हाई रिस्क एरिया से आने वाले यदि ट्रेवल हिस्ट्री की गलत जानकारी दे रहे हों, तो सख्त कार्रवाई की जाए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड से बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाय। मास्क का प्रयोग न करने वालों पर जुर्माना तो लगाया जाय, लेकिन जुर्माने के साथ ही उन्हें 4-4 वॉशेबल मास्क भी उपलब्ध कराये जाए। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग न करने एवं नियमों को उल्लंघन करने पर पहली बार में 200 एवं दूसरी बार उल्लंघन करने पर 500 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा। हाई रिस्क ऐरिया से या अन्य राज्यों से जो लोग आ रहे हैं, उनमें से यदि कोई व्यक्ति ट्रेवल हिस्ट्री की गलत जानकारी दे रहा है, या कोई तथ्य छुपा रहा है, उन पर सख्त कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के संक्रमण तथा बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने घोषणा की कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भांति आशा फेसिलिटेटर को भी 02-02 हजार रूपये सम्मान निधि के रूप में दी जायेगी। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्यमंत्री ने रक्षा बंधन के अवसर पर एक-एक हजार एवं उससे पूर्व भी सम्मान राशि के रूप में एक-एक हजार रूपये देने की घोषणा की थी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सम्मान राशि लाभार्थियों के खाते में जल्द डाली जाय। कोविड-वारियर्स की मृत्यु पर भी मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रूपये देने की घोषणा की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में होम-आइसोलेशन हेतु निर्देश पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की टीम की जांच एवं मानकों के हिसाब से ही होम-आइसोलेशन की व्यवस्था की जाय। होम-आइसोलेशन के बजाय अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर को प्राथमिकता दी जाय।

13 जनपदों की 21 महिलाओं एवं किशोरियों तथा 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सीएम ने किया पुरस्कृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस के अवसर पर प्रदेश की 21 महिलाओं व किशोरियों को राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली तथा 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सम्मानित किया। सीएम ने घोषणा की कि अगले वर्ष से राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि 21 हजार से बढ़ाकर 31 हजार तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की धनराशि 11 हजार से बढ़ाकर 21 हजार की जायेगी। उन्होंने कहा कि खेती की बेहतरी के लिये पहले महिलाओं को 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जा रहा था। इस क्षेत्र में उनके बेहतर कार्य को देखते हुए अब 3 लाख की धनराशि उन्हें बिना ब्याज के उपलब्ध करायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ व निराश्रित बच्चों को अनाथालयों में रखे जाने की व्यवस्था है, जहां बेटियां ज्यादा रहती हैं। 18 वर्ष के बाद इन्हें अनाथालय से छोड़ दिया जाता है। इन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार द्वारा देश में अपनी तरह की विशेष पहल कर इनके लिये सरकारी सेवाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है।

जनपदों में राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित
प्रीति भण्डारी, शिवानी आर्या, गुंजन बाला, जानकी चन्द, शशि देवली, डॉ. पुष्पांजलि अग्रवाल, कंचन भण्डारी, मालविका माया उपाध्याय, सुमन वर्मा, शीतल, मधु खुगशाल, कीर्ति कुमारी, बबीता रावत, ज्योति उप्रेति, मीनू लता गुप्ता, हर्षा रावत, सुमति थपलियाल, चन्द्रकला राय।

जनपदों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार से सम्मानित
नीता गोस्वामी, गीता देवी, पुष्पा हरड़िया, हेमा बोरा, अंजना रावत, पूनम, आसमा, सुमनलता यादव, गंगा बिष्ट, समारोज, निर्मला पाण्डेय, चन्द्रकला चन्द्र, अर्चना देवी, रोशनी, सुशीला देवी, लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, कुसुम मेहर, बीना चौहान।

