आठ परियोजनाओं के विकास और निर्माण को लेकर जल शक्ति मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखण्ड के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने के लिए 08 जलविद्युत परियोजनाओं के विकास और निर्माण के लिए अनुरोध किया है। इन आठ परियोजनाओं में 647 मेगावाट क्षमता की कुल 7 और 114 मेगावाट की एक परियोजना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मां गंगा एवं अन्य समस्त नदियों की निर्मलता, अविरलता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विशेषज्ञों की संस्तुतियों का पालन करते हुए सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 114 मेगावाट की सेला उर्थिंग जलविद्युत परियोजना धौलीगंगा पर पिथौरागढ़ में है। यह उत्तराखंड राज्य की सीमाओं के भीतर गंगा बेसिन का हिस्सा नहीं है। राज्य में गंगा और उसकी सहायक नदियों के अतिरिक्त अन्य नदी घाटियों पर परियोजनाओं पर प्रतिबंध नहीं है। इसलिए सेला उर्थिंग जल विद्युत परियोजना जो कि गंगा बेसिन का हिस्सा नहीं है, की स्वीकृति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से संबंधित अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से कैबिनेट सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा दी गई संस्तुतियों और राज्य सरकार के अनुरोध के क्रम में कुल 647 मेगावाट क्षमता की 7 जलविद्युत परियोजनाओं की अनुमति दिये जाने का भी आग्रह किया।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट की। बैठक में राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई कनेक्टिविटी में सुधार, और उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढ़ावा देने के विषय में विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पन्तनगर एयरपोर्ट की रनवे लम्बाई को 1,372 मीटर से बढ़ाकर 3,000 मीटर किये जाने के लिये उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को कुल 524.78 एकड़ भूमि हस्तांतरित कर दी गयी। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा पन्तनगर एयरपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उन्होनें केन्द्रीय मंत्री से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को तत्वरित कार्य प्रारंभ करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और रात्रि कालीन ऑपरेशन संचालन को मध्यरात्रि तक बढ़ाने का अनुरोध किया। सरकार के इस कदम से अधिक यात्रियों को हवाई सेवाओं को लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अर्न्तगत नैनीसैनी एयरपोर्ट (पिथौरागढ़) से इन्दिरागाँधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नई दिल्ली) के लिए (आरसीएस उड़ान) के अर्न्तगत नियमित वायुयान सेवा प्रारंभ करने का अनुरोध किया। जिससे स्थानीय लोगों को फायदा होगा। साथ ही आरसीएस उड़ान स्वीकृति से पिथौरागढ़ से धारचूला एवं पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए हवाई सेवा आरम्भ करने से स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि नैनी सैनी एयरपोर्ट पर रात्रिकालीन ऑपरेशन संचालन के दृष्टिगत एयरपोर्ट के वॉच एक्सटेंशन को बढ़ा दिया जाये जिससे अधिक यात्री वायुयान सेवा का लाभ ले सकेगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ उत्तराखण्ड का एक दूरस्थ जनपद है, जहाँ स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए हवाई सम्पर्क मार्ग अत्यन्त उपयोगी होगा। पिथौरागढ़ जनपद की सीमा तिब्बत (चीन) एवं नेपाल से लगी होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय उड्डयन मंत्री से देहरादून, पिथौरागढ़ और पंतनगर हवाई अड्डों पर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ स्टॉल खोले जाने का अनुरोध किया है, ताकि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिल सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने देहरादून-हल्द्वानी, देहरादून-पंतनगर और देहरादून-नागपुर के लिए सीधी हवाई सेवाएं शुरू करने तथा जॉलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं प्रारंभ किए जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया।

