पांच सदस्यीय कमेटी समान नागरिक संहिता के कानून बनाने को करेगी ड्राफ्ट तैयार

उत्तराखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर है। समान नागरिक संहिता के लिए कानून बनाने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कमेटी का गठन कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है जो (Dhami Govt formed drafting commitee on Uniform Civil code ) समान नागरिक संहिता का ड्रांफ्ट तैयार करेगी। इसके अलावा एक और रिटायर्ड जज, समाजसेवी, शिक्षाविद और पूर्व आईएएस को भी इस समिति में रखा गया है।

चुनाव के वक्त मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने डंके की चोट पर कॉमन सिविल कोड लागू करने का ऐलान किया था। दूसरी पारी शुरू होते ही धामी सरकार ने इस मुद्दे पर समिति गठित करने का प्रक्रिया शुरू की थी। आज राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही यूसीसी पर गठित समिति अस्तित्व में आ गई है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर धामी सरकार की ड्राफ्टिंग कमेटी में 5 सदस्यों को शामिल किया गया है जिसमें पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को इस कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, हाईकोर्ट के पूर्व जज प्रमोद कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़ व दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुरेखा डंगवाल को भी कमेटी में शामिल किया गया है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर कमेटी गठित होने पर उत्तराखंड राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए पहल शुरू कर दी है।

टिहरी में आयोजित जर्नी ऑफ टिहरी डैम कार्यक्रम में सीएम ने की शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा आयोजित “जर्नी ऑफ टिहरी डैम“ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टीएचडीसी की टिहरी यात्रा कार्यक्रम के प्रारम्भ से पूर्व अतीत की ओर देखें तो जल विद्युत की अपार संभावनाओं वाले इस राज्य में वर्ष 1906-07 से ही लघु जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना होने लगी थी। 1914 में मसूरी के भट्टाफॉल में स्थापित ग्लोगी जल विद्युत परियोजना जो मैसूर के बाद देश का दूसरा और उत्तर भारत का प्रथम विद्युत संयंत्र था। जिसका वर्तमान में पुनः कायाकल्प किया जा रहा है।
समय के साथ-साथ ग्लोगी जल विद्युत परियोजनाओं से लेकर पंचेश्वर बांध परियोजना सहित लगभग 21 जल विद्युत परियोजनाओं में कई परियोजनायें निर्मित एवं क्रियाशील हैं, कुछ एक निर्माणाधीन हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल विद्युत परियोजना के इस सफर में टीएचडीसी का पदार्पण केन्द्र सरकार के माध्यम से 1989 में हुआ तथा 1990 में इस कार्पाेरेशन को विस्थापित लोगों के पुनर्वास की भी जिम्मेदारी सौंपी गई। 2400 मेगावॉट विद्युत उत्पादन क्षमता वाली इस परियोजना में दो चरण हैं। प्रथम चरण में 1000 मेगावॉट की टिहरी बांध एवं जल विद्युत परियोजना है। द्वितीय चरण में 1000 मेगावाट की टिहरी पम्प स्टोरेज प्लान्ट तथा 400 मेगावाट की कोटेश्वर बांध एवं जल विद्युत परियोजना है। सरकार द्वारा गत वर्ष टी०एच०डी०सी० के जलाशय का जलस्तर 830 मीटर भरने की भी अनुमति प्रदान की गयी। सरकार के इस निर्णय से उत्पादन में, जो पहले 3000 मिलियन यूनिट थी, उसमें जलस्तर बढ़ोत्तरी से 20 मिलियन यूनिट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन हो पाया है। जिससे 770 करोड़ रुपए की आय का प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी हो पा रही है।टिहरी बांध के अतिरिक्त कोटश्वर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट सहित अन्य हाइड्रो, सौलर, पवन ऊर्जा स्रोतों से विद्युत उत्पादन कर रहा है तथा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ज्भ्क्ब्प्स् देश में ऊर्जा संचय में भारत सरकार की पहल में अग्रणी भूमिका बढ़ाते हुए शीघ्र ही टिहरी च्ैच् परियोजना को पूर्ण करेगा और देश के विभिन्न राज्यों में भारत सरकार द्वारा सौंपी गई विभिन्न स्टोरेज परियोजनाओं में भी द्रुत गति से कार्य आगे बढ़ायेगा।
केंद्रीय मंत्री आर.के.सिंह ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में हाइड्रो पॉवर का महत्व बहुत बढ़ गया। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की मुहिम में क्लीन सोर्सेज ऑफ एनर्जी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने टिहरी हाइड्रो बांध की क्षमता के पूरे उपयोग के लिए सहमति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिन राज्यों के पास हाईड्रो पॉवर का पोटेंशियल है, उन राज्यों की आर्थिकी को बढ़ाने में हाईड्रो पॉवर की अहम भूमिका रही है। हाईड्रो पॉवर के क्षेत्र में उत्तराखंड में भी अनेक संभावनाएं हैं। हैं। उन्होंने कहा कि हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाने में कठिनाई तो है, लेकिन समाधान सेंसिविटी से किया जाय तो हाइड्रो प्रोजेक्ट फायदेमंद होते है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टिहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट के अंश के लिए उत्तराखंड सरकार से जो मांग की गई है, उस पर न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी। टिहरी बांध से संबंधित पुनर्वास के सभी लंबित मामलों का समाधान किया गया है।
इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवान, सचिव ऊर्जा भारत सरकार आलोक कुमार, सीडीओ टिहरी नमामि बंसल, एसएसपी नवनीत भुल्लर, प्रबंध निदेशक टीएचडीसी राजीव विश्नोई मौजूद थे।

