मुनिकीरेती नगर पालिका 100 फीट ऊंचे झंडे को फहराने जा रही

युवाओं में देश प्रेम की अलख जगाने के लिए नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सुमन पार्क में 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ लगाने जा रही है। इस स्थान को पर्यटन स्थल का रूप देने के लिए सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय पशु, पुष्प, पक्षी, खेल तथा करेंसी की विशालकाय मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। अपनी तरह का यह अनूठा पर्यटन स्थल न सिर्फ राष्ट्र प्रेम बल्कि बच्चों में देश से जुड़ी अहम जानकारियों से रूबरू कराएगा।

पालिका की ओर से इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि यह सेल्फी प्वाइंट फरवरी तक तैयार हो जाएगा। बताया कि इस सेल्फी प्वाइंट का आइडिया दिल्ली के कनाट प्लेस से मिला। वहां 100 फीट ऊचे तिरंगे को देख सभी लोग अभिवादन कर रहे थे। इस दृश्य से लोगों के अंदर स्वतरू ही राष्ट्रप्रेम व्यक्त हो रहा था। बताया कि इसी को देखते हुए एक प्रस्ताव तैयार कर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा गया। प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। पालिकाध्यक्ष के मुताबिक तिरंगा की छांव में विकसित होने वाले सेल्फी प्वाइंट को विकसित करने में करीब 14 लाख रुपये खर्च होंगे।

ये होगी सेल्फी प्वाइंट की खासियत
ढालवाला के सुमन विहार में लगने वाला 100 फीट ऊंचा झंडा राजस्थान में तैयार किया जा रहा है। इसे पैराशूट के कपड़े से तैयार किया जा रहा है। यह कपड़ा तुलनात्मक रूप से काफी हल्का, मजबूत और पक्के रंग का होता है। इस कारण यह ऊंचाई पर लहराता रहता है। झंडे को प्रत्येक छह माह में बदला जाएगा। इस ध्वज की लंबाई 30 मीटर तथा चौड़ाई 20 मीटर होगी। इस ध्वज को रात्रिकाल में आकर्षक बनाने के लिए चार बड़ी वॉर्म लाइटें लगाई जाएंगी, जो 400 वॉट की होंगी।

लखनऊ में बनाई जा रहीं मूर्तियां
झंडे के चारों तरफ राष्ट्रीय प्रतीकों को जगह दी जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय पहचान मोर, टाइगर, कमल, हॉकी, करेंसी की प्रतिमा लखनऊ में बनाई जा रही हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों को झंडे के चारों ओर लगाया जाएगा।

चोरी के वाहन के साथ शातिर हिस्ट्रशीटर गिरफ्तार

रायवाला थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने बताया कि बीती छह जनवरी को सत्यपाल सिंह पुत्र दिगंबर सिंह निवासी छिद्दरवाला ने थाना आकर वाहन चोरी के संबंध में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके आधार पर उक्त वाहन रुड़की होता हुआ छुटमलपुर की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम सहारनपुर पहुंची और छुटमलपुर से चोरी हुआ वाहन और अवैध असलाह के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान रहीश पुत्र असदम कुरैशी निवासी ग्राम गन्देवड़ा थाना फतेहपुर जिला सहारनपुर यूपी के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में पुुलिस को बताया कि वह अपने पिता के साथ देहरादून में कारगी चौक के पास प्याज की पौध बेचता था। दोस्तों के कहने पर उसने छिद्दरवाला गांव से वाहन चोरी किया था।

ऋषिकेश के गुमानीवाला में चल रहा था सैक्स रैकेट, छह गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ऋषिकेश में एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून और कोतवाली ऋषिकेश ने संयुक्त रूप से मुखबिर की सूचना पर तीन महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून के प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि गुमानीवाला गली नंबर छह चीनी गोदाम रोड में देह व्यापार की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस के साथ गुमानीवाला में अभियान चलाया गया। इस दौरान एक कार आती दिखाई दी। कार को रोकने का प्रयास किया मगर कार चालक ने कार दौड़ा दी। इसके बाद टीम ने कार के आगे अपना वाहन लगाकर उसे रोक लिया और कार सवार गिरोह के सरगना का गिरफ्तार कर लिया। सरगना से स्वीकार किया कि वह सैक्स रैकेट चलाता है।

एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल के प्रभारी ने आरोपियों की पहचान तीन महिलाओं सहित 27 वर्षीय नारायण पाल पुत्र कलम सिंह निवासी हटनाली बनगांव तहसील चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी हाल किरायेदार लक्ष्य पुत्र मनीष निवासी गली नं0 06 चीनी गोदाम रोड़ गुमानीवाला ऋषिकेश, 26 वर्षीय गोविन्द पुत्र मंजीत निवासी गली नं0 19, चन्द्रभागा चन्द्रेश्वरनगर ऋषिकेश और 32 वर्षीय धर्मपाल पुत्र सोहन सिंह निवासी पोखरी भगवानपुर पोस्ट धारकोट देहरादून के रूप में कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 78 हजार रूपए नगद, छह मोबाइल फोन और यौन वर्धक सामग्री बरामद हुई है।

मानव बम से मिली दुर्गा मंदिर को उड़ाने की धमकी, डीआईजी ने कहा जो भी होगा कार्रवाई होगी

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्रांतर्गत श्री दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ा देने की धमकी मिली है। इस मामले में पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जन कल्याण समिति के नेतृत्व में मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं ने एसडीएम से मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

इस पर डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने शरारत करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की सुबह श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी भूपेंद्र बडोनी रोजाना की तरह मंदिर के कपाट खोलने पहुंचे।

कपाट खोलकर देखा तो वहां एक पत्र पड़ा हुआ मिला। पुजारी ने पत्र उठाकर देखा तो उसमें दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। तीन लाइन के पत्र के बीच आईएसआईएस लिखा हुआ है।

पुजारी ने तत्काल सूचना मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों और पार्षद विपिन पंत को दी। सूचना पाकर सभी मंदिर पहुंचे और पत्र पढ़ा। इसके बाद सभी उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रेमलाल को मामले में संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

पार्षद विपिन पंत ने कहा कि इस तरह से धमकी देने का मामला पूर्व में कभी नहीं हुआ है। डीआईजी अरूण मोहन जोशी ने कहा कि पत्र डालने के पीछे किसकी शरारत है। पुलिस को ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इस घटना में जो भी संदिग्ध व्यक्ति मिलेंगे, उनका हस्तलेख मिलान किया जायेगा।

ऋषिकेश में पुलिस गश्त की खुली पोल, चोरों ने एक ही रात में तीन घर खंगाले

ऋषिकेश में एक ही रात में एक के बाद एक कर तीन घरों में चोरों में घुसपैठ कर न सिर्फ घर खंगाल डाला, बल्कि दो घरों से करीब साढ़े सात लाख रूपए की ज्वैलरी तथा डेढ़ लाख रूपए की नगदी उड़ा ले गए, जबकि तीसरे घर में कुछ न मिलने पर बैरंग लौट गए। घटना के वक्त तीनों घर पर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। इस तरह एक ही रात में तीन जगह चोरी होने पर लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ हैं।

घटना 28 दिसंबर शनिवार की रात की है। गुमानीवाला की गली नंबर 10 में रहने वाले दिल्ली परिवहन निगम में महाप्रबंधक नेतराम गौतम परिवार सहित शहर से बाहर गए हुए थे। रविवार सुबह करीब नौ बजे बड़ी मंडी के समीप रहने वाले उनके बड़े भाई रमेश चंद वहां पहुंचे तो देखा घर का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखा तो तमाम सामान बिखरा हुआ था। उन्होंने तुरंत नेतराम को फोन पर सूचना दी। दोपहर में नेतराम घर पहुंचे। नेतराम के अनुसार चोर घर में रखे छह लाख की कीमत के जेवर और 1.40 लाख की नगदी ले गए हैं। उन्होंने श्यामपुर चौकी में तहरीर दी है।
दूसरी घटना नेतराम के घर के ठीक सामने सेना से रिटायर्ड राजेश खंडूरी पुत्र स्व. ज्योति प्रसाद के यहां अंजाम दी। शनिवार को राजेश परिवार के साथ हरिद्वार गए हुए थे। घर बंद था। रविवार को पड़ोस के लोगों ने सूचना दी तो वह यहां पहुंचे। अंदर सारा समान बिखरा हुआ था। राजेश ने बताया कि चोर करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवर और 20 हजार की नगदी ले गए हैं। राजेश ने भी श्यामपुर चौकी में तहरीर दी है।

तीसरी घटना भी गुमानीवाला की गली नंबर 10 में ही बुटिक संचालिका किराए पर रहने वाली कविता नेगी के घर में हुई। शनिवार को मायका नजदीक होने के कारण कविता माता-पिता के यहां गई हुई थी। उनकी मकान मालिक ने सुबह उन्हें फोन पर कमरे का ताला टूटा होने की सूचना दी। कविता अपने कमरे में पहुंचीं तो अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। हालांकि कविता का कहना है कि उनके घर से कोई सामान नहीं गया है, लेकिन कमरे में ताले तोड़कर चोर घुसने से अब बहुत डर लग रहा है।

वहीं, सूचना पाकर श्यामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मामला संज्ञान में है। तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
– वीरेंद्र सिंह रावत, सीओ, ऋषिकेश

कोर्ट के आदेश के बाद निजी संपत्ति से वन विभाग ने छोड़ा कब्जा

ऋषिकेश के नटराज चौक के समीप करीब 150 गज भूमि पर मालिकाना हक के मामले में कोर्ट के फैसले के बाद वन विभाग ने लोनिवि और स्थानीय प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से पैमाइश की। पैमाइश के बाद वन विभाग ने कब्जा की हुई जमीन को मुक्त कर दिया है।

दरअसल, नटराज चौक पर करीब 150 गज भूमि पर मालिकाना हक को लेकर प्रेम चंद्र सिंघल पुत्र रामदास सिंघल निवासी 27 बंगाली मंदिर रोड ऋषिकेश ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया था। दायर वाद में उन्होंने उक्त भूमि पर अपना हक जताया था। उन्होंने वाद में यह भी कहा था कि उक्त भूमि पर वन विभाग ने कब्जा किया हुआ है। मामले में कोर्ट ने चार नवंबर को पीसी सिंघल के पक्ष में फैसला सुनाया। आदेश में कोर्ट ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के साथ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से सड़क के सेंटर से 50 मीटर की नपाई करे। कोर्ट ने कहा कि 50 मीटर तक लोक निर्माण विभाग की संपत्ति है, इसके बाद पीसी सिंघल की 150 गज की संपत्ति है।

इस पर वन विभाग के एसडीओ नरेन्द्र नगर डीपी बलोनी, रेंजर स्पर्श काला, वन दरोगा कमल सिंह, अखिलेश संजय, तहसीलदार रेखा आर्य, नायब तहसीलदार करण सिंह, पटवारी सतीश जोशी, लोनिवि जेई यूके गोयल, विनोद भारती, अमीन सरदार सिंह जेठुरी ने उक्त भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीओ नरेन्द्रनगर डीपी बलोनी ने बताया कि सड़क के सेंटर से नपाई पर उक्त संपत्ति को कब्जा मुक्त किया गया। इसकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री से मिलेगे मीट व्यवसाई, रखेंगे अपनी बात

मीट व्यापारियों को नगर निगम की ओर से 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम मिला है। नगर आयुक्त ने साफ कहा कि बिना लाइसेंस के निगम में मीट व्यवसाय नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, 31 दिसंबर से पूर्व जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में मीट व्यापारियों का दल मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखेगा।

बृहस्पतिवार को मुख्य नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल के पार्षद कक्ष में पार्षदों के नेतृत्व में मीट व्यापारियों का एक दल मिला। पार्षद मनीष शर्मा ने कहा कि मीट व्यापारियों को हटाने से पहले इन्हें व्यवसाय की व्यवस्था की जाए। इससे इनके परिवार का भरण पोषण सुचारू रूप से चल सके। इस पर एमएनए नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल ने मीट व्यापारियों को 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में बिना लाइसेंस मीट का व्यवसाय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने 31 दिसंबर तक अपनी व्यवस्था अन्य जगह करने का समय दिया है।

वहीं, पार्षद मनीष मिश्रा ने कहा कि वह मीट व्यापारियों के साथ 31 दिसंबर से पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम ने निकाय चुनाव के वक्त निगम में शामिल नए ग्रामीणों क्षेत्रों को टैक्स से मुक्त किए जाने का वायदा किया था, तो मीट व्यापारियों को भी राहत दी जाए। नगर आयुक्त से मुलाकात करने वालों में पार्षद जगत सिंह नेगी, राजेन्द्र बिष्ट, देवेन्द्र प्रजापति, विजेन्द्र मोगा, भगवान सिंह, मीट व्यापारी चांदवीर, यासीन कुरैशी, सुरेन्द्र, बाबू खान, नदीम, जीशान, याशीन, नोबीन, जीशान, फईम, भूरा, हरि, राजेश उनियाल, सौराज बिष्ट, रामपाल, आशू, मोहनलाल, प्रदीप कुमार आदि शामिल रहे।

बाल आयोग ने आरटीई में फर्जी दस्तावेजों पर एडमिशन पाने वाले उठाया यह कदम, जानिए

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का दुरुपयोग कर तीर्थनगरी के स्कूलों में दाखिले लेने वालों को अब स्कूूल की पूरी फीस वापस करनी होगी। यह आदेश उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बुधवार को आयोग में हुई सुनवाई के बाद जारी किया है।
बता दें, ऋषिकेश में आईटीई के तहत कुल 45 बच्चे विभिन्न स्कूलों में शिक्षा ले रहे हैं। तीर्थनगरी की एक युवती ने तहसील प्रशासन पर आईटीई के तहत गलत आय प्रमाणपत्र बनाने का आरोप लगाया था तथा इसकी शिकायत बाल आयोग से की थी। बाल आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और पटवारी की फटकार लगाई थी। साथ ही इस पर सभी विद्यालयों में आरटीई के तहत शिक्षा लेने वालों की सूची तैयार कर उनके भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। आयोग में बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई। इसमें तहसीलदार रेखा आर्य ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता युवती ने आपत्ति जाहिर की। इसके बाद आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का गलत तरीके से उपयोग कर शिक्षा लेने वाले बच्चों को स्कूलों की पूरी फीस वापस करनी होगी। इसके अलावा जो निर्धन वर्ग के बच्चे हैं, उन्हें नए सत्र से आवेदन कराने तथा ऐसे बच्चे जो इस अधिनियम का लाभ नहीं उठा सके हैं, उन्हें स्पांसरशिप योजना के तहत दो हजार रुपये मासिक दिए जाने के लिए आवेदन करना होगा।

योगनगरी ऋषिकेश स्टेशन से उत्तराखंड की विश्व में बनेगी विशिष्ट पहचान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण से पर्वतीय क्षेत्रों के विकास एवं चार धाम यात्रा को नये आयाम प्राप्त होंगे। इस रेल लाइन की शुरूआत में ऋषिकेश में बनने वाला सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन देश व दुनिया में उत्तराखण्ड की विशिष्ट पहचान बनाने के साथ ही राज्य को देश के विभिन्न भागों तक रेल सुविधायें उपलब्ध कराने में भी मददगार होगा। उन्होंने इस योजना की कार्य प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों से निर्माण कार्यों में और तेजी लाने के साथ ही रेलवे स्टेशनों के निर्माण में उत्तराखण्ड के शिल्प, संस्कृति एवं धार्मिक धरोहरों के स्वरूप को प्रदर्शित करने की भी अपेक्षा की।

मंगलवार को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण कार्यों का विभिन्न स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण करने के पश्चात योग नगरी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में योजना से जुड़े अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के लिये विशिष्ट महत्व की यह परियोजना निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्ता एवं समय बद्धता के साथ पूर्ण हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य को न केवल विशिष्ट पहचान देने वाली होगी बल्कि चार धाम यात्रा को और अधिक सुगम बनायेगी। यह योजना संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र की लाइफ लाइन बनने के साथ ही इन क्षेत्रों से पलायन रोकने, रोजगार को बढ़ावा देने तथा उद्योगों की स्थापना में भी मददगार होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस रेल लाइन से पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित हो सकेगी। निजी क्षेत्र के सहयोग से अच्छे स्कूल व अस्पतालों की भी यहां उपलब्धता हो सकेगी। यह योजना धार्मिक पर्यटन के साथ ही पर्यटन के अन्य स्वरूपों को भी बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।

रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि परियोजना के तहत 16 टनल के कार्य को 9 पैकेज में बांटा गया है। इन सभी पैकेज के लिए डीडी एंड पीएमसी कॉन्ट्रेक्ट अवार्ड किये जा चुके हैं। इनके डिजाइन का कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार लछमोली व श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर आर.ओ.बी. का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। श्रीनगर, गौचर व सिवाइ में रोड ब्रिज का कार्य हाल ही में प्रारम्भ किया गया है। वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम 2019-20, न्यू ऋषिकेश-देवप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2023-24 और देवप्रयाग-कर्णप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024-25 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने किया परमार्थ निकेतन का निरीक्षण, हुआ चौकाने वाला खुलासा

51 वर्षों से बिना लीज अनुबंध के परमार्थ निकेतन चल रहा है। इसका खुलासा शनिवार को हुई पैमाइश के बाद हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी पौड़ी धीरज गर्ब्याल ने प्रशासन की एक टीम को पैमाइश करने के लिए परमार्थ निकेतन भेजा। इस दौरान राजस्व, सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों ने परमार्थ निकेतन स्थित गंगा घाट की पैमाइश की। इस दौरान सामने 51 वर्ष पहले ही परमार्थ निकेतन की वन विभाग से हुई लीज डीड की अवधि समाप्ति वाली बात निकलकर आई।

हाईकोर्ट ने पौड़ी डीएम को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में 16 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक याचिका के बाद दिया है। याचिका में यह आरोप है कि परमार्थ निकेतन ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया है। पैमाइश के दौरान खुलासा हुआ कि वन विभाग ने परमार्थ निकेतन को 2.3912 एकड़ भूमि लीज पर दी थी। लीज की अवधि वर्ष 1968 में ही समाप्त हो चुकी है। इस तथ्य की पुष्टि राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने की है। उन्होंने बताया कि परमार्थ निकेतन का वन विभाग के साथ केवल 15 वर्षों का अनुबंध हुआ था, लेकिन लीज अनुबंध खत्म होने के बाद अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पैमाइश करने वाली टीम में एसडीएम श्याम सिंह राणा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुबोध मैठाणी, रेंज अधिकारी धीर सिंह, पटवारी कपिल बमराड़ा शामिल थे।

परमार्थ निकेतन का भूमि संबंधी विवाद वीरपुर खुर्द में भी जोर पकड़ रहा है। दरअसल यहां परमार्थ की ओर से संचालित गुरुकुल भी वन विभाग की भूमि पर संचालित है। आरोप है कि निकेतन ने यहां 27 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस संदर्भ में पशुपालन विभाग ने भी कोर्ट में काउंटर दाखिल कर स्पष्ट किया है कि उक्त भूमि वन विभाग की है। इस मामले में डीएफओ देहरादून राजीव धीमान का कहना है कि परमार्थ निकेतन की ओर से वीरपुर खुर्द में संचालित गुरुकुल का लीज अनुबंध 1978 में समाप्त हो चुका है। फिलहाल यहां हुए अवैध कब्जे को खाली करवाने के मामले में अफसर अभी चुप्पी साधे हुए हैं। परमार्थ निकेतन के प्रभाव को देखते हुए अफसरों में भी कार्रवाई को लेकर संशय बना हुआ है।

उधर, टाईगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रों ने अनुसार केवल 15 वर्षों के लिए परमार्थ को लीज पर भूमि दी गई थी। वर्ष 1968 में परमार्थ निकेतन के साथ वन विभाग का लीज अनुबंध समाप्त हो गया था। वर्ष 2003 तक परमार्थ निकेतन टाईगर रिजर्व को कर शुल्क जमा करता रहा। लीज के नवीनीकरण के लिए आश्रम की ओर से कई बार कहा गया। वर्ष 1980 में वन अधिनियम के तहत लीज पर देने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। इस कारण लीज के नवीनीकरण का मामला रुक गया।