31 मार्च की सुबह सात से सायं आठ बजे तक एक जिले से दूसरे जिले जाने की मिली छूट

प्रदेश के भीतर जो लोग एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहते हैं, वे लोग 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह अनुमति होगी। एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह सात से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की व्यवस्था का अच्छा रेस्पोंस मिला है। इससे लोगों में घबराहट खत्म हुई है, भीङ भी नहीं हो रही। लोग भी अब समझने लगे हैं। इसलिए इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जो उत्तराखंडवासी फंस गए हैं उनके लिए उत्तराखंड सदन ओपन कर दिया गया है। वहां उनके भोजन, मेडिकल आदि व्यवस्था है।

इसी प्रकार मुम्बई में भी उत्तराखंड भवन को लॉकडाऊन में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए ओपन किया गया है। उन्होंने बताया कि हम दो तीन दिन में 500 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रहे हैं। इससे हमारे यहाँ चिकित्सक पर्याप्त संख्या में हो जाएंगे। सीएम ने बताया कि पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र और वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक माह की छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिलेवार जिम्मेदारी दी

कोरोना वायरस से निपटने, प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
शुक्रवार को मंत्रियों को तैनाती देते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डा. हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविन्द पाण्डेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व उधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

रामगंगा पर बनने वाले बांध का डिजाइन को लेकर सीएम ने दिए अधिकारियों को निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को गैरसैंण में बनने वाली चौरड़ा झील का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैरसैंण में पेयजल की व्यवस्थाओं के लिए सुनियोजित प्लानिंग की जाए। ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद गैरसैंण एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में सम्भावित आबादी वृद्धि के अनुरूप पेयजल की व्यवस्था की जानी है। रामगंगा पर जो चौरड़ा झील बनायी जा रही है, इस झील से 2070 तक अर्थात अगले 50 साल तक 31 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि रामगंगा पर बनने वाले बांध का डिजायन इस तरह तैयार किया जाये कि भविष्य में इससे पेयजल की क्षमता में और वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस झील का निर्माण पूर्ण होने से गैरसैंण, भराड़ीसैंण एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों में पूर्ण ग्रेविटी का जल उपलब्ध होगा। गैरसैंण में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को अन्य विकल्प भी तलाशने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बांध की टेंडर प्रक्रिया अप्रेल 2020 में की जायेगी। उसके बाद जल्द कार्य भी शुरू कर दिया जायेगा।

सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का सीएम त्रिवेन्द्र सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ किया। मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसोर्ट में आयोजित 7 दिवसीय महोत्सव में विश्व के 11 देशो एवं देश के 09 राज्यों के योगाचार्यो, शिक्षकों एवं योग प्रेमीं प्रतिभाग कर रहे है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि योग को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अह्म भूमिका रही है। उत्तराखण्ड को योग के हब एवं ऋषिकेश को विश्व योग के केन्द्र बिन्दु के रुप में स्थापित करने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किया है। योग को पर्यटन से जोड़ने और योग के साथ-साथ पर्यटन हब के रुप में उत्तराखण्ड को विकसित करने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

उन्होने कहा कि अध्यात्मिक योग के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने का कार्य सरकार कर रही है। योग विश्व स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए जरुरी है जिसकी आवश्यकता आज पूरी दुनिया को महसूस होने लगी है जिसका परिणाम है कि आज विश्व में जहां भी योग की शुरुआत हो रही है वहॉ उत्तराखण्ड के योग शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता व सम्मानस्वरुप बुलाया जा रहा है।?

