होप पोर्टल समन्वय करने में अहम भूमिका निभाएगाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की उपस्थिति में होप पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस पोर्टल का यू.आर.एल. होपडॉटयूकेडॉटजीओवीडॉटइन है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कुशल और अकुशल युवाओं का डाटा बेस बनाना तथा डाटा बेस के आधार पर रोजगार-स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। विदित है कि कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ किया गया था। इस योजना के साथ समन्वय करने में यह पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

होप पोर्टल के माध्यम से उत्तराखण्ड के ऐसे युवा जो विभिन्न राज्यों एवं उत्तराखण्ड में कुशल पेशेवर स्किल्ड प्रोफेशनल हैं तथा वर्तमान में किसी न किसी संस्थान में कार्य कर रहे हैं या जो उत्तराखण्ड में कौशल विकास विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, ऐसे युवाओं के लिए यह पोर्टल एक सेतु के रूप में कार्य करेगा। इस पोर्टल के डाटा बेस का उपयोग राज्य के समस्त विभाग तथा अन्य रोजगार प्रदाता युवाओं को स्वरोजगार-रोजगार से जोड़ने के लिए करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की प्रेरणा से इस पोर्टल का निर्माण आईटी विभाग, कौशल विकास विभाग, नियोजन विभाग एवं एनआईसी ने आपसी समन्वय से किया। इस पोर्टल की वेब होस्टिंग उत्तराखण्ड सरकार के आईटीडीए, आईटी पार्क स्थित डाटा सेंटर में की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, सचिव आईटी आर.के सुधांशु, सचिव नियोजन अमित नेगी, सचिव कौशल विकास डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, एनआईसी के उप महानिदेशक के. नारायण, एनआईसी के तकनीकि निदेशक नरेन्द्र सिंह नेगी ने इस पोर्टल को बनाने में मुख्य भूमिका निभाई।

पीएम के साहसिक निर्णय से देश सुरक्षित महसूस कर रहाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के समय पर लिए गए साहसिक निर्णय से देश आज खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के दृष्टिगत समय-समय पर प्रधानमंत्री के साथ ही अन्य केन्द्रीय मंत्रियों, कैबिनेट सचिव एवं अन्य विभागीय सचिवों द्वारा दिये गये मार्ग दर्शन के लिये भी आभार व्यक्त किया।

लॉकडाउन में गरीबों के लिए की गई व्यापक व्यवस्था
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि लॉकडाउन के दौरान राज्य का कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं सोया है। राज्य सरकार के साथ ही सामाजिक स्तर पर इसकी व्यापक व्यवस्था की गई है। कोविड-19 की रोकथाम के लिये राज्य में लगभग 500 डॉक्टरों की तैनाती की गई तथा इतने ही पैरामेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था गई। राज्य के 13 जिलों में से 11 जिलों में आई.सी.यू., वेंटिलेटर एवं बाईपैप की व्यवस्था तथा पैरामेडिकल स्टॉफ के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी असामान्य परिस्थिति का सामना किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना के मामले 45 दिनों में डबल हो रहे हैं तथा रिकवरी रेट 67.6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राज्य में 68 पोजिटिव मामले हैं जिनमें से 46 व्यक्ति स्वस्थ होकर घर लौट गये हैं।

45 हजार प्रवासियों को स्पेशल ट्रेन से लाया जा चुका है वापस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में 45 हजार प्रवासियों को वापस लाया गया है। जिसका व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया है। पुणे व सूरत से भी ट्रेन द्वारा लोगों को वापस लाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 2 लाख श्रमिकों के खाते में 2,000 रू0 की धनराशि जमा करायी गयी है। लगभग 3500 उद्योगों में 45 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य आरम्भ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में श्रमिक कानूनों में सुधार किया गया है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों की भांति किसानों को सिंगल विंडो सिस्टम की तरह पोर्टल तैयार किये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसान मजबूत होगा तो आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि खनन के चुगान में बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता रहती है। इसके लिये भी एन.जी.टी से अनुमति प्रदान करने में प्राथमिकता दिये जाने की अपेक्षा मुख्यमंत्री ने की।

