राजकीय अस्पताल ऋषिकेश में एमआर के साथ दिखने पर चिकित्साधिकारी पर दर्ज होगा मुकदमा

एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में अब दवा प्रतिनिधि (एमआर) प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया है। इन दवा प्रतिनिधियों के साथ यदि कोई डॉक्टर दिखाई देता है, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ आपदा एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह आदेश मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एनएस तोमर अस्पताल में महिला एमआर के कोरोना पॉजीटिव आने के बाद दिए हैं।

मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएसएस) डा. एनएस तोमर ने अस्पताल में तैनात सभी डॉक्टर्स को पत्र भेजा है। आदेश दिया है कि कोविड-19 का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसके लिए सभी को अस्पताल में सामाजिक दूरी बनाने पर ध्यान देना होगा। साथ ही इससे संबंधित सभी गाइडलाइन का पालन भी करना है। उन्होंने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी दवा प्रतिनिधि (एमआर) को अपने कक्ष में प्रवेश न करने दें और न ही अपने साथ बैठने दें। यदि इस आदेश के बावजूद कोई भी चिकित्साधिकारी एमआर के संपर्क में दिखाई दिया तो चिकित्साधिकारी पर आपदा एक्ट में दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

इस मामला के बाद दिया आदेश

ऋषिकेश। भरत विहार की एक महिला दवा प्रतिनिधि (एमआर) और उसके पिता की कोविड रिपोर्ट एक साथ पिछले 17 जुलाई को पॉजीटिव आई थी। वह 16 जुलाई को एम्स अस्पताल में गले में खरांश और बुखार होने की शिकायत लेकर पहुंची थी। हैरान करने वाली बात यह है कि उक्त महिला एमआर राजकीय चिकित्सालय में 15 जुलाई तक लगातार आ रही थी।

संदिग्ध अवस्था में युवक की मौत, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

(एनएन सर्विस)
संदिग्ध अवस्था में कोतवाली ऋषिकेश के सामने एक युवक की लाश मिली है। पीड़ित पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए सीओ ऋषिकेश से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। वहीं सीओ ऋषिकेश ने पीड़ित पक्ष को मामले में सहयोग करने वह सत्यता की जांच का आश्वासन दिया है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात करीब एक बजे शांति नगर परशुराम चैक निवासी 17 वर्षीय सुधीर पुत्र रामकुमार घर से बिना बताये कहीं बाहर निकल गया। मृतक की बड़ी बहन सोनम ने बताया कि सुबह करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनका भाई कोतवाली के सामने मृत अवस्था में मिला है। यह सुनकर परिजन मौके पर पहंुचे। बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वही पीड़ित पक्ष ने हत्या की आशंका जताई और जांच की मांग को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मृतक का घर से निकलने से पूर्व एक व्यक्ति से झगड़ा हुआ था। उन्होंने मामले की कानूनी कार्रवाई की मांग की। वही पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मामले पर सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि घटना के आसपास के समय की सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रही है। घटनाक्रम के समय के अनुसार एक तेज रफ्तार से कार जाती हुई दिखाई दे रही है।

बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज, नम हुई आंखें

(एनएन सर्विस)
परिवार में बेटियां बेटों से कम नही है। वे घरेलू कामों से लेकर समाज के रीति रिवाजों में पुरानी परंपराओं को तोड़ रूढ़ीवादी प्रथाओं को नजर अंदाज कर अपने कर्तव्यों को निभाने आगे आने लगी हैं। मंगलवार को चंद्रेश्वर नगर मुक्ति धाम में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां एक बेटी ने अपनी मां के निधन पर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की।
मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे आवास विकास निवासी 80 वर्षीय छाया अरोड़ा लंबी बीमारी से जुझते हुए परलोक सिधार गईं। उनके दोनों पुत्रों का निधन पूर्व में ही हो चुका है। ऐसे में उनकी बेटी दीपा सहगल जो शादी के घ्बाद रूड़की रह रही थी। उन्होंने चंद्रेश्वर नगर मुक्तिधाम में हिंदू रीति रिवाज के साथ मां को मुखाग्नि दी। दिवंगत छाया अरोड़ा की पौत्री काजोल अरोड़ा ने बताया कि उनकी दादी को करीब 20 वर्षों से डायबिटीज की बीमारी थी। वर्तमान में वह हार्ट और किडनी की समस्या से भी जूझ रही थी। उनके एक पुत्र की मौत बीमारी के चलते तो दूसरे की सड़क दुर्घटना में हुई थी।

देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक और राधे बने महासचिव

लाॅकडाउन से एक ओर पूरा विश्व आर्थिक तंगी की ओर बढ़ रहा है। वहीं तीर्थनगरी में इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे है। अपने अधिकारों को लेकर ऋषिकेश के रेस्टोरेंट मालिक और संचालक एक मंच पर आ गये है। इन्होंने देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के नाम से अपनी यूनियन का गठन कर लिया है।
जिसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी विवेक तिवारी, तिवारी शुद्ध भोजनालय को दी गई है। यह शहर का प्रतिष्ठित और पुराना रेस्टोरेंट है। जिये शहरवासी तिवारी कैंटी के नाम से भी जानते है। वहीं महासचिव की जिम्मेदारी राधे साहनी, मद्रास होटल को दी गई है। यह शहर का साउथ इडियन रेस्टोरंट है जिसे नगर के ही नही विदेशी भी काफी पंसद करते है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी विपुल चुघ, स्नैक्स प्वाइंट को दी गई है।
यूनियन के गठन के बाद पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अन्य पदों पर भी जिम्मेदारी दी जायेगी। रेस्टोरेंट और होटल को इस समय काफी नुकसान हुआ है। लाॅकडाउन ने हमें सिखाया है कि हमें एकजुट होकर इससे जूझना है। हम सबकी समस्याऐं लगभग एक जैसी है। लाॅकडाउन के कारण हमने रेस्टोरेंट के संचालन में कुछ फेरबदल भी किये है। होम डिलीवरी को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, नगर के व्यापारियों ने रेस्टोरेंट मालिको और संचालकों की यूनियन बनने से खुशी जाहिर की है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद पैन्यूली का 92 साल की उम्र में निधन

टिहरी रियासत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सच्चिदानंद पैन्यूली पुत्र स्वर्गीय कृष्णानंद पैन्यूली का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपने ऋषिकेश स्थित निवास स्थान पर सुबह करीब 3 बजकर 40 मिनट पर अंतिम सांस ली।
रविवार को पूर्णानंद घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें मुखाग्नि उनके बेटे संपूर्णानंद पैन्यूली ने दी। बताते चले कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सच्चिदानंद पैन्यूली पिछले एक माह से बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। ठीक एक महीने पहले 12 मार्च को उनकी पत्नी मनोरमा देवी का देहांत हो गया था। वर्तमान में वे ऋषिकेश के गंगानगर हनुमंत पुरम लेन नंबर छह में निवास कर रहे थे।
उनका मूल निवास स्थान छोल गांव बड़कोट टिहरी गढ़वाल में है। उनकी अंत्येष्टि में जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं, सीओ ऋषिकेश वीरेंद्र सिंह रावत, सीओ नरेंद्र नगर प्रमोद शाह, मुनीकीरेती थाना अध्यक्ष रामकिशोर सकलानी शामिल रहे।

उनके जीवन पर एक नजर ….
– 29 मार्च 1929 को जन्मे डॉ. सच्चिदानंद पैन्यूली स्नातक की पढ़ाई के बाद टिहरी रिसायत में प्रथम बार 25 जुलाई 1946 को शहीद सुमन के शहीदी दिवस पर गिरफ्तार हुए।
– टिहरी जेल से बड़े भाई पूर्व सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिपूर्णानंद पैन्युली को फरार कराने के षड्यंत्र में गिरफ्तार किए गए। 13 दिसंबर 1946 को स्वयं भी फरार हो गए।
-अपने पैतृक गांव छोल बडकोट में अस्पताल के लिए ढाई एकड़ भूमि दान की। यहां अस्पताल बनने के बाद 13 जुलाई 1988 को तत्कालीन रक्षामंत्री केसी पंत ने उद्घाटन किया।
– सन 1951 में आचार्य विनोबा भावे से प्रेरित होकर भूदान यज्ञ में सक्रिय भूमिका निभाई।
– भारत छोड़ो आंदोलन के दिवस पर नौ अगस्त 2008 को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने डॉ. सच्चिदानंद पैन्यूली को सम्मानित किया गया।
– पत्रकारिता के लिए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी ने 25 फरवरी 2017 को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

महापौर ने खुद जांची व्यवस्थाएं, लोगों को जागरुक कर दिलाया भरोसा

कोरोना संकट काल में केन्द्र और राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार व्यवस्थाओं को बनवाने और उनका अनुपालन कराने के लिए ऋषिकेश नगर निगम प्रशासन कोई कसर नही छोड़ रहा है। आज निगम महापौर अनिता ममगाई ने स्वंय व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
महापौर के मीडिया समन्यवक अजय बिष्ट ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि श्री रामनवमी पर्व की पूजा के पश्चात लॉकडाउन के दौरान सड़क पर उतर कर महापौर ने वास्तु स्थिति का जायजा लिया। निगम अधिकारियों के साथ दोपहर महापौर ममगाई ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर निगम के भोजन व्यवस्थाओं की जांच की। अभियान पर निकली महापौर ने जहां हैल्पिंग हैंड संस्था के सहयोग से लोगों को लंच पैकेट बांटे। वहीं समाजसेवी राजेश भट्ट और कपिल कुमार के सहयोग से भी गुमानीवाला क्षेत्र में गरीब व असहाय लोगों में 600 भोजन के पेकेट वितरित किये। इस दौरान महापौर ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखा। साथ ही, उन्होंने लोगों को भी जागरूक किया। महापौर ने बताया कि गढवाल के मुख्य द्वार ऋषिकेश में प्रशासन के सहयोग से राशन व सब्जी की आपूर्ति सामान्य रखने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार तमाम व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
महापौर ने कहा कि ,प्रशासन के माध्यम से बस्तियों में चिन्हित कर निःशुल्क राशन दिया जा रहा है। उन्होंने हाथ जोड़ते हुए शहरवासियों से अपील की कि अफवाह फैलाकर आग से न खेलें और लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें, ताकि देवभूमि में कोरोना वायरस के खतरों को टाला जा सकेे।

महापौर के प्रयासों से सार्वजनिक शीतला माता मंदिर हुआ पुनर्स्थापित

गंगा तट पर गूंजे शीतला माता की जयकारे। मौका था नगर निगम द्वारा नगर की हद्वय स्थली त्रिवेणी घाट पर स्थापित किए गए शीतला माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का। शुक्रवार की पूर्वाहन 11 बजे बैंड बाजों एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच त्रिवेणी घाट पर लोक आस्था से जुड़े शीतला माता मंदिर को पूूरी विधिपूर्वक स्थापित किया गया। इससे पहले माता की बेहद खूबसूरत मूर्ति को मंदिर में स्थापित करने से पूर्व गंगा स्नान कराया गया।
इस अवसर पर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि निगम कार्यालय के बाहर वर्षों से स्थापित सार्वजनिक शीतला माता मंदिर अतिक्रमण अभियान की भेंट चढ़ जाने के बाद शहर की धर्म प्रेमी जनता द्वारा उनसे मंदिर निर्माण के लिए निवेदन किया गया था। जिसके बाद उन्होंने मंदिर के लिए त्रिवेणी घाट पर जगह का निरीक्षण किया और आज पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार बेहद हर्ष और उल्लास के माहौल में धूमधाम के साथ नए मंदिर में शीतला माता मंदिर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। अतिक्रमण की जद में आए शहर के अन्य मंदिरों के बारे में उन्होंने कहा कि शीतला माता मंदिर सार्वजनिक मंदिर था जिसको निगम प्रशासन द्वारा विधि पूर्वक स्थापित करा दिया गया है।

जबकि अतिक्रमण की जद में आ रहे अन्य मंदिर समिति के मंदिर है जिसके लिए मंदिर से जुड़ी समितियों की और से भूमि लेकर अन्य जगहों पर मंदिर की स्थापना करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने मां शीतला माता से कोरोना के चलते दुनिया भर में मंडरा रहे संकट को दूर करने के लिए प्रार्थना भी की। इस दौरान पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, पार्षद विजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, गुरविंदर सिंह, अनिता रैना, लव काम्बोज, पवन शर्मा, रमा रावत, गुड्डी कलुढा, अनिता प्रधान, प्रिया ढकाल, राजपाल ठाकुर, मीना रावत, राहुल शर्मा, सुनील उनियाल, मदन कोठरी, अनिकेत गुप्ता, राजीव गुप्ता, हर्ष गवाड़ी, गौरव केन्थुला, राजू शर्मा, रवि शास्त्री, गंगा राम व्यास सहित देवभूमि के विभिन्न महामण्डलेश्वर, संत समाज के लोग एवं रायवाला से लेकर तपोवन क्षेत्र के माता शीतला के भक्त मोजूद रहे।
गौरतलब है कि ऋषिकेश शहर में शीतला माता का न कहीं कोई मंदिर नहीं है और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नगर ही नहीं आसपास क्षेत्रों के लोग भी समय-समय पर शीतला माता की पूजा अर्चना को धर्म नगरी में आते रहे हैं।

गंगा में डूब रहे एक युवक को बचाने के चक्कर में दूसरा युवक भी डूबा

ऋषिकेश में होली के दिन पिकनिक मनाना दिल्ली और जम्मू कश्मीर के दो युवकों को भारी पड़ गया। जबकि एक युवती सहित अन्य युवक को एक विदेशी नागरिक ने सकुशल बचा लिया है। वहीं, सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और गंगा में लापता हुए दोनों युवकों की तलाश को रेस्क्यू अभियान चलाया।

चौकी इंचार्ज तपोवन विनोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को होली के दिन दिल्ली से एक युवक मिलन पौडल मूल निवासी नेपाल, हाल जामिया मीलिया इस्लामिया कॉलेज दिल्ली से अपनी सहपाठी के साथ तपोवन नीम बीच पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर थाना रियासी शिवनगर निकट महादेव मंदिर निवासी कौशिक तुषार पुत्र प्रभुदयाल अपने मित्र साहिल के साथ नीम बीच पहुंचे।

सुबह करीब साढ़े 10 बजे मिलन पौडल नीम बीच के समीप गंगा में बने एक टापू से दूसरे टापू पर जाने की कोशिश करने लगा। इसी बीच उसका पैर फिसला और वह गंगा में डूबने लगा। उसे डूबता देख पास बैठे कौशिक तुषार ने उसे बचाने की कोशिश की। मगर, वह भी गंगा में डूबने लगे। दोनों को डूबता देख मिलन पौडल के साथ पहुंची युवती और कौशिक तुषार के साथ आए युवक साहिल कुमार भी उन्हें बचाने के लिए गंगा में उतर गए।

मगर, वह दोनों भी डूबने लगे। तभी दूसरे टापू पर बैठे जर्मनी निवासी क्रिश्चन रोसेनथाल ने गंगा में छलांग लगाकर युवती और साहिल को सकुशल बाहर निकाल लिया। उधर, सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और देर शाम तक गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया। मगर, सफलता नहीं लग पाई।

सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का सीएम त्रिवेन्द्र सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ किया। मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसोर्ट में आयोजित 7 दिवसीय महोत्सव में विश्व के 11 देशो एवं देश के 09 राज्यों के योगाचार्यो, शिक्षकों एवं योग प्रेमीं प्रतिभाग कर रहे है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि योग को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अह्म भूमिका रही है। उत्तराखण्ड को योग के हब एवं ऋषिकेश को विश्व योग के केन्द्र बिन्दु के रुप में स्थापित करने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किया है। योग को पर्यटन से जोड़ने और योग के साथ-साथ पर्यटन हब के रुप में उत्तराखण्ड को विकसित करने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

उन्होने कहा कि अध्यात्मिक योग के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने का कार्य सरकार कर रही है। योग विश्व स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए जरुरी है जिसकी आवश्यकता आज पूरी दुनिया को महसूस होने लगी है जिसका परिणाम है कि आज विश्व में जहां भी योग की शुरुआत हो रही है वहॉ उत्तराखण्ड के योग शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता व सम्मानस्वरुप बुलाया जा रहा है।?

ऋषिकेश विश्व पटल पर योग का केंद्र बिंदुः योगी आदित्यनाथ
इस अवसर पर उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में ऋषि की परम्परा एव साधना के परिणामस्वरुप योग का उत्थान जीवों के कल्याण के लिए हुआ है। योग जैसी अध्यात्म और पवित्र विद्या को दुनिया के कोने-कोने में पंहुचाने और योग का विश्व गुरु बनने में भारत के प्रधानमंत्री का अथक प्रयास रहा है। इसके साथ ही उत्तरखण्ड का शहर ऋषिकेश विश्व पटल पर योग का केन्द्र बिन्दु के रुप में उभरा है। उन्होने प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत की सराहना करते हुए कहा कि यदि स्वच्छ के बाद योग को अपनाया जाय तो अनेक बीमारियों से निजात मिल सकती है। स्वच्छ काया शरीर में योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक मजबूती एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाया जा सकता है। उन्होने कहा कि विश्व का कोई भी देश जब योग परम्परा से जुड़ता है तो वह भारत की आत्मीयता से जुड़ता है और यह बात देश को गौरवान्वित करती है।

इस अवसर पर उन्होने वर्ष 2021 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ में उत्तराखण्ड सरकार को सहयोग दिये जाने की बात भी कही। वहीं पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत विगत माह में उत्तराखण्ड में खूब बर्फबारी हुई जिसमें उत्तरप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशी पर्यटकों का जबरदस्त आवागमन रहा।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अध्यक्ष जीएमवीएन महावीर सिंह रांगड़, महामण्डलेश्वर जूना अखाडा स्वामी अवदेश्वरानन्द महाराज, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. वी षणमुगम, एसएसपी डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

मेले से संबंधित जितने भी पुल है, उनका निर्माण समय सीमा के अंदर होः सीएम

बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले के आयोजन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कुम्भ मेले के निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिये डबल शिफ्ट में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेले से सम्बन्धित जितने भी पुलों का निर्माण किया जाना है उनके निर्माण की समय सीमा निर्धारित कर उन्हें पूर्ण करने के प्रयास हों। उन्होंने कहा कि पुलों का समय पर निर्माण होने से सडकों के निर्माण में और अधिक सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि यदि निजी संस्थायें स्वयं के व्यय पर स्नान घाटों का निर्माण करती है तो इसके लिये उन्हें डीपीआर एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने तथा स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालु कुम्भ के सुखद अनुभव के साथ लौंटे। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के प्रमुख प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये भी मिसाल बन सके।

उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के बिजली व गैस पाइप लाइन को अंडर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। कुम्भ की व्यवस्थाओं के लिये जो भी जरूरत होगी वह उपलब्ध करायी जायेगी। सभी अधिकारी तालमेल से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की देवभूमि के अनुरूप उसकी पहचान बनाये रखने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती बरती जाए। अतिक्रमण को हटाने की दिशा में भी उन्होंने प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुम्भ 2021, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक मेला होगा। वैश्विक स्तर के इस मेले में दुनिया भर के देशों से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। तद्नुसार हमें इसकी व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित करनी होंगी।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होंगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सीमांकन के साथ ही नये क्षेत्रों में आवश्यक अवस्थापना सुविधायें विकसित करने पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेलाक्षेत्र एवं मेले में की जाने वाली व्यवस्थाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले के सम्बन्ध में विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर वांछित धनराशि के वास्तविक आगणन का प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा।