मुख्य सचिव बर्द्धन ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन अपने तय कार्यक्रमानुसार बद्रीनाथ पहुंचे। मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एराइवल प्लाजा, सिविक एनीमिटी सेंटर, बद्रीश व शेष नेत्र झील, रिवर फ्रंट और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होने कार्यदायी संस्था को सिविक एमिनिटी सेंटर, एराइवल प्लाजा और टूरिज्म मैनेजमेंट सेंटर का मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होने कार्यदायी संस्था को हॉस्पिटल को अगस्त तक हैंडओवर करने और रिवर फ्रंट के एफ व जी फेस के कार्य को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की जानकारी दी जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया गया है साथ ही कहा कि मास्टर प्लान के तहत ब्रह्म कपाल, रिवर फ्रंट, आस्था पथ, अराइवल प्लाजा, दर्शन लाइन का कार्य कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि धाम में पहुंचे व्यापारियों और अन्य लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन का संयोजन भी शुरू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि धाम में सुलभ इंटरनेशनल की ओर से शौचालयों को दुरुस्त कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को जानकारी देते हुए बताया कि धाम के आंतरिक मार्गों का सुधारीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। नगर सफाई की व्यवस्था को लेकर पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। साथ ही धाम में क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों का सुधारीकरण किया जा रहा है। जिसका कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के जवानों के साथ साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।

इस दौरान पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, उपजिलाधिकारी जोशीमठ सीएस वशिष्ट, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी राजेश चन्द्रा, बीकेटीसी सीईओ विजय थपलियाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, पीआईयू के सहायक अभियंता सन्नी पालीवाल सहित यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद थे।

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का सीएस ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने।पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

चारधाम में यात्रियों का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना हैः सीएम धामी

चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में एल.ई.डी. स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों के लिए भजन, रामायण, महाभारत, चारधाम यात्रा संबंधी कहानियों एवं आरतियों को दिखाया जाएगा तथा मौसम संबंधित जानकारियां उपलब्ध करायी जायेगी। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप (यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय) के औचक निरीक्षण के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय में पंजीकरण कक्ष, यात्रा पूछताछ एवं सहायता केंद्र, चिकित्सालय, पुलिस सहायता /खोया पाया केंद्र जैसी विभिन्न व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

24 घंटे चालू रहे रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा से पहले ट्रांजिट कैंप में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को 24 घंटे चालू रखी जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, स्वास्थ्य, जल, पर्यटन, विद्युत, आदि विभागों का संयुक्त हेल्पडेस्क सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में बनाया जाए, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध हो। उन्होंने कहा हमने श्रद्धालुओं का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना है, जिससे हर श्रद्धालु की यात्रा सकुशल सम्पन्न हो एवं वे उत्तराखंड से यात्रा के अच्छे अनुभव लेकर जाएं।

भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से होगा कार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था हो एवं गर्मी से बचाव के लिए कूलर, स्वच्छ पेयजल, टीन शेड, कुर्सियों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप स्थित अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयों की व्यवस्था और चिकित्सकों की तैनाती हो। उन्होंने कहा भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष तौर पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से कार्य हो।

ट्रांजिट कैंप परिसर में बिकेंगे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ट्रांजिट कैंप में स्थापित रिसेप्शन में चारधाम यात्रा प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को चार धाम के साथ ही अन्य स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने ट्रांजिट परिसर में स्थापित खोया-पाया केंद्र को संपूर्ण यात्रा मार्गाे से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ट्रांज़िट कैंप परिसर में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए अलग से स्थान हो। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप परिसर का चार धाम से संबंधित सभी जिलों में परस्पर समन्वय हो।

मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप के कार्यरत कर्मचारियों से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा सभी कर्मचारियों के ऊपर चार धाम यात्रा की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निश्चित ही सभी लोग बखूबी निभाएंगे। उन्होंने कहा हमने अपने व्यवहार से सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करना है ताकि वो यात्रा से अच्छा अनुभव लेकर जाएं।

आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे ने बताया कि चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 काउन्टर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त रिर्जव टीम की तैनाती भी की गई है। यात्रा चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही पुलिस सहायता केन्द्र में पुलिस द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किया गया है।

