आदिकैलाश से विश्व को आध्यात्म का संदेश देने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारखंड के बाद मानसखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए 12 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम से करेंगे। जागेश्वर धाम अपने पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

जागेश्वर धाम पतित पावन जटागंगा के तट पर समुद्रतल से लगभग 6200 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिवजी तथा सप्तऋषियों ने यहां तपस्या की थी।

जागेश्वर मंदिरों का निर्माण कत्यूरी राज के कालखंड में हुआ था। जागेश्वर धाम के प्राचीन मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र में सदियों से आध्यात्म के दर्शन करा रहे हैं। यहां लगभग छोटे-बडे 224 मंदिर स्थित हैं। मंदिरों का निर्माण लकडी तथा सीमेंट की जगह पत्थर की बडी-बडी शिलाओं से किया गया है। दरवाजों की चौखटें देवी देवताओं की प्रतिमाओं से सुशोभित हैं। मंदिरों के निर्माण में तांबे की चादरों और देवदार की लकडी का भी इस्तेमाल किया गया है।

…..कैसे पहुंचे जागेश्वर धाम….
यहां पहुंचने के लिए काठगोदाम अंतिम रेलवे स्टेशन है। दिल्ली आनंद विहार आईएसबीटी और देहरादून से हल्द्वानी व अल्मोड़ा के लिए बस सेवा भी हैं। दिल्ली और देहरादून से वहां की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम के लिए टैक्सी सेवा उपलब्ध है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम की दूरी 35 किलोमीटर है। इसी तरह हवाई जहाज से पंतनगर एयरपोर्ट तक नजदीकी सेवा है। पंतनगर से टैक्सी से जागेश्वर धाम 150 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंच सकते हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा उत्तराखंड के मनोरम पिथौरागढ़ जिले में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होने वाली है। पीएम मोदी 12 अक्टूबर को इस महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलेंगे और अपने प्रवास के दौरान उन्हें प्रसिद्ध मायावती आश्रम में ठहराया जाएगा।

वह चीन सीमा के पास स्थित पवित्र स्थल आदि कैलाश पर आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त करेंगे। यह पवित्र तीर्थ स्थान अपनी लुभावनी सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है जो हर साल अनगिनत भक्तों को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति निसंदेह पवित्रता को बढ़ाएगी और समाज के सभी पक्षों का ध्यान आकर्षित करेगी।

इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान व्यास घाटी के भीतर बसे जोलिकांग के विस्मयकारी वैभव को देखने की इच्छा व्यक्त की है। यह अभूतपूर्व प्राकृतिक आश्चर्य सुरम्य परिदृश्यों का प्रतीक है जो आगंतुकों के मस्तिष्क और ह्रदय पर एक अमिट छाप छोड़ने के लिए बाध्य है।

प्रधानमंत्री, कुल 4194 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

स्थानीय अधिकारी पीएम मोदी के लिए न केवल एक सुचारु यात्रा कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए बल्कि उनकी पूरी यात्रा के दौरान एक अविस्मरणीय अनुभव सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे लगन से काम कर रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर उत्साह दूर-दूर तक महसूस किया जा सकता है, लोग इस ऐतिहासिक यात्रा की झलकियों और अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के भीतर ऊर्जा स्पष्ट है, स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही पीएम मोदी को अपनी उपस्थिति से इन उल्लेखनीय स्थानों की शोभा बढ़ाते हुए देखने की संभावना से समान रूप से रोमांचित हैं।

प्रधानमंत्री की यह महत्वपूर्ण यात्रा न केवल उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए एक जीवंत तस्वीर पेश करती है, बल्कि इस विविधतापूर्ण राष्ट्र के सबसे दूरस्थ कोनों की खोज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में भी काम करती है।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के चौथे राष्ट्रीय सांस्कृति उत्सव का हुआ रंगारंग आगाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज रायपुर में आयोजित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव 2023 में प्रतिभाग किया। नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेन्ट तथा स्टेट एकलव्य विद्यालय संगठन समिति उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों से आए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के छात्र एवं शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आये छात्रों की उपस्थिति में यह उत्सव भारत की विविधता में सांस्कृतिक एकता का जश्न मनाने का एक मंच बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चार दिवसीय आयोजन ईएमआरएस में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के सर्वांगीण विकास को गति देने के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप है, जो निरंतर सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देगा, और समृद्ध भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को राष्ट्रीय एकीकरण के माध्यम से विविधता में एकता की मिशाल बनेगा। उन्होंने कहा कि यह अवसर वास्तव में छात्रों के बीच उत्साह की भावना, सांस्कृतिक जुड़ाव और विभिन्न राज्यों से आने वाले छात्रों के बीच राष्ट्रीय एकता के भाव को भी मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मुख्य रूप से पांच प्रकार की जनजातियाँ निवास करती हैं। उनकी भौगोलिक, आर्थिक तथा ऐतिहासिक स्थितियाँ लगभग समान है। उन्होंने स्वयं जीवन का एक महत्वपूर्ण कालखंड थारू जनजाति के बीच में बिताया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदाय के पंडित नैन सिंह रावत के जीवन की शुरुआत भी एक महान सर्वेयर के रूप में इसी देवभूमि से हुई है, जिन्होंने तिब्बत की यात्रा के दौरान अपने कदमों की नाप से दुनिया को बताया कि ल्हासा की समुद्र तल से ऊंचाई कितनी है साथ ही दुनिया को तिब्बत के कई अनदेखे और अनसुलझे रहस्यों से भी रूबरू कराया तथा तिब्बत के नक्शे को दुनिया के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विगत 09 वर्षों के कार्यकाल में देश में अनुसूचित जनजातियों का समेकित सामाजिक-आर्थिक विकास हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज़ादी के इस अमृतकाल में भारत की जनजातीय परम्पराओं एवं शौर्य गाथाओं को भव्य पहचान दिलाई है। जनजातीय समाज के अस्तित्व, अस्मिता और आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में एक अतिरिक्त एकलव्य विद्यालय की स्थापना हेतु केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा से अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं उनके जीवन स्तर में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इनका आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान और सर्वांगीण विकास कर उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित है। प्रतियोगी परीक्षा पूर्व कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था के साथ युवक-युवतियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जनजाति की पुत्रियों की शादी हेतु 50 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव तथा खेल महोत्सव आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जनजातीय शोध संस्थान के लिये 01 करोड के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा एवं कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी इस आयोजन में अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि राज्य में जनजातीय छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु उन्हें प्राइमरी से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। शैक्षिक उत्थान एवं विकास हेतु वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, शैक्षिक विकास हेतु धारचूला, गोपेश्वर, काशीपुर, खटीमा एवं धनपौ (चकराता) में छात्रावास संचालित है, अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को तकनीकी शिक्षा हेतु प्रदेश में 03 आई.टी.आई. का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष कर्नाटक में आयोजित ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव के तीसरे संस्करण में, देवभूमि के जनजातीय छात्रों की अद्वितीय प्रतिभा और क्षमताओं के बल पर उत्तराखण्ड राज्य समग्र श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने इस उत्सव के चौथे संस्करण में देवभूमि के छात्रों को सभी श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन की भी शुभकामना दी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काउ, राजकुमार पोरी, निदेशक जनजाति निदेशालय संजय सिंह टोलिया, छात्र-छात्राओं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विस क्षेत्रों में सीएम घोषणा की धनराशियां की स्वीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत विकासखण्ड देवाल के अंतर्गत नन्दादेवी राजजात स्थल पंचायती चौक वाण के सौन्दर्यीकरण एवं विस्तारीकरण हेतु एक करोड़ धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के ग्राम बारमौ में श्री खण्डेनाथ स्वामी मंदिर के प्रांगण में शिवलिंग की स्थापना हेतु भी रूपये 56.80 लाख की स्वीकृति उन्होंने प्रदान की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद अल्मोड़ा कि देवी मंदिर एवं जौरासी देवी मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु रूपये एक करोड़, विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अन्तर्गत ग्राम देवरी बाबा दरिया नाथ प्रांगण में बहुउद्देशीय भवन निर्माण हेतु रूपये 84.43 लाख, विधानसभा क्षेत्र चंपावत के सप्तेश्वर महादेव मंदिर स्थल के सौन्दर्यीकरण एवं स्नान घाट के निर्माण हेतु रूपये 93.38 लाख, उत्तरकाशी के विधानसभा पुरोला के अंतर्गत विकासखण्ड मोरी के ग्राम पंचायत सरास में जागा माता मंदिर के पास सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हेतु रूपये 91.11 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल एंव कुमाऊं मण्डल में एक-एक नशामुक्ति केन्द्र की स्थापना के लिए भी इस वित्तीय वर्ष के लिए रूपये 57 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ में पतों से नगनीधुरा एवं मिलम से मिलम ग्लेशियर तक ट्रैकिंग रूट हेतु रूपये 80.46 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चंपावत में ‘‘बनबसा-टनकपुर-चंपावत-घाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग में 07 स्थानों में हिलांस आउटलेट के निर्माण हेतु रूपये 8.66 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा हेतु मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु रूपये 69.82 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के अंतर्गत पैरावेट कर्मियों द्वारा विभाग द्वारा संचालित जनहित योजनाओं पशुगणना, टीकाकरण एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान आदि कार्यों में सहयोग करने वाले कार्मिकों को पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों हेतु निर्धारित मानक को दोगुना (अर्थात् पर्वतीय क्षेत्र हेतु रूपये 100/- तथा मैदानी क्षेत्र हेतु रूपये 80/-) किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

