सीएम ने 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन का किया शुभारंभ

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें जिला विकास प्राधिकरण द्वारा 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नानकमत्ता में बाला जी मंदिर के सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत ब्राह्मदेव मंदिर लोहिया पुल खटीमा में सौंदर्यीकरण व पुनःनिर्माण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत देवभूमि धर्मशाला में कक्ष, हॉल एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत सोनूखरी – किशनपुर – बरकीडांडी – कैथुला – टुकड़ी मार्ग का हॉटमिक्स सड़क का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन, नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 व 8 में 48.45 लाख की धनराशि से निर्मित पेयजल नलकूप, ओवर हेड टेंक, पाईप लाईन कार्यों, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अंतर्गत 490.21 लाख की धनराशि से राजस्व निरीक्षक व उपनिरीक्षक के आवासीय भवनों व 359.91 लाख की लागत से उपनिरीक्षकों के कार्यालय भवनों, खटीमा में ग्राम मझोला में झील से लेकर पॉलिगंज की ओर 225.62 लाख की लागत से नाला निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा खटीमा क्षेत्र में 499.65 लाख की लागत से 300 नग हेंडपम्प स्थापना कार्य, 29.65 लाख की लागत से खटीमा के नवनिर्मित बस अड्डे में महाराणा प्रताप द्वार निर्माण, 24.50 लाख की लागत से खटीमा में हाईटेक शौचालय निर्माण एवं 95 लाख की लागत से थारू इंटर कॉलेज खटीमा का पुनःनिर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के पावन अवसर पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित हाईटेक बस स्टैंड का शुभारंभ हो रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने स्वयं कई बार बस स्टैंड की स्थापना के लिए प्रयास किए थे और इसकी घोषणा भी की थी। जिसका कार्य आज धरातल में उतर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा नवनिर्मित बस स्टैंड क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुव्यवस्थित बनाएगा साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसर सृजित कर क्षेत्र के विकास को भी गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गाँवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बन रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है और सभी खटीमावासी उनके परिवार के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने खटीमा से ही जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी। क्षेत्र की प्रत्येक गली और गाँव उनके दिल के बेहद करीब है। खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, उसी के बल पर वो प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, खटीमा के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। खटीमा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण, पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ ही चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विद्यार्थियों के लिए साथी केंद्र एवं औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण पर कार्य कर रही हैं। जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई गई हैं, जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। राज्य सरकार ने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य किया है। वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया है। राज्य सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए । उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के लगभग 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के बाद बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा हमने समाज में असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले ‘समान नागरिक संहिता’ कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देवभूमि है इसकी संस्कृति, अस्मिता और सम्मान के साथ हम किसी भी प्रकार का कोई षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सांसद अजय भट्ट एवं पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा ने नवनिर्मित बस अड्डे के लोकार्पण पर सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा की यह बस अड्डा निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने नवनिर्मित हाईटेक बस अड्डे का का नाम महाराणा प्रताप रखने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री धामी के कार्यों व निर्णयों को देश के अन्य राज्य भी अनुशरण कर रहे है यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री क्षेत्र व प्रदेश के सर्वागींण विकास के लिए कटिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष खटीमा रामेश चंद्र जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष नानकमत्ता प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

———————————————–
मंदिर में भगवान की प्रतिमा का किया अनावरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर ब्रह्मदेव मंदिर, लोहिया पुल, खटीमा पहुँचकर भगवान शिव एवं हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की व प्रसाद ग्रहण किया।

इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री ने लाल कोठी पहुंचकर उत्तरायणी मेले का फीता काटकर शुभारम्भ भी किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा,
राम सिंह जेठी, नवीन बोरा, महेंद्र सिंह दिगारी, मन्नू मेहर, पूरन जोशी, नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे आदि उपस्थित थे।