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हुई माउन्टेन साइकिल रैली का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत 10500 फिट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी धारचूला में आयोजित साहसिक एमटीबी साइकिल रैली टूर द कैलाश को हरी झण्डी दिखाकर ज्यौलीकांग और नभीढांग के लिए रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुटी और यांगती नदी में राफ्टिंग करने वाले दल को भी रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने माउन्टेन साईकिल रैली में प्रतिभाग कर रहे विभिन्न राज्यों से आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रतिभागियों को उत्तराखण्ड के नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य एवं संस्कृति से परिचित होने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजना बेहद सराहनीय कदम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अन्य राज्यों से आए हुए लोगों को भी प्रदेश और सीमान्त क्षेत्र को जानने का भी अवसर मिलेगा तथा स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमान्त एवं ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने एवं पलायन रोकने हेतु निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया है। राज्य के समग्र विकास के लिये हम इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में करोड़ों रुपये की योजनाएं चल रही हैं। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड में ज्यादा से ज्यादा होम स्टे बनें, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी हमारी संस्कृति जानने का अवसर मिलेगा। आज केंद्र और राज्य में बनने वाली नीतियां समाज के अंतिम छोऱ पर खड़े लोगों तक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चारधाम यात्रा चरम पर चल रही हैं। होटल, टैक्सी व यात्रा से जुड़े अन्य संसाधन पूरी तरह से बुक हैं। उन्होंने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपेक्षा कि यदि उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या है तो अभी यात्रा पर न आयें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साहसिक खेलों के आयोजन से सीमांत क्षेत्रों में चहल-पहल रहेगी पर्यटकों के आने से होम स्टे, टैक्सी, होटल, गाइड व ढाबें वालों की आय में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत माला प्रोजेक्ट से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी का कार्य संभव हो पाया। इससे सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की सुगमता होगी तथा इन क्षेत्रों के समग्र विकास की राह प्रशस्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहसिक पर्यटन का यह आयोजन सराहनीय प्रयास है। इसमें सीमान्त क्षेत्र के इन सुरम्य स्थलों की पहचान देश व दुनिया तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा पलायन रोकने में भी मददगार होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसएसबी, आईटीबीपी और सेना के जवानों का हौसला बढा़या।
कार्यक्रम में गुंजी ग्राम प्रधान सुरेश गुंज्याल, डीएम डा, आशीष चौहान, डीएफओ कोको रोसे, एसडीएम धारचूला नंदन कुमार, एसएसबी के पाटिल राकेश सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने अल्मोड़ा में श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा स्थित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम् के चतुर्थ वार्षिकोत्सव एवं श्री पीठम् स्थापना महोत्सव में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद खूबसूरत स्थान है। कहा कि ऐसे स्थानों पर कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से नहीं आता है बल्कि उसे ईश्वर स्वयं बुला देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सिद्ध पीठ स्थानों से पूरे देश और सनातन संस्कृति को ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार देश आगे बढ़ रहा है जिसके तहत अयोध्या में श्री राम लला का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। इसके अलावा बनारस में भव्य काशी कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2013 की आपदा में केदारनाथ क्षेत्र एवं आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ संकल्प की बदौलत श्री शंकराचार्य जी की समाधि, तीर्थ पुरोहितों का आवास, सरस्वती घाट समेत पूरा केदारनाथ धाम का परिसर भव्य एवं दिव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ के बाद अब श्री बदरीनाथ धाम में 250 करोड़ रुपए की स्वीकृति हो चुकी है जिसके बाद श्री बदरीनाथ धाम में भी बहुत तेजी से पुनर्निर्माण काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2 साल बाद पुनः विधिवत प्रारंभ हुई है लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा पहुंच गई है। यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पूरी तरीके से मॉनिटरिंग कर रही है। मुख्यमंत्री ने देशभर के श्रद्धालुओं को अपील करते हुए कहा कि जो शारीरिक रूप से अभी स्वस्थ नहीं है वह जब तक डॉक्टर ना कहें तो यात्रा प्रारंभ ना करें। उन्होंने कहा कि यात्रा पर जा रहे नौजवान, महिलाओं और बुजुर्गों, मातृशक्ति को आगे आने दें। सरकार यात्रा को और सुव्यवस्थित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि देशभर के श्रद्धालु यहां आए हैं वह सुरक्षित यहां आए और सुरक्षित जाए उन्हें किसी तरीके से कोई परेशानी ना हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो भी घोषणा की गई है उन्हें पूरा किया जा रहा है। कॉमन सिविल कोड को लेकर सभी प्रक्रियाएं पूरी कर दी गई हैं। इसके अलावा अंत्योदय कार्ड धारकों को साल भर में 3 सिलेंडर फ्री करने को लेकर भी कैबिनेट निर्णय दे दिया है।

