति का विशेष अंग है। एक साल की पढ़ाई में सर्टिफिकेट, दो साल की पढ़ाई में डिप्लोमा, तीन साल की पढ़ाई में डिग्री मिलेगी और चार साल की पढ़ाई करेंगे तो रिसर्च मिल जायेगा। हर स्तर पर विद्यार्थी एंट्री भी कर सकता है और एक्जिट भी कर सकता है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि युवाओं को एक ऐसा प्लेटफार्म मिल जाए, जिस पर हमारे युवा खड़े होकर विश्व के युवाओं के साथ स्पर्धा कर सके और मां भारती का यशोगान पूरे विश्व के अन्दर हो।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्टार्ट अप इंडिया के माध्यम से देश में युवाओं को अनेक मौके सृजित किये गये हैं। 2016 में देश में 724 स्टार्ट अप थे। 2022 में यह संख्या बढ़कर 70 हजार से अधिक हो गई है। 10 हजार से अधिक स्टार्ट अप कोरोनाकाल में बने। 44 प्रतिशत स्टार्ट अप महिलाओं के द्वारा चलाये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और भारतीयता दोनों के गौरव को विश्वभर में बुलंद करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृहमंत्री अमित शाह का देवभूमि की समस्त देवतुल्य जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए बड़े गर्व का विषय है कि हमारे बीच गृहमंत्री के रूप में देश के एक ऐसे नेता उपस्थित हैं, जिनके अथक प्रयासों से और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आज सम्पूर्ण भारत आंतरिक रूप से जहां एक ओर अपने आपको सुरक्षित अनुभव करता है, वहीं दूसरी ओर अपने आपको पहले से अधिक संगठित एवं आत्मविश्वास से भरा हुआ अनुभव करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से धारा-370 खत्म करने में सफलता भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय को दीक्षांत समारोह की बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में ज्ञान की अविरल गंगा को प्रवाहित करने वाले इस संस्थान में उपस्थित होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। महान शिक्षाविद् स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने जो यह अद्भुत धरोहर मां भारती को सौंपी थी, उसका हिस्सा बनना और आप सभी साथियों से जुड़ना, मेरे लिए प्रेरक भी है और आनंददायक भी है। स्वामी श्रद्धानन्द ऐसे संन्यासी थे, जिन्होंने स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार किया। वह भारत के उन महान राष्ट्रभक्त सन्यासियों में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया था।
इस अवसर पर कुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सत्यपाल सिंह, कुलपति प्रो. सोमदेव शंतांशु, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, आदेश चाहान, संतगण एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

बहुद्देशीय सहकारी समितियों में कंप्यूटरीकरण की सौगात

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में राज्य की 95 संयुक्त सहकारी खेती, 95 जन सुविधा केन्द्र, 95 जन औषधि केन्द्र एवं राज्य की समस्त बहुद्देशीय सहकारी समितियों में पूर्ण रूप से कंप्यूटरीकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य में कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे किसानों को सम्मानित भी किया गया। दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को बिना ब्याज के ऋण का चेक वितरण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, संयुक्त सहकारी खेती एवं पैक्स कम्प्यूटरीकरण पर आधारित डाक्यूमेंट्री का अवलोकन भी किया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अक्टूबर 2021 में समग्र भारत में पैक्स के कंप्यूटराइजेशन का कार्य उत्तराखण्ड में शुरू हुआ था। आज 17 माह बाद सभी 670 पैक्स का कम्यूटराईजेशन पूर्ण हो चुका है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रयासों की सराहना की। राज्य में 95 मल्टीपर्पज पैक्स बनाने का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। कोपरेटिव सोसायटी के साथ 95 जन औषधि केन्द्र एवं जन सुविधा केन्द्र की शुरूआत भी सबसे पहले उत्तराखण्ड ने की है। प्रधानमंत्री ने सहकारिता से समृद्धि के लिए 75 वर्ष में पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया। आज सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से देश के सभी 63 हजार पैक्स को कम्यूटराईज करने का कार्य शुरू हो गया है। आज 360 सहकारी बैंक की शाखाएं, 670 बहुद्देशीय पैक्स, 670 एमपैक्स का कम्यूटराईजशन कर उत्तराखण्ड सरकार ने समग्र देश में सहकारिता क्षेत्र में पहले नम्बर पर आने का कार्य किया है। 95 जन सुविधा केन्द्र, केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को 95 गांवों में सीधा पहुंचाने का कार्य करेंगे। इसके माध्यम से एम पैक्स भी मजबूत होंगे। 50 से 90 प्रतिशत सस्ती दवाई कोपरेटिव जन औषधि केन्द्रों से मिलेंगे। उत्तराखण्ड के 95 विकासखण्डों में एकीकृत सामूहिक सहकारी खेती का मॉडल का भी आज शुभारंभ हुआ है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सहकारिता यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। राष्ट्रीय सहकारिता डाटा बेस भी तैयार किया जा रहा है। सहकारिता नीति भी बनाई जा रही है। बीजों के उत्पादन हेतु मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बना चुके हैं। किसानों के उत्पादों के निर्यात के लिए भी एक मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बनाने का कार्य किया गया है। आने वाले समय में गांवों का जल व्यावस्थापन का कार्य भी पैक्स को सौंप सकते हैं, अनेक कार्य पैक्स के साथ जोड़े जा रहे हैं। कम भूमि वाले किसानों को पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य व्यवसायों से जोड़ने का कार्य किया गया है। कॉपरेटिव के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री जी ने रखा है, इस दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जितने इनिसिएटिव केन्द्र सरकार ने कॉपरेटिव के क्षेत्र में लिये हैं, उत्तराखण्ड सरकार ने सभी को धरातल पर उतारकर देवभूमि के छोटे किसानों के भले के लिए कार्य किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का विषय है कि हमें गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित भाई शाह का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। सही नीतियों और ईमानदार नीयत के बिना देश का विकास नहीं हो सकता और इन्हीं दोनों सिद्धांतो को लेकर आज हमारा देश प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति भी विशेष लगाव और स्नेह रहा है। आज जिन विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ अमित शाह द्वारा किया गया है, उन योजनाओं से उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को अवश्य ही लाभ होगा। सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। सहकारिता में स्पर्धा की बजाए सहयोग की भावना रहनी चाहिए। आज की नई पीढ़ी के लिए सहकारिता का अत्यधिक महत्व है क्योंकि आज की पीढ़ी जल्द से जल्द स्वावलंबी होना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता से समृद्धि के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन करने का निर्णय लिया और सहकारिता मंत्रालय को अमित भाई शाह को देकर ये बता दिया कि उनके लिए सहकारिता का महत्व कितना है। आज अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान कर रहा है। यह मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए कारोबार में सुगमता के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्य सहकारी समितियों के विकास को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। सहकारिता विभाग व उससे सम्बन्धित समस्त संस्थाओं का उद्देश्य न केवल कृषकों को सस्ते ऋण की सुविधा प्रदान कराना है, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी निर्बल और निर्धन वर्ग को सशक्त बनाते हुये उनके जीवन स्तर को उन्नत करना भी है। आज बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के विभिन्न कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एवं समितियों को डिजिटल रुप से सशक्त करने हेतु भारत सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम डिजिटल इंड़िया के क्रियान्वयन में एमपैक्सों को पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत करने का कार्य संपन्न हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और गृहमंत्री के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में कई बड़े फैसले लेने का कार्य किया है, आज चाहे नकल विरोधी कानून हो, समान नागरिक आचार संहिता हो, धर्मांतरण काननू हो, नई खेल नीति हो या फिर नई शिक्षा नीति हो। हम कोई भी बड़ा फैसला लेने से न कभी पीछे हटे हैं और न कभी पीछे हटेंगे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य ने अभूतपूर्व विकास किया है, हमारी ये विकास यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी। हमने सशक्त और सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण का जो विकल्प रहित संकल्प लिया है उसकी सिद्धि के लिये बहुआयामी कार्ययोजनायें प्रारम्भ की है और कई नए कदम भी उठाए हैं। हम जिस विकसित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को लेकर चल रहे हैं उसकी सिद्धि के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि हमारा मूल मंत्र है जिनके आधार पर हम योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे हैं।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में सभी सहकारी समितियों को पूर्ण रूप से ऑनलाईन किया जा चुका है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। राज्य के सभी 95 विकासखण्डों में माधो सिंह भण्डारी संयुक्त सहकारी खेती का शुभारंभ हुआ है। दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत 7 लाख 80 हजार किसानों को ब्याज मुक्त ऋण दिया जा चुका है।
सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने का कार्य अमित शाह द्वारा किया जा रहा है। आज जिन योजनाओं का उत्तराखण्ड में शुभारंभ हुआ है, इससे आने वाले समय में प्रदेशवासियों को बहुत फायदा मिलेगा। डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, नरेश बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सचिव सहकारिता बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री की तरह अमित शाह का भी उत्तराखंड से विशेष लगाव-धामी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि योगपीठ में पतंजलि विश्वविद्यालय के 300 करोड़ की लागत से निर्मित प्रशासनिक ब्लॉक का लोकार्पण किया तथा पतंजलि संन्यास आश्रम के 29वें सन्यास दिवस के द्वितीय सन्यास दीक्षा महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे हर बार यहां से नई ऊर्जा और चेतना लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि परिवार आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में देश के पुनरुद्धार और पुनर्निर्माण का काम करेगा। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के तीनों क्षेत्रों में बाबा रामदेव ने विगत 25 सालों में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी आंदोलन के साथ-साथ बाबा रामदेव अब शिक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं। शाह ने कहा कि आज यहां भारतीय शिक्षा बोर्ड, पतंजलि गुरूकुलम, आचार्यकुलम और पतंजलि विश्वविद्यालय के माध्यम से मूल भारतीय परंपरा से हमारे चिरपुरातन ज्ञान को नई ऊर्जा मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का संकल्प है कि 1 लाख विद्यार्थियों वाला पतंजलि ग्लोबल गुरुकुलम और पतंजलि ग्लोबल यूनिवर्सिटी बनाएं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद के क्षेत्र में 500 से अधिक पेपर पब्लिश करने वाले दुनिया में 2 प्रतिशत लोगों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि परिवार जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी अच्छा काम कर रहा है और लगभग 1 लाख किसानों को ऑर्गेनिक खेती के साथ जोड़कर पृथ्वी और पर्यावरण की रक्षा तो की ही है, साथ ही सात्विक आहार के माध्यम से लाखों लोगों को निरामय जीवन जीने का रास्ता भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि पूरे ब्रह्मांड का कल्याण तभी होगा जब भारत का कल्याण होगा और भारत की पुरातन वैदिक संस्कृति का पुनर्रूद्धार होगा।
गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी विगत 9 वर्षों से पूरे विश्व में भारत, भारतीयता और भारत के ज्ञान को ब्रांड एम्बेसडर बनकर सम्मान दिलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के सामने 27 दिसंबर, 2014 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था और कहा था कि हमारे पुरखों ने ऐसा ज्ञान अर्जित किया है जो किसी भी दवाई के बिना मनुष्य के शरीर को निरोगी रख सकता है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को पूरी दुनिया ने स्वीकारा और आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है। शाह ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने जो ज्ञान अर्जित किया वो केवल हमारे लिए नहीं है बल्कि पूरे ब्रह्मांड के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि मोदी ने यूएन में योग दिवस को स्वीकृति दिलाकर योग के विज्ञान पर किए गए हज़ारों सालों के काम को आगे बढ़ाया और इस परंपरा को एक वैश्विक मंच दिलाने का काम किया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई काम किए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने गुलामी के कालखंड के दौरान भारत से चोरी की गईं कई मूर्तियों को विश्व के कई स्थानों से वापिस लाकर भारत में उनके वास्तविक स्थानों पर पुनर्प्रतिष्ठित करने का काम किया है। इसके अलावा हमारे कई धर्म, संस्कृतियों और राष्ट्र के सम्मान चिन्ह ऐसे ही पड़े थे, ऐसे सभी हमारे राष्ट्र के ऊर्जा केन्द्रों को एक बार फिर मोदी ने ऊर्जावान बनाने का काम किया। जल्द ही राम लला अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। उन्होंने कहा कि मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर बनाने का काम किया, केदारनाथ और बद्रीनाथ का पुनर्निर्माण ओर पुनर्विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में देशहित में तमाम ऐसे साहसिक निर्णय हुए हैं जिनसे भारत आंतरिक रूप से सशक्त हुआ है। चाहे वह जम्मू कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करने की बात हो, चाहे राम मंदिर प्रकरण के फैसले के वक्त देश में कानून व्यवस्था की स्थिति को संभाले रखने की बात हो, चाहे तीन तलाक कानून के खात्मे की बात हो या फिर नक्सलवाद और माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने का कार्य हो। इन सभी ऐतिहासिक कार्यों में उनकी विशेष भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भांति ही गृहमंत्री अमित शाह का भी उत्तराखण्ड के प्रति भी विशेष लगाव रहा है, इसी का परिणाम है कि राज्य को प्रगति की राह में आगे बढ़ाने के लिए उनका सहयोग और मार्गदर्शन हमारी सरकार को निरंतर मिलता रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिस प्रकार उसे किया जाना चाहिए था। चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो या राष्ट्र को आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा समर्पित श्री महाकाल लोक हो। आधुनिकता के संतुलित समावेश के साथ आज सनातन संस्कृति का वैभव पुनर्जीवित हो रहा है तथा भारत पुनः विश्व गुरु के स्थान पर स्थापित हो समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तैयार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और कोरोना महामारी के दौरान हम सभी इसके महत्व से परिचित भी हो चुके हैं। आज की तेजी से भागती जिंदगी में जहां चुनौतियां बहुत ज्यादा वहीं तनाव भी भरपूर है, ऐसी स्थिति से लड़ने के लिए योग ही हमें शक्ति और ऊर्जा प्रदान करने का सबसे आसान साधन है। योग और आयुर्वेद के साथ साथ स्वामी रामदेव जी और पतंजलि परिवार ने देश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु भी निरंतर कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता से हमें पूरा समर्थन मिल रहा है राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष के दौरान जनता के विश्वास को और भी अधिक सुदृढ़ किया है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमने पार कर लिए हैं और कई पड़ाव अभी पार करने हैं। इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता से किए अपने वादों को या तो पूरा किया है या फिर उन्हें पूरा करने कि दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करना हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, नई शिक्षा नीति लागू करना हो, नई खेल नीति लागू करना हो, सख्त नकल विरोधी कानून हो, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देना हो… हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वाेपरि हैं।
कार्यक्रम को स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने भी सम्बोधित करते हुये पतंजलि की विकास यात्रा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये कहा कि देश के निरन्तर आर्थिक विकास में पतंजलि का हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है।
पतंजलि परिसर पहुंचने पर केन्द्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत, सांसद हरिद्वार डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक आदि गणमान्य महानुभावों का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। इस मौके पर पतंजलि के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने मलखम्भ पर हैरतअंगेज करतब प्रदर्शित कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र के0एस0 नगन्याल, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने वैश्य बंधु समाज द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन वार्षिकोत्सव में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल में वैश्य बन्धु समाज, मध्य हरिद्वार द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन वार्षिकोत्सव व पारिवारिक मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैश्य बंधु समाज द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन वार्षिकोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुये कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का जीवन सदैव जनसेवा और सद्कार्यों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सदैव समाज के हित के बारे में सोचा और जनकल्याण के साथ- साथ समाज को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए एक नई सोच विकसित करने का कार्य किया तथा पूरे विश्व को संदेश दिया कि समाज को परस्पर जोड़कर किस प्रकार सभी को समृद्ध और खुशहाल बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन के जीवन तथा व्यवहार-दर्शन में हर समाज के लिए सफलता का मूलमंत्र छिपा है। अग्रवाल समाज का राजाओं के राज में, आजादी के आंदोलन में और आजादी के आंदोलन के बाद लोकतंत्र के विकास में, हर दौर में समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है तथा आज अग्रवाल समाज हर क्षेत्र में सेवा व समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह महाराजा अग्रसेन जी ने समाज के हर वर्ग के लिए समर्पण भाव से सोचा, उसी तरह आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की मूल भावना से कार्य करते हुए हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाराजा अग्रसेन जी ने हर वर्ग के कल्याण का जो सपना देखा था उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी केंद्र व राज्य सरकार मिलकर धरातल पर उतारने हेतु कार्य कर कर रही है तथा देश व प्रदेश के अन्दर एक नई कार्य संस्कृति आई है, जिसके परिणामस्वरूप विश्व में भारत की विश्वसनीयता निरन्तर बढ़ रही है और एक समरस, सशक्त तथा समर्थ भारत बन रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब पांचवें नम्बर की अर्थव्यवस्था बन गयी है तथा आज का नवीन भारत पारम्परिकताओं के साथ ही नये बदलाओं को भी आत्मसात कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व न केवल हमारी शक्ति और ज्ञान परंपरा से परिचित हो रहा है बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में हमारा अनुसरण करने को भी तत्पर है। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा उठाये गये ठोस कदमों का उल्लेख करते हुये कहा कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार है, धर्मान्तरण के सन्दर्भ में भी हमने ठोस कदम उठाये हैं, नकल के लिये भी सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें उम्रकैद से लेकर सारी सम्पत्ति जब्त करने की व्यवस्था है तथा इसके अतिरिक्त महिला शक्ति को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्राविधान किया गया है। इस मौके पर देवपुरा चौक स्थित महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा के शिलान्यास शिलापट्ट का अनावरण भी किया गया।
समारोह को राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, संदीप गोयल, रविदासाचार्य पूर्व विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, डॉ0 विशाल गर्ग, सुधीर अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल, राजीव गुप्ता, लोकेश गुप्ता, मनोज गर्ग, अनुपम अग्रवाल, धीरेन्द्र गुप्ता, डॉ0 गौरव गोयल, आदित्य बंसल, शिवम गुप्ता, पराग, सुधीर अग्रवाल, नितिन गोयल, गगन गुप्ता, कमल अग्रवाल, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, सिटी मजिस्ट्रेट नूपुर वर्मा सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

आयुर्वेद मात्र बीमारियों का इलाज ही नहीं बल्कि शरीर को बीमार होने से भी रोकता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ऋषिकुल के सभागार में आयोजित प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय पशु चिकित्सा एवं आयुर्वेद संगोष्ठी में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत वैदिक काल से ही आयुर्वेद द्वारा पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारंपरिक ज्ञान को लागू करने वाला प्रमुख देश रहा है। उन्होंने कहा कि ’’सर्वे संतु निरामया’’ का संदेश देने वाला पंचम वेद अर्थात आयुर्वेद हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ’’पंचप्राण’’ विकास रणनीति में देश के विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी इसी समृद्ध प्राचीन विरासत और पारंपरिक ज्ञान को सहेजने पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति ही नहीं अपितु आदर्श जीवन जीने का तरीका भी है। यह मात्र बीमारियों का इलाज नहीं करता बल्कि आयुर्वेद को अपनाकर हम अपने शरीर को बीमार होने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन हमारे देश की बड़ी ताकत है, जिन्हें बचाना हमारा प्रमुख कर्तव्य है और मानव संसाधन के साथ ही आयुर्वेद के प्रयोग द्वारा हम अपने पशुधन को भी रोगमुक्त रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक पशु चिकित्सा द्वारा पशुओं के रोग निवारण और रोग नियंत्रण के लिए प्रदेश में मौजूद हर्बल संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोराना काल में हम आयुर्वेद का महत्व अच्छी तरह समझ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में मनुष्यों से भी अधिक पशुओं में एंटीबॉयोटिक्स का इस्तेमाल करने पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि यह स्थिति पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे लिए भी अत्यंत हानिकारक है, जिसे हम आयुर्वेद को अपनाकर ही नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियों का भण्डार होने के कारण यहां आयुर्वेद का और भी अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति का वरदान है। यहां अनेकों नदियां बारहों महीने बहती हैं तथा 71 प्रतिशत भू-भाग वनों से अच्छादित है तथा हर क्षेत्र में अब पहाड़ का पानी व जवानी दोनों काम हा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आयुष और आयुर्वेद के क्षेत्र में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं और आयुर्वेद से होने वाले लाभों को आमजन तक पहुंचाने के लिए भी प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 300 आयुष हैल्थ व वेलनेस केन्द्रों के संचालन एवं 150 पंचकर्म केन्द्रों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। आयुर्वेद, होम्योपैथी व नेचुरोपैथी के विकास द्वारा रोजगार व आर्थिकी को भी व्यापक विस्तार देते हुये, इसके लिए हम प्रयासरत हैं।

उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने प्रदेश में राज्य पशुधन मिशन शुरू किया है, इसके तहत 60 करोड़ का निवेश किए जाने की योजना बनाई गई है। इससे सात हजार पशुपालकों को प्रत्यक्ष और दस हजार पशुपालकों को अप्रत्यक्ष रोजगार का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गांवों में दुनिया की सबसे समृद्ध और सबसे कुशल पशु स्वास्थ्य परंपरा मौजूद है। यह ज्ञान पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पशु चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूती प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कार्य भी किये जा रहे हैं और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिये पशु चिकित्सालयों में आयुर्वेद से संबंधित औषधियों की आपूर्ति बढ़ाने का कार्य निरन्तर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम जहां एक ओर अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रहे हैं वहीं ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ ही सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर पशुधन विकास और आयुष सहित अनेकों क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने इस बार के बजट में स्थानीय निकायों में पशुधन, गौ सदन के निर्माण के लिए 14.15 करोड़ का प्रावधान किया है वहीं, गौ पालन योजना के लिए 2.79 करोड़ का प्राविधान भी अलग से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण व संतुष्टि के मंत्र के तहत निरन्तर कार्य कर रही है तथा आजादी के अमृत काल में उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होनी वाली है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण के विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति में सभी का सहयोग अपेक्षित है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गंगा, गौमाता व पर्यटन पर विस्तृत प्रकाश डाला।

समारोह में बोलते हुये स्वामी बाबा रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद का जितना महत्व है, उतना ही गौमाता का भी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज सम्भव है तथा आयुर्वेद का भविष्य उज्ज्वल है।

इस अवसर पर केएन राघवेन्द्र, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रोफेसर सुनील जोशी, डॉ0 हेमेन्द्र यादव, प्रेम चन्द्र शास्त्री, हरिशंकर शर्मा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।