सीडीएस अनिल चौहान से की सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भेंट

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज नई दिल्ली में सीडीएस चीफ आफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सीडीएस अनिल चौहान से जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख की भांति उत्तराखण्ड के चीन सीमा से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों को ऑपरेशन सद्भावना में सम्मिलित करने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा उत्तराखंड की भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और उत्तराखंड के जनपद पिथौरागढ़ के 119 ब्रिगेड तथा जनपद चमोली के जोशीमठ में सेना के 09 ब्रिगेड को ऑपरेशन सद्भावना में सम्मिलित किया जाए।
सैनिक कल्याण मंत्री ने डोईवाला में कैंटीन खोलने के प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया और प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आवश्यकतानुसार अन्य स्थानांे में कैंटीन खोलने पर विचार करने का अनुरोध किय। इसके अतिरिक्त, देहरादून में निर्माण हो रहे सैन्य धाम को लेकर भी चर्चा की गई। जिसमें सैनिक कल्याण मंत्री ने सीडीएस से उत्तराखंड के वीर योद्धाओं द्वारा युद्ध के दौरान इस्तेमाल शस्त्रों को भी सैन्य धाम में स्थापित किया जाने का आग्रह किया ताकि युवा पीढ़ी देश की सेना के प्रति आकर्षित हो सके।
ज्ञात हो, कि ऑपरेशन सद्भावना विशेष रूप से नियंत्रण रेखा के पास ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया गया है। इसके तहत कई कल्याणकारी पहल की जाती है। जिसमें बुनियादी ढांचा विकास, चिकित्सा देखभाल, महिला और युवा सशक्तीकरण, शैक्षिक पर्यटन और खेलकूद टूर्नामेंट शामिल हैं। परियोजनाओं को स्थानीय आबादी की जरूरतों और इच्छाओं के अनुसार योजनाबद्ध किया जाता है और सफल दीक्षा के बाद राज्य सरकार को सौंप दिया जाता है। ‘ऑपरेशन सद्भावना ’भारतीय सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर में आबादी के करीब आने और आपसी विश्वास और विश्वास विकसित करने का संकल्प है।
इन सभी बिंदुओं पर सीडीएस अनिल चौहान ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए मामले में शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

नैनी सैनी हवाई अड्डे के संचालन को हुआ एमओयू हस्तांतरित

पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई अड्डे का विकास, संचालन एवं प्रबंधन अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जायेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग के मुख्य कार्याधिकारी सी. रविशंकर तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक्जक्यूटिव डायरेक्टर एन.वी. सुब्बारायडू के मध्य एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनी सैनी एयर पोर्ट के संचालन, रखरखाव, विकास एवं प्रबंधन के लिये पूर्व में उन्होंने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपेक्षा की थी कि नैनी सैनी एयरपोर्ट के सामरिक महत्व को देखते हुए इसे अपग्रेड करने तथा इसके बेहतर प्रबंधन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हैंडओवर कर दिया जाए। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव पर निर्णय लिये जाने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अविलम्ब एम.ओ.यू की कार्यवाही पूर्ण करने की भी बात हुई थी। इसी के क्रम में आज यह एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित हुआ है। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी व एक्जक्यूटिव डायरेक्टर से नैनी सैनी हवाई अड्डे से विमान सेवा के संचालन में शीघ्रता की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं की एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंतनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नये अलाइनमेंट का ओएलएस सर्वे करने की भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से अपेक्षा की।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के ऑपरेशन हेड समीर सिंह, देहरादून एयरपोर्ट के निदेशक प्रभाकर मिश्रा आदि उपस्थित थे।

