वनाग्नि रोकने को आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग किया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वनाग्नि की रोकथाम के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वनाग्नि को रोकने के लिए वनाग्नि से प्रभावित जनपदों में शीघ्र वन विभाग के उच्चाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाय। जनपदों में डीएफओ द्वारा लगातार क्षेत्रों का भ्रमण किया जाए।
वन विभाग, राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ ही जन सहयोग लिया जाए। महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों एवं आपदा मित्रों से भी वनाग्नि को रोकने में सहयोग लिया जाय। वनाग्नि को रोकने के लिए आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग किया जाए। रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए। चारधाम यात्रा के दौरान वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए शीतलाखेत (अल्मोड़ा) मॉडल को अपनाया जाय। शीतलाखेत के लोगों ने जंगलों और वन संपदा को आग से बचाने के शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे पूरे फायर सीजन में वे अपने खेतों में कूड़ा और कृषि अवशेष नहीं जलायेंगे। इस क्षेत्र में ग्रामीणों महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने ओण दिवस के रूप में जंगल बचाओ, पर्यावरण बचाओ की शपथ ली। वनाग्नि को रोकने के लिए दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक दोनों योजनाएं बनाई जाए। दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अनुसंधान से जुड़े संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से समन्वय स्थापित कर योजना बनाई जाए। इकोनॉमी और ईकॉलॉजी का समन्वय स्थापित करते हुए कार्य किये जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए एक नई कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार से सभी को कार्य करना होगा। वन सम्पदाओं के संरक्षण के साथ ही वन सम्पदाओं से लोगों की आजीविका को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पिरूल के एकत्रीकरण एवं उससे लोगों की आजीविका कैसे बढ़ाई जा सकती है, इसके लिए ठोस नीति बनाई जाए। राज्य में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसा मॉडल तैयार किया जाए कि इसका संदेश देश-दुनिया तक जाए। वन्य जीवों की सुरक्षा एवं जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। वनाग्नि को रोकने एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के लिए स्कूलों में करिकुलर एक्टिविटी करवाई जाए।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारी जन सहभागिता पर विशेष ध्यान दें। वन सम्पदाओं से लोगों की आर्थिकी को जोड़ने के लिए सुनियोजित रणनीति बनाई जाए। वन पंचायतों में फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट कमेटी बनाई जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जनपदों से जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीएफओ उपस्थित थे।

श्रमिक भाई नये भारत का करते हैं निर्माणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘‘विश्व श्रमिक दिवस‘‘ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने विभिन्न संगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को शुभकामना देते हुए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में कार्य करते हुए हमारे श्रमिक भाई नये भारत के निर्माण का कार्य करते हैं। देश की प्रगति और खुशहाली में अद्वितीय भूमिका निभाने वाले सभी श्रम योगी सम्मान के पात्र है। उन्होंने कहा कि यह दिवस हमारे करोड़ों मजदूर भाई-बहनों की मेहनत और लगन के सम्मान के लिए समर्पित है। वे एक बेहतर और समृद्ध भारत की नींव तैयार कर रहे हैं, वे सही अर्थों में हमारे राष्ट्र-निर्माता हैं। ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार अपने कठिन परिश्रम और संकल्प से भारत को विश्व में अग्रणी बनाने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया के मजदूरों की एकजुटता के आहवान मात्र से काम चलने वाला नहीं है। इस सदी की आवश्यकताएं और स्थितियां अलग हैं। ‘‘लेबर्स यूनाइट द वर्ल्ड’’ इस सदी का मंत्र हो सकता है। इस मंत्र के साथ आज दुनिया को जोड़ने की जरूरत है। हमारे श्रमिक भाईयों में दुनिया को जोड़ने की ताकत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया था। इससे बड़ी कोई योजना नहीं हो सकती, जो पांच करोड़ परिवारों को छूती हो। हमने श्रम कानूनों में अनेक बदलाव किए हैं। इसके तहत कभी मात्र 15, 50 या 100 रुपये मासिक पेंशन पाने वाले श्रमिकों को हमारी सरकार ने अब न्यूनतम एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था की है। इसके अलावा श्रम सुविधा पोर्टल शुरू किया है, जिसके तहत आठ अहम श्रम कानूनों को एक कर उनके सरलीकरण का काम किया गया। आज हर श्रमिक को एक विशेष लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया गया ताकि उसकी पहचान बन जाए और उसे अवसर मिलें। साथ ही एक नेशनल सर्विस पोर्टल भी बनाया गया है, ताकि श्रमिक और नियोजक के बीच तालमेल हो सके। इसके अलावा बोनस सम्बन्धी कानून में भी बदलाव कर कामगारों को लाभ पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लेबर्स यूनाइट द वर्ल्ड’ का नारा, मैं मजदूर नंबर-1 हूं का नारा दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी खुद को एक मजदूर मानते हैं, उन पर उत्तराखंड के लोगों के प्यार का कर्ज है। उत्तराखंड के विकास से लोगों का कर्ज चुकाने का उनका भरसक प्रयास है। पूर्व की सरकारों ने गरीबी हटाने के लिये नारे बहुत लगाये गये, योजनाएं भी बनीं लेकिन वह गरीब के घर को नहीं बल्कि मतपेटियों को ध्यान में रखकर बनायी गयीं। इस देश से गरीबी तभी जाएगी, जब गरीब को गरीबी से लड़ाई लड़ने की ताकत मिलेगी। इसके लिये उसे शिक्षा, रोजगार, घर, बिजली, पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में मजदूरों को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

इस दौरान केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने भी अपने विचार व्यक्त किये तथा श्रमिकों के हित में उठाये गये कदमों तथा उनके कल्याण से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून आर. राजेश कुमार, नगर आयुक्त के साथ ही बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

पोक्सो अधिनियम पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग द्वारा पोक्सो अधिनियम पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोक्सो ऐक्ट पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया और पोक्सो वोरियर्स को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज बच्चों में रचनात्मकता एवं सृजनात्मकता बढ़ाने की जरूरत है। बच्चों के भविष्य को सुनहरा बनाने में उनके माता, पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नोनिहालों से जुड़ी इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन नियमित होने चाहिए। जिन बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छी परवरिश नहीं मिलती, उनके लिए समाज को आगे आना चाहिए। सरकार सबके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को भयमुक्त वातावरण मिलेगा तो उनका भविष्य सकारात्मक दिशा में जाएगा। राज्य सरकार द्वारा बाल कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। बच्चों के अधिकारों के लिए जो कानून बने हैं, उनका सख़्ती से पालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से जहां जागरूकता बढ़ेगी वहीं विशेषज्ञों के मंथन से हमारे भविष्य हमारे बच्चों को रचनात्मक बनाने में कारगर सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सेना और बच्चों से जुड़े कार्यक्रम में अवश्य प्रतिभाग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के ध्येय वाक्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ। बाल अधिकारों की आम जन तक जागरूकता के लिए इस संबंध में समय-समय पर विधिक शिविर भी आयोजित किए जाए।

कार्यशाला में महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश के नौनिहालों के साथ सरकार हर तरीके से खड़ी है कोरोना काल में अपने परिजनों को गवा चुके बच्चों को वात्सल्य योजना के ज़रिए सरकार सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वात्सल्य योजना देश में सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है।

डीजीपी अशोक कुमार ने पोक्सो एक्ट संबंधित विस्तृत जानकारी दी। बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर गीता खन्ना ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन, विधि विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने सुनी समस्यायें, सम्बन्धित अधिकारियों को दिये जन समस्याओं के निराकरण के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों से भेंट की, तथा अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने सभी की समस्यायें सुनी तथा सम्बन्धित अधिकारियों को जन समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का त्वरित निराकरण अधिकारियों की जिम्मेदारी है। आम जनता को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये बार बार मुख्यमंत्री तक न आना पड़े, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों का दायित्व है। जन समस्याओं का त्वरित निराकरण अधिकारियों की नैतिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री से अपनी समस्यायें लेकर आने वालों में सभी धर्मों एवं वर्गों के लोग शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ सबका विकास एवं सबके विश्वास की भावना के साथ सभी की समस्याओं के समाधान के प्रति संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का त्वरित निराकरण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से जो भी वायदे किये हैं तथा राज्य के विकास के लिये जो भी संकल्प लिये है, उन्हें समयबद्धता के साथ पूरा किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक आगंतुक से भेंट की और उनकी शिकायतो व समस्याओं को सुना। उन्होंने सभी को उनकी समस्याओं का यथासम्भव जल्द से जल्द निस्तारण के प्रति आश्वस्त किया तथा इस सम्बन्ध में अधिकारियों को भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं और शिकायतों का रिकार्ड रखने और उन पर की जा रही कार्रवाई का फालोअप भी करने के निर्देश दिये।

इण्टरनेशनल मार्केटिंग के क्रिस्टल एनीवर्सरी कार्यक्रम में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में आयोजित इण्टरनेशनल मार्केटिंग कारपोरेशन प्रा.लि. (आईएमसी) के क्रिस्टल एनीवर्सरी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मां गंगा के तट पर आईएमसी द्वारा आयोजित समारोह के लिये आईएमसी की सराहना करते हुये कहा कि वह 15 वर्षों से आयुर्वेद के साथ भारतीय संस्कृति का सन्देश भी फैला रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का हर क्षेत्र-आयुर्वेद, सेना के अस्त्र-शस्त्र बनाने, सड़कों का जाल बिछाने आदि में निरन्तर विकास हो रहा है। युवाओं का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि वे युवाओं के बीच में काम करते आ रहे हैं। आज यहां बड़ी संख्या में युवा इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जो प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि उद्यमी उत्तराखण्ड में उद्योग-धन्धे लगायें तथा उनमें यहां के नौजवानों को भी शामिल करें, राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा प्रयास है कि हरिद्वार व उत्तराखण्ड में जितने भी उद्योग हैं, उनका चहुंमुखी विकास हो। उन्होंने कहा कि हमने उद्योग समूह के लोगों को आमन्त्रित किया, जिनके द्वारा दिये गये कई सुझावों पर कार्य चल रहा है तथा कई बिन्दुओं का समाधान भी निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का पूरा प्रयास है कि जो उद्योग यहां लगे हैं, वे अच्छी तरह से चलें। उन्होंने कहा कि राज्य के उद्यमी हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार तीन मंत्रों-सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारीकरण के आधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने आईएमसी को शुभकामना देते हुये कहा कि आप अपनी पताका हिन्दुस्तान में फहराने के साथ ही पूरे विश्व में भी फहरायें।

इस अवसर पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 योगेन्द्र सिंह रावत, आईएमसी के डॉ0 अशोक भाटिया, दीना भाटिया, अमित भाटिया सहित कई पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

