एनएचएम निदेशक भारत सरकार का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सभागार में डॉ नेहा गर्ग, निदेशक, एनएचएम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालाय भारत सरकार की अध्यक्षता में प्रदेश में संचालित विकसित भारत संकल्प यात्रा व राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निदेशक महोदया द्वारा प्रदेश में संचालित विकसित भारत संकल्प यात्रा व राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के कुशल क्रियान्वयन को सराहा। उन्होंने कहा, प्रदेश में विकिसित भारत संकल्प यात्रा के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आमजन की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग व जांचे निरतंर की जा रही है।

निदेशक डॉ नेहा गर्ग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम में संस्थागत प्रसव में हुए सुधारों को सराहा साथ ही मातृ मृत्यु दर कम किये जाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में यू-विन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण किया जा रहा है जिस पर निदेशक द्वारा टीकाकरण की व्यपकता को बढ़ाने हेतु बल दिया गया।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्व में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में दवाईयों की उपलब्धता बढ़ाने पर बैठक में आवश्यक निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा, प्रदेश में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर आने वालों को दवाईयां मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाए।

निदेशक डॉ नेहा गर्ग द्वारा बताया गया कि भारत सरकार आमजन को स्वास्थ्य प्रदान किये जाने हेतु उत्तराखंड को पूर्ण सहयोग दे रही है। जिस हेतु विभिन्न कार्यक्रमों की मॉनीटरिंग कर उपयोगी निर्देश भी समयानुसार दिए जा रहे हैं।

बैठक में निदेशक महोदया द्वारा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, क्वालिटी एश्योरेंस, ब्लड स्क्रीनिंग, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग, गैर संचारी रोग आदि कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को विभिन्न कार्यक्रमों का लाभ आम जनमानस को पहुंचाने हेतु निर्देश दिये।

उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एक महत्वपूर्ण पहलू है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। इस मिशन के अंतर्गत, सरकार ने कई कदम उठाए हैं जो भारतीय नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में हैं जो ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रहा है।

बैठक में स्वाति भदौरिया मिशन निदेशक एनएचएम, कार्यक्रम अधिकारी डॉ अमित शुक्ला, डॉ राजन अरोड़ा, डॉ अजय नगरकर, डॉ पकंज सिंह, डॉ अर्चना ओझा, डॉ फरीदुजफर, डॉ मुकेश राय, डॉ तुहिन कुमार, राज्य क्रार्यक्रम प्रबंधक महेंद्र मौर्य आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

एड्स जागरूकता में युवा वर्ग को निभाना होगा अहम किरदारः कर्नल आलोक गुप्ता

विश्व एड्स दिवस पर उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक राज्य स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। दून मेडिकल कॉलेज अस्तपाल ओ०पी०डी० बिल्डिंग सभागार में आयोजित गोष्ठी में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि एड्स संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए एड्स संक्रमित व्यक्तियों को सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें प्रेम व सम्मान देना चाहिए। इस साल विश्व एड्स दिवस की थीम ष्लैट कम्युनिटी लीडष् है। राज्य स्तरीय गोष्ठी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एस०एच०ओ० कैन्ट, देहरादून, थे। उक्त कार्यक्रम में विषिष्ठ अतिथि के तौर पर डा० अनुराग अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, डा० नारायण जीत, एच०ओ०डी० मेडिसिन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, पवन कुमार कोठारी जेलर, डिस्ट्रिक जेल देहरादून, डा० विशाल धीमान एडिशनल प्रोफेसर एम्स ऋषिकेश एवं डा० अजय कुमार, अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति थे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद मंच पर आसीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अपर परियोजना निदेशक, यूसैक्स डॉ अजय कुमार द्वारा मुख्य अतिथि तथा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा संचालित गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी गयी। अपर परियोजना निदेशक द्वारा कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले प्रतिभागियों की उपलब्धियां के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता ने कहा कि एड्स पीड़ितों को प्यार और सम्मान देना चाहिए, जिससे वह खुद को अलग-थलग न समझें। उन्होंने बताया कि किसी के साथ खाना खाने, छूने आदि से एड्स नहीं होता है। इसलिए इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को रक्तदान के लिए भी प्रेरित किया।
उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एस०एच०ओ० कैन्ट, देहरादून, द्वारा एच०आई०वी०/एड्स पर उत्कृष्ठ कार्य कर रही संस्थाओं एवं टी०आई० संस्थाओं, को सम्मानित किया गया। डा० अनुराग अग्रवाल चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, डा० नारायणा एच०ओ०डी० मेडिसिन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, श्री पवन कुमार कोठारी जेलर, डिस्ट्रिक जेल देहरादून, डा० विशाल धीमान एडिशनल प्रोफेसर एम्स ऋषिकेश द्वारा सम्बोधन दिया गया।