धामी और कोश्यारी ने किया भाऊराव देवरस सभागार का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आने वाले 10 वर्ष उत्तराखण्ड की उन्नति के होंगे इसके लिये सभी विभाग को विकास के लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं, उन्होंने कहा कि विकास की दृष्टि से उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना हमारा लक्ष्य है।
विकासखण्ड कनालीछीना के मुवानी में शेर सिंह कार्की सरस्वती विहार विद्यालय में भाऊराव देवरस सभागार का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यालय के विस्तार के लिये 50 लाख की धनराशि, रामगंगा में मोटर पुल के निर्माण तथा मुवानी महाविद्यालय की सड़क का डामरीकरण किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं, इसके लिए खेल, शिक्षा, पर्यटन, उद्योग आदि प्रमुख विभागों की नई नीतियां बनाई गई हैं, इसमें स्वरोजगार की योजनाओं को प्रमुखता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पलायन जैसी समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। युवाओं के हित में विभिन्न विभागों की स्वरोजगार परक नीतियां बनाई गई है हमारा प्रयास अपने युवाओं की क्षमता का उपयोग राज्य हित में किये जाने का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ’’वोकल फॉर लोकल’’ का नारा दिया है, उसे धरातल पर उतारने हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड देश और दुनिया का नम्बर वन पर्यटन प्रदेश बनने के साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भी वैश्विक पटल पर पहचान बने। उन्होंने कहा कि इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम पुरस्कार मिलना प्रदेश के साथ ही हमारी लोक संस्कृति का भी सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से अपेक्षा की कि वे अपने जीवन में जो भी लक्ष्य चुनें उसमें पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। यदि हम किसी कार्य को पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से करते हैं, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने कहा कि जो भी अपना कार्यक्षेत्र चुनें, उसमें लीडर की भूमिका में रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। ये प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज वैश्विक पटल पर हमारा देश विश्व को एक नई दिशा दिखाने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है और इसे हमारे यहां केंद्र सरकार द्वारा संचालित हो रही विशिष्ट परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास का कार्य जो पहले एक सपना मात्र लगता था वह आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संभव होता दिख रहा है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने अपने संबोधन में शेर सिंह कार्की द्वारा समाज हित में किये जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये मुंबई वासियों द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक गंगोलीहाट फकीर राम, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, जिलाधिकारी रीना जोशी, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह व अन्य उपस्थित रहे।

न थकूंगा और न रूकूंगा, मंजिल तक पहुंचूंगा, यही है धामी का मूल मंत्र

पिथौरागढ़ में अल सुबह दुकान में आम लोगों के साथ चाय की चुस्की के साथ फीड बैक लेना हो या रुद्रप्रयाग में दुकानदार से बिना लाव-लश्कर से मिलना। एक सच्चे जनसेवक के तौर पर पहचान बना रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कई राजनीतिक मिथकों को तोड़ने का काम किया है। उनका जुनून, कुछ कर गुजरने की चाहत और निरंतर गतिविधियों से प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसरित हो रहा है। इस अथक मेहनत के पीछे एक सपने को साकार करने की इच्छा है कि उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।

ना रुकना है, ना थकना है ना झुकना है ना मिटना है राज्य के विकास, संस्कृति और विजन के लिए नए आयाम स्थापित करने हैं। प्रदेश के मुखिया के तौर पर धामी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह जनता के हर सुख दुख में साथ हैं। आपदा के समय उत्तरकाशी का द्रोपदी का डांडा एवलांच हो या पौड़ी का बस हादसा, हर जगह खुद पहुंचते हैं। राहत और बचाव कार्यों की कमान खुद ही संभाल लेते हैं, इसका परिणाम होता है कि कहीं कोई ढिलाई या लापरवाही नहीं होती। अपने छोट से कार्यकाल में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बेहद संवेदनशील, सहृदयी और जननायक के तौर पर पहचान बनाई है। 4 जुलाई 2021 को मुख्य सेवक की शपथ लेते हुए एक युवा नेता के हाथ में देश के प्रधानमंत्री ने कमान सौंपी थी जिसे चरितार्थ कर रहे मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी।

सुबह रुद्रप्रयाग, फिर गौचर चमोली उसके बाद जौलजीबी पिथौरागढ़, शाम को बच्चों के कार्यक्रम देहरादून में प्रतिभाग उसके बाद फाइलों का ढेर। ऐसे ही दिनचर्या है युवा मुख्यमंत्री की। हर कार्यक्रम में नई ऊर्जा, नये जोश के साथ लोगों से घुलना मिलना। जिस उमंग और उत्साह से विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय जनता मुख्यमंत्री की राह देखती है, उसे युवा मुख्यमंत्री निराश नहीं होने देते, ऐसे ही कार्यशैली है पुष्कर सिंह धामी की।

एक ही दिन में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में मौसम खराब होने के बावजूद अपनी दमदार उपस्थिति आखिर कैसे दर्ज करा लेते हैं मुख्यमंत्री? सुबह 5 बजे उठकर रात 12 बजे तक कार्य करने की उनकी शैली उत्तराखंड को आगे बढ़ाने की सोच और कल्पना को साकार करते हुए दिखती है। यही सोच और कार्य करने की शैली से प्रभावित देश के प्रधानमंत्री ने यूं ही नही कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा। अपने यही विजन से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी से देश के आखिरी गांव माणा को देश का पहला गांव घोषित कराया। मोदी जी की कार्य शैली अपनाते हुए युवा मुख्यमंत्री उनसे प्रेरणा लेते हुए जिस तरह उनके पद चिन्हों पर चलकर निरंतर कार्य कर रहे हैं उससे उत्तराखंड के लोगों में एक नई आशा की किरण जागी है निरंतर राजनीतिक अस्थिरताओं का शिकार रहा उत्तराखंड युवा मुख्यमंत्री के रूप में एक स्थिर राजनीति के साथ एक सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है।

पिथौरागढ़ दौरे पर सीएम, सुबह वॉक के दौरान व्यापारी, चाय वालों, बच्चों से की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बिना लाब लश्कर के सुबह-सुबह अकेले मॉर्निंग वॉक करते हुए तस्वीरें एक बार फिर से चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दो दिवसीय पिथौरागढ़ दौड़े पर पहुंचे पुष्कर सिंह धामी रविवार सुबह सुबह मॉर्निंग वॉक पर जा रहे थे तो इस दौरान उन्होंने गेस्ट हाउस से बाहर निकलते ही नवीन बोरा जी के प्रतिष्ठान पर गरमा गरम चाय का आनंद लिया, तभी पिकनिक पर जा रहे स्टैफर्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों पर नज़र पड़ी तो उनसे मिलने को मन उत्सुक हो उठा और फिर बस में चढ़कर सभी बच्चों से मिलकर उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री धामी को देखकर स्थानीय लोग और स्कूली बच्चे चौंक गए। और चौंके भी क्यूँ ना अक्सर अपने मुख्यमंत्री को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देखने वाली जनता को जब मुख्यसेवक अपने बीच मिल जाए तो हर कोई चौकेंगा।

बहरहाल यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के किसी भी जनपद भ्रमण के दौरान सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए जनता के बीच पहुँचे हों! इससे पहले भी मुख्यमंत्री धामी रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और खटीमा में भी रात्रि विश्राम के दौरान सुबह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकल स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए देखे गए हैं।

देहरादून में रं कल्याण संस्था ने की सीएम से मुलाकात, बताई समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रं कल्याण संस्था के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने जनपद पिथौरागढ़ की तहसील धारचूला के सीमांत एंव संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र के निवासी हमारी सीमाओं के पहरी भी है। उन्होंने रं कल्याण संस्था द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यकलापों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी देश के सीमांत क्षेत्रों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही इन क्षेत्रों की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। राज्य सरकार द्वारा भी राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिये प्रभावी कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर रं कल्याण संस्था के संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, संस्था के अध्यक्ष बिशन सिंह बोनाल, डी एस गर्ब्याल, सी.एस. ग्वाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम रांथी (खोतिला) में आपदा प्रभावितों से भेंट की। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय और हवाई निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में हम सब आपदा प्रभावितो के साथ हैं और राहत पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा आपदा प्रभावितों के लिए रहने, खाने, और कपड़ों की उचित व्यवस्था की जाए, जिसका भुगतान सरकार के माध्यम से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा 6 परिवारों को चेक के माध्यम से राहत राशि मुहैया कराई गई। जिसके अंतर्गत आपदा के दौरान मृत महिला के परिवार को चार लाख रुपए की राहत राशि दी गई। इसके अतिरिक्त अन्य आपदा प्रभावितों को शीघ्र ही राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जा रही है तथा शेष बचे आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र ही राहत राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने धारचूला में काली नदी के किनारे बने तटबंधों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने का हर संभव कार्य तत्परता से किया जाना चाहिए। आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए सरकार हरसंभव कार्य करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री के साथ धारचूला विधायक हरीश धामी, डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल, ब्लॉक प्रमुख सहित जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, उपजिलाधिकारी नंदन कुमार, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य सहित अन्य विभागाधिकारी उपस्थित रहे।