केंद्रीय बजट से पूर्व हुई नई दिल्ली में बैठक, सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने किया प्रतिभाग

उत्तराखंड के वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आगामी केन्द्रीय बजट के लिए राज्यों के सुझाव के सम्बन्ध में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया।

भारत मंडपम में आयोजित बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री भारत सरकार निर्मला सीतारमण जी ने की। बैठक में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों सहित केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड की ओर से वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल एवं सचिव वित्त दिलीप जावलकर उपस्थित थे।

बैठक में उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल ने देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से बजट निर्माण पूर्व बैठक में प्रतिभागिता का अवसर देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त किया। आगामी बजट में उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं परिस्थितियों को विशेष रूप से सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल ने तीन बिन्दुओ को प्रमुखता से उठाया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि एक पर्वतीय व सीमान्त राज्य होने के दृष्टिगत सुदृढ़ कनेक्टिविटी व सुचारू आवागमन एक महत्वपूर्ण बिन्दु है। ऑल वेदर रोड़ व ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना सहित राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर द्रुतगति से हो रहे कार्य हमारे लिए संजीवनी का कार्य कर रहे हैं। हमें आशा है कि आगामी बजट में उत्तराखण्ड को नयी केन्द्रीय योजनाओं का आशीर्वाद मिलेगा। इस आलोक में आगामी बजट में ऋषिकेश-उत्तरकाशी तथा टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना हेतु आवश्यक प्रावधान करने का निवेदन किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड सहित कुछ दूसरे हिमालयी राज्यों को प्रतिवर्ष लैण्ड स्लाइड का सामना करना पड़ रहा है। क्रोनिक लैण्ड स्लाईड के ट्रीटमेंट हेतु राष्ट्रीय महत्व के शोध संस्थान की स्थापना उत्तराखण्ड के सीमान्त व संवेदनशील जनपद यथा-चमोली, पिथौरागढ़ तथा चम्पावत आदि में किये जाने का अनुरोध किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि भू-जल के स्तर में क्षरण एक ज्वलन्त समस्या है। यह देखा गया है कि हिमालय के तराई भाग में भूजल के स्तर में तीव्रता से क्षरण हो रहा है। आबादी का बडा भाग तराई क्षेत्र में निवास करता है। यहाँ के वाटर टेबल को बचाये जाने के लिए तथा भूजल के स्तर में क्षरण को यथा शीघ्र रोके जाने के लिए गम्भीर प्रयासों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस सम्बन्ध में हमारे राज्य की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं यथा कुमायूँ मण्डल के हल्द्वानी एवं समीपवर्ती तराई के शहरों में सिंचाई व पेयजल आपूर्ति हेतु जमरानी बांध परियोजना एवं गढवाल मण्डल में देहरादून व उपनगरीय क्षेत्र में पेयजल की समस्या के निदान हेतु सौंग बांध परियोजना उल्लेखनीय हैं। केन्द्र सरकार की कृपा से जमरानी बांध परियोजना को पी. एम.के.एस.वाई. ए.आई.वी.पी. योजना के अन्तर्गत आच्छादित किया जा चुका है। इसी क्रम में गढवाल मण्डल में देहरादून व उपनगरीय क्षेत्र में पेयजल की समस्या के निदान हेतु सौंग बांध परियोजना जो यद्यपि सिंचाई परियोजना नहीं है तथापि भूजल के स्तर को बनाये रखने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है कि वित्त पोषण हेतु सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।
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’कई बिंदुओं को लेकर डॉ अग्रवाल ने दिया ज्ञापन’
’नई दिल्ली/देहरादून।’ वित्त मंत्री डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने इस अवसर पर एक ज्ञापन दिया। जिसमें
ऽ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जल जीवन मिशन योजना से राज्य में विद्यमान ग्रेविटी स्कीमों की तुलना में पम्पिंग स्कीमों पर अधिक निर्भरता के दृष्टिगत राज्य द्वारा अतिरिक्त व्यय की ओर ध्यान आकर्षित किया गया तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुरूप ही जल जीवन मिशन योजना के अनुरक्षण के लिए भी केन्द्रीय सहायता का अनुरोध किया गया।