कृषि के बढ़ते आयामों को उत्तराखंड में लागू कर रही सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से नीति आयोग द्वारा आयोजित नवोन्मेषी कृषि कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में ईकोलॉजी और इकोनोमी में कैसे आदर्श समन्वय हो, इस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने राज्य में सकल पर्यावरणीय उत्पाद (जी.ई.पी) को लागू किया है, जो जी.डी.पी को निर्धारित करने के प्रचलित मॉडल के साथ लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के अन्तर्गत विश्व स्तरीय पौधशालाओं की स्थापना, चाय के विकास के लिए उत्तराखण्ड की चाय को वैश्विक पहचान दिलाने, जल संरक्षण हेतु काश्तकारों को प्रोत्साहित कर रेन हार्वेस्टिंग टैंको के व्यापक स्तर पर निर्माण एवं सब्जी और पुष्प उत्पादन हेतु पॉलीहाउस को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये जा रहे है। जिसमें नीति आयोग एवं केन्द्र सरकार से मदद ली जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्राकृतिक कृषि के उत्थान एवं उसके विविध आयामों पर कार्य करने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। उत्तराखण्ड सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों को प्रेरित कर रही है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से काश्तकार इससे जुड़ेगे। रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती राज्य के विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द एक टास्क फोर्स का गठन किया जायेगा। जिसमें सभी स्टेक होल्डर्स को शामिल कर उत्तराखण्ड में प्राकृतिक खेती में आगे बढ़ाया जायेगा। हमें अपनी कृषि व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी खेती को तमाम हानिकारक रसायनों से बचाना होगा। जिससे काश्तकार भी सम्पन्न हो सकें और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ आधारित कृषि व्यवस्था लागू हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कृषि हजारों वर्षों से हमारी परंपरा का हिस्सा रही है। पर्यावरण को बचाये रखने के लिए हमें प्रकृति की शरण में जाना ही होगा। उत्तराखण्ड में कृषि एवं उद्यान आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम काशीपुर में स्टार्टअप हब बनाया जा रहा है। कृषि एवं उद्यान के अन्तर्गत राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाये जायेंगे। राज्य में नेशनल मिशन फॉर फूड प्रोसेसिंग के अन्तर्गत फल, सब्जियों के प्रसंस्करण के लिए पृथक नोडल ईकाई का गठन कर वेल्यू एडिशन एवं फूड प्रोसेसिंग आधारित संरचना का विकास किया जायेगा।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कृषि मंत्री भारत सरकार नरेन्द्र सिंह तोमर, पुरूषोत्तम रूपाला, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, सदस्य नीति आयोग डॉ. नीलम पटेल उपस्थित रहे।

सशस्त्र सीमा बल का दीक्षांत समारोह धूमधाम के साथ संपन्न

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्रीनगर में केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल का दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान नव प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। मख्यमंत्री ने सलामी के उपरांत पासिंग आउट परेड का निरीक्षण भी किया। आयोजित परेड में 278 प्रशिक्षण प्राप्त जवानों द्वारा मुख्य अतिथि के सम्मुख शपथ ग्रहण किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त जवान भारतीय सीमा सशस्त्र बल का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि तन, मन व धन से देश की रक्षा करें। सीमा पर रहने वाले देश के नागरिक भी सुरक्षाबलों के समान ही एक प्रहरी के रूप में अपना दायित्व निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपना सर्वाेच्य बलिदान दिया है। कहा कि सरहद पर खड़े जवानों के कारण ही हम अपने घरों में सुरक्षित हैं। भारतीय सीमा सुरक्षा बल हर विपत्ति में नागरिकों का साथ देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अर्ध सैनिक बलों का जो इतिहास रहा है उस को आगे बढ़ाने का काम यह प्रशिक्षित जवान करेंगे तथा क्षेत्र में जाकर भारत के मान सम्मान बनाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि एसएसबी जवान सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अनेकों दायित्वों का निर्वहन तत्परता से करते हैं। कहा कि एसएसबी जवानों द्वारा कोरोना काल तथा चुनाव के समय में शांतिपूर्ण तरीके से कार्य किया।
सशस्त्र सीमा बल के दीक्षांत समारोह में ओवरऑल बेस्ट प्रशिक्षु पुरस्कार सचिन सैनी तथा आंतरिक प्रशिक्षण का पुरस्कार शुभम तिवारी को दिया गया। देश रक्षा के लिए आज 278 जवान शामिल हुए। जिसमें बिहार से 94, उत्तर प्रदेश से 74, मध्यप्रदेश से 44, उत्तराखंड से 24, राजस्थान 21, जम्मू कश्मीर 20, दिल्ली से 01 जवानों ने 44 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद आज देश सेवा की शपथ ली।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, एसएसबी महानिरीक्षक रतन संजय, उप महानिरीक्षक सृष्टि राज गुप्ता सहित सैन्य अधिकारी व अन्य उपस्थित रहे।

भाजपा बड़े मार्जिन से उप चुनाव जीते, इसकी रणनीति तैयार

भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के चंपावत उप चुनाव में बड़े मार्जिन से जीत के लिए रणनीति का खाका तैयार किया। इसके लिए जल्द ही एक टीम का ऐलान भी किया जाएगा। धामी खटीमा से चुनाव हार गए थे। भाजपा हाईकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए दोबारा मुख्यमंत्री की बागडोर सौंपी है। चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी उनके लिए अपनी सीट खाली कर चुके हैं।
माना जा रहा है कि निर्चावन आयोग जून में उप चुनाव का ऐलान कर सकता है। भाजपा ने चंपावत उप चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष की मौजदगी में इसके लिए रणनीति बनाई गई। पार्टी वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक टीम भी बनाएगी, जो उप चुनाव में मानिटरिंग का काम देखेगी। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को बड़े मार्जिन से जीत का लक्ष्य दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बताया कि मुख्यमंत्री उप चुनाव रिकार्ड मतों से जीतेंगे। भाजपा उपचुनाव के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है, ताकि सीएम की जीत हो सके।
वहीं, दायित्वों का ख्वाब पाले भाजपा नेताओं को अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पार्टी हाईकमान अभी दायित्व बांटने के पक्ष में नहीं है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का उप चुनाव संपन्न होने के बाद ही दायित्व बांटें जा सकते हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दायित्वों के लिए संगठन में अर्जियां देनी भी शुरू कर दी हैं।
तय रुपरेखा के अनुसार, भाजपा मई माह में प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने बताया कि मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं। अब जिलास्तर और प्रांतस्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे। इसके साथ ही शीर्ष नेतृत्व से दिए जा रहे कार्यक्रमों को पूरे प्रदेश स्तर पर शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की बैठक ली, बिजली संकट को दूर करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ऊर्जा विभाग की बैठक ली। राज्य में अधिक बिजली कटौती पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जल्द से जल्द बिजली संकट की समस्या का समाधान ढ़ूढ़ा जाय। सचिव ऊर्जा, यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के अधिकारी बिजली संकट की समस्या के समाधान के लिए क्या किया जा सकता है, इसकी रिपोर्ट शीघ्र मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब औद्योगिक क्षेत्रों एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली संकट की समस्या की शुरूआत उत्पन्न हो रही थी, तब इसके उचित समाधान निकालने के सार्थक प्रयास क्यों नहीं किये गये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये की अधूरी तैयारी के साथ बैठक में न आयें। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा की बैठक जल्द दुबारा किये जाने के निर्देश दिये। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि वे पूरी तैयारी और समस्या के समाधान की पूरी योजना बनाकर ही बैठक में आयें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में ऊर्जा एवं पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य संस्कृति में सबसे पहले व्यावहारिकता लाई जाए। प्रदेश का विकास हम सबकी सामुहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग समस्याओं के समाधान के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों से बिजली चोरी की शिकायते आ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बिजली चोरी की शिकायतों पर संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर रहे संबधित अधिकारियों पर सख्त कारवाई की जाय। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि व्यावहारिक समस्याओं एवं कार्य में आ रही कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाय। जो समस्याएं आ रही हैं, उनका उचित समाधान निकाला जाय।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक उरेडा एवं अपर सचिव रंजना राजगुरू, अपर सचिव इकबाल अहमद, एमडी यूपीसीएल अनिल यादव, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

चंपावत पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी ने कई घोषणाएं कर लोगों को दी सौंगाते

