वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित मंदिर के नव निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने कहा माँ वाराही का प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। वाराही धाम में आयोजित होने वाला बग्वाल मेला हमारी वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाराही मंदिर का नव-निर्माण मंदिर को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करेगा। यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में स्थित चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर, हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप प्रदान करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह देवभूमि है, यहां देवताओं का वास है, राज्य सरकार देवभूमि की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दिव्य,भव्य और सुरक्षित बनाने का अपना काम इसी प्रकार जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर और माँ रणकोची मंदिर, मां पूर्णागिरी मंदिर का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया है। लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट के छमनिया में लगभग ₹ 10 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण और सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग के सुधार कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में दिल्ली और देहरादून से भेजा गया एक – एक पैसा, पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डीबीटी के माध्यम से पहुँच रहा है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, वाराही शक्ति पीठ ट्रस्ट संरक्षक/संस्थापक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पाण्डे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री के दौरे को लेकर सीएम धामी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर दिए निर्देश

उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नैनीताल जनपद के एमबी इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में शनिवार, 21 मार्च को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रतिभाग करेंगे।

रक्षा मंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम एवं आयोजन की तैयारियों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस, काठगोदाम में अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनसभा में आने वाले लोगों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेयजल, साफ-सफाई एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शहर की जनता एवं बाहरी आगंतुकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूर्व में ही रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, लालकुआं से मोहन सिंह बिष्ट, नैनीताल से सरिता आर्या, रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर (डब्बू), शंकर कोरंगा, शांति मेहरा, दिनेश आर्य, दीपक मेहरा सहित आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

थारू संस्कृति उत्तराखंड की शान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

भूमि एवं समन्वय से जुड़े मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर मिलकर करते हुए कार्यों को समय पर प्रारंभ कराएं: बर्द्धन

डॉ आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नैनीताल जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत बाधा आ रही है, तो उसका त्वरित समाधान किया जाए यदि समस्या शासन स्तर की है तो तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाए। विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप नियमित कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि लंबित टेंडर, स्वीकृतियों और तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिलास्तर पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति बढ़ने से राज्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी व जनसुविधाओं में भी सुधार होगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करें।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्वागत करते हुए मुख्य सचिव को जिले में संचालित महत्वपूर्ण परियोनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी से अवगत कराया।

नैनीताल जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान लगभग 41 करोड़ की लागत से मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत कैंची धाम सौन्दर्यीकरण एवं प्रकाशीकरण का कार्य जो जून 2026 तक पूर्ण होना है इन कार्याें में गुणवत्ता एवं समयबद्वता का विशेष ध्यान देकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश कार्यदाई संस्था लोकनिर्माण विभाग को दिए।

पेयजल कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए समयान्तर्गत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा गर्मी का सीजन आ रहा है पेयजल से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।
लगभग 24 करोड़ की लागत से इन्द्रानगर नाले के कैचमेंट सीवरेज एवं प्रदूषण रोकथाम कार्ययोजना, विधानसभा ओखलकांडा में कालाआगर पम्पिंग पेयजल योजना जो लगभग 23 करोड़ की लागत से बनने वाली योजना है, उक्त योजना को समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पम्पिंग योजना से सुचारू तौर पर लोगों को पेयजल उपलब्ध हो। इस संबंध में कुमाऊं आयुक्त ने इन कार्यों में हो रही देरी एवं अन्य समस्याओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया।
*मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान 3678.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जमरानी बांध परियोजना की वर्तमान प्रगति की विस्तार से जानकारी ली, तथा निर्धारित समय जून 2029 तक परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। टनल निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोना के अधिकारियों का विजिट शीघ्र ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन टनल एवं अन्य निर्माण कार्य स्थलों का कराएं ताकि वहॉं के कार्यों से अनुभव लेकर यहॉं के कार्यों में प्रगति आए*

298 करोड़ रुपये की लागत से बलियानाला भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचारात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए इस प्रमुख परियोजना को निर्धारित समय 2028 तक पूरा करने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्था पेयजल निर्माण निगम द्वारा 67 करोड़ रुपये की लागत से काठगोदाम में बस टर्मिनल का निर्माण कार्य तथा 28 करोड़ रुपये की लागत से रामनगर में रोडवेज बस टर्मिनल निर्माण एवं बस डिपो निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि काठगोदाम बस टर्मिनल एवं रामनगर बस टर्मिनल का कार्य समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इन कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाय।

ब्रिडकुल कार्यदायी संस्था द्वारा जनपद में कुमाऊ विश्वविद्यालय में 45 करोड़ रुपये की लागत से बीएड विधि संकाय भवन निर्माण, 44 करोड़ रुपये की लागत से 100 शैया मानसिक चिकित्सालय गेठिया, तथा 39 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज में स्टेट कैसर संस्थान के निर्माण कार्याें की प्रगति की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर अधिकारियो से कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता से कार्य किया जाय।

लगभग 47 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज वन, 56 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज दो एवं तृतीय पैकेज 41 करोड की लागत से शहर में होने वाले कार्याें की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही हल्द्वानी में 397 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नमो भवन, बहुउउदेशीय भवन निर्माण की वर्तमान प्रगति भी समीक्षा की। *समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने नमो भवन के निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों तथा इस संबंध में बनाई गई डीपीआर आदि के संबंध में कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक बैठक लेते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश कुमाऊं आयुक्त को दिए।*

इस दौरान 96 करोड़ रुपये की लागत से नैनीताल शहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के संबंध में की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिले में राजस्व वसूली, वन भूमि हस्तांतरण , मुख्यमंत्री जी द्वारा जनपद में की गई घोषणाओं की स्थिति, नशामुक्त उत्तराखंड अभियान सहित अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने विभिन्न संचालित योजनाओं व विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की जानकारी देने के साथ ही विकास से संबंधित विभिन्न बिन्दु मुख्य सचिव के समक्ष रखे।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य सचिव को जिले में व्यस्ट प्रक्टिसेज के अंतर्गत किए जा रहे अभिनव प्रयासों व कार्यों से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्व विभाग द्वारा जिले में विशेष अभियान चलाकर निर्विवाद वारिसान नामांतरण के अंतर्गत जिले में सभी तहसीलों में विरासत दर्ज की गई, वर्तमान तक 21452 वारिसानों एवं लाभार्थियों को इसका लाभ प्रदान कराया गया है।

इसी प्रकार जनपद में स्थल स्तरीय राजस्व प्रकृति के विवादों का त्वरित गति से निस्तारण किया जा रहा है।वर्तमान तक कुल 2207 में से 2056 का निस्तारण किया जा चुका है इस हेतु लगातार विभिन्न स्थानों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जिले में सीमा विवाद,अतिक्रमण अभिलेख दुरुस्ती समाधान अभियान भी चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाए जाने हेतु प्रभावी रूप से कार्यवाही गतिमान है। इस हेतु तहसील स्तर पर राजस्व प्रवर्तन टीम तैयार कर तेजी से कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरलीकरण, समयबद्ध एवं निस्तारण के तहत त्वरित कार्यवाही की जा रही है।
विगत 14 अक्टूबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2221 जन्म प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्राप्त हुए थे,सभी को प्रमाण पत्र नियत समय पर जारी किए गए हैं। इसी प्रकार 1693 मृत्यु प्रमाण पत्रों के आवेदन प्राप्त हुए थे सभी को तुरंत ही ये प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

सेवा का अधिकार के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा सभी तहसीलों में 20454 आवेदनों में से 12101 आवेदनों का निस्तारण त्वरित गति से किया गया है। 3820 आवेदन जिनमें अभिलेख पूर्ण नहीं थे उन्हें रिजेक्ट किए गए। शेष में कार्रवाई गतिमान है।

जिलाधिकारी ने *जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार* कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में लगाए गए कैंपों की प्रगति के संबंध में अवगत कराया की जनपद में कुल 50 स्थानों में यह कैंप आयोजित किए गए जिनके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इन कैम्पों का 10746 लोगों को सीधा लाभ मिला। कुल 3671 शिकायतें इन शिविरों में प्राप्त हुई जिनमें से 3162 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जनहित से जुड़े जो भी महत्वपूर्ण व आवश्यकीय कार्य हैं जिलाधिकारी उन कार्यों को अनटाइट फंड से कराएं। जिले में बजट उपलब्ध नहीं होने पर इन महत्वपूर्ण कार्यों को किए जाने हेतु प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजें।

बैठक में जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष में राहत राशि वितरण के संबंध में अवगत कराया कि मानव वन्य जीव संघर्ष में जिले में 29 मानव क्षति हुई थी, सभी परिवारों को मुआवजा राशि वितरण कर दी गई है।
मानव वन्य जीव संघर्षों में 93 लोग घायल हो गए थे सभी को राहत राशि वितरित कर दी गई है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल ने अवगत कराया कि वन विभाग द्वारा वर्तमान तक इन सभी नुकसानों में कुल लगभग 2 करोड़ 91 लाख रुपए की धनराशि संबंधितों प्रभावितों को वितरित कर दी गई है।

जिले में लंबित वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरण के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह इन लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें। और समय पर इनका निस्तारण करें।

उन्होंने कहा कि नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने हेतु जिला टेलीकॉम कमेटी की बैठक में मोबाइल टावरों से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृत करने के साथ ही इनके संचालन की शीघ्र कार्रवाई दूरसंचार विभाग के माध्यम से कराई जाए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी द्वारा जनपद में यात्रा सीजन हेतु तैयार ट्रैफिक प्लान सटल सेवा आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिले में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने यात्रा सीजन हेतु जनपद को 160 अतिरिक्त होमगार्ड उपलब्ध कराने की मांग मुख्य सचिव के समक्ष रखी।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भवाली बायपास मार्ग सहित आवश्यक स्थानों में जहां-जहां स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता है ऐसे स्थानों में जिलाधिकारी,जिला विकास प्राधिकरण या अन्य मद से यात्रा सीजन से पूर्व स्ट्रीट लाईट लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटन सीजन के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यस्था सुनिश्चित की जाय। पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में मुख्य सचिव ने एस आई आर तथा जनगणना कार्य की तैयारी के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्रा, मनोज कत्याल,अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी,लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू,पेयजल निर्माण निगम के अधीक्षण अभियंता अनूप पाण्डे सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

नैनीताल जिले के भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपद नैनीताल के अंतर्गत कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु नव निर्मित भवाली बायपास, भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माणाधीन विभिन्न निर्माण कार्यों सहित नैनीताल मालरोड में सड़क भू धसाव की रोकथाम हेतु कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव ने अपने नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीताल जिले की प्रमुख परियोजना में शामिल कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम-रातीघाट) सड़क मार्ग का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग में किए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कराए जा रहे कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास में कार्य तेजी से करते हुए इस मार्ग में पर्यटन सीजन से पूर्व यातायात सुचारू किया जाय। जबतक स्थाई मोटर पुल का निर्माण नहीं हो जाता है तबतक इसी सीजन में वैलिब्रिज स्थापित कर यातायात सुचारू कराया जाय।

मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों को तेजी से कराते हुए इस यात्रा सीजन जून मांह से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करते हुए बाईपास मार्ग को संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, इस हेतु यातायात सुविधा भी महत्वपूर्ण है, ताकि पहाड़ को जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिले तथा जाम से निजात मिले। उन्होंने कहा कि यहॉं आने वाले पर्यटकों,श्रद्धालुओं, आम नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाऐं मोहैय्या कराना प्रशासन की प्राथमिकता व जिम्मेदारी है।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाबा नीम करोरी के दर्शन हेतु देश-विदेश से श्रद्धालु यहां वर्ष भर आते जाते हैं आने वाले श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो, साथ ही ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न ना हो इस लिए इस बाईपास का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से विश्व प्रसिद्ध श्रीकैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पी एस बृजवाल ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि भवाली सेनीटोरियम से रातीघाट तक 18.15 किलोमीटर बाईपास में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें यातायात सुचारू है। इस कार्य हेतु 12 करोड़ रुपये विभाग को प्राप्त हुए थे। शेष भाग 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु शासन से 5 करोड़ 6 लाख रूपये की धनराशि प्राप्त हुई है, पहाड़ कटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। उक्त मार्ग में वर्तमान में 9 करोड़ 81 लाख रूपये की धनराशि से कलमठ व सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

मुख्य अभियंता ने अवगत कराया कि इस बाईपास को रातिघाट स्थित भवाली- अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 किलोमीटर स्पान का मोटर पुल का भी निर्माण किया जाना है इस हेतु शासन से 9 करोड़ 63 रुपये की धनराशि प्राप्त हो हुई है जिससे पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से कैंचीधाम में लगने वाले जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी, साथ ही पहाड़ी जिलों को जाने वाले वाहनों हेतु यह वैकल्पिक मार्ग लाभप्रद होगा।

इस दौरान मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये की धनराशि से नव निर्मित सैनिटोरियम से भवाली अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बायपास सड़क निर्माण कार्य व इसी मार्ग में शिप्रा नदी पर नव निर्मित 30 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया गया। यह मार्ग यातायात हेतु सुचारू हो गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि उक्त बाईपास के निर्माण से भवाली बाजार में लगने वाले जाम से निजाद मिलेगी, वहीं पर्यटन सीजन में पर्यटकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा भी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर परिसर में 40 करोड़ 81 लाख 39000 रुपये की लागत से मानस खंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत संचालित पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण कार्यों, जिसमें बहु मंजिला कार पार्किंग निर्माण, मेडिटेशन सेंटर, पाथवे व पैदल सेतु का निर्माण कराया जा रहा है, के निरीक्षण के अतिरिक्त कैंचीधाम में ही पर्यटन विभाग अंतर्गत स्वदेश दर्शन योजना के तहत 17 करोड़ 59 तक 87000 रुपये की लागत से बनाए जा रहे फैसिलिटेशन सेंटर व अन्य कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।

कैंचीधाम में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, यहॉं आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों हेतु समुचित व्यवस्था हो विशेष रूप से पार्किंग की सही व्यस्था हो। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल में वाहनों के प्रवेश एवं निकासी अलग अलग गेट से हो,ऐसी व्यवस्था हो इस सबन्ध में उन्होंने जिलाधिकारी को पुलिस एवं कार्यदाई संस्था के साथ बैठक कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम में पंहुचकर बाबा नीम करौली के भी दर्शन कर राज्य की सुख एवं शांति की कामनां की।

भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने वर्ष 2018 में नैनीताल स्थित लोअर माल रोड में हुई क्षति के मरम्मत तथा झील की तरफ से हो रहे भू-धसाव की रोकथाम हेतु 3 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से सड़क के भू- भाग में कराए जा रहे सुरक्षात्मक एवं सुधारीकरण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान लोनिवि के मुख्य अभियंता ने अवगत कराया टीएचडीसी के द्वारा तैयार डीपीआर व डिजाईन एवं उनकी देखरेख में ही सुरक्षात्मक व सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने विभाग को पूर्ण गुणवत्ता से निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग को भी निर्देश दिए कि मालरोड में उनकी ओर से जो भी कार्य किए जाने हैं वह भी कार्य शीघ्रता से कराएं।

इस दौरान आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय कुमार शुक्ला ,अधीक्षण अभियंता लोनिवि मनोहर सिंह धर्मशक्तू, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मोनिका सहित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

टनकपुर में मुख्यमंत्री ने सुनी क्षेत्र वासियों की समस्याएं, समाधान के भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्र की माताओं, वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों, पूर्णागिरि मेला समिति, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों तथा अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जनता से सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से क्षेत्र के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की आवश्यकताओं, सुझावों तथा समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं सुझावों पर गंभीरता से कार्य करते हुए उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को समयबद्ध रूप से राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने टनकपुर अस्पताल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चिकित्सालय एक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जहाँ न केवल टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय लोग बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद में आते हैं। इसी विशेष महत्व को देखते हुए सरकार द्वारा यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा का विस्तार करते हुए जल्द ही यहां एक और डायलिसिस मशीन स्थापित की जाएगी।

क्षेत्र के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से माँ पूर्णागिरि के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टनकपुर का बूम क्षेत्र आने वाले समय में पर्यटन एवं वॉटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही इसे एक आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प टनकपुर को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं सुविधायुक्त बनाना है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य उपस्थित रहे।

एसीएलएस एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, उपजिला चिकित्सालय में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन मशीन का लोकार्पण

जनपद चम्पावत के नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपजिला चिकित्सालय टनकपुर से एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अत्याधुनिक एम्बुलेंस के संचालन से क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में अधिक उन्नत और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकेगी, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल तक सुरक्षित एवं शीघ्र पहुंचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपजिला चिकित्सालय टनकपुर में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification) मशीन का भी लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक मशीन की स्थापना से अब मोतियाबिंद सहित विभिन्न नेत्र रोगों का उपचार आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों की ओर नहीं जाना पड़ेगा तथा क्षेत्र के बुजुर्गों सहित सभी नेत्र रोगियों को विशेष लाभ मिलेगा।

एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को बहल पेपर मिल्स लिमिटेड, काशीपुर (सीएसआर के अंतर्गत) उपलब्ध कराया गया है। यह एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों से सुसज्जित है, जो गंभीर हृदय रोग, दुर्घटना तथा अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल परिसर में स्थापित नई डायलिसिस मशीन का भी निरीक्षण किया तथा उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) का भी भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, त्वरित उपचार तथा संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

किसान हमारे अन्नदाता और असली नायक हैं: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में 119 वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया व विश्विद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे लिए हर्ष का विषय है कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119वे कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के मेले आयोजन कृषकों के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं, नवाचारों की जानकारियां मिलती है व वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बन्धु हमारे अन्नदाता है व हमारे असली नायक हैं। किसानों की मेहनत व समर्पण से ही हमे अन्न मिल रहा है और देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्पना में किसान की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषकों के मेहनत व समर्पण से ही गांव, क्षेत्र और देश का विकास होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त जारी की है। प्रदेश के 09 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि को जंगली जानवरों से बचाव के लिए घेरबाड़ हेतु केंद्र द्वारा हमें प्रथम किस्त के रूप में 25 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री, अन्नदाताओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा किसानों को फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान मानधन योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना, बूंद बूंद सिंचाई योजना जैसी योजनाएं के माध्यम से किसानों को सशक्त किया जा रहा है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान क्रैडिट कार्ड के सीमा 03 लाख से बढ़ाकर 05 लाख कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए 14 हजार करोड़ लागत की 07 नई परियोजनाएं लागू की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को 03 लाख तक ऋण का बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा किसानों की आय बढ़ाने हेतु पॉलीहाउस लगाने हेतु 200 करोड़ की धनराशि रखी गई है,अभी तक 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री के कहा प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियाँ अलग अलग है। इसलिए, भौगौलिक स्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए योजनाऐं चलाई जा रही हैं।उन्होंने कहा 1200 करोड़ के लागत से नई सेब नीति लागू की गई है, कृषकों के हित में कई नई नीतियां लागू की गई है तथा कई योजनाओं में 80 प्रतिशत तक राज्य सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा प्रदेश में 07 एरोमा वैली विकसित किये जा रहे हैं। ड्रेगन फ्रूट की मांग बढ़ रही है इसलिए ड्रेगन फ्रूट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में फलों के उत्पादन में ढ़ाई प्रतिशत तक वृद्धि हुई है तथा मशरूम का उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन हो गया है व मशरूम उत्पादन में हम देश में पांचवें स्थान पर आ गए हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में मौन पालन शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं,राज्य में 33 सौ मीट्रिक टन शहद उत्पादन हो रहा है और हम देश में 08 वे स्थान पर आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र में 01 लाख 11 हजार करोड़ का बजट पारित किया गया है, जिसमें कृषि,उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य, मौन पालन,शोध आदि में धनराशि प्राविधान की गई है। डबल इंजन सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और सरकार, कृषकों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। उन्होंने कृषकों से जागरूक होकर नई कृषि तकनीकि अपनाकर लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा हम सब मिलकर प्रदेश व देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये।

कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय परिवार व कृषकों को ओर से सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय 119 वें कृषि मेले का आयोजन कर रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगे हैं। प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग मेले में प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों, क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारियां दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलक राज बेहड, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला,पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सदन में सीएम ने की घोषणा, अल्मोड़ा में खुलेगा लेंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर

विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की।

*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*
इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।

कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर

147
बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण
92
बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी
08
से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण
16
अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण
10
और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव

*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

खटीमा होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान, खटीमा में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर जनसमुदाय के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां सभी धर्मों, समुदायों और संगठनों के लोग प्रेम, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी खटीमा में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, सतीश भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।