दून का कलक्ट्रेट भवन पूर्व पीएम अटल बिहारी के नाम होगा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को आईटीडीए, आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में 234.85 करोड़ रूपये की लागत से बने स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में बनाने की योजना देश के सामने रखी है। यह सौभाग्य की बात है कि उत्तराखण्ड आज इसमें 25वें स्थान पर है, जबकि स्मार्ट सिटी की चौथी सूची में इसे सम्मिलित किया गया। देहरादून देश की पहली ऐसी स्मार्ट सिटी होगी, जो पूर्ण रूप से स्मार्ट सिटी होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर उनका स्मरण करते हुए घोषणा की कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत देहरादून का जो कलक्ट्रेट भवन बन रहा है। उस भवन का नाम अटल बिहारी वाजपेयी भवन रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्थापित किये गये दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ से ट्रेफिक निगरानी, प्रदूषण के स्तर को नापने, सर्विलांस सिस्टम, वाई-फाई एवं अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। देहरादून की अनेक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में भी यह सेंटर मदद करेगा। वर्ष 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ में भीड़ प्रबंधन एवं अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए यह सेंटर मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्मार्ट सिटी के साथ ही हमें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए देहरादून की जनता ने अच्छा सहयोग दिया है। प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जो मानव श्रृंखला बनाई गई उसके अच्छे परिणाम मिले हैं। देहरादून में पॉलीथीन के इस्तेमाल में 75 प्रतिशत तक की कमी आई है। आज वेस्ट को बेस्ट में बदलने की जरूरत हैं पेट्रोलियम संस्थान में पॉलीथीन से डीजल बनाया जा रहा है। स्वच्छता के प्रति व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है।

बीआरओ ने देश को डबल लेन सड़क और पुल किया समर्पित

जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और पुनार पुल का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीमांतवासियों को बड़ी सौगात दी है। इस मोटर मार्ग से जहॉ भारत-तिब्बत सीमा पर आवगमन आसान होगा वही सीमांत क्षेत्र के दर्जनों गांवों को इस सड़क से लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सेना के गढवाल स्काउट बैंड ने मधुर धुन बजाकर तथा स्थानीय महिलाओं ने पौणा नृत्य से मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जोशीमठ के सीमांत क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन द्वारा 265 करोड़ की लागत से निर्मित 62.66 किमी. जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और 494.30 लाख लागत से निर्मित पुनार पुल का लोकापर्ण किया। उन्होंने सीमा सडक संगठन द्वारा निर्धारित समय से पहले मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करने पर बधाई दी और बीआरओ के कार्यशौली की जमकर सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आचार्य डा. प्रदीप सेमवाल द्वारा ज्योतिष एवं आपदा पर लिखी पुस्तक का विमोचन भी किया। वही जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट आदि मौजूद रहे।

लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण ही दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की परिकल्पना से हुआ है, और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए उनकी सरकार हमेशा तत्पर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 27 विकासखण्डों की सीमाएं अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से जुडी है और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए अगले साल से राज्य में सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जोशीमठ नगर पालिका में पार्किग निर्माण, रविग्राम में स्टैडियम निर्माण, लांसी-द्वींग-तपोण मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा मारवाडी-थेंग मोटर मार्ग पर त्वरित गति से कार्य कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है और शीघ्र ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर सीमा सडक संगठन के मुख्य अभियंता एएस राठौर ने बताया कि जोशीमठ से रिमखिम पहुॅचने मे पहले 8 घंटे लगते थे, लेकिन जोशीमठ-मलारी टू-लेन सड़क निर्माण पूरा होने से यह दूरी सिर्फ 3 घंटे में तय होगी।

छह मिनट के वीडियो गीत में दिखेगी उत्तराखंड की सौंदर्यता, सीएम ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में रमेश भट्ट द्वारा गाए उत्तराखंडी वीडियो गीत ‘जै जै हो देवभूमि’ को रिलीज किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ छह मिनट में देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य को प्रस्तुत करने का प्रयास रमेश भट्ट ने अपने इस वीडियो गीत में किया है। उनका यह प्रयास उत्तराखण्ड को नई पहचान दिलाने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि इस वीडियो गीत के माध्यम हम समूचे उत्तराखण्ड का सिंहावलोकन कर सकते हैं।

