मुख्यमंत्री ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र भौंर का स्थलीय निरीक्षण, आर्थिक सहायता कर की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकपर्व इगास के अवसर पर आज जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंटवार्ता की तथा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति उठाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक कुलदीप सिंह नेगी वन श्रमिक एवं सते सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके अनुभवों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, तथा संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया गया है ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और उनके साथ समय व्यतीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है, और इसी कारण सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं संवेदनशीलता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित इस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करने हेतु इस क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शीघ्र ही इस ग्राम तक मोटर सड़क निर्माण करने, जिससे क्षेत्र में दोपहिया वाहन की आवाजाही हो सके इस हेतु एक करोड़ रुपए की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने छेनागाड़ में आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने आवास खोए है उनके विस्थापन करने की योजना बनाने हेतु निर्देश दिए तथा जिन लोगों के वाहन आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए है उनको भी मुआवजा देने की बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत विशेष प्रावधान किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित राहत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

बिल लाओ इनाम पाओः नैनीताल की सोनिया और टिहरी के जसपाल रावत ने जीती इलेक्ट्रिक कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शुभारंभ करते हुए सचिवालय में ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ के अंतर्गत मेगा लकी ड्रॉ निकाला। राज्य कर विभाग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1888 लकी ड्रॉ विजेता चुने गए। नैनीताल जनपद की सोनिया और टिहरी जनपद के जसपाल रावत ने प्रथम विजेता के रूप में एक-एक इलेक्ट्रिक कार जीती।

मुख्यमंत्री ने दोनों विजेताओं से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ योजना राज्य में जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस नवाचार ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना और ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस योजना के माध्यम से जनभागीदारी को कर प्रणाली से सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया। इस योजना के तहत 6 लाख 50 हजार बिलों के माध्यम से 263 करोड़ रुपये का लेनदेन लोगों द्वारा अपलोड किया गया। इससे व्यापारी वर्ग में कर अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा मिला है और राज्य की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई है। यह योजना आज एक ओर जहां उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बन चुकी है, वहीं साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से व्यवसायियों को भी सहूलियत मिली है। राज्य सरकार व्यापार तंत्र को और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार, उद्यम और रचनात्मकता को साथ लेकर लोगों में नया विश्वास पैदा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त व भयमुक्त वातावरण में आज व्यापारी वर्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “वार्षिक व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य के राजस्व वृद्धि की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में वित्तीय प्रबंधन में नवाचार, संसाधनों के मितव्ययी उपयोग और नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि प्रत्येक खरीदारी पर बिल अवश्य मांगें और लेनदेन को पारदर्शी बनाकर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मेगा लकी ड्रॉ में 2 विजेताओं ने इलेक्ट्रिक कार, 16 विजेताओं ने कार, 20 विजेताओं ने ई-स्कूटर, 50 विजेताओं ने मोटरसाइकिल, 100 विजेताओं ने लैपटॉप, 200 विजेताओं ने स्मार्ट टीवी, 500 विजेताओं ने टैब, तथा 1000 विजेताओं ने माइक्रोवेव एवं अन्य पुरस्कार जीते।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्य कर सोनिका, अपर सचिव नवनीत पांडेय, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, उद्योग व्यापार समूह से पंकज गुप्ता, राजीव अग्रवाल, सुनील मैसन, चार्टर्ड एकाउंटेंट रवि माहेश्वरी, संजीव गोयल, टैक्स बार एसोसिएशन से सुमित ग्रोवर, योगेश चोपड़ा एवं राज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

जीएसटी ग्राहकों को जागरूक करने की योजना बिल लाओं इनाम पाओं का 31 को होगा मेगा लक्की ड्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में जी.एस.टी. ग्राहक ऑनलाइन इनाम योजना ’बिल लाओ, इनाम पाओ’ का मेगा लक्की ड्रॉ शुक्रवार 31 अक्टूबर को आयोजित किया जायेगा।

यह जानकारी देते हुए विशेष आयुक्त राज्य कर आई. एस. बृजवाल ने बताया कि विभाग द्वारा ग्राहकों को सामान का बिल लेने के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से जी.एस.टी. के अन्तर्गत जी.एस.टी. ग्राहक ऑनलाइन इनाम योजना ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ संचालित की गई थी। योजना का मेगा लकी ड्रॉ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में ए०पी०जे० अब्दुल कलाम भवन के कैबिनेट हॉल में दिनांक 31.10.2025 को दोपहर 12 बजे निकाला जायेगा। जिसमें विजेताओं की घोषणा की जायेगी।

सीएम धामी से हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष ने की भेंट, जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान बिंद्रा ने हेमकुंट साहिब यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिये मुख्यमंत्री, राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विशेष सहयोग एवं व्यवस्था हेतु समय-समय पर दिए गये निर्देशों के फलस्वरूप श्री हेमकुंट साहिब यात्रा सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस वर्ष भारत तथा विश्व भर से रिकॉर्ड़ 2,75,000 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में सम्मिलित हुए। प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के बावजूद यात्रा का कुशलता पूर्वक प्रबंधन किया गया। यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था व सुविधाओं तथा समन्वय हेतु किये प्रयासों के लिये श्रद्धालुओं द्वारा व्यापक सराहना की गयी। बिंद्रा ने आगामी यात्राओं के लिए आधारभूत संरचना तथा लॉजिस्टिक्स संबंधी कुछ महत्वपूर्ण सुधारों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि अगली यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक कदम प्राथमिकता के साथ उठाए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे चारधाम के साथ ही हेमकुंट साहिब यात्रा का भी बड़ा महत्व है। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित यह पावन स्थल राज्य की पहचान है। राज्य सरकार द्वारा राज्य के तीर्थ स्थलों का विकास एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के दृष्टिगत प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गयी है। उन्होंने कहा कि गोविंदघाट से हेमकुंट साहिब तक रोपवे बनने से हिमालयी क्षेत्र की यात्रा और अधिक सुगम हो जायेगी।

ज्ञातव्य है कि हेमकुंट साहिब यात्रा प्रारंभ होने से मात्र दो माह पूर्व गोविंदघाट को हेमकुंट यात्रा मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल भारी भूस्खलन में पूर्णतः ध्वस्त हो गया था। मुख्यमंत्री जी के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप तथा प्रभावी नेतृत्व में समय से पूर्व नया घाटी पुल बनकर तैयार हो गया, जिससे संकट टल गया तथा श्रद्धालुओं का निरंतर आवागमन सुनिश्चित हुआ। बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत वर्ष को राज्य में भव्य रूप से मनाने तथा प्रत्येक नागरिक को गुरु महाराज के धर्म एवं मानवता की रक्षा हेतु किए गए अद्वितीय बलिदान से अवगत कराने के निर्देश जारी करने के लिये भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन में हेमकुंट साहिब यात्रा विश्वास, एकता तथा निर्बाध तीर्थ प्रबंधन का प्रतीक बनकर और अधिक उन्नत होगी।

सीएम ने बनबसा में 500 करोड़ से बनने जा रहे आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद के बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) द्वारा लगभग ₹500 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा यह परियोजना भारत-नेपाल के बीच सहयोग, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में बेहद सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तराखंड सरकार के सहयोग से तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आरंभ से ही पर्यावरणीय मंजूरी, प्रतिपूरक पौधारोपण और भूमि हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होती रही हैं। इस वर्ष पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लगभग 84 एकड़ वन भूमि को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी थी, जिसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ₹500 करोड़ की लागत से बनने जा रहा यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार एवं यात्री आवागमन के लिए एक समेकित, सुविधाजनक और सुरक्षित प्रणाली विकसित करेगा। यहाँ कस्टम, सुरक्षा, व्यापार एवं बॉर्डर से जुड़ी सभी प्रमुख एजेंसियाँ एक ही परिसर में कार्य करेंगी, जिससे सीमा प्रबंधन में अधिक तेज़, पारदर्शी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य को बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से स्थित बनबसा लैंड पोर्ट सीमा पार व्यापार को भी सशक्त बनाएगा, कृषि व औद्योगिक उत्पादों के लिए एक औपचारिक प्रवेश द्वार तैयार करेगा और स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उत्पन्न करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड पोर्ट के माध्यम से किसानों और छोटे उत्पादकों को सीमा पार बाजारों तक सीधी पहुँच मिलेगी, जिससे परिवहन लागत घटेगी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन संभव होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और नेपाल के आपसी संबंधों को और मजबूत करेगी, जिससे पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारस्परिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार की क्षेत्रीय एकीकरण की दृष्टि और सुरक्षित, सतत सीमा विकास नीति के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि LPAI द्वारा डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से ऐसा पर्यावरण-अनुकूल मॉडल तैयार किया जाएगा जो आधुनिकता और प्रकृति संरक्षण का संतुलित उदाहरण बने।

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार, भूमि पोर्ट प्राधिकरण और राज्य के सभी विभागों, एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना उत्तराखंड की सीमाओं को समृद्धि, सहयोग और अवसरों की नई पहचान देगी।

उत्तराखंडः अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण के लिए एसओपी तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने के इच्छुक युवक- युवतियों को भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देगा। इसके लिए विभाग ने एसओपी तैयार कर ली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों खेल एवं युवा कल्याण विभाग को प्रदेश के युवाओं को अग्निवीर भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए थे। ताकि वो उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा के अनुसार सेना में अपना करियर बना सके। इसी क्रम में विभाग ने युवाओं को अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही 13 जिलों में अग्निवीरों का भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा।

प्रमुख बातें
1.अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण हेतु इच्छुक युवक- युवतियों के लिए उत्तराखण्ड राज्य का मूल / स्थायी निवासी अथवा उत्तराखण्ड राज्य में किसी संस्थान में अध्ययनरत / सेवारत होना अनिवार्य है।
2. प्रशिक्षण हेतु हाईस्कूल परीक्षा 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण तथा प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक अथवा उससे अधिक होना अनिवार्य है।
3. आयु 16 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है।
4. जिला खेल कार्यालय/जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
5. छात्र/छात्रा को चिकित्सक द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
6. प्रशिक्षण के समय छात्र/छात्रा को खेल किट (वेशभूषा-टी शर्ट, नेकर, स्पोर्ट्स शूज, मौजा) में उपस्थित होना अनिवार्य है।
7. छात्र/छात्रा के शरीर पर किसी प्रकार कोई टैटू अथवा किसी प्रकार अप्राकृतिक स्थायी निशान आदि न गुदा हो।
8. इच्छुक छात्र/छात्रा को खेल स्टेडियम /खेल मैदान में नियुक्त विभागीय प्रशिक्षक द्वारा ही प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

उत्तराखंड की शानदार सैन्य परंपरा रही है, यहां के प्रत्येक परिवार से कोई ना कोई सदस्य सेना में जाता ही है। इसीलिए सरकार अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। ताकि युवा अग्निवीर के जरिए सेना को अपनी सेवाएं दे सके। प्रदेश सरकार अग्निवीरों को सेवाकाल के बाद प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी प्रदान करने का फैसला ले चुकी है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पर टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड में प्रगति की समीक्षा की

भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय की एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स ने 16 अक्टूबर 2025 को देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य में डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पहल की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक की अध्यक्षता सचिव, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग मीता राजीवलोचन एवं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में टास्क फोर्स ने डीरिग्यूलेशन फ्रेमवर्क के अंतर्गत चिन्हित प्राथमिक क्षेत्रों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विनियमों के सरलीकरण, अनुपालन बोझ में कमी तथा निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने हेतु आगे की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री की पहल पर प्रारंभ की गई यह डीरिग्यूलेशन पहल, जिसे भारत सरकार के कैबिनेट सचिव द्वारा व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया जा रहा है, राज्यों को भूमि, भवन एवं निर्माण, श्रम, तथा उपयोगिताएं एवं अनुमतियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नियमों के सरलीकरण और सुधार में सहायता प्रदान करती है। इस पहल का उद्देश्य एक विश्वास-आधारित, पारदर्शी एवं व्यवसाय-अनुकूल शासन प्रणाली की स्थापना करना है।

टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सुधारों के क्षेत्र में किए गए सक्रिय प्रयासों की सराहना की तथा राज्य को अंतरविभागीय समन्वय और डिजिटल एकीकरण को और सुदृढ़ करने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि सुधार की गति को निरंतर बनाए रखा जा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने लापता करनदीप के पिता से दूरभाष पर वार्ता कर हरसंभव सहायता का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मर्चेंट नेवी में कार्यरत उत्तराखंड निवासी करनदीप सिंह राणा के लापता होने के समाचार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी ने आज करनदीप सिंह राणा के पिताजी से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने कहा कि करनदीप जी की सुरक्षा और शीघ्र सुरक्षित वापसी राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उन्होंने स्वयं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई और आवश्यक सहयोग के लिए वार्ता करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियाँ आपसी समन्वय के साथ हर आवश्यक कदम उठा रही हैं ताकि करनदीप जी का पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने करनदीप सिंह राणा के परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंता और पीड़ा को समझती है और इस दिशा में पूरी गंभीरता से प्रयासरत है।

कृषि मेले किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच नवाचार व ज्ञान के प्रसारित करने का माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वे अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण व पंतनगर प्रवाह नामक पुस्तक का विमोचन किया।

मेले में आयोजित रजत जयंती राज्य स्थापना गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले और कृषि प्रदर्शनी में 400 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 200 से अधिक स्टॉल देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स और उद्यमियों द्वारा लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन मात्र कृषि उत्पादों और यंत्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं। इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से जहां एक ओर हमारे किसान भाई एक ही स्थान पर नवीनतम कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक यंत्रों और नई शोधों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, वहीं उन्हें विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस मेले में प्रदर्शित की जा रही आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से हमारे किसान भाई पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर अपनी खेती को और भी अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था भी सशक्त और समृद्ध बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी संकल्प के साथ केंद्र सरकार द्वारा हमारे अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज, देशभर के 11 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी लगभग 9 लाख के करीब अन्नदाताओं को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की जा रही है। आज जहां एक ओर सभी प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (डैच्) में अभूतपूर्व वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसान को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान हेतु सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है, और इसके साथ ही, किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंदबूंद सिंचाई योजना, डिजिटल कृषि मिशन जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि को विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए जहां एक ओर किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढाकर 5 लाख रुपये करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, वहीं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सिंचाई और कृषि तकनीकों के विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने देश के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात देते हुए 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु लगभग 11 हजार 500 करोड़ रुपये की लगात के दलहन उत्पादकता मिशन का शुभारंभ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं कृषि उपकरण खरीदने हेतु फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त करने का काम किया है। साथ ही, हमने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया है। जिसके अंतर्गत अब तक राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपए की सहायता से करीब 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हम जहां एक ओर गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान रहे हैं, वहीं हमने गन्ने के रेट में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सब्जियों की तरह ही फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। हाल ही में हमारी सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। हम किसानों की उपज की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ग्रेडिंग सॉर्टिंग यूनिट के निर्माण के लिए भी अनुदान प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं, आप सभी कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह करना चाहता हूँ कि आप हमारी पारंपरिक कृषि व्यवस्था पर भी अनुसंधान करें, और जानें कि हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षों से अपनी कृषि सभ्यता को कैसे संरक्षित रखा, अपनी धरती की उर्वरकता को कैसे बनाए रखा और उत्पादन की गुणवत्ता को भी निरंतर सुनिश्चित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह करते हुए कहा कि आप लोग अपने शोध कार्य और नवीनतम तकनीकी ज्ञान को शीघ्रता से किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि ये ज्ञान उनके उत्पादन और आय में वृद्धि का माध्यम बन सके और हमारी कृषि अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर हम किसानों की प्रगति पर चर्चा करने के साथ-साथ प्रदेश में नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता पर संवाद करने के लिए भी एकत्रित हुए हैं। उक्त दोनों विषयों पर जीबी पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा जोशी ने समान नागरिक संहिता, नीति शर्मा ने किसान मेले की प्रगति एवं छात्र निधि अवस्थी ने नकल विरोध कानून पर अपने विचार साझा किए जबकि समृद्धि किसान उत्पादक संगठन की सीमा रानी ने अपने सफल खेती के अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून और अधिकार स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि हमने अनुभव किया कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन्हीं भेदभावों को समाप्त कर राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को भी बल मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं,यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। परन्तु ये देश का दुर्भाग्य रहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक देश में एक ऐसी पार्टी का शासन रहा जिसने अपने वोट बैंक के चक्कर में यूसीसी को लागू नहीं होने दिया। जबकि विश्व के प्रमुख मुस्लिम देशों सहित दुनिया के सभी सभ्य देशों में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि हम भली-भांति जानते थे कि भारत में सर्वप्रथम यूसीसी लागू करने का मार्ग सरल नहीं होगा परंतु जब नीयत साफ हो और जनभावना साथ हो, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।

कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने यूसीसी व नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व निर्देशन में विश्वविद्यालय शोध व प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में इंटिग्रेटेड फार्मिंग पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 61 हजार हो गई है जो 26 प्रतिशत ग्रोथ रेट पर है। उन्होंने बताया कि मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं व अभी तक लगभग 20 हजार किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

छात्र हित में धामी का फैसला, भर्ती परीक्षा की रद्द, तीन माह में पुनः आयोजित होगी परीक्षा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यूं ही युवा दिलों की धड़कन और युवा हितैषी नहीं कहा जाता। वे युवाओं की बातों को न सिर्फ गौर से सुनते हैं बल्कि, उन्हें पूरा करने से भी पीछे नहीं हटते। 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी पेपर लीक का प्रकरण सामने आने के बाद युवाओं ने पेपर को रद्द कर पुनः कराने और सीबीआई जांच की मांग करी तो सीएम धामी ने इस पर तत्काल एक्शन लेते हुए 10 दिन के भीतर ही पेपर को रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दे डाले। इसके साथ ही, पुनः आयोजित होने वाली इस परीक्षा में वही छात्र शामिल होंगे, जिन्होंने पहले भी यह परीक्षा दी थी। इन छात्रों की फीस का पूरा वहन राज्य सरकार उठाएगी। पुनः आयोजित होने वाली यह परीक्षा अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं डालेगी।

ये निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सीएम धामी के दिल में युवा और युवाओं के दिल में सीएम धामी बसते हैं। इससे पहले सीएम धामी ने खुद परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर जाकर प्रदर्शनकारी युवाओं से वार्ता कर उन्हें मामले की जांच का आश्वासन दिया था। राज्य गठन के इतिहास में यह पहला मौका था कि जब सूबे का मुखिया खुद धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने गया हो। यह इस बात का प्रमाण है कि सीएम धामी युवाओं के प्रति बेहद ही संवेदनशील हैं। जिस कारण वह उनके हितों में निर्णय लेने से एक कदम भी पीछे नहीं हटते।

चार साल में युवाओं के लिए नौकरी के द्वार खोलना और 25000 पदों पर उन्हें नियुक्ति प्रदान करना भी इस बात का बड़ा प्रमाण है कि सीएम धामी युवा हितैषी हैं।

21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर में अनियमितताओं की खबरें बाहर आने के बाद छात्रों ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया था। जिस पर सीएम धामी ने खुद परेड ग्राउंड जाकर छात्रों को आश्वासन देते हुए मामले की पारदर्शी जांच के निर्देश दिए थे। इसके लिए एसआईटी गठन के साथ ही जांच आयोग भी बनाया गया था। जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अब आयोग ने परीक्षा को रद्द कर दिया है।

सीएम धामी का स्पष्ट संदेश है कि उत्तराखंड में छात्र हमेशा सरकार के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। सरकार छात्रों के हितों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी और हर छात्र को निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है। उनका यह युवा हितैषी कदम छात्रों के विश्वास को पुनः मजबूत करता है और यह दिखाता है कि उत्तराखंड में नेतृत्व केवल आदेश देने वाला नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं और भविष्य की जिम्मेदारी समझने वाला भी है।