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

रेल मंत्री से सीएम ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि के समस्त अधिकार राज्य सरकार को देने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट की। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अन्तर्गत भारत के सबसे लम्बे रेल टनल (देवप्रयाग-जनासू) के सफल ब्रेकथ्रू के लिए रेल मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इससे भारत के प्रौद्योगिकी विकास को नई पहचान मिली है। उन्होंने रुड़की-देवबंद रेलवे लाईन के सी०आर०एस० जारी करने पर भी उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में अपनायी जा रही टनल प्रणाली के समान ही देहरादून से सहारनपुर को मोहण्ड होते हुए रेलवे से जोड़ने के लिए टनल आधारित रेल लाईन परियोजना की संभाव्यता का परीक्षण कराकर परियोजना की स्वीकृति देने का रेल मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन किए जाने, जिला चम्पावत के टनकपुर से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन शुरू करने और टनकपुर से देहरादून ट्रेन के फेरे बढ़ाए जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करते हुए इस परियोजना पर होने वाले व्यय का पूर्ण वहन भारत सरकार द्वारा किये जाने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि के समस्त अधिकार राज्य सरकार को हस्तांतरित किये जाने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस भूमि का प्रयोग ऋषिकेश-गंगा कॉरिडोर में हो रहे बहुद्देशीय विकास कार्यों जैसे सड़क चौड़ीकरण, यातायात सुदृढीकरण, तीर्थ यात्रियों/श्रद्धालुओं के लिए अध्यात्मिक सुविधाओं को बढावा देने के लिए उपयोग में लाया जायेगा। साथ ही पुराने रेलवे स्टेशन के रेलवे ट्रैक को सड़क में परिवर्तित करते हुए यातायात को और सुविधाजनक बनाया जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

राज्य के धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी, सीएम ने दिए निर्देश

राज्य के धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत भी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाय। जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। चारधाम यात्रा के दौरान और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में विभिन्न माध्यमों से फेक न्यूज चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जिलाधिकारियों द्वारा सही जानकारी नियमित रूप से विभिन्न माध्यमों से साझा की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल बैठक के दौरान जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किरायेदारों का सत्यापन न कराने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ठेली, फड़ और झुग्गी झोपडियों में रहने वालों का भी सत्यापन किया जाए। राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली के कनेक्शन आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज अपात्र लोगों को देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी सत्यापन के लिए लगाई जाए। वनाग्नि प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के साथ ही वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त पाये जाने वालों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये है।

मुख्यमंत्री ने डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि नियमित फॉगिंग के साथ ही डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। अस्पतालों में बिजली की रोस्टिंग न करने और ग्रीष्म काल में प्रदेश में बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति रखने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कैंचीधाम वार्षिकोत्सव के दृष्टिगत भी सड़कों की बेहतर स्थिति के साथ पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि वे समय-समय पर विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें। जिससे व्यवस्थाएं भी सही बनी रहेंगी और जन समस्याओं का समाधान भी तेजी से होगा। उन्होंने कहा कि बहुद्देशीय शिविरों, तहसील दिवस और बीडीसी की बैठकें नियमित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए। विद्युत बिल की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि 10 करोड़ तक के टेंडर स्थानीय ठेकेदारों को ही मिले। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ भी जिलाधिकारी नियमित संवाद बनाये रखें। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना को बढ़ावा देने के लिए सभी जनपदों को टारगेट देकर लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यातायात प्रबंधन और सड़कों की स्थिति सही रहे इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। चारधाम यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चर के स्थानीय संचालकों को प्राथमिकता दी जाए। चारधाम यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ स्वच्छता और सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। यात्रा मार्गों पर रेट लिस्ट चेक कर ली जाए यह सुनिश्चित किया जाए कि ओवर रेटिंग की शिकायत न आये।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने चारों धामों के लिये रवाना की मुख्य सेवक भंडारा टीम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से चारों धामों में ‘मुख्य सेवक भंडारा’ के लिए जाने वाले सेवादारों की टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘मुख्य सेवक भंडारा’ के तहत चार धाम यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर भोजन की व्यवस्थाएं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा शुरू होने वाली है, यात्रा के लिए पूरे राज्य ने उत्साह का माहौल है। चारधाम यात्रा में देश भर से श्रद्धालु उत्तराखंड आने लगे हैं। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखण्ड, देश और विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु उत्तराखंड से यात्रा का अच्छा अनुभव लेकर जाएं।

मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा में सेवा का कार्य करने वाले विभिन्न लोगों, संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा आगामी चारधाम यात्रा को सफल बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। चार धाम यात्रा में हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं। उन्होंने कहा चार धाम यात्रा से पहले हर स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

इस अवसर पर संस्कृति, साहित्य कला परिषद उपाध्यक्ष मधु भट्ट, अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति कर्नल अजय कोठियाल, दायित्वधारी पुनीत मित्तल, हिमांशु चमोली, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम से मिले हेस्को के संस्थापक डा. अनिल जोशी, पर्यावरण पहलुओं पर सम्मेलन के लिये किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, इंफोसिस ग्लोबल (सस्टेनेबिलिटी एंड डिज़ाइन व्यवसाय) के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. कोरे ग्लिकमैन एवं कॉरपोरेट जगत के अमित भाटिया ने मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