ऽ ैक्त्थ् योजना से अनाच्छादित आपदाओं/ घटनाओं हेतु नई योजना प्रारम्भ करने हेतु अथवा अनाच्छादित मदों जैसे भ्पही टवसजंहम ज्तंदेउपेेपवद स्पदमे / वनाग्नि आदि घटनाओं को ैक्त्थ् की ळनपकमसपदम से आच्छादित करने का अनुरोध किया।

ऽ राज्य के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहित किये जाने हेतु रू. 2 करोड़ प्रति मेगावाट की दर से रू. 8 हजार करोड़ की टपंइपसपजल ळंच थ्नदकपदह (टळथ्) प्रदान करने हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में करने का अनुरोध किया। वृद्धावस्था पेंशन हेतु केन्द्रांश को रू0 200 से बढ़ाकर रू0 500 किये जाने, मानसखण्ड माला

ऽमिशन के अन्तर्गत इंटरनल कनेक्टिीविटी को सुदृढ़ करने, नेट फेज-2 परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन किये जाने एवं मनरेगा कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड सहित समस्त पर्वतीय राज्यों हेतु श्रम व सामग्री का अनुपात 60रू40 के बजाय 50रू50 किये जाने का अनुरोध किया।

ऽ राज्य में प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुाओं के आने (फ्लोटिंग पोपुलेशन) के परिणाम स्वरूप साफ-सफाई एवं अवस्थापना सुविधाओं के नों के अनुरक्षण हेतु आगामी बजट में यथोचित योजना के अन्तर्गत इस बिन्दु पर सहानुभूतिपूर्वक अनुदान देने के लिये विचार करने का अनुरोध किया।

डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं व केन्द्रीय अनुदानों से प्रदेश के सर्वांगीण विकास का पथ प्रशस्त हुआ है। केन्द्र के आशीर्वाद से हमारी विकास यात्रा को गति मिली है।

पीएम की तीसरी बार मोदी ने ली शपथ, धामी ने दी बधाई


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री का तीसरा कार्यकाल विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में मज़बूती से आगे बढ़ने वाला स्वर्णिम काल होगा। निश्चित रूप से मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन कर उभरेगा और देशवासियों की आशाओं व आकांक्षाओं को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विकास का नया अध्याय लिखने को तैयार है।

मुख्यमंत्री ने ट्रैकर्स के साथ हुई दुर्घटना के दिए मजिस्टीरियल जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक रूट पर मौसम खराब होने के कारण ट्रैकिंग दल के साथ घटित दुर्घटना की मजिस्टीरियल जांच के निर्देश दिये हैं। उक्त मजिस्टीरियल जाच करने हेतु आयुक्त, गढ़वाल मण्डल को नामित किया गया है। आयुक्त, गढ़वाल मण्डल को निर्देश दिये गये हैं कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट यथाशीघ्र शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों की खोज एवं बचाव के लिए संचालित रेस्क्यू अभियान पर निरंतर नजर रखे रहे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों और संसाधनों का प्रयोग करने की भी हिदायत अधिकारियों को दी थी।

ज्ञांतव्य है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर हादसे की सूचना मिलते ही रातों-रात वायु सेना से लेकर निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर्स जुटाने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू करने में दक्ष व अनुभवी रेस्क्यूअर्स की अनेक टीमों को तैयार कर अगले दिन तड़के ही कई दिशाओं से जमीनी व हवाई रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया और दोपहर होने तक सभी जीवित ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया था।

मुख्यमंत्री शुरू से इस अभियान को लेकर निरंतर जिलाधिकारी से अपडेट लेते रहे। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में ट्रैकर्स की मौत होने पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इस रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों पर कार्रवाई करने के साथ ही उत्कृष्ट संसाधनों एव विशेषज्ञ रेस्क्यूअर्स को जुटाने के निर्देश देते हुए कहा था कि सहस़्त्रताल क्षेत्र में फंसे जीवित पर्यटकों के जीवन के रक्षा के लिए कोई भी कसर न रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जटिल व अत्यंत चुनौतीपूर्ण अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सभी लोगों, विभागों व संगठनों ने पूरा प्रयास किया। फलस्वरूप इस हादसे में जीवित सभी व्यक्तियों को गत दिन ही सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।

