चमोली में सीएम ने प्रभावितों का दुःख साझा करते हुए हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत कार्याे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक़सान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित कुंतारी लगा फाली और कुंतारी लगा सरपाणी का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से नुकसान एवं राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से भेंट कर कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावितों की साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-जीवन को जल्द सामान्य करने के लिए राहत एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली के कार्यों को पूरी क्षमता व तत्परता से संचालित करने में निरंतर जुटे रहें। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की सुचारू आपूर्ति और सभी क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बहाल करने के काम को प्राथकिता से पूरा किया जाय।

इस दौरान जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने आपदा से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक 12 घायल व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिनमें से 01 घायल व्यक्ति को एम्स ऋषिकेश तथा 11 घायलों को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर भेजा गया। कुंतरी लगा फाली, सरपाणी, धुर्मा, सेरा एवं मोख में लगभग 45 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 15 गौशालाएं भी नष्ट हुई हैं, वहीं इन क्षेत्रों में 08 पशु मृत एवं 40 पशु लापता बताए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एसडीएम चमोली आर.के.पाण्डेय सहित जनपद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

काठगोदाम से सीएम का सख्त संदेश, बोले हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, वरना होगी जवाबदेही

सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गाे, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कम-ेपसजपदह कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के upnl कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।

तकनीकी युग में आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय, देहरादून में राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं खेल से जुड़ी योजनाओं की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शीघ्र इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागों के बीच आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बल दिया कि राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार ठोस और सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी युग में योजनाओं की निगरानी और सफल संचालन हेतु आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचनाओं की त्वरित उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से योजना क्रियान्वयन की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सभी विभागों द्वारा समन्वित प्रयास करना आवश्यक है।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को न केवल सिंचाई के साधन सुलभ होंगे बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग से दीर्घकालिक रूप से ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी प्राप्त होगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष गांवों को शीघ्र सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है, और राज्य के दुर्गम इलाकों में निवास कर रहे लोगों की सुविधाओं तथा आर्थिक अवसरों के विस्तार के लिए यह आवश्यक है।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों की प्रगति की भी गहनता से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं को और प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर में सार्थक सुधार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए शासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की प्रगति साझा करें और लोगों को इनसे अधिकाधिक लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की सुविधा और सुख-सुविधा है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा।

बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण सहदेव सिंह पुण्डीर, रेनू बिष्ट, सुरेश गढ़िया, शक्तिलाल शाह, हरीश धामी एवं मनोज तिवारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव राधिका झा, नितेश झा, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, एस.एन. पांडेय, आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, श्रीधर बाबू अद्दांकी, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी बैठक में सम्मिलित हुए।

नन्हीं परी मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी सरकारः धामी

वर्ष 2014 में काठगोदाम में मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी सात वर्षीय बच्ची नन्ही परी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

इस मामले में आरोपित को सुप्रीम कोर्ट से दोषमुक्त किए जाने का संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की बेटियों के साथ दरिंदगी करने वालों को सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस मामले में आरोपित को लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट से सजा हो चुकी थी, लेकिन अब किन्हीं कारण से सुप्रीम कोर्ट से आरोपित बरी हो चुका है। इसलिए न्याय विभाग को इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दाखिल करते हुए, मजबूत पैरवी के साथ सजा सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस केस को मजबूती से लड़ेगी, इसमें अच्छी से अच्छी लीगल टीम को लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में इस तरह के कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। न्याय की इस लड़ाई में सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए सरकार लगातार प्रदेश में सत्यापन अभियान चला रही है। सरकार देवभूमि की अस्मिता पर कोई चोट नहीं पहुंचने देगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उत्तराखंड के चारों धामों में विशेष पूजा सम्पन्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बुधवार को उत्तराखंड के चारों धामों के साथ ही प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष पूजा अर्चना की गई। जहां तीर्थ पुरोहितों ने प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए भगवान से प्रार्थना की।

