लगातार बढ़ा जीएमवीएन का टर्नओवर, संभावनाएं जगा रहीं साहसिक गतिविधियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड आगमन से पर्यटन क्षेत्र को सबसे ज्यादा आस है। पर्यटन की प्रमुख एजेंसी गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) भी बेहतरी की उम्मीद संजोए हुए है। पिछले पांच वर्षों में जीएमवीएन ने पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देते हुए अपना टर्नओवर लगातार बढ़ाया है। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से स्थिति और बेहतर होगी।

शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह मार्च को मुखवा और हर्षिल आ रहे हैं। उत्तरकाशी जिले के ये दोनों स्थान धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस पूरे क्षेत्र में जीएमवीएन की गतिविधियां बहुत पहले से संचालित हो रही हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के दौरे से न सिर्फ उत्तरकाशी, बल्कि अन्य जगहों पर भी जीएमवीएन की पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा का कहना है कि पर्यटन गतिविधियों को निगम बखूबी संचालित कर रहा है। और बेहतर स्थिति बनने की पूरी उम्मीद है।

पांच वर्ष में जीएमवीएन के यूं बढ़े कदम

वर्ष 2020-21 में जीएमवीएन का कुल टर्नओवर 3146.63 लाख था, जो कि वर्ष 2021-22 में 3297.41 लाख हो गया। वर्ष 2022-23 में इसमें उछाल देखी गई और यह 7832.14 लाख पर पहुंच गया। वर्ष 2023-24 में जीएमवीएन का टर्नओवर और बढ़कर 8145.15 लाख पर पहुंच गया। इस वित्तीय वर्ष में जनवरी तक जीएमवीएन का टर्नओवर 6672.05 लाख रूपये रहा है।

साहसिक गतिविधियों में जग रही संभावनाएं

यूं तो जीएमवीएन की कमाई केे सबसे बडे़ स्रोत उसके रेस्ट हाउस और कैंटीन हैं, लेकिन पिछले पांच वर्षाे में साहसिक गतिविधियों से जुडे़ क्षेत्र में भी जीएमवीएन ने काफी संभावनाएं जगाई हैं। इसमे वॉटर स्पोर्ट्स और माउंटेन से संबंधित डिवीजन लगातार अच्छी प्रगति कर रहे है। पांच वर्ष पूर्व जहां माउंटेन डिवीजन व वॉटर स्पोर्ट्स से करीब 15 लाख रूपये तक की कमाई हो रही थी, वहीं इस वित्तीय वर्ष में अभी तक कमाई का आंकड़ा 75 लाख के करीब पहुंच गया हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। शीतकालीन यात्रा के लिए उनका उत्तराखंड आना सौभाग्यसूचक है। इससे निश्चित तौर पर उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा को तेजी मिलेगी। मैं सभी उत्तराखंडवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री जी का स्वागत करता हूं। साथ ही, उनके प्रति आभार भी प्रकट करता हूं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

पीएम के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में आगमन से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को पंख लगेंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में आगमन से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को काफी बढावा मिलेगा और यह दौरा राज्य की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के साथ ही समूचा उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरूगेशन सहित अन्य उच्चाधिकारियों के साथ हर्षिल-मुखवा क्षेत्र का भ्रमण कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के हर्षिल-मुखवा के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र में आगमन से शीतकालीन यात्रा को पंख लगेंगे। पूरे विश्व में इस यात्रा का प्रचार-प्रसार होगा। जिससे हमारे राज्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटकों का आगमन होना तय है। यह अवसर हमारे राज्य की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान साबित होने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन उत्तराखंड के लिए सदैव बहुत शुभ होता है। केदारानाथ धाम, माणा, आदिकैलाश की प्रधानमंत्री की यात्रा एवं प्रवास के बाद इन जगहों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में काफी अधिक वृद्धि हुई है। इसी तरह इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री के आगमन के फलस्वरूप राज्य में साढे तीन लाख करोड़ रूपये की लागत के पूंजी निवेश के एमओयू हुए और अभी तक राज्य में लगभग अस्सी हजार करोड़ रूपये से ज्यादा के निवेश की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री के हाथों राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ होना भी उत्तराखंड के लिए सौभाग्यशाली साबित हुआ है। देवभूमि ने खेलभूमि की प्रतिष्ठा भी अर्जित की है। इस बार राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने लंबी छलांग लगाकर सातवां स्थान हासिल किया है, जबकि राष्ट्रीय खेलों मे पिछली बार हम पच्चीसवें स्थान पर थे।

मुख्यमंत्री ने आज अपने स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर हर्षिल से मुखवा तक की गई तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रधानमंत्री की यात्रा को स्मरणीय व सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हर्षिल में प्रस्तावित जनसभा के लिए बनाए जा रहे पंडाल, मंच तथा प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण कर कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक धरोहर को प्रदर्शित करने के विशेष प्रबंध किए जांय, जिससे राज्य का समृद्ध पर्यटन और अधिक सशक्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की दिव्यता और आध्यात्मिकता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में यह यात्रा महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। लिहाजा इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जांय।