यह गीत प्राकृतिक सौन्दर्य एवं सांस्कृतिक विरासत व लोक संस्कृति को भी बढ़ावा देने में सहायक होगा। उनकी भावनायें उत्तराखण्ड से जुड़ी हैं, उनके इस गीत में गीत संगीत अभिनय की व्यापक झलक मिलती है।

रमेश भट्ट बहुमुखी प्रतिभा के धनीः त्रिवेन्द्र
सीएम ने रमेश भट्ट को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताते हुए राज्य के प्रति उनके लगाव एवं समर्पण की भी सराहना की। उन्होंनें कहा कि समाज में छिपी प्रतिभाओं को निखारने तथा उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किये जाने के प्रयास किये जाने चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जागर गायिका पद्म बसंती बिष्ट, शिक्षक प्रोफेसर के.डी. सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया।

विस अध्यक्ष और सांसद ने की सराहना
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल तथा सांसद अजय भट्ट ने भी रमेश भट्ट के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान है। यह वीडियो देश व दुनिया के लोगों को उत्तराखण्ड आने का भी आमन्त्रण देता है। रमेश भट्ट के गुरू श्री के.डी.सिंह ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें सम्मान देकर श्री भट्ट ने गुरू शिष्य परम्परा को जीवन्तता प्रदान की है। उन्होंने इस प्रयास को मिट्टी के ऋण से उऋण होने जैसा प्रयास बताया।

गीत से राज्य की अदभुत संुदरता के होंगे दर्शनः रमेश भट्ट
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने कहा कि इस गीत में उत्तराखंड की सुंदरता के अद्भुत दृश्य दिखाने के प्रयास किये गये हैं। इसमें उत्तराखंड के उच्च हिमालयी चोटियों, आध्यात्मिक- धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक मेलों, पहाड़ की संस्कृति और जैव विविधता के दर्शन होंगे। इस गीत के बोल स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी ने लिखे हैं। इस गीत को नए कलेवर में पेश करने का उन्होंने प्रयास किया है।

देश में मोस्ट फिल्म फ्रेडली स्टेट बनने से राज्य में फिल्मांकन को मिलेगा बढ़ावाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत मोस्ट फिल्म फ्रेडली स्टेट का प्रथम पुरस्कार प्रदान किये जाने से राज्य में फिल्मांकन एवं पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने इसे राज्य हित से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि यह पुरस्कार उत्तराखण्ड द्वारा फिल्म उद्योग के लिए मन से दरवाजे खोलने का परिणाम है। राज्य में फिल्म उद्योग को आगे बढ़ाने, फिल्म निर्माण के लिए सहज माहौल तैयार करने, हुनर और कला के लिए प्रोत्साहन, बंद पड़े सिनेमा हॉल को फिर से खोलने के लिए प्रोत्साहित करने, फिल्म विकास कोष का निर्माण, फिल्म निर्माण के लिए पहले से प्रोत्साहन देने की योजना जारी रखने, अन्य सक्रिय भागीदारियों के अलावा उत्तराखण्ड फिल्म निर्माण के अलावा उत्तराखण्ड फिल्म विकास समिति का निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया है।

उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग जगत ने भी अब माना है कि उत्तराखण्ड एक बेहतर डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए और सार्थक प्रयास किये जायेंगे।

