हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिक सम्मान आयोजित, सीएम धामी ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने वरिष्ठजनों को समाज की मजबूत जड़ों की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाए रखता है।

उन्होंने समारोह में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह संदेश देता है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का कोई विकल्प नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं जैसे अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन को सुरक्षित और गरिमामय बनाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय उनकी आर्थिक सुरक्षा को और सुदृढ़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनके गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

सीएम ने बनबसा के गुदमी क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की जानकारी ली

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जयंत सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना को एशियन हाईवे से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों धारचूला एवं झूलाघाट में सीमा व्यापार, आवागमन तथा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किए जाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे सुगमता के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों की सुविधा हेतु चल रहे कार्यों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

डेटा आधारित शासन के इस युग में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिकाः बर्द्धन

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने अपने परिसर में एशियन लाइब्रेरीज़ के 9वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 18 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका आयोजन एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन, नई दिल्ली के सहयोग से “विकसित होती सूचना परिदृश्यरू पुस्तकालयों को भविष्य के लिए तैयार करना” विषय के अंतर्गत किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने मुख्य संबोधन में श्री आनंद बर्द्धन ने सूचना की प्रचुरता और डेटा-आधारित शासन के इस युग में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत, जैसे तक्षशिला और नालंदा, का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुस्तकालयों को गतिशील, सुलभ और प्रौद्योगिकी-सक्षम ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा पुस्तकालय अवसंरचना को सुदृढ़ करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी; कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. के. शर्मा; तथा आईआईएम काशीपुर की पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष प्रो. ए. वी. रमण भी उपस्थित रहे।

सीएम ने नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

एमबी इंटर कॉलेज मैदान से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज की यह दौड़ मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखंड के संकल्प की दौड़ है। जब आप सभी यहां से कदम आगे बढ़ाएंगे, तो यह संदेश पूरे प्रदेश में जाना चाहिए कि उत्तराखंड का युवा अब नशे को ‘ना’ कह रहा है और जीवन को ‘हाँ’ कह रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा एक “साइलेंट वार” की तरह फैल रहा है और इसका सबसे बड़ा निशाना हमारी युवा शक्ति है। मजाक-मजाक में युवा नशे की चपेट में आ जाते हैं और वहां से लौटना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह न सिर्फ व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को संकट में डाल देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार इस दिशा में मिशन मोड पर काम कर रही है। वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा हजारों आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है। साथ ही एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्रों का संचालन किया जा रहा है और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी एटीएफ केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ बनाए गए हैं, जो युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि नशे के विरुद्ध यह लड़ाई केवल कानून बनाने से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की जागरूकता और युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हम सभी संकल्प लें कि स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों व समाज को भी जागरूक करेंगे। औपचारिकता से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से ही हम ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपनी आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और ऊर्जावान युवा शक्ति के लिए जाना जाता है। यदि युवा शक्ति सही दिशा में बढ़े, तो वह पूरे भारतवर्ष के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम में डॉ. स्वामी रामेश्वरम हरि जी, आरएसएस संपर्क प्रमुख उत्तर क्षेत्र डॉ. हरीश रौतेला, श्याम अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भारत भूषण, डॉ. अशोक पाल, किसान आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, शंकर कोरंगा, शांति महरा, डॉ. अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, ध्रुव रौतेला, सुरेश भट्ट, पूर्व मेयर योगेंद्र सिंह रौतेला सहित आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत,जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ मंजूनाथ टी सी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए स्थायी समाधान और जवाबदेही तय करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्किट हाउस, हल्द्वानी में जनपद नैनीताल के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष, आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों तथा कानून-व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सिंचाई एवं जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जानकारी दी कि आगामी आदि कैलाश यात्रा के लिए 1 मई से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन द्वारा इनर लाइन पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आदि कैलाश मार्ग वर्तमान में सुचारू है। इसके अतिरिक्त कैंचीधाम बाईपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 30 मई तक इसे चालू करने का लक्ष्य है। मेट्रोपोल पार्किंग का निर्माण कार्य भी आगामी 10 दिनों में प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी समाधान खोजा जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को जागरूक करने के साथ ही ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं जिससे उन्हें जंगलों में जाने की आवश्यकता कम हो। साथ ही विभाग के प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग लगाने तथा वन विभाग और पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जनपद प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन क्षेत्रों से सटे गांवों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए |

आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों को गड्ढा-मुक्त रखने, ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने, शटल सेवा एवं वैकल्पिक पार्किंग स्थलों को सक्रिय करने पर जोर दिया।

कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी एवं ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने 24×7 निगरानी रखने, नियमित चेकिंग अभियान चलाने तथा पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस परियोजना से तराई एवं भावर क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान होगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी तथा बाढ़ नियंत्रण में सहायता मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के संबंध में भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त एवं जिलाधिकारी नैनीताल को आवश्यक कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए।

विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल एवं मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी विद्युत स्टेशनों में आवश्यक उपकरण एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल संकट से निपटने के लिए भी समुचित व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई विभाग एवं अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी जनपद की विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विभिन्न जनप्रतिनिधि, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने भीमताल में उप-तहसील बनाए जाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज में तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन तथा नव-निर्मित भवन से संस्थान के छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य प्रतिभाशाली और संकल्पवान युवाओं के सुरक्षित हाथों में है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और उचित दिशा देने की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान का प्रबंधन इसी भावना के साथ कार्य करते हुए युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान की स्थापना के समय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी द्वारा व्यक्त अपेक्षाओं के अनुरूप यह संस्थान दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहा है। उन्होंने संस्थान द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, अनुशासन और संस्कारों की परंपरा को सराहनीय बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी नवाचारी सोच और रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिड़ला संस्थान वर्षों से उत्तराखंड के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं तथा कई युवा प्रशासनिक सेवाओं, भारतीय सेना और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त बनाने हेतु स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, अटल इनोवेशन मिशन और पीएम युवा योजना जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं, जो युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘शेवनिंग उत्तराखंड छात्रवृत्ति’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं तथा ‘इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड’ के सहयोग से आधुनिक कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नवाचार एवं शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

उन्होंने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं और कई परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिड़ला इंस्टीट्यूट में ड्रोन प्रयोगशाला की स्थापना, कंप्यूटर विभाग के उन्नयन तथा ऑडिटोरियम के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराने हेतु 50-50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी: धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगण अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उन पर गंभीरता से कार्यवाही करना शासन व प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अल्पकालिक प्रकृति के कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जबकि दीर्घकालिक योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि ऐसी योजनायें, जिनमें एक से अधिक विभागों की सहभागिता है, उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो और समय पर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारी विधायकगणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। इससे न केवल समस्याओं की सही जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि उनके समाधान में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल से विकास कार्यों में गुणवत्ता और प्रगति दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात से पूर्व सभी बरसाती नालों की सफाई, सिल्ट हटाने तथा जल निकासी से संबंधित अन्य आवश्यक कार्य समय रहते पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए विभागों के बीच समन्वय के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक के दौरान विधायकगणों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं, जिनमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, मिनी खेल मैदानों का निर्माण, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, बाढ़ सुरक्षा कार्य, जलभराव की समस्या सहित अन्य स्थानीय मुद्दे शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, राम सिंह कैड़ा, बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, सरिता आर्य, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत एवं संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की माताजी विशना देवी, एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

काशीपुर से सड़क मार्ग से खटीमा पहुंचे सीएम धामी, हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सड़क मार्ग से काशीपुर से खटीमा पहुंचे। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा उनका भव्य एवं अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कई स्थानों पर बुलडोजर के माध्यम से भी स्वागत कर जनता ने अपना उत्साह और समर्थन प्रदर्शित किया।

यात्रा के दौरान काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, दिनेशपुर, किच्छा, सितारगंज सहित कई स्थानों पर भारी संख्या में लोग अपने लोकप्रिय नेता के इंतजार में सड़कों के किनारे खड़े रहे। युवाओं, माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। हर जगह जनसैलाब उमड़ा और लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उत्साहपूर्वक भागीदारी दिखाई।

जगह-जगह आयोजित स्वागत कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता राज्य सरकार की विकास नीतियों और जनहितकारी निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस विकास यात्रा की सक्रिय सहभागी बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपार स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समग्र और संतुलित विकास के लिए संकल्पबद्ध है, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ही 2022 में सीएम धामी को दिया था धाकड़ उपनाम, अब बोले हो गए धुरंधर धामी

2027 के चुनाव से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, धुरंधर हो चुके हैं पुष्कर सिंह धामी। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तराखंड में एक जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धाकड़ का उपनाम दिया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव का श्रीगणेश करने उत्तराखंड पहुंचे राजनाथ सिंह ने, सीएम को धाकड़ के साथ धुरंधर भी करार दिया है। साथ ही कहा है कि अपने कार्यकाल के छठवें साल में धामी 2027 में चुनावी सिक्सर लगाने के लिए तैयार हैं।

हल्द्वानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पूरी तरह फार्म में नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए, कहा कि उत्तराखंड आज हर तरह से आदर्श राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 2022 की चुनावी सभा को याद करते हुए कहा कि तब उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धाकड़ धामी कहा था, लेकिन अब राज्य सरकार के चार वर्ष के धुआंधार काम के आधार पर वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं, कि धामी धुरंधर की तरह काम कर रहे हैं।

चार वर्ष में चौका, छह में लगाएंगे छक्का
रक्षा मंत्री ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी अपने पहले चार साल के कार्यकाल में शानदार चौका लगाने का काम कर चुके हैं। 2027 के चुनावों तक मुख्यमंत्री के कार्यकाल को छठवां साल शुरु हो जाएगा, इस कारण वो अपने छठवें साल में सिक्सर लगाकर लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का काम करेंगे।

राज्य सरकार की पीठ थपथपाई

रक्षा मंत्री ने महिला सशक्तिकरण, सैनिक कल्याण, आर्थिक उन्नति, आधारभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक और यूसीसी लागू कर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया।

वहीं अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई कर उत्तराखंड का स्वरूप बचाने का प्रयास किया है। राजनाथ सिंह ने सख्त नकल विरोधी कानून के लिए भी मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए, कहा कि इसके दूरगामी परिणाम सामने आए।