कार्यों की पारदर्शिता के लिए कार्यों का ऑडिट होना जरूरीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रायपुर, देहरादून में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तराखण्ड के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद से ही हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ हमने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी। सचिवालय एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को हमने भ्रष्ट व माफिया तत्वों से मुक्त किया है। कार्यों की पारदर्शिता के लिए कार्यों का ऑडिट होना जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर थर्ड पार्टी ऑडिट होना चाहिए। सरकार के प्रति जनता का विश्वास होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि चावल घोटाले का जो मसला है, वह वर्ष 2016-17 की तत्कालीन सरकार के समय का मामला है। भाजपा सरकार बनने के बाद हमने इस मामले की जांच करवाई। केवल कागजों में राशन दिखाई जा रही थी, जरूरतमंदों तक राशन पहुंचती नहीं थी। आज गरीबों को जो राशन मिल रही है, वह उच्च गुणवत्ता की राशन है। प्रधानमंत्री जी का आह्वाहन रहता है कि हमारी नजर गरीबों पर होनी चाहिए। जब तक गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, तब तक देश का उत्थान नहीं हो सकता।

लोक सेवा आयोग से पीएस की भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। लोक सेवा आयोग में अधिक वर्कलोड होने के कारण भर्ती प्रक्रिया मे समय अधिक लगता है। लोक सेवा आयोग को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा गया है। कोविड-19 की वजह से भी भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन के उपायों को सुझाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कार्यालय में एक प्रकोष्ठ गठन किया गया।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखण्ड सहयोगी बनेगा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड की परिस्थितियों में उद्योगों की समस्याओं पर इंडस्ट्रीज एसोसियेशन आफ उत्तराखण्ड के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए उद्योगों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का दायित्व है कि कोई भी औद्योगिक इकाई बंद न हो। आत्मनिर्भर भारत में उद्योग जगत प्रमुख सहयोगी है। उन्हें यथासम्भव सहायता दी जाएगी। सचिवालय में इंडस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखण्ड के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उद्योगों से संबंधित समस्याओं का समयबद्धता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में उद्योगो का सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिस्टम को निवेश और उद्योगों के अनुकूल बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में बहुत से सुधार किए गए हैं। प्रमुख उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों और विशेषज्ञों के सुझाव पर अनेक नीतियों का निर्माण किया गया है। कोविड की परिस्थितियों से अर्थव्यवस्था को दुबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा।

होप पोर्टल से मिल सकते हैं उद्योगों को आवश्यकानुसार मानव संसाधन

प्रदेश में आने वाले लोगों की स्किल मैपिंग करते हुए उनका होप पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। श्रमिकों के चले जाने से समस्या का सामना करने वाले उद्योगों को यहां से उनकी आवश्यकतानुसार मानव संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में उद्योग जगत बनेगा सहयोगी

इंडस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने राज्य में उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न सुझाव देते हुए कहा कि एसोसियेशन के सदस्य मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बहुत महत्वपूर्ण येजना है। इंडस्ट्रीज एसोसियेशन इस योजना से जुड़ना चाहती है। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने सदस्यों की सूची उद्योग विभाग को उपलब्ध कराने के लिए कहा।

ई-पोर्टल अमेजन पर राज्य के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद उपलब्घ

इससे पूर्व राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को ई-पोर्टल अमेजन के माध्यम से ऑनलाईन बिक्री किये जाने का विधिवत शुभारम्भ किया। ई-पोर्टल अमेजन के माध्यम से उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के अंतर्गत ‘हिमाद्री’ ब्रांड से अभी लगभग राज्य के प्रमुख 150 हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद ऑनलाईन बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उत्पादों की गुणवत्ता, मानकीकरण और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

राज्य में अतिरिक्त हैलीपेडों की स्थापना को भारत सरकार से किया जा रहा अनुरोधः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वेबिनार के माध्यम से दूसरे हेलीकॉप्टर समिट का शुभारंभ किया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार तथा फिक्की द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सम्मेलन में देश में हेली सेवाओं की स्थिति एवं संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा ‘‘हेलीकॉप्टर द्वारा क्षेत्रीय संपर्क में मजबूती और आपात स्थिति में अवसर‘‘ पर अपने विचार भी रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। प्रदेश की सीमाएं 2 देशों से जुड़ी हैं। राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जौली ग्रांट एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तथा पंतनगर एयरपोर्ट ग्रीन एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में 50 हेलीपेड स्थापित हैं, जबकि राज्य में अतिरिक्त हेलीपैडों की स्थापना के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष राज्य में देश के पहले हेलिकॉप्टर समिट का आयोजन किया था जो सफल रहा था। इस सम्मेलन में कई सुझाव भी प्राप्त हुए थे इसकी एसओपी तथा गाइड लाइन भी जारी की गई थी। विगत एक वर्ष में हेली सेवाओं में काफी विस्तार हुआ है। इस बार कोरोना के कारण वर्चुअल समिट का आयोजन करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि ये संकट जल्द खत्म होगा और शीघ्र जीवन सामान्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाएं हमारे राज्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। उत्तराखण्ड उड़ान योजना 2.0 के अन्तर्गत हैलीकॉप्टर सेवाएं आरम्भ करने वाला पहला राज्य है। योजना के अन्तर्गत बेहतर कार्य करने हेतु राज्य को प्रोएक्टिव पुरूस्कार भी प्रदान किया गया है। उत्तराखण्ड में तमाम तरह के आकर्षण है। देवभूमि के साथ-साथ यहा देवस्थान, नेशनल पार्क हिमालय, औली, हर्षिल जैसे सुरम्य प्राकृतिक स्थल है। राज्य में उड़ान सेवा 2.0 के अधीन पवन हंस द्वारा देहरादून, टिहरी, श्रीनगर हेली सेवा आरम्भ की गई है। राज्य में वर्षात में कई दिक्कते होती है। आपात स्थिति में हेली सेवा बेहतर सेवा है। अभी पिथौरागढ़ में आयी आपदा के दौरान 55 लोगों को हेलीकॉप्टर द्वारा सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाया गया। उत्तराखण्ड आपदा के लिहाज से बहुत संवेदनशील रहा है। इसलिए किसी तरह की आपदा में राहत और बचाव कार्यों में हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कई लोगों की जान बचा रहा है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में हल्द्वानी, अल्मोड़ा, धारचूला को भी उड़ान योजना से जोडा जायेगा। गौचर के साथ गुप्तकाशी तथा बड़कोट के लिए सेवा आरम्भ करने के प्रयास किये जा रहे हैं। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु यात्रियों को पूर्ण रूप से स्क्रीनिंग की जा रही है तथा भारत सरकार की सभी गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना से प्रदेश देश के कई प्रमुख शहरों से सीधी हवाई सेवाओं से जुड़ा है। देहरादून अब बेंगलरू, हैदराबाद, वाराणासी, मुंबई, जयपुर, अमृतसर जैसे शहरों से सीधी फ्लाइट से जुड़ा है। पंतनगर एयरपोर्ट को ग्रीन एयर पोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह राज्य का पहला ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट होगा। इसके लिए भूमि चयनित कर ली गई है। पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पर भी सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। पंतनगर कृषि प्रधान जनपद होने के कारण यहां के एग्रोवेस व फ्रोजन उद्योग, राइस मिलो ऑफ सीजन सब्जियों, फलों व फूलो को विदेशों में निर्यात करने से किसानों को भी अच्छा फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में प्राप्त तकनीकि सुझावों पर ध्यान देकर प्रदेश में इससे सम्बन्धित योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जायेगा। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा कि देश में एवियेशन के क्षेत्र में सरकारी व निजी क्षेत्र ने बेहतर कार्य किया है। कोरोना काल में मेडिशिन एवं मेडी उपकरण आदि लाने व ले जाने में ये सहयोगी बने है। देश के विभिन्न भागों में इसके विकास एवं मजबूती की व्यापक संभावनाये तलाशे जाने की भी उन्होंने बात कही। उन्होंने कहा कि हेली सेवायें आम आदमी के दायरे में आये इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए अन्य खर्चों में कमी करने पर बल दिया। हेली सेवाओं के लिये सहस्त्रधारा हैलीपैड को माडल हैलीपैड बताते हुए उन्होंने राज्यों को हेली सेवाओं की मजबूती के लिये पूरा सहयोग का भरोसा दिया।

टीवी पर अयोध्या से लाइव प्रसारण देख सीएम ने मंदिर निर्माण में संघर्षों को किया याद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण देखा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में श्री राम मन्दिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। कई वर्षों के संघर्ष के बाद आज यह स्वर्णिम अवसर आया है। देश और अयोध्या में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं, जो काफी समय से अखण्ड रामायण का पाठ एवं रामधुन कर रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मन्दिर बने, हजारों लोगों ने इसके लिए बलिदान दिया। आज उन हजारों लोगों का संघर्ष स्वरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि 1989 में जब अयोध्या में श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए आन्दोलन बहुत तीव्र हुआ था, सब लोग श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए जागरण करते थे।

उन्होंने कहा कि 1989 में जब श्रीराम मन्दिर के लिए आन्दोलन चल रहा था, तब लोगों से श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए सवा रूपये एकत्रित किये जाते थे, कि श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए एक पत्थर आपके नाम का भी लग जायेगा। उत्तरकाशी के दूरस्थ गांव लिवाड़ी-खिताड़ी 18 किमी पैदल चलकर लोग श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए वहां से शिला लाये। श्रीराम मन्दिर के भूमि पूजन से ऐसे लोगों की आत्मा को शांति मिलेगी। वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रचारक मोरोपंतजी पिंगले, अशोक सिंघल, महन्त अवैध्यनाथ एवं कोठारी बंधुओं ने इस आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने अपने स्मरण को साझा करते हुए कहा कि श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए जब 1989 में आन्दोलन चल रहा था, तब वे मेरठ में थे। भेष बदलकर हमने इस आन्दोलन में भाग लिया था। हमारे साथ हजारों लोगों ने इस आन्दोलन में भाग लिया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उनकी उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता हुई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र जल्द ही अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे। अयोध्या में जो श्रीराम मन्दिर बनेगा उसका स्वरूप भी देखकर आयेंगे।

राहतः रोडवेज बस से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क होगी यात्रा

कई वर्षों से उत्तराखंड सरकार रक्षाबंधन पर बहनों को रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देती आ रही है। इसे सरकार ने इस वर्ष भी जारी रखा है। इस बार कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बाद निगम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। शासन स्तर पर काफी विचार विमर्श के बाद रक्षाबंधन पर निशुल्क यात्रा का फैसला लिया गया है।

सचिव परिवहन शैलेश बगौली ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किए हैं। उन्होंने निगम के प्रबंध निदेशक को कार्रवाई करने के लिए कहा है। यात्रा के दौरान महिलाओं व बहनों से बसों में कोई किराया नहीं लिया जाएगा। इसका पूरा खर्च शासन वहन करेगा।

ग्राम वासियों की वर्षों से लम्बित मांग हुई पूरी, गठित हो सकेगी ग्राम पंचायतें, सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद देहरादून के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक ऋषिकेश के सात गांवों तथा जनपद हरिद्वार के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व ग्राम बनाये जाने से इन गांवों के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राजस्व ग्राम बनने से यहां के निवासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा तथा ग्राम पंचायतों का भी गठन हो सकेगा।

राजस्व ग्राम घोषित किये गये ग्रामों में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के ग्राम, माली देवल, विरयाणी, पैंदार्स, असैना, लम्बोगडी, गोजियाड़ा सिरांई, सिरांई राजगांव तथा डोबरा कुल सात गांव, जबकि हरिद्वार जनपद के टिहरी बांध परियोजना विस्थापित क्षेत्र पथरी भाग तीन के पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी शामिल हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सचिव राजस्व को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये हैं।