राज्य में जीएसटी में पिछले एक माह में हुआ 32 प्रतिशत सुधारः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि शीघ्र ही देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ेगी। कृषि, पशुपालन एग्रोबेस लघु, मझोले एवं कुटीर उद्योग अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। प्रमुख अर्थशास्त्रियों का भी मानना है कि अर्थव्यवस्था की मंदी का यह दौर अस्थायी है। आटोमोबाइल सहित अन्य विभिन्न क्षेत्रों में तेजी आनी शुरू हो गयी है।
उत्तराखण्ड के परिपेक्ष्य में राज्य के विकास की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जीएसटी के क्षेत्र में पिछले एक महीने में 32 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। हम राज्य में सर्विस सेक्टर को बढ़ावा दे रहे हैं। फिल्मांकन, पर्यटन, सोलर पावर, वैलनेस, साहसिक खेलों जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शुक्रवार को हरिद्वार बाईपास रोड स्थित होटल में आयोजित जी बिजिनेस लीडरशिप कानक्लेव को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में 13 जिले 13 नये पर्यटन गंतव्य की दिशा में मजबूत पहल हुई है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। पिथौरागढ़ में 50 एकड में ट्यूलिप गार्डन तथा 1200 करोड़ के प्रोजेक्ट टिहरी के लिये चयनित किये गये हैं। देश व दुनिया के पर्यटक यहां आये इसकी व्यवस्था की जा रही है। राज्य के नैसर्गिक सौन्दर्य के प्रति अधिक से अधिक लोग आकर्षित हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में फिल्म संस्थान की स्थापना की जायेगी जहां राज्य के युवाओं को कन्टेन्ट राइटिंग व एक्टिंग आदि विधाओं का प्रशिक्षण मिलेगा।
फिल्मकार राज्य के प्रति बड़ी संख्या में आकर्षित हो रहे हैं।
कुंभ मेले के सफल आयोजन की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश इसके बेहतर आयोजन की है, इसके लिए अब तक 27 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। सभी अखाड़ों व सन्त महात्माओं का इसमें सहयोग लिया जा रहा है, उनसे भी निरंतर संवाद बनाया जा रहा है जो इस क्षेत्र के अनुभवी लोग हैं।

लोकतंत्र के प्रति देशवासियों का बढ़ा विश्वासः ओम बिरला

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने बुधवार को भारत के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों के 79वें वार्षिक सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारम्भ किया। भारत के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों का उत्तराखण्ड में पहला सम्मेलन है।

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव होते हैं। लोकतंत्र के प्रति देशवासियों का विश्वास बढ़ा है, इसके परिणामस्वरूप 17वें लोक सभा चुनाव में 67.40 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि संसदीय सत्र में सभी सदस्यगणों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिले। 17वीं लोक सभा के गठन के बाद पहला सत्र 37 दिन तक चला।, इसमें 35 विधेयक पारित हुए। इस दौरान एक दिन भी संसद की कार्यवाही स्थगित नहीं हुई। प्रश्नकाल एवं शून्यकाल में सदस्यों के अधिकतम प्रश्नों को रखने का मौका दिया। पहली बार निर्वाचित होने वाले सदस्यों को सदन में अधिक से अधिक बोलने के लिए आग्रह किया। पहले सत्र में संसद की 125 प्रतिशत प्रोडक्टिविटी रही। दूसरे सत्र में भी सदस्यों को चर्चा करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया, इस सत्र में भी 115 प्रतिशत प्रोडक्टिविटी रही।

लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि 2021 में इस सम्मेलन को 100 साल पूरे होंगे, जबकि 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनायेगा। हमारा प्रयास है कि लोकतंत्र के इन मंदिरों में सभी की जनता के प्रति जवाबदेही हो। विधानसभा सदन अधिक से अधिक चले इसके लिए भी इस सम्मेलन में चर्चा होगी। हमारा प्रयास होगा कि जो भी लक्ष्य निर्धारित करें, वह अवश्य पूर्ण हो।

सदन का अध्यक्ष एक अभिभावक की तरहः सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहला मौका है जब उत्तराखंड को इस तरह के आयोजन की मेजबानी मिली है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। एक स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र में आप जैसे लोगों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सदन का अध्यक्ष एक अभिभावक की तरह होता है। सदन में सबको अधिकतम अवसर देना, सबकी सुनने का दायित्व होता है, इसके लिए विशेष कौशल की जरूरत होती है, जिसका सभी बड़ी कुशलता से निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस तरह लोक सभा में कार्य हो रहा है, वह एक ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। लोकसभा अध्यक्ष श्री बिड़ला जी ने कुशलता से सदन को संचालित किया है। उत्तराखण्ड में भी विधानसभा अध्यक्ष जी ने विधानसभा में सदस्यों को अधिकतम प्रश्न उठाने का मौका दिया है।