ग्रीन जोन में पर्यटन को अनुमति दी जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आवासीय विद्यालयों को खोलने की अनुमति प्रदान करने के साथ ही वित्तीय सीमितता एवं टैक्स कलेक्शन में हो रही कमी के कारण ऋण सीमा को 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत किया जाए। कंटेनमेंट जोन के बाहर आर्थिक गतिविधियों को अनुमति दी जाए। राज्य के अन्दर ग्रीन जोन के बीच में सीमित पर्यटन गतिविधियां अनुमन्य की जाए। राज्य के द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पीएमईजीपी के स्वरूप पर प्रारम्भ कर दी गई है।

मनरेगा के अंतर्गत मानक गतिविधियों में होम स्टे एवं अन्य गतिविधियां भी अनुमन्य की जाए। मनरेगा के अंतर्गत अल्पावधि कृषि गतिविधियों को भी अनुमन्य किया जाना चाहिए। व्यक्तिगत लाभ की श्रेणी में पुरुष जॉब कार्ड धारक को फार्म उत्पादन प्रसंस्करण यूनिट का निर्माण अनुमन्य किया जाए (वर्तमान में यह एनआरएलएम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं हेतु ही अनुमन्य है।) मनरेगा के पैटर्न पर शहरी क्षेत्रों में मजदूरों हेतु एक नई योजना लाई जानी चाहिए।

राज्य में काफी संख्या में प्रवासी आ रहे हैं जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है। भारत सरकार द्वारा 01 अप्रैल के उपरांत राशन कार्ड बनाने पर मनाही की गई है। यह लोग अत्यंत गरीब है एवं राज्य में इनकी संख्या करीब 03 लाख के आसपास है। इनके जीवनयापन का भी कोई तत्काल साधन नही है। अतः इनके राशन कार्ड बनाने अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस0डी0आर०एफ0 की धनराशि से कोविड-19 के प्रबन्धन तथा अवस्थापना सृजन से सम्बन्धित समस्त खर्चे को अनुमन्य किया जाना चाहिए।

डिस्ट्रिक गंगा कमेटी के तहत उत्तराखंड में हुए सराहनीय कार्य

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उत्तराखंड से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर नमामि गंगे, 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले पर चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले के लिए जल शक्ति मंत्रालय के तहत होने वाले कार्यों के लिए राज्य सरकार को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के तहत उत्तराखंड में अच्छा कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक गंगा कमेटी के तहत भी उत्तराखंड में सराहनीय कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कुंभ मेले के लिए हरिद्वार में अनेक निर्माण कार्य होने हैं। जिसके लिए राज्य सरकार को जल शक्ति मंत्रालय से मदद की जरूरत होगी। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा एवं जल शक्ति मंत्रालय की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री मेहरबान सिंह बिष्ट उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर होटल व्यापारियों ने कराया अपनी समस्या से अवगत

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने कहा कोविड-19 की वजह से राज्य में पर्यटन एवं अन्य लोगों के आवागमन न होने से होटल संचालकों एवं होटल एसोसिएशन को काफी समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है। होटलों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को वेतन देने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड में पर्यटन कि दृष्टि से यह सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस अवसर पर होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न समस्याएं रखीं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि होटल एसोसिएशन की प्रमुख समस्यायों को गंभीरता से लिया जाएगा और उनका समाधान करने का हर संभव प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि ग्रीन जोन वाले जनपदों विभिन्न गतिविधियों में तेजी लाई जाए, ताकि अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार हो सके।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा अनिल गोयल, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप सहानी, सेक्रेट्री संजय अग्रवाल, प्रदीप कर्णवाल, आशीष गोयल आदि उपस्थित थे।

राज्य की आर्थिकी में सुधार के लिये गठित उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष ने सौंपी मुख्यमंत्री को अन्तरिम रिपोर्ट

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों के साथ कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर मंथन किया। इस अवसर पर राज्य की आर्थिकी में सुधार लाने तथा आजीविका के संसाधनों में वृद्धि के लिये गठित उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष इंदु कुमार पाण्डे ने अन्तरिम रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंपी।

उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कोविड-19 के दृष्टिगत उत्पन्न स्थिति के कारण विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों पर उनके द्वारा विभिन्न संस्थानों, उद्यमियों से इस सम्बन्ध में सुझाव प्राप्त करने के साथ ही विभिन्न राज्यों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में शीघ्र ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की माइक्रो इकोनामी को रिवाइव करने की जरूरत है, इसके लिये बैंको को सहयोगी बनाना होगा। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन, राज्य में होने वाले माईग्रेशन से उत्पन्न स्थिति के मध्य नजर उद्योगों की स्थिति के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों पर सेक्टरवार एनालिसिस पर ध्यान देने पर उन्होंने बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में प्रदेश के पर्यटन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। इससे सम्बंधित उद्योग बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं, भविष्य में इन्हें कैसे मजबूती प्रदान की जाए इस पर चिन्तन जरूरी है। इसके लिए उन्होंने शार्ट टर्म, मीडियम टर्म एवं लॉन्ग टर्म की योजनाओं का स्थानीयता को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किया जाना होगा। उन्होंने जिले से लेकर ब्लाक स्तर तक सेक्टरवार स्थिति के आकलन के लिये भी जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी देने को कहा। उन्होंने कहा कि आगामी माहों में राज्य की आर्थिकी की स्थिति का रूझान स्पष्ट हो पायेगा इसके लिये सभी क्षेत्रों की स्थिति पर गहनता से ध्यान देने की उन्होंने जरूरत बतायी।

औद्योगिक उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभावों, श्रमिक समस्याओं, संसाधनों की कमी के दृष्टिगत आर्थिकी के नये स्रोतों पर विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये स्पेशल डेवलपमेंट प्लान भी तैयार किया जाना चाहिए। व्यय पर प्रभावी नियंत्रण के साथ ही एस.डी.आर.एफ का स्कोप बढ़ाये जाने, हर जिले में उत्पादों के कलस्टर तैयार करने की भी बात उन्होंने कही।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य की आर्थिकी के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के कारण राज्य के अन्य प्रदेशों में फंसे लोगों को केन्द्र की गाइडलाइन के अंतर्गत वापस लाया जायेगा। पहले उन लोगों को लाया जायेगा जो न घर में हैं और न कार्य स्थल पर। इसके लिये यहां पर उनकी सभी आवश्यक व्यवस्थायें की जायेगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेश के जो लोग राज्य में रूके हैं उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि चार धाम सड़क परियोजना के तहत 600 किमी सड़क का निर्माण दिसम्बर तक पूर्ण हो जायेगा। इससे राज्य को जीएसटी में 400 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि खनन की प्रक्रिया भी गतिमान है। प्रमुख सचिव आनंदवर्धन ने कहा कि एक्साइज पर सेस व मेडिसिन प्लांट के कृषिकरण से आय के संसाधन बढ़ाये जा सकते हैं।

प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने कहा कि राज्य में 3,500 उद्योगों को अनुमति प्रदान कर दी गई है। फूड प्रोसेसिंग वाले उद्योगों में उत्पादन आरम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि आजीविका सुधार से सम्बंधित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सचिव कृषि आर मीनाक्षी सुन्दरम ने कहा कि गेहूं किसानों को गेहूं का भुगतान समय पर किया जा रहा है। परम्परागत उत्पादों की मार्केटिंग की सप्लाई चेन की मजबूती पर ध्यान देने के साथ ही इसकी मानिटरिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सचिव स्वास्थ्य श्री नितेश झा ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए इम्पावर्ड कमेटी बनाई जाए। उद्योग व वाणिज्यिक संस्थानों को सहयोग देकर आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि चार धाम यात्रा का व्यवसाय लगभग 2000 करोड़ का होता है, उन्होंने कहा कि पहाड़ के जिलों में यदि यात्रा में छूट दी जाए तो स्थानीय लोग अपना व्यवसाय आदि खोल सकते हैं। उन्होंने शार्ट टर्म रिलीफ के साथ सभी विभागों से इस क्षेत्र के रिवाइवल पर सहयोग की बात कही।

सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा सीआईआईः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सी.आई.आई. द्वारा आयोजित उत्तर भारत वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत ही नहीं बल्कि विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। देश में औद्योगिक गतिरोध उत्पन्न हुआ है, इस कान्फ्रेंस से नई आशा एवं विश्वास का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 मार्च से प्रदेश में लॉक डाउन हो गया था। प्रदेशवासियों एवं उद्योग जगत ने संयम से लॉक डाउन का पालन किया है। उत्तराखंड में अभी तक कोरोना के 51 पाजिटिव मामले आए हैं, जिसमें से 33 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय जिले कोरोना के प्रभाव से मुक्त हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.आई.आई. समाज के सक्षम वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे समय में सी.आई.आई अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सरकार के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सी.आई.आई. की राज्य ईकाई निरन्तर राज्य सरकार के सम्पर्क में रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अहम योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भारत सरकार के आदेश के बाद राज्य में उद्यमियों की सुविधा के लिए उद्योग के संचालन की अनुमति हेतु एकल खिड़की की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से 20 अप्रैल से अभी तक 1171 उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई है। लॉक डाउन की अवधि में कोविड-19 से सुरक्षा हेतु आवश्यक उपायों के दृष्टिगत आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने वाली ईकाइयों को बंदी से मुक्त रखा गया है। राज्य में फार्मा तथा खाद्य पदार्थ उत्पादन की 1884 ईकाइयों के संचालन की अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड-19 आपदा से राज्य की आर्थिकी पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के निराकरण के लिए प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के विभिन्न उपायों एवं विकल्पों का त्वरित अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस अधिकारी इन्दु कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में लीज, रेंट के भुगतान की अन्तिम तिथि 30 अप्रैल 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 तक विस्तारित किया गया है। लम्बित जल संयोजन उपयोग प्रभार, सीवर शुल्क आदि भुगतान करने की तिथि 31 मई 2020 तक, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत सहमति के स्वतः नवीनीकरण की तिथि 30 जून 2020 तक बढ़ाई गई है। इसके अलावा भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को 2-2 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी गई है। मार्च से मई 2020 तक औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं से फिक्स्डध्डिमाण्ड चार्ज के भुगतान में आस्थगन की सुविधा तथा विलम्ब से बिलों के भुगतान में लेट सरचार्ज में छूट एवं लॉक डाउन के दौरान विद्युत बिल भुगतान करने में असमर्थ रहने पर विद्युत संयोजन काटने पर रोक लगाई है।

स्पीकर ने 25 लाख 51 हजार की धनराशि का चेक सीएम को सौंपा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रदेश में कोविड-19 तथा लॉक डाउन से उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों द्वारा एकत्रित 25 लाख 51 हजार रुपए की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है। जिसमें बिशन खन्ना, ऋषिकेश पब्लिक स्कूल द्वारा 10 लाख रुपए, हर्षवर्धन शर्मा, श्री भरत मंदिर स्कूल सोसायटी द्वारा 10 लाख रुपए, महंत अशोक प्रपन्न शर्मा, मंदिर भरत महाराज ऋषिकेश द्वारा 5 लाख रुपए एवं गुरविंदर सलूजा, मां कात्यायनी मंदिर ज्ञान करतार आश्रम शीशमझाड़ी, ऋषिकेश द्वारा 51 हजार रुपए की धनराशि शामिल है।