खटीमा में लोहड़ी पर्व की बधाई देने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नगला तराई रोड हर्षु इंक्लेव में सुमित गुम्बर के आवास पहुँचकर सार्वजनिक लोहड़ी समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी को लोहड़ी पर्व की बधाई व शुभकामनायें दीं।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता,पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी,सीएमओ डॉ के के अग्रवाल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि मौजूद थे।

खटीमा में कौतिक मेले का शुभारंभ कर बोले सीएम, उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए घोषणा की कि पर्वतीय विकास भवन बनाया जाएगा, इस हेतु उन्होंने जिलाधिकारी को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता दी जाएगी एवं समिति के अनुरोध पर उन्होंने मंच निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जिसका महत्व आध्यात्मिक भी है और वैज्ञानिक भी। उन्होंने कहा कि हम सभी मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के उपलक्ष्य में मनाते हैं। हमारी संस्कृति में सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है, इसलिए मकर संक्रांति का यह पावन पर्व एक राजा का अपनी प्रजा के घर जाने का दिन भी माना जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी का पर्व मात्र एक त्यौहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और हमारे जीवन दर्शन का उत्सवe है। उन्होंने कहा कि इस समय सूर्य नारायण हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आते हैं। मुझे खुशी है कि उत्तरायणी कौथिक जैसे आयोजनों के माध्यम से हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है। इस आयोजन में जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हैं, युवा लोकगीत गाते हैं और हमारी माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान में सजकर इस उत्सव का हिस्सा बनती हैं, तब यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बदलते वक्त में जब आधुनिकता चारों और बढ़ रही है, तब अपनी पहचान को बचाए और बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे समय में इस प्रकार के आयोजन अत्यन्त महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज भारत न केवल विकास के नए शिखर छू रहा है, बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव को भी पूरे विश्व में पुनः स्थापित कर रहा है। उनके “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरणा लेकर हमारी राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खटीमा, मेरे लिए केवल एक विधानसभा नहीं, बल्कि मेरा घर है और आप सभी मेरा परिवार हैं। यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा शुरू की थी और यहां की हर गली, हर गांव, हर चेहरा मेरे दिल में बसता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने जहां एक ओर खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का काम किया है, वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही, युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने हेतु राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु हमने गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल के निर्माण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमारी सरकार ने खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके अलावा हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई हैं, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं, पूरे विश्वास से कहता हूं कि खटीमा के विकास की गति को कभी रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ही वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। लेकिन विपक्ष को यह सच दिखाई नहीं देता, क्योंकि उन्हें सिर्फ अफवाह और भ्रम फैलाने की राजनीति आती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की संस्कृति से न तो कोई खिलवाड़ होगा, न ही डेमोग्राफी से कोई समझौता किया जाएगा और न ही कानून व्यवस्था से कोई सौदा होगा। इसीलिए हमने लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि हमने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए और सिर्फ कानून ही नहीं बनाए, बल्कि उन्हें धरातल पर भी उतारा। एक ओर जहां लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं से मुक्त कराया। वहीं 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये भी साबित किया कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा हमने “ऑपरेशन कालनेमि” के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एक ओर जहां समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरस समाज की नींव रखी, वहीं सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम भी किया। जिसके चलते ही आज लगभग 27 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर हमने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। इन कठोर और ऐतिहासिक निर्णयों के साथ ही सरकार की स्पष्ट नीति और नीयत के कारण आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था राज्य गठन के मुकाबले 26 गुना बढ़ चुकी है। राज्य का बजट 1 लाख करोड़ को पार कर चुका है। इसके साथ ही आज राज्य का बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और राज्य में 10 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाकर हमने वर्ष 2027 का लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि पहले योजनाओं की धनराशि में भी बंदरबांट हुआ करती थी और लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन, आज डीबीटी के माध्यम से शत-प्रतिशत धनराशि खातों में स्थांतरित की जा रही है। इसी का परिणाम है कि नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 40 हजार से अधिक बेटियों को 172 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता सीधे खाते में दी गई।

मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को विशेष रूप से सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक आप हैं। आपके संस्कार, आपकी मेहनत और आपका त्याग ही हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए महिला सशक्तिकरण हमारे लिए केवल नारा नहीं, बल्कि संकल्प है। उन्होंने कहा कि जो लोग दशकों तक सिर्फ वादे करते रहे, वे आज हमारी उपलब्धियों से घबराए हुए हैं, लेकिन मैं, आज इस मंच के माध्यम से ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि “ये देवभूमि है, यहां विकास भी होगा, हमारी संस्कृति भी बचेगी और राष्ट्रविरोधी लोगों को यहां से अंतोतगत्वा जाना ही पड़ेगा”। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। और ये लक्ष्य कोई नारा नहीं, बल्कि हमारा “विकल्प रहित संकल्प” है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए आप सभी इसी प्रकार हमारी सरकार का सहयोग करते रहेंगे।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा,ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, सीएमओ डॉ के के अग्रवाल, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, अध्यक्ष कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति ठाकुर सिंह खाती, सचिव भुवन चंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष बी एस मेहता,मेला प्रभारी के डी भट्ट, जे एस बसेड़ा, नवीन कापड़ी, किशन सिंह किन्ना, राजेंद्र सिंह मितडी, गोपाल दत्त पाठक, सावित्री चंद, शांति पांडेय, गीता कांडपाल, जानकी गोस्वामी, संदीप कांडपाल, कमला मेलकानी, कुंदन सिंह बोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

सीएम धामी ने चंपावत को दी 170.15 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की तथा मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की, जिसमें वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिये ₹ 170.15 करोड़ की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिसमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि दिये जाने के साथ विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग तथा रमैला-गागरी-दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण कार्य, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराई जाने की घोषणा शामिल हैं।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। जनपद चम्पावत में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन वर्मा, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष चम्पावत प्रेमा पाण्डेय, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, सूरज प्रहरी, शंकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

राजा जगत देव का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।

इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पिथौरागढ़ वासियों की वर्षों से लंबित मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के दोबाटा से मर्ताेली तक 3.02 किलोमीटर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए ₹84.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति से इस क्षेत्र की वर्षों से लंबित मांग पूरी हुई है। इससे सीमांत क्षेत्र मर्ताेली सीधे सड़क से जुड़ जायेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सीमांत क्षेत्र मर्ताेली एवं आस पास के गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। गांव वासियों ने अपने आभार पत्र में कहा है कि यह सड़क गांव के भविष्य को नई दिशा देगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करेगी। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमान्त गाँव मर्ताेली तक सड़क स्वीकृत कर इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री की यह पहल रिवर्स पलायन, सीमांत क्षेत्र में विकास एवं गांव को जीवंत रखने में सहायक सिद्ध होगी। सड़क स्वीकृत होने से मर्ताेली गांव तक आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही पूरी घाटी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

वीर बाल दिवस पर सीएम ने किया गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों का स्मरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर माथा टेका तथा वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों का बलिदान केवल भारत के इतिहास में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और त्याग का एक अनुपम एवं अनोखा अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को सम्मान देने हेतु ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की घोषणा उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक साहिबजादों की वीरता, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों ने अल्पायु में ही धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह बलिदान नई पीढ़ी को साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है तथा हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और समर्पित बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, नवीन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह आनंद, सचिव अमरप्रीत सिंह नोनू, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह आनंद, जगजीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसमीत सिंह, सतनाम सिंह, हरनमन सिंह, अजीत सिंह के अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. व अन्य प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने नैनीताल में 13 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

लोकार्पण योजनाओं में – 29 करोड़ 16 लाख की लागत से सूखाताल झील को रिचार्जिंग जोन एवं टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट के रूप में विकसित किया गया जिसके अंतर्गत सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। योजना अंतर्गत स्थल पर दो झीलों का निर्माण व उनके मध्य डक्ट का निर्माण , झील में पानी की शुद्धता हेतु एयरेशन प्लांट की स्थापना, 9 दुकानों का निर्माण, शौचालय ब्लॉक का निर्माण व विकसित स्थल पर प्रवेश हेतु मुख्य मार्ग से लगते हुए लिफ्ट एवं ट्रांजिट भवन का निर्माण एवं झील के चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण कराया गया।

इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से हल्द्वानी में जिला खनिज न्यास योजना अंतर्गत स्वीकृत कालाढूंगी रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय के संरचनात्मक दृढ़ता एवं पुनरुद्धार का कार्य कराया गया।

*इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कुल 11 योजनाओं का शिलान्यास भी किया*

जिसमें
* *9 करोड़ 63 लाख 9 हजार रूपये* की लागत से जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट पाडली मोटर मार्ग के किलोमीटर 11 में 74.15 मीटर स्थान के प्री स्ट्रेस सेतु (मोटर पुल) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुगम आवागमन, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र की सामाजिक आर्थिकी में सुधार आएगा।

* नैनीताल जिला मुख्यालय में *34 करोड़ 3 लाख 13 हजार* रुपये की लागत से नेशनल होटल तल्लीताल में प्राधिकरण की कार पार्किंग से लगती नगर पालिका की भूमि पर ऑटोमेटेड मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों हेतु पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। पार्किंग निर्माण से जन सामान्य में पर्यटकों को पार्किंग सुविधा का लाभ मिलेगा

* रामनगर में *38 करोड़ 57 लाख 64 हजार* रुपए की लागत से माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा रामनगर पुरानी तहसील की खाली भूमि पर बहु मंजिला पार्किंग निर्माण किया जाएगा। पार्किंग स्थल पर 343 वाहनों हेतु पार्किंग सुविधा एवं 16 दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों एवं पर्यटकों को वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* की धनराशि से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 62 आर0जी0 ग्राम शंकरपुर में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* रुपये की लागत से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 17 आर0जी0 ग्राम जोगीपुरा में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* जनपद नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में *60 लाख 57 हजार* रुपये की लागत से ग्राम अमेल में नलकूप के स्थान 1 लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई का समाधान होगा।
* विधानसभा हल्द्वानी में *61 लाख 23 हजार* रुपए की लागत से चार विद्यालयों की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा। जिससे छात्र-छात्राओं को अधिक सुरक्षित व स्वच्छ माहौल एवं पठन-पाठन में सुविधा मिलेगी।
* विधानसभा लालकुआं अंतर्गत *4 करोड़ 4 लाख 33 हजार* रुपए की लागत से 14 विद्यालयों एवं 1 आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर पठन पाठन व सुविधा का लाभ मिलेगा।

* विधानसभा कालाढूंगी में *2 करोड़ 8 लाख 85 हजार* की लागत से पांच विद्यालयों, एक सड़क निर्माण, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक उपकेंद्र के मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* विधानसभा रामनगर के अंतर्गत *78 लाख 22 हजार* की लागत से 4 विद्यालयों में मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* जिले के गोला नदी के दानीजाला में *28 लाख ब्याज 82 हजार* रुपए की लागत से रिवर क्रॉसिंग केबल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी विकास कार्य जनपद नैनीताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने,पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने,जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निरंतर आधारभूत जनसुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने,अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु निरंतर संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास हुवा है यह सभी कार्य समय बद्धता एवं गुणवत्ता युक्त हों इसका विशेष ध्यान रखा जाय।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,उत्तराखंड सरकार में दायित्व धारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, नवीन वर्मा,मंडी परिषद के सलाहकार सदस्य मनोज जोशी, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टी सी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि नैनीताल कार्निवाल उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान से राज्य के सभी पर्यटन क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
*नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल से क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन विकास को और अधिक गति मिलेगी।* उन्होंने नैनीताल विंटर कार्निवाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह शीतकालीन कार्निवाल कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज हम जहां एक ओर नैनीताल में इस भव्य विंटर कार्निवाल के लिए एकत्रित हुए हैं वहीं नैनीताल के समग्र विकास के लिए सैंकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी जनता को समर्पित किया है। आज का यह दिन इसलिए भी अत्यंत विशेष है क्योंकि आज हमारे पृथक राज्य निर्माण के स्वप्न को साकार करने वाले भारतीय राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती भी है, इस अवसर पर समस्त प्रदेश वासियों की ओर से श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को कोटि कोटि नमन करते हुए उन्हें भावांजलि अर्पित करता हूं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नैनीताल जनपद के अंतर्गत 121 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 13 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैनीताल जिला निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि नैनीताल की पावन भूमि पर सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शीतकालीन कार्निवल का आयोजन इतने भव्य रूप में किया जा रहा है। इस शीतकालीन कार्निवल के माध्यम से जहां एक ओर यहां आने वाले लोगों को हमारी समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं पर्यटक हमारी लोक संस्कृति, कारीगरी और पारंपरिक स्वाद से भी परिचित हो रहे हैं।

इस महोत्सव के दौरान जहाँ एक ओर प्रतिदिन अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश और राज्य के कई प्रख्यात कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुतियाँ दी गई,वहीं, बोट रेस, सांस्कृतिक झांकियो, लाइट एंड साउंड शो तथा मनमोहक बैंड प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी हुआ। इस कार्निवाल में पर्यटकों के लिए प्रकृति भ्रमण, ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज़्म तथा आर्टिफ़िशियल रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विंटर कार्निवल न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ-साथ राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सिद्धपीठ नैनादेवी मंदिर के साथ-साथ कैंची धाम, तल्लीताल में हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर धाम सहित क्षेत्र के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। आज एक ओर जहां प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है, वहीं राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को भी बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बारहों महीने पर्यटन की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “शीतकालीन यात्रा” की शुरुआत भी की है। इतना ही नहीं, सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ”स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना भी करने जा रहे है।
इसके साथ ही सरकार अपने पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल का विंटर कार्निवल भी शीतकाल के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारी लोक संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच रहा।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की, कि जिस प्रकार पूर्व में नवरात्रों के अवसर पर नैनीताल में शरदोत्सव तथा ओटम फेस्टिवल का आयोजन किया जाता था।
हमें ऐसे आयोजनों को पुनः शुरू करना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहॉं एक ओर *एक जनपद, दो उत्पाद* योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, वहीं *हाउस ऑफ हिमालयाज* ब्रांड ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी राज्य में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिले में सैकड़ों की संख्या में होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोज़गार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज उत्तराखंड राज्य विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी अनेकों क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य ने पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही राज्य को पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Best Wildlife तथा Best Adventure Destination जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही सतत पर्यटन के लिए World Responsible Tourism Award में “One to Watch” पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। वहीं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को “सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार” से भी सम्मानित किया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार, राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है, इसलिए सरकार ने देवभूमि के देवत्व की रक्षा के लिए अनेकों कठोर निर्णय लिए हैं। सरकार ने सुनियोजित लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अभी तक 10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। राज्य में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया है,और आगे भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लागू कर दिया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही राज्य में सख्त दंगारोधी कानून लागू कर दंगा फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया,जिससे बहुविवाह, हलाला जैसी कुकृत्यों से महिलाओं को आजादी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक ओर राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है वहीं भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की है। जिसके माध्यम से पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, वहीं, 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया गया है। राज्य में भ्रष्टाचार करने वाले आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों पर सख्त कार्रवाई कर प्रशासन को पारदर्शी बनाने का प्रयास भी किया है।

इस अवसर पर अपने संबोधन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करने की अपील उपस्थित जनता से की। उन्होंने कहा कि *हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।*

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न प्रस्तुतियों का भी आनंद लिया गया।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, सुरेश भट्ट, दिनेश आर्या,शांति मेहरा नवीन वर्मा,आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रही।