गांवों के क्वारंटीन सेंटर में सुविधाओं में सुधार किया जाएः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के कोरोना संक्रमित की मृत्यु पर आश्रित को एक लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कन्टेनमेंट जोन में गाइडलाइन का कङाई से साथ पालन करवाया जाने के निर्देश दिये। कन्टेनमेंट जोन के बाहर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। जो लोग इनका पालन न करें, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए फील्ड सर्विलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

होम क्वारंटीन का आकस्मिक निरीक्षण

सीएम ने कहा कि क्वारंटीन सेंटरो में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। होम क्वारंटीन का मानकों के अनुरूप पालन हो रहा है या नहीं, इस पर लगातार चेकिंग भी की जाए। आकस्मिक निरीक्षण किए जाएं। गांवों में क्वारेंटाईन फेसिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से लङाई में जन सहयोग बहुत जरूरी है। हमें लोगों को साथ लेकर ये लङाई लड़नी है। सख्ती और जागरूकता हमारे दो प्रमुख अस्त्र हैं।

शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए देहरादून की निरंजनपुर सब्जी मण्डी को बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाए। फ्रंटलाईन वारियर्स की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। राशन की कालाबाजारी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसमें लिप्त लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचना चाहिए।

त्वरित रोजगार और आजीविका के लिए कृषि व संबंधित क्षेत्रों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें त्वरित रोजगार और आजीविका सृजन के लिए खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य को प्राथमिकता देनी होगी। हाल ही में किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, इनका लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। स्थानीय मांग का अध्ययन कर लिया जाए और उनकी आपूर्ति स्थानीय संसाधनों से ही पूरा कराए जाने की कोशिश की जाए। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को किस प्रकार रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, इस पर फोकस किया जाए। यह हर जिलाधिकारी का लक्ष्य होना चाहिए।

कोविड-19 पर प्रधानमंत्री मोदी ने समय पर लिए सही फैसलेः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि मोदी 2.0 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए। देश के रक्षा क्षेत्र को मजबूत किया। धारा 370 और 35 ए को खत्म कर नया इतिहास लिखा। तत्काल तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम बहनों को बड़ी राहत दी। नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी दी गई। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया। कारपोरेट टैक्स और आयकर में रियायत दी गईं। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन योजना की शुरूआत की गई। हर घर जल हर घर नल योजना पर टाईमबाउंड तरीके से काम चल रहा है। एक देश एक राशन कार्ड योजना लागू की गई है।

स्काईप के माध्यम से मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सही समय पर लिए गए सही निर्णय से भारत में कोरोना वायरस से उतना नुकसान नहीं हुआ जैसी कि सम्भावना जताई जा रही थी। लॉकडाउन से संक्रमण की दर को नियंत्रित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रूपए का पैकेज प्रदान किया। इससे आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। इस पैकेज द्वारा मजदूरों, किसानों और गांवों को मजबूती मिलेगी। इसमें एमएसएमई सेक्टर को भी बूस्ट करने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इसका फायदा राज्य के एमएसएमई क्षेत्र को भी मिलेगा। विशेष तौर अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को काम मिलेगा। कर्मचारियों को राहत देते हुए अब अगले तीन माह तक पीएफ में अंशदान का भुगतान सरकार करेगी जिसपर 2500 करोड़ का खर्च आएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक व्यय को बढ़ाने से स्वास्थ्यगत ढांचा मजूबत होगा। हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में सुविधाएं बढेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी तक लगभग 2 लाख के करीब लोग वापस लौटे हैं। इनका विवरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में केंद्र सरकार की गाईडलाईन के अनुसार आने वालों की स्क्रिनिंग, टेस्टिंग और क्वारेंटाईन की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में कोराना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, परंतु हमारी पूरी तैयारी है। लगभग 14 हजार बैड संस्थागत फेसिलिटी में उपलब्ध हैं। आईसीयू, वेंटिलेटर के साथ ही चिकित्सकों और पेरामेडिकल स्टाफ की संख्या में इजाफा किया गया है।