भाजपा आलाकमान लोकसभा चुनाव में सीएम धामी का जमकर कर रहा इस्तेमाल

समान नागरिक संहिता कानून, सख्त नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून और सख्त दंगा नियंत्रण कानून। ये चंद ऐसे बड़े निर्णय रहे हैं, जिनसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता का ग्राफ देश भर में तेजी से बढ़ा। यही वजह रही कि भाजपा आलाकमान ने भी धामी की इस बढ़ती लोकप्रियता को इन लोकसभा चुनावों में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। धामी अब तक लोकसभा चुनाव के लिए हुए छह चरणों में धमाकेदार 60 से ज्यादा जनसभायें कर चुके हैं। तेलंगाना से लेकर दिल्ली और राजस्थान से लेकर पंजाब तक में भाजपा उनका जमकर उपयोग कर रही है।
भाजपा की नई पंक्ति के नेताओं में पुष्कर सिंह धामी अब सीधा फ्रंट लाइन में हैं। धामी की पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी खूब जमती है। पीएम मोदी के पास उत्तराखंड हित के कार्यों के लिए जब सीएम धामी जाते हैं तो उन्हें कभी निराशा नहीं मिलती। कई मौके तो ऐसे भी आये जब पीएम से मुलाकात के लिए 15 मिनट का समय तय था लेकिन मुलाकात डेढ़ घंटे तक चली।
दरसअल, धामी 2022 में जब दोबारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने राज्य में समान नागरिक सहिंता कानून को लागू करने का वायदा जनता से किया और कुछ ही अंतराल में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया जहां इसे लागू किया गया है। जनसंघ के दौर से ही पार्टी ने इसे अपने एजेंडे में प्राथमिकता पर रखा और उत्तराखंड में धामी ने भाजपा के इस अहम एजेंडे को लागू करके दिखाया। यही वजह रही कि इस बार के लोकसभा चुनाव के अपने मेनिफेस्टो में भाजपा ने उत्तराखंड की तर्ज पर इसे अब देश भर में लागू करने की गारंटी दी है। यही नहीं, धामी उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू कर चुके हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने भी इसे लागू किया। इन तमाम बड़े फैसलों के कारण आज उत्तराखंड के सीएम धामी की भाजपा आलाकमान में स्वीकारोक्ति अधिक बढ़ी है और इसके बाद भाजपा आलकमान ने उन्हें लोकसभा चुनाव में धामी को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया है।
अब तक लोकसभा चुनाव के छह चरण हो चुके हैं और धामी इन चुनाव में भाजपा के लिए देशभर में ताबड़तोड़ तरह से 60 से ज्यादा जनसभा कर चुके हैं। क्या, दिल्ली, क्या राजस्थान, क्या हिमाचल, क्या तेलंगाना सब जगह धामी की धूम है। जहां जहां उनकी जनसभा व रोड शो हो रहे हैं वहां वहां युवाओं की भीड़ उन्हें देखने और सुनने को उमड़ रही है।

हल्द्वानी अतिक्रमण विवादः डीएम वंदना को कट्टरपंथियों से ट्रोलिंग, जनता ने किया समर्थन

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली जिलाधिकारी वंदना सिंह सोशल मीडिया पर चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। कुछ कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करवा रहे थे और उनके खिलाफ भड़काऊ अभियान चला रहे थे।

अब्दुल मलिक पर कार्रवाई का नतीजा?

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कट्टरपंथियों ने डीएम वंदना के खिलाफ “#अरेस्ट_वंदना_सिंह” ट्रेंड चलाया। उन पर आरोप लगाते हुए सांप्रदायिक रंग दिया गया। सोशल मीडिया ट्रेंड के विश्लेषण से पता चला कि इसमें ज्यादातर एक समुदाय विशेष के कट्टरपंथी समूह शामिल थे।

कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस और झूठा माहौल

इसी कट्टरपंथी मानसिकता से ग्रसित कुछ लोगों ने दिल्ली प्रेस क्लब में डीएम के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये लोग कभी बनभूलपुरा गए ही नहीं थे, लेकिन वहां से एक वीडियो के आधार पर वंदना सिंह के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। यही गिरोह अक्सर लोगों को भड़काने के लिए जाना जाता है।