इस मौके पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, के छात्र छात्राओं एवं हंसा नृत्य नाटक कला सोसाइटी के ग्रुप मैम्बर्स द्वारा एच०आई०यी०/एड्स विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुति की गयी, कार्यक्रम में मंच का सफल संचालन अनिल वर्मा, चौयरमेन यूथ रेडक्रास सोसाईटी, उत्तराखण्ड शाखा द्वारा किया गया।

उक्त कार्यक्रम में मेजर प्रेमलता वर्मा यूथ रेडक्रास समिति विहान नेटवर्क से दो एच०आई०वी० पॉसिटिव महिला स्पीकर द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये, महाराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज से स्पोटर्स टीचर लोकेश, साथी ग्रुप देहरादून से गालिब, एवं अनिल रावत, हरीश चन्द्र शर्मा उप सचिव, रेडक्रास सोसाइटी, डा० नवीन सिंघल एच०ओ०डी० डी०आई०टी० यूनिवर्सटी, देहरादून, डा० अमन शुक्ला कॉर्डिनेटर ग्राफिक एरा, यूनिवर्सटी, देहरादून, नारायण सिंह राणा उत्तरकाशी द्वारा प्रतिभाग किया गया, तथा देहरादून में कार्यरत विभिन्न टी०आई० संस्थायें-एग्नेस कुंज सोसाइटी (होप), बालाजी सेवा संस्थान, पी०ई० जे०के०एस०, चौखम्बा, रूद्रा, टी०आई० संस्थान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर/प्रोग्राम मैनेजर एवं प्रतिनिधियों, डी०ए०वी० पी०जी० कॉलेज, (रोवर्स एंड रैजर्स), एन०एस०एस० के छात्र-छात्राओं एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं अन्य विभागों के विभिन्न प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

हैल्थ सैक्टर सेवा का सैक्टर, आपसी समन्वय से काम करें अधिकारी-कर्मचारीः सुधांशु

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। इन तीन दिनों में स्वास्थ्य सचिव ने कुमांउ मंडल की विभिन्न चिकित्सा इकाईयों का निरीक्षण कर संबधित अधिकारियों को जरूरी दिषा निर्देष दिए। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव द्वारा जिन चिकित्सा इकाईयों का निरीक्षण किया गया उनमें बीडी पांडेय हॉस्पिटल नैनीताल, टीवी सेंनिटोरियम भवाली, जीबी पंत हॉस्पिटल नैनीताल, सुषील तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी, महिला चिकित्सालय हल्द्वानी, उपजिला चिकित्साल काषीपुर, हैल्थ वेलनेंस सेंटर खुरपा ताल सहित कई अन्य चिकित्सा ईकाइयों का दौरा कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।

इसी क्रम में आज एटीआई नैनीताल से केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने वीडियो कांन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली। जिसमें राज्य के सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेष कुमार द्वारा राज्य में चल रही बिभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, चिकित्सा षिक्षा, आयुष्मान योजना का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने राज्य में चल रही केन्द्र पोषित योजनाओं की प्रगति पर संतोष जाहिर करते हुए उनमें तेजी लाने के निर्देष अधिकारियों को दिये।

निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देष
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने कहा हैल्थ सैक्टर सेवा का सैक्टर है। इसमें सभी को मिलकर सेवा भाव से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों कहा प्रदेश के हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिटिकल केयर ब्लॉक, मेडिकल कॉलेज व अन्य निर्माणाधीन कार्य में तेजी लाई जाये। जिससे आम जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने दिसंबर 2023 तक निर्माण कार्यों को पूरा करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने अल्मोड़ा, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधमसिंहगनर मेडिकल कॉलेज के निर्माणकार्यों को यथाशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने अधिकारियों से बीडी पांडेय हॉस्पिटल नैनीताल में सुविधाओं को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बजट की कमी आती है तो केन्द्र उसमें राज्य को पूरा सहयोग देगा। इसके साथ ही उन्होंने जीबी पंत हॉस्पिटल नैनीताल को सैटिलाइट हॉस्पिटल के रूप में बिकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाने की बात भी कही। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने टीवी सेंनिटोरियम भवाली को उच्च स्तरीय टीवी एंव चेस्ट संस्थान के रूप में बिकसित करने के निर्देष भी अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही नैनीताल के गेठिया सेंनिटोरियम को मेंटल हैल्थ इंस्टीटियूषन के रूप में विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाने की बात कही।

केन्द्र सरकार देगी पूरा सहयोग
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने कहा उत्तराखंड के स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु भारत सरकार पूरा सहयोग देगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के यू कोट वी पे मॉडल की प्रशंसा करते हुए स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए उच्चतम वेतन प्रदान करने के कार्य को अत्यधिक सराहना की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से उत्तराखंड के अधिक से अधिक लोगों को मिल रहे लाभ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों व मैदानी इलाकों में कोविड टीकाकरण सहित अन्य मैनेजमेंट में अच्छा कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधित सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए यह आवश्यक है वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधित परियोजनाएं जो गतिमान हैं, उसका विभाग द्वारा अनुसरण एवं अनुपालन किया जाए। ताकि इन योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

बैठक में डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य, आषीष श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, अमनदीप कौर, अपर सचिव स्वास्थ्य, नमामि बंसल अपर सचिव स्वास्थ्य सहित सभी 13 जनपदों के अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी वर्चवल रूप से जुड़े थे।

उत्तराखंडः 18 हजार लोगों ने दी टीबी को मात

टीबी मुक्त उत्तराखंड के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास धरातल पर नजर आने लगे हैं। टीबी रोगियों की सेवा के लिये प्रदेश में हजारों ने लोगों ने आगे आ कर सामुदायिक भागीदारी निभाई है। इन निःक्षय मित्रों की मदद से सूबे में 18 हजार से अधिक लोग टीबी को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्य में अबतक 9630 लोगों ने निःक्षय मित्र के तौर पर अपना पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। जिसमें नि-क्षय मित्र चिन्हित टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी मुक्त अभियान में अहम भूमिक निभा रहे हैं। जिसमें हरिद्वार जनपद में सर्वाधिक 2148 नि-क्षय मित्र पंजीकृत हैं जबकि ऊधमसिंह नगर में 2173, नैनीताल 1288, देहरादून 1470, अल्मोड़ा 497, पौड़ी गढ़वाल 467, टिहरी 387, पिथौरागढ़ 245, रूद्रप्रयाग 221, चमोली 205, उत्तरकाशी 197, चम्पावत 179 तथा बागेश्वर में 153 नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया है।

डॉ. रावत ने बताया कि सूबे में अबतक 15070 टीबी मरीजों का चिन्हिकरण किया जा चुका है, जिसमें से 10521 मरीजों ने नि-क्षय मित्रों से सामुदायिक सहयोग के लिये हामी भरी है जबकि प्रदेश में 9814 रोगी नि-क्षय मित्रों के सहयोग से लाभान्वित हो रहे हैं। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 313, बागेश्वर 99, चमोली 146, चम्पावत 148, देहरादून 1508, पौडी गढ़वाल 223, हरिद्वार 3375, नैनीताल 984, पिथौरागढ़ 245, रूद्रप्रयाग 161, टिहरी गढ़वाल 264, ऊधम सिंह नगर 2109 तथा उत्तरकाशी में 239 शामिल हैं। डॉ. रावत ने बताया कि टीबी उन्मूलन की ओर सकारात्मक अग्रसर होने के दृष्टिगत भारत सरकार ने राज्य के सात जनपदों का चयन सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के लिये किया। जिनमें से देहरादून जनपद को गोल्ड जबकि चम्पावत, पौड़ी व टिहरी गढ़वाल को ब्रॉंन्ज मेंडल प्रदान किये गये, जोकि प्रदेश के लिये टीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

’सूबे में 18 हजार टीबी रोगी हुये स्वस्थ’
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत प्रदेशभर में टीबी रोगियों का लगातार चिन्हिकरण किया जा रहा है। विभाग द्वारा रोगियों को दिये जा रहे बेहतर उपचार व सामुदायिक सहयोग का नतीजा है कि राज्य में 18 हजार 785 लोगों ने टीबी को मात दे दी है, जोकि विभाग के लिये बड़ी उपलब्धि है। टीबी रोग से अब तक अल्मोड़ा जनपद में 723, बागेश्वर में 246, चमोली 875, चम्पावत 489, देहरादून 2424, पौड़ी गढ़वाल 417, हरिद्वार 5613, नैनीताल 2543, पिथौरागढ़ 609, रूद्रप्रयाग 507, टिहरी 729, ऊधमसिंहनगर 3133 तथा उत्तरकाशी में 477 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने किया हल्द्वानी में अस्पतालों का औचक निरीक्षण

देहरादून। डेंगू नियंत्रण अभियान की हकीकत जानने स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार आजकल प्रदेश के दौरे पर हैं। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी जनपद के कोटद्वार के बाद आज स्वास्थ्य सचिव का काफिला कुमाऊ मंडल नैनीताल जनपद के हल्द्वानी शहर पहुँचा।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने आज हल्द्वानी का दौरा किया। उन्होंने डेंगू से निपटने के लिए किये जा रहे इंतजामों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए की गयी व्यवस्थाओं पर नाराजगी जतायी और व्यवस्थाएं दुरस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि डेंगू के मरीज के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।

बेस अस्पताल हलद्वनी का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश द्वारा आईसीयू का संचालन न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई । अस्पताल प्रशासन को जल्द से जल्द आईसीयू को चलाने के निर्देश मौके पर दिए गए। सचिव स्वस्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने बेस हॉस्पिटल पर वार्ड में जाकर मरीजों का हाल जाना अस्पताल प्रशासन को किसी भी मरीज के उपचार मैं कोई लापरवाही न हो इसके निर्देश दिये गये। उनके द्वारा द्वारा डेंगू वार्ड, आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड, डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि डेंगू के उपचार के लिये निजी व सरकारी चिकित्सालय पर आयुष्मान कार्ड द्वारा भी उपचार प्रदान किया जाएगा। जिसके निर्देश अधिकारियो को दे दिये गये है।

सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने डेंगू जांचों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की । उन्होंने अधिकारियों को जांचों में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा अधिकारी कागज पर पेन कम चलकर थोड़ा जांचों में तेजी लाएं जिससे मरीज को समय पर सही इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सचिव ने मरीजों और लोगों से भी अस्पताल में व्याप्त सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया की स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने पूरे प्रदेश के अंदर डेंगू के 307 मामले एक्टिव है।
उन्होंने बताया डेंगू को लेकर अस्पताल में बेड्स पूरी तरह से उपलब्ध हैं, उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से किसी को भी प्लेटलेट्स नहीं दी जाएगी, जरूरत पड़ने पर ही मरीज को प्लेटलेट्स दी जाएगी, डेंगू पर जो भी इलाज है, उसे अस्पताल द्वारा ठीक तरीके से नहीं किया जाएगा तो ₹50000 से लेकर ₹200000 तक का जुर्माना लगाने के प्रावधान बनाए गए हैं,

स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश की डेंगू के मामलों को लापरवाही नहीं बरती जाएगी, जो भी प्राइवेट हॉस्पिटल या सरकारी हॉस्पिटल लापरवाही करेगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वह बराबर डेंगू पर अपनी नजर बनाए रखें और डेंगू के मामले को लेकर शासन को लगातार अवगत कराए, सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में अधिक पैसा लिए जाने पर भी उन्होंने कहा की रेट निर्धारित किए गए हैं, अधिक रेट लिए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भागीरथी जोशी, मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्रधानाचार्य डा. अरुण जोशी, डॉ टिट्याल, चिकित्सा अधीक्षक सुशीला तिवारी अस्पताल, डॉ मनोज कांडपाल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ सविता ह्यांकी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बेस चिकित्सा हल्द्वानी, डा. ऊषा जंगपांगी महिला चिकित्सालय हल्द्वानी भी मौजूद थे।

स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर चला डेंगू रोकथाम महाअभियान

देहरादून जनपद में डेंगू रोकथाम के लिए माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव एस एस संधु के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चार दिवसीय महा-अभियान का शुरूआत की। इस महा-अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी ईकाईयों द्वारा मिलकर जनपद देहरादून के विभिन्न स्थानों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जनपद के विभिन्न इलाकों में घरों एवं मोहल्लों में जाकर डेंगू का लार्वा को नष्ट किया गया तथा लोगों को डेंगू के बारे में जागरूक किया गया तथा आशाओं के माध्यम से दवाओं का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आई0ई0सी0 सामग्री का वितरण आशाओं एवं टीम के सदस्यों द्वारा किया गया। इसके साथ ही नगर निगम टीम द्वारा शहर के कई इलाकों में फॉगिंग अभियान चलाया गया।

हाई रिस्क क्षेत्रों में चलाया गया डेंगू रोकथाम महाअभियान
आज देहरादून शहरी क्षेत्र के 24 हाई रिस्क वार्डों में डेंगू रोकथाम महाअभियान संचालित किया गया। महाअभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों एवं आशा फैसिलिटेटर द्वारा सभी वार्डों में घर-घर जाकर सघन अभियान चलाते हुए डेंगू लार्वा साईट को चिन्हित किया तथा लार्वा साईट को नष्ट किया। वृहद संभावित लार्वा साईट में लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया। आशा कार्यकत्रियों द्वारा 5340 घरों का भ्रमण किया गया। जिनमें कुल 252 बड़ी-छोटी लार्वा साईट को नष्ट किया गया। यह महाअभियान देहरादून के करनपुर, बकरालवाला, चुक्खुवाला, शिवाजी मार्ग, बलूपुर, इंदरा नगर, कांवली, पटेलनगर, अजबपुर, धर्मपुर, मेहूवाला, देहराखास, लखीबाग, विद्या विहार, निरंजनपुर, माजरा, रेस्ट कैंप, रेस कोर्स, बंजारावाला, मोथरोवाला, मोहब्बेवाला, चन्द्रबनी, आर्केदिया आदि क्षेत्रों में चलाया गया। चिन्हित 24 वार्डों के अतिरिक्त जनपद के अन्य क्षेत्रों में दैनिक अभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों द्वारा 14985 घरों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उनके द्वारा घरों व आसपास 3303 लार्वा साईट को नष्ट किया गया व लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया। वहीं डेंगू वॉलेंटियरर्स द्वारा जनपद में 1349 घरों का भ्रमण करते हुए 1461 लार्वा साईट को नष्ट किया गया तथा लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया।

डेंगू रोकथाम अभियान अगले तीन दिन जारी रहेगा। इस अभियान के जरिए सभी टीमें संम्पूर्ण देहरादून शहर का भ्रणम कर आम जनमानस को डेंगू को लेकर जागरूक करेंगी। इसके साथ ही डेंगू के हाई रिस्क क्षेत्रों पर टीमों का खास फोकस रहेगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा ऐसा महाअभियान देहरादून के बाद राज्य के अन्य सभी जनपदों में चलाया जायेगा। जिन भी क्षेत्रों में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के तहत अभियान चलाया जायेगा। इसके साथ आम जनमानस से उन्होंने अपील की कि अपने आस पास साफ सफाई बनाकर रखें, पानी को जमा न होने न दें।

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य सचिव ने अस्पतालों में दिये अतिरिक्त बैड बढाने के दिये निर्देश, सफाई व्यवस्थाओं को दुरूस्त रखें अस्पताल

हरिद्वार। डेंगू को लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का अभियान लगातार जारी है। आज स्वास्थ्य सचिव का काफिला हरिद्वार जनपद पहुंचा। जहां स्वास्थ्य सचिव ने जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और उपजिला मेला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद में डेंगू रोकथाम अभियान का जायजा लिया। निरीक्षण में खामियों पर स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्थायें जल्द दुरूरत करने के निर्देश दिये। अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं पर भी सचिव स्वास्थ्य ने कडी नाराजगी जाहिर की।

वहीं सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. आर राजेश कुमार ने अस्पतालों में डेंगू मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और व्यवस्थाएं परखीं। डॉ आर राजेश कुमार ने सभी चिकित्सालयों में डेंगू मरीजों के लिए अतिरिक्त बैड की व्यवस्था रखने, आइसोलेशन वार्ड बनाने तथा त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने जिला महिला चिकित्सालय के एम0सी0एच0 विंग का निरीक्षण किया और एक माह के अंदर कार्य पूर्ण करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिये। ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिलने लगे। इसके साथ ही उन्होंने उपजिला मेला चिकित्सालय के जिरियाट्रिक वार्ड का भी निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य सचिव ने किया मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. आर राजेश कुमार ने हरिद्वार जनपद में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर0 राजेश कुमार ने कहा यह कॉलेज भविष्य में हरिद्वार के लिये वरदान साबित होगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के बनने के बाद जहां स्वास्थ्य सुविधाओं में ईजाफा होगा। वहीं मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अवसर बढ जायेंगे। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेज के खुलने से आस-पास के स्थानीय लोगों के लिए कई तरह के रोजगार के अवसर भी बढेंगे।

आपको बता दें कि यह मेडिकल कॉलेज लगभग 67 एकड मंे फैला हुआ है। इस मेडिकल के निर्माण की लगात लगभग 538 करोड़ रूपये है। जिसमें से लगभग 309 करोड रूपये सरकार द्वारा इसके निर्माण के लिए जारी किये जा चुके हैं। 2024 के अंत तक यह मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जायेगा। निरीक्षण के दौरान सी0एम0ओ0 डॉ मनीष दत्त, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ रंजीत सिंह रैना, ए0सी0एम0ओ0 डॉ आर0के0 सिंह, डॉ गुरनाम सिंह, मलेरिया अधिकारी सी0एम0 कंसवाल, डॉ तरुण, डॉ पंकज सिंह, डॉ अजय कुमार, सहित जनपद के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कोरोनेशन-गांधी जिला अस्पताल व डेंगू कंट्रोल रूम का स्वास्थ्य सचिव ने किया औचक निरीक्षण, खामियों पर लगाई अधिकारियों को फटकार

देहरादून। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच शासन-प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार समीक्षा बैठकों के साथ ही ग्रांउड जीरो पर जाकर अस्पतालों में हालातों का जायजा ले रहे हैं। आज रविवार को छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य सचिव पूरी तरह से मुस्तैद नजर आये। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी के बंद हाने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पैथोलॉजी को व्यवस्थित तरीके से प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रात्रि 8 बजे तक मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट ली जाये। वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं को लेकर भी बात की। इलाज को लेकर मरीजों की विभिन्न शिकायत पर उन्होंने संबधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य सचिव में औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन, सहायक निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ मंयक बडोला, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ महेन्द्र पंत, डॉ अजय नागरकर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना मौजूद रहे।

गांधी अस्पताल में शुरू होगा 100 बैड का डेंगू वार्ड
इसके बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का काफिला गंाधी अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के पाया कि यहां लगभग 100 बैड का डेंगू वार्ड शुरू किया जा सकता है। जिसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 24 घंटे में गांधी शताब्दी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डेंगू वार्ड शुरू किया जाये। स्वास्थ्य सचिव ने गांधी अस्पताल में खुल ब्लड स्टोरेज सेंटर को पूर्णकालिक ब्लड बैंक में तब्दील करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि मरीजों को रक्त की कमी न हो।

कंट्रोल रूम का 104 के साथ होगा समन्वय
कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के बाद स्वास्थ्य सचिव अपनी टीम के साथ सहस्रधारा आईटीडीए में स्थापित डेंगू कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा राज्य के सभी जिलों से सूचाओं को आदना प्रदान हो सके इसकेक लिए डेंगू कंट्रोल रूम और 104 सेवा का आपसी समन्वय होगा। जिसके बाद राज्य में डेंगू मरीजों के प्रतिदिन का आंकड़ा जारी किया जायेगा। हम सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिले इस पर कार्य कर रहे हैं।

फागिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्दश
स्वास्थ्य सचिव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्दश दिये कि फोगिंग को पहले की अपेक्षा और अधिक प्रभावी बनाया जाये। नोटिफिएड इलाकों में बार-बार फोगिंग की जाये। इसके साथ ही घरों में डेंगू का लार्वा जमा न हो इसको लेकर जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाये।

अधिक पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य में डेंगू मरीजों को समुचित इलाज मिले इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव राज्य के सभी अस्पतालों से लगातार फीड बैक ले रहे हैं। अस्पतालों में दवाईयों व अन्य किसी प्रकार के उपकरणों की कोई कमी न हो इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी के साथ निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। डेंगू मरीजों को आयुष्मान के तहत इलाज न देने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

ई-रक्तकोश पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए कहा हर दिन सुबह शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डेटा एकत्र किया जायेगा। इसके होने से अगले दिन हमें रक्त की पूरी जानकारी मिल जायेगी। कितनी कमी है किस ब्लड ग्रुप के रक्त की ज्यादा डिमांड है। उसके अनुरूम हमें व्यवस्थाओं को बनाने में मदद मिलेगी।

डेंगू पीड़ितों के लिए करें रक्तदान
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं।ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा उन्होंने खुद एक मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पूर्व रक्तदान किया था। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें।

स्टेट एआरटी व सरोगेसी बोर्ड की द्वितीय बैठक में लिये गये अहम फैसले

राज्य में एआरटी व सरोगेसी क्लीनिक एवं बैंकों की स्थापना के लिये प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जायेगा। इसके लिये राज्य नोडल अधिकारी को अभी तक प्राप्त आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दे दिये गये हैं। एआरटी व सरोगेसी एक्ट से संबंधित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त करने एवं दुरूपयोग को रोकने के लिये एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जायेगा जोकि स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नम्बर 104 से लिंक किया जायेगा। इसी के साथ राज्य स्तरीय बोर्ड में दो विशेष अमंत्रित सदस्य नामित किये जायेंगे।

सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में राज्य एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड की द्वितीय बैठक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सम्मपन्न हुई, जिसमें एआरटी व सरोगेसी क्लीनिक तथा एआरटी बैंकों की स्थापना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बोर्ड के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डा. रावत ने बताया कि राज्य में एआरटी क्लीनिक लेवल-1 के लिये 06 आवेदन तथा लेवल-2 के लिये 22 आवेदन विभिन्न मेडिकल संस्थानों से प्राप्त हुई। जबकि सरोगेसी क्लीनिक के लिये 07 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिनमें एम्स ़ऋषिकेश सहित अन्य निजी अस्पताल व नर्सिंग होम शामिल है। इसी प्रकार एआरटी बैंक के लिये प्रदेशभर से 08 आवेदन प्राप्त हुये हैं। बोर्ड बैठक में प्राप्त आवेदनों के आधार पर जिन संस्थानों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करा दिया गया है उनका शीघ्र निरीक्षण करा कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश बोर्ड सचिव व राज्य नोडल अधिकारी को दे दिये गये हैं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि एआरटी व सरोगेसी से संबंधित जानकारी, सुझाव प्राप्त करने तथा सरोगेसी के व्यवसायीकरण एवं दुरूपयोग को रोकने के लिये एक हेल्पलाइन नम्बर जारी किया जायेगा जो कि स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नम्बर 104 से लिंक रहेगा। इसके अतिरिक्त बैठक में सीएमओ की अध्यक्षता में शीघ्र जिला मेडिकल बोर्ड गठन की कार्यवाही पूर्ण करते हुये प्रत्येक जनपद में मेडिकल बोर्ड की पृथक लॉगइन आईडी खोलने के निर्देश दिये गये ताकि सरोगेसी व एआरटी का लाभ लेने वाले दम्पतियों को समय पर जिला मेडिकल बोर्ड की संस्तुति मिल सके। बैठक में निर्णय लिया गया है कि बोर्ड बैठक में प्रतिभाग के लिये आने वाले गैर सरकारी सदस्यों एवं निरीक्षण टीम के सदस्यों को टीए-डीए दिये जाने का निर्णय भी लिया गया। इसके अतिरिक्त बोर्ड में एक महिला व एक पुरूष को विशेष आमंत्रित सदस्य नामित करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में बोर्ड सदस्य विधायक कैंट सविता कपूर, विधायक भगवानपुर ममता राकेश, प्रमुख सचिव न्याय नरेन्द्र दत्त, अपर सचिव स्वास्थ्य व सदस्य सचिव अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, डॉ. लतिका चावला, डॉ. मीनू वैश्य, डॉ. अनीता रावत, श्रीमती बिंदुवसिनी, सुश्री हेमलता बहन, लॉरेन्श सिंह, अरूणा नेगी चौहान, डॉ. सुनीता चुफाल, डॉ अमलेश सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

एक्शन मोड में स्वास्थ्य सचिव, नैनीताल जिला अस्पताल में अब्यस्थाओं पर लगाई अधिकारियों को फटकार

नैनीताल। ट्रेनिंग से वापस आते हैं एक बार फिर पहले की तरह स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। विगत एक माह से स्वास्थ्य सचिव मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षणरथ थे। प्रशिक्षण खत्म होने के बाद ज्वाइन करते ही स्वास्थ्य सचिव ने ग्राउंड जीरो पर बवस्थाओं को परखना शुरु कर दिया है। बिना समय गवाएं स्वास्थ्य सचिव कुमाऊ दौरे पर निकल गये। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने नैनीताल जनपद के जिला अस्पताल बीडी पांडे का निरीक्षण किया। अस्पताल पहुँचने पर पीएमएस डॉ. एलएमएस रावत व अस्पताल स्टाफ ने उनका पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

उत्तराखंड स्वास्थ्य सचिव डॉ.राजेश कुमार ने जिला अस्पताल बीडी पांडे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सर्जिकल वार्ड ,जिरियाट्रिक वार्ड, ऑर्थाे वार्ड, आइसीईयू , चिल्ड्रन वार्ड समेत अन्य वार्डाे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ़ सफाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की, स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में सीएमओ को सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, साथ ही वार्डाे के बेडों व बेडशीट्स को बदलने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सचिव डॉ.आर राजेश कुमार ने निर्देश देते हुए कहा आपातकालीन केस आने पर डॉक्टर उपस्थित रहे।

इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल भी जाना और मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं व सुविधाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की जिस पर उन्हें कोई शिकायत नही मिली। वही पीएमएस से डॉक्टरों की जानकारी ली गई लेकिन पीएमएस को डॉक्टरों की जानकारी न होने पर भी स्वास्थ्य सचिव ने नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में खराब स्वास्थ्य उपकरण हटाकर नए उपकरण लाने के निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने हेल्थ एटीएम को जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए ,ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकें। साथ ही स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यदि अस्पताल आने वाले मरीजों द्वारा कोई शिकायत मिली या मरीजों के साथ लापरवाही की हुई बर्दाश्त नही की जाएगी।
वही स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में नर्सों की कमी को पूरा किया जाएगा, जल्द ही एक हजार से अधिक नर्सों की नियुक्ति की जाएगी।

इस दौरान डायरेक्टर तारा आर्य, सीएमओ भागीरथी जोशी, पीएमएस डॉ.एलएमएस रावत, डॉ.अनिरुद्ध गंगोला, डॉ.एमएस रावत, वार्डन शशिकला पांडे, कुंदन बिष्ट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।