बद्रीनाथ धाम में बीकेटीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर हवन किया गया। जिसमें तीर्थ पुरोहितों ने भगवान बद्री विशाल से प्रधानमंत्री के लिए मंगल की कामना की। इसी तरह केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों ने महारुद्राभिषेक का आयोजन कर बाबा केदार से प्रार्थना की। दोनों धामों के तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों से उत्तराखंड के चारों धामों में पुनर्निर्माण और विकास के अभूतपूर्व काम हुए हैं। प्रधानमंत्री खुद कई बार बद्रीनाथ और केदारनाथ के दौरे पर आ चुके हैं। इधर, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी तीर्थ पुरोहितों ने भी प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर उनके लिए विशेष पूजा अर्चना सम्पन्न की। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और तीर्थ यात्रियों ने भाग लिया। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान सम्मान विदेशों में तक बढ़ा है, भारत अब विश्व को नेतृत्व प्रदान करने की स्थिति में आ गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों में भी स्वतःस्फूर्त तरीके से विशेष पूजा अर्चना संपन्न की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है, इसी तरह उत्तराखंड के जनमानस के मन में भी प्रधानमंत्री के लिए विशेष जगह है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में कई जगह लोगों ने स्वतः स्फूर्त तरीके से प्रधानमंत्री के लिए मंगल कामना करते हुए हवन एवं पूजा अर्चना की। मैं पुनः प्रदेशवासियों की तरफ से माननीय प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई प्रेषित करता हूं, भगवान बद्री विशाल उन्हें दीर्घायु रखें।

– पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर, मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की अद्यतन जानकारी ली |

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन NDRF, SDRF के अधिकारी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

लोस अध्यक्ष बिरला और सीएम धामी ने किया इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आधुनिक युग में एआई की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। आज अनेक क्षेत्र में एआई का उपयोग हो रहा है। एआई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेषन होना चाहिए। एआई के माध्यम पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान, संस्कृति को पहुंचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए। विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय को साथ लेकर चलें। लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि तकनीकी नवाचार के माध्यम से भावी पीढी सुदृढ हो, इस दिशा में देवसंस्कृति विवि कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति निश्चित रूप से अपना एक वैशिष्ठय लिए हुए है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति ने विश्व को अनगिनत वैज्ञानिक खोजें दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साथ एआई भी व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन गई है। यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार ला सकते हैं। यदि हम ए.आई की शक्ति का सही दिशा और उद्देश्य के साथ उपयोग करें, तो ये अनेक क्षेत्रों में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशिया क्षेत्र के कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।

स्विटजरलैण्ड के इन्टर पार्लियामेंट्री यूनियन के सेक्रेटरी जनरल मार्टिल चुंगोंग ने वीडियो संदेश के माध्यम से एआई की वैश्विक भूमिका को सभी के समक्ष रखा।

इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ अभिषेक सिंह, रॉबर्ट ट्रैगर, विलियम जोन्स, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, नालंदा विवि के कुलपति डॉ सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक एआई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये।

इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जमदग्नि सुनील सैनी, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे सहित देव संस्कृति के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।”