सीएम बोले, मैकेनाइज्ड हैंड वाॅश मशीन सार्वजनिक स्थलों के लिए उपयोगी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष शुक्रवार को वैज्ञानिक शाबिर अहमद ने मैकेनाइज्ड हैंड वॉश मशीन का डेमो दिया। उन्होंने कहा कि यह मशीन कोविड-19 के दृष्टिगत बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। इस मशीन से नल एवं साबुन को छुए बिना हाथ धोया जा सकता है। इस मशीन में पानी एवं साबुन का कंट्रोल पांवो से किया जाता है। मशीन में दो पेडल हैं जिनसे आवश्यकतानुसार पानी एवं साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी औसतन लागत लगभग 9,500 रुपए है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यह हैंडवाश मशीन सार्वजनिक स्थलों के लिए कारगर साबित होगी। कोविड-19 पर नियंत्रण में भी यह मशीन उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर बनाई गई आर्थिकी सुधार समिति

प्रदेश की आर्थिकी में सुधार लाने और आजीविका के संसाधनों में वृद्धि के लिए इंदु कुमार पाण्डे की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सलाहकार समिति गठित की गई है। कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाऊन से हुए नुकसान को कम करने और उत्तराखंड की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर इस समिति का गठन किया गया है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इंदुकुमार पाण्डे को इसका अध्यक्ष नामित किया गया है। प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव वित्त सौजन्या, अपर सचिव वित्त भूपेश तिवारी और अपर सचिव नियोजन योगेन्द्र यादव समिति के सदस्य होंगे। अपर सचिव भूपेश तिवारी सदस्य सचिव होंगे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित यह समिति लॉकडाऊन से राज्य की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान का अध्ययन कर राज्य के आर्थिक संसाधनों में सुधार लाने के लिए संस्तुतियां देगी। इस पर भी विचार किया जाएगा कि लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए किन क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी।

ऋषिकेश मेयर अनिता ने सीएम से मुलाकात कर राहत राशि का डेढ़ लाख का चेक सौंपा

कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए राज्य आपदा राहत कोष में नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने डेढ़ लाख रूपए देकर मिसाल कायम की है।

मेयर अनिता ने मुख्यमंत्री आवास में जाकर राहत राशि का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सौंपा। कोविड-19 के दृष्टिगत मेयर ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु डेढ़ लाख रुपए का चेक दिया। जिसमें एक लाख पति डा. हेतराम ममगाई व पुत्र 50 हजार डा. हिमांशु ममगाई की ओर से दिए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश मेयर द्वारा कोरोना के खिलाफ जंग में कुशलता के साथ सरकारी नियमों का अनुपालन कराने एवं चलाये जा रहे राहत कार्यों की सराहना की। मेयर अनिता ममगाई ने मुख्यमंत्री की होसला अफजाई का आभार व्यक्त किया।

एम्स ने एक दिन के वेतन से दिए 80 लाख रूपए
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की ओर से कोरोना वायरस (कोविड 19) के विश्वव्यापी बढ़ते दुष्प्रभाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री केयर फंड में 80 लाख से अधिक की धनराशि दान की है। इसमें संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों का एक दिन का वेतन शामिल है।

निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान हमेशा जनहित व स्वास्थ्य सेवा को लेकर तत्पर रहता है, लिहाजा एम्स ऋषिकेश संकट की इस घड़ी में अपने संपूर्ण संसाधनों से मरीजों की सेवा में जुटा है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि संस्थान की ओर से कोरोना मरीजों के लिए एम्स में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड संचालित किया जा रहा है और इस संख्या को जल्द बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों के सैंपल की जांच के लिए माइक्रो बायोलॉजी विभाग में प्रयोगशाला शुरू कर दी गई है,जिसमें संस्थान में आने वाले कोविड 19 आशंकित मरीजों के अलावा राज्य के विभिन्न अस्पतालों से आने वाले नमूनो की जांच भी नियमिततौर पर की जा रही है। निदेशक एम्स प्रो.रवि कांत जी ने बताया कि संस्थान द्वारा कोविड 19 ग्रसित मरीजों की सुविधा के लिए संस्थान में वेंटीलेटर्स की संख्या 65 से बढ़ाकर 200 की जा रही है, इस दिशा में कार्य चल रहा है।