ऋषिकेश विश्व पटल पर योग का केंद्र बिंदुः योगी आदित्यनाथ
इस अवसर पर उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में ऋषि की परम्परा एव साधना के परिणामस्वरुप योग का उत्थान जीवों के कल्याण के लिए हुआ है। योग जैसी अध्यात्म और पवित्र विद्या को दुनिया के कोने-कोने में पंहुचाने और योग का विश्व गुरु बनने में भारत के प्रधानमंत्री का अथक प्रयास रहा है। इसके साथ ही उत्तरखण्ड का शहर ऋषिकेश विश्व पटल पर योग का केन्द्र बिन्दु के रुप में उभरा है। उन्होने प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत की सराहना करते हुए कहा कि यदि स्वच्छ के बाद योग को अपनाया जाय तो अनेक बीमारियों से निजात मिल सकती है। स्वच्छ काया शरीर में योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक मजबूती एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाया जा सकता है। उन्होने कहा कि विश्व का कोई भी देश जब योग परम्परा से जुड़ता है तो वह भारत की आत्मीयता से जुड़ता है और यह बात देश को गौरवान्वित करती है।

इस अवसर पर उन्होने वर्ष 2021 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ में उत्तराखण्ड सरकार को सहयोग दिये जाने की बात भी कही। वहीं पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत विगत माह में उत्तराखण्ड में खूब बर्फबारी हुई जिसमें उत्तरप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशी पर्यटकों का जबरदस्त आवागमन रहा।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अध्यक्ष जीएमवीएन महावीर सिंह रांगड़, महामण्डलेश्वर जूना अखाडा स्वामी अवदेश्वरानन्द महाराज, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. वी षणमुगम, एसएसपी डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

देहरादून में हुई आईटीएटी की सर्किट बैंच की स्थापना

केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा गुरूवार को हरिद्वार बाई पास स्थित होटल में आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) की देहरादून सर्किट बैंच का मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं आयकर अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस पीपी भट्ट की उपस्थिति में शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड पोस्टल सर्किल द्वारा तैयार की गई विशेष एलबम का भी अनावरण किया गया।

उत्तराखंड से विशेष लगाव, सभी लोग ईमानदारी से टैक्स देंः रविशंकर
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनका उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। देहरादून में आईटीएटी की सर्किट बैंच की स्थापना को राज्य हित में बताते हुए इसे आयकर अपीलार्थियों एवं अधिवक्ताओं के व्यापक हित में बताया। उन्होंने इस अवसर पर जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराये जाने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक रूप से सशक्त बाने तथा विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिये जरूरी है कि सभी लोग ईमानदारी से टैक्स दें। उन्होंने कहा कि देश की 130 करोड़ की आबादी में मात्र 9 करोड़ लोग ही टेक्स देते हैं। एक करोड़ की आय दिखाने वाले 2 हजार प्राफेसनल हैं, जबकि पिछले चार साल में 2 करोड़ लोग विदेश गये। 2.50 करोड़ लोगों ने नई गाड़ी खरीदी, 10 लाख से ऊपर अपनी आय दिखाने वाले मात्र 50 हजार हैं, यह स्थिति सोचनीय है। हमें ईमानदारी से टैक्स देने की सोच बढ़ानी होगी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आयकर दाताओं के हित में बड़े निर्णय लिये है। अब 31 अक्टूबर के बाद किसी भी करदाता को नोटिस डिजिटल फार्मेट में ही भेजी जाएंगी। पेनाल्टी के निर्धारण के लिये तीन आयकर आयुक्तों की समिति बनाई गई है। 31 मार्च तक आईटीएटी के तहत विभिन्न न्यायालयों में जितने भी केस लंबित है उसमें अपीलार्थी को मूल धनराशि ही जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री के रिफार्म परफार्म एवं ट्रांसफार्म की अवधारण के साथ कर सुधारों एवं समावेशी डिजिटल भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में 121 करोड़ लोगों के पास मोबाइल है 70 करोड़ स्मार्टफोन है। फर्जी नाम से चलने वाले एकाउन्ट को बंद कर 1.40 करोड़ की बचत की गई है। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में बिजली पहुंचाने के साथ ही 2.50 लाख न्याय पंचायतों में आप्टिकल फाइवर लाइन बिछाई गई हैं। इससे पूरा देश नेटवर्किंग से जुड़ जायेगा।

उन्होंने कहा कि दुनिया के 06 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की ओर अग्रसर हैं दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने नागरिकता कानून को आस्था के कारण पीड़ितों को मदद करने वाला बताते हुए कहा कि यह नागरिकता देने वाला है किसी की नागरिकता छीनने वाला नहीं।

अधिवक्ताओं की समय के साथ होगी आर्थिक बचत
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीएटी की सर्किट बेंच को राज्य के लिये बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इससे अपीलार्थियों एवं अधिवक्ताओं को बार-बार दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा तथा उनकी समय के साथ-साथ आर्थिक बचत भी होगी। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वकर निर्धारण की दिशा में आगे आना चाहिए तथा ईमानदारी के साथ अपना टैक्स अदा करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में भी स्वकर निर्धारण की व्यवस्थ बनायी है। आपसी सहयोग विश्वास व समन्वय से विवादों का समाधान हो इसकी भी उन्होंने जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश के विकास में जागरूक नागरिकों द्वारा ईमानदारी के साथ टैक्स के रूप में दिये गये सहयोग की बड़ी भूमिका रहती है।

आईटीएटी के अध्यक्ष जस्टिस पीपी भट्ट ने कहा कि इस सर्किट बैंच की स्थापना से राज्य के करदाताओं को लाभ होगा। इस बैंच की दिल्ली से राज्य में सम्बन्घित 880 अपीलों के दस्तावेज यहां लाये गये है। इनका शीघ्र निस्तारण हो इसका उन्होंने आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस बैंच को और अधिक जनोपयोगी बनाये जाने तथा कार्य निर्वहन में आई टी का अधिकतम उपयोग का उनका प्रयास रहेगा।

सरकार की पारदर्शिता से जनता को मिल रहा लाभः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी में एक अरब 13 करोड 42 लाख की 78 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 48 करोड 52 लाख, 68 हजार की 24 योजनाओं का लोकार्पण व 64 करोड, 89 लाख, 43 हजार की 54 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने महानगर हल्द्वानी की आन्तरिक सडकों हेतु 20 करोड रूपये की घोषणा भी की।

समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने वर्ग-4, वर्ग-1ख काबिज काश्तकारों को पट्टे, दीनदयाल आवास, आयुष्मती योजना के कार्ड लाभार्थियों को मुख्य मंच से ज्वाला दत्त, विशना देवी, धीरेन्द्र कुमार, दयाकिशन, कमला देवी, देवकी देवी, चम्पा, दीपा देवी, पार्वती, बबली आदि को वितरित किये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता से विकास कार्य कर रही है। जिसका जनता को लाभ मिल रहा है। उन्होने कहा जनहित में शीघ्रता से नीतिगत निर्णय लिये जायेंगे। प्रदेश में विगत तीन वर्षो से केन्द्र सरकार के सहयोग से विकास की श्रृंखला गतिमान है जिससे प्रति व्यक्ति आय प्रतिवर्ष बढ रही है। उन्होने कहा कि कही भी पेयजल की कमी नही होने दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की जनता सर्वगुण सम्पन्न है मगर हमें व्यवसायिक गुण को अपना कर विकास की ओर उन्मुख होना होगा ताकि हम सम्पन्न होकर देश के सामने प्रदेश को एक मॉडल के रूप में स्थापित कर सकें।

विधायक व भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि सरकार लगातार विकास के कार्य कर रही है। विकास कार्यो में केन्द्र सरकार का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। उन्हांेने कहा कि दशकों से जमरानी बांध परियोजना को सरकार द्वारा स्वीकृत प्रदान कर दी गई है, जिससे तराई व भाबर को नवजीवन मिलेगा। उन्हांेने कहा भूमिहीनों को पटटा दिलाने, युवाओें, महिलाओं को समूहों के माध्यम से रोजगार को जोडने का कार्य सरकार के नेतृत्व मे किया जा रहा है जो सराहनीय है। सरकार गत तीन वर्षो से लगातार विकास कार्यो के साथ जनकल्याणकारी कार्य कर रही है जिससे जनता लाभान्वित हो रही है।

आपातकालीन सेवाओं, प्राकृतिक आपदा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ड्रोन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी भवन, आईटी पार्क, देहरादून में इंडिया ड्रोन फेस्टिवल-2.0 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ने एनटीआरओ के सहयोग से इस क्षेत्र में बहुत कम समय में काफी प्रगति की है। आज के तकनीकी युग में ड्रोन का बहुआयामी उपयोग हो सकता है। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों में ड्रोन की उपयोगिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस तकनीक का इस्तेमाल कर अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केन्द्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई। इस प्रकार की नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए युवा अपने देश व प्रदेश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ड्रोन व इससे सम्बन्धित तकनीकी शिक्षा से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के मेरी सरकार पोर्टल का भी शुभारम्भ किया। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे सरकार से सम्पर्क कर किसी भी विषय में अपने सुझाव दे सकता है। मुख्यमंत्री ने जीआईएस बेस्ड, ड्रोन मैपर सॉफ्टवेयर का भी विमोचन किया। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से तैयार इस सॉफ्टवेयर के द्वारा फोटो को कैप्चर करने, 3-डी मॉडल बनाने एवं डाटा विश्लेषण करने में किया जा सकेगा।

सचिव आरके सुधांशू ने कहा कि इण्डिया ड्रोन फेस्टिवल 2.0 को प्रदेश के 13 जनपदों के 1500 स्कूल एवं लगभग दो लाख बच्चे इस कार्यक्रम से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने ड्रोन की उपयोगिता को समझाते हुए कहा कि यह प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में आपातकालीन परिस्थितियों में काफी सहायक सिद्ध होगा।

कुंभ कार्यों को समय और गुणवत्ता के साथ संपन्न करांए अधिकारीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में कुम्भ 2021 के सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं के साथ विचार विमर्श किया। बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले हेतु किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी महात्माओं का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए कहा कि कुंभ की परंपरा में संतों के आशीर्वाद की आवश्यकता रहती है। संत महात्माओं ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने श्री गंगा सभा हरिद्वार द्वारा कुम्भ महापर्व 2021 की प्रमुख स्नान तिथियों में से सभी अखाड़ों के संत महात्माओं की उपस्थिति में उनकी सर्वसम्मति से आगामी कुंभ मेले में आयोजित होने वाले चार शाही स्नानों की घोषणा की कुंभ मेले में होने वाले शाही स्नान में 11 मार्च 2021 (महाशिवरात्रि), 12 अप्रैल 2021 सोमवती अमावस्या, 14 अप्रैल 2021 बैसाखी कुम्भ स्नान एवं 27 अप्रैल 2021 चौत्र पूर्णिमा स्नान आयोजित होंगे। इसके साथ ही 6 पर्व स्नान 14 जनवरी 2021 (मकर संक्रान्ति), 11 फरवरी 2021 (मौनी अमावस्या), 16 फरवरी 2021 (बसंत पंचमी), 27 फरवरी 2021 (माघ पूर्णिमा), 13 अप्रैल 2021 (नव सम्वत् सर) एवं 21 अप्रैल 2021 (राम नवमी) को आयोजित होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे कुंभ कार्यों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराएं। इसमें जिन विभागों को कोई भी समस्या हो, उसे मेलाधिकारी के संज्ञान में लाएं। यदि स्वीकृति शासन स्तर से की जानी हो तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जल संस्थान के अधिकारियों को सीवर के कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई को भी कुम्भ क्षेत्र में नेशनल हाइवे के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को दिन रात करते हुए युद्ध स्तर पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने सभी आवश्यक अधिकारी तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख संतों को आवश्यक सुरक्षा एवं अखाड़ों से लगातार संपर्क कर कुंभ मेले हेतु कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। कुंभ क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की आवश्यकता के अनुसार विभागों को पट्टे आबंटित किए जाएंगे। इसके लिए दिन रात कार्य करने हेतु परमिट दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु सभी अखाड़ों के संत महात्माओं का सहयोग आवश्यक है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक सुरेश राठौर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज, महामंत्री हरिगिरी महाराज, रविन्द्र पुरी महाराज, महंत प्रेम गिरी महाराज, महंत धर्म दास, महंत राजेन्द्र दास, मुखिया मंहत भगत राम, महन्त जसविंदर सिंह, महंत साधना नन्द, मंहत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महंत राम दास आदि उपस्थित रहे।

राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धताः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सहस्त्रधारा में विश्वबैंक पोषित यूडीआरपी योजना के अन्तर्गत काली-रो नदी पर 688 लाख लागत से निर्मित होने वाले 48 मीटर स्पान के स्टील ट्रस सेतु तथा 219.91 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 30 मीटर स्पान के स्टील गर्डर मोटर सेतु का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर सहस्त्रधारा में बस अड्डे, सरोणा स्कूलका उच्चीकरण के साथ ही सहस्त्रधारा चामासारी मोटरमार्ग के डामरीकरण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलो के निर्माण से इस क्षेत्र की 13 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। राज्य में सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि राज्य के लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का आधार है। पर्यटन व साहसिक खेलों को बढ़ावा देने से देश व दुनिया के लोग यहां आयेंगे। ओली में शुरू हुई नेशनल स्कीइंग एंड स्नोबोर्ड चैम्पियनशिप में विभिन्न देशों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। गोचर चिन्यालीसौड के लिये हेली सर्विस शुरू की गई है।

देहरादून से दिल्ली जयपुर व अन्य शहरों के लिये अतिरिक्त हवाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने युवाओं से पर्यटन से जुड़ी स्वरोजगार योजनाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि 5000 होम स्टे बनाने का हमारा लक्ष्य है। अब तक 2200 रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

यदि तैरना सीखना है तो तालाब में जाना पड़ेगाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आत्म सुरक्षा की दृष्टि से महिलाओं का शारिरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। इससे उनके मन में अपनी असुरक्षा का भाव समाप्त होगा तथा आत्म विश्वास मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी पहल भी स्वयं उन्हें करनी होगी क्योंकि यदि तैरना सीखना है तो तालाब में जाना ही पड़ेगा।

शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में आयोजित दो दिवसीय ‘‘सेल्फ डिफेंस वर्कशाप फार गर्ल्स’’ से सम्बन्धित कार्यशाला को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय जूडो-कराटे एवं अन्य सुरक्षा से सम्बन्धित उपायों के प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्म विश्वास एवं आत्म सुरक्षा का भाव जागृत होगा। उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं से सम्बन्धित कोई कार्यक्रम होता है तो वहां पर महिलाओं की सुरक्षा की बात भी जरूर होती है। यह महिलाओं के सम्मान से जुड़ा विषय भी है। महिलाओं के अन्दर आत्म सुरक्षा का भाव जागृत हो इसके लिए उनका शारिरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। उन्हें आत्म सुरक्षा के विभिन्न विषयों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपेक्षा की कि वे शारिरिक व्यायाम योग, मार्शल आर्ट आदि के लिए प्रतिदिन एक घंटा अवश्य निकालें। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, इससे उन्हें अपने को फिट रखने में भी मदद मिलेगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्थापित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति दीप्ति रावत ने कहा कि आज लड़कियों के साथ ही लड़कों को भी अच्छे व्यवहार एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता की सीख देने की जरूरत है। इसके लिए परिवार के जिम्मेदार लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने छात्राओं को सजग एवं सतर्क रहते हुए ऊँचे मनोबल के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखनी चाहिए इसके लिए यदि जरूरत पड़े तो उन्हें महिला सुरक्षा हेतु उपलब्ध विभिन्न हैल्प लाइनों एवं पोर्टलों का भी उपयोग करना चाहिए।
मेयर सुनील अनियाल गामा ने कहा कि नगर निगम द्वारा गांधी पार्क के साथ ही नगर के 100 वार्डों में भी जिम बनाये जायेंगे ताकि हमारे लोग शारिरिक रूप से स्वस्थ रहें। उन्होंने सभी से देहरादून को सुन्दर व स्वच्छ बनाने तथा शहर प्लास्टिक मुक्त बनाने में भी मददगार बनने की अपेक्षा की।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सिविल डिफेंस की असस्टिन्ट डिप्टी कमाण्डेंड जनरल एकता उनियाल ने कहा कि सेल्फ डिफेंस आज वक्त की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आत्म सुरक्षा के उपयोग सम्बन्धी प्रशिक्षण उन्हें मजबूत बनायेंगे। छात्राओं को हर परिस्थिति का सामना करने के लिये अपने को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस द्वारा दिये जाने वाला प्रशिक्षण भी उन्हें आत्म विश्वास बढ़ाने में मददगार होगा।