सच सामने आया, मिला जनता का विश्वास

लेकिन सच छिपाए नहीं छिपता। जैसे ही सच्चाई सामने आई, सोशल मीडिया साईट एक्स पर “#isupportdmvandana” ट्रेंड शीर्ष पर चला गया। राष्ट्रीय मीडिया में भी डीएम वंदना की चर्चा होने लगी। शायद उत्तराखंड में पहली बार किसी डीएम ने इतनी ख्याति प्राप्त की, उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा सपोर्ट और फॉलो किया जा रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह अराजक तत्वों पर सम्पूर्ण नारी शक्ति का तमाचा है।

सरकार का समर्थन, डीएम की निष्ठा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम में डीएम का समर्थन किया, जिससे वह बिना किसी दबाव के अपना कर्तव्य पूरा कर सकीं। डीएम वंदना ने साबित किया कि अगर आप सत्य के साथ खड़े हों तो कोई ताकत आपको झुका नहीं सकती। उन्होंने सरकार और सीएम धामी को हर परिस्थिति में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद दिया।

तीन राज्यों में हुए चुनावों में देश को बांटने की हुई कोशिशः मोदी

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कुछ लोग तो कह रहे हैं कि आज की इस हैट्रिक ने चौबीस की हैट्रिक की गारंटी दे दी है। इस चुनाव में देश को जातियों में बांटने की बहुत कोशिशें हुईं।
उन्होंने कहा कि मैं लगातार कह रहा था कि मेरे लिए देश में चार जातियां ही सबसे बड़ी जातियां हैं। ये हैं हमारी नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और हमारे गरीब परिवार।इन चार जातियों को सशक्त करने से देश सशक्त होने वाला है। आज भी मेरे मन में यही भाव है। मैं अपनी माताओं-बहनों और बेटियों के सामने अपने युवा साथियों, किसान भाइयों के सामने, गरीब भाइयों के सामने नतमस्तक हूं। चुनाव परिणाम पर हर फर्स्ट टाइम वोटर कह रहा है कि मेरा पहला वोट मेरी जीत का कारण बना है। भविष्य का सपना देखने वाला युवा अपनी जीत देख रहा है। चुनाव नतीजों ने एक और बात स्पष्ट की है कि देश की युवा पीढ़ी सिर्फ विकास चाहती है। जहां की सरकारों ने युवाओं के खिलाफ काम किया है, वे सरकारें सत्ता से बाहर हुई हैं। चाहे छत्तीसगढ़ हो, राजस्थान हो या तेलंगाना हो।देश का युवा यह जानता है कि बीजेपी की सरकार युवा हितैषी होती है। युवाओं के लिए नए अवसर बनाने वाली होती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की बेटियों-बहनों के मन में एक नया विश्वास जागा है। यह विश्वास जगा है कि भाजपा की सरकार में उन्हें एक नई बुलंदी मिलने वाली है। उन्हें लगता है कि बीजेपी ही नारी सुरक्षा, सम्मान और गरिमा की गारंटी है। उन्होंने देखा है कि बीते दस सालों ने भाजपा ने उन तक टॉयलेट, बिजली, गैस, नल से जल और बैंक में खाते जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कितनी ईमानदारी से काम किया है।

पीएम ने कहा कि इस चुनाव में देश की बहन-बेटियों ने भाजपा की विजय की जिम्मेदारी उठा ली थी। आज मैं उनसे बहुत विनम्रता से कहूंगा कि बीजेपी ने आपसे जो वादे किए हैं वह शत-प्रतिशत पूरे किए जाएंगे और यह मोदी की गारंटी है। और मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी।देश का आदिवासी समाज भी खुलकर अपनी बात रख रहा है। यह वह समाज है जो कांग्रेस की नीतियों की वजह से पीछे रहा। इन्हें अवसर नहीं दिए गए। हमने गुजरात में भी देखा कि जिस समाज को कांग्रेस ने कभी पूछा नहीं, उस समाज ने कांग्रेस का सफाया कर दिया। यही स्थिति हमने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी देखी है। इन आदिवासी अंचलों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। देश का आदिवासी समाज विकास का आकांक्षी है। उसे भरोसा है कि इस आकांक्षा को भाजपा ही पूरा कर सकती है। आज मैं भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करूंगा, उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करूंगा। भाजपा और कमल के प्रति आपका समर्पण अतुलनीय है। डबल इंजन की सरकार का उद्देश्य आपने घर-घर तक पहुंचाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के परिवार में चुनाव के दौरान एक दुखद घटना हो गई थी, फिर भी वह चुनाव अभियान में जुटे रहे।

विघ्नसंतोषियों के गजब हाल, पनौती नहीं पापा हैं मोदी! भारत की अर्थव्यवस्था आज 4 ट्रिलियन के पार पहुँची और तुम टीम भारत की हार पर बस करते रहना पनौती-पनौती

लगता है विघ्नसंतोषियों के पास कोई काम ही नहीं है। अहमदाबाद में टीम भारत विश्व कप फाइनल क्या हारी, विघ्नसंतोषियों को तो मानो मौका ही मिल गया। टीम भारत की हार के बाद सोशल मीडिया पर ‘पनौती-पनौती’ के नाम से मुहिम छेड़ दी है। अरे भइया विघ्नसंतोषियों पहले ये तो जान लो जिसे तुम पनौती-पनौती कहकर कीचड़ उछाल रहे वो पनौती नहीं तुम्हारे ‘पापा’ हैं। मोदी जी को जो मैच खेलना है वो तो बहुत बेहतर तरीक़े से खेल रहे हैं। आज जो मैच खिलाड़ियों को खेलना था वो बस बेहतर नहीं कर पाये।

दरअसल, विघ्नसंतोषियों ने शायद आज यह खबर ही नहीं पढ़ी की भारत आज 4 ट्रिलियन की इकॉनमी बन गया है। अगर पढ़ी होती या इतने महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी होती तो शायद ये सब ऊट पटांग बातें न करते। शर्मनाक तो ये की अपने देश के प्रधानमंत्री और अपने देश की टीम के हार में भी विघ्नसंतोषि खुशियां मना रहे हैं।

विघ्नसंतोषियों की जानकारी के लिए बता दें कि ‘भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई। पहली बार भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुकी है और इसके साथ ही यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाला देश बनने के बेहद करीब पहुंच चुका है।
वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी में 7.8 फीसदी की ग्रोथ हुई थी। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भरोसा जताया था। शक्तिकांत दास ने 31 अक्‍टूबर को अपने एक बयान में कहा था कि आर्थिक गतिविधयों को देखते हुए कुछ शुरुआती आंकड़ें सामने आए हैं, जिससे उम्‍मीद है कि नंवबर के अंत में दूसरी तिमाही के दौरान आने वाले GDP के आंकड़े चौंकाने वाले होंगे और आज मोदी जी की अगवाई में देश की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन हो गयी है, पर विघ्नसंतोषियों के पेट में मरोड़ उठ रही है और उनसे ये हजम नहीं हो रहा।

चेन्नई सुपरकिंग्स के होम ग्राउंड में मुख्यमंत्री धामी ने निवेश की पारी में जोड़े 10150 करोड़ के एमओयू आकड़ा, 64725 करोड़ के पार

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चेन्नई में रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई औद्योगिक संगठनों के साथ 10150 करोड़ के निवेश करार सफलतापूर्वक किए।जिसमें इन्फिनिटी ग्लोबल 4000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जुलाई वेंचर्स 1000 करोड़ रुपये का निवेश और क्षणा ग्रुप कैंसर अस्पताल की स्थापना के लिए 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। सर्वाेदय ग्रुप ऑफ होटल्स भी अपनी विस्तार योजनाओं के लिए 1000 करोड़ का निवेश करेगा।

इसके अतिरिक्त, क्राफ्ट स्मिथ इंडिया 1000 करोड़ रुपये का निवेश, जबकि एसआरएम यूनिवर्सिटी ने 600 करोड़ का एमओयू किया। रेफेक्स ग्रुप ने 500 करोड़ रुपये के निवेश पर मोहर लगाई, और इन्फ्ला मोवी ग्रुप ने 250 करोड़ के निवेश की हामी भरी। इसके अलावा, अपोलो अस्पताल ने 500 करोड़ का निवेश करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। टीपीसीआइ के साथ 200 करोड़ व मिलटेक्स ग्रुप के साथ 100 करोड़ के एमओयू किए गए।अब तक कुल मिलाकर 64,725 करोड़ के एमओयू हो चुके हैं।

ये निवेश उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों विकास के अवसरों को जन्म देगा। अपोलो अस्पताल के साथ एमओयू होने पर विशेष रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं को आगे बढ़ाने में प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस रोड शो ने व्यवसायों को जुड़ने और साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान किया जो उत्तराखंड को आर्थिक विकास में योगदान देगा।

’तमिलनाडु और उत्तराखंड का अनूठा संगम’

रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना उत्साह व्यक्त करते हुए तमिलनाडु और उत्तराखंड के बीच आध्यात्मिक संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के रामेश्वरम और उत्तराखंड के केदारनाथ में प्रतिष्ठित भगवान शिव के पवित्र प्रतीक ज्योतिर्लिंग की उपस्थिति दोनों राज्यों के निर्मल संगम को प्रदर्शित करती है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड और तमिल संगम के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर इस आध्यात्मिक संबंध को पोषित और मजबूत किया जाएगा। इस साझेदारी का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान, धार्मिक तीर्थयात्रा और अन्य संयुक्त पहल को सुविधाजनक बनाना होगा जो दोनों क्षेत्रों के बीच संबंधों को गहरा करेगा।

उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों के लोगों के बीच आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए, इन साझा आध्यात्मिक विरासतों को संरक्षित करने और मनाने के महत्व पर जोर दिया। मुख्यमंत्री धामी ने जोश और उत्साह के साथ दोनों राज्यों के लाभ के लिए तमिलनाडु और उत्तराखंड के बीच इस अनूठे संबंध को और विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस साझा विरासत से उत्साहित होकर, उन्होंने आध्यात्मिक रूप से जुड़े इन राज्यों के बीच अधिक एकता और समझ को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय मैराथन में हरिद्वार की सोनिया ने पहला स्थान हासिल कर किया देश में उत्तराखण्ड का नाम रोशन

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के अन्तर्गत आज राष्ट्रीय स्तर की प्रथम रेड रन मैराथन 2023 का आयोजन गोवा में किया गया, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति उत्तराखंड की ओर से युवा प्रतिभागी प्रियांशु चौधरी, आदर्श यादव सोनिया एवं अनीशा द्वारा प्रतिभाग किया गया।

उत्तराखण्ड राज्य के हरिद्वार जनपद की धावक कुमारी सोनिया ने राष्ट्रीय स्तर की रेड रेन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया जो कि उत्तराखण्ड के लिए बहुत की गौरव की बात है क्योंकि इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के 28 प्रदेशों एवं 08 संघ शासित प्रदेशों के द्वारा प्रतिभाग किया गया था। इससे पूर्व राज्य स्तर पर रेड रेन प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 30 सितम्बर 2023 को जनपद देहरादून में किया गया था जिसमे बालक वर्ग में प्रयांशु चौधरी द्वारा प्रथम एवं आदर्श यादव द्वारा द्वितीय तथा बालिका वर्ग में सोनिया द्वारा प्रथम तथा अनीशा द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। गोवा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की रेड रन मैराथन प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली उत्तराखंड की धावक कुमारी सोनिया को गोवा के माननीय मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत द्वारा ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र एवं पचास हजार रूपये का नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी० राने, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की अपर सचिव एवं महानिदेशक हेकाली जिगोमी, निदेशक, निधि केशरवानी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में उत्तरखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ0 अजय कुमार नगरकर, उप निदेशक वित्त, महेन्द्र कुमार, अनुभाग सहायक विनोद कुमार स्पोटर्स कॉलेज के कोच हेमराज सिंह उप-प्रधानाचार्या मीना सिंह उपस्थित थे।