भारत सरकार ने 8 जून से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी है। चारधाम यात्रा को सीमित, नियंत्रित और सुरक्षित रूप से शुरू करने पर विचार किया जाएगा। परिस्थितियों के अनुरूप इसे लेकर निर्णय लिया जाएगा। पर्यटन से जुड़े लोगो को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के लिए बहुत सी आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया गया है। रजिस्ट्री, स्टाम्प आदि से सरकार को राजस्व मिलने लगा है। युवाओं और प्रदेश में लौटे लोगों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। औद्योगिक इकाईयों को संचालन की अनुमति दी गई है।

आग लगने की झूठी खबर या फोटो सोशल मीडिया पर डाली, तो कार्रवाई होगी

विदेशी जमीं के जंगलों की आग वाली वीडियों और फोटो को उत्तराखंड का बताकर सोशल मीडिया पर वायरल करने से कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ट्वीट के जरिए तथा वन मंत्री सहित कई लोगों ने इसे भ्रामक खबर, वीडियों और फोटो बताया है। वहीं, डीजीएलओं ने इस पर कार्रवाई की बात कही है।

बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर आग लगने से उत्तराखंड जंगल की 71 हेक्टेयर जमीन पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और लोगों की जान सहित कई जानवरों की मौत होने वाली खबर और वीडियों वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर ही जबरदस्त तरीके से ऐसी फेक न्यूज का खंडन शुरू हो गया। खुद वन मंत्री हरक सिंह ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के नाम से जो जंगल की आग की फोटो-वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें कुछ पुराने और कुछ विदेशों के हैं।

वन मंत्री हरक सिंह ने आरोप लगाया कि फेक न्यूज फैलाकर विभाग की छवि को धूमिल किया जा रहा है। इसके बाद वन प्रमुख जयराज ने बाकायदा आदेश जारी कर मुख्य वन संरक्षक पराग मधुकर धकाते को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया, उनसे कहा गया कि तथ्यों से परे सूचनाओं का पुरजोर खंडन करें। वहीं, वन अधिकारियों को भी आदेश दिया कि मीडिया प्रभारी को सटीक और सही जानकारी दी जाए। इसके साथ धकाते भी फेक न्यूज के खिलाफ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए, उन्होंने सही जानकारी देते हुए एक वीडियो भी अपलोड किया।

पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल उत्तराखंड के जंगलों में आग की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, वायरल फोटो-वीडियो में कुछ पुराने तो कुछ विदेशों के हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराने के साथ 500 आंचल मिल्क बूथ स्थापित करेगी सरकार

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत तीन हजार दुग्ध उत्पादकों को कुल 10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे और 500 आंचल मिल्क बूथ स्थापित किए जाएंगे। इसके तहत राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना और गंगा गाय महिला डेरी योजना में दुधारू पशुओं को खरीदने पर 25 प्रतिशत अनुदान और शहरी क्षेत्रों में आंचल मिल्क बूथ स्थापित करने के लिए 20 प्रतिशत अनुदान पर ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्राम स्तर पर रोजगार के साधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पशुपालन से ग्रामीणों की आजीविका में सुधार लाया जा सकता है। उक्त योजना का लाभ दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों को दिया जाएगा। जो व्यक्ति वर्तमान में दुग्ध सहकारी समिति का सदस्य न हो परंतु सदस्य बनने का इच्छुक हो, उन्हें भी योजनान्तर्गत लाभान्वित किया जाएगा। योजना के तहत क्रय किए जाने वाले दुधारू पशु राज्य के बाहर से क्रय किए जाएंगे, ताकि प्रदेश में पशुधन की वृद्धि हो। योजना में तीन हजार दुग्ध उत्पादकों को कुल 10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे और 500 आंचल मिल्क बूथ स्थापित किए जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए 01 जून से 15 जुलाई 2020 तक प्रबंधकध्प्रधान प्रबंधक दुग्ध संघ कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सिर से चारे का बोझा हटाने तथा वर्षपर्यंत पोष्टिक व हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा साइलेज एवं पशु पोषण योजना प्रारंभ की गयी है जिसके अंतर्गत प्रदेश में गठित दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों को 50 प्रतिशत अनुदान पर साइलेज (मक्के का हरा चारा) उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा साइलेज के ढुलान पर होने वाले व्यय की धनराशि भी अनुदान के रूप में दी जा रही है। इस योजना से प्रदेश के मैदानी तथा सुदूरवर्ती जनपदों में दुग्ध उत्पादकों को एक ही दर अर्थात रू 3.25 प्रति किलोग्राम की दर से उनके द्वार पर ही साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। योजना से दुग्ध सहकारी समिति के लगभग 50 हजार पोरर सदस्यों को लाभान्वित किया जायेगा। योजना के सफलता पूर्वक संचालन से जहाँ एक ओर पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा वहीं दूसरी ओर दूध की गुणवत्ता में भी सुधार होने से दुग्ध उत्पादकों को अधिक मूल्य प्राप्त होगा।

सरकार हर परिस्थिति से लड़ने और निपटने को है सक्षम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद भ्रमण के दौरान राधास्वामी सत्संग व्यास स्टेजिग एरिया में क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण किया। इसके बाद जिला चिकित्सालय मे रामसुमेर शुक्ल मेडिकल कालेज के 300 बेडों के चिकित्सालय का निरीक्षण एवं चिकित्सालय मे व्यवस्थाओं का जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने एपीजे अब्दुल कलाम सभागार मे कोविड-19 राहत कार्यो एवं बचाव मे लगे सम्बन्धित अधिकारियों की समीक्षा बैठक की।

सीएम ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न प्रांतों से आ रहे प्रवासियों से कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे है ऐसे मे सभी लोगों को एहतियात बरतने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि विभिन्न प्रान्तो़ से उत्तराखण्ड के लोगों को लाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। सरकार को पहले से ही अनुमान था कि बाहर से लोगों को लाने पर कोरोना केस बढेंगे इसलिए सरकार पहले से ही तैयारियों में जुटी है। उन्होने कहा कि सरकार हर परिस्थिति से लडने व निपटने के लिए तैयार व सक्षम है।

क्वारंटीन व्यक्ति नियमों का पालन न करें, तो सख्ती से निपटें
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि क्वारंटीन किये गये व्यक्ति यदि क्वारंटीन के नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनसे सख्ती से पालन करवाया जाए। संक्रमण का दौर है सभी जनता अपनी जिम्मेदारियों को समझे व इस लडाई मे सहयोग करें।

सांसद ने प्रवासियों से की अपील
सांसद अजय भटट ने प्रवासियों से अपील की है कि वे क्वारंटीन के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग व अन्य विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा इस आपदा दौर मे किये जा रहे कार्यो की सराहना की। उन्होने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता प्रत्येक आम नागरिक को बचाने की है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत दी जा रही है छूटः सीएम

ऐसे उद्योग जहां 100 या इससे कम श्रमिक कार्यरत हैं और 90 प्रतिशत श्रमिकों का वेतन 15 हजार रूपए प्रतिमाह से कम है, इस योजना से लाभ उठा सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी औद्योगिक संस्थानों से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में भारत सरकार द्वारा ईपीएफ में दी गई छूट का लाभ उठाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में आमजन को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना प्रारम्भ की गई है। इसी के अंतर्गत मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक 6 माह के लिए ऐसे उद्योगों, जिनमें 100 या इससे कम श्रमिक कर्मचारी कार्यरत हों और साथ ही 90 प्रतिशत श्रमिक कर्मचारी 15 हजार रूपए से कम वेतन ले रहे हों, के भविष्य निधि का अंशदान (नियोक्ता और कर्मचारी दोनों) का वहन भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, देहरादून के क्षेत्राधिकार में कुल 4502 ऐसे संस्थान हैं, जो कि उक्त योजना के तहत कवर हो सकते हैं, परंतु अभी आधे से भी कम संस्थानों ने इसका लाभ लिया है। मुख्यमंत्री ने शेष संस्थानों से आग्रह किया है कि भारत सरकार की इस योजना में आवेदन करें ताकि नियोक्ता व श्रमिक दोनों को लाभ मिले।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी वित्त मंत्री की घोषणाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की गई घोषणाओं से भारत में कृषि, पशुपालन, मत्स्य व अन्य संबंधित क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। किसानों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए स्थाई फ्रेमवर्क बनाया गया है। कृषि के क्षेत्र में किए गए सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करते हुए आत्मनिर्भर भारत में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य, मधुमक्खी पालन के साथ ही हर्बल खेती के लिए किए गए प्रावधानों से उत्तराखण्ड को काफी फायदा होने जा रहा है। इससे विशेष तौर पर हमारी पर्वतीय क्षेत्रों की इकोनोमी व स्थानीय आजीविका में परिवर्तन आएगा। पर्वतीय खेती का विकास, राज्य सरकार की नीति का प्रमुख अंग रहा है। उत्तराखण्ड राज्य, जड़ी बूटी का प्रमुख केंद्र है। हर्बल खेती के लिए 4 हजार करोड़ रूपए की व्यवस्था की जा रही है। इसमें मुख्यतः गंगा नदी के किनारे हर्बल कोरिडोर विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की गई घोषणाओं से राज्य में भी कृषिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। कोल्डस्टोरेज, कृषि उत्पादों की मार्केटिंग से हमारे उत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी। राज्य में पशुपालन और मत्स्य पालन को भी सपोर्ट मिलेगा। निश्चित तौर पर हमारे युवाओं के लिए कृषि व संबद्ध व्यवसायों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं से अपील की है कि वे कृषि, पशुपालन, हर्बल खेती, मत्स्य, फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे आएं और राज्य के विकास में सहभागिता करें। राज्य सरकार द्वारा उन्हें हर तरह का सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा देश में कृषिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है। असंगठित माइका्रे खाद्य उपक्रमों के तकनीकी सुदृढिकरण, ब्राण्डिंग और मार्केटिंग सुधार के लिए 10 हजार करोड़ की योजना लाई गई है। 20 हजार करोड़ रूपए से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना लाई जा रही है, इससे मत्स्यपालकों की आय में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना से पशुओं का 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। 15 हजार करोड़ रूपए से पशुपालन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कोष स्थापित किया जा रहा है। इससे डेरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इससे लगभग 2 लाख मधुमक्खीपालकों की आय बढ़ेगी। किसानों को उनकी उपज की सही कीमत मिले, इसके लिए आवश्यक वस्तु एक्ट में जरूरी सुधार किया जाएगा। इसी तरह से किसानों के हक में कृषि विपणन सुधार भी किए जाएंगे।

प्रवासी उत्तराखंडीयों के लिए न हो खाद्यान्न की कमीः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में आए प्रवासियों के व्यापक हित में उन्हें खाद्यान्न आदि की कोई समस्या न हो, इसके लिए जितने भी प्रवासी उत्तराखंडवासी यहां आ रहे हैं, उनके लिए राशन किट वितरित करने के व्यवस्था किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में खाद्यान्न की पूरी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए हैं। यह सभी के व्यापक हित में है। संक्रमण को रोकने में इससे बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मास्क का उपयोग नहीं करे उसपर आर्थिक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जाए।

विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त राहत राशि के चेक विस अध्यक्ष ने सीएम को सौंपा

स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल ने विभिन्न संस्थाओं की ओर से कोविड-19 के तहत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 5 लाख 33 हजार रूपये की राशि का चेक प्रदान किया।

कोविड-19 के दृष्टिगत मंडी समिति रुड़की के खाद्यान्न मंडी थोक व्यापार संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 5 लाख 25 हजार 100 रूपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु दिया है। यह चेक कृषि उत्पादन मंडी समिति रुड़की के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह पुंडीर ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपा। जरकोंन टेक्नोलॉजी इंडिया लि. के संजीव सोंदी ने 02 लाख रुपए, तुलसी प्रतिष्ठान मंदिर ने 51 हजार रूपए एवं दिनेश आनन्द ने 11 हजार रूपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिया।

विधायक हरबंश कपूर ने प्रेमनगर कांवली मण्डल के केके थपलियाल एवं जनरल महादेव सिंह मण्डल के उपाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता द्वारा दी गयी 7 लाख 16 हजार 363 रू. का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर भगत ने उत्तराखण्ड माइन्स एसोशिएशन द्वारा 10 लाख 25 हजार तथा विभिन्न महानुभावों द्वारा दिये गये 3 लाख 28 हजार 450 रू. का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा। संदीप खुराना, गंगा सेवा समिति ऋषिकेश द्वारा 5 लाख 11 हजार रू. का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा। सचिव, जैविक उत्पाद परिषद, उत्तराखण्ड द्वारा 51 हजार रू. की धनराशि का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

सीएम त्रिवेन्द्र ने एसडीआरएफ द्वारा बनाया गया कोरोना वारियर एप्प का किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में स्थित अंतर राज्यीय आवागमन हेतु बनाये गए राज्य स्तरीय कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ द्वारा बनाई गई ट्रेनिंग एप्प ‘‘कोरोना वारियर’’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी भी ली। अब तक राज्य में लाये गए प्रवासियों की संख्या तथा बाहर जाने वाले प्रवासियों के बारे में जानकारी। अभी तक सम्पादित बड़े अभियान एवं भविष्य के लिए कार्ययोजना, कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, उपलब्धियां, समस्याएं तथा सुझाव, वेब लिंक के माध्यम से मॉनिटर की जा रही जानकारी भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान ली। इसके अलावा उन्होंने राज्य के विभिन्न्न विभागों को अभी एसडीआरएफ द्वारा दिए गए प्रशिक्षण, अंतर राज्यीय तथा अंतर जनपदीय परिवहन के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए कि उनके राज्यों से जो खाली वाहन उत्तराखण्ड आ रहे हैं उन वाहनों में उत्तराखण्ड के प्रवासियों को उत्तराखण्ड बार्डर तक लाया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कंट्रोल रूम में अच्छा कार्य करने वाले कर्मियों का सम्मानित भी किया। जो कार्मिक सम्मानित किये गये उनमें एसडीआरएफ निरीक्षक वेद प्रकाश भट्ट, अनूप रमोला, उमराव सिंह, रेखा नेगी, अमन सिंह शामिल हैं।

कोविड-19 अथवा नोवेल कोरोना वायरस के दृष्टिगत वर्तमान तक एसडीआएफ द्वारा विभिन्न विभागों के 18 हजार से अधिक कर्मियों तथा जनमानस को कोरोना संक्रमण से बचाव सम्बंधी प्रशिक्षण दिया गया है। इसी क्रम में खेल- खेल में जागरूकता प्रदान करने वाली क्विज कराई जा रही है। इस एप्प के माध्यम से पुलिस, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री, आवश्यक सेवाओं के वाहन चालक, सफाई कर्मी आदि विभागों के कर्मचारियों एवं आम जनमानस द्वारा ज्ञान वर्धन किया जा सकता है।

उत्तराखंड को पीपीई किट, एन-95 मास्क और वेंटिलेटर की जरूरतः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में हैं। राज्य में कोविड पर नियंत्रण हेतु डॉक्टरों को प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित किया गया है। 3 महीनों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा भी उपलब्ध है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से राज्य को और पीपीई किट, एन -95 मास्क एवं वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस भी बहुत अच्छा कार्य कर रही है। बाहर से आने वाले सभी लोगों को क्वारांटाइन किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में सर्वे टीम एक्टिव हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव की डबलिंग रेट को भी काफी नियंत्रित किया गया है। प्रदेश में डबलिंग रेट 45 दिन है। उत्तराखंड में पूरी टीम उत्साह एवं सतर्कता से कार्य कर रही है। राज्य में कोरोना के 68 पॉजिटिव केस थे जिसमें से 46 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ओवरऑल उत्तराखंड की स्थिति काफी अच्छी है। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में और सतर्कता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को जल्द ही पीपीई किट ,वेंटिलेटर, एन 95 मास्क एवं अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार की सीएमओ डॉ सरोज नैथानी से भी कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।