आयुक्त गढ़वाल ने बताया कि यात्रा ट्रांजिट कैंप में मीडिया सेंटर की व्यवस्था की गई है। केन्द्र में यात्री मित्र तैनात किये जायेगें, जो यात्रियों को विभिन्न सुविधाओं / जानकारियां प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि विभिन्न एन.जी.ओ एवं संगठनों द्वारा यात्रियों को निशुल्क भोजन, जलपान एवं खाद्य सामग्री की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी एवं कैंटीन की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करवाई गई है साथ ही जल संस्थान द्वारा टैंकर उपलब्ध कराये जायेगे। उन्होंने बताया इसके अतिरिक्त 4 डोरमेट्री सुविधा मय 80 बेड भी उपलब्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक डा. प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक रेणु बिष्ट, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने हेमवती नंदन बहुगुणा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर स्मरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती के अवसर पर घंटाघर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा ने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान स्थापित किये। उनका जीवन बहुत संघर्षमय था, लेकिन वे हिमालय की तरह अडिग थे। उनका पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास का एक स्पष्ट विज़न और चिंतन था। उन्हें अपनी संस्कृति और सभ्यता से गहरा लगाव था। विलक्षण प्रतिभा और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर उन्होंने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट पहचान बनाई।

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल ने भी हेमवती नंदन बहुगुणा की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

उत्तराखंड में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान तेज, वापस भेजने कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहलगाम (जम्मू कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सी.सी.एस. की बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में प्रदेश में पाकिस्तानी नागरिकों के पहचान की कार्रवाई तेज कर दी गई है तथा पुलिस महानिदेशक को पाकिस्तानी नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें वापस भेजने की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में पाकिस्तानी राष्ट्रिकों को जारी वीजा के संबंध में मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती द्वारा पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना व सुरक्षा के साथ आयुक्त तथा पुलिस महानिरिक्षक गढ़वाल एवं कुमाऊं को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया है, कि विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम (जम्मू कश्मीर) में हुई आतंकवादी घटना के दृष्टिगत पाकिस्तानी नागरिकों के लिए जारी वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने इस संबंध में विदेश मंत्रालय के संदर्भित पत्र की अपेक्षा के क्रम में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

अपर सचिव गृह द्वारा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के वर्णित पत्र की छायाप्रति संलग्न करते हुए अवगत कराया है कि भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी राष्ट्रिकों को निर्गत वर्तमान में सभी वैध वीजाओं को दिनांक 27.04.2025 से निरस्त (त्मअवामक) किये जाने संबंधी सूचना से भी अवगत कराया गया है। अब पाकिस्तानी राष्ट्रिकों को निर्गत किये गये मेडिकल वीजा केवल दिनांक 29.04.2025 तक ही वैध होंगे। उक्त के अतिरिक्त संदर्भित पत्र के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया है, कि उपरोक्तानुसार वीजा का निरसन दीर्घकालिक वीजा तथा राजनयिक एवं आधिकारिक वीजा धारकों के संबंध में लागू नहीं होगा। उन्होंने इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही कराते हुए वस्तुस्थिति से शासन को भी अवगत कराये जाने की अपेक्षा की है।

देहरादून में जयडे हैकेट ने की मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात

एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध संस्था ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के मुख्य परिचालन अधिकारी COO जयडे हैकेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश में विश्व स्तरीय बंजी जंपिंग प्रोजेक्ट्स को स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर गहन चर्चा की गई।

जयडे हैकेट, जो स्वयं 12 वर्षों से एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े हुए हैं, और सिंगापुर स्थित स्काईपार्क सेंटोसा के संचालन व प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, वर्तमान में ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के COO के रूप में कार्यरत हैं। वे अब उत्तराखंड में कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों मंडलों में संभावित स्थानों पर बंजी जंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों की स्थापना की योजना पर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
उत्तराखंड में इन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से न केवल पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि राज्य को एडवेंचर टूरिज्म का अंतरराष्ट्रीय हब बनाने में भी मदद मिलेगी।

जयडे हैकेट, विश्व प्रसिद्ध एडवेंचर स्पोट्र्स आइकन एलेन जॉन ए.जे. हैकेट के पुत्र हैं। ए.जे. हैकेट ने 1987 में एफिल टावर से बंजी जंप कर पूरी दुनिया को रोमांचित कर दिया था और 1988 में विश्व का पहला वाणिज्यिक बंजी जंपिंग साइट शुरू किया। उनके इस योगदान के लिए उन्हें न्यूज़ीलैंड ऑर्डर ऑफ मेरिट (ONZM) से सम्मानित किया गया।

राज्य सरकार प्रदेश के अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का कर रही कार्यः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान सभा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा हम सबने मिलकर बाबा साहब के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए जाति, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव को मिटाकर एक समरस, संगठित और सशक्त भारत का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर बाबा साहेब के समान अधिकार की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में आयोजित सम्मान अभियान बाबा साहब के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करने , उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बना है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों और संवाद-गोष्ठियों का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर आधारित है। बाबा साहेब द्वारा समाज के वंचित, शोषित और उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए किया गया संघर्ष हमेशा अमर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का सर्वाेच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना अंत्योदय के स्वप्न को साकार करता है। प्रधानमंत्री ने बाबा साहब की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया, 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में राष्ट्रीय पर्व घोषित, बाबा साहब की पुण्य स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सच्चे मन से दलितों और वंचितों के उत्थान के लिए कार्य किया है। उनके कल्याण के लिए आम बजट में विशेष वृद्धि एवं आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जा रहे हैं। दलित उत्पीड़न को रोकने के लिए कानून को और अधिक सख्त बनाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं में गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने कार्य कर रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के साथ उनके लिए प्रदेश में निःशुल्क 15 छात्रावासों, 5 आवासीय विद्यालयों और 3 आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित वर्ग के आवासहीन परिवारों को घर बनाने हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान कर रही है। राज्य सरकार ने हरिद्वार में बाबा साहब समरसता स्थल का निर्माण कराये जाने की घोषणा की है।

इस अवसर पर पहलगाम में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना को राष्ट्रीय एकता पर हमला बताते हुए कहा कि इस घिनौनी वारदात ने हम सभी को एक साथ आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा जब तक हम सभी एक नहीं होंगे, तब तक ऐसी ताकतें हमें निशाना बनाती रहेंगी।

इस दौरान भाजपा सहप्रभारी (उत्तराखंड) रेखा वर्मा, विधायक डा. प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभु पासवान, विधायक ब्रजभूषण गैरोला, सुरेंद्र, प्रदीप एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सिंधु जल संधि पर रोक पाकिस्तान को करारा जवाबः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल एवं निर्णायक नेतृत्व में हुई सीसीएस बैठक में आतंकवाद के खिलाफ लिए गए ऐतिहासिक और कठोर निर्णय पर अब कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है। इसी क्रम में भारत सरकार ने सिंधु जल संधि पर रोक लगाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उठाए गए ये साहसिक कदम न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति पर मुहर लगाते हैं, बल्कि इससे दुश्मनों को भी यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत हर एक आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब देने का तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सिंधु जल संधि पर रोक लगाकर साफ कर दिया है कि अब खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। इस निर्णायक फैसले से आतंक को पनाह और बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के मंसूबे चकनाचूर होंगे। इसी तरह अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद करने सहित अन्य फैसलों से भी पाकिस्तान को कड़ा संदेश गया है।

संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों का होगा प्रत्येक वर्ष सम्मानः सीएम

संस्कृत भाषा के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं। यज्ञ, कर्मकांड, वेद में सर्टिफिकेट कोर्स की व्यवस्था की जाए। संस्कृत का अध्ययन कर रहे बच्चों को 16 संस्कार के बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। पहले चरण में 100 बच्चों को और उसके बाद हर साल एक लक्ष्य निर्धारित कर युवाओं को 16 संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जाए। संस्कृत के क्षेत्र में शिक्षण, लेखन एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को प्रत्येक वर्ष सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड योग, आयुष, ऋषि-मुनियों और संस्कृत की भूमि रही है। राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को राज्य में तेजी से बढ़ावा देने के लिए स्कूल और कॉलेज में संस्कृत में वाद-विवाद, निबंध लेखन, श्लोक प्रतियोगिताएं कराई जाए। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए जनपदों में नोडल अधिकारी बनाये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए की कि सभी कार्यालयों में नाम पट्टिका संस्कृत भाषा में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए जिन राज्यों में अच्छा कार्य हुआ है, उन राज्यों की बैस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर, राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कार्य किये जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार संस्कृत को जोड़ने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं।

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अभी राज्य के प्रत्येक जनपद के एक गांव में कुल 13 गांवों को संस्कृत ग्राम बनाया जा रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक स्तर तक विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत के छात्रों को छात्रवृत्ति योजना और पुजारियों को प्रोत्साहन योजना जैसी व्यवस्था बनाये जाने का सुझाव दिया। बैठक में समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत के प्रश्न जोड़े जाने चाहिए। संस्कृत में शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए बैठक में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्कृत को आम बोलचाल की भाषा बनाने के लिए 01 लाख लोगों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सरल संस्कृत सम्भाषण प्रशिक्षण दिया जायेगा। संस्कृत वेदों के अध्ययन की सुविधा के लिए वेद अध्ययन केन्द्र बनाये जायेंगे। संस्कृत के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्यालयों को पुरस्कृत किया जायेगा। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समसामयिक विषयों पर लघु फिल्म बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। संस्कृत के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए देश -विदेश के विश्वविद्यालयों, संस्कृत अकादमी, संस्कृत संस्थानों द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों, गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए राज्य में सम्मेलन किया जायेगा।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे कार्यों और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बैठक के दौरान दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव वी.षणमुगम, कुलपति उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव ललित मोहन रयाल एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

कशीपुर में सादगीपूर्ण 1127.52 लाख की धनराशि से कई योजनाओं का लोकार्पण करने पहुंचे सीएम

काशीपुर में आयोजित एक सादगीपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परिवहन विभाग द्वारा आयोजित नवनिर्मित सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित लोगों के साथ दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री धामी ने कश्मीर में हुए आतंकवाद के कायराने हमले की निंदा की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा निहत्थे हिंदू पर्यटकों पर किए गए कायराना हमले में जान गँवाने वाले सभी लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था उत्तराखण्ड कृषि विपणन बोर्ड द्वारा 817.68 लाख की लागत से बनाये गए सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय काशीपुर के नवनिर्मित भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, कार्यदायी संस्था निर्माण इकाई, उत्तराखण्ड पेयजल निगम ऋषिकेश द्वारा 233.86 लाख की लागत से बनाये गए सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय ऋषिकेश के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं 75.98 लाख की लागत से बने सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय हरिद्वार के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 1013.95 लाख की धनराशि से जयतपुर-धनौरी मार्ग के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जिलाधिकारी से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, काशीपुर के नवनिर्मित कार्यालय भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण होने पर परिवहन विभाग के सभी कर्मचारीगणों एवं आप सभी क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े 4 करोड़ रूपए की लागत से बने इस भवन का लोकार्पण होने से जहां एक ओर परिवहन विभाग से जुड़े कार्यों को तेज गति से पूरा किया जा सकेगा, वहीं आम जनमानस को पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सक्षम सेवाएँ भी मिलेंगी। साथ ही 7 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार एवं ऋषिकेश में बनाए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का शुभारंभ होने से न केवल ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट में पारदर्शिता आएगी बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री धामी ने सी.एस.आर. के माध्यम से काशीपुर के वार्डों हेतु वाटर कूलर और निःशुल्क एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ भी किया। इसके लिए सीएम धामी ने सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इन दोनों सेवाओं को धरातल पर उतारने वाले सभी संबंधित महानुभावों को साधुवाद देता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देशभर में जहां एक ओर रोड कनेक्टिविटी को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को आधा करने के लक्ष्य पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड में न केवल शहर से लेकर गांवों तक सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा में सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। आज, चालकों की ड्राइविंग स्किल्स को बढ़ाने तथा लापरवाही को कम करने के लिए जहां एक ओर कुमाऊं में आई.डी.टी.आर. का निर्माण किया जा रहा है वहीं, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित बनाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक्स की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही देहरादून में राज्य सरकार, आई.डी.टी.आर. और माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी के संयुक्त तत्वाधान में मोबाइल आधारित सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षा मानवीय हस्तक्षेप के बिना ली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को राज्य के अन्य जनपदों में भी लागू करने के लक्ष्य के साथ प्रदेश में 11 स्थानों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान कराने के लिये देहरादून की भाँति हल्द्वानी में भी एक वृहद चालक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि वाहनों की फिटनेस जारी करने के कार्य में तेजी लाने हेतु राज्य में 7 स्थानों पर निजी क्षेत्र में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्वीकृति भी प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि आज, काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में बने ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण किया गया, जहां पर केवल दक्ष और कुशल चालकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सभी पदाधिकारियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने सी.एस.आर. इनिशिएटिव के अंतर्गत इन ट्रैक्स का निर्माण करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है, परंतु सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में हमें आम जनमानस के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि जनता जागरूक और जिम्मेदार हो, तो हम किसी भी चुनौती से निपट सकते हैं। आज सोशल मीडिया से प्रभावित होकर विशेषकर युवाओं में हाई स्पीड से गाड़ी चलाने और रैश ड्राइविंग करने का कल्चर बढ़ता जा रहा है। बहुत सारे युवा जोश जोश में होश खो बैठते हैं, जिससे न केवल उनकी जान को खतरा बढ़ता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे राहगीरों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में, यदि माता-पिता अपने बच्चों को समय-समय पर सेफ ड्राइविंग के लिए प्रोत्साहित करते रहेंगे तो निश्चित ही एक सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में वर्ष 2024 में ही 1090 लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा दी और इन सभी दुर्घटनाओं में से लगभग 70 प्रतिशत दुर्घटनाएँ तेज गति या लापरवाही के कारण घटित हुई हैं। इन दुर्घटनाओं में अपने बच्चों को खो देने के बाद उनके माता-पिता के पास जीवनभर अफसोस करने के अवाला कुछ नहीं बचता। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि न केवल आप स्वयं ट्रैफिक नियमों का पालन करें, बल्कि अपने बच्चों व छोटे भाई-बहनों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित करें। सीएम धामी ने आज हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार काशीपुर के सर्वांगीण विकास हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर, लगभग 1950 करोड़ रूपए की फंडिंग से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को तेज गति के साथ पूरा किया जा रहा है। वहीं, इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 1100 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक हब परियोजना एवं 100 करोड़ की लागत से अरोमा पार्क परियोजना भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, शहर में बहुमंजिला पार्किंग एवं नवीन तहसील कार्यालय के निर्माण के माध्मय से काशीपुर में विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन सभी विकास कार्यों के साथ ही, हमारी सरकार काशीपुर के चौती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर का हिस्सा बना कर काशीपुर को एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सोच है कि हमारा काशीपुर भी काशी जैसी धर्म और आस्था की नगरी बने। ये उत्तराखंड का प्रवेश द्वार है, यहां से गुजरने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को देवभूमि में प्रवेश करने की अनुभूति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी देवतुल्य जनता का साथ एवं आशीर्वाद हमें आगे भी इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा और हम सभी मिलकर काशीपुर को एक समृद्ध, स्वच्छ और विकसित नगर बनाने के हमारे विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण, रेशम विभाग ग्रामीण विकास उद्यान एवं कृषि प्रसंस्करण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा की युवाओं के सुनहरे भविष्य बनाने वाले नकल विरोधी कानून बनाने एवं युवाओं को नौकरियां देने का कार्य मुख्यमंत्री ने किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सांसद अजय भट्ट ने कश्मीर में हुई घटना पर शोक व्यक्त करते हुए खेद प्रकट किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा की आज मुख्यमंत्री धामी के नेर्तत्व में उत्तराखण्ड विकास में नित नए आयाम गढ़ रहा है। हर क्षेत्र में पहले पायदान पर अपना नाम स्थापित कर रहा है उत्तराखण्ड इसके इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने लोकार्पण के कार्यक्रम की बधाई देते हुए कहा की यह परिवहन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा यह टेस्ट ट्रैक। इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।

अपर सचिव परिवहन रीना जोशी ने परिवहन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने साईं पब्लिक स्कूल कुंडेश्वरी जाकर स्व0 कैलाश गहतोड़ी के पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली विकास शर्मा, राज्यमंत्री अनिल कपूर डब्बू, मुकेश कुमार, शायरा बानो, मंजीत सिंह, पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल, जिलाध्यक्ष मनोज पाल पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, प्रशासक जिला पंचायत रेनू गंगवार, पूर्व मेयर ऊषा चौधरी, पूर्व सांसद बलराज पासी, खिलेन्द्र चौधरी, इंतजार हुसैन, मुक्ता सिंह, राजेश कुमार, दीप कोश्यारी, डॉ जेड ए वारसी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, वीसी जय किशन, एमडी मंडी आर डी पालीवाल, एडीएम पंकज उपाध्याय, जीएम डीआईसी विपिन कुमार, एसपी निहारिका तोमर, अभय कुमार, एआरटीओ विमल पाण्डे, पूजा नयाल, डीएफओ प्रकाश आर्या सहित अनेक जनप्रतिनिधि अधिकारी व जनता मौजूद थी।