मुख्यमंत्री धामी ने गंगा जी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव जाकर भी तैयारियों को परखा तथा गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र व राज्य की खुशहाली तथा समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के भ्रमण के मौके पर राज्य के शीतकालीन पर्यटन स्थलों एवं स्थानीय उत्पादों व हस्त शिल्प पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित करने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही उत्तरकाशी जिले के सीमांत क्षेत्र के अनछुए व अद्भृत पर्यटन स्थलों में साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए जादुंग, पीडीए तक मोटरबाइक व एटीवी-आरटीवी रैली तथा जनकताल एवं मुलिंगला तक के लिए ट्रैकिंग अभियानों को भी फ्लैग ऑफ कराए जाने की तैयारी की गई है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल, अपर जिलाधिकारी पीएल शाह, प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि हरीश पांगती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया भारतीय मानक ब्यूरो, मानक मेला का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड क्लब कार्निवाल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और पेप मार्क उत्पादों को खरीदने के लिए शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो का स्टैंडर्ड्स क्लब, हमारे छात्रों को गुणवत्ता और मानकीकरण का महत्व समझाने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसका स्थान इस बात पर निर्भर करता है कि वहां बनने वाले उत्पाद और सेवाएं कितनी विश्वसनीय, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो पिछले 78 वर्षों से राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न क्षेत्रों में मानकीकरण के माध्यम से भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा भी की है। ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक हमारे उद्योगों, व्यापार और सेवाओं के प्रमाणीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी जब हम कोई उत्पाद खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले यही देखते हैं कि उस उत्पाद पर आईएसआई मार्क है या नहीं। यदि आईएसआई मार्क होता है, तो हमें पूरा भरोसा हो जाता है कि ये उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा उतरेगा। ये अपने आप में भारतीय मानक ब्यूरो की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कोई भी मानक केवल तकनीकी दिशा-निर्देश या मापदंड नहीं होते, बल्कि वे हमारे देश के विकास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद भी होते हैं। ये न केवल हमारे कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को भी किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं।

विकसित हो रहा है मानकों का ईकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मानकों के इकोसिस्टम का व्यापक विस्तार हुआ है, अब कृषि, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य सहित लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित कर रहा है। ये विस्तार सुनिश्चित करता है कि सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के मानक लागू हों, जिससे हमारे जीवनस्तर में सुधार हो और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। इसी तरह हमारे प्रदेश में भी भारतीय मानक ब्यूरो पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए, यूपीसीएल और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय करते हुए, इन सभी को मानकीकरण की दिशा में जागरूक और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

आत्मनिर्भर भारत में अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में भारतीय मानक ब्यूरो की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि भारतीय उत्पाद अपनी गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल स्थापित करें। क्योंकि जब हम अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं, तो हम न केवल उनकी गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं, बल्कि अपने उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करते हैं। इसी की ध्यान में रखते हुए हमारी प्रदेश सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है।

हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्यमंत्री ने कहा आज हम अपने पारंपरिक उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियों और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए उच्च मानक स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं जिससे हमारे उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने श्हाउस ऑफ हिमालयाजश् नाम से एक अम्ब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के 10,000 से अधिक स्कूलों में स्टैंडर्ड क्लब स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों में मानकों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। साथ ही, ब्यूरो ने लगभग 100 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ डव्न् साइन किए हैं, जिनमें हमारे उत्तराखंड के चार प्रमुख संस्थान भी शामिल हैं। बीआईएस अब ग्राम पंचायत स्तर तक मानकों के महत्व को पहुंचा रहा है।

वन नेशन वन स्टैंडर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि ष्भारतीय मानकष् न केवल अंतर्राष्ट्रीय मानकों के बराबर हों, बल्कि उनसे भी श्रेष्ठ बनें। उनके इसी संकल्प को साकार करने के लिए हमारी सरकार ठप्ै के साथ मिलकर राज्य में उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर हम गुणवत्ता को अपनी आदत बना लेंगे तो न केवल हम विश्व के सभी मानकों पर खरे उतरेंगे बल्कि एक समय ऐसा भी आएगा जब हमारे उत्पाद वैश्विक मानक तय करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ष्भारतीय मानकर ब्यूरोष् हमारे देश को वैश्विक मानकों की दौड़ में शीर्ष पर ले जाने के अपने महत्वपूर्ण कार्य को इसी प्रकार जारी रखेगा और हम सभी मिलकर ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति को अपनाकर ‘गुणवत्ता सम्पन्न भारत’ का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक उत्तराखंड सौरभ तिवारी, आयुक्त खाद्य हरिचंद्र सेमवाल, उप निदेशक बीआईएस स्नेहलता उपस्थित थे।

सालाना 12 लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त से मध्यम वर्ग को बड़ी राहतः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सालाना 12 लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त करते हुए देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकासोन्मुखी और जनकल्याणकारी बजट प्रस्तुत किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शानदार और संतुलित बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि केंद्रीय बजट से, उत्तराखंड को कई योजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष के संशोधित अनुमान में केन्द्रीय करों में राज्य का हिस्सा लगभग 14387 रुपए करोड होगा। इससे मौजूदा वित्तीय वर्ष में प्रदेश को 444 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलने का रास्ता साफ हो गया है। आगामी वर्ष हेतु यह राशि लगभग 15902 करोड़ रुपए तक जा सकती है। राज्य के लिए यह राशि अत्यन्त महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ बजट-पूर्व सम्मेलन में 11 बिन्दुओं का निवेदन किया था। जिसका समावेश भी बजट में दिख रहा है। इसके लिए, उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

जल जीवन मिशन की समय सीमा बढ़ी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से अपने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व साइबर सुरक्षा से संबंधित उत्कृष्टता केन्द्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किये जाने का निवेदन किया था। इस बजट में देश में 5 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एवं सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब बनाने की घोषणा की गई है। इसी तरह सभी सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की घोषणा प्रदेश के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नॉलेज इकॉनोमी के लिए यह एक मजबूत नीव होगी। इसी तरह केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन योजना के अवशेष कार्यों को पूर्ण करने की समय-सीमा 2028 तक बढ़ाने के लिए राज्य का अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में राज्यों के पूंजीगत विकास के लिए 1.5 लाख करोड रुपए कर्ज का प्रावधान किया गया है। यह इस वर्ष के संशोधित अनुमान 1,25,000 करोड से 25,000 करोड़ रुपए अधिक है। विगत दो वर्षों में इस ब्याजमुक्त योजना से हमारे राज्य को बड़ा लाभ मिला है।

जिलों में होगा कैंसर मरीजों का उपचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 125 शहरों के लिए नई उड़ान योजना शुरू किए जाने का लाभ उत्तराखण्ड को भी मिलेगा। अगले 3 साल में देश के सभी जिलों में कैंसर सेंटर बनाए जाने से प्रदेश में चिकित्सा सेवा को विस्तार मिलेगा। देश के 100 जिलों में धन धान्य योजना की शुरुआत से प्रदेश के किसान के भी लाभान्वित होने की आशा है। इसी तरह किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किये जाने की घोषणा से प्रदेश के किसानों को भी फायदा होगा। इंडिया पोस्ट को एक बड़े सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में परिवर्तित करने से उत्तराखण्ड के दूर-दराज क्षेत्रों में पोस्ट आफिस के माध्यम से आर्थिक गतिशीलता बढेगी।

उत्तराखंडः राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों को पसंद आ रही रही फैन पार्क और मौली संवाद पहल

राष्ट्रीय खेलों के सबसे प्रमुख केंद्र महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में फैन पार्क और कॉन्क्लेव प्वाइंट आस-पास ही हैं। एक जगह खिलाड़ियों की थकान मिटाने के इंतजाम हैं, तो दूसरी जगह मोटिवेशन की वो धारा है, जो नए खिलाड़ियों को राह दिखाने वाली है। अपने मैच खत्म हो जाने या फिर खाली समय में खिलाड़ी दोनों ही जगह मौजूद दिख रहे हैं। चाहे वो फैन पार्क हो या फिर मौली संवाद कान्क्लेव खिलाड़ी दोनों ही पहल को पसंद भी कर रहे हैं।

फैन पार्क में खिलाड़ियों का धूम धड़क्का
शूटिंग के मैच खत्म होने के बाद फैन पार्क पहुंची छत्तीसगढ़ की श्रुति यादव वहां बज रहे गिटार की धुन को इन्ज्वॉय करती दिखीं। बातचीत में श्रुति ने कहा-उत्तराखंड के इंतजाम अच्छे हैं। वह बताती हैं-छत्तीसगढ़ की शूटिंग टीम पहली बार नेशनल खेल रही हैं। फैन पार्क की पहल को वह अच्छा बताती हैं। वैसे, फैन पार्क में हर समय गिटार की मधुर धुन ही नहीं है, डीजे का धूम धड़क्का भी है, जिसमें खिलाड़ी और उनके साथ आए लोग नाच-झूम रहे हैं। मैच देखने के लिए आने वाले खेल प्रेमियों के लिए भी यहां एंट्री है।

मौली संवाद में खिलाड़ी जान रहे अहम बातें
नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव में 30 सत्रों की श्रृंखला 12 फरवरी तक चलनी हैं। इस कॉन्क्लेव को राष्ट्रीय खेल के शुभंकर मौली से जोड़ते हुए मौली संवाद नाम दिया गया है। यहां पर खिलाड़ियों को खेल विकास और उससे जुड़ी तमाम अन्य बातों की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। 50 विशेषज्ञों का पैनल तैयार है। जानी मानी एथलीट रह चुकीं अंजू बॉबी जार्ज और भारतीय हॉकी की कप्तान रानी रामपाल और संग्राम सिंह के टिप्स से इस सीरीज का आगाज हो चुका है। खिलाड़ियों को मोटिवेशन सपोर्ट, मेडिकल, न्यूट्रिशन, इंजरी से उबरनेे, डोपिंग समेत तमाम अन्य बिंदुओं पर टिप्स देने के लिए रोजाना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पंजाब की वुशु टीम के खिलाड़ी हरप्रीत व शिवम ने कहा-यह आयोजन खिलाड़ियों की बेहतरी से जुड़ा है।