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दून-बेंगलुरु के बीच सीधी दैनिक उड़ानों के साथ उत्तराखंड से परिचालन किया शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून-बेंगलुरु के लिए शुरू की जा रही नई हवाई सेवा का विधिवत रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आज उत्तराखंड में इस नई पहल के साथ ही देश की पहली अंतरराष्ट्रीय वैल्यू कैरियर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों की शुरुआत के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला, एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ, आईएएस, आशीष चौहान भी उपस्थित थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देहरादून से एअर इंडिया एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत हमारे राज्य में नागरिक उड्डयन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेंगलुरु से बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत के सबसे गतिशील शहरों में से एक के साथ छात्रों, पेशेवरों और उद्यमियों के लिए संबंध भी मजबूत होंगे। हम एअर इंडिया एक्सप्रेस का स्वागत करते हैं और इस कनेक्टिविटी से हमारे लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है और वहां उत्तराखंड के हजारों युवा शिक्षा, सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों में कार्यरत हैं। अब उन्हें राज्य आने-जाने के लिए और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नीति स्तर से लेकर अधोसंरचना तक कई बड़े फैसले लिए हैं। आज प्रदेश में पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़, गौचर, नैनीसैनी जैसे रीजनल एयरपोर्ट्स को सक्रिय किया जा रहा है, वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को हवाई, रेल और सड़क मार्ग से तीव्र और सुलभ संपर्क व्यवस्था से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ष्एयर कनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की जरूरतों को समझते हुए यह सेवा प्रारंभ की है। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सेवा दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख महानगरों से भी उत्तराखंड को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक, आलोक सिंह ने कहा हमें देहरादून से परिचालन शुरू करके खुशी हो रही है, यह हमारा 58वां स्टेशन है। हम अपने सबसे बड़े घरेलू केंद्र, बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू कर रहे हैं। यह अहमदाबाद और चंडीगढ़ के बाद इस महीने लॉन्च किया गया तीसरा नया स्टेशन है, जो हमारे नेटवर्क के तेजी से विस्तार को रेखांकित करता है। यह नया मार्ग न केवल उत्तराखंड को सीधे बेंगलुरु के आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों से जोड़ता है, बल्कि पूरे भारत में 18 और शहरों के लिए सुविधाजनक वन- स्टॉप कनेक्शन भी प्रदान करता है। हमारे बेड़े में अब 115 से अधिक विमान शामिल हैं, हम एक मजबूत, अधिक सुलभ नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं जो आधुनिक भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देहरादून -बेंगलुरु की पहली उड़ान देहरादून से 16ः30 बजे रवाना हुई और 19ः30 बजे बेंगलुरु पहुंची। इस लॉन्च के साथ, देहरादून से यात्री बेंगलुरु के माध्यम से चेन्नई, गोवा, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, उत्तरी गोवा, पुणे, रांची, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित 18 गंतव्यों के लिए सुविधाजनक वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकते हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देश की विविधतापूर्ण कला और संस्कृति को सम्मानित करने वाली वाली एयर इंडिया एक्स्प्रेस की श्टेल्स ऑफ इंडियाश् पहल के हिस्से के रूप में, देहरादून से पहली उड़ान संचालित करने के लिए तैनात नया बोइंग 737-8 विमान, गर्व सेश् ऐपणश् से प्रेरित एक टेल आर्ट को प्रदर्शित करता है, जो उत्तराखंड की फर्श और दीवार पर की जाने वाली पारंपरिक कला का एक रूप है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेटवर्क विस्तार के अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में अपना बुक डायरेक्ट अभियान शुरू किया है, जो यात्रियों को सर्वाेत्तम किराए और निर्बाध बुकिंग अनुभव के लिए अपनी पुरस्कार विजेता वेबसाइट www.airindiaexpress.com और मोबाइल ऐप पर सीधे बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो यात्री सीधे बुकिंग करते हैं, वे प्रोमो कोड और बैंक ऑफ़र के साथ 20ः तक की छूट, ऐप और वेबसाइट पर नेट बैंकिंग भुगतान पर शून्य सुविधा शुल्क, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष छूट, और श्गौर्मेयरश् मेनू से 50ः तक की छूट पर हॉट मील का प्री-बुक करने जैसे लाभों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने वाले मेहमानों को घरेलू उड़ानों पर 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 600 रुपये की छूट मिलती है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि यात्री एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक्सप्रेस हॉलिडे प्लेटफॉर्म का भी लाभ उठा सकते हैं, जो आवास, परिवहन और गतिविधियों सहित क्यूरेटेड हॉलिडे पैकेज प्रदान करता है। श्एक्सप्रेस हॉलिडेश् को एयरलाइन की वेबसाइट के प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज सेक्शन में एक्सेस किया जा सकता है।

फ्लैग ऑफ समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रतिनिधि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पदाधिकारी, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

सीएम धामी ने पीएम और गृहमंत्री का जताया आभार, आप भी जानिए…

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के केंद्रीय अंश के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 455 करोड़ 60 लाख रुपए की धनराशि अग्रिम तौर पर जारी की है। उक्त धनराशि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस राशि को उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों में खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को हर मुश्किल समय में सहारा प्रदान किया है, इसके लिए उत्तराखंड की जनता प्रधानमंत्री का विशेष तौर पर आभारी है।