इंफोसिस ग्लोबल के पूर्व उपाध्यक्ष एवं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. कोरे ग्लिकमैन ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट (जी.ई.पी) की व्यवस्था को लागू करने एवं पर्यावरण पहलुओं पर भी गंभीरता से कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। डॉ. कोरे ने बताया कि जल्द ही पिट्सबर्ग, अमेरिका में वैश्विक स्तर के पर्यावरण पहलुओं पर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें जी.ई.पी एवं इकोलॉजी एवं इकोनॉमी के संतुलन जैसे मुद्दों पर पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर कार्य कर रहा है साथ ही विभिन्न ऐसे पहलुओं पर कार्य किया जा रहा है। जो इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाते हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड के जल संरक्षण, वन संपदाओं के संरक्षण में कार्य किए जा रहे हैं।

सीएम ने किया संजीवनी किट का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड मेडिकल सर्विसेज की उच्च हिमालयी चिकित्सा सेवा का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान संजीवनी किट का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड मेडिकल सर्विसेज की टीम को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सिक्स सिग्मा द्वारा श्रद्धालुओं को दी जा रही यह स्वास्थ्य सुविधा चार धाम यात्रा के सफल संचालन में सहायक सिद्ध होगी।

सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड मेडिकल सर्विसेज की उच्च हिमालयी चिकित्सा सेवा के तहत आदि कैलाश यात्रा, केदारनाथ यात्रा, बद्रीनाथ यात्रा, मध्यमहेश्वर यात्रा, तुंगनाथ यात्रा, रुद्रनाथ यात्रा के दौरान कैंप लगाकर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। संजीवनी किट में ऑक्सीजन, आवश्यक दवाइयाँ और पोर्टेबल आईसीयू उपकरण शामिल हैं।

इस दौरान विधायक खजान दास, पुनीत मित्तल, सीईओ सिक्स सिग्मा प्रदीप भारद्वाज, डॉ. अनिता भारद्वाज, डॉ. परवेज़, डॉ. भारत शर्मा एवं अन्य लोग मौजूद थे।

मुख्य सेवक संवाद के तहत सीएम ने स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक संवाद के तहत स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्यभर से आए स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाले लोगों से संवाद किया एवं उनके महत्वपूर्ण सुझावों को सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्नत उत्तराखंड नामक पुस्तक का विमोचन एवं विभिन्न स्टार्टअप पर आधारित विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में प्रत्येक जनपद में एक इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना कर 1000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा है। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उद्यमिता से सम्बन्धित पाठ्यक्रम भी लागू किए हैं, साथ ही डेडिकेटेट स्टार्टअप पोर्टल का भी शुरू किया गया है। राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपए से उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड की स्थापना भी की गई है। राज्य सरकार, स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बुनियादी ढांचे में सहयोग प्रदान कर रही है। राज्य में स्टार्टअप इको-सिस्टम का समुचित विकास किया जा रहा है।

युवाओं से आह्वान रू सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर राज्य में शुरू करें स्टार्टअप।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि राज्य में स्टार्टअप शुरू करने के लिए आगे आएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना है। मुख्यमंत्री ने कहा देश में नई कार्य संस्कृति का संचार हुआ है। आज समाज में नवाचार के माध्यम से बदलाव लाने वालों को एक उचित मंच दिया जा रहा है। देश के प्रतिभाशाली युवा नवाचार के माध्यम से अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य स्टार्टअप के क्षेत्र में पूरे देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।

राज्य में लाई गई स्टार्टअप नीति 2023
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्टार्टअप का वैश्विक हब बनकर उभरा है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और रैंप (त्।डच्) योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए नए मार्ग खुले हैं। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। राज्य में स्टार्टअप्स के लिए बेहतर इको-सिस्टम विकसित किया गया है। राज्य में स्टार्टअप नीति 2023 को लागू किया गया है। जिसके तहत सीड फंडिंग के लिए 15 लाख रुपये तक का अनुदान एवं प्रारंभिक चरण के 22 हजार रुपये प्रतिमाह तक का भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा है।

नए विचारों की शक्ति, सपनों को सच करने का साहस और देश को आगे ले जाने का संकल्प है स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार, राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर नये स्टार्टअप्स को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा राज्य में जो भी इन्क्यूबेशन सेंटर हैं, उन्हें शैक्षणिक संस्थान से भी जोड़ा गया है। सरकार इन सभी के नोडल इन्क्यूबेशन सेंटर के रूप में 60 करोड़ रुपए की लागत से देहरादून स्थित आई.टी. पार्क में विश्वस्तरीय उत्तराखण्ड इनोवेशन हब (यू-हब) की स्थापना कर रही है। राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के 1300 से अधिक स्टार्टअप्स भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा स्टार्टअप नए विचारों की शक्ति, सपनों को सच करने का साहस और अपने देश को आगे ले जाने का संकल्प होता है।

स्टार्टअप शुरू करने वालों ने रखे अपने विचार
डिजाइन स्टूडियो की फाउंडर श्रद्धा नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप के लिए नई पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा वो स्वयं वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रही हैं, वो उत्तराखंड की संस्कृति विरासत को विश्व पटल पर पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से एक जिला एक उत्पाद में स्थानीय कला, वास्तुकला और शिल्प को सम्मिलित किए जाने का आग्रह किया।

इन्टीग्रेटेड मेरीटाइम एक्सचेंज प्रा.लि. के कुणाल उनियाल ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हमेशा उनका साथ देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से डिजिटल अवसंरचना के लिए नीति बनाने और राज्य स्तरीय नवाचार मिशनों में सम्मिलित करने का आग्रह किया।

पलक्स मोटर्स के विकास शाह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने हिमालयी क्षेत्र के लिए उच्च-प्रदर्शन इलेक्ट्रिक बाइक को विकसित किया है। जिसके लिए उन्हें शुरुआत में वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से नवाचारों को प्रारंभिक चरण से आगे बढ़ाने तक के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान करने एवं सरकार द्वारा लगाए जाने वाले कर को कम करने का आग्रह किया।

पिथौरागढ़ से आई हिमग्रेस ऑग्रेनिक्स की संस्थापक बबीता सिंह ने बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में खेती कर किसानों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाले लोगों को विशेष रूप से सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा स्टार्टअप शुरू करने वाले स्थान तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे इसका भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

रनवे-यूपीईस से स्वरलीन कौर ने कहा कि उत्तराखंड वेंचर फंड (न्टप्) के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप्स को उत्कृष्ट समर्थन मिल रहा है, जो सराहनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निजी इनक्यूबेटर्स जैसे त्नदूंल को इन पहलों के तहत एकीकृत किए जाने का आग्रह किया।

एग्रीज्वाय एल.एल.पी. के संस्थापक चन्द्रमणी कुमार ने बताया वो पहाड़ में लौटकर संरक्षित खेती के माध्यम से कृषि व्यवसाय शुरू कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप कर रहे लोगों के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था निशुल्क उपलब्ध कराए जाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, मंडी परिषद के अध्यक्ष अनिल डब्बू, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे, महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन, अपर निदेशक शिखर सक्सेना, अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह, संयुक्त निदेशक अनुपम सिंह, दीपक मुरारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने दायित्वधारियों संग संवाद कर जनसेवा में उत्कृष्टता का आह्वान किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के दायित्वधारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक के लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने दायित्व से संबंधित योजनाओं का दायित्वधारी नियमित अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान योजनाओं का फीडबैक भी लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दायित्व मिलने के साथ ही जन सेवा के लिए जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके इसके लिए अपने विभागों के साथ बैठक की जाए और योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाए। जन आकांक्षाओं के अनुरूप सबको अपने कार्य क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उन्होंने सभी दायित्वधारियों से कहा कि वे जनहित से जुड़े कार्यों और जनहित में बेहतर योजनाएं बनाने के लिए अपने सुझाव अवश्य दें। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इस दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी दायित्वधारी विभाग स्तर पर उनके द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों और नवाचारों की प्रगति रिपोर्ट विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी दें। उन्होंने कहा कि दायित्वधारियों को उनके विभागों से संबंधित मुख्यमंत्री और मंत्रीगण के स्तर पर होने वाली सभी बैठकों में शामिल किया जायेगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट एवं सभी दायित्वधारी मौजूद थे।

सत्यापन अभियान में तेजी लाने के साथ ही किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले लोगों पर जुर्माना लगाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों की बैठक लेते हुए अध्यस्त पाकिस्तानी नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनको तत्काल प्रभाव से वापस भेजने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के साथ ही किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत अभिलेखों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों के चिन्हीकरण में भी तेजी लाते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पुख्ता बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसे तुरंत हिरासत में लिया जाए। साथ ही, इस संबंध में आम जनता को भी जागरूक किया जाए। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाए जिससे आम लोग सम्बन्धित नंबर पर जानकारी साझा कर सकें।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए बंशीधर तिवारी मौजूद थे।