चार जगह और संचालित हो रहे फैन पार्क
राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, हल्द्वानी व रूद्रपुर में भी फैन पार्क संचालित किए जा रहे हैं। इन तीनों ही जगहों पर राष्ट्रीय खेल आयोजित किए जा रहे हैं। नैनीताल में कोई खेल इवेंट नहीं होनी है, लेकिन पर्यटन नगरी में राष्ट्रीय खेल के प्रचार की दृष्टि से वहां भी फैन पार्क चलाया जा रहा है।

कॉन्क्लेव में 12 को आएंगी मुक्केबाज निखत जरीन
कॉन्क्लेव में 12 फरवरी को भारतीय स्टार मुक्केबाज निखत जरीन आएंगी। इसके अलावा, जानी मानी एथलीट रह चुकी अश्विनी नचप्पा, चक दे इंडिया फेम पूर्व हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी समेत कई विशेषज्ञों केे भी कॉन्क्लेव में कार्यक्रम तय किए गए हैं। देहरादून में यह कॉन्क्लेव 12 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। 11 फरवरी को एक दिन हल्द्वानी में भी कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी।

राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि उन्हें हर लिहाज से एक अच्छा वातावरण मिले और वह खेलों में आगे बढ़ सकें।
-नीरज गुप्ता, नोडल अधिकारी, गेम्स ऑपरेशन।

हमारी कोशिश है कि देशभर से आए खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से बहुत अच्छे अनुभव लेकर के जाएं। इसी अनुरूप तमाम तरह की व्यवस्था की गई हैं। हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय खेल सभी खिलाड़ियों के विकास में सहायक साबित हों।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

नेशनल गेम्सः शूटिंग रेंज में क्वालीफिकेशन रिकार्ड, हरियाणा की बेटी रमिता के नाम

हरियाणा की रमिता बुधवार को जब अपनी एयर रायफल लिए शूटिंग रेंज पर पहुंची, तो उनकी काबिलियत कसौटी पर थी। कसौटी पर वह नवनिर्मित हाईटेक शूटिंग रेंज भी थी, जिसकी तुलना दिल्ली और भोपाल की शूटिंग रेंज से की जा रही थी। रमिता की रायफल से गोली निकली। स्कोर 634.9 रहा और यह 10 मीटर की एयर रायफल महिला स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड का कीर्तिमान बन गया। रमिता तो कसौटी पर खरी उतरी ही, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की शूटिंग रेंज भी खरा सोना साबित हुई।

राष्ट्रीय खेलों के पहले दिन की इससे शानदार शुरुआत हो ही नहीं सकती थी, जबकि शूटिंग की पहली ही स्पर्धा में रिकार्ड टूट गया। भारतीय शूटिंग टीम के असिस्टेंट कोच अरुण सिंह के मुताबिक-इससे पहले, शूटिंग की इस स्पर्धा में क्वालीफिकेशन रिकार्ड 637.7 स्कोर पर बना था। यह रिकॉर्ड भोपाल में आयोजित वर्ल्ड कप चौंपियनशिप में बना था। रमिता ने दो अतिरिक्त प्वाइंट अर्जित कर नया क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया है। रमिता को अब बृहस्पतिवार को इस स्पर्धा के फाइनल में खेलना है। दो तरह के रिकॉर्ड मेंटेन किए जाते हैं। एक क्वालीफिकेशन और दूसरा मेडल रिकॉर्ड होता है।

राष्ट्रीय खेलों के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाई गई हाईटेक शूटिंग रेंज की जितनी तारीफ की जा रही थी, वह पहले ही दिन सही साबित हुई है। भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच अरुण सिंह शुरू से ही कह रहे थे कि जिस तरह से इस शूटिंग रेंज को तैयार किया गया है, उससे यहां नए रिकार्ड निकल सकते हैं।

यह है शूटिंग रेंज की खासियत

शूटिंग रेंज में कुल 160 टारगेट स्थापित हैं। 10 व 25 मीटर रेंज के 60-60 व 50 मीटर रेंज के 40 टारगेट हैं।
टारगेट क्षमता के मामले में यह दिल्ली व भोपाल के बाद तीसरे नंबर की शूटिंग रेंज है। 25 मीटर की रेंज में सबसे ज्यादा टारगेट फिक्स करने की क्षमता।
अत्याधुनिक हाईटेक उपकरणों से सुसज्जित यह शूटिंग रेंज है। हाईटेक टारगेट से सटीक स्कोरिंग सुनिश्चित हो रही है।

रमिता बोली-पेरिस की तरह ही है शूटिंग रेंज

क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाने वाली हरियाणा की रमिता पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह पेरिस ओलंपिक में अंतिम आठ में जगह बनाने में कामयाब रहीं थीं। रमिता का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि वह रिकार्ड बनाएंगी। अपनी कोच नेहा चवन को भी वह इस मौके पर याद करने से नहीं चूकी। साथ ही कहा कि दून की शूटिंग रेंज बहुत अच्छी है। पेरिस की शूटिंग रेंज में जो उपकरण लगे थे, वे ही यहां लगाए गए हैं। इससे स्कोरिंग अच्छी हो रही है।

उत्तराखंड बहुत सुंदर, हमेशा से पसंद है

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के लाडवा की रहने वाली रमिता हंसराज कॉलेज दिल्ली की बी कॉम ऑनर्स की छात्रा हैं। वर्ष 2015 से शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। रमिता का कहना है कि उत्तराखंड उन्हें हमेशा से पसंद रहा है। देहरादून कई बार आई हैं घूमने के लिए। इस बार भी फाइनल मैच हो जाने के बाद जब समय मिलेगा, वह यहां के प्राकृतिक नजारों को देखने के लिए निकलेंगी।

राष्ट्रीय खेलों के लिए हमने अंतरराष्ट्रीय मानक वाले उपकरणों की व्यवस्था की है। मुझे उम्मीद है कि देश भर से आए खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उत्तराखंड की धरती पर करेंगे और खेलों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित होंगे। मैं सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में स्पोर्ट़स इकोनॉमी की भी रहेगी अहम भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक संबोधन और आधिकारिक उद्घोषणा के साथ ही मंगलवार शाम से उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग शुभारंभ हो गया है।
मंगलवार शाम को देहरादून में राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज युवा ऊर्जा से और भी दिव्य हो उठा है, बाबा केदार, बद्रीनाथ जी, मां गंगा के शुभाशीष के साथ आज यहां नेशनल गेम्स शुरू हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये वर्ष उत्तराखंड के निर्माण का 25वां वर्ष भी है, इस खास अवसर पर इस युवा राज्य में देश के अलग- अलग हिस्सों से आए, हजारों युवा अपना सामर्थ्य दिखाने वाले हैं। इससे यहां एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर नजर आ रही है। प्रधानमंत्री ने शानदार आयोजन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी टीम को बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब देश में सालभर कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, खेलो इंडिया सीरीज में कई सारे नए टूर्नामेंट जोड़े गए हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स की वजह से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। इसी तरह यूनिवर्सिटी गेम्स और पैरा ओलंपिक गेम्स से भी मौके बढ़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले लद्दाख में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पांचवां संस्करण शुरु हुआ है। पिछले साल ही बीच गेम्स का भी आयोजन किया। सरकार के साथ ही भाजपा सांसद भी सांसद निधि से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि अकेले काशी संसदीय क्षेत्र में आयोजित हो रही खेल प्रतियोगिता में हर साल करीब ढाई लाख युवाओं को खेलने का मौका मिल रहा है।

खेल से बढ़ती है देश की प्रोफाइल
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई देश खेल में आगे बढ़ता है तो, देश की साख और प्रोफाइल भी बढ़ती है। इसलिए सरकार खेल को विकास से जोड़कर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी बडी आर्थिक शक्ति बन रहा है तो इसमें स्पोर्ट्स इकोनॉमी का भी अहम योगदान होने जा रहा है। इससे खिलाड़ी ही नहीं बल्कि सहायक स्टॉफ से लेकर मैन्यूफैक्चर तक जुड़े होते हैं। उन्होने कहा कि भारत खेल सामग्री उत्पादन का हब बनता जा रहा है। अकेले मेरठ में खेल सामग्री निर्माण की 35 हजार से अधिक यूनिट हैं, जहां तीन लाख लोग काम कर रहे हैं।

पीएम यानि परम मित्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दिनों उनसे मिलने ओलंपिक टीम के सदस्य आए थे, उस दौरान एक खिलाड़ी ने पीएम की नई परिभाषा बताई, जिसके अनुसार खिलाड़ी पीएम को प्राइम मिनिस्टर नहीं बल्कि परम मित्र कह कर बुलाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दस साल में खेल का बजट तीन गुना बढ़ गया है, टॉप स्कीम के तहत दर्जनों खिलाड़ियों पर सैकडों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। देशभर में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास हो रहा है। देश की पहली खेल यूनिवर्सिटी मणिपुर में है। सरकार के प्रयासों का असर पदक तालिका के रूप में नजर आ रहा है। देश के साथ ही उत्तराखंड के खिलाड़ी भी मैडल जीत रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हॉकी के गौरवशाली दिन वापस लौट रहे हैं। कुछ दिन पहले ही खो – खो टीम ने वर्ल्ड कप जीता है। अब युवा खेल को प्रमुख कैरियर के रूप में अपना रहे हैं।

2036 में ओलंपिक आयोजन का प्रयास
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे हमारे खिलाड़ी हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर चलते हैं, वैसे ही हमारा देश भी बडे संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसलिए भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भी ओलंपिक होते हैं वहां अनेक सेक्टर को गति मिलती है। खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाए बनती हैं। ठीक ऐसे ही नेशनल गेम्स से यहां देवभूमि उत्तराखंड को अनेक लाभ मिलेंगे।

यूसीसी समानता के लिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही निकला था, कि 21वीं सदी का ये दशक, उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है। अब उन्हें खुशी है कि राज्य तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला राज्य बन गया है। यूसीसी सही मायने में सेक्युलर सिविल कोड है, जो हमारी बेटियों, माताओं और बहनों के गरिमापूर्ण जीवन का आधार बनेगा। इससे लोकतंत्र की भावना भी मजबूत होगी। कहा कि जैसे हर मैडल के पीछे सबको साथ लेकर चलने की भावना छुपी होती है, यही भावना यूसीसी में भी है।

शीतकालीन यात्रा पर सरकार के प्रयासों को सराहा
उन्होंने राज्य सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उत्तराखंड में पहली बार इतने बडे पैमाने पर नेशनल ईवेंट हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था सिर्फ चारधाम यात्रा पर ही निर्भर नहीं रह सकती है। इसी दिशा में उत्तराखंड ने अब शीतकालीन यात्रा को भी प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड उनका दूसरा घर है, इसलिए उनकी भी शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शीतकाल के दौरान उत्तराखंड में युवाओं के लिए एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी कई अवसर होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से भी शीतकालीन टूरिज्म का आनंद उठाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से फिटनेस पर ध्यान देने की अपील करते हुए मोटापे की समस्या के प्रति सचेत रहते हुए खान पान पर ध्यान देने की भी अपील की है। खासकर अपने खान पान में तेल की खपत कम करनी होगी।

दर्शकों की मोबाइल फ्लैश लाइट करवाई ऑन
प्रधानमंत्री ने नेशनल गेम्स की विधिवत शुरुआत करते हुए कहा कि वैसे तो ये उनका दायित्व है, लेकिन वो चाहते हैं कि स्टेडियम में मौजूद सभी लोग मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर, उनका साथ दें, जिस पर उपस्थित जन समुदाय ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर प्रधानमंत्री का साथ दिया।

सीएम बोले – 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा भारत
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड वासियों की ओर से स्वागत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर के इतने महत्वपूर्ण खेल आयोजन की जिम्मेदारी देने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि इस 17 दिवसीय राष्ट्रीय खेल महाकुम्भ का आयोजन प्रदेश के 11 शहरों में किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ी 35 खेलों में प्रतिभाग कर रहे हैं। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया जा रहा है। इस आयोजन में सौर ऊर्जा का व्यापक प्रयोग किए जाने के साथ ही पूरे आयोजन में प्लास्टिक का उपयोग कम से कम किए जाने के भी प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने के लिए अपनी कमर कस चुका है। जहां एक ओर भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, महिला सशक्तिकरण आदि सामाजिक क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है, वहीं साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट आदि क्षेत्रों में भी विश्व के बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, सी.ए.ए. कानून लागू करना, तीन तलाक की समाप्ति आदि देश के अधिकतर सभी बड़े संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से इस वर्ष राज्य में शीतकालीन यात्रा का भी शुभारंभ किया गया है, जिससे एक ओर जहां राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं स्थानीय रोजगार और आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का जो संकल्प लिया था, उसको पूर्ण कर दिया गया है। 27 जनवरी से राज्य में यूसीसी कानून लागू कर दिया गया है। ये ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन के बिना असंभव था।

38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल ले ज गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई हस्तियों की मौजूदगी में मंगलवार शाम से उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग उद्घाटन हो गया है। इस मौके पर बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल, पवनदीप राजन के साथ ही पांडवाज बैंड ने शानदार प्रस्तुतियों से समा बांधा।

तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोठी ठीक छह बजे, राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने, मैदान में पहुंचे। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले गोल्फ कार्ट में स्टेडियम का राउंड लिया, गोल्फ कोर्ट पर उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी थे। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों और दर्शकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जिस पर उपस्थित जनसमुदाय ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। करीब आधे घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद, उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और सांसद डॉ पीटी ऊषा ने स्वागत भाषण दिया।

शानदार मार्च पास्ट से खिलाड़ियों ने दी सलामी
कार्यक्रम के मध्य भाग में खिलाड़ियों ने शानदार परेड निकाली, परेड का नेतृत्व सैनिक घोड़ाखाल की बैंड टीम ने किया। जिसके पीछे अलग – अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की टीमें पंक्तिबद्ध होकर निकलीं। इसके बाद ओलंपियन शटलर लक्ष्य सेन ने मंच पर पहुंच कर तेजस्वनी मशाल प्रधानमंत्री को सौंपी। लक्ष्य सेन ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों की शपथ भी दिलाई। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद, उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के क्रम में 2025 शंख बजाकर, जोरदार शंखनाद किया गया ।

खिलाडियों से मिले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने मंच पर ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले उत्तराखंड के कई खिलाड़ियों से मुलाकात की। इसमें जसपाल राणा, मनीष रावत, लक्ष्य सैन, सुरेंद्र कनवासी-, हंसा मनरालशर्मा, नितेंद्र रावत, सुभाष राणा, मनोज सरकार शामिल रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड की प्रचलित टोपी पहनाई। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी, केंद्रीय युवा एवं खेल मामलों की राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, राष्ट्रमंडल खेलों के अध्यक्ष क्रिस जेनकिंग्स प्रमुख रूप से उपस्थित हुए।

प्रधानमंत्री को दिया राष्ट्रीय खेलों में आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को मलारी (चमोली) की शॉल और नारायण आश्रम की प्रतिकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम चरण पर तेजी से काम चल रहा है। टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे का कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की स्वीकृति और परियोजना का पूर्ण वित्तीय व्यय भार केंद्र सरकार द्वारा किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में प्रस्तावित बुनियादी विकास कार्यों के लिए ऋषिकेश के पुराने रेल स्टेशन को बंद करने और सभी ट्रेनों का संचालन ऋषिकेश के नए योग नगरी रेलवे स्टेशन से किए जाने का अनुरोध किया। पुराने स्टेशन की भूमि पर जो रेल ट्रैक है, उसका उपयोग नई सड़क व्यवस्था के लिए किया जा सकेगा जिससे यातायात में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी देते हुए जल जीवन मिशन में आवंटित केंद्रीय अंशदान की अवशेष धनराशि जल्द अवमुक्त किए जाने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को रिवर राफ्टिंग में पबवदपब बपजल के रूप में चयनित करने पर आभार व्यक्त करते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर परियोजना के लिए राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केंद्र स्तर से संसाधन उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में भूतापीय ऊर्जा के दोहन के लिए आइसलैंड एंबेसी के सहयोग से एक एमओयू प्रस्तावित है। इस एमओयू पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनापत्ति पत्र प्राप्त किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए सभी तकनीकी और वित्तीय सहयोग राज्य सरकार को प्रदान किए जाने का अनुरोध किया ताकि वर्ष 2070 तक कार्बन नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तराखंड अहम भूमिका निभा सके।

मुख्यमंत्री ने सड़क परिवहन मंत्रालय में प्रेषित प्रस्तावों ऋषिकेश बायपास, हरिद्वार बायपास (पैकेज 2), देहरादून – मसूरी कनेक्टिविटी, देहरादून रिंग रोड, चंपावत बायपास, लालकुआं, हल्द्वानी और काठगोदाम बायपास और मानसखंड प्रॉजेक्ट की स्वीकृति के लिए संबंधित को निर्देशित किए जाने का भी अनुरोध किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) साकार कर रही है घर का सपना

प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवास (शहरी) के तहत उत्तराखंड में अब तक 34 हजार से अधिक आवास बन चुके हैं। अब राज्य सरकार ने योजना के दूसरे चरण के लिए भी भारत सरकार के साथ अनुबंध कर लिया है, जिसमें लाभार्थियों को अधिक आर्थिक अनुदान प्राप्त हो सकेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवास (शहरी) अंतर्गत शहरी क्षेत्र में रहने वाले सभी आवास विहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में 3.00 लाख से लेकर 18.00 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले आवास विहीन परिवारों को चार घटकों के तहत आवास निर्माण के लिए सब्सिडी / अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

योजना के प्रथम चरण के तहत राज्य में कुल 64391 आवासों की स्वीकृति भारत सरकार हो चुकी है। जिसमें लाभार्थी आधारित निर्माण घटक के तहत कुल स्वीकृत 25976 आवासों में से अक्टूबर माह तक 12222 आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, शेष आवासों पर कार्य गतिमान है। इसमें भारत सरकार द्वारा कुल रु 1.50 लाख प्रति आवास की दर से (कुल रु० 263.71 करोड़ लगभग) अनुदान उपलब्ध कराया गया है, तथा राज्य सरकार द्वारा 50 हजार की अनुदान राशि प्रति आवास उपलब्ध करायी जाती है।

योजना के अन्य घटक, किफायती आवास के अंतर्गत भारत सरकार से 15960 आवासों की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें से 11384 आवासों का आवंटन करते हुए, 1894 का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इस श्रेणी में भारत सरकार द्वारा 1.50 लाख रुपए प्रति आवास की दर से कुल 161.96 करोड़ रुपए का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। इस श्रेणी में राज्य सरकार द्वारा भी प्रति आवास 2.00 लाख रुपए की अनुदान राशि उपलब्ध करायी जाती है। इस तरह लाभार्थी अंशदान प्रति आवास 3.50 लाख रुपए ही पड़ता है। योजना के अन्य घटक ऋण आधारित निर्माण में भारत सरकार से मंजूर सभी 19919 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, इस श्रेणी में बैंक के माध्यम से ब्याज सब्सिडी भी उपलब्ध करायी जा चुकी है।

अब मिलेगी अधिक सहायता
सचिव शहरी विकास नितेश झा ने बताया कि अब भारत सरकार ने इसी साल सितंबर में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की घोषणा की है। इसके लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार से अनुबंध कर दिया है। इसके लिए भारत सरकार ने अब प्रति आवास केंद्रांश 1.50 लाख रुपए से बढ़ाकर रु० 2.25 लाख रुपए कर दी गई है। इस तरह अब योजना के तहत लाभार्थियों को अधिक सहायता प्राप्त होगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना लाखों आवासहीन परिवारों को छत उपलब्ध करा रही है। उत्तराखंड में भी योजना के तहत हजारों लोगों के पक्के घर बन चुके हैं। इसमें केंद्र के साथ ही राज्य सरकार भी सहायता उपलब्ध करा रही है।

– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

कांग्रेस ने क्षेत्रवाद और जातिवाद को दी थी हवा, जनता ने निकाल दी हवाः सीएम

देहरादून। केदारनाथ उपचुनाव में मोदी फैक्टर और सीएम धामी की लोकप्रियता का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है। विपक्ष के ताबड़तोड़ नकारात्मक चुनाव प्रचार के बावजूद जनता ने कमल पर ही मुहर लगाई और भाजपा इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने में कामयाब रही। कांग्रेस ने ‘क्षेत्रवाद’ और ‘जातिवाद’ को हवा देकर मुख्यमंत्री धामी के खिलाफ माहौल बनाने का हर संभव प्रयास किया लेकिन मतदाताओं ने उनकी दलील को सिरे से खारिज कर दिया। श्रीराम की धरती अयोध्या और बदरीनाथ में लगातार दो हार के बाद शिवधाम केदारनाथ में मिली शानदार जीत से भाजपाईयों के चेहरे खिले हुए हैं। कार्यकर्ताओं का जोश आसमान छू रहा है।

केदारनाथ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच सीधा मुकाबला था। कांग्रेस ने शातिराना तरीके से अपना चुनाव कैंम्पेन आगे बढ़ाया। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत ने प्रचार के दौरान कहा कि यह मुकाबला उनके और भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल के बीच नहीं बल्कि ‘धाम’ और ‘धामी’ के बीच है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और गणेश गोदियाल समेत भाजपा के तमाम नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर हमलावर रहे। उनकी ओर से प्रचारित किया गया कि धामी गढ़वाल के बजाए कुमाऊं को तरजीह देते रहे हैं इसलिए उन्होंने आपदा का बहाना बनाकर केदारनाथ की यात्रा को प्रभावित किया और यात्रियों का रुख कैंचीधाम को ओर मोड़ दिया। कहा यह भी गया कि धामी ने इसी सोच के चलते बुराड़ी दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के निर्माण की नींव रखी। विकास और जनसरोकार के मुद्दों को हासिए पर रखकर कांग्रेस ने ‘धाम बनाम धामी’ का नेरेटिव क्रिएट कर दिया। इस कुप्रचार से मुख्यमंत्री धामी धबराये नहीं बल्कि वह विपक्ष पर आक्रामक हो गए। पलटवार करते हुए धामी ने पूछा कि क्या 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत और बीकेटीसी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुम्बई में बदरीनाथ मंदिर का सिलान्यास नहीं किया था ?

उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद उन्होंने आगे आकर उपचुनाव तक खुद को केदारनाथ सीट का विधायक माना और क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 700 करोड़ की घोषणाएं कीं जिनके शासनादेश भी जारी हो चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को स्लो बताते हुए उन्होंने कहा कि जब वह विधायक थे तो अपनी विधायक निधि खर्च नहीं कर पाए जिससे क्षेत्र के विकास के लिए मिले 6 करोड़ रुपए लैप्स हो गए। अपने कैम्पेन में धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदार प्रेम को सबसे आगे रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में जलप्रलय से ध्वस्त हो चुकी केदारपुरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किस तरह संवारा और आज केदारनाथधाम नये स्वरूप में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी की 7 बार केदारनाथ की यात्रा का जिक्र उन्होंने अपने हर भाषण में किया।

भाजपा के प्रदेश संगठन ने भी कंधे से कंधा मिलाकर मुख्यमंत्री धामी का पूरा साथ दिया। पार्टी ने कैबिनेट मंत्रियों समेत पार्टी के सभी विधायकों का चुनाव प्रचार में बखूबी उपयोग किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के निगेटिव नेरेटिव को तोड़ने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। टीम धामी योद्धा की तरह लड़ी। इस जीत से धामी के विरोधियों को भी जोर का झटका लगा है।