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चंपावत के तल्ला देश क्षेत्र में विख्यात एवं पवित्र धाम बाबा गुरु गोरख नाथ मंदिर में निर्धारित समयानुसार आगमन हुआ। तल्ला देश क्षेत्र के मंच में बने अस्थाई हेलीपैड में मुख्यमंत्री एवं उनके साथ मुख्यमंत्री के लिए विधायकी छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद का जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, जिलाधिकारी विनीत तोमर, एसपी देवेन्द्र पींचा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुष्प गुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री लगभग दो किलोमीटर के पहाड़ी चढ़ाई वाले पगडंडी मार्ग से बाबा गोरख नाथ के मंदिर में पहुंचे। मंदिर में पहुंचकर श्री धामी ने मंदिर में पूजा अर्चना एवं मंदिर की परिक्रमा कर जनपद एवं राज्य की सुख समृद्धि की कामना की। मंदिर में पूजा अर्चना कर तथा बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विधायकी छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी का आभार व्यक्त किया तथा तल्ला देश की जनता को धन्यवाद दिया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर राज्य का विकास करने को प्रतिबद्ध है। राज्य के विकास के लिए एक विजन प्लान के तहत कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्य के प्रति सद्भावना के दृष्टिगत उन्होंने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड के विकास को समर्पित है तथा आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को नंबर एक राज्य का दर्जा देने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को भी जल्द लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुमाऊं अंचल के प्रमुख सत्रह धामों के लिए एक खास कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसमे गुरु गोरख धाम भी शामिल है। जिससे सभी प्रमुख धामों का विकास एवं पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र का विकास हो सके। भगवान गोलजू के तीनो प्रमुख धाम यथा चंपावत, अल्मोड़ा एवं घोड़ाखाल के लिए भी एक खास कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद चंपावत को विश्व मानचित्र पर प्रसिद्ध करने के लिए पर्यटन के क्षेत्र में विशेष कार्य योजना के तहत कार्य कर यहां पर्यटन की संभावनाओं को उभारा जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए कई घोषणाएं भी की।

1. चंपावत में एआरटीओ कार्यालय को खोला जाएगा।
2. बनबसा में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
3. अमोडी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा।
4. मंच उपतहसील में जल्द ही कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
5. टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज को आईआईआईटी (जतपचसम आईटी) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
6. चंपावत को अखिल भारतीय स्तर पर पर्यटन मानचित्र में लाने के लिए पर्यटन विभाग विशेष कार्ययोजना तैयार करेगा।
7. मां पूर्णागिरी मंदिर क्षेत्र व देवीधुरा मंदिर क्षेत्र का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
8. चंपावत गोल्जू देवता, घोड़ाखाल गोल्जू देवता व चितई गोल्जू देवता को मिलाकर एक विशेष गोल्जू कोरिडोर बनाया जाएगा।
9. चंपावत के चाय बागान से हिंगला देवी तक रोपवे मार्ग बनाने के लिए शीघ्र ही संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा।
10. निम्नलिखित मार्गों को राज्य मार्गों में परिवर्तित किया जाएगा –
ककराली गेट – ठुली गाड़ – भराव मंदिर मोटर मार्ग
सुखीधांग – डाडा मीनार – रीठा साहिब मार्ग
सुखिधांग से श्यामला ताल मोटर मार्ग
इस दौरान विधायकी छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री के चंपावत से चुनाव लडने के फैसले ने उन्हें एवं जनपद की जनता को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के यहां से चुनाव लड़ने एवं यहां से जीतने के बाद यहां का चहुंमुखी विकास हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने चंपावत के अमोडी में दुर्घटना के पीड़ितों को राहत चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने बङी संख्या में आए स्थानीय लोगों के साथ बातचीत भी की।
इस दौरान जिलाध्यक्ष दीप पाठक, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश पांडे, संगठन मंत्री अजय सिंह भट्ट, नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी तथा अन्य पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।