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन फ्रंटलाइन वॉरियर्स की भूमिका निभा रहाः सीएम

हंस फाउंडेशन के अध्यक्ष भोले महाराज के जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, माता मंगला और भोले महाराज ने हंस फाउंडेशन की 100 करोड़ रूपये की योजनाओं का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। इनमें पौड़ी के लवाड़ में ‘नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ का निर्माण होगा। कोविड-19 से लड़ने के लिए उत्तराखंड में 10 कोविड टेस्टिंग सेंटरों की स्थापना की जा रही है। विद्यालय रथ योजना के तहत उत्तराखंड के चार विद्यालयों के लिए बसों का लोकार्पण भी किया। शिक्षा अभियान के तहत उत्तराखंड स्थित कई राजकीय महाविद्यालों में पुस्तकालयों के नवीनीकरण की परियोजना को हरी झंडी दिखाई गई। जीवन रक्षक अभियान के तहत जिला अस्पताल टिहरी, रुद्रप्रयाग और भारत माता मंदिर हरिद्वार को एम्बुलेंस प्रदान की गई। मुख्यमंत्री द्वारा इन बसों एवं एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

हंस फाण्डेशन द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए उत्तराखंड के 250 गैर सरकारी विद्यालयों के स्टाफ को 15 दिनों का वेतन देने की योजना की शुरूआत की गई। उत्तराखंड महिला पुलिस बल को सक्षम बनाने की योजना के अंतर्गत नैनीताल महिला पुलिस बल को शीघ्र ही दुपहिया वाहन प्रदान किए जाने की योजना को भी हरी झंड़ी दिखाई गई। हंस फाउंडेशन के सौजन्य से उत्तरकाशी के दूरस्थ ग्रांमों के 110 परिवारों के जीवन में रोशनी की किरण पहुंचाने के लिए हंस ऊर्जा अभियान के तहत सोलर लाईट उपहार स्वरूप प्रदान की गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भोले जी महाराज को उनके जन्म दिवस पर उनके सुदीर्घ जीवन की कामना करते हुए कहा कि भोले जी महाराज का व्यक्तित्व हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन गरीबों की निस्वार्थ सेवा में समर्पित है। राज्य सरकार को भी हमेशा उनका सहयोग मिला है। माता मंगला जी व भोले जी महाराज समाज सेवा की भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। जिससे लाखों लोगों के जीवन में रोशनी फैल रही है। उन्होंने कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा व संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही आत्मनिर्भरता के लिये अनेक गांवों को कृषि व बागवानी के क्षेत्र में स्वावलम्बी बनाने के लिये प्रभावी मदद दी जा रही है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन फ्रंटलाइन वॉरियर्स की भूमिका निभा रहा है।

पौड़ी के लवाड़ में नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर में विदेशी भाषाएं सिखाने का मिलेगा प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हंस फाउण्डेशन के सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल एसएम मेहता के साथ वर्चुअल मीटिंग की। राज्य सरकार के सहयोग से हंस फाउण्डेशन द्वारा लवाड़, पौड़ी में नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया जायेगा। युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के लिए इस नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर में अभी 07 डिपार्टमेंट बनाने की योजना है।

इस सेंटर में प्रशिक्षणार्थियों के लिए विदेशी भाषाएं सिखाने की व्यवस्था भी की जायेगी। इस सेंटर में प्रशिक्षण लेने वालों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। लवाड़ में बनने वाले नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर में हॉस्टल, स्टाफ केे रहने की व्यवस्था, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, इन्डोर एवं आउटडोर खेलों की व्यवस्था भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस स्किल डेवलपमेंट सेंटर के लिए जो भी कार्य होने हैं, सितम्बर तक इसका प्रस्ताव बन जाय। अगले वर्ष जनवरी-फरवरी तक इसका निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस सेंटर में युवाओं को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया जायेगा।