खटीमा होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान, खटीमा में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर जनसमुदाय के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां सभी धर्मों, समुदायों और संगठनों के लोग प्रेम, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी खटीमा में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, सतीश भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने लोहाघाट में निर्माणाधीन प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का किया स्थलीय निरीक्षण

जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र स्थित छमनिया में लगभग ₹256 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन फुटबॉल ग्राउंड, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक सहित अन्य खेल मैदानों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही खिलाड़ियों हेतु 300 बालिकाओं की क्षमता वाले छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम एवं गेस्ट हाउस के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोहाघाट में स्थापित हो रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान करेगा। यहाँ विकसित की जा रही सभी खेल व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे प्रदेश की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए विशेष रूप से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री सांसद अजय टम्टा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम आवास पहुंचे चंपावत से आए होल्यार, सीएम ने दी बधाई

जनपद चम्पावत के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आए होल्यारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की और पारंपरिक अंदाज में उन्हें होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर होल्यारों ने कुमाऊँ अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम प्रदर्शन करते हुए खड़ी एवं बैठकी होली के पारंपरिक लोकगीतों का सुमधुर गायन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने सभी होल्यारों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चम्पावत सहित समूचे कुमाऊँ क्षेत्र की खड़ी और बैठकी होली अपनी विशिष्ट शैली, राग-रागिनियों की शास्त्रीयता और भक्ति भाव से परिपूर्ण प्रस्तुति के कारण देशभर में विशेष पहचान रखती है। यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक कला, लोक संगीत और पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न सांस्कृतिक मंचों, महोत्सवों और आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। साथ ही ये समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द की भावना को सुदृढ़ करते हैं।

इस अवसर पर होल्यारों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की कामना करते हुए पारंपरिक मंगल गीत प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने भी समस्त प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह रंगोत्सव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता, सुख और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने कहा कि होली का यह पावन पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम, सद्भाव और एकता के रंग में रंगने का संदेश देता है।

चंपावत में खड़ी होली महोत्सव का भव्य शुभारम्भ, मुख्यमंत्री धामी ने संस्कृति संरक्षण का दोहराया संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में कलश संगीत कला समिति द्वारा आयोजित खड़ी होली महोत्सव का वर्चुअल माध्यम से विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुमाऊँ अंचल की खड़ी होली एवं बैठकी होली केवल एक पर्व या सांस्कृतिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक लोकसंगीत और सामाजिक समरसता की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक एकता को सशक्त बनाती आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। होली के पारंपरिक गीतों, वाद्ययंत्रों और सामूहिक सहभागिता से परिपूर्ण यह उत्सव लोगों को बचपन की मधुर स्मृतियों से जोड़ता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का माध्यम बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोकभाषा और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों एवं महोत्सवों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जा रहा है। इससे न केवल सांस्कृतिक विरासत सशक्त हो रही है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी नई पहचान और अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे तथा सामाजिक सौहार्द और सामूहिकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि कलश संगीत कला समिति द्वारा इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, कलाकार एवं सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे।

चंपावत जिला अस्पताल में 20 करोड़ से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि चंपावत के प्रत्येक घर में इन दिनों उत्साह और उमंग का वातावरण है। उन्होंने उल्लेख किया कि होली का पर्व समीप है और काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती है। बैठकी होली, खड़ी होली, चौफुला, सुर-ताल और लोकसंस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देश में विरल ही देखने को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की पुण्य भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है। उनके अनुसार ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ केवल सात दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का जीवंत उत्सव है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बलून, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, पक्षी अवलोकन और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिम कॉर्बेट और उनकी कहानियाँ देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उनकी आत्मकथाओं के माध्यम से चंपावत-लोहाघाट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर वन्यजीव प्रेमियों और टाइगर लवर्स के बीच पहचान मिली। वर्ष 1907 में चंपावत क्षेत्र में कुख्यात आदमखोर बाघिन का अंत कर उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और आगे चलकर वन्यजीव संरक्षण की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम का अद्भुत केंद्र माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम और जागरूकता कार्यशालाएं इसे बहुआयामी स्वरूप प्रदान करेंगी। साथ ही आयोजित खाद्य उत्सव पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान देगा। स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों का यह संगम नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से परिचित कराने के साथ स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘Vocal for Local’ की भावना को सशक्त करते हुए ‘Local for Global’ का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से अनेक विकासपरक परियोजनाओं पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान हेतु मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास कार्य किया जा रहा है तथा माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाएगा। इस परिक्रमा मार्ग से माँ पूर्णागिरी धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए चंपावत में वे-साइड एमेनिटीज केंद्र का निर्माण किया गया है तथा चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। अमोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है और अमोड़ी में हाउस ऑफ हिमालया के विपणन केंद्र की स्थापना की गई है। सूखीढांग से डाडामीनार मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण के साथ हनुमानगढ़ी से खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल का निर्माण कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से जौलजीबी मार्ग पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्पान आर्च पुल का निर्माण किया जा रहा है तथा 33 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग का सुधारीकरण भी हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट का निर्माण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। विज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की सूची अत्यंत विस्तृत है और सभी का उल्लेख करना संभव नहीं, किंतु वे चंपावत को आदर्श जिला बनाने के अपने संकल्प को पूर्ण किए बिना विश्राम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ प्रदेश की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए संकल्पित है। “विकास भी और विरासत भी” के विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चंपावत की जनता का सहयोग और समर्थन इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वालित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व व नए चैम्बर बनने की बधाई व शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श व विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्यायिक कार्य सरलता से व त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेर्तत्व न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खटीमा व खटीमा के आस पास से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व आम जन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो पुराने गैर जरूरी व अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो रही है, ई-कोट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिसियल डाटाक्रेट, फास्टट्रेक, स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों के द्वारा न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और सुगम बनाने की दिशा में क्रन्तिकारी परिवर्तन किये गए है। उन्होंने कहा की आज न्यायलयों में तकनीकी के प्रभावी उपयोग ने न केवल समय की बचत की है बल्कि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। जिससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय वैज्ञानिक और प्रामाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात देश भर में लगभग 7 हजार से अधिक कोर्ट का व 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने,विधि शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा खटीमा का हर क्षेत्र में विकास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबर बनाने हेतु 02 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के डी भट्ट सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि,जनता मौजूद थे।

महाशिवरात्रि मेले का उद्घाटन कर सीएम ने भक्तों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के वनखंडी महादेव मन्दिर, चकरपुर में आयोजित महाशिवरात्रि मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया व सभी श्रद्धांलुओं एवं प्रदेश वाशियों को महाशिवरात्रि की बधाई व शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री ने वंखण्डी महादेव मन्दिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-शान्ति, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा की वंखण्डी महादेव मन्दिर में बड़ी संख्या श्रद्धांलुओं का आवागमन होता है, इसीलिए कार्ययोजना बना कर मन्दिर को विकसित किया जायेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी, गंभीर सिंह धामी, गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित मन्दिर समिति के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने यूएस नगर में 295.21 करोड़ के विकास कार्यो का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित भव्य उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का फीता काटकर किया शुभारम्भ। उन्होने 295.21 करोड़ के 61 कार्यो का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री धामी ने 123.91 करोड़ के 26 कार्य जिसमे चिकित्सा विभाग का 20.35 करोड़ के 01 कार्य, लोनिवि के 9.01 करोड़ के 05, नगर निगम रूद्रपुर के 38.60 करोड़ के 09, पशुपालन विभाग के 4.74 करोड़ का 01, संस्कृति विभाग का 95 लाख का 01, सिंचाई विभाग का 26.52 करोड़ के 02, खेल विभाग के 19.02 करोड़ के 04, शिक्षा विभाग के 3.18 करोड़ का 01, नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का 96 लाख का 01, नगर पालिका परिषद बाजपुर का 58 लाख का 01 कार्य का लोकार्पण किया। इस तरह 171.30 करोड़ के 35 कार्यो का लोकार्पण किया। जिसमे लोनिवि के 93.92 करोड़ के 05 कार्यो का, नगर निगम रूद्रपुर के 59.53 करोड़ के 19 कार्याे का, पशुपालन विभाग के 3.47 करोड़ का 01 कार्य, शिक्षा विभाग के 7.41 करोड़ के 02 कार्यो, ग्रामीण निर्माण विभाग के 6.97 करोड़ के 08 कार्यो का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 05 घोषणाएं की जिसमें मानसखंड कोरिडोर के अंतर्गत गोल्ज्यू मंदिर,शिव मंदिर व नीलकंठ धाम को जोड़ते हुए शिव प्रतिमा की स्थापना, नगर निगम रूद्रपुर के पर्यावरण मित्रों के लिए खेड़ा में आवास निर्माण किए जाने, भूरारानी व गंगापुर रोड का चौड़ीकरण, अटारिया चौक से इंद्रा कॉलोनी तक रोड का निर्माण, गुरु चांद ठाकुर स्मृति सहायता कोष O2 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने की घोषणा की।

इससे पगले, मुख्यमंत्री धामी ने त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया उससे पूर्व उन्होंने कांवरियों की पैर पखारे एवं उनको अंगवस्त्र व पुष्प माला भेंट कर उनका अभिवादन किया, इसके उपरांत त्रिशूल चौक से सरस मेला कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क तक आयोजित शिव बारात में प्रतिभाग किया। शिव बारात में माननीय मुख्यमंत्री का विभिन्न संगठनों व जनता द्वारा फूलमाला,पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे रुद्रपुर के चहुंमुखी विकास के लिए 295,21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं रुद्रपुर को विकास, विश्वास और भविष्य की नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मज़बूत आधार बनेंगी। आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में हमारी सरकार द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। आज हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रहे हैं। रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनों और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, और सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। इतना ही नहीं, रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने आज उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर हवाईअड्डा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के रूप में बदलने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास और रोजगार को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान करने का प्रबन्ध कर दिया है। जिस दिन ये परियोजना पूर्ण होगी, हमारे पूरे तराई क्षेत्र में पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्या पूर्ण रूप से दूर हो जाएगी। उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी को पता होगा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं। दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यसेवक के रूप में राज्य की सत्ता सँभालने के बाद ये कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने का काम भी किया, जिससे वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि हम राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। एक ओर जहां हम प्रदेश का चहुंमुखी विकास कर रहे हैं, वहीं सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून सबके लिए एक है, इसलिए हम धर्मांतरण विरोधी कानून लाए, दंगा फैलाने वालों पर लगाम कसी और देवभूमि को अस्थिर करने वाली हर साज़िश पर सीधी चोट की। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की, जिसे देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि हमने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक प्राधिकरण शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है, जो अब ये सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने, न की कट्टरता का।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 250 से अधिक अवैध मदरसों पर ताला लगाकर स्पष्ट संदेश दिया कि अब उत्तराखंड में अवैध मदरसों की आड़ में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हमने नकल को उद्योग बनाने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम किया है। इसी का परिणाम है कि हमने साढ़े चार वर्षों में जहां 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की, वहीं 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा। उन्होंने कहा कि आज राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार, आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है। इस सख्ती और पारदर्शिता का सीधा लाभ हमारे उद्यमियों को मिल रहा है और उन्हें योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अब अनावश्यक बाधा का सामना नहीं करना पड़ता।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया व स्टॉलों की निरिक्षण की दौरान उन्होंने दिए बनाये एवं सूत भी काता।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं जनता का स्वागत व आभार व्यक्त किया एवम् सभी को बधाई दी। उन्होंने रूद्रपुर व जनपद में किए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम व जनपद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मूल मंत्र के साथ कार्य कर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगे भी रखी।

कार्यक्रम की उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले की प्रथम दिवस में स्टार नाईट में शिव जागरण का ज्योति जलाकर शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, उत्तम दत्ता, मंजीत सिंह, खतीब अहमद, मुकेश कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, गुंजन सुखीजा, श्रीनेत्र पाल मौर्या, रामपाल सिंह,अनिल चौहान, राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, पी डी हिमांशु जोशी नगर आयुक्त शिप्रा जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जनता मौजूद थे।

पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप ने कपकोट को दिलाई पर्यटन मानचित्र पर खास जगह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विज़न के अनुरूप, सुदूर पर्वतीय क्षेत्र कपकोट अब एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है।

फरवरी 5 से प्रारंभ बागेश्वर जनपद में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय एक्युरेसी पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता ने इस शांत ग्रामीण अंचल को देशभर के रोमांच प्रेमियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना दिया है।

जालेख की पहाड़ियों से उड़ान भरते रंग-बिरंगे पैराग्लाइडरों से सजा कपकोट का आसमान पूरे आयोजन के दौरान उत्सव का अहसास कराता रहा। देश के विभिन्न राज्यों से आए 92 पायलटों ने इस प्रतियोगिता में पंजीकरण कराया, जिनमें से 78 प्रतिभागियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। हजारों स्थानीय दर्शकों और पर्यटकों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि कपकोट में साहसिक खेलों के प्रति जबरदस्त उत्साह है।

प्रतियोगिता का शुभारंभ जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे और क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया द्वारा किया गया। जिलाधिकारी ने इसे बागेश्वर के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होती है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।

पहले दिन से लेकर समापन तक प्रतियोगिता का रोमांच चरम पर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार कपकोट का भौगोलिक परिवेश पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग और अन्य साहसिक खेलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और अधिक पेशेवर बना।

समापन समारोह में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने स्वयं जालेख से उड़ान भरकर इस रोमांच का अनुभव लिया और कहा कि “कपकोट–बागेश्वर अब एडवेंचर टूरिज्म के नए गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।”

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहे मनीष उप्रेती को ₹1,00,000, द्वितीय स्थान पर रहे मनीष भंडारी को ₹50,000 तथा तृतीय स्थान पर पंकज कुमार को ₹30,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। महिला पायलटों को भी विशेष प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन की सफलता ने स्पष्ट संदेश दिया है—कभी शांत समझा जाने वाला कपकोट अब केवल एक ग्रामीण इलाका नहीं, बल्कि देश का उभरता हुआ साहसिक पर्यटन केंद्र बन चुका है। प्राकृतिक सुंदरता, अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय पहल इसे भविष्य का प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।

कपकोट ने सचमुच नई उड़ान भर ली है—पर्यटन की, पहचान की और संभावनाओं की।

सीएम ने जनता की समस्याओं को खटीमा कैंप में जाना, निस्तारण के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दूसरे दिन रविवार को कैंप कार्यालय लोहियाहेड व हेलीपेड में जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी
तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ग्राम भगचुरी पहुंचे, जहां पर उन्होंने स्व0 मलकीत सिंह राणा के निधन एवं वीरेंद्र मौर्य की माता (स्व0 सुन्दरी देवी 92वर्ष) के निधन पर उनके आवास में पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की एवं परिजनों को ढांढस बधाया व मृत आत्माओ की शान्ति कि कामना की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तूभ मिश्रा, एसपी नीहारिका तोमर, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि, जनता उपस्थित थे।