उत्तराखंड धर्म एवं आध्यात्म का केंद्रः प्रेमचंद
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में भारत के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों को सम्मेलन पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में संविधान की दसवीं अनुसूची, शून्य काल सहित सभा के अन्य साधनों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र का सुदृढ़ीकरण, क्षमता तथा निर्माण आदि विषयों पर चर्चा होगी। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड के धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में जो भी मंथन होगा, उसके भविष्य में बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड विधानसभा को प्लास्टिक मुक्त किया गया है। उत्तराखण्ड गंगा, यमुना का उद्गम स्थल है, इसके साथ ही उत्तराखण्ड के चारों धामों सहित ऋषिकेश एवं हरिद्वार का पौराणिक काल से धार्मिक महत्व है। उत्तराखण्ड धर्म एवं आध्यात्म का केन्द्र रहा है। उत्तराखण्ड में नंदा देवी राजजात यात्रा का ऐतिहासिक महत्व है।

टिहरी लेक डेवलपमेंट के लिए केंद्र ने दिए 1200 करोड़

केंद्र सरकार ने जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना के लिए 2584 करोड़ रूपए, टिहरी लेक डेवलपमेंट के लिए 1200 करोड़ रूपए और देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 1400 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वे हमेशा उत्तराखण्ड की चिंता करते हैं। राज्य सरकार उनके विजन के अनुरूप प्रदेश के विकास के लिए तत्पर है। पहले ही ऑल वेदर रोड़ और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। केंद्र सरकार के विशेष सहयोग से ये सभी योजनाएं उत्तराखण्ड के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बहुद्देशीय परियोजना तराई भाबर की लाइफ-लाईन है। अब इस महत्वपूर्ण परियोजना के काम में और तेजी आए, दशकों से लटकी पङी जमरानी बांध परियोजना को हकीकत बनाने के लिए हमारी सरकार ने गम्भीरता से कोशिश की। इसमें केन्द्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिला जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। 09 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चौड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। इस बांध के बनने से तराई- भाबर के क्षेत्रों हल्द्वानी, काठगोदाम, और उसके आस-पास के क्षेत्रों को ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा। मुख्यतः उधमसिंहनगर जिले में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। हल्द्वानी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में नलकूपों का जल स्तर नीचे होने के कारण पानी की उपलब्धता में समस्या आ रही थी, इससे एक तो रिचार्ज बढ़ेगा, स्वच्छ पेयजल लोगों को उपलब्ध होगा एवं भूमि की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल मिलेगा। आगामी 75 वर्षों के लिए 24 घण्टे उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध होगा। इस बांध से भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर नैनीताल को भी पानी दिया जा सकता है। इस परियोजना का सबंधित क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक जीवन पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील पर्यटन के एक महत्वपूर्ण गंतव्य के तौर पर उभर रहा है। इसमें देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता है। यहां पर्यटन के विकास से क्षेत्र की आर्थिकी और मजबूत होगी। नई टिहरी क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। डोबरा-चांठी पुल के निर्माण के बाद टिहरी के दोनो ओर होटल, रिजोर्ट एवं शिक्षण संस्थान बनेंगे। इससे पर्यटकों को अधिक सुविधायें उपलब्ध हो सकेंगी। अगले आने वाले 10-15 वर्षो में टिहरी का एक नया स्वरूप सामने आयेगा जो निश्चित रूप से देश व दुनिया को अपने ओर आकर्षित करने में मददगार रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट दून के लिए पिछले कुछ समय में बहुत तेजी से काम हुआ है। आने वाले समय में बदला हुआ दून दिखेगा। स्मार्ट दून की तरफ आगे बढ़ने में दून वासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। स्मार्ट सिटी में देहरादून 10 माह में 99 से 30 वीं रैंकिंग पर पहुंचा है। देहरादून में इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर बनेगा। देहरादून के प्रमुख मार्गों पर अंडरग्राउन्ड केबलिंग की जाएगी। सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा का काम शुरू हो चुका है। धीरे धीरे हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार, तकनीक के माध्यम से जनसुविधाओं में सुधार करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस कमेटी भंग होने से अब नई कमेटी का रास्ता साफ

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने अपनी 430 सदस्यीय कमेटी को भंग कर दिया हैं। कमेटी के भंग हो से ढाई साल से ज्यादा समय बीतने के बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के सामने नई कार्यकारिणी बनाने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब कपड़े ही नहीं पहन पाए, तो फटेंगे कैसे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह को अपनी नई टीम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इस चुनाव के दो माह बाद ही पार्टी हाईकमान ने प्रदेश नेतृत्व को बदलकर प्रीतम सिंह के हाथों में बागडोर सौंप दी। सबको साधने की कवायद में प्रीतम ने अपनी नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर जल्दबाजी से गुरेज किया। नतीजतन पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की टीम अब तक कार्य करती रही। शुरुआती दौर में टीम किशोर का आंकड़ा 165 रहा, लेकिन बाद में यह आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा हो गया था।

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कांग्रेस हाईकमान से हरी झंडी मिलने पर मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पुरानी प्रदेश कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा कर दी। नई कार्यकारिणी का आकार भी जंबो रहने के संकेत हैं। सूत्रों की मानें तो 142 सदस्यीय नई कार्यकारिणी इसी हफ्ते अस्तित्व में आ जाएगी।

प्रीतम की अगुआई में नई कार्यकारिणी वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान भी कार्य करेगी। कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरह प्रदेश में भी अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़कर अब छह वर्ष हो चुका है। प्रीतम सिंह और इंदिरा हृदयेश का आगामी शनिवार को फिर दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। नई टीम के गठन का रास्ता साफ होने के साथ ही प्रदेश में संगठन और विधानमंडल दल के नेतृत्व में बदलाव को लेकर कयासों पर भी विराम लगने की चर्चाओं पर विराम लग सकेगा।

सरकार की कोशिश ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रूकेः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को द्वारीखाल, पौड़ी गढ़वाल में राजकीय इण्टर कॉलेज देवीखेत के हीरक जयन्ती समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के सम्मान में उनका स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। प्रदेश की जनता से हमने वायदा किया था कि हम राज्य के विकास एवं भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलायेंगे। पीएमजीएसवाई में सबसे अधिक दस अवार्ड उत्तराखण्ड को मिले हैं। गांवों को सड़को से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने गंभीरता से प्रयास किये। देश में सड़कों के ग्रामीण संयोजन में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। जन सहयोग एवं सरकार की मंशा से विकास में तेजी आती है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में 17 विद्यार्थियों पर औसतन एक अध्यापक है, देश में छात्र-शिक्षक अनुपात में सबसे अच्छी स्थिति उत्तराखण्ड की है। आज रोजगार परक एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। दुनिया की डिमाण्ड के हिसाब से शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर बल देना होगा। उत्तराखण्ड में लगभग एक हजार विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें छात्र संख्या 10 से कम है। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को क्लब किया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इन तीन वर्षो में राज्य सरकार की कोशिश रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रूके। प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पर्वतीय क्षेत्रों पलायन रूकना जरूरी है। पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को बिना ब्याज के एक लाख रूपये तक का ऋण तथा स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के 05 लाख रूपये का ऋण दिया जा रहा है। गौचर मेले में सात दिन में साढ़े छः करोड़ रूपये का कारोबार हुआ, जिसमें से 61 लाख का कारोबार स्थानीय महिलाओं ने किया। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है, इस दिशा में उत्तराखण्ड में महिला स्वयं सहायता समूह अच्छा कार्य कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से धनराशि स्वीकृत कराने का सीएम ने किया केंद्रीय मंत्री से अनुरोध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय से भेंट कर ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0’ में उत्तराखण्ड के लिए 38 करोड़ 99 लाख रूपए की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि भारत सरकार द्वारा राज्य में 48 हजार युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 74 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध कराई जानी प्रस्तावित थी। इसमें से 35 करोड़ 01 लाख रूपए की राशि भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की जा चुकी है। अवशेष धनराशि 38 करोड़ 99 लाख रूपए की मांग भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि केंद्र पोषित ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0’’ के माध्यम से राज्य के बेरोजगार युवाओं को 62 जॉब रोल में 300 से 900 घण्टों के रोजगारपरक अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। योजना के तहत 23,615 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिसमें से 18395 युवाओं को सर्टिफाई किया जा चुका है। उक्त के अतिरिक्त उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन द्वारा वर्तमान में 35 हजार युवाओं को विभिन्न सेक्टर व जॉब रोल्स में प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किए जा चुके हैं। योजना की समाप्ति तिथि 31 मार्च 2020 तक निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड के लिए प्रस्तावित धनराशि 74 करोड़ रूपए में से अवशेष 38 करोड़ 99 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया।