हरिपुरकलां में कोर्ट से स्टे के बावजूद हो रहा अवैध निर्माण कार्य

तहसील ऋषिकेश की ग्रामसभा हरिपुरकलां की भूमि पर एसडीएम कोर्ट से स्टे के बावजूद निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उग्र होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्य को स्टे बाद भी होने पर नाराजगी जताई तो एसडीएम ने भी थाना रायवाला को जांच पूर्ण होने तक निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।

दरअसल, ग्रामसभा हरिपुरकलां में शांतिकुंज गंगा माता अस्पताल के सामने 29 बीघा भूमि है, जोकि ग्राम समाज की है। इस भूमि पर वर्ष 2013 में एक सभा की ओर से अवैध निर्माण किया जा रहा था। इस पर तत्कालीन ग्राम प्रधान सविता शर्मा एसडीएम कोर्ट गई थीं। तत्कालीन उप जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा ने उक्त भूमि के स्वरूप को किसी भी प्रकार से परिवर्तित न करने का आदेश देकर स्टे लगा दिया था।

इस संबंध में निवर्तमान ग्राम प्रधान सतेंद्र धमांदा सहित दर्जन भर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को बताया कि बीते दस दिनों से उक्त सभा के लोग सक्रिय हो गए हैं और यहां निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। एमडीएम ने संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष रायवाला को निर्माण कार्य पर जांच पूरी होने तक रोक लगाने के आदेश दिया है। मांग करने वालों में विक्रांत भारद्वाज, प्रेमलाल शर्मा, मुकेश मनोड़ी, दीपचंद कुकरेती, राजेश लखेड़ा, मोहित लखेड़ा, सुरेंद्र दत्त सेमवाल, गोकुल डबराल, अनुज रावत आदि उपस्थित रहे। वहीं दोपहर बाद ग्राम प्रधान गीतांजली जखमोला ने भी एसडीएम कार्यालय पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। इस दौरान युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मनोज जखमोला, अंकित बोखंडी, गौरव गिरी, सतीश बड़थ्वाल, अजय कुमार, सुरेंद्र रयाल, सूरज तिवारी आदि उपस्थित रहे।

व्यय वित्त समिति के तीन प्रस्तावों पर मुख्य सचिव ने दी स्वीकृति

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यय वित्त समिति के तीन प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की गयी।
महाकुम्भ मेला 2021 के दृष्टिगत दीन दयाल पार्किंग से चण्डी देवी पुल तक गंगा नदी के दांये किनारे पर आस्था पथ के निर्माण की प्रस्तुत 2070.60 लाख रूपये की लागत की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी।

शहरी विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत एक अन्य कुम्भ मेला 2021 के अन्तर्गत वीरभद्र बैराज, ऋषिकेश से चण्डी घाट हरिद्वार तक 23.70 कि.मी. लम्बे मार्ग की सड़कों की मरम्मत व जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की 1329.29 लाख लागत की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी।

शहरी विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत एक अन्य महाकुम्भ मेला 2021 के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विकास खण्ड डोईवाला के अन्तर्गत ऋषिकेश में आस्था पथ का पुनरोद्धार, बाढ़ सुरक्षा के कार्य सम्बन्धित 1157.65 लाख की लागत की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी। उक्त तीनों प्रस्तावों की संस्तुति राज्य योजना आयोग द्वारा भी की गयी है।

तीन माह के भीतर सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में खुलेगा

राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सीबीएसई, एनआईटी, जेएनवी, केविएस, एनआईओएस, इग्नू के अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव को जमीन उपलब्ध कराने को कहा हैं।

सीबीएसई के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ओएनजीसी तेल भवन परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद उन्होंने सीबीएसई की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। चर्चा के दौरान डॉ. निशंक ने सीबीएसई चेयरमैन से फोन पर वार्ता कर तीन माह के भीतर देहरादून में क्षेत्रीय कार्यालय की बिल्डिंग का शिलान्यास करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय विद्यालयों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

केंद्रीय विद्यालयों में 187 पदों के सापेक्ष अभी तक केवल 60 प्रतिशत ने ज्वाइन किया है। इनमें से 40 प्रतिशत ने ज्वाइन नहीं किया है। इस पर मंत्री ने उनकी जगह दूसरों को मौका देने की बात कही। इसके अलावा गौचर, बनबसा, हल्द्वानी, श्रीनगर और ऋषिकेश में केंद्रीय विद्यालय के लिए मुख्य सचिव को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सभी केंद्रीय संस्थानों के अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सीएम ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग क्लब, ऋषिकेश द्वारा कन्या भ्रूण हत्या रोके जाने विषयक पोस्टर को लॉच किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग क्लब द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान में सहभाग किया जा रहा है, यह एक सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत जिले से इस अभियान की शुरूआत की, जहां बेटियों की संख्या सबसे कम थी। उत्तराखण्ड में पिछले दो सालों में बाल लिंगानुपात 887 से बढ़कर 934 हुआ है। उन्होंने कहा कि जब कोई प्रयास अभियान का रूप लेता है और उसमें जनसहभागिता होती है, तो वह अभियान अवश्य सफल होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पॉलिथीन मुक्ति के लिए जल्द ही व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जायेगा। हरेला पर्व पर एक ही दिन में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण की योजना बनाई जा रही है। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है।

उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग क्लब द्वारा ‘सेव गर्ल्स चाईल्ड’कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। इसके अलावा क्लब द्वारा समय-समय पर ब्लड डोनेशन शिविर, सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार, अस्पतालों में फल वितरण, व बुजुर्गों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक हरवंश कपूर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा से एसपी कोचर, हरीश नारंग, हरपाल सिंह सेठी, राजीव सच्चर, नीलम खुराना, पूजा नन्दा आदि उपस्थित रहे।

आर्कषण का केन्द्र बनेगा कांच का झूला पुल

ऋषिकेश में आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए पुराने लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में प्रदेश सरकार जो नया झूला पुल तैयार करने जा रही है, वो कांच का दिखेगा।
अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश ने विभाग को झूला पुल को मजबूती के साथ आकर्षक बनाने के लिए ग्लास के आकार में डिजाइन करने को कहा है।
झूला पुल का डिजाइन व डीपीआर तैयार करने को पहले ही 50 लाख रुपये का प्रावधान किया जा चुका है। लोनिवि के मुख्य अभियंता अयाज अहमद के नेतृत्व में इंजीनियरों की एक टीम नया पुल बनाने के स्थान का चयन करने की प्रक्रिया में जुटी है।
यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी नए झूला पुल के निर्माण की मांग को लेकर अपर मुख्य सचिव से मिली थी। उन्होंने एसीएस को एक पत्र भी सौंपा। इस पर एसीएस ने उन्हें अवगत कराया किया कि सरकार नया झूला पुल बनाने का पहले ही फैसला कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि ये प्रयास हो रहा है कि नया झूला पुल कांच का बनाया जाए ताकि वो आवागमन की सुविधा देने के साथ दर्शनीय भी हो। इस बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह जानकारी भी दी कि इस पुल को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि उस पर पैदल चलने वालों और दुपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग लाइन होगी। उस पर टेंपू या अन्य तिपहिया वाहन पुल में दाखिल भी नहीं हो पाएंगे।

किसी भी सूरत में नहीं खुलेगा पुराना झूला पुल
अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश से साफ कर दिया कि लक्ष्मण झूला पुल को किसी भी सूरत में नहीं खोला जाएगा। उन्होंने विधायक खंडूड़ी को कहा कि सुरक्षा को देखते हुए ही सरकार ने पुल से आवागमन पर रोक लगाई है।

लक्ष्मणझूला पुल पर खतरा बढ़ा, समय रहते नही जागी सरकार

ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला पुल की मियाद खत्म हो चुकी है, लिहाजा इस पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही अब खतरे से खाली नहीं है। इस बात का खुलासा पीडब्ल्यूडी की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। विभाग ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
मामला इसलिए और अहम है, क्योंकि एक सप्ताह बाद ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। प्रशासन से कांवड़ियों के नीलकंठ जाने के लिए लक्ष्मणझूला के जरिये ही रूट तय किया है। लक्ष्मणझूला पुल का निर्माण 1929 में हुआ था, जिसे आवाजाही के लिए 1930 में खोला गया था। करीब 90 साल पुराने इस पुल समेत 1986 में बने रामझूला पुल का पीडब्ल्यूडी के डिजाइनर पीके चमोली ने कुछ दिन पहले तकनीकी सर्वे किया था।
इसमें पुल की लोडिंग क्षमता और आयु आदि की जांच की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 89 साल पहले के डिजाइन और क्षमता के हिसाब से पुल आज इस स्थिति में नहीं है कि इस पर अब बड़ी संख्या में लोग आवाजाही कर सकें।

रामझूला पुल सुरक्षित
पुराने समय में झूला पुलों का निर्माण करते हुए पुल की क्षमता का ध्यान नहीं रखा जाता था, जबकि वर्तमान में 500 किलोग्राम प्रति स्क्वायर मीटर की क्षमता के झूला पुल बनाए जाते हैं।
सर्वे रिपोर्ट से स्थानीय पुलिस को भी अवगत करा दिया गया है। पीडब्ल्यूडी (नरेंद्रनगर डिवीजन) के एक्सईएन मोहम्मद आरिफ खान का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार अगला कदम उठाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने अपने सर्वे में हालांकि आवाजाही के लिहाज से रामझूला पुल को सुरक्षित पाया है। इससे आवाजाही की जा सकती है। बता दें कि इस पुल को बने हुए भी 33 साल हो चुके हैं।
वहीं, नरेंद्र नगर के विधायक सुबोध उनियाल ने बताया कि बोर्ड बैठक में यह मामला पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने उठाया था। अपर मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी और डीएम पौड़ी को पुल के दोनों ओर बेरिकेडिंग लगाने को कहा गया है, ताकि एक बार में अधिक संख्या में लोग पुल पर न चढ़ें।

कांवड़ मेले में सभी व्यवस्थाएं दुरस्त होः मुख्यमंत्री

कांवड़ शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाय। सफल कांवड़ मेला सम्पन्न कराने के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से भी निरंतर समन्वय बनाये रखें। कांवड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए सुनियोजित प्लानिंग की जाय। कावंड़ के दौरान सुरक्षा की चाक -चैबंद व्यवस्था की जाय। स्वास्थ्य, सफाई, पेयजल, टॉयलेट व अन्य आवश्यक सामग्रियों की समुचित व्यवस्था की जाय। यह निर्देश मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं की बैठक लेते हुए अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 से 30 जुलाई 2019 तक होने वाले कांवड़ मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। देहरादून, मसूरी व चारधाम यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों को रूड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश शहरों के बीच से न जाने के बजाय बाईपास से जाने के प्रेरित किया जाय। रूट चार्ट का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाय। कांवड़ यात्रा मार्गों पर सड़क, मेडिकल, पेयजल आदि की सुदृढ़ व्यवस्था की जाय। डाक कांवड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था व भीड़ प्रबंधन के लिए पूरी योजना बनाई जाय। व्यापार मंडल व संत समाज के साथ बैठक कर उनसे भी सकुशल कांवड़ सम्पन्न कराने के लिए सहयोग लिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर दिशा सूचक, रूट डायवर्जन साइनेज की समुचित व्यवस्था हो। कांवड़ के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की उचित व्यवस्था हो। कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर कहीं भी झूलते हुए बिजली के नंगे तार न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ से पूर्व घाटों की सफाई की समुचित व्यवस्था की जाय। घाटों पर सुरक्षा के दृष्टिगत चैन व जल पुलिस की व्यवस्था की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ के दौरान स्पेशल ट्रेन की मांग रेलवे से की जाय। इस तरह से योजना बनाई जाय कि कांवड़ के दौरान निर्माण से संबंधित कार्य अवरूद्ध न हों। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार से कांवड़ की तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि कांवड़ के दौरान लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। शान्तिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण कांवड़ सम्पन्न कराने के लिए 10 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जायेगी। सीमावर्ती प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ के सम्बन्ध में कोर्डिनेशन मीटिंग की जा चुकी है। कांवड़ के लिए सीमावर्ती राज्यों के साथ 6 ज्वाइंट पुलिस चैकपोस्ट बनाये गयो हैं।
बैठक में बताया गया कि कांवड़ मेला क्षेत्र चार जनपदों हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी व टिहरी में है। कावंड़ मेला क्षेत्र में कुल 36 जोन व 149 सेक्टर बनाये गये हैं। जिसमें से जनपद हरिद्वार में 04 सुपर जोन, 26 जोन व 100 सेक्टर बनाये गये हैं।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नितेश झा, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डीजीपी कानून व व्यवस्था अशोक कुमार, मेलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार दीपेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सी. रविशंकर व सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कौन बनेगा करोड़पति का ठग हैदराबाद से गिरफ्तार

कौन बनेगा करोड़पति का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया है।
कोतवाली ऋषिकेश में शिकायतकर्ता हेमलता रयाल पत्नी मनोज रयाल निवासी श्यामपुर ऋषिकेश के द्वारा दिनांक 8 दिसम्बर 2015 को एक शिकायती पत्र दिया गया था। उन्होंने बताया था कि कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर 25 लाख की लाटरी निकलने का झांसा देकर मुझसे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ’अलग-अलग खातों में लगभग 12 लाख रुपये जमा करवाए गये।
प्रभारी निरीक्षक ने पीड़िता की तहरीर पर पुलिस टीम गठित की थी। जिस पर पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबरों को परीक्षण पर रखा गया तथा जिन खातों में पैसा जमा कराया गया था उन खातों की विस्तृत जानकारी की गई। खाते से लिंक किए गए मोबाइल फोन नंबरों की कॉल डिटेल एवं खातों की जानकारी करने पर पता चला कि शिकायतकर्ता के द्वारा जिस खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया है, वह हैदराबाद का है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा बैंक से उक्त खाते की पूर्ण डिटेल प्राप्त कर अभियुक्तों के पते हैदराबाद पर जाकर नाम पत्र को सत्यापित कर अभियुक्त को बयान अंकित कराने का नोटिस दिया। लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए अभियुक्त द्वारा कोई बयान नहीं दिया गया। जिस पर पुलिस टीम ने अभियुक्तों के पते पर हैदराबाद जाकर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

रोते हुए लड़की ने गंगा में छलांग लगाई

ऋषिकेश गंगा बिहार साईं घाट के समीप एक युवती ने गंगा में छलांग लगा दी। जल पुलिस ने युवती की तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। यह घटना रक्षाबंधन के दिन दोपहर करीब 11.30 बजे की है। लड़की का नाम पता नहीं हो पाया है। एसएसआई हेमंत खंडूरी ने बताया कि युवती की उम्र करीब 21 वर्ष है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती काफी रो रही थी। पहले उसने साईं घाट मंदिर के पास गंगा में कूदने का प्रयास किया। एक महात्मा ने उसे रोका तो वह वहां से चली गई। बाद में साईं घाट से आगे जाकर उसने गंगा में छलांग लगा दी। वह पीली टी-शर्ट और सफेद लोअर पहने हुए थी। गंगा नदी काफी उफान में होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन ज्यादा लंबा नहीं चलाया जा सका। पुलिस युवती की तलाश गंगा नदी के किनारे बैराज तक कर रही है।

योग से जुड़कर जानें स्वस्थ जीवन का रहस्य


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। योग दिवस मनाने का मकसद योग से लंबी आयु प्रदान करता है। योग भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। योगासन को कसरत या व्यायाम कहना गलत है। योग न सिर्फ आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है बल्कि यह तनाव और अन्य शारीरिक समस्याओं को भी दूर करता है। लगातार नियमित रूप से आसन करने से शरीर में लचीलापन बना रहता है।
शारीरिक लचीलेपन से आंतरिक ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ती है, मन शांत रहता है। योग दिवस को सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी देना शुरू कर दी है। योग की धूम सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। हाल ही में सिंगापुर के स्टेडियम ने आठ हजार लोगों ने योग किया।

जानिए योग के फायदे-
– योग से न केवल हमारा शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन भी शांत रहता है। नियमित रूप से योग करने से आप स्ट्रेसफ्री और चिंताओं से मुक्त रहते हैं। योग करने से दिमाग के सोचने और सृजनात्मकता वाले हिस्सों का भी संतुलन बना रहता है।
– हर इंसान को योग अलग रूप से फायदा पहुंचाता है। योग को अपनाने से कई रोगों से निजात मिलती है। बेहतर ब्लड सकुर्लेशन से शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को बेहतर प्रवहन होने में मदद मिलती है। ऑक्सीजन का संचार होने से ब्लड सकुर्लेशन ठीक रहता है।
– योग से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। इससे पीठ का दर्द, जोड़ों का दर्द में काफी आराम मिलता है। इससे रीढ़ की हड्डी में दबाव और जकडऩ में भी आराम मिलता है।
– योग का अभ्यास आपको केवल चुस्त दुरूस्त ही नहीं करता बल्कि आपके शरीर को सुडौल और खूबसूरती प्रदान करता है। यह शरीर में जमा फालतू चर्बी को घटाने में मदद करता है।
– सिरदर्द और पीठ दर्द को कम करने में ये आसन लाभकारी है। अगर पैरों में दर्द होता है तो इस आसन को करने से थकान और दर्द से राहत मिलती है।
– मोटापा कम करने के लिए ये आसन बहुत फायदेमंद है। जिन लोगों को गैस की दिक्कत करें उनके लिए ये आसन बहुत फायदेमंद है।
– हर दिन योग करने से आपके शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। दिमाग और मन भी शांत रहता है।

योग की उत्पत्ति-
योग को भारत के स्वर्ण युग करीब 26 हजार साल पहले की देन माना जाता है। योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत धातु युज से निकला है। जिसका मतलब व्यक्तिगत चेतना है। योग को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि योगसूत्र को महर्षि पतंजलि ने 200ई.पूर्व में लिखा था। इस ग्रंथ पर अब तक हजारों भाषा में लिखा जा चुका है। योग हिंदू धर्म के छह दर्शनों में से एक है। योग बौद्ध धर्म में भी ध्यान के लिए अहम माना जाता है। इसका संबंध इस्लाम और ईसाई धर्म से भी है।