इस अवसर पर पूरे कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य की टोपी छायी रही जिसे उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ० अजय कुमार द्वारा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की अपर सचिव एवं महानिदेशक हेकाली जिमोमी, नाको भारत सरकार की निदेशक निधि केशरवानी सहित कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को भेट की गई।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के सचिव स्वास्थ्य/ परियोजना निदेशक डॉ आर राजेश कुमार ने राज्य की तरफ से प्रतिभा करने वाले सभी प्रतिभागियों को भविष्य हेतु शुभकामनाएं। इसके साथ ही एड्स नियंत्रण हेतु सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसे एक सकारात्मक संदेश न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में जाएगा। एड्स नियंत्रण को लेकर उत्तराखंड में अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर काम हो रहा है। हमारा प्रयास है कि जनसहभागिता व सरकारी प्रयासों से आने वाले समय में इसको पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।

आदिकैलाश से विश्व को आध्यात्म का संदेश देने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारखंड के बाद मानसखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए 12 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम से करेंगे। जागेश्वर धाम अपने पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

जागेश्वर धाम पतित पावन जटागंगा के तट पर समुद्रतल से लगभग 6200 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिवजी तथा सप्तऋषियों ने यहां तपस्या की थी।

जागेश्वर मंदिरों का निर्माण कत्यूरी राज के कालखंड में हुआ था। जागेश्वर धाम के प्राचीन मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र में सदियों से आध्यात्म के दर्शन करा रहे हैं। यहां लगभग छोटे-बडे 224 मंदिर स्थित हैं। मंदिरों का निर्माण लकडी तथा सीमेंट की जगह पत्थर की बडी-बडी शिलाओं से किया गया है। दरवाजों की चौखटें देवी देवताओं की प्रतिमाओं से सुशोभित हैं। मंदिरों के निर्माण में तांबे की चादरों और देवदार की लकडी का भी इस्तेमाल किया गया है।

…..कैसे पहुंचे जागेश्वर धाम….
यहां पहुंचने के लिए काठगोदाम अंतिम रेलवे स्टेशन है। दिल्ली आनंद विहार आईएसबीटी और देहरादून से हल्द्वानी व अल्मोड़ा के लिए बस सेवा भी हैं। दिल्ली और देहरादून से वहां की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम के लिए टैक्सी सेवा उपलब्ध है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम की दूरी 35 किलोमीटर है। इसी तरह हवाई जहाज से पंतनगर एयरपोर्ट तक नजदीकी सेवा है। पंतनगर से टैक्सी से जागेश्वर धाम 150 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंच सकते हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा उत्तराखंड के मनोरम पिथौरागढ़ जिले में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होने वाली है। पीएम मोदी 12 अक्टूबर को इस महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलेंगे और अपने प्रवास के दौरान उन्हें प्रसिद्ध मायावती आश्रम में ठहराया जाएगा।

वह चीन सीमा के पास स्थित पवित्र स्थल आदि कैलाश पर आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त करेंगे। यह पवित्र तीर्थ स्थान अपनी लुभावनी सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है जो हर साल अनगिनत भक्तों को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति निसंदेह पवित्रता को बढ़ाएगी और समाज के सभी पक्षों का ध्यान आकर्षित करेगी।

इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान व्यास घाटी के भीतर बसे जोलिकांग के विस्मयकारी वैभव को देखने की इच्छा व्यक्त की है। यह अभूतपूर्व प्राकृतिक आश्चर्य सुरम्य परिदृश्यों का प्रतीक है जो आगंतुकों के मस्तिष्क और ह्रदय पर एक अमिट छाप छोड़ने के लिए बाध्य है।

प्रधानमंत्री, कुल 4194 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

स्थानीय अधिकारी पीएम मोदी के लिए न केवल एक सुचारु यात्रा कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए बल्कि उनकी पूरी यात्रा के दौरान एक अविस्मरणीय अनुभव सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे लगन से काम कर रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर उत्साह दूर-दूर तक महसूस किया जा सकता है, लोग इस ऐतिहासिक यात्रा की झलकियों और अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के भीतर ऊर्जा स्पष्ट है, स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही पीएम मोदी को अपनी उपस्थिति से इन उल्लेखनीय स्थानों की शोभा बढ़ाते हुए देखने की संभावना से समान रूप से रोमांचित हैं।

प्रधानमंत्री की यह महत्वपूर्ण यात्रा न केवल उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए एक जीवंत तस्वीर पेश करती है, बल्कि इस विविधतापूर्ण राष्ट्र के सबसे दूरस्थ कोनों की खोज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में भी काम करती है।