इस दौरान अल्मोड़ा लोकसभा से सांसद अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, विधायक मोहन सिंह मेहरा समेत आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रांतीय अधिवेशन में पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता पारदर्शी होनी चाहिए एवं आम आदमी से जुड़ी होनी चाहिए, मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे राज्य में इसी प्रकार की पत्रकारिता रही है।

पत्रकार अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश की जनता से किए गए वादों के अनुरूप सरकार काम कर रही है, प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने की दिशा में सरकार ने काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऊधमसिंह नगर में एम्स की सुविधा भी मिल सकेगी जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 सालों से चारधाम यात्रा बाधित थी लिहाज़ा इस साल यह यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा यह यात्रा एक ऐतिहासिक यात्रा बनेगी, इस बार हमारी कल्पना से भी अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं लेकिन सरकार के स्तर पर पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) उत्तराखण्ड के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

सरकार यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए हर संभव कर रही प्रयासः धामी


उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सुव्यवस्थित और नियमानुसार यात्रा संचालन के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने चारों धामों में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को समाप्त करते हुए एक समान व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग नियमों का कड़ाई से पालन करें और अतिरिक्त सावधानी बरते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा को लेकर सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। बीते 2 सालों में कोविड संक्रमण के कारण यात्रा नहीं चल पाई है ऐसे में इस बार यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा हमारी चुनौती है लेकिन सरकार इसे सुव्यवस्थित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते कुछ समय में चार धाम यात्रा में जितनी भी कैजुअल्टीज हुई हैं वह यात्रा में अव्यवस्था एवं भगदड़ मचने से नहीं बल्कि अन्य स्वास्थ्यगत कारणों से हुई है। मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा पर आने वाले नौजवानों से अनुरोध करते हुए कहा है कि नौजवान पहले बुजुर्ग एवं महिलाओं को दर्शन करने का मौका दें।

जानिए, उत्तराखंड की कैबिनेट की बैठक में क्या रहे निर्णय

कैबिनेट के निर्णय
1. अंतिम विधानसभा सत्रावसान की औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया।

2. हरिद्वार जिला पंचायत निर्वाचन के संबंध में निर्णय लिया गया कि एडवोकेट जनरल से उक्त के संबंध में विधिक पहलू से अवगत करायेंगे। इसके पश्चात कैबिनेट निर्णय लेगी।

3. प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति वर्ष तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिया जायेगा। इससे संबंधित लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 84 हजार 1 सौ 42 होंगे तथा इस पर कुल 55 करोड़ रू. का व्यय भार होगा।

4. गेंहू खरीद से संबंधित हर वर्ष की तरह कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. बोनस देने का निर्णय दिया गया।

5. गन्ना विभाग द्वारा शासकीय गारंटी दी जाती है इसके ऊपर प्रतिभूति शुल्क गन्ना विभाग को देना होता है, अधिनियम के अनुसार यह धनराशि गन्ना विभाग, शासन को निशुल्क रूप में देगा। यदि गन्ना मूल्य भुगतान के लिये गन्ना विभाग को धन की आवश्यकता होगी तो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। यदि इस शुल्क को देने के लिये धन की आवश्यकता होगी तो सरकार वित्तीय सहायता देगी।

6. पशुपालन विभाग में कृत्रिम गर्भाधान के लिये जाने वाले कार्मिकों को पूर्व की भांति मैदान में 40 रू. और पहाड़ में 50 रू. दिया जायेगा।

7. श्री केदारनाथ निर्माण के संबंध में जिन भवनों को 1 मंजिल से बढ़ाकर 2 मंजिल करनी है उनके लिये संबंधित ठेकेदार को उसी दर पर कार्य करने की मंजूरी दी गयी।

चारधाम यात्रा पर व्यवस्थाओं के लिए मंत्री धन सिंह केदारनाथ और सुबोध उनियाल को बद्रीनाथ की जिम्मेदारी सौंपी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा के दृष्टिगत, तीर्थ यात्रियों के आवागमन को सुगम और सुविधायुक्त बनाये जाने के लिये सभी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के लिये केबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत को केदारनाथ धाम और सुबोध उनियाल को बद्रीनाथ धाम के लिये नामित किया गया है।

को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में बैठक में अधिकारियों को चारधाम यात्रा में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। शौचालयों में स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु किन-किन बातों का ध्यान रखें, इस बारे में पर्यटन और स्वास्थ्य विभाग विस्तृत गाईडलाईन जारी करें और इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें। उत्तराखण्ड में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह हम सभी का दायित्व है। चारधाम यात्रा के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाए।

तहसील दिवसों, बहुद्देशीय शिविरों में लोगों की समस्याओं का निस्तारण मौके पर ही करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि शासन-प्रशासन के निचले स्तर तक गुड गर्वनेंस दिखनी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक जाकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। जिलों व तहसीलों मे भी आम जनता से मिलने के लिए समय निर्धारित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुड गर्वनेंस के संबंध में सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि तहसील दिवसों का रोस्टर तय किया जाए। बहुउद्देशीय शिविरों का नियमित तौर पर आयोजन किया जाए। इनका रोस्टर बनाकर व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए ताकि आमजन इनसे लाभान्वित हो सके। लोगों की शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

पेंडेंसी पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाईन 1905 व अपणि सरकार पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का क्वालिटी निस्तारण हो। पेंडेंसी कम से कम रहे। अधिक पेंडेंसी रहने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। लोगों को अधिक से अधिक सहूलियत मिले। हम सभी जनता के लिये हैं, लोगों की सेवा के लिये हैं। जनता से जुड़ी प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जाए। गैर जरूरी औपचारिकताओं को समाप्त किया जाए। प्रत्येक सोमवार को सचिव स्तर पर उनके विभाग से संबंधित जनशिकायतों के निवारण की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी को समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग की अलग से समीक्षा करने के निर्देश दिये।

सेवा का अधिकार को और मजबूत किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस लोगों को महसूस होनी चाहिए। इसमें फील्ड लेवल अधिकारियों व कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्हें अच्छा परिणाम देने के लिए प्रेरित किया जाए। डीएम इसमें कुशल टीम लीडर की तरह काम करें। साथ ही प्रत्येक स्तर पर प्रभावी और सतत मॉनिटरिंग की जाए। अपणि सरकार पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाए। सेवा का अधिकार एक्ट को और मजबूत किये जाने की जरूरत है। उच्च स्तरीय बैठकों में स्पष्ट निर्णय लिये जाएं और उनका क्रियान्वयन टाईम लिमिट में सुनिश्चित किया जाए। सूचना तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। प्रत्येक विभाग के पास ये डाटा रहना चाहिए कि उनके यहां कितनी पेंडेंसी है। सचिव स्तर से इसकी समीक्षा की जाए। कोई भी फाईल अनावश्यक पेंडिंग न रहे। ई-ऑफिस का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इससे फाईल ट्रेकिंग आसानी से होती है।

लोगों को उनके घर में ही सेवाएं मिलें, इसके लिए योजना बनाई जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर जाकर आम जन को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पुख्ता योजना तैयार की जाए। पहले इसे पायलट आधार पर चलाया जाए, बेहतर परिणाम मिलने पर पूरी तरह से लागू की जा सकती है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। तमाम योजनाओं का फायदा, लाभान्वितों को डीबीटी के माध्यम से सच्चे मायनों में मिले, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाए। सचिवालय में सप्ताह में एक दिन नो मीटिंग डे निर्धारित किया जाए, इस दिन सभी अधिकारी अपने कार्यालय में आगंतुकों से मिलने के लिए उपस्थित रहें।

वरिष्ठ अधिकारी सरकारी स्कूलो में जाकर बच्चों को प्रेरित करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर सरकारी स्कूलों में जाएं और बच्चों को पढ़ाएं। उन्हें जीवन में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित करें। इससे बच्चों को बड़ी प्रेरणा मिलेगी। गुड गवर्नेंस तभी सम्भव है जब हम सभी के व्यवहार में सुधार आएगा और हम आम जन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनेंगे। जनसेवा हमारा मिशन होना चाहिए। योजनाओं के आउटकम पर विशेष ध्यान दिया जाए। किस तरह से मितव्ययता रखते हुए रेवेन्यू बढ़ाया जा सकता है, इस पर फोकस किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मिनिमम गवर्मेंट, मेक्सीमम गवर्नेंस की न केवल बात की है बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू भी किया है। हमें प्रदेश में भी इस दिशा में काम करना है। सीएम हेल्पलाईन 1905 और 1064 को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। जो समस्याएं जिस स्तर की हों, उनका समाधान उसी स्तर पर हो जाना चाहिए। अंतर्विभागीय समन्वय को बढ़ाने की भी आवश्यकता है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, आर मीनाक्षी सुंदरम, नीतेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, निदेशक आईटीडीए अमित कुमार सिन्हा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित अन्य बैठक में मंडलायुक्त और चम्पावत जिले को छोड़कर सभी जिलों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पुष्कर धामी बनाम गहतोड़ी हुआ चंपावत का उपचुनाव

चंपावत विधानसीट के उपचुनाव में सीएम पुष्कर सिंह धामी का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी से होगा। कांग्रेस ने शुक्रवार दोपहर अपने प्रत्याशी की घोषणा की। दोपहर राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने उनके नाम का पत्र जारी किया। चंपावत की पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला राज्य महिला सशक्तिकरण परिषद की उपाध्यक्ष भी रहीं हैं। हालांकि टिकट की दौड़ में पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल समेत चार लोग और भी थे।

प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने निर्मला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से गंभीर है। कांग्रेस जीत के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। माहरा ने कहा, श्भाजपा सरकार का पिछले पांच साल और नए दो महीने का कार्यकाल भी बेहद निराशाजनक है। प्रदेश की जनता सभी का आंकलन कर रही है। उपचुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी। जिस प्रकार खटीमा की जनता ने ऐतिहासिक फैसला दिया है, उसी प्रकार चंपावत की जनता भी एक मील का पत्थर स्थापित करेगी।

आयोग ने तेज की तैयारी

चंपावत सीट पर उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग एक्शन में है। आयोग ने यहां अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पोलिंग पार्टियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट की भी नियुक्ति कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि 11 मई तक नामांकन किए जाएंगे। 31 मई को मतदान होगा और तीन जून को वोटों की गिनती की जाएगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।

जानें चंपावत का चुनावी इतिहास

चंपावत विधानसभा सीट पर 2002, 2017 और 2022 में बीजेपी को जीत मिली। हालांकि दो बार कांग्रेस के हेमेश खर्कवाल ने जीत का स्वाद चखा। वे 2002 और 2012 में यहां से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। वहीं 2007 में बीजेपी की बीना महाराणा यहां से विधायक चुनी गई थी। इसके बाद 2017 और 2022 में लगातार दो बार कैलाश गहतोड़ी विजयी बने।