प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान को वृहद स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाए। आवश्यकता अनुसार इसमें नए पदों का सृजन भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन इस पर शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्यशालाओं का आयोजन करें तथा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उस पर अमल करें।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई राज्य में न हो पाए। ड्रग्स की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया है। इस दिशा में प्रदेश में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, ए.पी. अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

सीएस निर्देश, प्रदेश में पर्यावरण विभाग होगा कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कार्बन क्रेडिट के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए कार्बन क्रेडिट आय के नए स्रोत के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी विभागों द्वारा कार्बन क्रेडिट की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पर्यावरण विभाग कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य, जिसका अधिकतम भूभाग वन से आच्छादित है, के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के भी नए अवसर पैदा करता है। उत्तराखण्ड के किसान और स्थानीय समुदाय कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन, कृषि और सहकारिता विभाग विभाग में कार्बन क्रेडिट की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने सहकारिता विभाग को अपने अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को इसमें शामिल कर कार्बन क्रेडिट्स की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को कार्बन क्रेडिट और ग्रीन क्रेडिट की दिशा में शीघ्र तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कृषि विभाग एवं दुग्ध विकास विभाग को भी कार्बन क्रेडिट पर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय समुदायों की सहभागिता से जैव विविधता की रक्षा होगी एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के नए अवसर के साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित नाबार्ड के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों का हाल जान, मदद का हर संभव दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का दौरा किया और प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्याे की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

सीएम धामी ने थराली में तोड़ा प्रोटोकॉल, काफिला रूकवाकर सुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रास्ता खुलाने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, वे स्वयं वहाँ गांववासियों के साथ जाकर हालात का जायजा लेंगे।

विदित है कि मुख्यमंत्री इसी तरह धराली आपदा के समय लगातार तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्र में डटे रहे और हर राहत एवं बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग की।

मुख्यमंत्री धामी ने साफ संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और प्रभावित गांवों तक राहत और सहायता पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम के निर्देश पर थराली में आपदा राहत कार्य तेज गति से चल रहा

बीती रात तहसील थराली के अन्तर्गत टुनरी गदेरे में पानी बढ़ने के कारण तहसील परिसर, चेपड़ो बाजार, कोटदीप बाजार और कुछ घरों में 1 से 2 फीट मलबा घुस गया और कुछ वाहन भी मलबे में दबे है। रा.उ.नि. थराली द्वारा बताया गया कि ग्राम संगवाड़ा में एक मकान में मलबा आने के कारण एक लड़की मलबे में दब गयी थी जिसके शव को डीडीआरएफ थराली के जवानों के द्वारा रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण ग्राम चेपड़ो में एक व्यक्ति लापता है जिसकी खोजबीन प्रशासन द्वारा की जा रही है।

जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत-बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं।शनिवार को मौके पर जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग, डीडीआरएफ के 07 जवान, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 12 जवान, एसएसबी ग्वालदम के 12 जवान, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है ।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 04 चिकित्साधिकारी, 06 स्टॉफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर मय एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधि सहित एलर्ट मोड पर है, इसके अतिरिक्त दो 108 एम्बुलेंस एवं 02 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग में तैनात कर दी गयी है। अतिरिक्त 02 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से भी तैनाती की गयी है।उन्होंने बताया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में रिलीफ सेंटर बनाया गया है।साथ ही लोगों को रिलीफ सेंटर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गयी है।

जिलाधिकारी ने बताया मौके पर जेसीबी मशीन, रस्सी, वुड कटर, स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं आपदा स्थल पर भेज दी गयीं हैं।भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

अंबाला में उत्तराखंड के युवकी की हत्या पर सीएम धामी ने हरियाणा सीएम से की वार्ता

अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर वार्ता की।

मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया।

इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट, आपदा राहत के लिये दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए रू 1 करोड़ की धनराशि का योगदान दिया गया।

मुख्यमंत्री ने यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दिए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दिया जा रहा सहयोग प्रशंसनीय है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया देहरादून से अर्चना शुक्ला, बिभूति भूषण राउत व मनोहर सिंह उपस्थित थे।

सीएम से मिले स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹ 51 लाख की धनराशि का योगदान दिया गया।

मुख्यमंत्री ने स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी द्वारा दिए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निश्चित रूप से विभिन्न संस्थाओं द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दिया जा रहा यह सहयोग सराहनीय है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जहां किसी प्रकार की झील बनने या उसका विस्तार होने की आशंका है, को चिन्हित करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने महानिदेशक उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद प्रो. दुर्गेश पंत को धराली (उत्तरकाशी) के ऊपर अधिक ऊंचाई के क्षेत्र में ग्लेशियर और ग्लेशियर लेक आदि का तत्काल विश्लेषण कर यथास्थिति से अवगत कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर पिघलने से बनने वाली झीलों और उनसे संभावित खतरों का तत्काल आंकलन कर अवगत कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशभर के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों को भी शामिल किए जाने की बात कही है।

मुख्य सचिव ने कहा कि धराली और ऋषि गंगा जैसे सेंसिटिव क्षेत्रों को प्राथमिकता पर लेते हुए इनका विश्लेषण कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि निकट भविष्य में इस प्रकार कोई अप्रिय घटना से होने वाले जान – माल के नुकसान को रोकने के लिए पूर्व से तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के ऐसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जहां किसी प्रकार की झील बनने या उसका विस्तार होने की आशंका है, को चिन्हित किया जाए। उन्होंने इस प्रकार के विश्लेषण लगातार किए जाने हेतु उत्तराखण्ड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (यू-सैक) को नोडल एजेंसी नामित किया। कहा कि प्रदेशभर में इस प्रकार का विश्लेषण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके लिए यू-सैक को मजबूत किया जाना अनिवार्य है।

मुख्य सचिव ने कहा कि नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) और इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट (आईआरएसएस) सहित इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाईजेशन (इसरो) से हर प्रकार की सहायता और सामंजस्य के लिए उत्तराखण्ड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (यू-सैक) ही नोडल एजेंसी होगी। उन्होंने कहा कि अधिक ऊंचाई में स्थित झीलों की मॉनिटरिंग के लिए सेंसर लगाए जाने के कार्य में तेजी लायी जाए। उन्होंने एनआईएच से भी इस सम्बन्ध में सहायता लिए जाने की बात कही।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर, मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, युगल किशोर पंत एवं विनोद कुमार सुमन सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित थे।

सीएम धामी के निर्देश पर धराली में 98 आपदा प्रभावितों को दिए गए चेक

प्रदेश सरकार द्वारा धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। यह वितरण गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह चौहान द्वारा किया गया।

गत 5 अगस्त को उत्तरकाशी एवं पौड़ी जनपदों में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई थी। कई स्थानों पर भारी बारिश, भूस्खलन और मलबे के प्रवाह से घर पूरी तरह नष्ट हो गए, बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ और प्रभावित परिवारों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। इस आपदा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और सभी प्रभावित परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की तत्कालिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।

इसी घोषणा के तहत आज धराली में 98 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इस सहायता का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को पुनर्वास की दिशा में प्रारंभिक सहारा देना है ताकि वे आपदा के बाद के कठिन दौर में अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सहायता राहत प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है। भवनों, आवासों, होमस्टे, पशुधन और बागानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर एक व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाएगा, जिससे प्रभावितों को दीर्घकालिक सहयोग मिल सके।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग मेरे परिवार के सदस्य हैं। इस कठिन समय में वह और प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जाएगा, ताकि सभी प्रभावित जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।”

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदेश सरकार की इस त्वरित राहत कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।